बिहार के सभी जिलों में बनाए जाएंगे परमानेंट हेलीपैड

बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार ने सूबे के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को स्थाई हेलीपैड निर्माण हेतु 100 मीटर लंबा एवं 100 मीटर चौड़ा स्थल चयन करने को कहा है। श्री कुमार ने जिलों को भेजे गए संदेश में कहा है कि संभव हो तो स्थाई हेलीपेड हेतु चयन किए जाने वाले स्थल पुलिस लाइन, स्टेडियम या किसी हाई स्कूल के मैदान में हो ताकि स्थाई हेलीपैड की समुचित देखभाल व सुरक्षा की जा सके।

बता दें कि स्थाई हेलीपैड निर्माण की बात नीतीश सरकार को इसलिए कुरेदती रहती है कि बिहार में प्रायः प्राकृतिक एवं कृत्रिम आपदाएं आती रहती हैं। सभी जानते हैं कि बाढ़, सुखाड़, भूकंप, चक्रवाती तूफान, अगलगी या शीतलहरी के मामले में बिहार एक संवेदनशील राज्य रहा है।

यह भी बता दें कि ऐसी विकट आपदाओं के समय लोगों को राहत दिलाने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाता है। उस घड़ी जिलाधिकारी को तुरंत अस्थाई हेलीपैड बनाने में सर्वाधिक परेशानी होती है। ऐसी स्थितियों की पुनरावृति रोकने के लिए तथा राजस्व के अपव्यय के साथ-साथ जल्दबाजी में हेलीपैड निर्माण में कई त्रुटियां रह जाने को ध्यान में रखते हुए स्थाई हेलीपैड निर्माण का निर्णय लिया गया है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि किसी भी प्रकार की आपदाएं आने पर खाद्य सामग्री या अन्य आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति हेतु या वीआईपी के सर्वेक्षण अथवा निरीक्षण हेतु आने-जाने को लेकर बार-बार जिला प्रशासन को मशक्कत नहीं करनी पड़े…… इसलिए प्रत्येक जिले में स्थाई हेलीपैड की सराहना सबों ने की है।

 

सम्बंधित खबरें