बोले डॉ.मधेपुरी- कोविड-19 रोधी टीकाकरण के प्रति लोग इतने उदासीन क्यों ?

समाजसेवी-साहित्यकार एवं फिजिक्स के लोकप्रिय यूनिवर्सिटी प्रोफेसर रह चुके 75 वर्षीय डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कोविड-19 रोधी टीके की ‘कोवैक्सीन’ वाली पहली डोज शनिवार को स्थानीय जन नायक कर्पुरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ली। उन्होंने कहा कि ‘कोवैक्सीन’ का टीका लेते वक्त उन्हें पता भी नहीं चला….. अब तक सब ठीक है….. 4 दिन बीत गए हैं….. सब कुछ यथावत चल रहा है।

डॉ.मधेपुरी ने बीएन मंडल विश्वविद्यालय में इन दिनों कार्यरत परीक्षा नियंत्रक, कुलसचिव एवं कुलपति सरीखे अपने प्रिय, प्रतिभावान व विद्वान छात्रों के अलावा इस इलाके के हजारों-हजार छात्र व छात्राओं, जिनमें से अब कुछ रिटायर्ड भी होने लगे हैं, से अनुरोध किया है कि अपनी पारी आने पर वे कोविड रोधी टीका अवश्य लें। क्योंकि, टीकाकरण के बाद कोई दिक्कत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन सबके लिए जरूरी है, सुरक्षित है और प्रभावी भी है।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने विनीत होकर सबों से यही कहा कि दुनिया का पहला देश है इजराइल जहां के 60% से अधिक लोगों ने टीका लगवाया है, जबकि भारत में टीका लगवाने वालों की संख्या अब तक 5% भी नहीं पहुंच पाई है। यह जानते हुए कि दूसरी डोज के बाद संक्रमित होने की आशंका सिर्फ 1% रह जाती है। खेद प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि इजराइल में इस समय मात्र 6 हजार कोरोना एक्टिव केस है जबकि भारत में इसकी संख्या 6 लाख से अधिक और मरने वालों की संख्या 1 लाख 66 हजार से भी अधिक हो गई है। फिर भी हम लोग मास्क पहनना, डिस्टेंस मेंटेन करना और बार-बार साबुन से हाथ धोना भी भूल रहे हैं। और सभी सार्वजनिक महकमों में कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। इसलिए तो प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ता है…। और तो और कोरोना से जंग जीतने के लिए सीएम व पीएम द्वारा चलाए जा रहे इस निशुल्क टीकाकरण के प्रति  हम लोग इतने उदासीन क्यों हैं….?

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