राष्ट्र को समर्पित “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी”

आज 31 अक्टूबर को कृतज्ञ राष्ट्र संपूर्ण श्रद्धा के साथ लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 143 वीं जयंती मना रहा है। सुबह सवेरे आयोजित “रन फॉर यूनिटी” ने यह साबित कर दिया कि संसार में सबसे बड़े हैं हमारे लौह पुरुष……. और लौह पुरुष की 182 मीटर सर्वाधिक ऊंची  स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी उन्हीं के समान है- अटल और अडिग। मजबूती ऐसी की 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और 6.5 रिक्टर पैमाने पर आये भूकंप के झटकों में भी मूर्ति की स्थिति बरकरार रहेगी।

Sardar Ballabh Bhai Patel
Sardar Ballabh Bhai Patel

बता दें कि आज ही गुजरात के नर्मदा जिले के केवाडिया में सुबह 10:00 बजे लौह पुरुष की प्रतिमा का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित किया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने- अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-
सरदार पटेल एक ऐसी महान शख्सियत थे जिनकी भूमिका भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण रही। वे एक ऐसे जननेता थे जो सदैव किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहे। सरदार पटेल को आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में याद किया जाता रहेगा…..! 550 से अधिक देशी रियासतों का एकीकरण कर एक संगठित भारत की रचना में उनके महत्वपूर्ण योगदानों को हमेशा याद करते रहेंगे हम…. सब ! भारत को एकता के सूत्र में पिरोने वाले उस महान शख्सियत सरदार पटेल की “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” के प्रति आज यह कृतज्ञ राष्ट्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।
संपूर्ण भारत इस मायने में एक मत है कि एकीकृत भारत का पूरा श्रेय सरदार वल्लभ भाई पटेल के रणनीतिक कौशल और उनकी बुद्धिमत्ता को जाता है। पटेल ने एक के बाद एक समाधान निकाला और देश को एक सूत्र में बांधा। उन्होंने जूनागढ़ , हैदराबाद……. राजस्थान आदि अनेकानेक राजवाड़ा को मिला-मिला कर एकीकृत भारत का निर्माण किया। तभी तो पटेल को एक मात्र सक्षम व्यक्ति मानते हुए महात्मा गांधी ने राज्यों की जटिल समस्याओं का हल निकालने हेतु उनसे कदम बढ़ाने के लिए कहा था।
देश के ऐसे लौह पुरुष की प्रतिमा की ऊंचाई दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति के रूप में होने से भारत गौरवान्वित महसूस कर रहा है। पद्मश्री रामवनजी सुतार जैसे मूर्तिकार द्वारा डिजाइन किये गये “स्टेचू ऑफ यूनिटी” को तैयार करने में 33 महीने लगे और लगे 1700 टन ब्राँज एवं 6500 टन स्टील तथा कुल व्यय  2989 करोड़ लगे जहां मूर्ति निर्माण में सिर्फ 1653 करोड़ लगे।
भला क्यों न होगा चार धातुओं से बनी स्टेचू पर इतना खर्च जबकि 1,80,000 (एक लाख अस्सी हजार) टन सीमेंट-कंक्रीट एवं 18500 (अठारह हज़ार पाँच सौ) टन स्टील नींव में ही डाला गया है। इसके अलावे 169000 गांवों के किसानों से 135 मेट्रिक टन लोहे मूर्ति निर्माण हेतु दान मिले। यही कारण है कि अमेरिका की “स्टैचू ऑफ लिबर्टी” से दुगुनी ऊंची प्रतिमा बनी है भारत में पटेल की “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी”- जिसे अनावरण करने के बाद प्रधानमंत्री ने भारत की 30 नदियों के जल से जलाभिषेक किया और सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा बरसाए गए फूल। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मची रही धूम।
इस राष्ट्रीय गौरव के अवसर पर जब मधेपुरा अबतक द्वारा समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी से बातें की गई तो डॉ.मधेपुरी ने कहा कि सरदार पटेल जैसे राष्ट्र पुरुष को सम्मान दिये जाने पर देश के रहनुमाओं को किसी प्रकार की ओछी राजनीति नहीं करनी चाहिए। सरदार पटेल न होते तो क्या आज यह एकीकृत भारत होता…….! कदापि नहीं !!

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आज मधेपुरा के हर घर में पहुँच रही है बिजली- ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र

नीतीश सरकार के ऊर्जावान ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं राज्यसभा सांसद सह राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह ने मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर-गमरिया पथ पर भैरवपुर के निकट स्थित बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड उपकेंद्र के संचरण प्रमंडल कोसी तथा संचरण अंचल कोसी का उद्घाटन संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया |

मौके पर आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चन्द्र यादव, SC-ST मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव, पूर्व मंत्री अशोक चौधरी, पूर्व मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, विधान पार्षद ललन सर्राफ, विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव सहित विभागीय कार्यपालक अभियंता की पूरी टीम की उपस्थिति देखी गई |

बता दें कि इस अवसर पर नीतीश सरकार के ऊर्जा विभाग के स्तंभ माने जाने वाले ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि जहाँ वर्ष 2006 में सूबे बिहार में ग्रीड की बातें करना भी मजाक लगता था वहींआज बिहार के हर घर में बिजली पहुंचाने का संकल्प निर्धारित समय से 2 माह पहले ही पूरा कर लिया गया है | उन्होंने उपस्थित भीड़ को यह जानकारी दी कि इस डिविजन में अब पांच स्थानों पर ग्रीड क्रियाशील हैं- मधेपुरा, सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, सोनबरसा और उदाकिशुनगंज में | साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब मधेपुरा के सिंहेश्वर स्थान में डिविजन ऑफिस खुल जाने से इस क्षेत्र के विद्यत बोर्ड को काफी सुविधा मिलने लगी है बल्कि जिन विभागीय कार्यो के लिए उपभोक्ताओं एवं विद्युत विभाग के कर्मियों को पूर्णिया जाना पड़ता था अब उनका सारा काम यहीं निपट जाएगा |

यह भी जानिए कि बिहार-झारखंड अलग होने के समय जिस बिहार को 110 मेगावाट बिजली मिली थी वही बिहार आज 5,000 मेगावाट बिजली अपने उपभोक्ताओं को मुहैया करा रहा है | आरम्भ में बिहार में ग्रीड की संख्या 35 थी | उन दिनों यहाँ केवल 2 ग्रिड था- एक कटैया में और दूसरा सहरसा में | आज निर्धारित लक्ष्य से पूर्व ही हर घर में बिजली पहुंच गई है |

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बाबा की नगरी में गूंजा ‘मैं भी हूँ नीतीश कुमार’

रविवार को सिंहेश्वर, मधेपुरा में जदयू के दलित-महादलित प्रमंडलीय सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। स्थानीय मवेशी हाट मैदान में आयोजित सभा का उद्घाटन राष्ट्रीय महासचिव व जदयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह ने किया, जबकि ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।

Inauguration of JDU Dalit-Mahadlit Sammelan at Singheshwar.
Inauguration of JDU Dalit-Mahadlit Sammelan at Singheshwar.

अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में एक ओर जहां कोसी के तमाम दिग्गज चेहरे – आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चन्द्र यादव, लोकसभा व राज्यसभा के पूर्व सांसद एवं बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ. आर. के. यादव रवि, पूर्व मंत्री व विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, विधानपार्षद ललन सर्राफ, विधायक बीना भारती आदि एक साथ दिखे, वहीं जदयू के वरिष्ठ दलित-महादलित नेताओं – राष्ट्रीय महासचिव सह विधायक श्याम रजक, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, परिवहन मंत्री संतोष निराला, पूर्व मंत्री सह विधानपार्षद अशोक चौधरी, विधायक सह जदयू दलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रवि ज्योति, विधायक रत्नेश सदा, पूर्व विधानपार्षद रविन्द्र तांती और जदयू दलित-महादलित प्रकोष्ठ के प्रभारी विद्यानंद विकल – की पूरी टीम मंच पर विराजमान थी। जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप और प्रवक्ता निखिल मंडल ने भी इस मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज की। सभा का संचालन मधेपुरा जदयू के अध्यक्ष बिजेन्द्र नारायण यादव ने किया।

Speech of JDU General Secretary RCP Singh
Speech of JDU General Secretary RCP Singh

समारोह को संबोधित करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व दलितों के आरक्षण को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। समाज में विद्वेष का जहर भरने वाले ऐसे लोगों का मंसूबा कभी पूरा नहीं होगा। जब तक भारत का संविधान कायम है, तब तक आरक्षण के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता।

Speech of Minister Bijendra Narayan Yadav
Speech of Minister Bijendra Prasad Yadav

ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि दलितों-महादलितों के लिए जो किसी भी राज्य में नहीं किया गया वह बिहार में हुआ है। वहीं, आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चन्द्र यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल में दलितों-महादलितों को बराबर का दर्जा दिया गया है।

Dr. RK Yadav Ravi, Ex-MP & Founder VC, addressing JDU Dalit-Mahadlit Sammelan at Singheshwar
Dr.R.K.Yadav Ravi, Ex-MP & Founder VC, addressing JDU Dalit-Mahadlit Sammelan at Singheshwar

लोकसभा व राज्यसभा के पूर्व सांसद तथा बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ. आर. के. यादव रवि ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केवल एक नाम नहीं बल्कि वे अब विचार और संस्कार में तब्दील हो चुके हैं। उन्होंने गांधी, जेपी, लोहिया और अंबेडकर के सपनों को मूर्त रूप दिया है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह विधायक श्याम रजक ने कहा कि नीतीश कुमार के अथक प्रयासों के कारण आज दलित समाज याचक नहीं दाता की भूमिका में है। पूर्व शिक्षामंत्री एवं विधानपार्षद अशोक चौधरी ने कहा कि दलितों के जीवन का कोई ऐसा पहलू नहीं जिस पर नीतीश कुमार की नज़र ना गई हो और उसके लिए सरकार के स्तर पर कार्य ना हुआ हो। वहीं, बिहार सरकार के मंत्रियों रमेश ऋषिदेव, महेश्वर हजारी एवं संतोष निराला ने दलितों-महादलितों के उत्थान व सर्वांगीण विकास के लिए किए गए कार्यों और चलाई जा रही योजनाओं की विस्तार से चर्चा की।

Dr. Amardeep, President, JDU Media Cell addressing Dalit-Mahadlit Sammelan at Singheshwar
Dr. Amardeep, President, JDU Media Cell addressing Dalit-Mahadlit Sammelan at Singheshwar.

जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने अपने जोशीले व काव्यमय संबोधन से खूब तालियां बटोरीं। उनकी बेहद चर्चित व लोकप्रिय कविता ‘मैं भी हूँ नीतीश कुमार’ ने जनसमूह में उत्साह भरने का काम किया। युवाओं ने उनके साथ ‘मैं भी हूँ नीतीश कुमार’ के जमकर नारे लगाए।

Big gathering in JDU Dalit-Mahadlit Sammelan at Singheshwar
Big gathering in JDU Dalit-Mahadlit Sammelan at Singheshwar

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विश्वविद्यालय में ग्रीन केमेस्ट्री व नैनो टेक्नोलॉजी पर एक दिवसीय सेमिनार

इमर्जिंग ट्रेंड्स इन ग्रीन केमिस्ट्री एंड नैनो टेक्नोलॉजी पर भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस (उत्तरी परिसर) के कॉन्फ्रेंस हॉल में रसायन विज्ञान विभाग और काउंसिल आफ केमिकल साइंसेज (सीसीएस) द्वारा 26 अक्टूबर (शुक्रवार) को एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया | सेमिनार दो सत्रों में आयोजित किया गया था |

जहाँ इस सेमिनार में कुलपति डॉ.ए.के.राय ने ग्रीन केमिस्ट्री के 12 गुणों की विस्तृत चर्चा करते हुए शिक्षकों, छात्रों एवं शोधार्थियों से यही कहा कि ग्रीन केमेस्ट्री पर काम करने वालों को विश्वविद्यालय द्वारा हर प्रकार से सहयोग दिया जाएगा वहीं मुख्य वक्ता के रूप में शारदा विश्वविद्यालय नोएडा के डॉ.एन.बी सिंह ने नैनो टेक्नोलॉजी पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया की हर क्षेत्र में नैनो मेटेरियल का आविष्कार एक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है | प्रोवीसी डॉ.फारुख अली ने सेमिनार की महत्ता की चर्चा की |

सेमिनार के उद्घाटन सत्र में बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि, कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डीन द्वय डॉ.शिव मुनि यादव, डॉ.अरुण कुमार मिश्र एवं अध्यक्षता कर रहे केमिस्ट्री के विभागाध्यक्ष डॉ.आर.के.मल्लिक व बीएन मुस्टा के महासचिव-सीनेटर प्रो.(डॉ.) नरेश कुमार ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया | सर्वप्रथम प्रो.रीता कुमारी ने एक गीत के माध्यम से सेमीनार को रसमय बना दिया, तत्पश्चात विभागाध्यक्ष डॉ.मलिक द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया |

उद्घाटन भाषण में संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.रवि ने इस परिसर में सर्वप्रथम आने की चर्चा करते हुए कहा कि सेमिनार के माध्यम से युवाओं को ग्रीन केमिस्ट्री व नैनो टेक्नोलॉजी की जानकारी देना आवश्यक है | उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर वैज्ञानिकों को अत्याधुनिक तरीकों से शोध करने की जरूरत है | कुलसचिव श्री नीरज ने कहा कि आज लोग जंगल से मंगल तक पहुंच गये जिसमें केमिस्ट्री का बड़ा योगदान है | लेकिन, उसके नकारात्मक पहलू से हमें सचेत रहने की जरूरत है |

विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने प्रो.(डॉ) पाल एनसतास को फादर ऑफ ग्रीन केमिस्ट्री बताते हुए कहा कि धरती और पर्यावरण को रसायनों के दुष्प्रभावों से मुक्त कराना ही ग्रीन केमिस्ट्री का काम है जो दुनिया को बचाने का एक प्रयास है | उन्होंने दैनिक जीवन में रसायन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आज दुनिया नैनो मैटेरियल (सूक्ष्मातिसूक्ष्म) के आविष्कारों में लगी है जबकि हमारे देश में आदिकाल से ही नैनो टेक्नोलॉजी (योग…… के रूप में) काम कर रहा है |

मौके पर विभागीय कार्यरत शिक्षक डॉ.अशोक कुमार यादव सहित सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ.शिव मुनि यादव, विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ.एके मिश्रा, बीएन मुस्टा के महासचिव डॉ.नरेश कुमार, प्राचार्य डॉ.केएस ओझा आदि ने विस्तार से पर्यावरण के लिए ग्रीन केमिस्ट्री के सिद्धांत को जीवन के हर क्षेत्र में लागू करने पर बल दिया तथा नैनो टेक्नोलॉजी की सूक्ष्मता एवं व्यापकता की विस्तृत चर्चा की |

कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ा परिषद के सचिव डॉ.अबुल फजल ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव सह सीनेटर डॉ.नरेश कुमार ने किया | सहयोगी बने रहे- डॉ.मोहित घोष, डॉ.रीता, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.प्रियंका कुमारी, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, हीरेंदर कुमार उर्फ पुप्पु, डॉ.आर.सी.पी.मंडल सहित सैकड़ों श्रोतागण |

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मधेपुरा का नाम रौशन करने वाली बेटी है- नृत्यांगना मासूम नव्या

मधेपुरा की इस मासूम बेटी नृत्यांगना मासूम नव्या द्वारा नृत्य को करियर के रूप में चयन करना नव्या के संकल्प एवं अलग सोच को दर्शाता है इसके लिए उस मासूम बेटी को समाज के साथ-साथ परिवार के कुछ लोगों के विरोध का भी सामना शुरुआती दिनों में करना पड़ा था।

बता दें कि 16 वर्षीय मासूम नव्या ने अपने मजबूत इरादों के चलते सामाजिक विरोध से कभी समझौता नहीं किया। अपनी बेजोड़ प्रतिभा की बदौलत मधेपुरा की इस बेटी ने राष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बना ली है और मुंबई…… पटना….. दिल्ली जैसे महानगरों में फिल्मी सितारों के साथ मंच साझा करती रही है तथा बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी होती रही है।

यह भी जानिए कि विगत 20 अक्टूबर को सूबे की राजधानी पटना में महाविजयादशमी के अवसर पर मशहूर कलाकारों के साथ मंच साझा करते हुए दर्शकों द्वारा जमकर सराही गई और भरपूर तालियां बटोरती रही मासूम नव्या। छोटे बड़े शहरों के मंचों से महानगर तक की सफर तय कर चुकी मासूम ने मधेपुरा अबतक को बताया कि माता किरण एवं पिताश्री मुकुंद सहित परिवार के सहयोग से ही आज उसका सपना साकार होने के कगार पर है।

जहां मासूम नव्या की हर उड़ान उसके चाहने वालों की है शान वहीं उसे हाल फिलहाल तमाम रियलिटी शोज को लांगते हुए नृत्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर तक बनानी है अपनी पहचान। नव्या नृत्य को ही अंततः अपना करियर बनाना चाहती है, इसलिए पढ़ाई से अधिक इसी क्षेत्र में वह कड़ी मेहनत कर रही है। भला क्यों नहीं घर में मां किरण के द्वारा चलाए जा रहे संगीत प्रशिक्षण केंद्र के कारण मासूम को बचपन से ही एक सुंदर माहौल मिलता रहा है।

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जदयू के दलित-महादलित प्रमंडलीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ

दलित-महादलित जिला सम्मेलन के सफल आयोजन के बाद आज सारण प्रमंडल अंतर्गत सीवान से जदयू के दलित-महादलित प्रमंडलीय सम्मेलन की शानदार शुरुआत हुई। सीवान के गांधी मैदान में आयोजित भव्य सभा में जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व जदयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह के नेतृत्व में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें राष्ट्रीय महासचिव सह विधायक श्याम रजक, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, परिवहन मंत्री संतोष निराला, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव, पूर्व मंत्री सह विधायक अशोक चौधरी, विधानपार्षद ललन सर्राफ, विधायक सह प्रदेश प्रवक्ता मनीष कुमार, विधायक सह जदयू दलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रवि ज्योति, विधायक रत्नेश सदा, पूर्व विधानपार्षद रवीन्द्र तांती, जदयू दलित-महादलित प्रकोष्ठ के प्रभारी विद्यानंद विकल आदि प्रमुख हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि स्वतंत्र भारत में अंबेडकर के सपनों को किसी ने संपूर्णता में जमीन पर उतारने का काम किया है तो वे बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। उन्होंने कहा कि समाज के हाशिए पर खड़े दलितों-महादलितों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए उन्होंने योजनाओं का अंबार लगा दिया है।

श्याम रजक ने कहा कि यह श्री नीतीश कुमार की देन है कि आज दलित वर्ग के लोग समाज में सिर उठाकर जी रहे हैं। वहीं, अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के भागीरथ प्रयत्न से आज दलितों के बच्चे शिक्षा हो या रोजगार समाज के किसी भी अन्य वर्ग से कंधा मिलाने की स्थिति में हैं।

बिहार सरकार के मंत्रियों महेश्वर हजारी, संतोष निराला एवं रमेश ऋषिदेव ने बिहार सरकार द्वारा दलितों-महादलितों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे मे विस्तार से बताते हुए कहा कि नीतीश कुमार के अथक प्रयत्न से दलितों-महादलितों का बिहार में नवयुग शुरू हुआ है।

चलते-चलते बता दें कि जदयू का अगला दलित-महादलित प्रमंडलीय सम्मेलन 27 अक्टूबर को राज मैदान, दरभंगा (दरंभगा प्रमंडल), 28 अक्टूबर को मवेशी हाट मैदान, सिंहेश्वर स्थान, मधेपुरा (कोशी प्रमंडल), 29 अक्टूबर को इंदिरा गांधी स्टेडियम, पूर्णिया (पूर्णिया प्रमंडल), 30 अक्टूबर को डुमरामा हाई स्कूल मैदान, अमरपुर, बांका (भागलपुर प्रमंडल), 31 अक्टूबर को गांधी मैदान, गया (मगध प्रमंडल), 3 नवंबर को इन्टर कॉलेज मैदान, विक्रमगंज, रोहतास (पटना प्रमंडल) तथा 4 नवंबर को पोलो मैदान, मुंगेर (मुंगेर प्रमंडल) में होगा।

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कोहली ने छोड़ा सचिन को पीछे

कोहली ने स्वयं को और ‘विराट’ कर लिया है। जी हाँ, वे वनडे इतिहास में सबसे तेज 10 हजार रन पूरा करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। भारत-वेस्टइंडीज के बीच दूसरे वनडे मैच में उन्होंने ये शानदार रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यही नहीं, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 259 पारियों में ये आंकड़ा छुआ था, जबकि कोहली को यहां पहुंचने के लिए महज 205 पारियों की ही जरूरत पड़ी।

गौरतलब है कि विराट कोहली ने 73 टेस्ट की 124 पारियों में 8 बार नाबाद रहते 6331 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 24 शतक, 19 अर्धशतक और 6 दोहरे शतक जड़े हैं। बात अगर 213 वनडे मैचों की करें, तो इसकी 205 पारियों में 36 बार नाबाद रहते हुए विराट 10,000 रन बना चुके हैं। एकदिवसीय मैचों में वे 36 शतक और 49 अर्द्धशतक लगा चुके हैं। वहीं टी20 में उन्होंने 62 मुकाबलों में 18 अर्द्धशतक की मदद से 2102 रन बनाए हैं। उधर भारतरत्न तेन्दुलकर की बात करें तो कुल 463 वनडे मैचों में उन्होंने 86.23 की स्ट्राइक के साथ 18,426 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 49 शतक समेत 96 अर्धशतक भी जमाए। बात अगर टेस्ट की करें तो 200 मैचों में उन्होंने 51 शतक और 68 अर्धशतक की मदद से 15,921 रन बनाए।

चलते-चलते बता दें कि कोहली से पहले विश्व के 12 बल्लेबाजों ने वनडे में 10,000 रन पूरे किए हैं। इनमें उनके और तेन्दुलकर (18,426 रन) के अलावे भारत के तीन और महान खिलाड़ी – सौरव गांगुली (11,363), राहुल द्रविड़ (10,889) और महेंद्र सिंह धोनी – (10,123) शामिल हैं। कुल मिलाकर, विराट कोहली का सिर्फ नाम ही विराट नहीं है। ये शख्स अपने नाम की तरह ‘विराट’ काम भी कर रहा है। रिकार्डों का अंबार लगा चुका ये नायाब खिलाड़ी वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में भी सचिन को पीछे छोड़ चुका है।

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पुस्तक के रूप में आया नीतीश के संसदीय भाषणों का संकलन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संसदीय भाषणों का संकलन मंगलवार को पुस्तक के रूप में जारी किया गया। बिहार विधान परिषद के उपभवन स्थित सभागार में आयोजित ‘नीतीश कुमार : संसद में विकास की बातें’ पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, बिहार विधान परिषद के उपसभापति हारूण रशीद, मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और श्रवण कुमार तथा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद बशिष्ठ नारायण सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय ने किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह नीतीश कुमार एक मजबूत नेता हैं। यह भी सराहनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्री बनने से पहले महत्वपूर्ण केन्द्रीय मंत्रालयों की जिम्मेवारी संभालने के बावजूद उनकी ईमानदारी निष्कलंक है। उन्होंने कहा कि बहुत कम लोग हुए जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से बिना भटके ईमानदारी और संकल्प से इतिहास बनाया। नीतीश कुमार इसके जीवित उदाहरण हैं।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार में हिम्मत है कि वे पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने और शराबबंदी जैसे असाधारण निर्णय ले सकें। मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने बड़ी लकीर खींच दी है, जिसकी बराबरी शायद अगले 20-25 वर्षों में भी कोई नहीं कर पाये। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने केवल मुख्यमंत्री के नाते ही उल्लेखनीय काम नहीं किया है, रेलमंत्री के तौर पर भी उन्होंने ‘बेंचमार्क’ स्थापित किया। आमतौर पर यह धारणा थी कि विकास कार्यों से वोट नहीं मिलता है, मगर नीतीश कुमार ने यह साबित कर दिया कि विकास से ही वोट मिलता है।

विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार 1985 में पहली बार जीतकर विधानसभा में आए और उसी समय से उनके भविष्य की संभावनाएं दृष्टिगोचर होने लगी थीं। वे आधुनिक बिहार के विश्वकर्मा हैं।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि समाज और राजनीति को नीतीश कुमार जैसे विजनरी की जरूरत थी और समय ने इसे पूरा किया। उन्होंने राजनीति को संपदा और सत्ता का नहीं, सेवा का केन्द्र बनाया। उनके नेतृत्व में बिहार में नवनिर्माण का दौर चल रहा है।

गौरतलब है कि प्रभात प्रकाशन से आई इस पुस्तक का संपादन नरेंद्र पाठक ने किया है। पुस्तक में नीतीश कुमार द्वारा फरवरी 1990 से 24 अक्टूबर 2005 तक संसद में दिए गये भाषणों का संकलन है। पुस्तक में यह दर्शाया गया है कि एक सांसद के रूप में नीतीश कुमार ने जो बातें अपने भाषण के रूप में संसद में कही थीं, उन्हीं बातों को जब वह मुख्यमंत्री बने तो अपने शासन के एजेंडे में शामिल किया। बिजली, सड़क, लड़कियों की शिक्षा और सात निश्चय का एजेंडा — इन सभी बातों को एक सांसद के रूप में नीतीश लोकसभा में पहले ही रेखांकित कर चुके हैं। संसदीय यात्रा के क्रम में नीतीश कुमार सरकार और समाज से जुड़े मुद्दों को आम विमर्श के केंद्र में कैसे लाए और शासन में आने के बाद उन मुद्दों को जमीन पर उतारने में कैसे जुट गए, इसकी पूरी तस्वीर पुस्तक में देखी जा सकती है।

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मधेपुरा जिले के भटगामा में प्रथम राज्य स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता

जगमग नगरों से दूर चौसा प्रखंड के भटगामा गाँव में मुखिया सुशील कुमार यादव (आलमनगर के प्रथम विधायक तनुक लाल यादव के सुपुत्र) एवं जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार के सहयोग से दो दिवसीय अंतर जिला महिला कबड्डी प्रतियोगिता का शानदार आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया |

दशहरे के इस अवसर पर राज्यसभा के माननीय सांसद प्रो.मनोज कुमार झा एवं भागलपुर लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद बुलो मंडल द्वारा महिला खिलाड़ियों को उत्साहित एवं प्रोत्साहित किया गया | अपने संबोधन में प्रो.झा ने जहाँ यह कहा कि मेरे लिए प्रसन्नता की बात है- कोसी के सुदूर ग्रामीण इलाके में सिंथेटिक मैट पर महिला कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित कर ग्रामीण महिला खिलाड़ियों को आज प्रोत्साहित किया जा रहा है वहीं एमपी बुलो मंडल ने कहा कि पुराने जमाने में मिट्टी पर खेले जाने वाले कबड्डी को आज मैट पर दुधिया रोशनी आयोजित कर ग्रामीण बेटियों को उत्साहित किया जा रहा है | दोनों सांसदों ने मुक्त कंठ से अध्यक्षता कर रहे सुशील यादव एवं कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार की सराहना की और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया |

बता दें कि ‘सवेरा ट्रॉफी’ के फाइनल में मधेपुरा की टीम ने खेल का बेहतर प्रदर्शन करते हुए विजेता कप पर कब्जा जमाया वहीं पूर्णिया की टीम उपविजेता रही | दोनों टीमों को विजेता एवं उप विजेता ट्रॉफी दिए जाने के बाद अध्यक्षीय संबोधन में मुखिया सुशील यादव ने कहा कि खेल से भाईचारे में वृद्धि होती है, सामाजिक समरसता कायम रहती है और समाज का विकास होता है | उन्होंने संकल्प के साथ यह घोषणा की कि आने वाले वर्षों में सवेरा ट्रॉफी की ओर से और बेहतर महिला कुश्ती एवं महिला कबड्डी का आयोजन किया जाएगा |

यह भी जानिए कि ‘सवेरा’ के अध्यक्ष विनोद आशीष ने घोषणा की कि विजेता टीम को 10,000/- नगद देकर एवं उपविजेता टीम को 7000/- नगद राशि से सम्मानित किया गया है तथा आगे और बेहतर करने की कोशिश की जाएगी | महिला खिलाड़ियों को भरपूर सम्मान दिया जाएगा |

कार्यक्रम में गणमान्यों की उपस्थित अंत तक देखी गई जिसमें प्रमुख रहे- डॉ.त्रिलोकी नाथ यादव, जनाब मो.खालिद, वीरेन्द्र झा, प्रफुल्ल चंद्र यादव, राम यादव, ब्रज भूषण कुमार, योगेश कुमार बंटी, कृत्यानंद यादव, विद्यानंद जयसवाल, विनय कुमार दीवाना, अशोक झा, सौरभ कुमार चौधरी आदि खेल के दरमियान निर्णायकों की भूमिका में देखे गये- अरुण कुमार, गौतम कुमार प्रीतम, मनीष कुमार, प्रवीण कुमार, रितेश रंजन, दीपक कुमार, राहुल कुमार, नीरज कुमार, सद्दाम हुसैन, अविनाश कुमार, मुकुल कुमार आदि |

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कोसी और मिथिलांचल के बीच 84 वर्षों से टूटा रेल संपर्क फिर से होगा चालू- सांसद पप्पू यादव

सहरसा जंक्शन से सरायगढ़ तथा सरायगढ़ से निर्मली-सकरी होते हुए मिथिलांचल को जोड़ने वाले रेल खंड के बचे कार्यों को अब युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा। जानिए कि 84 वर्षों से कोसी एवं मिथिलांचल के बीच रेल संपर्क टूटा रहा…..।

बता दें कि कोसी-मिथिलांचल व सीमांचल की रेल समस्याओं पर सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और महाप्रबंधक एल.सी.त्रिवेदी के साथ डीआरएम आर.के.जैन की देर तक वार्ता हुई। सहरसा जंक्शन सहित दौरम मधेपुरा स्टेशन के विकास के बाबत पूर्व के प्रस्ताव की स्वीकृति की जानकारी खुद सांसद पप्पू यादव ने मधेपुरा अबतक को दी। इससे पूर्व सांसद को रेल महाप्रबंधक एल.सी.त्रिवेदी द्वारा अंगवस्त्रम तथा पौधा लगा हुआ गमला भेंट कर सम्मानित किया गया।

यह भी जान लें कि सहरसा से गढ़बरुआरी तक 16कि.मी. रेल लाइन का अमान परिवर्तन कार्य पूरा कर लिया गया है। इससे आगे सुपौल-सरायगढ़-सकरी से भी आगे तक के बचे कार्यों में तेजी लाई जा रही है। वर्ष 2019 के जून महीने से पहले सहरसा-सरायगढ़-निर्मली रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।

यह भी बता दें कि सामरिक दृष्टि से बिहार में रक्सौल के बाद सहरसा रेलवे स्टेशन को महत्वपूर्ण माना गया है। अतः सहरसा रेलवे स्टेशन को कारु खिरहरि हाल्ट से पंचवटी के रास्ते रेल द्वारा अपनी जमीन पर नया ट्रैक बिछाया जाएगा ताकि पूरब (यानि मधेपुरा) की दिशा से आने वाली ट्रेनों को सहरसा पहुंचने पर इंजन को बदलने की समस्या ही समाप्त हो जाय क्योंकि पहले भी इसी रास्ते से ट्रेन मधेपुरा की ओर जाती और आती थी।

महाप्रबंधक एलसी त्रिवेदी के साथ हुई बैठक के बाद सांसद पप्पू यादव ने मधेपुरा अबतक को पुनः बताया कि बनमनखी-बिहारीगंज रेलखंड पर ट्रेन की आवाजाही मार्च 2019 से शुरू हो जाएगी और बनमनखी-बराहारा कोठी दिसंबर तक चालू हो जाएगा। अंत में मधेपुरा और सहरसा स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने की चर्चा के क्रम में उन्होंने कहा कि शहर के बंगाली बाजार में पूर्व से प्रस्तावित रेल ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए अब किसी टेंडर की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब इस ओवर ब्रिज का निर्माण एनएचआई द्वारा ही किया जाएगा।

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