मधेपुरा में बनने वाले इंजन पर ‘मधेपुरा’ अंकित होगा – सीएओ आर.के.गुप्ता

यह सच है कि मधेपुरा के किसानों की जमीन पर मधेपुरा के ही सांसद रहे लालू प्रसाद के रेल मंत्रित्वकाल में मधेपुरा को रेल इंजन कारखाना बनाने की स्वीकृति मिली जिसे डायनेमिक डीएम मो.सोहैल एवं समस्त रेल पदाधिकारियों व कर्मियों की मेहनत व लगन ने समय से पूर्व तैयार कर दिया और इंजन को पटरी पर दौड़ा दिया |

यह भी बता दें कि फैक्ट्री से निकलकर ट्रायल के लिए मधेपुरा स्टेशन तक आये इंजन पर ‘मधेपुरा’ अंकित नहीं देखने पर मधेपुरा के युवाओं के दिल की धड़कन को महसूस किया मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने | फिर क्या था, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने इस आशय- “मधेपुरा रेल फैक्ट्री से निकले इंजन पर मधेपुरा अंकित हो” का आवेदन जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) को प्रेषित करने से पूर्व ही मधेपुरा अबतक को हस्तगत करा दिया |

जानिए कि मधेपुरा अबतक द्वारा इस दिशा में पहल किये जाने पर रेल कारखाना के मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी आर.के.गुप्ता ने जहां मधेपुरा अबतक को आश्वस्त किया कि मधेपुरा रेल इंजन कारखाना में बनने वाले प्रत्येक इंजन पर अब मधेपुरा का नाम अंकित रहेगा, वहीं श्री गुप्ता ने यह भी बताया कि फिलहाल भारतीय रेल एवं अल्सटॉम कंपनी द्वारा एसम्बल्ड इस इंजन को कारखाना परिसर में 30 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से ही चलाया जा रहा है | आगे मेन लाइन पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर ट्रायल किया जाएगा | फिर अप्रैल-मई में यूपी के सहारनपुर भेजकर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की फुल स्पीड से चलाकर ट्रायल किया जायगा, क्योंकि वहां पर इंजन के मेंटेनेंस के लिए फ्रांस की एल्सटॉम कंपनी द्वारा डिपो बनाया गया है | उन्होंने मधेपुरा अबतक को यह भी बताया कि सहारनपुर में आरडीएसओ की टीम की देख-रेख में और कई प्रकार के ट्रायल किये जायेंगे |

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2025 तक टी.बी. रोग से मुक्त होगा बिहार- बिहार सरकार

मधेपुरा सदर अस्पताल में विश्व यक्ष्मा दिवस पर दिन भर कार्यक्रम चलता रहा | प्रथम सत्र में सवेरे-सवेरे स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्कूली स्काउट एंड गाइड द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई | इस रैली को  डी.एस. डॉ.शैलेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ.अखिलेश कुमार, डॉ.अशोक कुमार, डॉ.फूल कुमार, डी.पी.एम. आलोक कुमार एवं संचारी रोग पदाधिकारी डॉ.हरिनंदन प्रसाद सहित नवनीत चन्द्रा, गौतम कुमार, मो.नसीम अख्तर, तेजेंद्र कुमार आदि की उपस्थिति में सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पांडे एवं समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया |
बता दें कि रैली में स्वास्थ्य कर्मियों एवं बैंड-बाजे के साथ तुलसी पब्लिक स्कूल के स्काउट एंड गाइड वाले छात्रों के हाथों में तख्तियों पर लिखे हुए निम्नांकित नारों को भारी संख्या में सड़क किनारे खड़े लोगों द्वारा मोबाइल के कैमरों में कैद करते देखा गया – वे नारे यही हैं……
टीबी हारेगा- देश जीतेगा ! पूरा कोर्स- पक्का इलाज !!

सबके सहयोग की शक्ति से- टीबी भागेगा बस्ती से !!!

Attending Tberculosis awareness Workshop, C.S. Dr.Gadadhar Pandey, DS Dr.Shailendra Kumar Gupta, Dr.Akhilesh Kumar, Dr.A Kumar , Dr.Bhupendra Madhepuri, Dr.H.N.Prasad , Md.Shaukat Ali, Dr.Minakshi Verma & others including Rangkarmi Team of Vikas Kumar (Srijan Darpan).
Attending Tberculosis awareness Workshop, C.S. Dr.Gadadhar Pandey, DS Dr.Shailendra Kumar Gupta, Dr.Akhilesh Kumar, Dr.A Kumar , Dr.Bhupendra Madhepuri, Dr.H.N.Prasad , Md.Shaukat Ali, Dr.Minakshi Verma & others including Rangkarmi Team of Vikas Kumar (Srijan Darpan).

दुसरे सत्र में यक्ष्मा कार्यालय के सामने सीएस डॉ.गदाधर पांडे की अध्यक्षता में एक कार्यशाला का वृहद् आयोजन किया गया | इसमें जिले के समस्त आशा कर्मियों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी बुलाया गया था | चिकित्सकों के अलावे समाजशास्त्री डॉ.आलोक कुमार, समाजसेवी मो.शौकत अली, विदुषी डॉ.मीनाक्षी वर्मा सहित रंगकर्मी विकास कुमार की पूरी टीम को सर्वप्रथम समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा संबोधित करने के क्रम में टी.बी. रोग के इतिहास पर प्रकाश डाला गया |
डॉ.मधेपुरी ने कहा कि यह रोग मनुष्यों में 5000 वर्ष पूर्व से ही चिन्हित किया गया है | आरंभ में इसे ‘क्षय रोग’ तथा बाद में ‘तपेदिक’ कहा जाने लगा  | आगे ऋग्वेद में इसे ‘यक्ष्मा’ और अथर्ववेद में ‘बालसा’ कहा गया…… कालांतर में ‘खूनी खांसी’ व ‘पिशाची रोग’ के नाम से भी प्रचलित होता रहा | पहली बार 1839 में जे.एल.स्कर्लिन  द्वारा इस बीमारी को T.B. नाम देकर इसे फेफड़े से जुड़ी बीमारी कहा गया | वर्ष 1906 में वैक्सीन बना जिससे आज भी 80% इलाज किया जा रहा है |
सदर अस्पताल के सभी चिकित्सकों सहित समाजशास्त्री डॉ.आलोक कुमार, समाजसेवी मो.शौकत अली, विदुषी डॉ.मीनाक्षी वर्मा आदि ने भी विस्तार से इस रोग के कारण व निवारण की चर्चाएं की | अध्यक्षीय संबोधन में सीएस डॉ.पांडे ने कहा कि भारत की 40% आबादी में टी.बी. के जीवाणु पाये जाते हैं तभी तो प्रतिदिन 1000 लोगों की मृत्यु हो जाती है | उन्होंने कहा कि टीबी की रोकथाम के लिए मुफ्त जांच एवं मुफ्त दवा की व्यवस्था है |
अंत में संचारी रोग पदाधिकारी डॉ.प्रसाद ने कहा कि नियमित दवाखाने से यह रोग पूरी तरह समाप्त हो जाता है | उन्होंने अतिथियों को लाखों रुपए वाली सीबीनेट मशीन भी दिखाई जिससे एक साथ 4 मरीजों को “टी.बी. है या नहीं”  की जांच हो जाती है |

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योगी के यूपी में बाबा साहब का नया नाम

यूपी के सभी राजकीय अभिलेखों में अब संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम के साथ ‘राम जी’ जोड़ दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम बदलकर डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर करने के लिए बुधवार को सभी विभागों और इलाहाबाद-लखनऊ हाई कोर्ट की सभी बेंचों को आदेश दिया है। बता दें कि इसके लिए संविधान की आठवीं अनुसूची की मूल प्रति को आधार बनाया गया जहां डॉ. भीमराव आंबेडकर के डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर के रूप में हस्ताक्षर सम्मिलित हैं।

गौरतलब है कि संविधान के पन्ने में बाबा साहब का हस्ताक्षर ‘डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर’ के नाम से शामिल है। इस संदर्भ में बाबासाहब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा के निदेशक डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल का कहना है कि इस कैंपेन को राज्यपाल राम नाईक ने दिसंबर 2017 में शुरू किया था। राम नाईक ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और महासभा को पत्र लिखकर आंबेडकर के नाम का सही उच्चारण और सही नाम लिखने के लिए ध्यान आकृष्ट कराया था।

आगे लालजी प्रसाद कहते हैं, ‘मुख्य बिंदु यह है कि उनके नाम का सही उच्चारण होना चाहिए। अंग्रेजी में उनके नाम की स्पेलिंग सही है लेकिन हिंदी में उनके नाम की स्पेलिंग बदलनी होगी और इसे अंबेडकर न लिखकर ‘आंबेडकर’ लिखा जाना चाहिए। वहीं रामजी उनके पिता का नाम था। महाराष्ट्र में पुरानी परंपरा के आधार पर पिता का नाम बेटे मध्य नाम के लिए इस्तेमाल करते आए हैं।

उधर भाजपा सरकार के इस फैसले से बसपा प्रमुख मायावती सख्त नाराज हैं। उनका कहना है कि बाबा साहब दलितों की चिन्ता करते थे जबकि भाजपा उनके नाम पर नाटक करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सस्ती लोकप्रियता के लिए नाम में बदलाव किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम भी पूरा लिखा जाता है। बकौल मायावती, बाबा साहब खुद भी अपना नाम बीआर आंबेडकर ही लिखते थे।

बहरहाल, 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती भी है, ऐसे में योगी सरकार के इस शासनादेश की टाइमिंग के विशेषार्थ निकाले जा रहे हैं, तो आश्चर्य की कोई बात नहीं।

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दिल्ली में ममता बनर्जी से मिले शत्रुघ्न सिन्हा

भाजपा के ‘शत्रु’ शत्रुघ्न सिन्हा पार्टी के दो अन्‍य वरिष्‍ठ नेताओं यशवंत सिन्‍हा और अरुण शौरी के साथ दिल्ली में पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी से मिले। बता दें कि इन दिनों ममता नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए दिल्‍ली आई हुई हैं। भाजपा के ये तीनों नेता नरेंद्र मोदी सरकार की कई मौकों पर आलोचना कर चुके हैं। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए ममता से उनकी इस मुलाकात को महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है।

गौरतलब है कि शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने 2019 में अपने लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर बड़ी बेबाकी से बयान दिया है। कुछ इस तरह कि उसके कई मतलब निकल रहे हैं। उन्होंने बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकेशन वही होगा, सिचुएशन कुछ भी हो। उन्‍होंने कहा कि 2014 में भी मुझे टिकट न मिलने की बात कही जा रही थी, लेकिन मुझे मिला था। इस बार भी कुछ ऐसा ही कहा जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि उनकी जीत का मार्जिन बहुत ज्‍यादा था तो ऐसे में मुझे टिकट क्‍यों नहीं देंगे? अपने चुनाव-क्षेत्र – पटना साहिब – की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ की जनता उन पर बहुत भरोसा करती है।

ममता बनर्जी से अपनी मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए शत्रुघ्न ने कहा कि ‘वह (ममता बनर्जी) मेरा बहुत सम्‍मान करती हैं। राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर ममता दीदी के नाम से जानी जाती हैं तो ऐसे में दीदी से मिलने में क्‍या हर्ज है?’ यहां बता दें कि बुधवार को ही ममता बनर्जी ने 10 जनपथ जाकर यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी से भी मुलाकात की।

बहरहाल, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से रांची जाकर मिलने के बाद ममता बनर्जी से दिल्ली में शत्रु की इस मुलाकात को हल्के में कतई नहीं दिया जा सकता। इसमें स्पष्ट तौर पर भविष्य की राजनीति के कई संकेत छिपे हैं।

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मधेपुरा रेल फैक्ट्री से निकले इंजन पर ‘मधेपुरा’ तो अंकित हो !

मधेपुरा जिले के किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन पर इलेक्ट्रिक रेल इंजन कारखाना बनाने की स्वीकृति तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद के कार्यकाल में मिली थी | फिर मधेपुरा जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल के सफल सहयोग एवं डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव सहित उच्चाधिकारियों व सभी कनीय पदाधिकारियों के कठिन परिश्रम के चलते यह रेल फैक्ट्री निर्धारित समय से 6 माह पूर्व ही सारा कार्य पूरा कर लिया | फ्रांस की अल्सटॉम कंपनी के सहयोग से तैयार किया गया | 12 हज़ार HP का विद्युत रेल इंजन राष्ट्र को समर्पित होने के लिए भारत के PM मोदी और फ्रांस के प्रेसिडेंट मैक्रॉन का 28 फरवरी से इंतजार कर रहा है |

बता दें कि 28 फरवरी 2018 को उद्घाटन होना था लेकिन मानसी-सहरसा के बीच रेल विद्युतीकरण कार्य अधूरा रहने के कारण उद्घाटन नहीं हो सका | इस बीच रेल फैक्ट्री से दौरम मधेपुरा स्टेशन तक लगभग 2 किलोमीटर की रेल पटरी पर इंजन दौड़ लगाती हुई आई-गई |

यह कि युवाओं द्वारा जहाँ खुशी जाहिर करते हुए नये रेल इंजन के फोटो को कैमरे में कैद किया जाने लगा वहीं इंजन पर ‘मधेपुरा’ लिखा नहीं देखने पर सभी मायूस हो गये | जानिये कि कुछ बोल गये कि दिल्ली से आते समय कहीं इंजन पर गोंडा अंकित देखा तो कहीं ‘गोरखपुर’….. ‘सहारनपुर’ या ‘समस्तीपुर’ भी |

यह भी जानिये कि जिस तरह भारत के विकसित होने की चिंता भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को हुआ करती थी उसी तरह डॉ.कलाम के करीबी रह चुके व मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को इस बात की चिन्ता सता रही है कि मधेपुरा रेल फैक्ट्री में उद्घाटन के लिए रखे गये तैयार दो इलेक्ट्रिक रेल इंजन के किसी कोने में भी ‘मधेपुरा’ क्यों नहीं लिखा गया है |

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पुरस्कार व्यक्ति को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है- एस.डी.एम. निराला

‘हिन्दी शब्द स्पर्धा’ (2017-18) में जिले के सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों के चयनित प्रतिभागियों के बीच ‘पुरस्कार वितरण’ का आयोजन स्थानीय वेदव्यास महाविद्यालय में राज मैनेजमेंट द्वारा किया गया | हिन्दी शब्द स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में अभिभावकों, शिक्षकों एवं बुद्धिजीवियों की भारी भीड़ देखी गई |

बता दें कि इस पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में मौजूद सदर एसडीएम संजय कुमार निराला ने अपने संबोधन में बच्चों से यही कहा कि पुरस्कार का कोई मूल्य नहीं होता बल्कि इसका विशेष महत्व होता है | उन्होंने कहा कि इसे तो कोई भी बाजार से खरीद सकता है, परंतु किसी संस्था के द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में चयनित होकर मंचासीन अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किये जाने पर एक अलग तरह की खुशी होती है जो पुरस्कृत बच्चों को आगे बढ़ने के लिए सदा उत्साहित एवं प्रोत्साहित करता है |

Principal Dr.Bandna Kumari from Holy Cross School is receiving 'Momento of Honour' by SDM Sanjay Kumar Nirala and others on the occasion of 3rd Inter School Hindi Word Championship and Vedvyas College Madhepura.
Principal Dr.Bandna Kumari from Holy Cross School is receiving ‘Momento of Honour’ by SDM Sanjay Kumar Nirala and others on the occasion of 3rd Inter School Hindi Word Championship and Vedvyas College Madhepura.

यह भी बता दें कि संस्था के संरक्षक सह समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने बच्चों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के ‘हिन्दी शब्द स्पर्धा’ से बच्चों के अंदर आत्मविश्वास तो बढ़ता ही है साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने यानि प्रतिभागी बनने की सद्भावनाएं भी विकसित होती चली जाती है |

आगे डॉ.मधेपुरी ने कहा कि आजकल जीवन के हर मोड़ पर प्रतियोगिताओं का दौर है | हर जगह प्रतियोगिता ही प्रतियोगिता है | प्रतियोगिता के इस दौर में ‘हिन्दी शब्द स्पर्धा’ जैसा आयोजन बेशक इन बच्चों के मन से परीक्षा को लेकर उत्पन्न भय को दूर भगाता है |

यह भी जानिये कि जहाँ एमएलटी सहरसा के प्राचार्य डॉ. के.पी.यादव ने इस प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से बच्चों का मानसिक विकास होता है वही वेदव्यास के प्राचार्य डॉ.आलोक कुमार एवं हॉली क्रॉस की प्राचार्य डॉ.वंदना कुमारी ने अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया और कहा कि अक्षर से शब्द और शब्द से वाक्य बनता है जो पढ़ाई का आधार बनता है |

इस अवसर पर सचिव सावंत कुमार रवि, सहयोगी सोनी राज एवं अमित अंशु की पूरी टीम द्वारा विभिन्न ग्रुपों से चयनित 62 बच्चे-बच्चियों के बीच पुरस्कार वितरण से लेकर आयोजन में सहयोग करने वाले शिक्षकों एवं मीडिया कर्मियों को भी सम्मानित किया गया | सर्वाधिक सम्मान के भागीदार बनी हॉली क्रॉस की प्राचार्या डॉ.वंदना कुमारी जिनके विद्यालय से सुपर सीनियर कोटि में क्रमशः प्रथम-द्वितीय एवं तृतीय तीनों पुरस्कार हासिल किया- वागीश गर्ग, अंजलि एवं रिया राज ने |

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पूर्णिया की भावना ने ‘मिस इंडिया’ के लिए किया क्वालिफाई

किसी में दृढ़ इच्छाशक्ति हो और उस इच्छाशक्ति को सही समय पर सही दिशा में लगाया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। बिहार के पूर्णिया की बेटी भावना जैन ने अपनी सफलता से इसी बात का उदाहरण पेश किया है। जी हाँ, पूर्णिया के व्यवसायी मनोज व मनीषा नाहर की बेटी भावना ने 22 मार्च 2018 को कोलकाता में आयोजित ‘फेमिना मिस इंडिया बिहार’ प्रतियोगिता जीत कर फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई कर लिया। अब मिस इंडिया के लिए उनका ऑडिशन दी महीने बाद मुम्बई में शुरू होगा।

गौरतलब है कि कोलकाता में आयोजित इस प्रतियोगिता में भावना बिहार से अकेली प्रतिभागी नहीं थीं। बीते 24 फरवरी को पटना के पी एंड एम मॉल में एफबीबी कलर्स फेमिना मिस इंडिया 2018 प्रतियोगिता में राज्य की 80 प्रतिभागियों में भावना जैन, सिमरन सिंह तथा अंशिका सिंह का चयन हुआ था। फिर इन सबने 22 मार्च को कोलकाता में आयोजित जोनल क्राउनिंग प्रतियोगिता में शिरकत की, जहां विजेता बनने के लिए भावना ने 27 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ा, फिर यह मुकाम हासिल किया।

व्यवसायिक परिवेश में जन्मी नोरतनमल नाहर की पौत्री भावना अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने परिवार वालों को देती हैं। उन्‍होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी मनोबल बनाए रखने में परिवार ने सहायता की। अपनी इच्छाशक्ति भी साथ रही। इस कारण सफलता मिली।

बता दें कि भावना की शुरुआती पढ़ाई पूर्णिया में ही हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई करने वो कोलकाता चली गईं। संयोग देखिए कि उसी कोलकाता में उसकी सफलता की ये गौरवशाली कहानी लिखी जानी थी। ‘मधेपुरा अबतक’ की ओर से ‘मैला आंचल’ की मिट्टी से आने वाली भावना जैन को ढेरों बधाई! हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में मिस इंडिया बन वे हमें और भी गौरवान्वित करेंगी।

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चारा घोटाले में लालू को अब तक की सबसे बड़ी सजा

बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले के चौथे मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को दो धाराओं में 7-7 साल की सजा का ऐलान किया गया है। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी। साथ ही उन पर 60 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना ना देने की स्थिति में 1-1 साल की सजा बढ़ जाएगी। बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के मामले में लालू यादव को यह सजा सुनायी है। चारा घोटाले में उनको मिली यह सबसे बड़ी सजा है।

बता दें कि दुमका कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्र समेत 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था। लालू यादव के वकीलों को उम्मीद थी कि उनकी बढ़ती उम्र और खराब तबीयत के कारण कोर्ट उनकी सजा में कुछ नरमी बरतेगा। लेकिन कोर्ट ने कोई नरमी ना बरतते हुए उन्हें चारा घोटाले में सबसे बड़ी सजा सुनायी। इन दिनों रांची की बिरसा मुंडा जेल में सजा काट रहे लालू यादव को तबीयत खराब होने के कारण जेल से रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव इससे पहले चारा घोटाले के 3 अन्य मामलों में भी दोषी करार दिए जा चुके हैं। वे चारा घोटाले के कुल 6 मामलों में आरोपी हैं, जिनमें से पहले मामले में उन्हें साल 2013 में 5 साल की सजा, दूसरे मामले में साल 2017 में साढ़े तीन साल की सजा और तीसरे मामले में 5 साल की सजा सुनायी गई। अब चौथे दुमका कोषागार मामले में उन्हें दो धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनायी गई है। इनके अलावा लालू यादव को 2 अन्य मामलों में भी आरोपी बनाया गया है और अभी इन पर सुनवाई चल रही है।

चलते-चलते बता दें कि 1990 के दशक में बिहार में बहुचर्चित चारा घोटाला हुआ था, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को आरोपी बनाया गया था। पटना हाईकोर्ट द्वारा मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। बिहार और झारखंड के बंटवारे के बाद कुछ मामले रांची ट्रांसफर कर दिए गए थे। दुमका कोषागार मामला भी उन्हीं मामलों में से एक है।

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बिहार दिवस पर मधेपुरा को मिला- शहीद पार्क, डॉ.कलाम पार्क व झल्लू उद्यान- डॉ.मधेपुरी

जहाँ एक ओर बी.एन.मंडल स्टेडियम में आयोजित बिहार दिवस समारोह की अध्यक्षता कर रहे डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने पिछड़ेपन के दंश को पूर्व में झेलते रहने वाले मधेपुरा जिला की उपलब्धि- “यह कि PM द्वारा कराये गये ताजा सर्वेक्षण रिपोर्ट में देश के सूचीबद्ध किये गये 115 पिछड़े जिलों में मधेपुरा का नाम नहीं है” पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें सभी पंचायतों व नगर परिषदों के कर्मठ सदस्यों से लेकर प्रशासनिक कर्मियों-पदाधिकारियों सहित सभी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी है, वहीं इससे पूर्व समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने उसी मंच से मधेपुरा एवं बिहार के विस्तृत ऐतिहासिक तथ्यों सहित महान लोगों की जानकारियां देते हुए आह्वान किया कि हमें फिर से गौरवशाली इतिहास बनाना है | तभी तो जिलापदाधिकारी मो.सोहैल छोटे-बड़े जलसों में भी डॉ.मधेपुरी को मधेपुरा का भीष्म पितामह कहकर संबोधित करने में न तो कोई गुरेज करते और न उपलब्धियों का श्रेय अपने हिस्से में समाहित होने देते जबकि एक नहीं दो-दो बार मधेपुरा जिला को शीर्ष तक ले जाने पर CM द्वारा पुरस्कृत भी किए जा चुके हैं डीएम मो.सोहैल |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing people on the occasion 106th Bihar Diwas Samaroh at B.N. Mandal Stadium , Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing people on the occasion 106th Bihar Diwas Samaroh at B.N. Mandal Stadium , Madhepura.

जहाँ बिहार दिवस पर सजा-धजा मधेपुरा, वहीं कहीं निकली प्रभातफेरी तो कहीं हुआ विकास दौड़ | कहीं चिल्ड्रेन पार्क के अंदर शहीद पार्क में आधे दर्जन शहीदों-  शहीद बाजा शाह (किसुनगंज), शहीद चुल्हाय यादव (मनहरा), शहीद सदानंद (धुरगाँव), शहीद प्रमोद कुमार (फुलकहा), शहीद प्रमोद कुमार (चामगढ़) एवं शहीद शंकर प्रसाद रजक (मधेपुरा) – के नामांकित शिलालेख का अनावरण किया- डॉ.मधेपुरी, अध्यक्षा मंजू देवी, मो.शौकत अली व ध्यानी यादव, डीडीसी मुकेश कुमार, वरीय उपसमाहर्ता मो.अल्लाह मुख़्तार, डिप्टी कलक्टर रजनीश, सहायक अभियंता मधुसूदन कुमार कर्ण, कार्यपालक अभियंता (भवन) Er.मनोज कुमार सिंह आदि की उपस्थिति में- डीएम मो.सोहैल ने तो कहीं नगर परिषद् के अनाम पार्क को विभिन्न प्रकार के झूलों एवं ओपन जिम उपकरणों से सजाकर भारतरत्न डॉ.कलाम पार्क नामित करते हुए वार्ड पार्षद अहित्या देवी, पार्षद पति-ध्यानी यादव, सुनिल साह, मनीष कुमार मिंटू, कार्यपालक पदा. मनोज कुमार पवन, प्रधान लिपिक मो.सलाम आदि कि उपस्थिति में मधेपुरा को समर्पित किया डायनेमिक डीएम ने |

Dr.Bhupendra Madhepuri , Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and others paying homage to martyrs at Shahid Park Madhepura.
DM Md.Sohail , Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri , Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and others paying homage to martyrs at Shahid Park Madhepura.

बता दें कि 106वाँ बिहार दिवस के मौके पर डीएम-डीडीसी, डॉ.मधेपुरी, मो.अल्लामा मुख्तार, मुकेश कुमार आदि सबों ने अध्यक्षा मंजू देवी, जिला पार्षद डिंपल कुमारी आदि मातृशक्ति द्वारा सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया | पंचायत से जिला स्तर के सभी प्रतिनिधियों को विचार व्यक्त करने का अवसर दिया गया | स्टेडियम में लगे कृषि-उद्योग मेला स्टाल का उद्घाटन डीएम-डीडीसी आदि ने किया | अंत में सबों ने संयुक्तरूप से डीआरडीए परिसर स्थित झल्लू उद्यान में झाल्लुबाबू की प्रतिमा स्थापना मंडल का शिलान्यास किया | संध्या 5:00 बजे तक लड़कियों/लड़कों की दौड़ एवं खेल-कूद, कबड्डी-वॉलीबॉल आदि खेल सम्पन्न हुए और 5:30 बजे से देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लगा दी स्कूली बच्चे बच्चियों ने…..

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उपराष्ट्रपति ने किया भव्य बिहार दिवस समारोह का उद्घाटन

उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में तीन दिनों तक चलने वाले भव्य बिहार दिवस समारोह का उद्घाटन किया। इस मौके पर बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। गौरतलब है कि 22 मार्च 1912 को बिहार को बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग कर राज्य बनाया गया था। राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को बिहार दिवस मनाती है।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अपने संबोधन में कहा कि देश की संस्कृति ‘वसुधैव कुटम्बकम’ की रही है, यहां रहने वाले सभी धर्म व जाति के लोग भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि जाति, मजहब और परिवारवाद के आधार पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। ‘सबका साथ-सबका विकास’ के तर्ज पर ही देश का विकास हो सकता है। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि “नीतीश ने राजनीति का एजेंडा बदल दिया है और बिहार में विकास की राजनीति की शुरुआत की है, जो सराहनीय है।” गांधीजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि गांधीजी ने समाज को बदलने का जो संदेश दिया था, आज बिहार में उसे लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नीतीश कुमार द्वारा दहेजप्रथा, बाल विवाह और नशाबंदी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार महात्मा गांधी की कर्मभूमि है। गांधीजी के आदर्श को हम सबको आत्मसात करना चाहिए। न्याय के साथ विकास के संकल्प को दुहराते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचारों को हम घर-घर तक पहुंचाएंगे। इस मौके पर हाल में हुई छिटपुट सांप्रदायिक घटनाओं की पृष्ठभूमि में उन्होंने कहा की कि रामनवमी आने वाली है और कुछ लोग इस दिन भड़काने की कोशिश करेंगे। मैं हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि किसी के भी षड्यंत्र में फंसिएगा नहीं। आप सबसे विनम्रता से आग्रह है कि रामनवमी सद्भावना के साथ मनाएं।

चलते-चलते बता दें कि बिहार दिवस समारोह की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने की। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद उप सभापति हारुन रशीद, मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, नंदकिशोर यादव, बिजेंद्र प्रसाद यादव, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, मंगल पांडेय, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह और डीजीपी केएस द्विवेदी भी मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने किया।

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