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बिहार सरकार की नई कॉमन इंटीग्रेटेड वेबसाईट का लोकार्पण

शनिवार, 06 जून 2020 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार सरकार की नई कॉमन इंटीग्रेटेड वेबसाईट (state.bihar.gov.in) का लोकार्पण किया। यह एक डायनमिक वेबसाईट है। इसे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने बनाया है। इस वेबसाईट पर सभी विभागों की सूचनाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकेगा। सभी विभागों की सूचनाओं का अपडेशन भी इस प्लेटफॉर्म से किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वेबसाईट के लोकार्पण के पश्चात कहा कि सभी सुविधाएं एक जगह एकत्रित होने से लोगों को जानकारी मिलने में सुविधा होगी। सभी विभागों के कार्यकलापों की अद्यतन जानकारी, सूचनाएं एक साथ मिल सकेंगी। इस पहल की सराहना करते हुए उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को बधाई दी।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा, जल संसाधन मंत्री संजय झा, आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय, मुख्य सचिव दीपक कुमार एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

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5 जून : विश्व पर्यावरण दिवस

जब हम लोग विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) को गहराई से नहीं जानते थे तब हम वृक्षों की पूजा किया करते थे। उन दिनों हमारे पूर्वजों द्वारा तुलसी के छोटे-छोटे पेड़-पौधों से लेकर पीपल व बरगद के विशाल वृक्षों की पूजा संपूर्ण समर्पण के साथ की जाती थी। तब भले ही हम यह नहीं जानते थे कि यह तुलसी या पीपल हमें अहर्निश प्राणवायु (ऑक्सीजन) देते हैं…। फिर भी तुलसी हर घर व आंगन की शोभा बढ़ाती थी…. और पीपल के पत्तों या टहनियों को तोड़ने या काटने की बात सोचते ही हमारे हाथ कांपने लगते थे।

बता दें कि प्राचीन काल में हमारे पूर्वज एक पेड़ को सौ पुत्रों के समान मानते थे। जब हमने उन्हें काट-काट कर शहर बसाया और उद्योग खड़ा करने लगे तो दिल्ली जैसे शहरों में सांस लेना मुश्किल होने लगा। लोगों की औसत उम्र 3 वर्ष कम हो गई। वाहनों के परिचालन को लेकर ऑड-इवन फॉर्मूला लगाने को विवश होना पड़ा। तब घर-घर यह स्लोगन गूंजने लगा-

“पर्यावरण हम सबकी जान,

आओ करें इसका सम्मान”

Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri planting on the occasion of World Environment Day at his residence Vrindavan.
Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri planting on the occasion of World Environment Day at his residence Vrindavan.

यह भी जानिए कि दुनिया को भले ही कोरोना लाॅकडाउन के चलते आर्थिक भूचाल देखना पड़ा है परंतु हमें साफ-सुथरा आसमान और वायुमंडल में बढ़ रहे ऑक्सीजन का स्तर तो मिला है….। इतने दिनों में दुनिया रिचार्ज तो हो गई है। तभी तो दिल्ली के बच्चे कहने लगे हैं कि दिल्ली में हमने इतना साफ और सुंदर आसमान कभी देखा ही नहीं था।

चलते-चलते बता दें कि आज इस विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा- सरकार प्रतिवर्ष एक महीने का लाॅक डाउन सम्यक विचारोपरान्त तब लगाएं जब बच्चों की परीक्षाएं ना हो, लू चलती हो… रमजान आदि का महीना ना हो तो गंगा-यमुना जैसी नदियां एवं वायुमंडल… सब कुछ स्वतः स्वच्छ और साफ होता रहेगा।

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देश और प्रदेश : कोरोनावायरस अपडेट

देश भर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2 लाख 16 हजार 919 हो गई है जिसमें पिछले 24 घंटे में आये 9304 नए मामले भी हैं। स्पष्ट है कि लाॅकडाउन खुलने के बाद देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं यानी जबरदस्त उछाल आया है।

बता दे कि देश में अब तक 6075 लोगों की मौत कोरोना वायरस के कारण हो चुकी है। राहत की बात यही है कि लगभग 50% यानी 104107 मरीज कोरोना से जंग जीत चुके हैं। फिलहाल देश में एक्टिव कोरोना केस की संख्या 1लाख 6 हजार 737 है। विगत कुछ दिनों से मरीजों के ठीक होने का आंकड़ा तेजी से बढ़ने लगा है।

वहीं सूबे बिहार में जहां अब तक 27 लोगों की मौत कोरोना वायरस के कारण हुई है वहीं कोरोना संक्रमित की कुल संख्या- 4420 है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना के 94 नए मरीज मिले हैं।

बता दें कि प्रदेश के 24 जिलों में मिले 94 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज…. जिला बार निम्न प्रकार हैं- जहां पूर्णिया व वैशाली में कोरोना  संक्रमित मिले 12-12, सुपौल-जानाबाद-रोहतास-गोपालगंज में 7-7 सहरसा-पटना में 4-4, भागलपुर-बेगूसराय में 3-3 और समस्तीपुर-जमुई-अरवल-नालंदा-दरभंगा में 2-2 वहीं सीतामढ़ी-लखीसराय-कैमूर-औरंगाबाद-मुजफ्फरपुर-मोतिहारी और मुंगेर जिले में 1-1 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं।

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बिहार सरकार का बड़ा फैसला : 15 जून के बाद सभी क्वॉरेंटाइन सेंटर बंद कर दिए जाएंगे

बिहार की नीतीश सरकार ने फैसला लिया है कि 2 जून के बाद से प्रदेश लौटने वाले प्रवासियों का न तो पंजीकरण किया जाएगा और ना ही उन्हें क्वॉरेंटाइन ही किया जाएगा। इससे पूर्व 5 हज़ार से अधिक सेंटरों पर लगभग 13 लाख  प्रवासियों का पंजीकरण कर उन्हें क्वॉरेंटाइन भी किया जा रहा है। येे सभी क्वॉरेंटाइन सेंटरों को 15 जून के बाद बंद कर दिए जाएंगे…. तब तक सेंटरों में मौजूद सभी प्रवासियों के 14 दिन की क्वॉरेंटाइन अवधि पूरी हो जाएगी।

यह भी जानिए कि सरकार द्वारा रेलवे स्टेशनों पर थर्मल स्क्रीनिंग को भी बंद करने की तैयारी है परंतु प्रत्येक स्टेशन पर प्रवासियों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध होगी ताकि लोगों को इलाज में आसानी हो सके।

बता दें कि बिहार लौटने वाले प्रवासियों में  महाराष्ट्र से लौटने वालों में जहां 677 को कोरोना की पुष्टि हुई है वहीं दिल्ली के 628, गुजरात के 405 और हरियाणा के 237 लोग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त यूपी और राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना आदि अन्य राज्यों से लौटने वाले प्रवासियों को भी कोरोना की पुष्टि हुई है।

चलते-चलते यह भी जान लें कि बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख सचिव प्रत्यय अमृत ने यही कहा कि 30 लाख से अधिक प्रवासियों को हमने वापस लाकर सबसे बड़ी कवायद की है। सचिव ने जानकारी दी कि अधिकतम लोग वापस आ गए हैं। अब डोर-टू-डोर स्वास्थ्य निगरानी जारी रहेगी। चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में समान रूप से उपलब्ध रहेगी। होम क्वॉरेंटाइन सबसे अच्छा क्वॉरेंटाइन है।

 

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सिरहुल्ली के साइकिल गर्ल ज्योति पर अब फिल्मकार विनोद कापड़ी बनाएंगे फिल्म

कल तक दरभंगा जिले के  सिंहवाड़ा प्रखंड के सिरहुल्ली गांव की कोई पहचान नहीं थी और आज साइकिल गर्ल ज्योति के कारण देश-दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है। कोरोना लॉकडाउन- 4 में अपने बीमार पिता मोहन को साइकिल पर बैठाकर हरियाणा के गुरूग्राम से 7 दिनों में 1200 किलोमीटर दूर अपने पैतृक गांव बिहार के दरभंगा (सिरहुल्ली) पहुंचने वाली 15 वर्षीय ज्योति के साहस को लोग सलाम कर रहे हैं। मदद करने के लिए बड़े-बड़े अफसर झारखंड के डीसीएम विजय कुमार, आईएएस संतोष कुमार राय व सुमित कुमार राय भी आगे आ रहे हैं। इन्होंने ज्योति के पिता से बातें भी की और कहा कि उसकी पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी उठा कर समाज में ऊंचा कद दिलाने हेतु केंद्रीय विद्यालय दिल्ली में दाखिला कराने की पहल भी शुरू कर दी है।

बता दें कि ज्योति की बड़ी बहन को नीतीश सरकार की साइकिल योजना के तहत स्कूल से साइकिल मिली थी। ज्योति ने उसी से साइकिल चलाना सीखा था। गुरूग्राम से चलते वक्त जिस ज्योति के पिता की जेब में मात्र ₹500 थे वही ज्योति सिरहुल्ली पहुंचते ही कुबेर के कोषागार की कुंजी अपने पिताश्री के चरणों पर रख दी।

जानिए की ज्योति के हौसले व जुनून को सलाम करने वाले बॉलीवुड फिल्मकार विनोद कापड़ी ने क्या कहा- “मैं साइकिल गर्ल ज्योति पर एक फिल्म बनाने की तैयारी में हूं जिसके लिए मैंने उसके पिताजी श्री मोहन पासवान से अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर लेकर फिल्म बनाने की सहमति भी ले ली है, जिसमें पिता-पुत्री के संघर्षपूर्ण जीवन को प्रेरक रूप दिया जाएगा।”

चलते-चलते यह भी कि ज्योति की मदद में इवांका ट्रंप…. नवभारत टाइम्स के उठते हाथों को देख भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के करीबी रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने भी ज्योति को ऊंचाई पाने हेतु हौसला अफजाइ करने का मन बनाया है। भला क्यों नहीं, डॉ.मधेपुरी तो अंतरराष्ट्रीय खेल में भारत के लिए कांस्य पदक जीतकर बिहार की धरती को गौरवान्वित करने वाली बेटी सोनी राज और 1942 में शहीद हुए भोला ठाकुर की धर्मपत्नी बेचनी देवी जैसों की भी तो मदद करते रहे हैं।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश

गुरुवार, 28 मई को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कोविड-19 के मद्देनजर किए जा रहे कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। अपने एक निर्देश में उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में बाहर फंसे जिन लोगों को बिहार के किसी बैंक में खाता नहीं होने के कारण मुख्यमंत्री विशेष सहायता की राशि नहीं मिल पाई, बिहार आ चुके ऐसे लोगों के खाते खुलवाकर उन्हें भी 1,000 रु. की राशि शीघ्र दी जाय।
इसी तरह अपने अन्य निर्देशों में उन्होंने बचे हुए राशनकार्डधारी परिवारों को भी 1,000 रु. की सहायता राशि, फसल क्षति के लिए प्राप्त आवेदनों को निष्पादित कर संबंधित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान की राशि और क्वारंटाइन की अवधि पूर्ण कर घर जा रहे श्रमिकों को किराए की राशि एवं 500 रु. अथवा न्यूनतम 1,000 रु. की राशि शीघ्र देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने बाहर से आए श्रमिकों को क्वारंटाइन अवधि के बाद शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराने तथा उनके परिवारों को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने पर जोर दिया ताकि उन्हें राज्य में चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी मिले और उसका लाभ भी मिले।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान यह भी कहा कि कोरोना संक्रमित लगातार स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं। अत: लोग घबराएं नहीं, धैर्य रखें, सचेत रहें और सतर्क रहें तथा कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु लोगों को लगातार जागरुक करते रहें।

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मधेपुरा जिला में कोरोना के नौ नये के साथ कुल 51 कोरोना पॉजिटिव

मधेपुरा जिले में कोरोना की स्थिति जानने से पूर्व देश व प्रदेश का अपडेट जानिए। अब देश में प्रतिदिन औसतन 6 हजार से अधिक कोरोना संक्रमितों के मामले सामने आ रहे हैं। गत 8 दिनों में 50 हजार नए मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। अब तक डेढ़ लाख से अधिक है भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या तथा 4000 से अधिक अपनी जान गंवा चुके हैं।

बता दें कि सूबे बिहार में अब हफ्ते में ही मरीज दो गुने होने लगे हैं। मई 19 को बिहार में संक्रमित की संख्या 1519 थी जो 7 दिन के बाद यानी 27 मई को 3000 पार कर गई। यह भी कि राज्य में सबसे ज्यादा यानी 231 संक्रमित मरीज मिले थे 26 मई को। अब तक बिहार में कोरोना से 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

यह भी जानिए कि सूबे के स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को पहले अपडेट में 38 संक्रमितों की पहचान की गई जिसमें मधेपुरा के 9, अररिया के 14, सारण व दरभंगा के 4-4, सहरसा के 3, बेगूसराय के 2 एवं वैशाली व किशनगंज के 1-1 कोरोना संक्रमित मरीज मिले ।

यह भी बता दें कि मधेपुरा में एक साथ 9 लोगों के कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद से आम लोगों में दहशत है। इससे पूर्व शनिवार को एक साथ सबसे अधिक यानी 19 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। आज तक जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 51 पहुंच गई है। इसमें जिसका निगेटिव आता है उन्हें क्वारांटाइन सेंटर में भेज दिया जाता है।

चलते-चलते यह भी कि फिलहाल सरकार ने 31 मई तक लाॅकडाउन की घोषणा की है। इधर प्रतिदिन ट्रेन से प्रवासी मजदूर प्रत्येक जिले में आ रहे हैं। कुल पच्चीस लाख के लगभग मजदूरों को बाहर से आना है जिसमें अब तक मात्र 5 लाख से अधिक आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सब के सहयोग से ही हम कोरोना से जीतेंगे। आप घर में रहें, सुरक्षित रहें… फिजिकल डिस्टेंस बना कर रहे हैं और निर्देशों का पालन करें।

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स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1, अणे मार्ग, पटना स्थित नेक संवाद में कोविड-9 की अद्यतन स्थिति के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, मुख्य सचिव दीपक कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक के दौरान कहा कि सभी लोगों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए राज्य के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाय तथा इसका विस्तार भी किया जाय। चलिए डालते हैं उनके द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्देशों पर एक नज़र:
टेस्टिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए सभी जरूरी कदम शीघ्र उठाएं।
डोर टू डोर स्क्रीनिंग टीम के साथ स्किल सर्वे वाले लोग भी रहें।
प्राइवेट सेक्टर में भी कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु समुचित कार्रवाई करें।
क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों की नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग हो।
वैसे सरकारी भवन जो कार्यरत नहीं हैं वहां आइसोलेशन सेंटर बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा निजी व्यवसायिक भवनों एवं होटलों में भी आइसोलेशन केन्द्र बनाए जा सकते हैं।
हीट वेव से प्रभावित होने वाले जिले पूरी तरह अलर्ट पर रहें।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए एईएस से प्रभावित जिलों में प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज हेतु सुदृढ़ व्यवस्था रखें। जापानी इंसेफ्लाइटिस के वैक्सीनेशन कार्य पर विशेष ध्यान दें।

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टिड्डियों के आतंक से भारत परेशान

भारत में टिड्डियों के आतंक का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। राजस्थानी टिड्डियों की टोली से परेशान हो रहा है भारत के बाकी राज्यों का किसान समुदाय। अब तो टिड्डियों की टीम का खतरा शहरों तक आ पहुंचा है। दिल्ली भी इस खतरे से जूझ रहा है। कई राज्यों ने तो टिड्डियों के दल से निपटने हेतु कमर कस ली है।

बता दें कि कोरोना काल के बीच में ही अचानक टिड्डियों की टोली नई मुसीबत बनकर भारतीय किसानों की नींद उड़ाने में लग गई है। भारत के कई राज्यों में लाखों-करोड़ों की तादाद में आए टिड्डियों ने किसानों की नाक में दम कर दिया है। अब तक टिड्डियों द्वारा देश में 10 करोड़ की फसल बर्बाद की जा चुकी है। लाखों किसान भूखमरी के कगार पर खड़े होकर परिवार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा ड्रोन की सहायता से छिड़काव किया जा रहा है। कुछ मुख्यमंत्रियों द्वारा इमरजेंसी बैठकें बुलाई जा रही हैं।

चलते-चलते यह भी जानिए कि 27 वर्षों के बाद टिड्डियों का यह आतंक किसी भी रूप में कोरोना के कहर से कम नहीं है। 1 घंटे में टिड्डियों के दल ढाई हजार लोगों का भोजन चट कर जाता है। उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के 1 लाख 25 हज़ार एकड़ जमीन की फसल को बर्बाद कर दिया है। टिड्डियों ने राज्य सरकार के साथ-साथ भारत सरकार की भी नींद हराम कर दी है।

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बिहार की बेटी ज्योति ने राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी इवांका को बनाया दीवाना

जब हौसला बना लिया ऊंची उड़ान का…. तो फिर देखना फिजूल है बिहार की बेटियों के लिए कद आसमान का। कामयाबी का जुनून यदि अंदर विद्यमान हो तो बाहर मुश्किलों की क्या औकात रह जाती है बिहारी बेटियों के लिए। ऐसी ही बेटियों में एक 15 साल की बिहारी बेटी है ज्योति जिसने कोरोना लाॅक डाउन के दरमियान 7 दिनों में 1200 किलोमीटर का लंबा सफर (हरियाणा के गुरुग्राम से बिहार के सिरहुल्ली दरभंगा तक) अपने मजबूर पिता को साइकिल पर बिठाकर तय किया।

बता दें कि मजदूर पिता मोहन एवं माता फूलो की इस पुत्री ज्योति के ऐसे साहसिक कदम को देखते हुए भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन ने ट्रायल के साथ-साथ सम्मानित करने के लिए भी उन्हें दिल्ली बुलाया है। ज्योति के इस साहसिक कदम के लिए नवभारत टाइम्स ने भी उनसे संपर्क किया है। अब तो ज्योति की मदद के लिए कई हाथ उठने लगे हैं।

यह भी जानिए कि विश्व के शक्तिशाली राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने बिहार की इस बेटी की जमकर सराहना की। जहां दरभंगा पहुंचने पर ज्योति को ₹20000 देकर पुरस्कृत करते हुए यह भी कहा गया कि उसकी पढ़ाई का खर्चा भी लोग उठाएंगे वहीं लगे हाथ दिल्ली से साइकिल पर रेस लगाने हेतु फोन आया और यह भी कहा गया ज्योति को दिल्ली में ही रखेंगे और वही पढ़ाएंगे लिखाएंगे।

चलते चलते यह भी कि ज्योति साइकिल पर रेस लगाना चाहती है… वह पढ़ना भी चाहती है और ऐसे साहसिक कदम उठाने के लिए चारों ओर लगातार हो रही तारीफ की जानकारी पाकर ज्योति बिहार की बेटियों से यही कहना चाहती है- मैंने सपने में भी कभी नहीं सोची थी कि ऐसा दिन आएगा।

ज्योति के ऐसे साहसिक कदम के बारे में जानकारी मिलते ही समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने यही कहा- ज्योति ने यह साबित कर दिखा दिया है कि कोई जगत-जननी नारी को कमजोर नहीं समझे। नारी तो उत्साह, चेतना और प्रेरणा का संगम है। ज्योति ने आधी आबादी को अच्छी तरह संस्कारित कर दिया है… झकझोर दिया है तथा ऊंची उड़ान के लिए हौसला बुलंद कर दिया है।

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