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एसपी-एसडीपीओ द्वारा वैज्ञानिक तरीके से किए गए अनुसंधान में कपड़े की दुकान में हुई चोरी का हुआ खुलासा

मधेपुरा जिला व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका के पुत्र एवं व्यापार संघ के वर्तमान उपाध्यक्ष आनंद प्राणसुखका द्वारा संचालित आनंद टेक्सटाइल के नाम से प्रसिद्ध वृंदावन कपड़ा दुकान में 2 दिसंबर की रात में चोरी हुई थी। चोरों ने तीन दरवाजों को तोड़कर गल्ले से 75 हजार नगद, चांदी के कुछ सिक्के, दो कार्टून में 10 पेंट, 10 शर्ट, 10 जैकेट यानि कुल लगभग 20 हजार का कपड़ा एवं डीवीआर चुरा ली थी।

बकौल एसपी योगेंद्र कुमार IPS घटना की जानकारी मिलते ही पूरी टीम के साथ वे घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारियां ली। सदर एसडीपीओ अजय नारायण यादव के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए घटना के उद्भेदन तक दिनभर की गई छापेमारी की जानकारियां प्रत्येक रात को एसपी को दी जाती थी। इस काम में 30 से अधिक सूचक को भी लगाए गए थे।

छापेमारी के दौरान एसडीपीओ अजय नारायण यादव की टीम ने नगर परिषद क्षेत्र के भिरखी टोले में अंतर जिला चोर गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही इन चोरों के घरों से चुराई गई 2 कार्टून समेत ₹9500 नकद भी बरामद कर लिया गया है। उक्त जानकारी के साथ-साथ एसपी योगेंद्र कुमार ने यह भी बताया कि चोरी की घटना में उपयोग किए गए टेंपो की बरामदगी एवं गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने हेतु भी छापेमारी जारी है। बरामद की गई राशि तथा कार्टून की टीआईपी भी कराई जाएगी।

चलते-चलते यह भी बता दें कि एसडीपीओ अजय नारायण यादव की टीम के सदस्यों को पुरस्कृत करने हेतु एसपी योगेंद्र कुमार द्वारा डीआईजी को अनुशंसा पत्र भी लिखा जाएगा। श्री कुमार ने चोरी रोकने के लिए बीट गश्ती का गठन किया है जिससे चोरी की घटना पर अंकुश भी लगा है।

अंत में शहर के संवेदनशील समाजसेवी-साहित्यकार व मधेपुरा नगरपालिका के पूर्व उप-अध्यक्ष रहे डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने एसपी एवं एसडीपीओ सहित सदर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर सुरेश प्रसाद सिंह, सर्किल इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार एवं गठित टीम के सारे सदस्यों को समस्त  शहरवासियों की ओर से हार्दिक साधुवाद प्रेषित किया है, क्योंकि इनके जगे रहने पर ही शहरवासी चैन से रात भर सो पाते हैं।

 

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नीतीश ने गांव और टोलों तक सड़क निर्माण के लिए राज्यव्यापी सर्वे एवं निर्माण हेतु लिया फैसला

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जगमग नगरों से दूर बापू के गांव की ओर तेजी से नजर दौड़ाया है और गांव-टोलों में बनी सड़कों के राज्यव्यापी भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि अगर कहीं भी सड़कें नहीं बनी है तो उसे तेजी से पूरा किया जाए तथा बनी हुई सड़कों का निरंतर मरम्मत विभाग द्वारा ही किए जाएं।

बता दें कि ग्रामीण लोगों को सुलभ संपर्कता प्रदान करने के लिए नीतीश सरकार इस बार चौकन्ना दिख रही है। ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत सभी टोलों को सड़कों से जोड़ा जा रहा है। साथ ही यह भी कोशिश की जा रही है कि सड़कें हमेशा अच्छी हालत में रहे।

जानिए कि निरंतर अबाधित बिजली की तरह ही सुंदर सड़कों से ग्रामीण संपर्कता बनाए रखने हेतु मुख्यमंत्री ने ग्रामीण कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ-साथ मुख्य सचिव दीपक कुमार, वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ, सीएम के सचिव मनीष कुमार वर्मा, खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग के सचिव विजय कुमार एवं मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार भी उपस्थित थे।

समीक्षा बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि टोलों-बसावटों को जाकर देखें और जो सड़क से नहीं जुड़े हैं उन्हें बिना देर किए जोड़ें। अतिरिक्त संपर्कता के लिए कार्य योजना बनाएं और उस पर तेजी से काम हो। सीएम ने विभागीय वरीय इंजीनियरों को इस कार्य को गंभीरता से लेने और गति प्रदान करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि एक भी टोला और बसावट संपर्क पथ से छूटने नहीं पाए। इस तरह सीएम नीतीश कुमार ने ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी है।

चलते-चलते यह भी कि सीएम नीतीश के द्वारा गांवों एवं ग्रामीणों की ओर दिए जा रहे ध्यान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपनी चंद पंक्तियों में बस इतना ही कहा-

नवभारत का तीर्थराज है

मंडल-ग्राम, सितावदियारा।

लेकिन सुख सुविधा से वंचित

टोला और ये गांव हमारा।।

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डॉ.मधेपुरी 30 वर्षों से याद दिलाते आ रहे हैं कि सदन में पिंजरे बनवाए जाएं

आये दिन देश के लगभग सभी राज्यों की विधान सभाओं, परिषदों तथा संसद के दोनों सदनों में भी सत्ता और विपक्षी दलों के सदस्यों के बीच जूते-चप्पल फेंकने से लेकर माइक तोड़ोउवल, कुर्सी फेंकउअल….. और महिला विधायिका की साड़ी सदन के अंदर खींचना भी लाखों लोगों के जनप्रतिनिधि के लिए अब शर्मनाक बातों के घेरे में नहीं आते देखने के बाद प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने 30 वर्ष पूर्व से ही प्रत्येक सदन में सदस्यों की सीट के चारों ओर पिंजरे बनवाए जाने की मांग तब शुरू की थी जब तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष की नेता सुश्री जयललिता की साड़ी एक मंत्री जी द्वारा खींचे जाने के बाद भारतीय संस्कृति को शर्मसार करने वाली ये बातें उन्होंने कही थी- “…आगे वह विधानसभा में तभी प्रवेश करेगी जब उनका शील अक्षुण्ण रहने की पूर्ण गारंटी सरकार देगी।”

जानिए कि दो दिन कबल यानि मंगलवार को कर्नाटक विधान परिषद में सत्ता और विपक्ष के सदस्यों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई…. अराजकता की ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई कि सदन में ही उप-सभापति एसएल गौड़ा को कुर्सी से खींच कर फर्श पर पटक दिया, जिन्हें मार्शल द्वारा उठाते हुए टीवी पर दुनिया के लोगों ने देखा। भला क्यों नहीं, जिन सदनों में आधे से अधिक सदस्य वैसे होते हैं जिन पर लूट, अपहरण….. मर्डर तक के केस चल रहे हैं…. जो बाहुबली कहे जाने पर गर्व महसूस करते हैं, वैसों ही के कारण पार्लियामेंट महीनों चल नहीं पाते और देशवासियों के टैक्स के करोड़ों-करोड़ रूपए बेमतलब बर्बाद होते रहते हैं। सारी परंपराएं तेजी से टूटती जा रही हैं। एक साथ होने वाला लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव का क्रम टूटा और करोड़ों रुपए का अतिरिक्त भार जनता पर पड़ा। क्या यही रहेगी हमारी संसदीय परंपरा?

बकौल समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी,  संसदीय परंपरा के निर्वहन के लिए, महिला सदस्यों सहित अन्य सदस्यों की हिफाजत तथा विकास को गति देने के लिए प्रत्येक सदन में सदस्यों की सीट पर कुर्सी के चारों तरफ लोहे के पिंजरे बनें। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सदस्यों को उसमें बंद हो जाना पड़े। पिंजरे में ऑटोमेटिक लॉक हो जिसका रिमोट स्पीकर के पास दिया जाए। सदस्य पिंजरे के अंदर से ही विचार व्यक्त करें……।

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ठंड एवं कोहरे के बीच जनहित में चौकन्ना रहते हैं डीएम नवदीप शुक्ला

पारा के लगातार गिरने के कारण वातावरण में बड़ी ठंड व कनकनी से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बढ़ रहे कनकनी और ठंड को देखते हुए जिला के मुखिया नवदीप शुक्ला (भाप्रसे) ने जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीण इलाकों एवं शहरी क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी अंचलों को राशि आवंटित करने के साथ-साथ आवश्यक निर्देश भी जारी किए हैं। इसके अलावा दोनों अनुमंडल के एसडीएम को सामाजिक सुरक्षा के तहत कंबल खरीद कर गरीबों एवं असहाय लोगों के बीच वितरण करने के लिए राशि भी मुहैया करा दी है।

बता दे कि ठंड  व कोहरे में दूर-दूर से आने वाले गरीब व असहाय लोगों को बिना इलाज कराए लौट जाने को मजबूर ना होना पड़े इसलिए डीएम नवदीप शुक्ला ने डीडीसी विनोद कुमार सिंह व अन्य को अपनी टीम में शामिल कर सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों का जायजा लेने के क्रम में कुछ चिकित्सक व कर्मचारी के ड्यूटी पर मौजूद नहीं रहने को लेकर डीएम शुक्ला ने अस्पताल प्रशासन को फटकार लगाई तथा अनुपस्थित कर्मियों की उपस्थिति काटने का निर्देश दिया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि डीएम के निर्देश पर दोनों अनुमंडल के एसडीएम ने अनुमंडलीय अस्पताल व सीएचसी का निरीक्षण किया। उदाकिशुनगंज अनुमंडलीय अस्पताल का निरीक्षण एसडीएम राजीव रंजन कुमार सिन्हा द्वारा किया गया। उन्होंने अस्पताल बंद पाया। पता लगाने पर दूरभाष पर प्रभारी ने बताया कि कोरोना केंद्र बनाया गया था। फिलहाल कोरोना मरीज नहीं है। वहीं सिंहेश्वर सीएचसी का सदर एसडीएम नीरज कुमार ने निरीक्षण किया तो पाया कि कई स्वास्थ्य कर्मी सहित चिकित्सक भी अनुपस्थित हैं। एसडीएम नीरज कुमार ने सिंहेश्वर स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति  अत्यंत दयनीय बताई। कई सप्ताहों से नहीं आने वाले कर्मियों की उपस्थिति काट दी गई। साथ ही बेपटरी हुए स्वास्थ्य केन्द्र की स्थिति पर दुख जताते हुए एसडीएम नीरज कुमार ने कहा कि जनहित में इसे पटरी पर लाने की आवश्यकता है।

चर्चा के क्रम में शहर के समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अलाव जलाने के संबंध में विशेष सुझाव देते हुए कहा कि अन्य जगहों के अतिरिक्त शहर के भूपेन्द्र चौक, मस्जिद चौक, पानी टंकी चौक, शिवनंदन चौक, पूर्णिया गोला चौक, कर्पूरी चौक एवं पश्चिमी बाईपास में शहीद चुल्हाय चौक और खेदन चौक को अवश्य शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसडीएम नीरज कुमार को जनहित के लिए चौकन्ना रहने हेतु साधुवाद भी दिया।

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जानिए दिल्ली में किसान आंदोलन के 19वें दिन क्या हुआ ?

केंद्र सरकार द्वारा नई कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर कड़कड़ाती ठंड और घने कोहरे के बीच दिल्ली की तमाम सीमाओं पर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान 18 दिनों से डटे हुए हैं। राजस्थान से भी बड़ी संख्या में दिल्ली आ रहे किसानों को हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस ने रोक तो दिया है, परंतु किसान नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक हमारा प्रदर्शन हर हाल में जारी रहेगा। हमने कदम बढ़ा दिया है तो फिर लौटने वाले नहीं है।

बता दें कि सभी किसान यूनियनों के प्रमुख आज सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक भूख हड़ताल पर रहेंगे। इस बीच किसानों के समर्थन में विरोधी पार्टी के नेताओं द्वारा बयान पर बयान दिये जा रहा है। अनेक सेलिब्रिटीज ने सम्मान वापस करने वाले बयान भी दिए हैं। किसानों के समर्थन में पंजाब के डीआईजी (कारा) एलएस जाखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

एक  ओर जहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसानों के समर्थन में आज दिनभर उपवास रखने की घोषणा कर दी है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री के घर केंद्रीय कृषि मंत्री सहित पंजाब के भाजपा नेताओं के साथ बैठक की दौड़ चल रही है। यह भी कहा जा रहा है कि किसानों के लिए होगा  शॉपिंग मॉल एवं स्मार्ट मंडियां जहां किसानों को एक ही छत के नीचे  रियायती दर पर  सभी सुविधाएं मिल जाएंगी।

जानिए कि इन गतिविधियों के बीच भारतीय किसानों के शीर्ष नेतृत्वों ने क्या कहा- “तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना ही हमारी एकमात्र मांग है….. कुछ कॉस्मेटिक संशोधनों से यह कानून किसान हितेषी नहीं बनेंगे।”

 

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सदा याद रहेगा 13 दिसंबर जिस दिन आतंकियों ने सेशन में रहते हुए पार्लियामेंट को किया था घायल

तारीख 13 दिसंबर 2001 और समय दिन के 11:28 हो रहे थे। स्थल था भारत का संसद भवन परिसर। पार्लियामेंट सेशन में था। पक्ष-विपक्ष के बीच हंगामे को लेकर दोनों सदनों की कार्यवाही 40 मिनट के लिए स्थगित की जा चुकी थी। इसी दरमियान कायराना हमले के तहत पाकिस्तानी पांच आतंकियों द्वारा संसद भवन के मुख्य द्वार पर गोलियों की तड़तड़ाहट ने सिर्फ संसद के अंदर फंसे सांसदों को ही नहीं बल्कि पूरे देश को ही झकझोर कर रख दिया था। लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर पर आतंकियों ने अचानक आत्मघाती हमला कर दिया था।

19 साल पहले 45 मिनट तक चले इस हमले में आठ सुरक्षाकर्मियों एवं एक माली की जान चली गई थी। परंतु, भारत माता के इन वीर जवानों ने अपनी जान को मुट्ठी में लेकर पहले सदन के सभी दरवाजों को बंद कर देश के रहनुमाओं की जान बचाई और फिर सभी अंतिम सांस तक लड़ते हुए एक-एक कर सभी पांच आतंकियों को मार गिराया था।

बता दें कि जिन शहीद सुरक्षाकर्मियों ने हमारी संसद की रक्षा करते हुए अपनी जान गवांई उनके बलिदान एवं बहादुरी को याद करते हुए देश के महामहिम राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री….. आदि कहते हैं कि यह देश उन वीर सपूतों का हमेशा  कर्जदार रहेगा तथा हम हमेशा उनके आभारी रहेंगे।

चलते-चलते यह भी जानिए कि मधेपुरा के संवेदनशील साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा भारत के महामहिम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से यह अनुरोध किया जा रहा है कि जिस तरह से बिहार की राजधानी पटना में विधानसभा भवन के सामने 7 शहीदों की स्मृति में सप्तमूर्ति बनाई गई है, वैसी ही मूर्तियां संसद भवन के सामने इन शहीदों की भी बनाई जाए ताकि समस्त देश उनके बलिदान एवं बहादुरी से सदैव प्रेरित होता रहे। बच्चे और बड़े सभी उन मूर्तियों के साथ फोटो लेकर गौरवान्वित होता रहे।

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साठोत्तरी हिन्दी कविता और राजकमल चौधरी पर परिचर्चा

कौशकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के बैनर तले मैथिली, हिन्दी व बांग्ला भाषा में एक सशक्त हस्ताक्षर राजकमल चौधरी की 100वीं जयंती वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा आज मनाई गई। विषय प्रवेश करते हुए सम्मेलन के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने कहा कि मधेपुरा जिला के रामपुर (मुरलीगंज) बस्ती में 100 साल पूर्व उन्होंने पिता मधुसूदन चौधरी के घर जन्म ग्रहण किया था। वे साठोत्तरी हिन्दी कविता के पुरोधा माने जाते हैं, जिसे हिन्दी साहित्य में एक आंदोलन के रूप में चिन्हित किया गया है। श्रीशलभ ने कहा कि राजकमल का नाम लेते ही अश्लीलता, नग्नता और विद्रूपता के धरातल पर अपाठ्य कवि दिखते हैं, लेकिन वास्तविकता यह नहीं है। आलोचना करने वाले खुले शब्दों में सेक्स की चर्चा करने से बिदते हैं। उनकी कविताओं में केवल देह की राजनीति नहीं है।

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.आरके यादव रवि ने कहा कि समकालीन लेखकों में राजकमल को काफी लोकप्रियता मिली क्योंकि वे ‘भूखी’ और ‘बीट’ पीढ़ी का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। डॉ.रवि ने यह भी कहा कि राजकमल की कविताओं में राजनीतिक चेतना का विद्रोही स्वरूप भी देखने को मिलता है।

सम्मेलन के सचिव डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने ऑनलाइन परिचर्चा में यही कहा कि राजकमल चौधरी के संपूर्ण रचना-संसार में तत्कालीन समाज की तमाम बदसूरती एवं विकृति का वास्तविक चित्रण तो हुआ ही है, साथ ही भयावह यथार्थ का क्रूरतम चेहरा भी सामने आया है… जो आज तक के समाज में बना हुआ है। हर तरफ लोग अर्थ-तंत्र और देह-तंत्र की कुटिल वृत्ति में व्यस्त दिखते हैं। तभी तो राजकमल साहित्य आजकल एमेजॉन पर लोगों द्वारा खूब पढ़ी जा रही है।

परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए प्रो.मणि भूषण वर्मा ने उनके- आदिकथा, कंकावती, मुक्ति प्रसंग, देहगाथा, मछली मरी हुई आदि साहित्यिक कृतियों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि 1960 के बाद नवलेखन वाली पीढ़ी के द्वारा रचित ऐसी साहित्य है जिनमें विद्रोह एवं अराजकता का स्वर प्रधान रहा है। हालांकि इसके साथ-साथ सहजता व जनवादी चेतना की समानांतर धारा भी साहित्य-क्षेत्र में प्रवहमान रही है जो बाद में प्रधान हो गई। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कवि अरविंद श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को यादगार बताया एवं राजकमल की रचनात्मकता को नमन किया।

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सफल डॉक्टर तन के साथ मन का भी इलाज करता है बोले मधेेपुरी

आज दिन के 1:00 बजे मधेपुरा-सहरसा रोड पर स्थित एमएलडीपी पेट्रोल पंप से सटे होम्योपैथी के प्रतिभावान चिकित्सक डॉ.नारायण प्रसाद यादव के होम्योपैथिक क्लीनिक का उद्घाटन समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने फीता काटकर किया।

इस अवसर पर भारत रत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के अत्यंत करीबी रहे डॉ.मधेपुरी ने डॉक्टर कलाम को संदर्भित करते हुए चिकित्सक से यही कहा कि डॉ.कलाम अपने सिरहाने में गीता और कुरान के अलावा एक और किताब रखते थे। नोबेल पुरस्कार प्राप्त लेखक डाॅ.ए.केराॅल की पुस्तक ‘मैन द अननोन’। इस पुस्तक में डॉ.केराॅल ने मरीज के तन के साथ-साथ मन का इलाज भी करने को कहा है। बकौल डॉ.कलाम सभी चिकित्सक एवं मेडिकल के छात्र-छात्राओं को भी अपने करीब रखना चाहिए ‘मैन द अननोन’।

मौके पर पूर्व प्राचार्य प्रो. सच्चिदानंद यादव, कोसी प्रमंडल के संयुक्त सचिव परमेश्वरी प्रसाद यादव, पूर्व जिला परिषद सदस्य सह व्याख्याता  प्रो.गीता यादव, डॉ.मीनू प्रसाद तथा डॉ.नारायण यादव समेत अन्य लोग भी मौजूद थे। डॉ.नारायण ने कहा कि होम्योपैथ में किसी भी रोग का निदान किया जा सकता है। कोरोना काल में कई रोगियों ने इस पंथ से उपचार पाकर जिंदगी पाई है।

 

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सीएम नीतीश ने जमीन विवाद के निपटारे को लेकर डीएम से लेकर थानाध्यक्ष तक को दिया टास्क

सूबे के सभी वर्गों के परिवारों की भूमि समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहे हैं मुख्यमंत्री नीतीश। विगत वर्षों में मात्र ₹100 में पारिवारिक भूमि के आपसी बंटवारे का रजिस्ट्रेशन भूमि-विवाद को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। वर्तमान नीतीश सरकार ने पुनः महसूसा है कि 60% से ज्यादा क्राइम भूमि-विवाद के कारण होता है। यूं तो 2005 से ही शुरू किए गए जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने प्रदेशवासियों की ज्यादातर समस्याएं जमीन विवाद से जुड़ी देख कर उन्हें तब से आज तक हर तरह से निपटाने में लगे हुए हैं।

जानिए कि सीएम नीतीश ने यही कहा है कि भूमि विवाद को कम करना ही हमारी सरकार का उद्देश्य है। सीएम ऐसे उपाय की तलाश में हैं कि जमीन के स्वामित्व में कोई गड़बड़ी नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि समाज में शांति रहने से ही विकास का लाभ लोगों को मिल पाएगा। भूमि से संबंधित समस्याओं के समाधान से समाज में काफी शांति स्थापित होगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने राज्य में जमीन संबंधी आपसी विवाद के निपटारे को प्राथमिकता देते हुए निर्देश जारी किया है- महीने में एक बार डीएम-एसपी, पखवाड़े में एक बार एसडीएम-एसडीपीओ तथा सप्ताह में 1 दिन सीओ-थानेदार निश्चित रूप से जनता की समस्याओं को निपटाने हेतु बैठक करें तथा जो गड़बड़ी करे उसपर कठोर कानूनी कार्रवाई करें।

चलते-चलते यह भी कि सीएम ने यह भी निर्देश दिया है कि जमीन के  वास्तविक कागजात अंचल कार्यालय में ही रखे जाएं, उनकी स्कैनिंग भी कराई जाय ताकि रिकॉर्ड पूरी तरह से सुरक्षित रहे तथा सीओ का आपदा के आवश्यक कार्यों को छोड़कर विभागीय कार्यो में ही सर्वाधिक उपयोग किया जाय। साथ ही लोक शिकायत निवारण कानून के अंतर्गत जमीन से संबंधित पेंडिंग पड़े कार्यो का तेजी से निपटारा करें। आलाधिकारी राजस्व विभाग से जुड़े सभी कर्मचारियों की बेहतर मॉनिटरिंग करें तथा भूमि संबंधी जन समस्याओं को दूर करने में लगें।

अंत में जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (भाप्रसे) की टीम के आलाधिकारियों एडीएम उपेंद्र कुमार एवं एसडीएम नीरज कुमार आदि द्वारा अंचल कार्यालय को इमरजेंसी मॉनिटरिंग शुरू करने को लेकर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हृदय से साधुवाद दिया है। उनके प्रयास की भी भरपूर सराहना की है।

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चीन से फैले वैश्विक महामारी कोरोना के खात्मे की ब्रिटेन से हुई शुरुआत

दुनिया में कोरोना के खात्मे को लेकर पहला टीका 91 वर्ष की होने जा रही मार्गरेट कीनन को ब्रिटेन में मंगलवार को दिया गया। मारग्रेट कीनन को फाइजर-बायोएनटेक के टीके का यह पहला डोज था। कीनन यह टीका लगवाने वाली दुनिया की पहला व्यक्ति बन गई है। अब ब्रिटेन में कुछ ही दिनों में 8 लाख लोगों को यह वैक्सीन दी जाएगी।

यह भी बता दें कि पहला टीका मारग्रेट कीनन को दिए जाने के बाद कीनन ने कहा- ‘यह मेरे जन्मदिन से कुछ दिन पहले मिला बेहतरीन तोहफा है। अब मैं क्रिसमस और नए साल पर परिवार के साथ जश्नों में शामिल हो सकूंगी।’

जानिए कि ब्रिटेन सामूहिक टीके लगाने वाला विश्व का पहला देश बन गया है। प्रत्येक व्यक्ति को फाइजर के टीके का सिर्फ 0.3 एमएल वैक्सीन दी जा रही है। एक शीशी में 1.5 एमएल दवा होती है जो पांच लोगों को दी जाती है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि भारत में भी अगले 10 दिनों में वैक्सीन की मंजूरी मिल जाएगी। तीनों वैक्सीन कंपनियों के आवेदनों पर विषय विशेषज्ञ समिति बुधवार को विचार करेगी। सब ठीक रहा तो 20 दिसंबर तक भारत के पास तीन वैक्सीन के विकल्प होंगे। कुछ महीनों के बाद लोग राहत की सांस लेना शुरू करेंगे…… ऐसा आभास होने लगा है।

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