घिरे लालू, सामने आया शहाबुद्दीन से बातचीत का टेप

एक निजी टीवी चैनल द्वारा आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनकी पार्टी के बाहुबली नेता व पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के बीच हुई बातचीत का टेप जारी होने के बाद बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। इस बातचीत में शहाबुद्दीन लालू से सीवान के एसपी के खिलाफ शिकायत कर रहे हैं। बताया जाता है कि कथित बातचीत के दौरान शहाबुद्दीन जेल में थे।

बहरहाल, इस मामले को लेकर भाजपा सहित पूरे विपक्ष ने बिहार की महागठबंधन सरकार पर हमला बोला है। भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि इस मामले में केन्द्र सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने लालू पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि राज्यपाल को भी पूरे मामले को देखना चाहिए।

‘हम’ के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने कहा कि इससे साबित होता है कि प्रदेश में अपराधियों के संरक्षण में सरकार चल रही है। उन्होंने इस मामले में केन्द्र के हस्तक्षेप के साथ-साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की।

इस पूरे प्रकरण में विपक्ष की एक मांग यह भी है कि आरजेडी शहाबुद्दीन को तत्काल पार्टी से निकाले। इस पर आरजेडी के वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह ने कहा कि जेल के भीतर से शहाबुद्दीन का लालू से बातचीत करना तो गलत है, लेकिन हम शहाबुद्दीन को पार्टी से नहीं निकालेंगे। वो हमारी पार्टी के नेता हैं और रहेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि इस टेप से बिहार के गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।

वहीं जेडीयू ने इस मामले पर अपना तटस्थ रुख दिखाया। पार्टी महासचिव श्याम रजक ने कहा कि जारी टेप की सच्चाई जानने के बाद ही इस बारे में कोई टिप्पणी करेंगे। अभी इस बारे में कुछ भी कहना ठीक नहीं है। उधर पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि बिहार में सुशासन का राज है और रहेगा। ऐसी किसी भी बात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जिससे बिहार में सुशासन की छवि खराब हो।

महागठबंधन की तीसरी पार्टी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व शिक्षामंत्री अशोक चौधरी ने भी अपने बयान में सावधानी बरती और कहा कि पहले यह देखना चाहिए कि वायरल टेप कब का है? लालू-शहाबुद्दीन की बातचीत कब की है? लालू प्रसाद ही ज्यादा बेहतर बता सकते हैं कि आखिर ये मामला क्या है ?

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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