पृष्ठ : बिहार अबतक

लेखक राजेंद्र यादव ने ही पहली बार दलित साहित्य पर गोष्ठी कराई थी

लेखक राजेंद्र यादव और ‘हंस’ की एक सिक्के के दो पहलू जैसे हैं। जीवन के 57वें बसंत पार करने के बाद उन्होंने हंस का प्रकाशन शुरू किया था। इस उम्र में प्राय: साहित्यकार सुस्त पड़ जाते हैं, परंतु राजेंद्र यादव ने जो समय जो राह इस उम्र में पकड़ी वह उनके जीवन का सबसे उर्वर समय बन गया और उन्होंने हिन्दी साहित्य और विमर्श को बिल्कुल अलग ही दिशा दे दी तथा हिन्दी में दलित साहित्य को बढ़ाने का काम किया।

ये बातें डॉ.मधेपुरी मार्ग पर अवस्थित भारतीय जन लेखक संघ के केंद्रीय कार्यालय के महासचिव महेंद्र नारायण पंकज ने 28 अगस्त को राजेंद्र यादव के जन्मदिन पर ऑनलाइन जयंती मनाने के क्रम में कही।

इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार का डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने श्रद्धा निवेदित करते हुए लेखक राजेंद्र यादव की हंस पत्रिका के बाबत यही कहा कि हंस के पुनर्प्रकाशन के बाद उन्होंने हंस को ऐसे मंच का रूप दिया जिस पर कई नए महिला व पुरुष कहानीकार भी सामने आए, जिन्हें दुनिया जानती तक नहीं थी। उनका दुस्साहस कहिए कि तमाम विवादों के बावजूद भी उन्होंने नए लेखक या लेखिकाओं को मौका देते चले गए।

मौके पर बीजेएलएस मधेपुरा जिला सचिव  डॉ.गजेंद्र नारायण यादव ने समापन करते हुए यही कहा कि उन दिनों पुरातन मानसिकता के लोगों ने हंस की तीखी आलोचना की और कुंठित वक्तव्य भी दिए थे, परंतु राजेंद्र यादव कभी झुके नहीं बल्कि उस उम्र में भी वे अपनी चाल चलते रहे। अंत में साहित्यकार द्विजराज ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

 

 

सम्बंधित खबरें


समाज-सुधारक रास बिहारी लाल मंडल के सारे विचार आज भी प्रासंगिक हैं- डॉ.मधेपुरी

कबीर की नगरी काशी में 26 अगस्त 1918 को प्रखर स्वतंत्रता सेनानी, विचारक व समाज सुधारक रासबिहारी लाल मंडल ने दुनिया को अलविदा कह दिया। काशी में ही एक दिन कबल यानि 25 अगस्त को सामाजिक न्याय के प्रतीक के रूप में बालक बीपी मंडल ने माता सीतावती मंडल की गोद में जन्म लिया था।

बता दें कि आज 26 अगस्त को रासबिहारी उच्च विद्यालय के परिसर में रासबिहारी लाल मंडल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी लिखित पुस्तक “रासबिहारी लाल मंडल : पराधीन भारत में स्वाधीन सोच” को संदर्भित करते हुए कहा कि रासबिहारी बाबू हिन्दी, मैथिली, अंग्रेजी, उर्दू, फारसी, बंगला, फ्रेंच एवं संस्कृत जैसे कई भाषाओं के जानकार ही नहीं, विद्वान और विचारक भी थे। आजादी के आंदोलनकारियों को उन्होंने नेतृत्व प्रदान करते हुए अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे।

डॉ.मधेपुरी ने संक्षेप में कहा कि “तिरहुत का राजा” और “मिथिला का शेर” कहलाने वाले रासबिहारी लाल मंडल बंग-भंग के समय “भारत माता का संदेश” पुस्तक लिखकर आंदोलनकारियों यानि विशेष रूप से आजादी के दीवानों की हौसला अफजाई करने में लगे रहे। तब के संपूर्ण भारत की धरती को उर्वर बनाने वाले रास बिहारी लाल मंडल के कार्यकाल को भले ही 102 वर्ष गुजर गए, किन्तु आज भी उनके दहेज व मृत्यु भोज आदि विरोधी सारे विचार प्रासंगिक हैंं।

यह भी कि कोविड-19 के तहत सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सादगी के साथ समाजसेवी चिकित्सक व रास बिहारी बाबू के पौत्र डॉ.अरुण कुमार मंडल ने उनकी प्रतिमा पर प्रथम माल्यार्पण किया। ‘रासबिहारी लाल मंडल : पराधीन भारत में स्वाधीन सोच’ के लेखक डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने स्कूल में नामांकन के लिए आए छात्र-छात्राओं एवं स्कूल के प्राचार्य अनिल कुमार सिंह चौहान, पूर्व प्राचार्या रंजना कुमारी सहित शिक्षकगण बीरबल प्रसाद यादव,  शिवनारायण, रामनरेश प्रसाद यादव, मुर्तुजा अली, संगीत शिक्षक गांधी कुमार मिस्त्री, सुभद्रा रानी, अमित कुमार, इंद्रजीत भगत, रणविजय कुमार, ललन कुमार, सरोज कुमार, अजय कुमार सिंह एवं नवीन कुमार आदि को उपर्युक्त संदेश देकर कार्यक्रम का समापन किया। शुरू से अंत तक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। सभी शिक्षकगण एवं नामांकन हेतु आए सभी छात्र-छात्राएं उनके बारे में जाननेेे के बाद बारी-बारी से उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते देखे गए।

सम्बंधित खबरें


बीपी मंडल की राजकीय जयंती कोविड-19 के चलते सादगी के साथ मनी

जिला मुख्यालय मधेपुरा के बीपी मंडल चौक पर बनी सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने वाले श्री मंडल की प्रतिमा पर प्रातः 9:30 बजे जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला (आईएएस), आरक्षी अधीक्षक संजय कुमार (आईपीएस), अपर समाहर्ता उपेन्द्र कुमार, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, अपर-समाहर्ता शिवकुमार शैव, जदयू प्रवक्ता निखिल मंडल, मो.शौकत अली सहित उपस्थित पदाधिकारी व कर्मचारीगण आदि द्वारा माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की गई।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार ठीक 10:00 बजे मुरहो में श्री मंडल की समाधि पर उनके तैल चित्र पर डीएम, एसपी, डीडीसी, एडीएम, एसडीएम आदि ने माल्यार्पण किया। पूर्व विधायक मणींद्र कुमार मंडल, विधायक निरंजन मेहता, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी आदि ने भी माल्यार्पण व पुष्पांजलि की।

सोशल डिस्टेंसिंग पर नजर बराबर रखते रहे  एसडीएम बृंदालाल और मास्क वितरण के साथ-साथ उपस्थित व्यक्तियों को थर्मल स्क्रीनिंग भी किया जा रहा था। इसी बीच जयकृष्ण प्रसाद यादव (आयुक्त स्काउट एंड गाइड) के नेतृत्व में शशि प्रभा जायसवाल, गांधी मिस्त्री सहित मुस्लिम, सिख व ईसाई धर्म के प्रतिनिधि द्वारा भी प्रार्थनाएं की गई।

इसी दौरान समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा लिखित बीपी मंडल के जीवन वृत्त की दो हजार प्रतियां नजारत द्वारा छपाई कर वितरण करने का कार्य पूरा किया गया। अंत में डीडीसी विनोद कुमार सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया और फिर कोरोना काल में आयोजित इस सादे समारोह की समाप्ति की घोषणा भी कर दी गई।  कोविड-19 के चलते आधे घंटे के अंतर्गत यह पूरा कार्यक्रम समाप्त कर दिया गया।

 

सम्बंधित खबरें


बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 लाख के पार हुई

भारत कोविड-19 के मामलों के संदर्भ में अमेरिका और ब्राजील के बाद दुनिया का तीसरा सर्वाधिक प्रभावित देश बन गया है। फिर भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस कोरोना महामारी को मात देकर ठीक होने वालों की संख्या 22 लाख 80 हजार के पार चली गई है। भारत का रिकवरी रेट दुनिया में सबसे सुपर है यानि 75% के लगभग है और मृत्यु दर सबसे कम यानि 1.87% है। यह भी कि भारत का वैक्सीन ‘कैंडिडेट’ क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में पहुंच गया है।

बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 लाख 22 हजार के पार हो गई है। पिछले 24 घंटे में बिहार में 2247 कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई जिसमें पटना सहित चार जिले डबल सेंचुरी और सेंचुरी बना डाले हैं-

वे हैं- पटना- 203, बेगूसराय-159, मुजफ्फरपुर- 127, सहरसा- 120 और भागलपुर- 115…. और अर्धशतक बनाने वाले मधेपुरा जिले में  कोरोना संक्रमितों की संख्या 57 के आंकड़े तक पहुंच गई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। चुनाव आयोग द्वारा नामांकन, प्रचार एवं मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर कोरोना के बाबत  पालन किए जाने वाले नियमों की घोषणा कर दी गई है। अब सबको कोरोना के साथ ही जीने की आदत डालनी होगी।

सम्बंधित खबरें


रोहित, थंगावेलू, मिनीका, विनेश फोगाट और रानी रामपाल को 25-25 लाख का खेल रत्न पुरस्कार मिलेगा

‘खेल रत्न’ भारत का सबसे बड़ा खेल पुरस्कार है जो राजीव गांधी के नाम रखा गया है। हर साल भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को यह पुरस्कार दिया जाता है। प्रत्येक वर्ष खेल दिवस (29 अगस्त) के दिन राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न विधाओं के चुने गए खिलाड़ियों को यह पुरस्कार दिए जाते हैं।

बता दें कि इस वर्ष के लिए केंद्रीय खेल मंत्रालय ने 5 खिलाड़ियों को खेल रत्न देने का के फैसले पर मुहर लगा दी है। जिनमें क्रिकेट से रोहित शर्मा, पैराएथलीट से मरियप्पन थंगावेलू, टेबल टेनिस से मोनिका बन्ना, रेसलिंग से विनेश फोगाट और महिला हॉकी से रानी रामपाल शामिल हैं।

यह भी बता दें कि क्रिकेट खेल से खेल रत्न पाने वाला चौथा खिलाड़ी रोहित शर्मा है। उनसे पहले तेंदुलकर, धोनी और कोहली को खेल रत्न दिया जा चुका है। रोहित पहले खिलाड़ी होंगे जिन्हें 25 लाख की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा जबकि पूर्व में इन तीनों कप्तानों को 7.5 लाख ही मिलते रहे। इसी बार से इसमें वृद्धि की गई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस बार अर्जुन अवॉर्ड पाने वालों को 5 लाख की जगह 15 लाख, द्रोणाचार्य अवॉर्डी को 5 लाख की जगह 10 लाख तथा मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अवॉर्ड पाने वाले को 5 लाख की जगह 15 लाख की राशि देकर पुरस्कृत किए जाएंगे।

 

सम्बंधित खबरें


भारत में कोरोना का तांडव

भारत में कोरोना का तांडव जारी है, हालांकि कोरोना से ठीक होने वालों का आंकड़ा भी बढ़ा है। आज प्रातः जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 30 लाख को छूने जा रही है।

बता दें कि शुक्रवार सुबह 8:00 बजे से लेकर शनिवार सुबह 8:00 बजे तक कोरोना के लगभग 70 हजार नए मामले सामने आए जो अभी तक की 1 दिन में आने वाली सबसे बड़ी संख्या है, जिसमें 945 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई है।

यह भी जानिए कि 22 लाख 22 हजार मरीज ठीक भी हो चुके हैं और अब तक 55 हजार से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं। गणना के अनुसार रिकवरी रेट मामूली बढ़ोतरी के बाद 74.69 प्रतिशत पर पहुंचा है तथा पॉजिटिविटी रेट 6.82 प्रतिशत पर।

यह भी बता दें कि भारत में अब तक कुल 3 करोड़ 44 लाख 90 हजार से ज्यादा कोरोना सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। मात्र 1 दिन यानि 21 अगस्त को 10 लाख 23 हजार 836 कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए जो अभी तक टेस्ट होने वाली सबसे बड़ी संख्या है।

चलते-चलते अभी बता दें कि देश में एक-दो राज्य इस महामारी से जहां मुक्त हो रहे हैं वहीं बिहार में यह महामारी बढ़ता ही जा रहा है। एक दिन कबल तो पद्म भूषण शारदा सिन्हा भी कोरोना संक्रमित हो गई है। शुक्रवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हालांकि शारदा सिन्हा ने दावा किया है कि उनका बाहर से कोई कांटेक्ट नहीं इसके बावजूद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

सम्बंधित खबरें


बिहार में चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने नामांकन, प्रचार एवं वोटर के लिए जारी किए निर्देश

बिहार में बाढ़ एवं कोरोना के कहर के दौरान जब जेडीयू एवं भाजपा को छोड़ अन्य राजनीतिक विरोधी पार्टियां चुनाव के पक्ष में नहीं हैं फिर भी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने गाइडलाइन जारी कर दी है। अब यह साफ हो गया है कि चुनाव समय पर कराए जाएंगे।

बता दें कि चुनाव आयोग की इस नई गाइड लाइन में उम्मीदवारों के नामांकन से लेकर उनके चुनाव प्रचार तथा मतदाताओं द्वारा मतदान तक करने के लिए अलग-अलग दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी गाइडलाइंस में पहली बार उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने तथा जमानत की राशि जमा करने हेतु अनुमंडल कार्यालय में नहीं जाना पड़ेगा बल्कि प्रत्येक उम्मीदवार अपना नामांकन पेपर एवं सिक्योरिटी की राशि ऑनलाइन ही दाखिल करेंगे।

यह भी जानिए कि चुनाव आयोग ने प्रचार हेतु मतदाता के घर पर उम्मीदवार सहित पांच लोगों को ही जनसंपर्क की अनुमति दी है। इसके अतिरिक्त चुनाव रैली और रोड शो के लिए गृह मंत्रालय की गाइडलाइन को फॉलो करने का निर्देश भी जारी किया गया है। निर्देश 22 पन्नों का है जिसमें कोरोना से बरतने वाली सावधानियों का भी जिक्र है।

मतदाताओं को निर्देश दिया गया है कि वे फेस मास्क, सैनिटाइजर, ग्लबस, थर्मल स्कैनर, फेशियल पीपी किट्स का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से चुनाव प्रक्रिया के दरमियान करेंगे और साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करेंगे।

चलते-चलते यह भी जान लें कि इस बार चुनाव कम से कम चरणों में निपटाने की तैयारी चल रही है। साथ ही बिहार में कोरोना संकट के बीच विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी भी है। अतः कोरोना को दृष्टिपथ में रखते हुए बूथ की संख्या भी बढ़ाई गई है। ऐसी परिस्थिति में स्टाफ की जरूरत अधिक पड़ेगी। अतः कोरोना के कारण चुनाव में स्टाफ की कमी नहीं हो इसलिए आयोग द्वारा यह भी फैसला लिया गया है कि इस बार अनुबंध पर बहाल सभी कर्मियों को बिहार विधानसभा चुनाव कार्य में लगाया जाएगा। जिसकी अधिसूचना 20 सितंबर तक हो जाने की संभावना है।

सम्बंधित खबरें


90 वर्षीय मशहूर शास्त्रीय गायक पंडित जसराज ने अमेरिका में ली अंतिम साँस

भारतीय शास्त्रीय संगीत के सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पद्म विभूषण पंडित जसराज का अमेरिका के न्यू जर्सी वाले निजी आवास पर सोमवार (17 अगस्त) को प्रातः 5:15 पर दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया। यह जानकारी उनकी सुपुत्री दुर्गा जसराज ने सर्वप्रथम दुनिया को यही कहते हुए दी-

हम सपरिवार प्रार्थना करते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण स्वर्ग के द्वार पर पिताश्री का स्वागत करें जहां वे अपना पसंदीदा भजन ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ उन्हें समर्पित करें।

बता दें कि 28 जनवरी 1930 को हरियाणा (हिसार) में जन्मे तथा 2020 के 28 जनवरी को अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले पंडित जसराज ने अपनी आखिरी प्रस्तुति 9 अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर फेसबुक लाइव के जरिए वाराणसी के संकट मोचन हनुमान मंदिर के लिए दी थी। उन्होंने न केवल भारत में बल्कि कनाडा और अमेरिका में भी शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ अर्ध-शास्त्रीय स्वरों के माध्यम से कुछ नामी शिष्यों को भी तैयार किया। कोरोना लॉकडाउन के चलते वे फिलहाल अमेरिका में ही अपनी पुत्री दुर्गा जसराज के पास रह रहे थे।

यह भी जानिए कि उनके समस्त प्रदर्शनों को एल्बम और फिल्म साउंडट्रैक के रूप में उनके शिष्यों ने तैयार किया है, साथ ही अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ने तो विश्व प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार पंडित जसराज के सम्मान में खोजे गए एक नए ग्रह का नाम ही “पंडित जसराज” नाम दे डाला है।

ऐसे विश्व विख्यात भारतीय संगीतकार के निधन का समाचार सुनते ही मधेपुरा जिले के संगीत गुरुओं एवं उनके शिष्यों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। जिले के संगीत व कला प्रेमियों के लिए विभिन्न राजकीय आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा लगातार संयोजक/अध्यक्ष चयनित किए जाने वाले समाजसेवी-साहित्यकार व संगीत्यानुरागी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी  द्वारा इस कोरोना काल में वैसे विश्वविख्यात पंडित जसराज को श्रद्धांजलि देने हेतु शोक सभा आयोजित करने के एवज में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत तबला वादक प्रो.योगेंद्र नारायण यादव, प्रो.रीता कुमारी, प्रो.अरुण कुमार बच्चन, प्रो.संजय परमार, शशि प्रभा, रेखा यादव, पुष्पलता, सुनीत साना, चिरामणी यादव, लाला भूपेन्द्र, डॉ.रवि रंजन सहित शिवाली सरीखे नन्हे-मुन्ने कलाकारों को भी शोकोदगार व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया गया।

सम्बंधित खबरें


कोरोना से हुई मौतें 51 हजार के पार, लोकसभा-राज्यसभा एक साथ पहली बार

भारत में अब तक कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 26 लाख से ज्यादा हो चुकी है। फिलहाल कोरोना से हुई मौतें 51 हजार पार कर चुकी है। भारत में कोविड-19 का कहर बढ़ता ही चला जा रहा है। जबकि सारा संसार इसके उपचार हेतु वैक्सीन बनाने में लगा हुआ है। बता दें कि कोरोना वायरस के वैश्विक आंकड़ों पर काम करने वाले वेबसाइट वर्ल्डोमीटर्स के अनुसार अब तक भारत में कुल 19 लाख से ज्यादे लोग स्वस्थ हो चुके हैं।

यह भी जानिए कि कोरोना को लेकर भारतीय संसद के मानसून सत्र के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के तहत एक अनोखी व्यवस्था की जा रही है। ऐसा है कि लोकसभा प्रातः 10:00 से 2:00 बजे दिन तक चलेगा तथा राज्यसभा की कार्यवाही 4:00 बजे संध्या से 8:00 बजे रात्रि तक चलेगी। इन दोनों सदनों के मॉनसून सत्र की कार्यवाही के लिए अपने-अपने कार्यकाल में एक-दूसरे के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। भारतीय संसद के इतिहास में 1952 के बाद कोरोना के कारण पहली बार ऐसा होगा कि कार्यवाही के दौरान लोकसभा और राज्यसभा का हाॅल एक साथ जुड़ जाएंगी। दो गज की दूरी पर बैठने के कारण दोनों को जोड़कर जगह बढ़ाई गई है। इस दौरान कई अलग-अलग जगहों पर बैठे मंत्री व सांसद बड़े-बड़े टीवी स्क्रीन एवं वीडियो कांफ्रेंसिंग से एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे। प्रथम 4 घंटे (10:00 बजे से 2:00 बजे दिन) लोकसभा फिर 2 घंटे ब्रेक के बाद राज्यसभा की 4 घंटे ( 4:00 बजे से 8:00 बजे रात तक) की कार्यवाही शुरू होगी।

 

सम्बंधित खबरें


कोरोना के चलते 74वाँ स्वतंत्रता दिवस फीका रहा- बच्चे बिन सड़कें सूनी-सूनी और वातावरण भी उदास रहा

वैश्विक महामारी कोरोना के चलते 74वाँ स्वतंत्रता दिवस सुबह से शाम तक फीका रहा। सड़कों पर तिरंगे परिधानों में ना तो बच्चे-बच्चियां कहीं दिखीं और ना ही विगत वर्षो की भांति देशभक्ति वाले गीतों की गूंज ही सुनाई दी। बच्चों के बिना सड़कें सूनी और वातावरण दिन भर उदास रहा।

गांधी मैदान में जहां 74वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वजारोहण के बाद सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सेवा हमारा धर्म है और हमारा संकल्प है- बिहार को राष्ट्रीय मानचित्र पर एक खुशहाल राज्य का स्थान दिलाने का…. वहीं मधेपुरा जिले के प्रमुख जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने बी एन मंडल स्टेडियम में तिरंगा फहराने के बाद जल-जीवन-हरियाली से लेकर गली-नाली योजना तक एवं जन नायक कर्पूरी मेडिकल से लेकर बीपी मंडल इंजीनियरिंग  कॉलेज तक की विस्तृत चर्चाएं की और  यह भी कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह ख्याल रखना जरूरी है कि उनकी स्वतंत्रता से दूसरों को तकलीफ नहीं पहुंचे।

जहां एक ओर भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रो.(डॉ.)ज्ञानांजय द्विवेदी ने ध्वजारोहण के बाद अपने विस्तृत संबोधन में आजादी को ‘स्वराज’ कहा जो प्रत्येक सचेतन भारतीय को जिम्मेदारियों का अहसास कराता है वहीं समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल के नाम भूपेन्द्र चौक पर समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने राष्ट्रीय ध्वजारोहण के पश्चात सेनानियों का स्मरण करते हुए अपनी ‘आजादी’ कविता के अंश प्रस्तुत करने से पूर्व स्वतंत्रता सेनानियों के साथ-साथ शहीद चुल्हाय एवं शहीद बाजा साह सरीखे देश की आजादी के लिए प्राण न्योछावर करने वालों को भी याद किया और यही सुनाया-

अपने मजहब भूल गए सब

तब मजहब था रे आजादी

मृत्यु वरण करने तक सारे

संकल्पित थे वे फौलादी

चलते-चलते यह भी बता दें कि प्रखंड से लेकर जिले तक के सभी विद्यालयों-महाविद्यालयों में बिना बच्चे-बच्चियों के झंडोत्तोलन हुआ। कोरोना के चलते बाजार में खरीद-बिक्री भी इस बार बहुत फीकी रही।

सम्बंधित खबरें