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साईं बाबा की दिव्य-देवप्रतिमा की स्थापना एवं लक्ष्मीवती पुस्तकालय का उद्घाटन

इसी जिले के कुमारखंड प्रखंड का एक गांव है टेंगराहा, जहां गरीबों के मसीहा समाजवादी चिंतक बाबू भूपेन्द्र नारायण मंडल ने अंतिम सांस ली थी और हाल-फिलहाल उसी धरती के बेटे आदित्य आनंद ने आइ.ए.एस. करके इलाके को गौरवान्वित किया है | वहीँ के “देवेन्द्र धाम” में समाजसेवी, प्रखर साईं भक्त व शिक्षाविद परिवार के अग्रज दिगंबर प्रसाद यादव एंड ब्रदर्स द्वारा संयुक्त रुप से श्रद्धा एवं सबूरी के प्रतीक शिर्डी के साईं बाबा की भव्य-दिव्य  देवप्रतिमा की स्थापना एवं अलौकिक प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम स्वामी दुर्गानंद सरस्वती के मंत्रोचार व पूर्णिया से आये समस्त-समर्पित साईं भक्तों सहित उपस्थित सुधिजनों के दरमियान भजन-कीर्तन के बीच संपन्न हुआ |

बाबा साईं के प्रिय ‘प्रसाद’ पाने के बाद सभी शिक्षाविदों एवं सुधि जनों के अगणित पग चल पडे “लक्ष्मीवती पुस्तकालय” के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होने | यहाँ यह भी जान लेना मौजूँ होगा कि हाल ही में माउंटेन मैन दशरथ मांझी सरीखे हिम्मतवाले इसी धरती के सपूत शिवनाथ यादव ने अपनी माताश्री स्मृतिशेष उमदावती की माँ बैकुंठवासिनी लक्ष्मीवती (यानि नानीश्री) की स्मृति में “लक्ष्मीवती  पुस्तकालय” का दिलोजान से निर्माण किया है |

पुस्तकालय उद्घाटनकर्ता विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा ने विस्तार से पुस्तकालय की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लक्ष्मीवती पुस्तकालय इस इलाके के विकास में मील का पत्थर साबित होगा | मुख्य अतिथि की भूमिका का निर्वहन करते हुए शिक्षाविद साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने उपस्थित विद्वतमण्डली से कहा कि अच्छी पुस्तकें ज्ञान का भंडार होती हैं तथा उन्हें पढ़ने से जीवन की दिशा बदल सकती है | उन्होंने भारतरत्न डॉ.कलाम एवं नोबेल पुरस्कार प्राप्त डॉ.ए.कैरौल की कई पुस्तकों की चर्चा भी की | डॉ.मधेपुरी ने युवा वर्गों से यही कहा कि पुस्तक ज्ञान का सागर है तथा उनका अध्ययन कर आप ज्ञान अर्जित कर ऊंचाई प्राप्त कर सकते हैं |

यह भी बता दें कि इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने कहा कि साईं बाबा आध्यात्मिक गुरु हैं जिन्हें भक्तजन संत, फकीर, सद्गुरु, व मुरशीद भी कहते हैं | साईं बाबा भक्तों को “डिवाइन कांशसनेस” के रास्ते पर चलना सिखाते हैं |

अध्यक्षता करते हुए पूर्व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव एवं वयोवृद्ध समाजसेवी दीनेश प्रसाद यादव ने कहा कि कल तक जो गाँव बदनाम था वही गांव आज अपने दाग को तेजी से धोकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है |

समारोह में भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में महाविद्यालय निरीक्षक एवं कुलसचिव रह चुके प्रो.वीरेंद्र प्रसाद मंडल, अवकाश प्राप्त शिक्षक महेंद्र प्रसाद यादव, इंजीनियर सत्येंद्र कुमार, इंजीनियर चन्दन कुमार, मुखिया अरविन्द कुमार, जयप्रकाश यादव, ओमप्रकाश यादव, इंजीनियर ब्रह्मानंद मंडल, पंचायत समिति सदस्य माँगो देवी, डॉ.अमोल राय, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.विजय कुमार, डॉ.किशोर कुमार, सुशील कुमार यादव, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.विजेंद्र कुमार आदि गण्यमान्य अंत तक विराजमान रहे |

अंत में लक्ष्मीवती पुस्तकालय के प्राण-प्रतिष्ठापक व निर्माता शिवनाथ यादव ने उपस्थित सभी जनों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापन किया तथा इस मरुभूमि पर जो ज्ञान का पौधा ‘लक्ष्मीवती पुस्तकालय’ लगाया है उसे सींचते रहने हेतु युवाजनों का आह्वान किया |

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इंसानियत का पैगाम है रमजान ! सबको मुबारक हो ईद !!

इस्लाम में रमजान का महीना सर्वाधिक मुबारक माना जाता है क्योंकि इसी महीने में अल्लाह-तआला ने तमाम इंसान की रहनुमाई के लिए अपनी सबसे मुकद्दस किताब “कुरआन-ए-मजीद” को नाजिल किया था | रमजान के महीने में रोजा रखना हर मुसलमान पर फर्ज करार दिया गया, यानी सभी मुसलमान रमजानुल मुबारक के पूरे माह के दौरान भूखे-प्यासे रहने के बाद ईद जैसी नेअमत से सरफराज होते हैं | तभी तो आज 7 जुलाई 2016 को हर्षोल्लास के साथ चतुर्दिक ईद मनाई जा रही है | बीते रात क्या अमीर, क्या गरीब, सभी ईद की खरीदारी में मस्त दिखे, व्यस्त दिखे |

Eid Nawaj at Eidgaah Madhepura.
Delivering Eid Namaz at Eidgaah Madhepura this pleasant morning .

यहां यह भी जान लेना बेहद जरूरी है कि रमजान के पाक माह के 30 दिनों को तीन आसारे में बांटा गया है | पहले 10 को रहमत व बरकत के लिए एवं दूसरे 10 दिनों मगफिरत के लिए तथा आखरी के 10 दिनों को जहन्नुम से छुटकारा पाने के लिए बांटा गया है |

Huge Crowd after Eid Nawaj at Eidgaah Madhepura
Huge Crowd coming out after Eid Namaz at Eidgaah Madhepura

हां ! इस तीसरे और अंतिम आसारे में रोजेदार को गुनाहों की माफी मिलनी शुरू हो जाती है | बता दें कि इस महीने में 1-1 फर्ज का सबाब 70 गुणा कर दिया जाता है | रोजा ही एक ऐसी इबादत है कि अल्लाह खुद उसके बदले बहुत कुछ देता है | पाक़ दिल से मांगी गई दुआएं भी कबूल होती हैं |

From Left to Right- Vidhan Parshad Vijay Kumar Verma, Dr.Madhepuri, Samajsevi Shaukat Ali, MLA Prof.Ramesh Rishidev and Ex-MLA Parmeshwari Parshad Nirala wishing Eid Mubarak at Eidgaah Madhepura.
From Left to Right- Vidhan Parshad Vijay Kumar Verma, Dr.Madhepuri, Shaukat Ali, MLA Prof.Ramesh Rishidev and Ex-MLA Prameshwari Parsad Nirala wishing Eid Mubarak at Eidgaah Madhepura.

और खास बात यह भी जानें कि आखिरी आसारे की पाक पांच रातों में से किसी एक रात को शब-ए-कद्र करार दिया जाता है जिस घड़ी जागकर यदि कोई रोजेदार खुद को अल्लाह-तआला में मसगुल कर ले तो उसकी मुराद पूरी हो जाती है |

शाम में चांद देखने के बाद 7 जुलाई के सुबह ईदगाह में नमाज पढ़ने के लिए रोजेदारों की भीड़ लगी रही | समापन के बाद सभी धर्मों के लोग रोजेदारों से गले मिलकर ईद मुबारक करते रहे तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग उस क्षण को कैमरे में कैद करते रहे |

इसी बीच अचानक जिले के डायनेमिक डी.एम.  मो.सोहैल भी सामने मीडिया मैन से घिरे दिखे- सबसे ईद मुबारक करते हुए, गले मिलते हुए…| इस अवसर पर अनेक लोग अपने मोबाइल में फोटो उठाते नजर आते रहे, उस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाते रहे |

Samajsevi Md.Shaukat Ali, Madhepura SHO Manish Kumar and Samajsevi Sahityakaar Dr.Bhupendra Madhepuri at Eidgaah
Samajsevi Md.Shaukat Ali, Madhepura Thanadhyaksh Manish Kumar and Samajsevi Sahityakaar Dr.Bhupendra Madhepuri at Eidgaah

अंत तक सिंहेश्वर के विधायक प्रो.रमेश ऋषिदेव, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, नगर परिषद के मुख्य पार्षद डॉ.विशाल कुमार बबलू, नगर के जनसेवी पार्षद ध्यानी यादव, जिला जदयू अध्यक्ष प्रो.विजेन्द्र नारायण यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र प्रसाद सिंह, डॉ.अरुण कुमार, प्रवीण कुमार पारो आदि अपनी उपस्थिति बनाये रखे |

पूरे एपिशोड में मज़ेदार बातें तो ये रही कि वहां सभी मांगनेवाले ही पहुंचे थे | जहां सभी रोजेदार ईदगाह के अंदर झुककर खुदा से दुआएं मांग रहे थे वही बाहर में भिखारी रोजेदारों से पैसे- इसलिए कि ईद के नमाज के बाद जकात (वार्षिक आमदनी का 40 वां भाग) बांटने की परंपरा सदा से चली आ रही है |

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विकास के लिए व्याकुल डीएम

डीआरडीए के झल्लू बाबू सभागार में डीडीसी मिथिलेश कुमार की उपस्थिति में डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा नवनिर्वाचित जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी एवं उपाध्यक्ष रघुनंदन दास (अधिवक्ता) को सत्य व निष्ठा के साथ शपथ दिलाने के बाद क्षेत्र की नली-गली और शौचालय निर्माण को प्राथमिकता देकर जिले के विकास में योगदान निभाये जाने की सलाहियत देना या फिर जिले के दूर-सुदूर गांवों में एएनएम ट्रेनिंग कॉलेज, पारामेडिकल, आईटीआई आदि-आदि आरंभ कराने या फिर विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री के लिए किसानों से जमीन मुहैया कराने में दिन-रात लगे रहकर काम आरंभ कराने अथवा जिले के गांवों को शहर जैसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए भारत एवं बाहर के 65 निवेशकों को आमंत्रण देकर बुलाना और उनके लिए जमीन उपलब्ध कराने हेतु छोटे-बड़े जमीन मालिकों जैसे मुरहों के डॉ.अरुण कुमार मंडल, प्रो.प्रभाष चंद्र यादव, साहूगढ़ के के.बी.यादव, टेंगराहा के प्रो.श्यामल किशोर यादव, मधेपुरा के डॉ.मधेपुरी व नरेंद्र नारायण निराला, सिंघेश्वर के हरि टेकरीवाल आदि के साथ उसी झल्लू बाबू सभागार में 4 जुलाई 2016  यानी रमजान के महीने में 5:00 बजे शाम में विमर्श करने को डी.एम. मो.सोहैल के विकास के लिए व्याकुलता नहीं तो और क्या कहेंगे |

DM Md.Sohail discussing with L&T authorities regarding quick consruction of Karpuri Medical College buildings at the new campus of B.N.M.U Madhepura.
DM Md.Sohail discussing with L&T authorities regarding quick consruction of Karpuri Medical College buildings at the new campus of B.N.M.U Madhepura.

हाल ही में डी.एम.मो.सोहैल भूपेंद्र नारायण मंडल विश्व विद्यालय परिसर में बन रहे कर्पूरी मेडिकल कॉलेज को अगले मार्च तक पूरा कर हस्तांतरित करने के निमित्त एक समीक्षात्मक बैठक बुलाई और एल एण्ड टी कंपनी के सभी जवाबदेह पदाधिकारियों से यही जाना कि ढाई हजार मजदूर चाहिए लेकिन प्रतिदिन 1000 मजदूर उपलब्ध हो रहे हैं यह जानकर डी.एम.  मो.सोहैल ने लेबर विभाग के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क करने में जुट गए और समाधान निकाल ही लिए  |

चाहे खेल का मैदान हो या फिर महिलाओं के विभिन्न संगठनों का ट्रेनिंग कैंप अथवा शिक्षक अधिकारियों की कोई बैठक ही क्यों ना हो डी.एम.  मो.सोहैल सभी प्रशिक्षुओं, शिक्षकों एवं अधिकारियों से विकास में योगदान देने की अपील कर ही देते हैं और उन्हें स्वस्थ, स्वच्छ एवं सुंदर मधेपुरा बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत की चंद बातें बोल ही देते हैं |

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‘ओपन विंग फाउंडेशन’ द्वारा कार्यक्रम आयोजित

प्रखंड मधेपुरा के ‘सुखासन’ ग्राम पंचायत अंतर्गत वार्ड न.-9 (मुरलीधाम) में ‘ओपन विंग फाउंडेशन’ की ओर से “नशामुक्ति: सुनहरे भविष्य की आधारशिला” विषय पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की अध्यक्षता में गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें सुखासन-चकला के ग्रामीणों और मधेपुरा के बुद्धिजीवियों ने अधिकाधिक संख्या में भाग लिया |

पावस के सुहावने फुहारों के बीच सर्वप्रथम फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ.शांति यादव एवं संचालक डेंटल सर्जन डॉ.नीरव निशांत द्वारा-उद्घाटनकर्ता जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, अध्यक्षता कर रहे डॉ.मधेपुरी, शिक्षाविद् ज्योतिषाचार्य ब्रजमोहन सिंह उर्फ़ लालबाबा, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार मंडल, डी.एस.पी.  मुख्यालय योगेंद्र नारायण सिंह, स्काउट एंड गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी बद्री नारायण मंडल आदि अतिथियों का फूल मालाओं आदि के साथ स्वागत किया गया | लगे हाथ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया तथा अतिथियों व उपस्थित जनों द्वारा ‘डॉ.मुरलीधर’ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा शिक्षक रामनारायण यादव द्वारा उनके जीवन वृत्त का वाचन किया गया |

उद्घाटनकर्ता जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी ने अपने उद्घाटन भाषण में नशा मुक्ति, मेधावी छात्रों को मुरलीधर मेमोरियल अवार्ड तथा उनके नाम द्वार की स्थापना आदि की चर्चा करते हुए यही कहा कि प्रगतिशील गांव की यही निशानी है |

शिक्षाविद् ब्रज मोहन सिंह एवं कई संगठनों की अध्यक्षा रही डॉ.शांति यादव ने ग्रामीण परिवेश के प्रतिभा संपन्न छात्र-छात्राओं के लिए ओपन विंग फाउंडेशन की आवश्यकता एवं उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की | समाजसेवी डॉ.अरुण कुमार मंडल, डी.एस.पी. योगेंद्र नारायण सिंह एवं मंच संचालक जय कृष्ण यादव एवं शिक्षक रघुनाथ प्रसाद यादव, रामानंद यादव आदि ने अपना उद्गार व्यक्त करते हुए आयोजित कार्यक्रमों की सराहना की |

दूसरे सत्र में जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री मंडल, लालबाबा, डी.एस.पी. मुख्यालय,  डॉ.शांति यादव एवं डॉ.मधेपुरी द्वारा पांच सर्वाधिक अंकप्राप्त छात्र-छात्राओं को मोमेंटो-मानपत्र के साथ 1000रु. की राशि, डॉ.नीरव निशांत के सौजन्य से, दी गई | इसी बीच जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी द्वारा “डॉ.मुरलीधर यादव” गेट का शिलान्यास किया गया |

Intermediate District Topper- 2106 Ms.Mayuree receiving Prize & Honour from Physics Stalwart Dr.Bhupendra Madhepuri.
Intermediate District Topper- 2016 Ms.Mayuree receiving Prize & Honour from Physics Stalwart Dr.Bhupendra Madhepuri.

अंत में अपने अध्यक्षीय भाषण में साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने कहा कि गांव ही तो असली हिंदुस्तान है-जहाँ टूटे-फूटे कुल कच्चे घर होते हैं | खेतों में हल चलते हैं…..| वहां के बच्चे खूब पढे, आगे बढे और पुरस्कृत होनेवाली छात्रा “मयूरी” बने- यही कामनाएं और शुभकामनाएं उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को दी और संदेशस्वरूप यही कहा-

“परिंदों को नहीं दी जाती, तालीम उड़ानों की |
वो खुद ही तय करते हैं, मंजिले आसमानों की….||”

मौके पर सेवानिवृत्त शिक्षक उमाशंकर, मकेश्वर प्रसाद, अरविंद कुमार-रामचंद्र प्रसाद, सत्यनारायण यादव तथा ग्रामीण जनार्दन यादव, जगदीश यादव, मुस्तकीम, मोहन ऋषिदेव आदि अन्त तक अपनी गरिमामयी उपस्थिति बनाये रखे | अंत में पंचायत के मुखिया जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया |

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भू.ना. मंडल वि.वि. का दीक्षांत समारोह पहली बार हुआ संपन्न

भू.ना. मंडल विश्वविद्यालय की स्थापना के लगभग 25 वर्ष के दरमियान पहली बार आयोजित दीक्षांत समारोह भले ही समाजवादी मनीषी भूपेन्द्र बाबू की पुण्य तिथि 29 मई के एक महीने बाद 29 जून (बुधवार) को संपन्न हुआ  जिसमें शिरकत करने पहुंचे- बिहार के महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति रामनाथ कोविंद और प्रदेश के प्रखर एवं प्रगतिशील सोच व संकल्पवाले शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी | भिन्न-भिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिकुलपतियों, कुलपतियों और मान्यजनों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को और भी यादगार बना दिया- जो विश्वविद्यालय के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में सदैव अंकित रहेगा |

बता दें कि जिले के डायनेमिक डी.एम.  मो.सोहैल व अनुभवी एसपी विकास कुमार की चुस्त-दुरुस्त टीम की फुल-प्रूफ सुरक्षा व्यवस्था एवं विश्वविद्यालय द्वारा रेड कार्पेट व फूलों की सजावट के बीच महामहिम कुलाधिपति को सूफी संत दौराम शाह की पुण्य भूमि पर सर्वप्रथम “गार्ड ऑफ ऑनर” दिया गया |

विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश के साथ ही सर्वप्रथम कुलाधिपति, शिक्षा मंत्री सहित गणमान्यों द्वारा भूपेन्द्र बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया | आगे कुलाधिपति की शोभायात्रा में बेदपाठी बालक-बालिकाओं द्वारा पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया गया |

छात्र-छात्राओं के रंग-बिरंगे गाउन एवं उनके चेहरे पर विद्यमान उत्साह और उमंग के भाव भरे मनोरम नजारे पेश कर रहे ऑडिटोरियम में महामहिम कुलाधिपति एवं शिक्षा मंत्री सहित कुलपति डॉ.विनोद कुमार-प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा एवं कुलाधिपति के मुख्य सचिव बाला प्रसाद व अन्य अतिथियों का स्वागत बुके एवं मोमेंटो देकर किए जाने से पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत प्रो.रीता कुमारी ने रमेश झा की छात्राओं के साथ ‘राष्ट्रगान’ से की |

फिर मिनट-टू-मिनट कार्यक्रमानुसार पंचदीप प्रज्वलित होते ही विश्वविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति की गयी | कुलाधिपति का स्वागत करते हुए कुलपति ने कहा कि महामहिम के आने से विश्वविद्यालय परिक्षेत्र में नवजीवन संचरित होने लगा है |

महामहिम कुलाधिपति ने कहा कि बिहार में शिक्षा की गौरवशाली परंपरा रही है | उन्होंने आर्यभट्ट, आइंस्टीन, डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के अस्तित्व के 800 वर्षों में एक भी ऐसी घटना नहीं हुई कि किसी छात्र को नैतिक अपराध के लिए दंडित किया गया हो | नैतिक शिक्षा व कौशल विकास को विश्वविद्यालय कोर्स में शामिल करने पर बल दिया गया | उन्होंने गुरु-शिष्य की गौरवशाली परंपरा को कायम रखने के लिए प्रेरित किया तथा छात्र को विश्वविद्यालय, समाज एवं राष्ट्र की संपदा कहा |

Education Minister Dr.Ashok Choudhary paying tribute to the statue of Great Samajwadi Bhupendra Narayan Mandal at B.N.Mandal University Campus Madhepura .
Education Minister Dr.Ashok Choudhary paying tribute to the statue of Great Samajwadi  Chintak Bhupendra Narayan Mandal at B.N.Mandal University Campus Madhepura .

वहीँ समारोह को संबोधित  करते हुए शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार की शिक्षा सदा से गौरवशाली रही है लेकिन कुछ शिक्षा माफिया इसे कलंकित करने में लगे हैं जिसे ऑपरेशन क्लीन के तहत सुधार कर लिया जाएगा | इस ओर पूरा तंत्र लगा हुआ है, सुधार हो भी रहा है |

यह भी बता दें कि इस बार 240 छात्रों को डिग्रियां मिली जिनके 19 टॉपर्स ही सौभाग्यशाली निकले जिन्हें महामहिम के हाथों डिग्रियाँ प्राप्त हुई | कार्यक्रम में सीनेट-सिंडीकेट के सदस्य एम.एल.सी.  डॉ.संजीव कुमार सिंह, विधायक प्रो.रमेश ऋषिदेव, विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव आदि अंत तक मौजूद रहे | समारोह की सफलता में सबों का सहयोग रहा परंतु डॉ.शैलेंद्र कुमार, डॉ.बी.एन.विवेका, शम्भू ना. यादव, राजीव कुमार आदि की चर्चा आम रही |

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कठिन संघर्ष के बाद मंजू देवी बनी जिला परिषद अध्यक्ष

राजनीति व जनसेवा के क्षेत्र में मधेपुरा की धरती काफी उर्वरा है | आजादी के तुरंत बाद एक दम्पति- जे.बी.कृपलानी व उनकी धर्मपत्नी सुचेता कृपलानी- इसी मधेपुरा एवं अन्य क्षेत्र से एम.पी. बने थे तो हाल में दूसरा- दंपत्ति राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव व उनकी धर्मपत्नी रंजीता रंजन वर्तमान में दोनों एम.पी. हैं | और आज की तारीख में एक तीसरा दंपत्ति- पति प्रकाश नारायण यादव, मार्केटिंग ऑफिसर के पद से सेवानिवृत होकर जहां बिहारीगंज पूर्वी से मधेपुरा जिला परिषद सदस्य बने वहीं उनकी धर्मपत्नी मंजू देवी नये क्षेत्र कुमारखंड दक्षिणी से प्रचंड विरोध के बावजूद केवल जिला परिषद सदस्य ही नहीं बल्कि उनके माथे दोबारा जिला परिषद अध्यक्ष का ताज भी सजा |

अध्यक्ष पति प्रकाश नारायण ने मधेपुरा अबतक को बताया कि यह जीत चार विधानसभा वाले मधेपुरा जिले की समस्त जनता की जीत है | यह भी जानिये कि इस दंपत्ति का पूरा परिवार पंचायत से लेकर नगर निकाय के विभिन्न पदों पर अभी भी काबिज है | यह भी बता दें कि जहां जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी के छोटे बेटे श्वेत कमल उर्फ बौआजी जिला योजना समिति के सदस्य के साथ-साथ मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड पार्षद भी हैं, वहीँ बड़ी पुत्रबधू सर्जना सिद्धि वहीं के मुख्य पार्षद हैं | और यह भी कि कभी राजद के जिला अध्यक्ष रह चुके वरिष्ठ कद्दावर नेता जगदीश प्र.यादव वर्तमान में राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं- जो जिला परिषद् अध्यक्ष मंजू देवी के श्वसुर हैं |

यह भी बता दें कि सारे समीकरणों, विरोधों एवं रुकावटों को धता बताते हुए मंजू देवी ने इस जिला परिषद चुनाव में कड़े मुकाबले के बावजूद 12 मत बटोर कर मात्र एक वोट से जीत दर्ज कर ही ली और दोबारा जिला परिषद अध्यक्ष बन ही गई, जबकि संपन्न चुनाव में पूर्व के तीन जिला परिषद अध्यक्षा नीतू सिंह, मिलन देवी एवं सुनीला देवी बुरी तरह चुनाव हार गई हैं |

मधेपुरा जिला मुख्यालय के समाहरणालय सभा कक्ष में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी मो.सोहैल एवं एस.पी.विकास कुमार के चाक-चौबंद पुलिसिया सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए रोचक चुनावों में मंजू देवी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी डिंपल देवी को 1 वोट से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की तथा दोबारा इतिहास रचने में कामयाब हुई | बतादें कि जहां मंजू को 12 मत प्राप्त हुए वहीं डिंपल देवी 11 मत प्राप्त कर हार को गले लगा ली |

मधेपुरा के डी.एम. मो.सोहैल ने मंजू देवी को जहां जिला परिषद के 23 सदस्यों के बीच का प्रमाण-पत्र हस्तगत कराया वहीं जिला परिषद उपाध्यक्ष के रूप में विजयी रघुनंदन दास (अधिवक्ता) को जीत का सेहरा बांध दिया | यह जान लें कि रघुनंदन दास जहां सारे समीकरणों को ध्वस्त करते हुए 15 मत प्राप्त किये वहीं प्रतिद्वंदी अभिलाषा कुमारी को मात्र 8 मत मिले | रिजल्ट के बाद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने पदभार ग्रहण कर विकास को जारी रखने का संकल्प लिया |

Dr.Madhepuri presenting Bouquet to Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and thanks to Prakash Narayan, Member Zila Parishad for grand victory.
Dr.Madhepuri presenting Bouquet to Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and thanks to Prakash Narayan, Member Zila Parishad for grand victory.

यह भी बता दें कि समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने एक वर्ष पूर्व नगर परिषद के मुख्य पार्षद डॉ.विशाल कुमार बबलू की उपस्थिति में “शहीद चुल्हाय मार्ग” का उद्घाटन जिस जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी से कराया था, पुनः उन्हीं की जीत पर बधाई देने पहुंचे डॉ.मधेपुरी ने शहर के विकास के साथ-साथ “कुदरतुल्लाह मार्ग” के उद्घाटन की भी चर्चा की | डॉ.मधेपुरी ने जिला परिषद अध्यक्ष पति प्रकाश नारायण को भी जीत की बधाई दी |

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एस.पी.विकास कुमार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नशाविमुक्तिकरण दिवस आयोजित

एस.पी.विकास कुमार के सौजन्य से मधेपुरा कॉलेज के सभागार में रविवार को “पहली बार में ही युवा नशा को कहे ना” पर संगोष्ठी आयोजित की गई जिसमें पुलिस पदाधिकारियों के अतिरिक्त छात्रों, शिक्षकों एवं शहर के बुद्धिजीवियों की अच्छी खासी उपस्थिति रही |

कार्यक्रम का श्रीगणेश उद्घाटनकर्ता एस.पी.विकास कुमार, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, मो.शौकत अली, निदेशक किशोर कुमार, ए.एस.पी.राजेश कुमार व डॉ.आलोक कुमार प्राचार्य ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर किया | कबल इसके डी.एस.पी.योगेंद्र प्रसाद व अन्य पुलिस पदाधिकारीगण बुके देकर अतिथियों का स्वागत किया | कार्यक्रम की अध्यक्षता ए.एस.पी.राजेश कुमार ने की |

समारोह को संबोधित करते हुए उद्घाटनकर्ता अनुभवी एवं जानदार एस.पी.विकास कुमार ने कहा कि सबों के सहयोग से ही पूर्ण नशाविमुक्त समाज संभव है | पुलिस को तो हर हाल में कानून का पालन करना ही है | उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्हें नशे की लत से दूर होने की अपील की तथा नेक इंसान बनकर देश को आगे बढ़ाने में बहुमूल्य योगदान देते रहने की सीख दी |

आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हुई रचना-धर्मी पूर्व प्राचार्या डॉ.शांति यादव ने विस्तार से स्वर्ग की अवधारणा के साथ सुरा और सुंदरी की चर्चा करते हुए कहा कि ऐसे समाज को नशाविमुक्त करना सर्वाधिक कठिन कार्य है | उन्होंने इस दिशा में सरकार और प्रशासन के सहयोगात्मक रवैये की सराहना भी की |

प्राचार्य द्वय डॉ.अशोक कुमार एवं डॉ.आलोक कुमार ने कहा कि बिहार नशाविमुक्ति को लेकर देश को दिशा देने का काम करेगा तथा नशा को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज को कृत संकल्पित होना पड़ेगा |

समाजसेवी मो.शौकत अली, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर कुमार एवं मुख्यालय डी.एस.पी.योगेंद्र प्रसाद आदि ने इस बाबत उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि कुर्बानियों के बाद आजादी मिली है | बच्चे ही देश का भविष्य हैं | वे ही नशा मुक्त हो जाए तो पूरी पीढ़ी संभल जाएगी |

प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का प्रतिनिधित्व करते हुए सुलझे सोच के नेक इंसान एवं विद्यावान ब्यूरोचीफ रुपेश कुमार (प्रभात खबर) ने युवाओं को उदाहरण के साथ नशाविमुक्ति के बाबत ढेर सारी बातों को स्पष्ट करते हुए- आदत एवं लत में बारीक अंतर बताकर यही कहा कि युवाओं को राष्ट्रहित में दृढ़ संकल्पित होकर सदा के लिए नशे को ना कहना होगा |

Dr.Bhupendra Madhepuri delivering speech on "Antar-Rashtriya Nashavimuktikarn Diwas" at Madhepura College Hall , Madhepura.
Dr.Bhupendra Madhepuri delivering speech on “Antar-Rashtriya Nashavimuktikaran Diwas” at Madhepura College Hall , Madhepura.

वहीं साहित्यकार समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विस्तार से महात्मा गांधी, अब्राहम लिंकन एवं भारत रत्न डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए युवाओं से यही कहा कि नशा व्यक्ति की रचनात्मकता एवं संवेदनशीलता को तेजी से समाप्त करने लगती है | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि युवा अपने अंदर काम करने की नशा को कायम रखे, ना कि नशे की गिरफ्त में आकर पतन की खाई की ओर कदम बढ़ाते चले …… |

कार्यक्रम का सफल संचालन हर्षवर्धन सिंह राठौर ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन गौतम कुमार ने | मौके पर सदर थानाध्यक्ष मनीष कुमार, जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार, मेजर मो.अली, मनोज भटनागर, डॉ. मो.मुस्ताक अहमद, सुभाष चंद्रा, संदीप शांडिल्य, राहुल यादव, भगवान झा सहित अन्य माननीय अंत तक मौजूद रहे |

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डी.एम. मो.सोहैल की अध्यक्षता में खेल प्रतियोगिताएं

बालक-बालिकाओं के जिला स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं का आगाज 13 जुलाई से मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो. सोहैल की अध्यक्षता में होने जा रहा है | बालक-बालिकाओं की ये प्रतियोगिताएं दो चरणों में 30 सितंबर तक चलेगी |

यह जानें कि प्रथम चरण में 13 जुलाई से लगातार 16 जुलाई तक एथेलेटिक्स, टेबुल टेनिस, कबड्डी, खो-खो,  वॉलीबॉल, शतरंज, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे आदि होगा और द्वितीय चरण में 28 और 30 सितंबर को क्रमशः बीनू माकंड क्रिकेट एवं सीके नायडू क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी |

यह भी बता दें कि बालक-बालिकाओं के खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर पिछले दिनों जिला पदाधिकारी मो.सोहैल की अध्यक्षता में पुलिस कप्तान विकास कुमार, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला सहित प्रायः खेल प्रेमी, +2 के प्राचार्य व फिजिकल टीचर्स, सभी खेल संघ के अध्यक्ष-सचिव एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है | ऐसे खेल आयोजनों में खेल को समर्पित संत कुमार, अरुण कुमार और स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव आदि की उपस्थिति अनिवार्य रूप से रहती ही है |

तत्काल यह जान लें कि बालिकाओं के लिए 15 जुलाई को एथेलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो एवं बैडमिंटन निर्धारित है तथा 16 जुलाई को टेबुल टेनिस | बालकों के लिए एथेलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, शतरंज, फुटबॉल और क्रिकेट क्रमशः13-15 जुलाई एवं 28 व 30 सितंबर निर्धारित है |

खेल के लिए निर्धारित किये गये स्थान भी जान लें- बी.एन.मंडल स्टेडियम, एस.एन.पी.एम विद्यालय, बी.पी. मंडल नगर भवन, टी.पी.कॉलेज एवं संत अवध बिहारी इंटर कॉलेज | कौन खेल कहां और कब से आरंभ होगा इसकी विस्तृत जानकारी तथा खिलाड़ी कहाँ ठहरेंगे- ये सब अपने-अपने स्कूल के खेल-प्रभारी से खिलाड़ी जान लेंगे |

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कुलपति डॉ.विनोद कुमार के कार्यकाल में दीक्षांत समारोह का प्रथम आयोजन

भू.ना.मंडल वि.वि. मधेपुरा के 25 वें वर्ष के दरमियान विद्वान व प्रगतिशील कुलपति डॉ.विनोद कुमार के कार्यकाल में पहली बार विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन 29 जून 2016 को होने जा रहा है |

दीक्षांत समारोह क्या होता है उसे यूँ समझा जा सकता है- शिक्षा ग्रहण करने वाले समस्त शिक्षार्थी अपने अध्यवसाय, कठिन परिश्रम एवं प्रतिबद्धता के बल पर सफलता प्राप्त कर खास आनंद व खुशियाली महसूसते हुए एक विशेष दिन यानि दीक्षांत समारोह के दिन शीर्षस्थ विद्या उपासक व विद्वान के हाथों डिग्री प्राप्त करते हुए इस रूप में दीक्षा ग्रहण करेंगे-

“आप सभी डिग्रीधारी अब एक सक्रिय एवं कुशल कार्यबल के हिस्से के रूप में विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रवेश करेंगे और राष्ट्र की तरक्की के लिए तकनीकी संसाधनों में योगदान करते रहेंगे…..!”

विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस प्रथम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगे माननीय कुलाधिपति सह महामहिम राज्यपाल, बिहार श्रीमन रामनाथ कोविंद तथा इस उत्कृष्ट अवसर पर विशिष्ट अतिथि होंगे बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी | प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों माननीयों के आगमन से संबंधित सहमति-पत्र विश्वविद्यालय कार्यालय को प्राप्त हो चुका है जिसकी जानकारी कुलसचिव ने मधेपुरा अबतक को दी |

बता दें कि प्रथम दीक्षांत समारोह की भव्यता को ऊंचाई देने के लिए माननीय कुलपति डॉ.विनोद कुमार, प्रति कुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा एवं कुलसचिव कुमारेश प्रसाद सिंह की देख-रेख में कई समितियां तन्मयतापूर्वक काम कर रही हैं | प्रतिदिन समितियों की बैठक में कार्यक्रम में चार चांद लगाने के लिए किए गए कार्यों की समीक्षायें की जाती हैं | विश्वविद्यालय स्थित अतिथि गृह को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है | खासकर महामहिम कुलाधिपति एवं माननीय शिक्षा मंत्री के लिए कमरा नं. 1 एवं 2 को विशेष रूप से संवारा जा रहा है |

यह भी जानना जरूरी है कि दीक्षांत समारोह स्थल विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम को बनाया गया है जिसमें 29 जून को सुबह 10:30 बजे प्रवेश के लिए आमंत्रण पत्र एवं कोई-न-कोई परिचय व पहचान-पत्र साथ में लाना अनिवार्य होगा | ऑडिटोरियम के अंदर बैग, ब्रीफकेस, कैमरा, मोबाइल फोन अथवा किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक सामान व बच्चों को साथ लाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है |

माननीय कुलपति व शीर्ष पदाधिकारियों द्वारा महामहिम कुलाधिपति के लिए मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तैयार कर लिए गए हैं | मुख्य रूप से महामहिम को हेलिपैड के पास गार्ड ऑफ ऑनर देकर विश्वविद्यालय परिसर ले आया जाएगा | दीक्षांत समारोह की समाप्ति के बाद महामहिम जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल एवं जाँवाज एस.पी. विकास कुमार की टीम की देख-रेख में जिला अतिथि गृह में कुछ देर विश्राम करेंगे- इच्छानुकूल अल्पाहार के बाद राजभवन के लिए प्रस्थान करेंगे |

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10 साल इंतजार के बाद मिली रात में एक ट्रेन

जहां कोसी के लोगों को रात में एक ट्रेन के लिए 10 साल इंतजार करना पड़ा वही संपूर्ण भारत के ट्रेन ड्राइवरों को शौचालय के लिए 160 वर्षों तक | भारत में रेल गाड़ियों के ड्राइवरों को ‘लोकोपायलट’ तो कहा जाता है परंतु उस पायलट को आज तक ट्रेन में शौचालय की बुनियादी सुविधा नसीब नहीं हो पाई |

सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के प्रयास से कोसी के लोगों को रात में एक ट्रेन क्या मिली, हरिहर नाथ एक्सप्रेस के बंद होने के बाद फिर से सुबह में हाजीपुर-पाटलिपुत्र पहुंचने का सपना पूरा हुआ |

लेकिन, उन हजारों-हजार ट्रेन-ड्राइवरों के ‘नेचुरल कॉल’ की परेशानियों को दूर करने के बाबत किसी सांसद ने क्यों नहीं प्रयास किया ? यह भी बता दूँ  कि उन्हें 8 घंटे की शिफ्ट में मात्र 10 मिनट का ब्रेक मिलता है, और ऐसा भी नहीं है कि ड्राइवर कहीं भी गाड़ी रोक कर ‘नेचुरल कॉल’ के लिए खड़े हो जाएं जैसा डेढ़ सौ वर्ष पूर्व वे ट्रेन-यात्रियों के लिए तब के नियमानुसार ट्रेन रोका करते थे | अब जाकर उन ड्राइवरों के सपने भी पूरे होंगे क्योंकि प्रत्येक इंजन में हवाई जहाज जैसे 18-20 लाख की लागत से शौचालय बनाने की सहमति केंद्र सरकार द्वारा दे दी गई है |

यह भी जानें कि जहां इस चिरप्रतीक्षित रात्रि एक्सप्रेस ट्रेन , जो सहरसा से रात्रि 11:35 में खुलकर हाजीपुर-पाटलिपुत्र होते हुए 6:15 में दानापुर पहुंचेगी और वापस दानापुर से सुबह 9:25 में चलकर अपराह्न 3:30 में सहरसा पहुंचेगी- का शुभारंभ एवं कोसी एक्सप्रेस व जानकी एक्सप्रेस के क्रमशः पूर्णिया कोर्ट व कटिहार तक का विस्तारीकरण रेल मंत्री सुरेश प्रभु रेल भवन नई दिल्ली से रिमोट दबाकर करेंगे, वहीँ सहरसा जंक्शन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे स्थानीय सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव एवं स्थानीय विधायक अरुण कुमार यादव |

यहां यह भी जान लेना जरुरी है कि सहरसा-पटना के बीच चलनेवाली कोसी एक्सप्रेस और सहरसा-जयनगर के बीच चलनेवाली जानकी एक्सप्रेस का समय व ठहराव वही रहेगा जो पहले से है |

याद कर लें कि ‘कोसी’ पटना से चलकर 10:30 बजे रात में सहरसा पहुंचेगी और 10:55 में खुलकर 11:13 बजे रात में मधेपुरा होते हुए देर रात 1:15 में पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी | पुनः वापस 2:30 बजे रात में खुल कर प्रातः 4:08 बजे मधेपुरा होते हुए 4:35 में सहरसा पहुंचकर- पूर्व के समयानुसार सुबह 5:00 बजे पटना के लिए चल देगी |

वहीं यह भी स्मरण कर लें कि जानकी सहरसा से दिन के 11:25 बजे खुलकर 11:43 बजे दिन में मधेपुरा होते हुए 2:15 बजे कटिहार पहुंचेगी | पुनः वापस 11:30 बजे रात में कटिहार से खुलकर सुबह 4:22 बजे में मधेपुरा होते हुए 5:05 बजे सहरसा पहुंचेगी |

ज्ञातव्य है कि 12 जून, 2005 को सहरसा बड़ी रेल लाइन से जुड़ा था और तब से पटना जाने वाली रात्रि ट्रेन का लोगों को इंतजार था | 11 वर्षों के इंतजार के बाद आखिर कोसी वासियों को पाटलिपुत्र एवं सीमांचल के लिए रात्रि-ट्रेन मिल ही गई |

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