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मधेपुरा बनेगा बाल विवाह व दहेज मुक्त जिला- डीएम

मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने अपने समस्त अधिकारियों-पदाधिकारियों के साथ दोनों अनुमंडलों मधेपुरा सदर एवं उदाकिशुनगंज में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बाल विवाह व दहेज प्रथा उन्मूलन हेतु अपने-अपने अनुमंडल के सभी प्रखंड क्षेत्रों के पंचायतों के पूर्व व वर्तमान सभी प्रकार के जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि दहेज प्रथा कानूनी जुर्म ही नहीं बल्कि सामाजिक बुराई भी है | मो.सोहैल ने इन कुरीतियों को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि महज कानून से ये दोनों खत्म होने वाला नहीं है बल्कि इसके लिए सबों को जागरुक होना सर्वाधिक जरूरी है |

बता दें कि दोनों अनुमंडलों के कार्यशालाओं को अलग-अलग संबोधित करते हुए डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने यही कहा कि इनसे मुक्ति पाने के लिए पंचायत प्रतिनिधिगण अपने-अपने क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा दे तथा शिक्षा पूरी होने यानि 21 वर्ष से अधिक उम्र होने के बाद ही बालिकाओं को पारिवारिक जिम्मेवारी देने की बातें बताएं |

आगे इस्लाम में भी दहेज को अपराध बताते हुए डीएम मो.सोहैल ने कार्यशाला में उपस्थित पदाधिकारियों, पंचायत जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों को आधे दर्जन से अधिक बहुमूल्य टिप्स देते हुए यही कहा-

  1. बाल विवाह व दहेज उन्मूलन को लेकर वार्ड, पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल व जिला स्तर पर निगरानी समिति का गठन किया जायेगा |
  2. प्रत्येक स्तर पर छह सदस्यीय निगरानी समिति गठित की जायेगी |
  3. बाल विवाह और दहेज प्रथा को लेकर निगरानी समिति की सूचना पर प्रशासन त्वरित कार्यवाई करेगी ||
  4. स्कूलों में लड़के और लड़कियों के लिए क्रमशः बालसखा व बालसखी बने, जो कहीं भी जाकर लोगों को नशाबंदी, बाल विवाह व दहेज प्रथा को लेकर जागरूक करे जिसके लिए बाल सखाओं को एक सौ नम्बर अतिरिक्त मिलेगा ||
  5. जिले में शुरू किये गये “बन्धन ऐप” को मोबाइल पर डाउनलोड करने वाले को ₹100 मिलेगा |
  6. अब तक बाल विवाह व दहेज को लेकर जिले के 46,000 बच्चों ने घोषणा पत्र दिया है |
  7. केशव कन्या उच्च विद्यालय की करीब 300 छात्राओं ने शादी की उम्र कम से कम 21 वर्ष निर्धारित करने को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया है, क्योंकि उच्च शिक्षा पूरी होने में कम से कम 21 वर्ष लग ही जाते हैं |

यह भी जानिए कि जहाँ भूपेन्द्र कला भवन मधेपुरा के कार्यशाला में उपस्थित एसपी विकास कुमार, डीडीसी मुकेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, डीईओ उग्रेश प्रसाद मंडल सहित पंचायत प्रतिनिधि स्वदेश कुमार, मनोज साह, अरुण कुमार यादव, अनिल अनल, राज किशोर यादव आदि ने कहा कि बाल विवाह व दहेज प्रथा जैसे सामाजिक बुराइयों को सामाजिक जागृति से ही खत्म किया जा सकता है वहीं उदाकिशुनगंज के कार्यशाला में एसडीएम एसजेड हसन, कार्यपालक दण्डाधिकरी अनिल कुमार, सीआई निजामुल हक आदि पदाधिकारीगण सहित समाजसेवी जय प्रकाश सिंह, विकास चंद्र यादव आदि ने सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति पाने के लिए सामाजिक चेतना जागृत करने की जरूरत पर बल दिया |

अंत में डीएम मो.सोहैल ने कहा कि विगत वर्ष 21 जनवरी को नशाबंदी को लेकर किये गये मानव श्रृंखला में अपने जिले को सूबे में प्रथम पंक्ति में जगह मिली थी……… इस बार प्रथम स्थान पाने के लिए हम सबों का प्रयास जारी रहेगा……!!

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 ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ से गूंज उठा 1 अणे मार्ग

1 अणे मार्ग के नेक संवाद कक्ष में जेडीयू के 22 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सातवें दिन मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और खगड़िया से आए लगभग 1200 कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) एवं राज्यसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि हमारे नेता श्री नीतीश कुमार सिर्फ वोट की राजनीति नहीं करते। और अच्छे, और बेहतर बिहार के लिए दिन-रात लगे रहना उन्हें अलग पहचान देता है। श्री सिंह के अलावे राज्यसभा सदस्य श्री हरिवंश, विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, डॉ. अमरदीप, श्री सुनील कुमार, विधानपार्षद प्रो. रणवीर नंदन, विधानपार्षद श्री नीरज कुमार एवं डॉ. सुहेली मेहता ने भी कार्यकर्ताओं से अलग-अलग विषयों पर संवाद किया।

इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शराबबंदी, दहेजबंदी, बालविवाह पर रोक जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता को अपने नेता के इन संकल्पों को घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चलना होगा। उन्होंने चारों जिलों से आए कार्यकर्ताओं से कहा कि श्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर 21 जनवरी 2018 को दहेजप्रथा और बालविवाह के विरोध में मानव-श्रृंखला का आह्वान किया है और इस बार पिछले रिकॉर्ड को भी तोड़ देना है।

इस अवसर पर पार्टी की विचारधारा पर बोलते हुए राज्यसभा सदस्य श्री हरिवंश ने कहा कि वर्तमान में जेपी आंदोलन के एकमात्र नैतिक चेहरा श्री नीतीश कुमार हैं। उन्होंने कहा कि जेडीयू में सामान्य आदमी भी उतने ही हिस्सेदार हैं, जितने अन्य लोग। वहीं सामाजिक सद्भाव विषय पर बोलते हुए विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय ने कहा कि श्री नीतीश कुमार समाज के सभी समुदायों को साथ लेकर चलने में यकीन करते हैं और यही वो चीज है जो टिकाऊ विकास को सुनिश्चित करती है।

कार्यकर्ताओं के आधुनिक संचार माध्यमों से लैस होने की जरूरत पर बल देते हुए डॉ. अमरदीप ने कहा कि पार्टी इस दिशा में दिन-रात काम कर रही है और नए साल में पार्टी का अत्याधुनिक वेब पोर्टल लॉन्च हो रहा है, जिस पर अन्य सुविधाओं के साथ पार्टी की वेब मैगजीन भी उपलब्ध होगी। डॉ. अमरदीप ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दो उद्देश्य हैं – पहला, पार्टी के विचारों और नीतियों से स्वयं को तराशना और दूसरा स्वयं में श्री नीतीश कुमार को तलाशना। बता दें कि इस अवसर पर सुनाई गई उनकी कविता ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ सुनकर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं की मांग पर उन्हें अपनी ये कविता कई बार सुनानी पड़ी। ज्यादातर कार्यकर्ता उनकी कविता नोट करते देखे गए। यहीं नहीं लोगों ने उनके साथ ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ का नारा भी बुलन्द किया।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य विशिष्ट लोगों में विधानपार्षद श्री संजय कुमार सिंह (गांधीजी), विधानपार्षद श्री ललन सर्राफ, विधायक श्री निरंजन कुमार मेहता, पूर्व मंत्री श्री करुणेश्वर सिंह, पार्टी के मुख्यालय प्रभारी व महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य, श्री अनिल कुमार, पार्टी प्रवक्ता श्री राजीव रंजन प्रसाद, श्री निखिल मंडल, श्री अरविन्द निषाद, पंचायती राज प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वास एवं विधि प्रकोष्ठ की प्रधान महासचिव सुश्री अंजुम आरा प्रमुख हैं। चारों जिलों के अध्यक्ष भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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गुजरात में छठी बार भाजपा सरकार !

गुजरात चुनाव को लेकर की गई बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भविष्यवाणी सच होती दिख रही है। जी हां, इंडिया टीवी-वीएमआर (वोटर्समूड रिसर्च) के सर्वे के मुताबिक गुजरात में फिर से भाजपा की बहुमत वाली सरकार बनती नजर आ रही है। ओपिनियन पोल के मुताबिक 182 सदस्यों वाले गुजरात विधानसभा में भाजपा को 111 सीटें मिलेंगी, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की झोली में कुल 68 सीटें जा सकती हैं। अन्य दलों के खाते में तीन सीटें जाने का अनुमान है।

बता दें कि 2012 के गुजरात विधान सभा चुनाव में बीजेपी को 116 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस को 60 और अन्य को 6 सीटें मिली थीं। इस बार भी परिणाम इसी के इर्द-गिर्द रहने का अनुमान है। सर्वे में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि भाजपा गुजरात में छठी बार सरकार बनाएगी। सर्वे के मुताबिक भाजपा को कुल 45 प्रतिशत वोट मिलने के आसार हैं, जबकि कांग्रेस को 40 प्रतिशत और अन्य दलों को 15 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है।

क्षेत्रवार विस्तार में जाएं तो इंडिया टीवी के ओपिनियन पोल के मुताबिक सौराष्ट्र-कच्छ की कुल 54 सीटों पर भाजपा को 44 प्रतिशत और कांग्रेस को 41 प्रतिशत वोट मिलने के आसार हैं। मध्य गुजरात में भाजपा को 46 प्रतिशत और कांग्रेस को 40 प्रतिशत जबकि अन्य को 14 प्रतिशत वोट मिलने के आसार हैं। दक्षिण गुजरात की 35 सीटों पर भाजपा को कुल 46 प्रतिशत और कांग्रेस को 39 प्रतिशत वोट मिलने के आसार हैं। उत्तर गुजरात के सात जिलों की 53 सीटों पर भाजपा को कुल 45 प्रतिशत जबकि कांग्रेस को 42 प्रतिशत वोट मिलने के आसार हैं। अन्य को 13 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।

चलते-चलते बता दें कि गुजरात में पिछले 22 सालों से भाजपा की सरकार है और अगर यह ओपिनियन पोल सही होता है तो भाजपा वहां अपने शासन का तीन दशक पूरा करने के करीब होगी।

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पूरे राजकीय सम्मान के साथ शशि कपूर का अंतिम संस्कार

पद्म भूषण एवं दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित अपने जमाने के मशहूर अभिनेता शशि कपूर का मंगलवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ मुंबई में अंतिम संस्कार हुआ। सोमवार को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली थी। अभिनेता, निर्माता और निर्देशक शशि कपूर 79 बरस के थे और बीते कुछ समय से वे किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे।

थिएटर और फिल्म जगत के बड़े नाम पृथ्वीराज कपूर के यहां शशि कपूर का जन्म 18 मार्च, 1938 को हुआ था। पिता के मार्गदर्शन में शशि चार साल की उम्र में रंगमंच पर आ गए थे। उन्होंने कई हिंदी और अंग्रेज़ी फिल्मों में काम किया था। उनकी ‘जब जब फूल खिले’ (1965), ‘वक्त’ (1964), ‘अभिनेत्री’ (1970), ‘दीवार’ (1975), ‘त्रिशूल’ (1978), ‘हसीना मान जाएगी’ (1968) जैसी फ़िल्में आज भी पसंद के साथ देखी जाती हैं।

शशि कपूर के निधन की खबर जैसे ही सामने आई उनके चाहने वाले सदमे में चले गए। लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने प्रिय अभिनेता को श्रद्धांजलि दी। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया से शशि कपूर के फैंस के मैसेज सोशल मीडिया पर अपलोड होने लगे। शशि कपूर को श्रद्धांजलि देते हुए मुंबई पुलिस ने भी उन्हें याद किया और अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से शशि कपूर के लिए कुछ ऐसा लिखा कि देखते ही देखते लोगों का दिल जीत लिया।

दरअसल मंगलवार को शशि कपूर के अंतिम संस्कार से पहले मुंबई पुलिस ने ट्वीट करते हुए लिखा- अच्छे और बुरे के बीच की यह दीवार सदियों तक यूं ही खड़ी रहेगी। मुंबई पुलिस ने अपने इस ट्वीट में शशि कपूर की एक तस्वीर भी पोस्ट की जो उनकी सुपरहिट फिल्म ‘दीवार’ की है। इस फिल्म में शशि कपूर ने इंस्पेक्टर रवि वर्मा का किरदार निभाया था। इस तस्वीर पर मुंबई पुलिस ने लिखा- रवि वर्मा की याद में, पर्दे पर एक सच्चे पुलिसवाले का बेंचमार्क। इस शानदार, सदाबहार अभिनेता को बहुत सही और सच्ची श्रद्धांजलि है ये।

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पैगम्बर मुहम्मद साहब को मधेपुरा ने खूब याद किया

इस्लाम के प्रवर्तक पैगम्बर हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलेहि वसल्लम की 1448वीं जयंती जिले के सभी संप्रदायों के अमन-चैन चाहनेवालों द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई I पैगम्बर मुहम्मद के जन्मदिन पर शनिवार को दिनभर मधेपुरा, उदाकिशुनगंज, बिहारीगंज, आलमनगर, चौसा, पुरैनी, ग्वालपाड़ा……. भैरोपट्टी-भदौल से लेकर झंझरी-मधेली-चंदा एवं हथिऔंधा तक ना जाने कितनी जगहों पर वतन परस्त लोगों द्वारा कहीं गाजे-बाजे के साथ शोभा यात्राएं निकाली गईं तो कहीं भव्य जुलूस व वृक्षारोपण भी किया गया….. कहीं मदीना शरीफ की बनाई गई झांकियां निकाली गईं तो कहीं बच्चे-बुजुर्गों व महिलाओं के बीच मिठाइयां भी बांटी गईं…… कहीं मुहम्मद साहब की शान में कसीदे पढ़े गए तो कहीं पैगंबर के प्रतीकात्मक पैरों के निशान पर प्रार्थनाएं भी की गईं…… कहीं कलाम पेश कर खुशियां मनाई गईं तो कहीं अमन-चैन की दुआएं मांगी गईं I

इतना ही नहीं, दिन भर कहीं-कहीं नाते नबी पढ़ रहे बच्चों के बीच पैगम्बर मुहम्मद साहब के पवित्र संदेशों की जानकारियां दी गईं तो कहीं मस्जिदों में कुरान ख्वानी का आयोजन भी किया गया…… कहीं देर शाम तक महफिल-ए-मिलाद की तैयारी देखने को मिली तो कहीं हर्षोल्लास के माहौल में दिनभर नातिया कलाम की गूंज सुनाई देती रही I

यह भी जानिए कि कहीं लंबी शोभा यात्रा में शामिल दर्जनों वाहनों पर सवार लोग यही नारे लगाते दिखे- “अल्लाह-ईश्वर एक है” तो कहीं कोई बैनर लेकर आगे बढ़ रहे होते- “मानव-मानव एक है, सबका मालिक एक है….I”  हजरत मोहम्मद साहब को जानने वाले कुछ लोगों ने तो बच्चों से यही कहा- “हजरत पैगंबर का संपूर्ण जीवन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह इंसानियत की एक खुली किताब है I”

बता दें कि मक्का की धरती पर 570 ईस्वी में जन्मे पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब का सारा जीवन अल्लाह की इबादत और लोगों की खिदमत में ही गुजरता रहा….I तभी तो आज विभिन्न संप्रदायों के लोग उनके जन्मोत्सव पर गले मिला-मिलाकर खुशियां बांट रहे हैं तथा इस्लामिक मजहब को मानने वाले तमाम लोग पैगंबर के यौमे पैदाइश को अकीदत के साथ मनाते हैं I

इस अवसर पर जहां उदाकिशुनगंज के रामपुर खोड़ा, रहटा फनहन…… आदि जगहों के लोगों ने आपस में गले से गला मिलाकर सच्चाई का पैगाम दिया तथा हिन्दू-मुसलमानों ने पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन पर अजब-गजब सामाजिक सद्भाव का सर्वोत्कृष्ट नमूना पेश किया वहीं चौसा में आयोजित जलसा को संबोधित करते हुए मौलाना बदरुज्जमा सिद्दीकी, रजा अली रिजवी आदि ने कहा- “मुहम्मद साहब केवल मुसलमानों के ही पथ-प्रदर्शक नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए दयालु व रहनुमा थे I वे दया-करुणा-क्षमा सहित प्रेम-भाईचारा एवं लिंग भेद रहित समाज के निर्माता थे और थे मानवता के सम्मानकर्ता भी I उनके अनुसार इस्लाम में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं……. इस्लाम में तो रोजा-नमाज-हज-जकात के साथ-साथ देशभक्ति को भी कर्तव्य की श्रेणी में रखा गया है लिहाजा देशभक्ति मुसलमानों की ईमान का हिस्सा है…..I” 

इसीलिए तो प्रोफेट मुहम्मद का जन्मोत्सव आज संपूर्ण संसार में मनाया जा रहा है I

स्थानीय ‘सृजन दर्पण’ द्वारा पैगम्बर साहब के जन्मोत्सव पर विचार गोष्ठी का आयोजन डॉ.ओम की अध्यक्षता में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि डॉ.मुश्ताक मोहम्मद द्वारा पौध रोपण किया गया I उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब का जीवन-चरित्र आने वाली पीढ़ी के लिए प्रकाश स्तंभ का काम करेगा I संस्था के सचिव रंगकर्मी विकास कुमार ने लगाए गए वृक्ष की रक्षा, सुरक्षा व संवर्धन को मुहम्मद साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि कहा I

अंत में पैगम्बर मुहम्मद साहब के बाबत विचार व्यक्त करने के लिए जब समाजसेवी-साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी से कहा गया तो डॉ. मधेपुरी ने मुहम्मद पैगंबर की अमरवाणी को यूँ उद्धृत किया- “सबसे अच्छा आदमी वह है जिससे मानवता की भलाई होती है I अल्लाह उसे सबसे अधिक चाहता है जो अल्लाह के प्राणियों की ज्यादा से ज्यादा भलाई करता है……. जो उसके प्राणियों पर दया करता है…….. उस पर अल्लाह भी दया करता है…….I”

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जब लालू सुशील मोदी के बेटे की शादी में पहुंचे

मौसम शादियों का है, लेकिन रविवार को सबका ध्यान लगा था बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बेटे उत्कर्ष की शादी पर। इस विवाह में शामिल लगभग 1500 मेहमानों का ही नहीं, टीवी पर इस समारोह की झलकियां देख रहे लोगों का ध्यान भी इस बात पर था कि तेजप्रताप द्वारा सुशील मोदी को घर में घुसकर मारने की धमकी के बाद इस समारोह में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव शामिल होंगे कि नहीं और अगर शामिल होंगे तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी बातचीत होगी कि नहीं।

बहरहाल, उस समय सब चौंक गए जब तमाम कयासों के विपरीत लालू प्रसाद यादव इस विवाह में शामिल होने पहुंचे। सबका चौंकना लाजिमी भी था। ना केवल तेजप्रताप प्रकरण के कारण बल्कि इस कारण भी कि वो सुशील मोदी ही थे जिन्होंने हाल के दिनों में एक के बाद एक कई आरोप लालू और उनके परिवार पर लगाए हैं। बावजूद इसके लालू इस विवाह समारोह में पहुंचे। उनकी अगवानी शहनवाज हुसैन ने की और उन्हीं की बगल में वे बैठे भी। सुशील मोदी ने भी हंसकर उनका स्वागत किया। लालू वर-वधू से भी मिले। दोनों ने उनके पैर छुए। लालू ने उन्हें आशीर्वाद दिया। पर उसी पंक्ति में बैठे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई। दोनों दिग्गज एक-दूसरे से दूर-दूर ही दिखे। महागठबंधन टूटने के बाद यह पहला मौका था जब दोनों नेता एक साथ किसी आयोजन में गए हों।

चलते-चलते बता दें कि इस शादी की चर्चा और भी कारणों से रही। बिना दहेज के हुई इस शादी में ना तो बैंड-बाजे की आवाज थी, ना ही बारातियों के स्वागत का कोई तामझाम। और तो और इस शादी में मेहमानों को नाश्ते और खाने की जगह भगवान का भोग लगाया हुआ प्रसाद दिया गया। इस खास शादी में राज्य और देश के कई दिग्गज नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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पटना पुस्तक मेला के 24वें संस्करण का भव्य आगाज

2 दिसंबर को पटना में पुस्तकों के कुंभ पुस्तक मेला के 24वें संस्करण का भव्य आगाज हुआ। बिहार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग और सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट द्वारा सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र स्थित ज्ञान भवन में आयोजित इस पुस्तक मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पिछली बार मेले में राज्य सरकार के सात निश्चय को बेहतर तरीके से लोगों के सामने रखा गया और इस बार जो नशामुक्ति के साथ-साथ दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ जो अभियान छेड़ा गया है, उसके प्रति भी लोगों को इस मेले में अनेक माध्यमों से प्रेरित किया जाए ताकि बिहार से इन सामाजिक कुरीतियों को खत्म किया जा सके।

जैसा कि सभी जानते हैं, एकाध मौकों को छोड़कर पुस्तक मेले का आयोजन आमतौर पर ऐतिहासिक गांधी मैदान में होता रहा है। यह पहला मौका है, जब इसका आयोजन किसी चहारदिवारी में हो रहा है। हालांकि इससे इसकी भव्यता पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बार मेले में कुल 210 स्टॉल लगाए गए हैं और बिहार व देश के 112 प्रकाशक इसमें हिस्सा ले रहे हैं। तभी तो बिहार के मुख्यमंत्री इस मौके पर यह कहना नहीं भूले कि पटना पुस्तक मेला दुनिया के 10 शीर्ष पुस्तक मेलों में शामिल है, जबकि देश में दिल्ली और कोलकाता के बाद इसका स्थान आता है।

नीतीश कुमार ने इस अवसर पर यह भी कहा कि पटना पुस्तक मेला सिर्फ पुस्तकों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए नहीं है बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य है। उन्होंने पुस्तक मेला के आयोजकों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पुस्तक मेला का आयोजन कराने की बात भी कही।

चलते-चलते बता दें कि पटना पुस्तक मेले के 24वें संस्करण का विषय लड़कियों और महिलाओं को समर्पित है। इस बार का विषय ‘लड़की को सामर्थ्य दो, दुनिया बदलेगी’ है। पुस्तक मेले की थीम को भी विषय के अनुरूप ‘पिंक’ कलर में रखा गया है।

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और अब 85 भाषाओं में गाना गाएगी 12 साल की यह लड़की

आप एक साथ तीन-चार भाषाओं को जानने वाले कई लोगों को जानते होंगे। एक साथ पांच-छह भाषाओं को जानने वाले कुछ लोगों के बारे में भी आपको पता होगा। या फिर हो सकता है कि आपने दस-बारह भाषाओं को जानने वाले लोगों के बारे में भी सुन रखा हो। लेकिन अगर आपको कहा जाय कि कोई एक साथ 80 भाषाओं को जानता है, जानता ही नहीं, उन भाषाओं में एक साथ गाना भी गाता है तो शायद यकीन ना करें आप। जी हां, असंभव-सी लगने वाली यह बात सोलह आना सच है और यह करिश्मा जिसने किया है वह महज 12 साल की एक लड़की है। आपको और भी खुशी होगी जब आप जानेंगे कि दुबई निवासी यह लड़की भारतीय मूल की है और उसका नाम सुचेता सतीश है।

केरल से ताल्लुक रखने वाली सुचेता दुबई के इंडियन हाईस्कूल में 7वीं की छात्रा हैं। आपको बता दें कि महज एक साल में 80 भाषाओं में गाना सीखने वाली सुचेता ने अपना पहला गाना जापानी भाषा में गाया था। सुचेता के पिता जापान में त्वचा रोग विशेषज्ञ हैं। बकौल सुचेता उन्हें विदेशी भाषा का गीत सीखने में दो घंटे लगते हैं। अगर गाने का उच्चारण आसान होता है, तो वह उसे और भी जल्दी सीख जाती हैं। सुचेता यह भी बताती है कि उसे सबसे ज्यादा मुश्किल फ्रेंच, जर्मन और हंगरियन भाषा सीखने में आई।

जरा ठहरिए, अगर आप सोच रहे हैं कि 80 भाषाओं में गाना गाकर सुचेता संतुष्ट है तो आप गलत हैं। 12 साल की यह लड़की अब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी कर रही है और 29 दिसंबर को एक कंसर्ट में वह एक साथ 85 भाषाओं में गाने की कोशिश करने वाली है।

चलते-चलते आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल सबसे ज्यादा भाषाओं में गाना गाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड आंध्र प्रदेश के केसिराजू श्रीनिवास के नाम है। श्रीनिवास ने 2008 में गांधी हिल में 76 भाषाओं में गाना गाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

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कुलपति डॉ.ए.के. राय ने आते-आते लगाया हैट्रिक

बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने अपने चंद महीनों के कार्यकाल में ही तीन कॉलेजों- पूर्णिया कॉलेज, एम एल कस्बा कॉलेज एवं दो दिन कबल पार्वती साइंस कॉलेज मधेपुरा को नैक (NAAC-National Assessment & Accreditation Council) से ‘B’ Grade दिलाकर हैट्रिक लगा लिया है I उक्त तीनों कॉलेजों को क्रमशः 2.44, 2.03 एवं 2.20 सीजीपीए पॉइंट मिला और जिसके फलस्वरूप इन कॉलेजों को जहां नेशनल लेवल के कॉलेज बनने का गौरव प्राप्त हुआ वहीं बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय को इस कृत्य से सर्वाधिक सम्मान प्राप्त हुआ I

बता दें कि विगत 13-14 अक्टूबर को त्रिसदस्यीय नैक की पीयर टीम के अध्यक्ष प्रोफेसर एस.के. सिंह, समन्वयक डॉ.एम.ए.सुधीर एवं सदस्य डॉ.एस.बी.हेगारगी द्वारा पार्वती सायंस कॉलेज का निरीक्षण किया गया और लगे हाथ 27 अक्टूबर को बेंगलुरु में नैक संचालन कमेटी ने 29 वीं बैठक में कॉलेज को ‘B’ Grade देने का निर्णय भी ले लिया I

अब से पी एस कॉलेज को 5 करोड़ राशि तक की योजनाओं के लिए RUSA (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) से वित्तीय मदद मिल सकती है जिसमें 65% केंद्र सरकार एवं 35% राज्य सरकार का अंश होता है I ज्ञातव्य हो कि नैक से मान्यता प्राप्त होने के बाद ही ऐसे कॉलेजों को विकास राशि देने योग्य माना जाता है I

यह भी बता दें कि नैक कमिटी अपने निरीक्षण के दरमियान- शिक्षण, मूल्यांकन, स्पोर्ट्स, अभिगम, नेतृत्व क्षमता, बेहतर व्यवस्था तथा नवसृजन के लिए सौ-सौ अंकों के अतिरिक्त पाठयक्रम, शोध एवं आधारभूत संरचना के लिए डेढ़-डेढ़ सौ अंकों वाली तराजू पर कॉलेज को तौलती है- तभी तो A+, A, A-….. B+, B, B-….. आदि ग्रेड की सूची में रखकर मान्यता देती है I

पार्वती साइंस कॉलेज, कीर्तिनगर, मधेपुरा को नैक से ‘B’ Grade मिलने की जानकारी प्राप्त होते ही जहां कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.राजीव सिन्हा ने कहा कि इसके लिए सभी शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी, विद्यार्थी-अभिभावक व मधेपुरा की आमजनता बधाई के पात्र हैं वहीं कर्मठ कुलपति डॉ.ए.के.राय ने कहा कि ‘B’ Grade मिलना ना केवल मधेपुरा जिला बल्कि विश्वविद्यालय पदाधिकारियों-कर्मचारियों सहित संपूर्ण कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लिए गर्व की बात है I कुलपति डॉ.राय ने यह भी कहा कि अब पीएस कालेज नेशनल लेवल का कॉलेज बन गया है और आगे भी पूरी तन्मयता के साथ छात्र-शिक्षक-अभिभावक सहित जनप्रतिनिधि व मीडियाकर्मी सभी मिलकर इसे संवारेंगे तो वह दिन दूर नहीं जब यह कॉलेज नैक ‘A’ Grade प्राप्त कर अपने संस्थापक कीर्ति नारायण मंडल का कीर्ति पताका लहराएगा…..!

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बिहार में भी नहीं दिखेगी ‘पद्मावती’

गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अब बिहार। जी हां, ‘पद्मावती’ अब बिहार में भी रिलीज नहीं की जा सकेगी। विवादों से घिरी इस फिल्म पर इस बार बिहार के संजीदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी राय रखी है। फिल्म पर देश भर में जारी घमासान के बीच नीतीश ने कहा है कि निर्देशक संजय लीला भंसाली इस पर अपना रुख साफ करें। ऐसा होने तक राज्य में फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।

गौरतलब है कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार देश के पांचवें मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने पद्मावती-प्रकरण पर मुखर होकर अपनी बात रखी है। उनसे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुलकर अपनी राय रख चुके हैं। इन राज्यों ने यह कहते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगाया है कि इसमें इतिहास से छेड़छाड़ की गई है।

बहरहाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस फिल्म की बाबत कहा कि “’पद्मावती’ पर कई लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं। फिल्म के निर्दशक को इस पर अपना रुख साफ करना चाहिए। तब तक के लिए फिल्म बिहार में नहीं दिखाई जाएगी।” नीतीश ने इस संदर्भ में सभी पार्टियों के एक निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद निर्णय लेने की बात कही और साथ में यह भी जोड़ा कि “रानी पद्मावती को इसमें नाचते हुए नहीं दिखाया जाना चाहिए था।” बिहार के कला, संस्कृति, खेल और युवा मामलों के मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने भी अपने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि फिल्म से जब तक विवादित दृश्य निकाले नहीं जाते, तब तक फिल्म राज्य में रिलीज होने नहीं दी जाएगी।

‘पद्मावती’ को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री का यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के मुख्यमंत्री से फिल्म के खिलाफ माहौल नहीं बनाने को कहा था। गौरतलब है कि ‘पद्मावती’ की रिलीज के लिए पहले एक दिसंबर की तारीख तय की गई थी, जो फिलहाल अनिश्चित काल के लिए स्थगित होती दिख रही है। 190 करोड़ की लागत से बनी संजय लीला भंसाली की इस फिल्म में दीपिका पादुकोण ने रानी पद्मावती की भूमिका निभाई है, जबकि शाहिद कपूर महारावल रतन सिंह और रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका में हैं।

 

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