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पंडित युगल शास्त्री प्रेम की 27वीं पुण्य तिथि पर श्रधान्नजली सभा

मधेपुरा में क्रियाशील साहित्यिक संस्था – कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के संस्थापक रह चुके हैं पंडित युगल शास्त्री प्रेम | वही प्रेम जी जिनका एक काव्य-संग्रह कभी इलाहाबाद वि.वि. के स्नातकोत्तर हिन्दी पाठ्यक्रम में शामिल था | उन्हीं की 27वीं पुण्यतिथि समारोह सम्पूर्ण सादगी के साथ 19 जुलाई 2015 को सम्मेलन के अम्बिका सभागार में उनके ही साहित्यानुरागी शिष्यों के द्वारा मनाया जायेगा | उस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे उन्हीं के शिष्य हिन्दी के उदभट विद्वान , दर्ज़नों पुस्तकों के लेखक , भूपेन्द्र ना.मंडल वि.वि. के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि | कार्यक्रम का संचालन करेंगे स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सिद्धेश्वर काश्यप व डॉ. आलोक कुमार |

कोसी अंचल के वरिस्ठ साहित्यकार एवं इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की अद्यक्षता में आयोजित सत्र द्वय के कार्यक्रमों के समापन पर कवियों-वक्ताओं को ध्यन्यवाद ज्ञापित करेंगे सम्मेलन के सचिव डॉ. मधेपुरी | संस्थान के उपसचिव उल्लास मुखर्जी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ये जानकारियाँ दी है |

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भाजपा ने किया रथ से ‘परिवर्तन’ का शंखनाद

‘परिवर्तन’ के 160 रथों को रवाना करने के साथ एनडीए ने बिहार में अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया। गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान, रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा तथा हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा प्रमुख जीतनराम मांझी की मौजूदगी में पटना के गांधी मैदान से भाजपा के परिवर्तन रथों को रवाना करते हुए चुनाव का शंखनाद किया। इस अवसर पर एनडीए के साथियों के साथ-साथ भाजपा के बिहार चुनाव प्रभारी अनंत कुमार, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, प्रदेश अध्यक्ष मंगल पाण्डेय, केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद व राधामोहन सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. सीपी ठाकुर आदि बिहार भाजपा के तमाम दिग्गज मौजूद रहे।

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की जनता और जनादेश के साथ धोखा किया है। उन्हें वोट मांगने का कोई अधिकार नहीं है। लालू और नीतीश फिर से बिहार में जंगलराज लाना चाहते हैं। अमित शाह ने कहा कि एनडीए बिहार को एक मजबूत सरकार देगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 जुलाई को मुजफ्फरपुर आएंगे और बिहार के विकास की रूपरेखा पेश करेंगे।

बता दें कि भाजपा का बहुचर्चित परिवर्तन रथ अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। सभी रथों में ऑडियो-वीडियो तथा जीपीएस की सुविधा है। इनमें 56 इंच की एलइडी लगी है जिस पर फिल्म भी दिखाई जाएगी। अभी 83 रथ और रवाना किए जाने हैं। बिहार में 243 विधानसभा क्षेत्र हैं इसीलिए रथों की संख्या भी उतनी ही (160+83=243) रखी गई है। भाजपा के रथ प्रत्येक विधानसभा में तीन-तीन राउंड लगाएंगे और हर दिन एक हजार से अधिक सभाएं होंगी। इस तरह सौ दिनों में एक लाख से अधिक सभाओं के आयोजन का लक्ष्य है। कहा जा सकता है कि भाजपा ने अपने तरीके से नीतीश कुमार के घर-घर दस्तक कार्यक्रम का जवाब ढूंढ़ा है।

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ऐसा लगा रहा जाम : दिन बीता हो गई शाम !

चौंकिए नहीं, यह है मधेपुरा ! मधेपुरा के मेन मार्केट का सुभाष चौक | न जाने कितने दिनों से आस-पास के लोग नरक में जी रहे हैं | यातनाएं भोग रहे हैं | सड़क के दोनों ओर पूर्व से नाले बने हैं, जहाँ मच्छरों का खाना और दुर्गन्ध का खजाना है | फिर एक तरफ पाँच फीट गहरा गढ्ढा खोदकर आधी सड़क पर जमा कर दिया है मिट्टी का ढेर बिल्कुल पहाड़ी की तरह | ऊपर से बरसात का मौसम और कछुए की गति से चल रहा नाला निर्माण का काम | अनगिनत वाहनों की संख्या और ऊपर से जनसंख्या वृद्धि का दिशाहीन विस्फोट | इस सबके बावजूद पढ़े-लिखे लोगों द्वारा सड़क चवाने की लत तो दिन दुनी रात चौगुनी बढती जा रही है | शेष बची हुई संकीर्ण सड़क पर नाला निर्माण हेतु गिराए गये बालू, ईट, गिट्टी, छड-तखते | कहीं मिक्सचर मशीन तो कहीं JCB मशीनें |

रात में मुसलाधार बारिश से नाला भर जाता और दिन भर पम्पिंग सेट से उसे सड़क पर बहाया जाता | दुर्गंध भरा बाजार बन सकता है महामारी का शिकार | चाय-पान की दुकानों पर खड़े लोग यह भी बोलते हुए सुने जाते हैं कि बरसात में ऐसे निर्माण कार्य इसलिए भी चलाये जाते हैं कि बहुत कुछ पानी में “बह गया का बिल” भी स्वीकार कर लिया जा सकता है |

फिलहाल रमजान के महीने में चारो ओर पुरे शहर में खुदा ही खुदा है | यहाँ खुदा है , वहाँ खुदा है | जिधर जिस सड़क या गली में जाइए वहाँ खुदा ही खुदा है | सड़क के अंतिम किनारे पर गढ्ढा नहीं खुदा है बल्कि जहाँ जो जितना मैनेज कर लिया वहाँ उतनी जगह छोड़ कर खुदा है |

तुर्रा तो यह है कि प्रोफ़ेसर कॉलनी में सड़क से लगभग तीन फीट ऊँचा नाला बन जाने से दस फीट की सड़क सिकुडकर कहीं-कहीं पाँच फीट रह गयी है , जहाँ एक छोटी कार और सामने से आ रहे रिक्शा या साईकिल तक को क्रॉस करने में कठिनाई होती है | पल-पल भोग रहे इन यातनाओं से शहरवासियों को कौन मुक्ति दिलाएगा जबकि ज़िलापधाधिकारी गोपाल मीणा थर्ड फेज की ट्रेनिंग में मसूरी गये हुए हैं | फिर भी लोगों की आशा भरी नजरें नगर परिषद , जिला-परिषद या जिला के अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों की ओर टिकी हुई हैं कि आज नहीं तो कल . . . . . . !

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भारतीय टेनिस का स्वर्णिम सप्ताह : विम्बलडन में चमके पेस, सानिया और नागल

एक नहीं, दो नहीं, पूरे तीन खिताब और वो भी विम्बल्डन में… जो हर टेनिस खिलाड़ी की उपलब्धि और ऊँचाई की कसौटी है..! सचमुच अप्रतिम था भारतीय टेनिस का ये स्वर्णिम सप्ताह जो अभी-अभी बीता है। अविस्मरणीय हो गया भारत के लिए इस साल का विम्बलडन।  बीते शनिवार को सानिया मिर्जा और मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने वीमेंस डबल्स का खिताब जीता, फिर अगले दिन रविवार को भारत के लिएंडर पेस और मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने विम्बलडन के मिक्स्ड डबल्स में जीत दर्ज की और उसी दिन सत्रह वर्षीय सुमित नागल अपने जोड़ीदार हुआंग ली के साथ जूनियर डबल्स के विजेता बने।

भारतीय टेनिस के गौरव लिएंडर पेस बयालीस साल की उम्र में विंबलडन का खिताब जीतकर सबसे अधिक उम्र में यह खिताब जीतने वाले खिलाड़ी हो गए हैं। इस शानदार खिलाड़ी ने इससे पूर्व आठ बार ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम किया है। इस टूर्नामेंट में पेस और हिंगिस की सातवीं वरीयता जोड़ी ने पांचवीं वरीयता प्राप्त ऑस्ट्रिया-हंगरी की जोड़ी को मात्र चालीस मिनट में 6-1, 6-1 से पराजित किया।

उधर भारतीय टेनिस को नई ऊँचाई देनेवाली सानिया मिर्जा और स्विटजरलैंड की मार्टिना हिंगिस की शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी ने रूस की दूसरी वरीयता प्राप्त एकाटेरिना मकारोवा और एलेना वेस्नीना की जोड़ी को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 5-7, 7-6, 7-5 से मात दी। इस जीत के साथ ही सानिया महिला युगल खिताब जीतने वाली देश की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। ग्रैंडस्लैम जीतने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव भी उन्हीं के नाम है। 2009 में उन्होंने महेश भूपति के साथ आस्ट्रेलियाई ओपन का मिश्रित युगल मुकाबले में खिताबी जीत दर्ज की थी।

भारतीय टेनिस की नई संभावना सुमित नागल और वियतनाम के हुआंग ली की जोड़ी ने अपने से चार वरीयता ऊपर अमेरिका के रीली ओपेल्का और जापान के अकीरा संतिलान की जोड़ी को 7-6, 6-4 से हराकर लड़कों का युगल खिताब अपने नाम कर लिया। नागल और ली की जोड़ी वरीयता क्रम में आठवें नंबर पर थी।

इन तीनों खिलाड़ियों पर आज पूरा देश गर्व कर रहा है। इनकी उपलब्धियों ने एहसास कराया है कि क्रिकेट से परे भी खेलों की एक बड़ी दुनिया है। सम्भावनाओं के कई और द्वार हैं जिनके पार भारतीय खिलाड़ी जा सकते हैं। मधेपुरा अबतक संभावनाओं के ऐसे हर पुंज को सलाम करता है।

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मोदी के ‘स्किल इंडिया मिशन’ का आगाज

बुधवार, 15 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में महत्वाकांक्षी कौशल विकास अभियान ‘स्किल इंडिया’ की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जिस तरह चीन वैश्विक विनिर्माण कारखाना बन गया है, वैसे ही भारत को दुनिया के ‘मानव संसाधन के केंद्र’  के रूप में उभरना चाहिए। सरकार ने ‘गरीबी के खिलाफ लड़ाई’  के तहत यह अभियान शुरू किया है। मोदी ने कहा कि अगर देश के लोगों की क्षमता को समुचित और बदलते समय की आवश्यकता के अनुसार कौशल का प्रशिक्षण दे कर निखारा जाता है तो भारत दुनिया को 4  से 5  करोड़ कार्यबल उपलब्ध करा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर ‘स्किल इंडिया’ का प्रतीक चिन्ह जारी करने के साथ ही प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) की शुरूआत की। उन्होंने कहा, “गरीब लोग अब भीख मांगने को इच्छुक नहीं है बल्कि वह आत्म-सम्मान के साथ कमाई करेंगे… स्किल इंडिया की पहल केवल जेब भरने के लिये नहीं है बल्कि यह गरीबों में आत्म-विश्वास का भाव जगाएगी।”  प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर ‘कौशल ऋण’  योजना की भी शुरूआत की जिसके तहत देश में 34  लाख युवाओं को अगले पांच साल में कौशल विकास हेतु पांच हजार  से डेढ़  लाख रुपये तक उपलब्ध कराये जाएंगे। मोदी ने इस अवसर पर प्रशिक्षण के लिए कौशल ऋण के स्वीकृति पत्र भी सौंपे। उन्होंने कहा कि,  “इस अभियान के जरिये सरकार लोगों का सपना पूरा करना चाहती है और राज्यों को साथ लेकर सुगठित रूप में इसे करने का इरादा है।”

इस कार्यक्रम में अरूण जेटली, मनोहर पर्रिकर,  सुरेश प्रभु,  राजीव प्रताप रूडी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों के अलावा राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, महाराष्ट्र के देवेन्द्र फड़णवीस, हरियाणा के मनोहर लाल तथा पंजाब के प्रकाश सिंह बादल समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

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प्लूटो के नजदीक पहुँचा नासा का ‘न्यू होराइजन्स’

साढ़े नौ साल के लम्बे सफर के बाद नासा का ‘न्यू होराइजन्स’ स्पेसक्राफ्ट प्लूटो के निकट पहुँचने में कामयाब रहा और इस तरह नासा के गौरवशाली इतिहास में एक और अध्याय जुड़ गया। मंगलवार शाम 5 बजकर 19 मिनट पर ‘न्यू होराइजन्स’ प्लूटो की सतह से 12, 500 कि.मी. की दूरी से गुजरा। इसके द्वारा भेजी गई रंगीन तस्वीरों और जानकारियों के मुताबिक प्लूटो का आकार अनुमान से अधिक बड़ा है। इस अभियान की सफलता के बाद वैज्ञानिकों को ‘क्वीपर बेल्ट’ का रहस्य सुलझाने में मदद मिलेगी। ‘क्वीपर बेल्ट’ सौरमंडल का वह हिस्सा है जिसे तीन बौने ग्रहों – प्लूटो, हौमिया और मेकमेक – का घर माना जाता है।

‘न्यू होराइजन्स’ को 19 जनवरी 2006 को रवाना किया गया था और 45 हजार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से यह अब तक 480 करोड़ किमी का सफर तय कर चुका है। इस स्पेसक्राफ्ट की रफ्तार दुनिया के सबसे तेज उड़ने वाले अमेरिकन आर्मी के विमान एसआर-71 लॉकहीड से लगभग 16 गुना ज्यादा है। लॉकहीड की टॉप स्पीड 3,540 कि.मी. प्रति घंटा है।

बहरहाल, बताते चलें कि प्लूटो की खोज 1930 में हुई थी। आकार में सबसे छोटा होने के कारण इसे बौना ग्रह भी कहा जाता है।

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क्या रंग लाएगी नीतीश-केजरीवाल की दोस्ती..?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से मुलाकात की और दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अन्य पार्टियों के तालमेल के साथ जेडीयू इस मुद्दे को संसद में उठाएगी।

केजरीवाल से मुलाकात के बाद नीतीश ने कहा कि “दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। लोगों ने एक सरकार बनाने के लिए काफी उत्साह के साथ वोट डाला था। लोग उन्हें जानते हैं जिन्हें उन्होंने अपना वोट दिया है।” उन्होंने कहा कि,  “वे (लोग) सोचते हैं कि कानून व्यवस्था से लेकर अपराध और पुलिस तक सरकार के नियंत्रण में है। दिल्ली में पुलिस राज्य सरकार के तहत नहीं आती।”

बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि सरकार लोगों के प्रति जवाबदेह है, इसलिए मुख्यमंत्री केजरीवाल के पास विभागीय सचिवों को चुनने की शक्ति होनी चाहिए। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए चलाए जा रहे अभियान को लोगों का पूर्ण समर्थन है।

बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी संसद में यह मुद्दा उठाएगी और अन्य पार्टियों का समर्थन जुटाने की कोशिश करेगी। नीतीश ने बिहार पुलिस के कर्मियों को दिल्ली भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो में शामिल करने पर केजरीवाल का शुक्रिया भी अदा किया।

नीतीश और केजरीवाल दोनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के धुर विरोधी हैं। ऐसे में बिहार चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच बैठक अलग मायने रखती है। नीतीश का आप को समर्थन अकारण नहीं है। वैसे भी राजनीति में बिना कारण कुछ भी नहीं होता, चुनावी मौसम में तो हरगिज नहीं। इसकी पुष्टि भी हो ही गई जब आप ने बिहार में बीजेपी के खिलाफ प्रचार और अपने उम्मीदवार नहीं उतारने के जरिए नीतीश का समर्थन करने का फैसला किया।

आप के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी बीजेपी के खिलाफ प्रचार करेगी और यदि जरूरत पड़ी तो अरविंद केजरीवाल भी इसके लिए उतर सकते हैं। बहरहाल, देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश-केजरीवाल की दोस्ती आगे क्या रंग लाती है।

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महिला जब जागेगी तभी भारत मजबूत बनेगा

मधेपुरा जिला समाहरणालय के समक्ष अखिल भारतीय महिला समिति की जिला इकाई द्वारा अपनी विभिन्न माँगों को लेकर एक दिवसीय धरना कार्यक्रम किया गया | सुनिता देवी की अद्यक्षता में चले इस कार्यक्रम में एडवा की प्रदेश अद्याक्षा रामपरी देवी एवं सचिव नूतन भारती सहित प्रियंका यादव, विभा देवी, माला देवी, मीना देवी, शर्मीला, विमला, पार्वती, रिंकू, आदि ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आये दिन महिलाओं पर हो रही हिंसा, हत्या एवं बलात्कार की घटनाएँ दिन-प्रतिदिन बढती ही जा रही है और सरकार जादूई विकास के नाम पर खुद ही अपनी पीठ थपथपाने में लगी है जिसे अब जाग्रत महिलाएं अधिक दिनों तक बर्दास्त नहीं करेंगी |

यह भी जानें की धरना दे रही महिलाओं ने सत्ताधारी सरकार को घेरते हुए कहा कि किसी भी अख़बार को पलटीये तो यही पाएंगे कि आज़ादी के 67 वर्षों के बाद भी वही मूलभूत मानवीय समस्याएं – रोटी-कपड़ा-मकान, शिक्षा-स्वास्थ-बिजली-सड़क हर जगह मुहँ बाये खड़ीहैं | सभी महिलाओं ने संकल्प लिया कि हक़ की खातिर निर्णायक संघर्ष का शंखनाद करना होगा |

मौके पर रसोइया संघ का नेता गणेश मानव सहित दीपनारायण यादव, नरेश, सूर्यकांत आदि ने कहा कि राज्य सरकार 3-डिसमिल जमीन देने के नाम पर गरीब विधवाओं को मिड-डे-मिल के घोषित मेनू से दूर हटकर बच्चों को ठगने में लगी है |

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जातीय गणना पर राजद ने तेज की लड़ाई :  27 जुलाई को बिहार बंद, 26 को लालू का उपवास

जातीय जनगणना सार्वजनिक करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय जनता दल 27  जुलाई को बिहार बंद करेगा। इससे पहले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद 26 जुलाई को कदमकुआं स्थित जेपी आवास या अंबेडकर मूर्ति के समक्ष एक दिवसीय उपवास पर बैठेंगे । मंगलवार को अपने दोनों पुत्र तेज प्रताप और तेजस्वी,  प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र पूर्वे तथा मुन्द्रिका सिंह यादव की उपस्थिति में संवाददाताओं से बात करते हुए लालू ने कहा कि राजद जातीय जनगणना की रिपोर्ट प्रकाशित कराने के लिए केंद्र के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। इसको राष्ट्रव्यापी मुद्दा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार बंद के बाद भी केंद्र सरकार ने जातीय सर्वे का प्रकाशन नहीं किया तो बेमियादी बिहार बंद का आह्वान होगा। लालू के मुताबिक जातीय सर्वे प्रकाशित होने से सबसे अधिक अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को लाभ होगा। उनकी जनसंख्या में 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इसके आधार पर उनके आरक्षण के प्रतिशत में तिगुना वृद्धि हो जाएगी। संविधान में प्रावधान है कि अनुसूचित जाति व जनजाति को आबादी के आधार पर आरक्षण का लाभ मिलेगा।

लालू ने आरोप लगाया कि आरएसएस के दबाव पर केंद्र की भाजपा सरकार रिपोर्ट दबाकर बैठ गयी है। लालू ने कहा कि जातीय सर्वे से इसका खुलासा हो जाता कि किस जाति के लोगों की आर्थिक स्थिति दयनीय है। उनको आगे बढ़ाने के लिए बजट में प्रावधान किया जाता। ऐसा नहीं होने से अमीर और अमीर होते जाएंगे। गरीब और गरीब बन जाएंगे। लालू के मुताबिक 10  प्रतिशत लोग 90 प्रतिशत की सभी सुविधाओं को चट कर जा रहे हैं। अंग्रेजों ने 1931  में जातीय गणना करायी थी। इसके आधार पर अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों  को आबादी के आधार पर आरक्षण का लाभ मिला।

बिहार बंद और राजद सुप्रीमो के उपवास से पूर्व 21  जुलाई को राजद के जिला अध्यक्षों तथा पूर्व व वर्तमान सांसद एवं विधायकों की बैठक बुलायी गई है। राजद के प्रस्तावित बंद से रेलवे, अस्पताल व एम्बुलेंस सेवा को अलग रखा गया है।

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22 साल बाद होगी मुंबई धमाकों के आरोपी याकूब मेमन को फांसी..!

मुंबई धमाकों के 22 साल बाद याकूब अब्दुल रज्जाक मेमन को इस महीने के अंत में फांसी हो सकती है। सरकार और जेल प्रशासन ने तैयारी कर ली है और मुंबई की टाडा कोर्ट से फांसी का वारंट जारी हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक 30 जुलाई को सुबह 7 बजे फांसी दी जा सकती है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। याकूब मुंबई बम धमाकों की साजिश में शामिल था, जिसमें 257 लोग मारे गए थे, 700 से ज्यादा घायल हुए थे और 27 करोड़ से अधिक राशि की संपत्ति नष्ट हुई थी।

धमाकों से मुंबई को दहलाने वाले याकूब को जुलाई 2007  में टाडा कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद उसने हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति के पास याचिका लगाई लेकिन हर जगह उसकी याचिका ठुकरा दी गई। अब महाराष्ट्र सरकार ने भी फांसी की अनुमति दे दी है। जानकारी के अनुसार, याकूब के परिवार को भी इसकी सूचना दे दी गई है।

हालांकि अब सारे रास्ते बंद हो चुके हैं, फिर भी क्यूरेटिव याचिका का एक विकल्प याकूब के पास है। अगर समय रहते यह याचिका दायर होती है तो फांसी पर रोक लग सकती है। वैसे याकूब की स्थिति देखते हुए इसकी संभावना कम ही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उसने अपने वकील से भी मिलने से इनकार कर दिया है। हालांकि, याचिका दायर होने की स्थिति में भी उस पर 30 जुलाई से पहले फैसला हो जाएगा।

बता दें कि मुंबई बम धमाके के मामले में 123  अभियुक्त हैं जिनमें से 12 को निचली अदालत ने मौत की सज़ा सुनाई थी। इस मामले में 20 लोगों को उम्र कैद की सज़ा सुनाई गई थी जिनमें से दो की मौत हो चुकी है और उनके वारिस मुकदमा लड़ रहे हैं। इनके अलावा 68  लोगों को उम्र कैद से कम की सज़ा सुनाई गई थी जबककि 23 लोगों को निर्दोष माना गया था। जानकारी देते चलें कि 12 मार्च 1993 को मुंबई में एक के बाद एक बारह बम धमाके हुए थे। यह पहला मौका था, जब देश ने सीरियल बम ब्लास्ट के दंश को झेला था। इसी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सेंज की 28  मंज़िला इमारत की बेसमेंट में भी धमाका हुआ जिसमें लगभग 50 लोग मारे गए थे ।

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