पटना में शीघ्र होगा डॉ. कलाम के नाम पर साइंस सिटी का निर्माण

सार्वकालिक महानतम भारतीयों में शुमार पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का बिहार के लिए विशेष लगाव रहा। प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित करने का श्रेय उन्हें ही जाता है। इसके अतिरिक्त भी उन्होंने कई अवसरों पर बिहार का मार्गदर्शन किया। उनका मानना था कि बिहार में देश का अगुआ बनने की प्रचुर संभावना है। इसके लिए आमजन, विशेष तौर पर युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी अलग-अलग मौकों पर वे सुझाव देते रहे थे।

और एक अति महत्वपूर्ण सुझाव डॉ.कलाम ने पटना में ही लेखक डॉ.मधेपुरी को दी थी | बता दें कि 30 दिसंबर 2005 को पटना के हवाई अड्डे पर महामहिम राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की मुलाकात रात्रि के लगभग 9:00 बजे लाइब्रेरी के एक विशाल हॉल में तब हुई जब ‘अग्नि की उड़ान’ के सह-लेखक डॉ.अरुण कुमार तिवारी उपस्थित थे | मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी टीम के साथ उन्हें विदा करने हेतु आने ही वाले थे |

The President of India Dr.APJ Abdul Kalam with Dr.Bhupendra Madhepuri at Patna Airport .
The President of India Dr.APJ Abdul Kalam with Dr.Bhupendra Madhepuri at Patna Airport .

बता दें कि डॉ.मधेपुरी द्वारा जो दो पुस्तकें – एक डॉ.कलाम पर और दूसरी डॉ.कलाम के साथ लिखी गई हैं- उन्हीं पुस्तक द्वय के अवलोकन के क्रम में महामहिम डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने डॉ.मधेपुरी को राष्ट्रपति भवन आने के आमंत्रण के साथ ही यह मूल्यवान सुझाव भी दिया था –

“ये ऑंखें दुनिया को दोबारा नहीं देख सकती, अतएव तुम्हारे अंदर जो बेहतरीन है वो दुनिया को देकर जाना……… बच्चों को देकर जाना |”                       

ऐसे सार्वकालिक गांधीयन मिसाइलमैन की एक आदमकद प्रतिमा मधेपुरा समाहरणालय के उत्तरी खाली परिसर में लगा कर डॉ.कलाम सरीखे ऋषि की स्मृतियों को जीवंत रखने की तमन्ना पालते देखे जा रहे हैं समाजसेवी साहित्यकार डॉ.मधेपुरी , जिन्हें कुछ लोग “मधेपुरा का डॉ.कलाम” भी कहने लगे हैं | मधेपुरा आशा भरी निगाहों से देख रहा है कि यहां के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल या फिर बिहार के क्रांतिकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों में से पहले किनकी सहमति प्राप्त होती है……… लेकिन फिलहाल तो सीएम उनके नाम पटना में साइंस सिटी बनाने में व्यस्त दिखने लगे हैं |

मिसाईलमैन की स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए ही बिहार सरकार ने पटना में उनके नाम पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की साइंस सिटी बनाने का निर्णय लिया, जिसका निर्माण अब शीघ्र शुरू होगा। मंगलवार को इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 397 करोड़ खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इनमें से 94 करोड़ जल्द ही बिहार काउंसिल ऑन साइंस सिटी एंड टेक्नोलॉजी को बिहार आकस्मिकता निधि से दिया जाएगा, ताकि काम अविलंब शुरू हो।

गौरतलब है कि प्रस्तावित साइंस सिटी का निर्माण पटना के राजेन्द्र नगर स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के नजदीक करीब 20 एकड़ भूमि में होना है। अपने ढंग के अनूठे इस साइंस सिटी में वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित कई प्रदर्श दीर्घा का निर्माण होगा। इसमें वैज्ञानिक सिद्धांतों की अनुभूति और इनका आम जन-जीवन में हो रहे प्रयोगों को भी दिखाया जाएगा। साथ ही पर्यटन स्थल के रूप में भी इसका विकास किया जाएगा। कलाम के करोड़ों चाहने वालों के लिए ये निश्चित रूप से अनमोल तोहफा होगा, जिसके लिए बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार साधुवाद के पात्र हैं।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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