पृष्ठ : बिहार अबतक

विद्यापति ने कृष्ण के कामी स्वरुप को चित्रित करने का दुस्साहस किया है- डॉ.मधेपुरी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष व वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने महाकवि विद्यापति जयंती के अवसर पर विषय प्रवेश करते हुए कहा कि महाकवि विद्यापति भारतीय साहित्य की भक्ति परंपरा के प्रमुख स्तंभों में से एक एवं मैथिली भाषा के सर्वोपरि कवि के रूप में जाने जाते हैं। श्री शलभ ने कहा कि विद्यापति की रचनाएं संस्कृत, अवहट्ट एवं मैथिली तीनों में मिलती हैं। इन्हें वैष्णव एवं शैव भक्ति के सेतु के रूप में भी स्वीकारा गया है। साथ ही मिथिला के लोगों को ‘देसिल बयना सब जन मिट्ठा’ का सूत्र देकर विद्यापति ने उत्तरी बिहार में लोक भाषा की जनचेतना को जीवित करने का प्रयास किया है।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सम्मेलन के संरक्षक साहित्यकार व पूर्व सांसद रर्मेंद्र कुमार यादव रवि ने कहा कि महाकवि अनेक भाषाओं के प्रकांड पंडित थे। कर्मकांड हो या धर्म, दर्शन हो या न्याय, सौंदर्यशास्त्र हो या भक्ति रचना, विरह व्यथा हो या अभिसार, राजा का कृतित्व गान हो या सामान्य जनता के लिए गया में पिंडदान- सभी क्षेत्रों में विद्यापति अपनी कालजई रचनाओं की बदौलत जाने जाते हैं। प्रो.मणि भूषण वर्मा ने कहा कि विद्यापति के श्रृंगारी कवि होने के कारण बिल्कुल स्पष्ट है कि वे राज्याश्रित कवि थे तथा उनके प्रत्येक पद पर राज्याश्रित कवि की छाप दिखाई देती है।

सम्मेलन के सचिव व साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने ऑनलाइन विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 14वीं शताब्दी में ग्राम- बिस्पी, मधुबनी (बिहार) में जन्मे महाकवि विद्यापति ने संस्कृत अवहट्ट और मैथिली तीन भाषाओं में रचनाएं की। विद्यापति की कालजई रचनाएं हैं- कीर्ति लता, कीर्ति पताका, पदावली, लिखनावली आदि। पदावली में विद्यापति ने कृष्ण के जिस कामी स्वरूप को चित्रित किया है वैसा चित्रण करने का दुस्साहस कदाचित कोई भक्त कवि नहीं कर सकता। अंत में कवि डाॅ.अरविंद श्रीवास्तव ने ऑनलाइन धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि विद्यापति हिन्दी साहित्याकाश में आदिकाल के शलाका पुरुष रहे हैं।

 

सम्बंधित खबरें


बिहार विधानसभा के दूसरे चरण का महामुकाबला आज हुआ संपन्न

बिहार के दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीटों पर आज मिला-जुलाकर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ। सभी बूथों पर अर्धसैनिक बल तैनात होने के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। आज इन 94 सीटों पर चुनावी महामुकाबला के बीच कुल 1463 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया।

बता दें कि आज के इस दूसरे चरण में कुल 2 करोड़ 86 लाख 11 हजार 164 मतदाताओं में औसत मतदान 54.05% हुए। कई केंद्रों पर ईवीएम मशीन खराब निकले और देर तक मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा, वहीं कुछ बूथों पर मतदाता गए ही नहीं, जहां प्रशासन इंतजार करता रह गया। कई बूथों पर हंगामा हुआ लेकिन दुर्घटना नहीं हुई।

यह भी जानिए कि शहरी क्षेत्रों में प्रशासन एवं आयोग द्वारा इतनी सुविधाएं दी जाने के बाद भी मतदान प्रतिशत कम होना कोई चौंकाने वाला रिजल्ट दे सकता है। 8 निर्वाचन क्षेत्रों में सवेरे 7:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान हुआ जबकि शेष सभी क्षेत्रों में 6:00 बजे शाम तक।

चलते-चलते यह भी जानिए कि इस दूसरे चरण के चुनाव में 513 निर्दलीय भी ताल ठोक रहे हैं। इस चरण में कुल प्रत्याशियों में 10% महिलाएं यानि 146 महिलाएं मैदान में हैं। दीघा विधानसभा क्षेत्र में आधा दर्जन महिलाएं ताल ठोक रही हैं जबकि अन्य 30 क्षेत्रों में 1 से अधिक महिला उम्मीदवार अपने लिए वोट मांगती हुई देखी गई हैं। आज के मतदान में 3548 बूथों से लाइव वेबकास्टिंग भी की जाती रही।

 

सम्बंधित खबरें


बिहार विधानसभा चुनाव- 2020 के दूसरे चरण के लिए आज शाम से चुनाव प्रचार बंद

बिहार विधानसभा चुनाव-2020 के दूसरे चरण के 94 सीटों के लिए चुनाव प्रचार का शोर आज रविवार (1 नवंबर) की शाम को थम जाएगा यानि दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीटों पर शोर थम जाएगा। इन सीटों पर कुल 1463 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जो विभिन्न मान्यता प्राप्त या गैर मान्यता प्राप्त दलों से हैं। इस दूसरे चरण में कुल 513 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

बता दें कि मतदान का समय सुबह 7:00 से शाम 6:00 बजे तक निर्धारित है। परंतु, 8 निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह 7:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक एवं शेष 86 निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह 7:00 से शाम 6:00 बजे तक वोटिंग होगी। जानिए कि जिन चुनाव क्षेत्रों में 4:00 बजे तक मतदान होना है वहाँ  आज 4:00 बजे शाम तक और जिन क्षेत्रों में 6:00 बजे शाम तक वोटिंग होना है वहां शाम 6:00 बजे तक चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा।

चलते-चलते यह भी बता दें कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व इन 94 सीटों के कुल प्रत्याशी सिर्फ व्यक्तिगत जनसंपर्क के माध्यम से ही वोट देने की अपील कर सकेंगे। किसी भी प्रकार की चुनावी सभा या नुक्कड़ सभा आदि पर रोक लग जाएगी। इस चरण में चार मंत्री नंदकिशोर यादव, राणा रणधीर सिंह, श्रवण कुमार और रामसेवक सिंह चुनाव मैदान में हैं। साथ ही विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मंजू वर्मा, अरुण सिंह सहित कई अन्य प्रमुख नेता भी चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

 

सम्बंधित खबरें


इंदिरा गांधी ने ही भारत के लिए सर्वप्रथम मिसाइल का सपना देखा था- डॉ.मधेपुरी

31 अक्टूबर 1984 को अंतिम सांस लेने वाली आयरन लेडी या अटल जी के मुख से दुर्गावतार कहलाने वाली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ही भारत के लिए सर्वप्रथम मिसाइल का सपना देखा था। दुनिया को अलविदा कहने से 1 वर्ष पूर्व यानि वर्ष 1983 में श्रीमती गांधी ने भारत के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम से कहा था कि एक ऐसा मिसाइल बनाओ जो चीन तक पहुंच जाए यानि 5000 किलोमीटर तक का अचूक निशाना साध सके।

डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के अत्यंत करीबी रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी बताते हैं कि जब तीन दशक बाद अग्नि-वी मिसाइल तैयार हुआ तब डॉ.कलाम ने कहा था-  “Credit goes to Smt. Indira Gandhi.”

डॉ.कलाम पर कई पुस्तकें लिखने वाले डॉ.मधेपुरी कहते हैं कि डॉ.कलाम के निर्देशन में बनाए गए अग्नि मिसाइल ने उस आयरन लेडी के सपने को पूरा किया, जिसकी एक बटन दबाते ही वह इंडियन टेरिटरी से सीधे बीजिंग और शंघाई तक पहुंच जाएगा। श्रीमती गांधी की चर्चा करते वक्त डॉ.कलाम ने उड़ीसा के सीएम बीजू पटनायक को भी श्रीमती गांधी की तरह विजनरी लीडर कहा था। वर्ष 1993 में अग्नि-वी मिसाइल के लॉन्चिंग स्टेशन निर्माण के बाबत समय लेकर जब उड़ीसा के सीएम के कार्यालय में  डॉ.कलाम पहुंचे तो देखते हैं कि पहले से ही संचिका सीएम के सामने है।

डॉ.मधेपुरी ने कहा कि उड़ीसा के मुख्यमंत्री बीजू पटनायक ने डॉ.कलाम का हाथ थामते हुए यही कहा था- “मैं व्हीलर आईलैंड सहित पांच आईलैंड डीआरडीओ को देने का मन इस शर्त के साथ बना लिया हूं कि चीन द्वारा भेजे गए आमंत्रण पर जब तक मैं चीन जाऊँ तब तक आपके द्वारा बनाया गया अग्नि मिसाइल भी चीन तक पहुंच जाए।”

आज दोनों विजनरी लीडर्स पीएम इंदिरा गांधी और सीएम बीजू पटनायक को सारा देश नमन करता है और उनके विजन को सैल्यूट करता है।

सम्बंधित खबरें


बिहार चुनाव के महापर्व का प्रथम चरण शांतिपूर्ण तरीके से हुआ संपन्न

बिहार में प्रथम चरण के 71 विधानसभा सीटों पर औसत 53-54% मतदान हुआ। किसी-किसी मतदान केंद्र पर 50 से कम तो कहीं 60% के आसपास मतदान हुआ। विकलांगों के साथ-साथ अति वृद्धों ने भी बूथ पर जाकर ही वोट किए, जबकि उन्हें चुनाव आयोग द्वारा पोस्टल बैलट के माध्यम से मताधिकार करने की सुविधा दी गई है। कोरोना काल में इतना प्रतिशत मतदान होना मतदाताओं की जागरूकता तथा सुशासन के प्रति आस्था को दर्शाता है। आरंभ में, कोरोना काल में चुनाव कराना कुछ राजनीतिक दलों को गले से नीचे नहीं उतर रहा था।

बता दें कि जागरूक मतदातागण रोहतास में पुल के लिए आक्रोशित होकर मतदान करने नहीं आए। जमुई में ईवीएम मशीन खराब होने के कारण 4 घंटे तक वोट नहीं डाले गए। बूथ नंबर 125 एवं 230 पर ईवीएम मशीन में खराबी की रिपोर्ट दर्ज की गई। कहीं से कोई वारदात की रिपोर्ट नहीं मिली। मात्र एक जगह राजद एवं निर्दलीय कार्यकर्ताओं में झड़पें हुई और आधे दर्जन लोग घायल हुए।

जानिए कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी शांतिपूर्ण तरीके से हुआ मतदान यानि नक्सलियों के ‘गन-तंत्र’ पर भारी दिखा उत्साह भरा लोकतंत्र। तभी तो कोरोना की चुनौती के बीच जागरूक मतदाताओं ने बरसाया वोट।

चलते-चलते यह भी जान लें कि प्रथम चरण के मतदान के दरमियान 2400 बूथों से लाइव वेबकास्टिंग के जरिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और चुनाव आयोग- विधानसभा की तमाम गतिविधियों पर सीधी नजर रखे हुए थे। चुनाव के दौरान 71 सीटों को लेकर सभी प्रकार के कुल 2190 प्रेक्षकों की तैनाती की गई थी। साथ ही संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर कुल 1708 वीडियो कैमरों का उपयोग किया गया था। प्रथम चरण के 16 जिलों में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न कराए जाने पर जिला प्रशासन के सभी आलाधिकारियों व पदाधिकारियों को मधेपुरा अबतक का साधुवाद।

 

सम्बंधित खबरें


बिहार में 71 विधानसभा सीटों पर प्रथम चरण की वोटिंग शुरू

आज जिन 71 विधान सभा सीटों के लिए वोटिंग की जा रही है उनमें 2 करोड़ 14 लाख 5 हजार से अधिक मतदाताओं द्वारा 1066 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। इनमें 114 महिलाएं चुनाव मैदान में हैं। प्रथम चरण में मतदाताओं की सुविधा के मद्देनजर 31 हजार 371 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक ईवीएम द्वारा मतदान संचालित होगा।

बता दें कि इन 71 सीटों पर इस तरह से ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मतदाताओं की भीड़ देखी जा रही है। चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है। कोरोना के चलते प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या घटाकर 1000 कर दी गई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि नक्सली संगठनों ने चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया है जिसके चलते भागलपुर, नवगछिया के दियारा क्षेत्रों एवं बांका के नक्सली क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से हवाई गश्ती की जा रही है। इन क्षेत्रों के 4 सीटों पर सुबह 7:00 से 3:00 अपराह्न तक 26 सीटों पर शाम 4:00 बजे तक और 5 सीटों पर शाम 5:00 बजे तक वोटिंग होगी।

अंत में जानिए कि प्रथम चरण में पटना जिले के 5 एवं भागलपुर के 2 सीटों के अलावा रोहतास, बक्सर, भोजपुर, नवादा…… जमुई, जहानाबाद आदि 14 जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आज शाम 6:00 बजे तक दर्जनों विधायकों एवं बिहार सरकार के आठ दिग्गज मंत्रियों के भाग्य के फैसले ईवीएम में बंद हो जाएंगे।

सम्बंधित खबरें


कलम की ताकत सदैव तलवार से अधिक रही है- डॉ.मधेपुरी

संसार में कलम की ताकत सदैव तलवार से अधिक रही है और दुनिया में ऐसे कई पत्रकार हुए हैं जिन्होंने अपनी कलम की ताकत से सत्ता तक की राह बदल दी- ऐसे ही पत्रकारों में एक थे- निर्भीक जुझारू पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी। ये बातें कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सचिव प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उनकी 131वीं जयंती ऑनलाइन मनाये जाने के क्रम में 26 अक्टूबर को कही। डॉ.मधेपुरी ने  कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण वे इंट्रेंस तक ही पढ़ सके, परंतु अच्छी जानकारी हासिल करने के कारण 16 वर्ष की उम्र में विद्यार्थी जी ने महात्मा गांधी से प्रेरित होकर पहली पुस्तक “हमारी आत्मोत्सर्गता” लिखी थी।

सम्मेलन के संरक्षक साहित्यकार व पूर्व सांसद डाॅ.रमेन्द्र  कुमार यादव रवि ने कहा कि मात्र 23 वर्ष की उम्र में गणेश शंकर विद्यार्थी ने ‘प्रताप’ अखबार की शुरुआत की और स्वतंत्रता संग्राम के दरमियान विद्यार्थी जी के जेल जाने के बाद ‘प्रताप’ का संपादन माखनलाल चतुर्वेदी एवं बालकृष्ण शर्मा नवीन जैसे बड़े-बड़े साहित्यकार करने लगे। विद्यार्थी जी सात वर्षों में पाँच बार जेल गए। डॉ.रवि ने कहा कि रायबरेली के सरदार वीरपाल सिंह ने किसानों पर गोली चलवाई और उसका पूरा ब्योरा प्रताप में छापने के कारण विद्यार्थी जी सहित अन्य पर मानहानि का मुकदमा भी हो गया जिसमें गवाह के रूप में मोतीलाल नेहरू एवं जवाहरलाल नेहरू भी पेश हुए थे।

अंत में अध्यक्षता करते हुए सम्मेलन के अध्यक्ष हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने अपने ऑनलाइन संबोधन में यही कहा कि विद्यार्थी जी के लिए जेल जैसे उनका घर ही हो। अंग्रेजों के कोपभाजन होने के कारण उन्होंने सरकारी नौकरी भी छोड़ दी। जेल में लिखी डायरी के आधार पर “जेल जीवन की झलक” नाम से सीरीज छपी जो सर्वाधिक हिट रही। इस कार्यक्रम से अनेकों साहित्यकार जुड़े रहे। प्रो.मणिभूषण वर्मा ने 1931 के कानपुर दंगे को रोकने के क्रम में शहीद हुए विद्यार्थी जी को नमन किया और कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।

सम्बंधित खबरें


आज शाम से थम जाएगा प्रथम चरण के 71 सीटों के चुनाव-प्रचार

बिहार विधानसभा- 2020 के पहले चरण की 71 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव-प्रचार आज 26 अक्टूबर की शाम से थम जाएगा। 28 अक्टूबर को 2 करोड़ 14 लाख 6 हजार 96 मतदातागण द्वारा कुल 1066 प्रत्याशियों के भाग्य के फैसले ईवीएम में बंद कर दिए जाएंगे।

बता दें कि प्रथम चरण में पटना जिले के 5 एवं भागलपुर के 2 क्षेत्रों सहित भभुआ, रोहतास, बक्सर, भोजपुर, नवादा, गया, औरंगाबाद, जमुई, बांका, जहानाबाद, अरवल, शेखपुरा और नवादा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होंगे।

यह भी जानिए कि चुनाव आयोग द्वारा निष्पक्ष चुनाव कराने हेतु प्रशासनिक स्तर पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। हेलीकॉप्टर द्वारा शनिवार से ही भागलपुर एवं नवगछिया के दियारा तथा बांका के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एरिया डोमिनेशन एवं हवाई गश्ती भी की जा रही है।

चलते-चलते यह भी कि एनडीए एवं महागठबंधन के अन्य शीर्षस्थ नेताओं के अतिरिक्त मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4 चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे वहीं प्रतिपक्ष के सीएम कैंडिडेट तेजस्वी यादव 4 जिले में 9 चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। इसी के साथ प्रथम चरण के चुनाव का प्रचार थम जाएगा और 28 अक्टूबर को दिनभर मतदान होगा।

सम्बंधित खबरें


क्या चुनाव बाद कोरोना फिर कहर ढायेगा ?

बिहार में चुनाव की तैयारी के दरमियान कोरोना पर दी जा रही लापरवाही किसी बड़ी आफत को दावत तो नहीं दे रही ! सीनियर सिटीजन घर में रहें, सुरक्षित रहें। बाहर निकलना जरूरी हो तो मास्क लगाकर निकले और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अवश्य करें।

बता दें कि विधानसभा चुनाव के दरमियान कोरोना को लेकर ना तो जनता को फिक्र है और ना नेता को…… ऐसा लगता है कि चुनाव के बाद कोरोना फिर कहर ढायेगा तथा बड़ी महामारी की चपेट में आएगा बिहार। चुनाव की सरगर्मी के बीच चारों तरफ सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही है, जबकि यह कहावत बड़े ही नहीं, बच्चे भी जानते हैं कि जान है तो जहान है।

जानिए कि कोरोना बिहार में चुनावी मुद्दा भी बनता जा रहा है। बिहार में दो मंत्रियों सहित एक सीनियर पुलिस पदाधिकारी, 9 नेता एवं एक दर्जन के लगभग कोरोना वरियर्स यानि डाॅक्टर्स मौत को गले लगा चुके हैं। अभी भी देश में फैलता जा रहा है। बिहार में मरने वालों की संख्या 1000 के पार चली गई है।

चलते-चलते यह बता दें कि फिलहाल बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूढ़ी सहित कई अन्य बड़ी-बड़ी हस्तियां की चपेट में आने के कारण क्वारनटीन में हैं। प्रधानमंत्री भी कहते रहे हैं कि लाॅकडाउन भले ही चला गया परंतु अभी तक कोरोना वायरस नहीं गया है। हालात अभी भी नाजुक बनी हुई है। लापरवाही बरतने वाले अपने परिवार को संकट में डाल रहे हैं।

अंत में यह भी कि विदेशों में कोरोना घटने के बाद फिर से बढ़ने लगा है। संसार के न जाने कितने देश वैक्सीन बनाने में जुटे हैं परंतु सफलता नहीं मिल रही है। अतः जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।

सम्बंधित खबरें


23 अक्टूबर को पीएम-सीएम की पहली रैली भागलपुर में, कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से होगा पालन

भागलपुर में 23 अक्टूबर को पीएम नरेंद्र मोदी एवं सीएम नीतीश कुमार की पहली रैली में शामिल होने वाले नेताओं का कोरोना टेस्ट होगा। कोरोना निगेटिव आने पर ही मंच पर जा सकेंगे मंत्री या कोई वरिष्ठ नेता और उन्हें पीएम और सीएम के साथ मंच पर बैठने का मिलेगा मौका।

बता दें कि राज्य के प्रधान सचिव ने निर्देश जारी किया है कि रैली स्थल वीवीआईपी एरिया में तैनात सभी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों एवं पीएम-सीएम संग मंच साझा करने वाले लोगों को दो बार कोरोना संक्रमण जांच से गुजरना होगा। प्रत्यय अमृत ने संबंधित सिविल सर्जनों को पत्र द्वारा सूचित किया है कि मंच पर बैठने वालों का 22 अक्टूबर को आरटी-पीसीआर मशीन से कोरोना जांच होना आवश्यक है। निर्देश यह भी जारी किया गया कि रैली के दिन इस वीआईपी एरिया में प्रवेश करने से पहले रैपिड टेस्ट किट से जांच कराई जाए ताकि एरिया में कोई भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति प्रवेश नहीं कर पाए।

चलते-चलते यह भी कि वीवीआईपी जोन में शामिल होने वाले हर वाहन को सैनिटाइज कराया जाए और रैली में शामिल होने वाले हर व्यक्ति को प्रवेश द्वार पर हैंड सैनिटाइज कराया जाएगा। साथ ही यह भी कि बिना मास्क का रैली में किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वीवीआईपी जोन के नजदीक मंच व रिसेप्शन लाइन में आने वाले हर व्यक्ति के लिए मास्क अनिवार्य होगा। यहां तक कि मंच निर्माण में लगे मजदूरों की भी जांच कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।

सम्बंधित खबरें