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और मोदी ने जीत लिया गुजरात

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भविष्यवाणी सही साबित हुई। भाजपा ने एक बार फिर गुजरात जीत लिया। हिमाचल प्रदेश भी भगवा रंग में रंगा। नीतीश ने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष को जीत की बधाई देते हुए ट्वीट किया –  गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश विधान सभा चुनाव में जीत के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं भारतीय जनता पार्टी को बधाई। गुजरात में जीत का दावा करने वाली कांग्रेस हिमांचल भी हार गयी!

उधर जेडीयू के प्रदेश अध्‍यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, गुजरात में लोगों की आस्था भाजपा और इसके नेतृत्व में बनी हुई है। इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद लोगों का भाजपा के खिलाफ नहीं होना इस बात का संकेत है कि लोगों की इस पार्टी में आस्था बरकरार है। वहां लोगों ने महसूस किया है कि शासन का तौर-तरीका ठीक है। इस कारण भाजपा के लिए यह बड़ी जीत है।

सचमुच यह भाजपा के लिए बड़ी जीत है। गुजरात के परिणाम ने एक बार फिर साबित किया कि नरेन्द्र मोदी चुनाव जीतना जानते हैं। सच तो यह है कि ये चुनाव भाजपा नहीं लड़ी, देश के प्रधानमंत्री लड़े और देश की संसद का सत्र रोक कर लड़े। भाजपा की सीटें कम जरूर हुईं लेकिन आखिरकार मोदी की सियासी शैली काम कर ही गई। 2012 में जब नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते चुनाव हुए थे तब उसमें भाजपा ने 115 सीटें जीती थीं। अब जबकि गुजरात में भाजपा के पास मुख्यमंत्री पद के लिए एक भी कद्दावर नेता नहीं है, उसका करीब 100 सीटें जीतना खराब प्रदर्शन नहीं कहा जाएगा। खास तौर पर तब जबकि ये उसकी लगातार छठी जीत है।

गुजरात चुनाव की एक अहम बात यह रही कि पाटीदार आरक्षण, नोटबंदी, जीएसटी, विकास समेत तमाम बड़े मुद्दे हवा हो गए। मोदी की ये कहानी लोगों ने सुनी और मानी कि उनकी हार गुजरात की, गुजरातियों की और हिन्दुओं की हार है, जबकि कांग्रेस की जीत पाकिस्तानियों की और गुजरात से नफरत करने वालों की जीत होगी। चुनाव के आखिरी दिनों में ‘नीच आदमी’, ‘पाकिस्तानी साजिश’ और ‘मुख्यमंत्री अहमद मियां पटेल’ जैसे जुमलों का गूंजना अकारण नहीं था। हार्दिक, अल्पेश और जिग्नेश ने प्रभाव तो छोड़ा लेकिन वे निर्णायक फैक्टर साबित नहीं हुए।

कांग्रेस के लिहाज से देखें तो इसमें कोई दो राय नहीं कि राहुल की ताजपोशी के बाद गुजरात जीतना उसके लिए देश जीतने से कम नहीं होता। फिर भी उसे पिछली बार से 20 सीटें अधिक मिलीं, ये उसके लिए संतोष की बात है। इससे पार्टी के मनोबल में जरूर वृद्धि होगी। एक बात और, कांग्रेस के लिए सांत्वना की एक बात यह भी है कि उसके नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी के घर में कड़ा और काफी नजदीक का मुकाबला कर विपक्ष का नेता होने का हक हासिल कर लिया है। अब शायद यह सवाल ना उठे कि 2019 में विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा।

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कांग्रेस को बदलने में जुटे नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के बाद राहुल गांधी ने अपने पहले इंटरव्यू में बड़ा बयान दिया है। नेशनल हेराल्ड को दिए इस इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि पार्टी में बड़े फेरबदल किए जाएंगे और लोगों को उत्साहित करने वाले चेहरों को आगे किया जाएगा। राहुल ने मोदी सरकार पर भी जमकर वार किया और नोटबंदी और जीएसटी जैसे कदमों की आलोचना की।

आरएसएस और भाजपा की तुलना में कांग्रेस के कमजोर संगठन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि “कांग्रेस को अभी काफी काम करना है। बहुत से ऐसे नए लोग हैं, जिन्हें हमें आगे लाना होगा। कांग्रेस में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। आने वाले दिनों में आप ऐसे लोगों को देखेंगे, जिन्हें देखकर आप उत्साहित हों,  जिन्हें देखकर आप कह सकेंगे कि हां देखो यह व्यक्ति आया है, मैं जिसके साथ जुड़ना चाहता हूं। मैं ऐसे ही लोगों के साथ जुड़ना चाहता हूं, जो सौम्य हैं  और मजबूत हैं।”

यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल पार्टी को ऊपर से नीचे तक या नीचे से ऊपर तक बदलने वाले हैं तो कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “हां, दरअसल यह मेरी योजना नहीं है। यह कांग्रेस पार्टी की इच्छा है कि वह बदले,  विकसित हो… मैं तो सिर्फ इसमें मदद करूंगा।”

कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने सत्ताधारी पार्टी को निशाने पर लेते हुए कहा कि “भाजपा ने समाज को बांट दिया है। उन्होंने देश के लोगों के बीच एक तरह की दुश्मनी फैला दी है और मेरा मानना है कि कांग्रेस की भूमिका लोगों के बीच एक सेतु, एक पुल बनने की है। हमें ऐसा संवाद शुरू करने की जरूरत है,  जिसमें हम कह सकें कि हम सब भारतीय हैं। कोई वर्ग, जाति या धर्म नहीं, बल्कि भारतीयता हमारी पहली पहचान है। इसके बाद ही कोई पहचान आती है।”

देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की कथित उपेक्षा को लेकर भाजपा के आरोपों पर राहुल ने कहा, “झूठ फैलाया जा रहा है कि सरदार पटेल और जवाहर लाल नेहरू जी में नहीं बनती थी। ये सरासर झूठ है। जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल गहरे दोस्त थे। दोनों ने साथ-साथ जेल में वक्त गुजारा है। कुछ मुद्दों पर दोनों में मतभेद होते थे, लेकिन वे दोस्त थे। राहुल यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि सरदार पटेल जी के तो आरएसएस और संघ की उस विचारधारा के बारे में काफी कटु विचार थे, जिसको नरेंद्र मोदी जी अपनाते हैं।”

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मधेपुरा में फरवरी 19 तक चार और विद्युत रेल इंजन बनेगा

मधेपुरा के ग्रीन फील्ड विद्युत रेल इंजन कारखाने में विगत माह से ही एल्सटॉम कंपनी के 70 पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा पहला इंजन तैयार होना शुरू हुआ और अब फरवरी 2019 तक 4 और विद्युत रेल इंजन बनकर (ट्रायल में) फैक्ट्री से मधेपुरा स्टेशन तक बीछ रही रेल लाईन पर दौड़ने लगेगी |

बता दें कि एल्सटॉम कंपनी द्वारा इंजनों के निर्माण हेतु गत सप्ताह में पदाधिकारियों व कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है तभी तो स्थानीय मधेपुरा होटल से प्रतिदिन लगभग 300 लोगों का भोजन फैक्ट्री में ससमय भेजा जाने लगा है |

जानिए कि रेलवे ट्रैक पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली (12 हजार H.P. की) 800 विद्युत रेल इंजन 11 साल के अंदर तैयार कर एल्सटॉम कंपनी द्वारा भारतीय रेल को हस्तगत करानी होगी और इसके ऐवज में भारतीय रेल उसे लगभग 19,000 करोड रुपये देगी |

भारतीय रेल ने एल्सटॉम के सामने लक्ष्य रखा है-

  1. मार्च 2018 से फरवरी 2019 तक 4 इंजन
  2. मार्च 2019 से मार्च 2020 तक 35 इंजन
  3. अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक 65 इंजन और
  4. अप्रैल 2021 से प्रतिवर्ष…… 100 इंजन तैयार होगा |

मधेपुरा रेल इंजन कारखाने के डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव ने मधेपुरा अबतक को बताया कि पटना से आये डिप्टी चीफ इंजीनियर द्वारा भी एसेंबल हो रहे इलेक्ट्रिक इंजन की कार्य प्रगति को देखा गया और नई रेल लाइन के शुभारंभ के मौके पर PWI सुनील कुमार एवं अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में यही कहा गया कि इस कारखाने को फूल फ्लेज रूप से काम करने के लिए तत्काल लगभग 400 कर्मियों की जरूरत होगी और कारखाने में कुछ लोगों को रोजगार भी मिलेगा |

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शरद की राज्यसभा सदस्यता: हाईकोर्ट ने किया दखल से इनकार

पहले चुनाव आयोग, फिर राज्यसभा सचिवालय और अब हाईकोर्ट… ना जाने बार-बार आईना दिखाए जाने के बावजूद शरद यादव ऐसा क्यों कर रहे हैं? उन जैसा वरिष्ठ राजनीतिज्ञ इस तरह का ‘बालहठ’ करे और वो भी तब जबकि हश्र उन्हें पता है, समझ के परे है! बहरहाल, दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी राज्यसभा सदस्यता जाने के मामले में दखल देने से इनकार किया है। हालांकि कोर्ट ने आदेश दिया कि यादव को भत्ते और सरकारी बंगले का लाभ मिलता रहेगा। क्यों और कब तक, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। बता दें कि शरद यादव ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर खुद को राज्यसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराए जाने के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू के फैसले को चुनौती दी थी।

गौरतलब है कि जेडीयू की अपील पर राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने 4 दिसंबर को शरद यादव और उनके साथ अली अनवर को राज्यसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया था। शरद यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के भाजपा से हाथ मिलाने के बाद ही अलग रास्ता अपना लिया था। पार्टी लाईन से अलग जाकर उन्होंने न केवल इस निर्णय का खुलकर विरोध किया, बल्कि बेतुका दावा भी किया कि उनकी अगुआई वाला जेडीयू धड़ा ही असली जेडीयू है और चुनाव आयोग के सामने जेडीयू के चुनाव चिह्न तीर पर अपना दावा भी कर दिया। जैसा कि होना ही था, चुनाव आयोग ने उनके दावे को खारिज कर दिया। बाद में उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने का आदेश दिया।

राज्यसभा के सभापति ने जेडीयू के उस तर्क को स्वीकार किया कि शरद व अनवर ने पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन कर और विपक्षी पार्टियों के कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी पार्टी सदस्यता का ‘स्वतः ही त्याग’ कर दिया है। जेडीयू ने शरद और अनवर की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने के लिए सदन के सभापति से अनुरोध किया था। चलते-चलते बता दें कि शरद पिछले साल ही राज्यसभा के लिए चुने गए थे और उनका कार्यकाल 2022 में खत्म होने वाला था, जबकि अनवर का कार्यकाल अगले साल खत्म होने वाला था।

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गुजरात में भाजपा की वापसी: एग्जिट पोल

गुजरात में भाजपा की बड़ी हार की भविष्यवाणी करने वाले योगेंद्र यादव ने हथियार डालते हुए अपना अनुमान गलत मान लिया है। चुनाव विश्लेषक से नेता बने योगेंद्र 13 दिसंबर को कहा था कि गुजरात में भाजपा की जीत संभव नहीं है, बल्कि बड़ी हार भी हो सकती है। ठीक एक दिन बाद एग्जिट पोल के नतीजे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मोटे तौर पर गुजरात में भाजपा का वर्चस्व कायम है।

बता दें कि 14 दिसंबर को आए सभी एग्जिट पोल में भाजपा को गुजरात और हिमाचल प्रदेश में जीतता दिखाया गया। योगेंद्र को आखिर कहना पड़ा कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि भाजपा के खिलाफ लोगों का गुस्सा वोट में तब्दील क्यों नहीं हो पाया। कांग्रेस के बारे में उन्होंने कहा कि गुजरात में भाजपा के विरोध में कांग्रेस सड़क पर नहीं उतरी। उतरे तो हार्दिक पटेल, अल्पेश ठकोर जैसे नेता। उधार के नेताओं से लड़ाई नहीं जीती जा सकती।

योगेन्द्र यादव ने आगे कहा कि मेरा अनुमान मन की बात पर आधारित नहीं था। यह दो सर्वेक्षणों पर आधारित था। लेकिन आज की तारीख में उन सर्वेक्षणों के नतीजे भी बदले हुए हैं। मैं उनका सम्मान करूंगा, उनसे सीखूंगा। बता दें कि योगेंद्र यादव ने जो तीन मुमकिन परिणाम अपने हिसाब से बताएं थे। अगर उनकी बात की जाए तो तीनों ही नतीजों में भाजपा को राज्य में हार मिल रही है।

गौरतलब है कि एग्जिट पोल में गुजरात में पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से सत्ता पर काबिज भाजपा की ही सरकार बनती दिख रही है। समाचार चैनल ‘आज तक’ पर प्रसारित ‘इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया पोल’ के मुताबिक, राज्य में मोदी मैजिक कायम है। इस एग्जिट पोल में भाजपा को 99 से 113 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। ऐसे में गुजरात की सत्ता में भाजपा की ही वापसी होने जा रही है। जबकि पिछले 22 वर्षों से सत्ता से दूर कांग्रेस को 68 से 82 सीटें मिलने का अनुमान है।

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योगेन्द्र की मानें तो गुजरात में हार रही है भाजपा

स्वराज इंडिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने गुजरात विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी राय जाहिर की है। आधिकारिक अकाउंट से ट्वीट कर यादव ने कुछ आंकड़ों के जरिए बताया कि किस पार्टी को कितने प्रतिशत वोट और सीटें मिल सकती हैं। ट्वीट में उन्होंने तीन परिदृश्य भी बताए हैं। इसके साथ उन्होंने आंकड़ों की एक तस्वीर पोस्ट की है। इसके नीचे यह भी लिखा है कि सभी आंकड़ों का अनुमान योगेंद्र यादव ने लगाया है और यह किसी एग्जिट पोल का प्रतिनिधित्व नहीं करता। इसके अलावा जिन सीटों का अनुमान लगाया गया है वे सीएसडीएस पोल पर आधारित हैं और एबीपी के अनुमान से अलग है। इस अनुमान के मुताबिक गुजरात में इस बार कांग्रेस बाजी मार सकती है और भाजपा को अब विपक्ष में बैठना पड़ेगा। बता दें कि यादव प्रख्यात चुनावी विश्लेषक हैं और पहले भी चुनावी नतीजों पर अपनी राय देते रहे हैं।

यादव के मुताबिक पहले मुमकिन परिदृश्य में भाजपा को 86 सीटें (43 प्रतिशत वोट) और कांग्रेस को 92 सीट (43 प्रतिशत) मिलेंगी। वहीं दूसरे संभावित परिदृश्य में यादव ने भाजपा को 65 (41 प्रतिशत वोट) और कांग्रेस को 113 सीटें (45 प्रतिशत) दी हैं। वहीं तीसरे व अंतिम परिदृश्य के आगे योगेंद्र यादव ने ‘इनकार नहीं किया जा सकता लिखा है’। इसके बाद उन्होंने लिखा कि भाजपा को बड़ी हार भी मिल सकती है। बहरहाल, यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि यादव का कहा कितना सच होता है। लेकिन अगर उनका दिखाया कोई भी परिदृश्य सचमुच सामने आता है, तो यह भाजपा और विशेषकर प्रधानमंत्री मोदी के लिए बहुत परेशानी का सबब होगा।

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देश को ना मोदी चाहिए, ना राहुल: अन्ना

प्रख्यात समाजसेवी अन्ना हजारे ने मंगलवार को आगरा में कहा कि आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी देश में लोकतंत्र नहीं है। उन्होंने आगे कहा, देश को ना तो नरेन्द्र मोदी चाहिए और ना ही राहुल गांधी, क्योंकि दोनों उद्योगपतियों के हिसाब से काम करते हैं। उन्होंने कहा, इस बार किसान के हित में सोचने वाली सरकार चाहिए। 23 मार्च से दिल्ली के रामलीला मैदान पर एक नए आंदोलन की जरूरत बताते हुए अन्ना ने कहा कि राजग और संप्रग दोनों सरकारों ने लोकपाल को कमजोर किया गया है। इसलिए एक बार फिर आंदोलन की जरूरत है।

अन्ना ने दावा किया कि देश में 22 साल में 12 लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बार लड़ाई निर्णायक होगी। यह आंदोलन 23 मार्च से दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा। उन्होंने बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा कि उद्योगपतियों की सरकार नहीं चाहिए। ना ही मोदी चाहिए और ना ही राहुल गांधी। इन दोनों के मन मस्तिष्क में उद्योगपति ही हैं। हमें ऐसी सरकार चाहिए, जिसके दिमाग में उद्योगपति नहीं बल्कि किसान हो।

बकौल अन्ना मनमोहन सिंह की सरकार ने लोकपाल का कमजोर ड्राफ्ट तैयार किया। हर राज्य में लोकायुक्त लाने के कानून बदल दिए गए। मनमोहन सिंह के बाद आई मोदी सरकार दूसरा विधेयक ले आई और उसे कमजोर कर दिया। ऐसे में फिर आंदोलन की आवश्यकता है।

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विराट और अनुष्का विवाह बंधन में बंधे

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और फिल्म अभिनेत्री अनुष्का शर्मा शादी के बंधन में बंध गए हैं। ख़बरों के मुताबिक दोनों ने सोमवार को इटली में शादी की है। बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने अपने टि्वटर अकाउंट पर शादी की तस्वीरें पोस्ट की हैं। बता दें कि विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज से आराम लेने का फैसला किया था जिसके बाद से यह माना जा रहा था कि उन्होंने अपनी शादी के लिए ऐसा किया है।

गौरतलब है कि विराट और अनुष्का की शादी इटली के तस्केनी के करीब 800 साल पुराने एक गांव में हुई। इस गांव को एक रिजॉर्ट के रूप में तब्दील किया गया था। इसी साल की शुरुआत में इस गांव में बराक ओबामा अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने गए थे। पहले खबरें आ रही थीं कि दोनों ने मिलान शहर में शादी की है लेकिन ऐसा नहीं है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि 21 दिसंबर को दिल्ली में रिश्तेदारों के लिए रिसेप्शन होगा वहीं 26 दिसंबर को क्रिकेटरों और फिल्मी सितारों के लिए शादी का रिसेप्शन होगा। जो भी हो क्रिकेट और बॉलीवुड की इससे अच्छी जुगलबंदी कोई दूसरी नहीं हो सकती! नवविवाहित जोड़े को हमारी शुभकामनाएं!

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राहुल ने कहा, मोदीजी को ‘प्यार’ से हराएंगे गुजरात में

अभी राहुल गांधी ने कांग्रेस की कमान संभाली भी नहीं और उनका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। अपने राजनीतिक करियर में शायद पहली बार उन्होंने बिना किसी दुविधा के, बड़ी मजबूती के साथ और इतने सधे हुए अंदाज में किसी चुनाव में अपनी जीत का दावा किया है। जी हां, रविवार को गुजरात के कलोल में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने कहा, ‘मोदी जी, हम गुजरात में आपको प्यार से, बिना गुस्से के हराने जा रहे हैं।’

पार्टी के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के प्रधानमंत्री मोदी पर दिये बयान के बाद कांग्रेस की हुई आलोचना पर राहुल ने एक बार फिर कहा कि मैं प्रधानमंत्री के पद का सम्मान करता हूं और मोदी जी भले ही मेरे लिए कुछ भी कहें लेकिन मैं उनके खिलाफ एक भी गलत शब्द नहीं कहूंगा’।

गुजरात में पिछले तीन महीनों से जारी चुनाव अभियान का जिक्र करते हुए राहुल ने आम लोगों से कहा ‘मैं जब तक जिंदा हूं तब तक आपके उस प्यार को भूलने वाला नहीं हूं जो आपने पिछले तीन महीनों में दिखाया है।’ राहुल ने लोगों से कहा ‘आपको मेरी जरूरत जब भी हो, सिर्फ मुझे बुलाओ, आदेश दो और मैं करके दिखाऊंगा।’ राहुल ने कहा ‘आपने मेरे साथ रिश्ता बना लिया है, ये जिंदगी का रिश्ता है, कभी नहीं टूटेगा।’ वहीं अपनी रैली के दौरान राहुल ने कई बार भाजपा और राज्य सरकार के विकास मॉडल पर भी निशाना साधा।

गौरतलब है कि राहुल पिछले कई दिनों से गुजरात के प्रवास पर हैं और लगातार तमाम विधानसभा क्षेत्रों में जनता के बीच जाकर चुनाव में खड़े अपने प्रत्याशियों का प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस इस बार गुजरात को लेकर खासा उत्साहित है और अगर वहां पार्टी की जीत होती है तो कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में पारी शुरू कर रहे राहुल की इससे अच्छी शुरुआत नहीं हो सकती।

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बिहार के मोदी ने कहा, जेल जाएंगे लालू और उनके परिवार के सदस्य

बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को कहा कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्य जेल जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और आयकर विभाग के पास लालू और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ बेनामी लेन-देन को लेकर ठोस सबूत हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी के खिलाफ न सिर्फ आरोपपत्र दाखिल किये जाएंगे बल्कि ये जेल भी जाएंगे और इनको सजा भी मिलेगी।

बिहार के उपमुख्यमंत्री ने आरजेडी प्रमुख के परिवार के सदस्यों से कथित तौर पर जुडे एक भूखंड को शुक्रवार को ईडी द्वारा जब्त किये जाने का जिक्र किया। करीब 45 करोड़ रुपये मूल्य के इस भूखंड पर कथित तौर मॉल का निर्माण किया जाना था। मोदी ने कहा, ‘ईडी द्वारा पटना में तीन एकड़ भूमि जब्त किए जाने के बाद लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी ने यह सवाल पूछना शुरु कर दिया है कि होटल के लिये भूमि घोटाले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के महीनों बाद भी आरोपपत्र क्यों नहीं दाखिल किया गया है?’ उन्होंने आगे कहा, वास्तव में एजेंसी के पास उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं और उनके खिलाफ न सिर्फ आरोपपत्र दाखिल किये जाएंगे बल्कि उनको जेल भेजा जाएगा और सजा भी मिलेगी।

बहरहाल, अभी-अभी संपन्न हुए सुशील कुमार मोदी के बेटे के विवाह-कार्यक्रम में जिस तरह लालू शामिल हुए थे, लग रहा था कि इन दोनों दिग्गज नेताओं के बीच की दूरी और कड़वाहट कुछ कम हुई होगी। पर आज उन्होंने एक बार फिर जिस तरह लालू और उनके परिवार के खिलाफ मोर्चा खोला है, उसे देख तो यही कहा जा सकता है कि ऐसा सोचना बिल्कुल बेमानी है। खैर देखें, आगे होता है क्या?

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