“बिहार पर सरस्वती की कृपा है, लक्ष्मी की भी होगी”: मोदी

कभी ‘पूरब का ऑक्सफोर्ड’ कही जाने वाली पटना यूनिवर्सिटी के 100 साल पूरे होने पर बिहार की राजधानी एक यादगार समारोह की साक्षी बनी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल सत्यपाल मलिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान, रविशंकर प्रसाद, उपेन्द्र कुशवाहा और अश्विनी चौबे एवं कुलपति रासबिहारी सिंह समेत कई महत्वपूर्ण हस्तियों और वर्तमान व पूर्व शिक्षकों व छात्रों ने शिरकत की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी से पटना यूनिवर्सिटी को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग की। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पटना यूनिवर्सिटी को एक कदम और आगे ले जाना चाहूंगा। विश्व की टॉप 500 यूनिवर्सिटी में भारत की एक भी यूनिवर्सिटी नहीं है, इसलिए 20 यूनिवर्सिटी (10 सरकारी और 10 प्राइवेट) को 10 हजार करोड़ रुपये देने की योजना है। इसका फैसला प्रदर्शन के आधार पर होगा। उनका इशारा इस यूनिवर्सिटी को इसका पुराना गौरव वापस दिलाते हुए इसे उस प्रतियोगिता के लायक बनाने की ओर था।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले के कई प्रधानमंत्री मेरे लिए अच्छा काम छोड़ गए। ऐसा ही अच्छा काम करने का मौका उन्हें आज मिला। पटना यूनिवर्सिटी ने देश को कई नामचीन चेहरे दिए। अगर आप पीढ़ियों के बारे में बताते हैं तो इंसान को बोइए। मैं मां सरस्वती और लक्ष्मी दोनों को साथ-साथ चला रहा हूं। बिहार के पास सरस्वती की कृपा है। बिहार पर लक्ष्मी की कृपा भी हो सकती है। इसमें केन्द्र पूरी तरह प्रदेश सरकार का सहयोग करेगा। हमें बिहार को 2022 तक समृद्ध राज्य बनाना है। गौरतलब है कि मोदी पटना विश्वविद्यालय आने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं।

पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी दिवस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री के आग्रह पर प्रधानमंत्री नवनिर्मित पटना म्यूजियम पहुंचे, जहां उन्होंने म्यूजियम में रखी एक-एक चीज को बड़े चाव से देखा और सबके बारे में जानकारी ली। स्वयं मुख्यमंत्री ‘गाइड’ की भूमिका में रहे। इसके बाद वे मोकामा पहुंचे और बिहार को करीब चार हजार करोड़ रुपये की सौगात दी। यहां उन्होंने राष्ट्रीय हाईवे से जुड़े 3031 करोड़ रुपये के चार प्रोजेक्ट और 738.04 करोड़ रुपये के तीन प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया।

मोकामा में अपने संबोधन के प्रारंभ में स्थानीय भाषा में लोगों का अभिवादन कर प्रधानमंत्री ने सबका दिल जीत लिया। यही नहीं, उन्होंने यहां के पौराणिक-ऐतिहासिक गौरव की चर्चा भी की और राष्ट्रकवि दिनकर को याद करते हुए उनकी कविता का भी पाठ किया। और हां, मोदी ने पटना यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में इस विश्वविद्यालय व बिहार की तो मोकामा में नीतीश कुमार की दिल खोलकर तारीफ की।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप  

 

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