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नव वर्ष में कोसी के तीनों जिले वाई-फाई से होंगे लैस

जहाँ एक ओर सभी अपने सगे-संबंधियों व परिजनों को बीते वर्ष के 31 दिसंबर के 12:00 बजे रात के बाद से ही ‘नव वर्ष मंगलमय हो’ की शुभकामनाएँ प्रेषित करने में लगे हैं वही BSNL के वरिष्ठ उपमंडल अभियंता श्री डी.सी.दास कोसी के तीनों जिले मधेपुरा-सहरसा-सुपौल के मुख्यालयों की दर्जनों जगहों पर वाई-फाई लगाने में जुट गये हैं | श्री दास ने मधेपुरा अबतक को बताया कि 31 दिसम्बर 2018 तक तीनों जिला मुख्यालयों में वाई-फाई हॉट स्पॉट लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा | उन्होंने कहा कि 00 मीटर के रेडियस में इन तीनों जिले वासियों को वाई-फाई की सेवा मिलेगी जिस सुविधा के लिए आरंभ में कोई शुल्क नहीं लगेगा | श्री दास ने यह भी कहा कि वाई-फाई हॉट स्पॉट BSNL के टावड़ो पर लगेगा और जहाँ टावर नहीं होगा वहाँ जगह की व्यवस्था की जायेगी |

बता दें कि वाई-फाई रेडियो तरंगों की मदद से नेटवर्क और इंटरनेट तक पहुंचने की एक युक्ति है जिसके इर्द-गिर्द मौजूद मोबाइल फोनों को वायरलेस इंटरनेट उपलब्ध कराने का काम करता है | जानिए कि इसकी गति सामान्य सेवा प्रदाताओं की ओर से दी जाने वाली गति से काफी तेज होती है | यह तकनीक आजकल के नए स्मार्टफोन, लैपटॉप और कंप्यूटर में आसानी से पाई जाती है | एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर तक जानकारी भेजने के लिए वाई-फाई I.E.E.E 802.11 मानक का प्रयोग करता है |

जानकारी के लिए जहाँ मधेपुरा जिला मुख्यालय के बी.पी.मंडल चौक, कर्पूरी चौक, स्टेशन चौक, पूर्णिया गोला चौक, मस्जिद चौक, भूपेन्द्र चौक आदि सहित अन्य जगहों पर वाई-फाई हॉट स्पॉट लगाये जायेंगे वहीं सहरसा के डी.बी.रोड, डीएम-एसपी ऑफिस, कोर्ट परिसर, सर्किट हाउस, कायस्थ टोला, पॉलिटेक्निक, शंकर चौक, दहलान चौक, महावीर चौक, तिवारी टोला, प्रोफेसर कॉलोनी आदि जगहों पर और सुपौल जिला मुख्यालय के राजेंद्र नगर, चकला निर्मली, कलेक्ट्रेट, नगर परिषद, स्टेशन रोड सहित अन्य जगहों पर वाई-फाई हॉट स्पॉट लगाये जायेंगे |

चलते-चलते यह भी बता दें कि सहरसा जिला टेलीकाम मैनेजर श्री बी.के.सिंह ने बताया कि सहरसा, मधेपुरा व सुपौल मुख्यालय की जगहों की सूची तैयार कर पटना स्वीकृति हेतु भेज दी गई है |

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नीतीश ने खोजी सदियों पुरानी चीज

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के इतिहास व संस्कृति को किस कदर सहेजने में लगे हैं, इसकी बानगी उस समय देखने को मिली, जब उन्होंने समीक्षा यात्रा के दौरान एक स्तूप खोज निकाला। जी हां, ये ख़बर सोलह आने सच्ची है। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान नीतीश कुमार ने एक पालकालीन स्तूप खोज निकाला है।

वाकया कुछ यों है। अपनी समीक्षा यात्रा के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री की नजर शेखपुरा जिले के अरीयरी ब्लॉक के डीहा फरपर गांव में एक टीले पर पड़ी। मुख्यमंत्री ने टीले में दिलचस्पी दिखाई। उस समय उनके साथ रहे एक अधिकारी के मुताबिक दरअसल नीतीश को टीले की बनावट को लेकर संदेह हुआ था। इसके बाद उन्होंने मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह से कहा कि वह इसे लेकर केपी सिंह जायसवाल रिसर्च इंस्टिट्यूट एंड बिहार हैरिटेज डिवेलपमेंट सोसायटी और दूसरे संस्थानों से बात कर इसकी जांच कराएं। उनके निर्देश पर केपी जायसवाल शोध संस्थान के निदेशक और बिहार विरासत विकास समिति के कार्यकारी निदेशक डॉ विजय कुमार चौधरी शेखपुरा जिले के अरियारी प्रखंड में डीह फरपार गांव पहुंचे। उन्होंने वहां उस टीले की प्रारंभिक खुदाई कराई। वहां से उन्हें पालकालीन सभ्यता की मूर्तियां मिलीं। इसमें विष्णु की एक मूर्ति और महात्मा बुद्ध की दो तरह की मूर्तियां मिली हैं। इनमें से एक परिनिर्वाण मुद्रा तो दूसरी भूमिस्पर्श मुद्रा में है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर 24 घंटे के भीतर मौके पर पहुंची केपी जायसवाल शोध संस्थान एवं बिहार विरासत विकास समिति की संयुक्त टीम ने कई नमूने इकट्ठा किए। पुरातत्व विशेषज्ञ डॉ. अनंत आशुतोष वेदी के नेतृत्व में डीहा गांव के विभिन्न हिस्सों से पुरातात्विक महत्व के नमूने लिए गए। टीम पुरानी मूर्तियों के टुकड़े, बर्तन एवं मिट्टी के नमूने अपने साथ ले गई।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने केपी जायसवाल शोध संस्थान को बिहार के सभी पुरातात्विक महत्व के स्थानों पर विस्तृत शोध का निर्देश दिया था। वर्ष 2007 से 2013 के बीच कराए गए शोध के बाद करीब छह हजार से अधिक स्थलों की सूची बनाई गई थी। तब डीहा को सिर्फ बुद्ध एवं विष्णु की पालकालीन मूर्तियों के लिए इसमें स्थान गया था, जिसे स्वयं मुख्यमंत्री ने अपनी जागरुकता व तत्परता से सच कर दिखाया। नए साल में बिहार के लिए यह खोज एक दुर्लभ उपहार है।

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डॉ. अमरदीप के अध्यक्ष बनने से मधेपुरा उत्साहित, बधाईयों का तांता

डॉ. अमरदीप को जेडीयू मीडिया प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर मधेपुरा जिले के जेडीयू नेता व कार्यकर्ता खासे उत्साहित हैं। मधेपुरा के बेटे को जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इतनी बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने को यहां के लोग पूरे इलाके के लिए सम्मान की बात बताते हैं। गौरतलब है कि वर्तमान समय में मीडिया के बढ़ते महत्व को देखते हुए जेडीयू ने मीडिया प्रकोष्ठ का गठन किया और इसकी जिम्मेदारी मीडिया के सभी फॉर्मेट में दखल रखने वाले डॉ. अमरदीप को दी। बता दें कि पार्टी के आधुनिकीकरण में लगे डॉ. अमरदीप ने अभी हाल ही में 1, अणे मार्ग, पटना में सम्पन्न हुए जेडीयू के 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी भूमिका निभाई थी। बिहार के सभी 38 जिलों व पार्टी के 27 प्रकोष्ठों के लगभग 25 हजार कार्यकर्ताओं के वे आकर्षण के केन्द्र रहे थे।

डॉ. अमरदीप को अध्यक्ष बनाए जाने पर बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री डॉ. रमेश ऋषिदेव, बिहारीगंज के विधायक निरंजन मेहता, जिला उपाध्यक्ष डॉ. रत्नदीप, महासचिव यादव उमेश, प्रो. मनोज भटनागर, मुरलीगंज प्रखंड जेडीयू अध्यक्ष मिथिलेश कुमार, उपाध्यक्ष राजीव कुमार, महासचिव अमित कुमार, जिला जेडीयू के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अशोक चौधरी, दलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नरेश पासवान, वरिष्ठ नेता गोवर्द्धन मेहता, महेन्द्र पटेल, महासचिव मो. अनवारुल हक, वार्ड सदस्य रेशमा परवीन, मो. सलाहउद्दीन आदि ने बधाई दी है। इन नेताओं ने कहा कि दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य श्री बशिष्ठ नारायण सिंह एवं राष्ट्रीय महासचिव व जेडीयू संसदीय दल के नेता श्री आरसीपी सिंह ने डॉ. अमरदीप के युवा कंधों पर महती जिम्मेदारी देकर ना केवल उऩकी प्रतिभा का सम्मान किया है, बल्कि हम सबका मान भी बढ़ाया है। बता दें कि डॉ. अमरदीप मधेपुरा के पूर्व सांसद व बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ. रवि के छोटे पुत्र हैं।

‘मधेपुरा अबतक’ से बातचीत करते हुए डॉ. अमरदीप ने कहा कि मीडिया के सभी फॉर्मेट, चाहे वह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो, प्रिंट मीडिया हो या सोशल मीडिया, जेडीयू को सभी दलों से आगे रखना है। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के आह्वान पर दहेजप्रथा व बालविवाह के विरोध में आयोजित की जा रही मानव-श्रृंखला की सफलता के लिए उन्हें अभी से दिन-रात जुट जाना है। इसमें उनका प्रकोष्ठ बड़ी भूमिका निभाने को संकल्पित है।

बता दें कि इधर मधेपुरा में पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता अभी से उनके स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं। जिला महासचिव प्रो. मनोज भटनागर ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप के आगमन पर यहां उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।

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अब फेसबुक भी मांगेगा आधार

आधार को विभिन्न सरकारी सुविधाओं और पहचान पत्रों से लिंक करने को लेकर भले ही कानूनी लड़ाई जारी है और इसे निजता के अधिकार पर खतरा बताया जा रहा है, पर इन सब के बावजूद आधार सबसे विश्वसनीय आईडी प्रूफ बनने की ओर है। और तो और अब जल्द ही फेसबुक भी नया अकाउंट खोलने से पहले यूजर से आधार की मांग करेगा।

जी हां, फेसबुक एक ऐसा फीचर टेस्ट कर रहा है जिसमें नया अकाउंट खोलने के लिए आपको आधार कार्ड पर लिखा नाम बताना होगा। जब आप आधार कार्ड पर लिखा नाम डालेंगे तो लिखकर आएगा, ‘अगर आप अपना आधार वाला नाम डालेंगे तो आपके दोस्त आपको आसानी से खोज सकेंगे।’ फेसबुक ने बताया कि नया अकाउंट खोलने वाले सभी लोगों को ऐसा नोटिफिकेशन नहीं दिखेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फेसबुक का कहना है कि यह कुछ यूजर्स को ही दिखेगा। फेसबुक ने यह भी साफ किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह वैकल्पिक होगी।

भले ही आधार को लेकर हंगामा जारी हो लेकिन फेसबुक द्वारा आधार नाम पूछे जाने का कोई खास असर नहीं पड़ेगा क्योंकि आधार नंबर जाने बिना ‘निजता के अधिकार’ पर कोई खतरा नहीं है। वैसे बता दें कि आधार जानकारी मांगने वाली फेसबुक पहली कंपनी नहीं है। कुछ सप्ताह पहले ऑनलाइन रिटेलर अमेजन इंडिया ने भी कस्टमर्स से अपने आधार नंबर अपलोड करने को कहा था जिससे खोए हुए ऑर्डर को सही पते पर पहुंचाया जा सके।

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मधेपुरा के डॉ. अमरदीप बने जेडीयू मीडिया प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष

बिहार जेडीयू के अध्यक्ष श्री बशिष्ठ नारायण सिंह ने जेडीयू मीडिया प्रकोष्ठ का गठन करते हुए डॉ. अमरदीप को प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया। आज राजधानी पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित समारोह में डॉ. अमरदीप को मनोनयन का पत्र सौंपा गया। उनके साथ ही श्री सुनील कुमार को प्रशिक्षण प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इन दोनों प्रकोष्ठों के गठन को 2019 के लोकसभा व 2020 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

दोनों नेताओं के मनोनयन पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व संसदीय दल के नेता श्री आरसीपी सिंह, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सह विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, बिहार विधान परिषद में पार्टी के मुख्य सचेतक श्री संजय कुमार सिंह (गांधीजी), पार्टी के कोषाध्यक्ष सह विधानपार्षद डॉ. रणवीर नंदन, प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं श्री अनिल कुमार ने बधाई देते हुए कहा कि नेताद्वय के मनोनयन से पार्टी को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।

‘मधेपुरा अबतक’ के पाठकों को बता दें कि मीडिया विशेषज्ञ डॉ. अमरदीप की मातृभूमि मधेपुरा है। वे मधेपुरा के पूर्व सांसद, राज्यसभा के पूर्व सदस्य, जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव व मधेपुरा स्थित भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति डॉ. रमेन्द्र कुमार यादव रवि के तीन बेटों में सबसे छोटे हैं। वहीं मधेपुरा के प्रसिद्द समाजसेवी व साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी उनके धर्मपिता हैं । दिल्ली विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र रहे डॉ. अमरदीप मीडिया के क्षेत्र में बीस वर्षों से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। वे भारत सरकार समेत कई राज्य सरकारों, विभिन्न मंत्रालयों, बड़े कॉरपोरेट हाउसों एवं विभिन्न चैनलों को अपनी सेवा दे चुके हैं। धारावाहिक एवं वृत्तचित्र बनाने में महारत रखने के साथ ही उन्होंने विभिन्न विषयों पर एक दर्जन से ज्यादा महत्वपूर्ण किताबें भी लिखी हैं।

नई भूमिका में उनकी प्राथमिकताओं को लेकर ‘मधेपुरा अबतक’ द्वारा पूछे जाने पर डॉ. अमरदीप ने कहा कि मीडिया की अहमियत हमेशा से रही है लेकिन सोशल मीडिया ने इसके दायरे, विस्तार व गति को बेहिसाब बढ़ा दिया है। उनकी प्राथमिकता होगी कि सभी आधुनिक संचार माध्यमों पर जेडीयू की दमदार मौजूदगी हो। डॉ. अमरदीप ने कहा कि पार्टी, पॉलिटिक्स और लीडर, हर मायने में जेडीयू बाकी दलों से कोसों आगे है, अब बारी तकनीक की है।

बकौल डॉ. अमरदीप पार्टी के आधुनिकीकरण व मीडिया के हर फॉर्मेट पर काम करने के साथ ही उन्हें जमीनी स्तर पर कई कार्यों को अंजाम देना है। दहेजबंदी और बालविवाहबंदी के समर्थन में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के आह्वान पर आगामी 21 जनवरी को बनने जा रही मानव-श्रृंखला की सफलता ऐसा ही एक कार्य है, जिस पर उन्हें तत्काल लगना है।

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जेडीयू ने मनाया कार्यकर्ताओं का ‘शुकराना’ समारोह

जेडीयू ने एक बार फिर साबित किया कि वो पार्टी, पॉलिटिक्स और लीडर, हर चीज में अलग है। 1, अणे मार्ग में लगातार 21 दिनों तक चले अत्यंत सफल प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता श्री आरसीपी सिंह ने कार्यकर्ताओं के लिए ‘शुकराना’ समारोह आयोजित किया। श्री सिंह ने दिन-रात मेहनत कर लगातार 21 दिनों तक चले ‘महायज्ञ’ को सफल बनाने वाले पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों, प्रवक्ताओं और जिला व राज्य स्तर के नेताओं को शॉल देकर सम्मानित किया और सबके लिए खिचड़ी भोज का आयोजन किया। इस मौके पर प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग भी सादर आमंत्रित थे।

प्रेस-कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण देश के इतिहास में किसी राजनीतिक दल द्वारा लगातार 21 दिनों का प्रशिक्षण अपने आप में अनोखी बात है। प्रशिक्षण का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा से अवगत कराने के साथ-साथ सरकार द्वारा चलाए जा रहे सात निश्चय जैसे कार्यक्रम व लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम जैसे कानून से लाभ उठाने को प्रेरित करना, शराबबंदी, दहेजबंदी, बालविवाहबंदी जैसे सामाजिक सुधार अभियान को घर-घर तक पहुंचाना, संगठन व चुनाव-प्रबंधन को चुस्त-दुरुस्त करना और कार्यकर्ताओं को आज की नई तकनीक व सोशल मीडिया के प्रति जागरुक करना था। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस और परिवारवाद का विरोध हमारी पार्टी की खासियत है, जिस पर हमें हर हाल में कायम रहना है।

श्री आरसीपी सिंह ने इस मौके पर पार्टी को नए संचार माध्यमों से जोड़ने में लगे मीडिया विशेषज्ञ डॉ. अमरदीप की लिखी किताब ‘जेडीयू की नई करवट: एक नज़र में’ का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अमरदीप ने यह किताब 21 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन से लिखनी शुरू की और कार्यक्रम खत्म होने के ठीक अगले दिन इसका पुस्तक के रूप में आ जाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। किताब के नाम के अनुरूप इससे पता चलता है कि पार्टी किस तरह नई करवट ले रही है। उन्होंने कहा कि यह किताब 21 दिनों के प्रशिक्षण का निचोड़ है। इसे राज्य भर में जिला व प्रखंड स्तर पर भेजने की व्यवस्था की जाएगी ताकि पार्टी से जुड़े तमाम लोग नई चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट लोगों में विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व विधानपार्षद श्री संजय सिंह, प्रवक्ता व विधानपार्षद श्री नीरज कुमार, विधानपार्षद श्री संजय कुमार सिंह (गांधीजी), विधानपार्षद श्री ललन सर्राफ, प्रशिक्षण के संयोजक रहे प्रबंधन विशेषज्ञ श्री सुनील कुमार, मीडिया विशेषज्ञ डॉ. अमरदीप, विधायक श्री सुनील चौधरी, विधायक श्री अशोक सिंह, विधायक श्री बशिष्ठ सिंह, पूर्व विधायक श्री कृष्णकुमार मंटू, मुख्यालय प्रभारी व महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं श्री अनिल कुमार, महासचिव व प्रवक्ता श्री प्रगति मेहता, प्रवक्ता डॉ. सुहेली मेहता, प्रवक्ता डॉ. भारती मेहता, प्रवक्ता श्री निखिल मंडल, प्रवक्ता श्री अरविन्द निषाद, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मोहम्मद सलाम, चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. एलबी सिंह, महिला जेडीयू की अध्यक्ष श्रीमती कंचन गुप्ता, महादलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री हुलेस मांझी, श्री रंजीत प्रभाकर, सुश्री अंजुम आरा, श्री अंजनी सिंह एवं श्री नंदकिशोर कुशवाहा प्रमुख हैं।

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शरद की राज्यसभा सदस्यता: हाईकोर्ट ने किया दखल से इनकार

पहले चुनाव आयोग, फिर राज्यसभा सचिवालय और अब हाईकोर्ट… ना जाने बार-बार आईना दिखाए जाने के बावजूद शरद यादव ऐसा क्यों कर रहे हैं? उन जैसा वरिष्ठ राजनीतिज्ञ इस तरह का ‘बालहठ’ करे और वो भी तब जबकि हश्र उन्हें पता है, समझ के परे है! बहरहाल, दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी राज्यसभा सदस्यता जाने के मामले में दखल देने से इनकार किया है। हालांकि कोर्ट ने आदेश दिया कि यादव को भत्ते और सरकारी बंगले का लाभ मिलता रहेगा। क्यों और कब तक, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। बता दें कि शरद यादव ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर खुद को राज्यसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराए जाने के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू के फैसले को चुनौती दी थी।

गौरतलब है कि जेडीयू की अपील पर राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने 4 दिसंबर को शरद यादव और उनके साथ अली अनवर को राज्यसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया था। शरद यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के भाजपा से हाथ मिलाने के बाद ही अलग रास्ता अपना लिया था। पार्टी लाईन से अलग जाकर उन्होंने न केवल इस निर्णय का खुलकर विरोध किया, बल्कि बेतुका दावा भी किया कि उनकी अगुआई वाला जेडीयू धड़ा ही असली जेडीयू है और चुनाव आयोग के सामने जेडीयू के चुनाव चिह्न तीर पर अपना दावा भी कर दिया। जैसा कि होना ही था, चुनाव आयोग ने उनके दावे को खारिज कर दिया। बाद में उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने का आदेश दिया।

राज्यसभा के सभापति ने जेडीयू के उस तर्क को स्वीकार किया कि शरद व अनवर ने पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन कर और विपक्षी पार्टियों के कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी पार्टी सदस्यता का ‘स्वतः ही त्याग’ कर दिया है। जेडीयू ने शरद और अनवर की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने के लिए सदन के सभापति से अनुरोध किया था। चलते-चलते बता दें कि शरद पिछले साल ही राज्यसभा के लिए चुने गए थे और उनका कार्यकाल 2022 में खत्म होने वाला था, जबकि अनवर का कार्यकाल अगले साल खत्म होने वाला था।

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बिहार के मोदी ने कहा, जेल जाएंगे लालू और उनके परिवार के सदस्य

बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को कहा कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्य जेल जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और आयकर विभाग के पास लालू और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ बेनामी लेन-देन को लेकर ठोस सबूत हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी के खिलाफ न सिर्फ आरोपपत्र दाखिल किये जाएंगे बल्कि ये जेल भी जाएंगे और इनको सजा भी मिलेगी।

बिहार के उपमुख्यमंत्री ने आरजेडी प्रमुख के परिवार के सदस्यों से कथित तौर पर जुडे एक भूखंड को शुक्रवार को ईडी द्वारा जब्त किये जाने का जिक्र किया। करीब 45 करोड़ रुपये मूल्य के इस भूखंड पर कथित तौर मॉल का निर्माण किया जाना था। मोदी ने कहा, ‘ईडी द्वारा पटना में तीन एकड़ भूमि जब्त किए जाने के बाद लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी ने यह सवाल पूछना शुरु कर दिया है कि होटल के लिये भूमि घोटाले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के महीनों बाद भी आरोपपत्र क्यों नहीं दाखिल किया गया है?’ उन्होंने आगे कहा, वास्तव में एजेंसी के पास उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं और उनके खिलाफ न सिर्फ आरोपपत्र दाखिल किये जाएंगे बल्कि उनको जेल भेजा जाएगा और सजा भी मिलेगी।

बहरहाल, अभी-अभी संपन्न हुए सुशील कुमार मोदी के बेटे के विवाह-कार्यक्रम में जिस तरह लालू शामिल हुए थे, लग रहा था कि इन दोनों दिग्गज नेताओं के बीच की दूरी और कड़वाहट कुछ कम हुई होगी। पर आज उन्होंने एक बार फिर जिस तरह लालू और उनके परिवार के खिलाफ मोर्चा खोला है, उसे देख तो यही कहा जा सकता है कि ऐसा सोचना बिल्कुल बेमानी है। खैर देखें, आगे होता है क्या?

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 ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ से गूंज उठा 1 अणे मार्ग

1 अणे मार्ग के नेक संवाद कक्ष में जेडीयू के 22 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सातवें दिन मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और खगड़िया से आए लगभग 1200 कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) एवं राज्यसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि हमारे नेता श्री नीतीश कुमार सिर्फ वोट की राजनीति नहीं करते। और अच्छे, और बेहतर बिहार के लिए दिन-रात लगे रहना उन्हें अलग पहचान देता है। श्री सिंह के अलावे राज्यसभा सदस्य श्री हरिवंश, विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, डॉ. अमरदीप, श्री सुनील कुमार, विधानपार्षद प्रो. रणवीर नंदन, विधानपार्षद श्री नीरज कुमार एवं डॉ. सुहेली मेहता ने भी कार्यकर्ताओं से अलग-अलग विषयों पर संवाद किया।

इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शराबबंदी, दहेजबंदी, बालविवाह पर रोक जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता को अपने नेता के इन संकल्पों को घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चलना होगा। उन्होंने चारों जिलों से आए कार्यकर्ताओं से कहा कि श्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर 21 जनवरी 2018 को दहेजप्रथा और बालविवाह के विरोध में मानव-श्रृंखला का आह्वान किया है और इस बार पिछले रिकॉर्ड को भी तोड़ देना है।

इस अवसर पर पार्टी की विचारधारा पर बोलते हुए राज्यसभा सदस्य श्री हरिवंश ने कहा कि वर्तमान में जेपी आंदोलन के एकमात्र नैतिक चेहरा श्री नीतीश कुमार हैं। उन्होंने कहा कि जेडीयू में सामान्य आदमी भी उतने ही हिस्सेदार हैं, जितने अन्य लोग। वहीं सामाजिक सद्भाव विषय पर बोलते हुए विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय ने कहा कि श्री नीतीश कुमार समाज के सभी समुदायों को साथ लेकर चलने में यकीन करते हैं और यही वो चीज है जो टिकाऊ विकास को सुनिश्चित करती है।

कार्यकर्ताओं के आधुनिक संचार माध्यमों से लैस होने की जरूरत पर बल देते हुए डॉ. अमरदीप ने कहा कि पार्टी इस दिशा में दिन-रात काम कर रही है और नए साल में पार्टी का अत्याधुनिक वेब पोर्टल लॉन्च हो रहा है, जिस पर अन्य सुविधाओं के साथ पार्टी की वेब मैगजीन भी उपलब्ध होगी। डॉ. अमरदीप ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दो उद्देश्य हैं – पहला, पार्टी के विचारों और नीतियों से स्वयं को तराशना और दूसरा स्वयं में श्री नीतीश कुमार को तलाशना। बता दें कि इस अवसर पर सुनाई गई उनकी कविता ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ सुनकर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं की मांग पर उन्हें अपनी ये कविता कई बार सुनानी पड़ी। ज्यादातर कार्यकर्ता उनकी कविता नोट करते देखे गए। यहीं नहीं लोगों ने उनके साथ ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ का नारा भी बुलन्द किया।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य विशिष्ट लोगों में विधानपार्षद श्री संजय कुमार सिंह (गांधीजी), विधानपार्षद श्री ललन सर्राफ, विधायक श्री निरंजन कुमार मेहता, पूर्व मंत्री श्री करुणेश्वर सिंह, पार्टी के मुख्यालय प्रभारी व महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य, श्री अनिल कुमार, पार्टी प्रवक्ता श्री राजीव रंजन प्रसाद, श्री निखिल मंडल, श्री अरविन्द निषाद, पंचायती राज प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वास एवं विधि प्रकोष्ठ की प्रधान महासचिव सुश्री अंजुम आरा प्रमुख हैं। चारों जिलों के अध्यक्ष भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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जब लालू सुशील मोदी के बेटे की शादी में पहुंचे

मौसम शादियों का है, लेकिन रविवार को सबका ध्यान लगा था बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बेटे उत्कर्ष की शादी पर। इस विवाह में शामिल लगभग 1500 मेहमानों का ही नहीं, टीवी पर इस समारोह की झलकियां देख रहे लोगों का ध्यान भी इस बात पर था कि तेजप्रताप द्वारा सुशील मोदी को घर में घुसकर मारने की धमकी के बाद इस समारोह में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव शामिल होंगे कि नहीं और अगर शामिल होंगे तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी बातचीत होगी कि नहीं।

बहरहाल, उस समय सब चौंक गए जब तमाम कयासों के विपरीत लालू प्रसाद यादव इस विवाह में शामिल होने पहुंचे। सबका चौंकना लाजिमी भी था। ना केवल तेजप्रताप प्रकरण के कारण बल्कि इस कारण भी कि वो सुशील मोदी ही थे जिन्होंने हाल के दिनों में एक के बाद एक कई आरोप लालू और उनके परिवार पर लगाए हैं। बावजूद इसके लालू इस विवाह समारोह में पहुंचे। उनकी अगवानी शहनवाज हुसैन ने की और उन्हीं की बगल में वे बैठे भी। सुशील मोदी ने भी हंसकर उनका स्वागत किया। लालू वर-वधू से भी मिले। दोनों ने उनके पैर छुए। लालू ने उन्हें आशीर्वाद दिया। पर उसी पंक्ति में बैठे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई। दोनों दिग्गज एक-दूसरे से दूर-दूर ही दिखे। महागठबंधन टूटने के बाद यह पहला मौका था जब दोनों नेता एक साथ किसी आयोजन में गए हों।

चलते-चलते बता दें कि इस शादी की चर्चा और भी कारणों से रही। बिना दहेज के हुई इस शादी में ना तो बैंड-बाजे की आवाज थी, ना ही बारातियों के स्वागत का कोई तामझाम। और तो और इस शादी में मेहमानों को नाश्ते और खाने की जगह भगवान का भोग लगाया हुआ प्रसाद दिया गया। इस खास शादी में राज्य और देश के कई दिग्गज नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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