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रालोसपा के जदयू में विलय पर बोले डॉ.मधेपुरी

समाजवादी सोच वाली राजनीतिक पार्टियां पहले भी बारंबार टूटती और मिलती रही है। सबूत हैं सोशलिस्ट पार्टी, प्रज्ञा सोशलिस्ट पार्टी एवं संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी आदि। रालोसपा का जदयू में मिलना भी अतीत की याद दिलाती है। 8 साल बाद पुनः नीतीश के संग हो गए उपेंद्र कुशवाहा। इस विलय पर समाजवादी सोच के सारे मतदातागण भविष्य के बदलते समीकरण की ओर देखने लगे हैं।

नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा और शरद यादव से जुड़े हुए जदयू के वरिष्ठ नेता व समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि कार्यकर्तागण अपने अतीत को जाने बिना ना तो भविष्य को गढ़ सकेगा और ना ही वर्तमान में जनहित के लिए दो कदम आगे बढ़ सकेगा। डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि 7 बार मुख्यमंत्री बनने तथा विकसित बिहार का सपना देखने वाला नीतीश कुमार देश का सर्वमान्य नेता है। राजनीतिक पार्टियों में जदयू और रालोसपा के मुखिया नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा की अलग-अलग पहचान है। इस विलय से निश्चय ही पार्टी का जनाधार बढ़ेगा तथा जल-जीवन-हरियाली जैसी जनहित वाली सारी योजनाओं को भरपूर गति मिलती रहेगी। फिलहाल पर्दे के पीछे से भी विलय के और कई शुभ संकेतों की आहट सुनाई देने लगी है।

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वर्ल्ड किडनी डे- 2021 पर किडनी मरीजों के लिए आवश्यक निर्देश

संसार में 70 करोड़ लोग किडनी रोग से पीड़ित हैं। इस बार वर्ल्ड किडनी डे का थीम है-” लिविंग वेल विद किडनी डिजीज”

जानिए कि किडनी (गुर्दा) की बीमारी उन लोगों में कम प्रगति करती है जो नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, काम करते हैं। वैसे लोगों को दिल से जुड़ी समस्याएं भी कम होती है तथा जीवन में सुधार भी होता है। सक्रिय बने रहना लाभ को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होता है।

किडनी मानव शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। किडनी केयर को नजरअंदाज करने से रोग बढ़ते हैं। किडनी रोग के बढ़ते मामलों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 2006 से प्रत्येक वर्ष डब्ल्यूएचओ द्वारा 11 मार्च यानि मार्च महीने के दूसरे गुरुवार को ‘विश्व किडनी दिवस’ मनाया जाता है। जागरूकता से ही इस रोग पर लगाम लगाई जा सकती है।

चलते-चलते यह भी जाने कि किडनी मानव शरीर की गंदगी बाहर निकालने का काम करती है। किडनी जब किसी प्रकार की समस्या से घिर जाती है तो शरीर से विषैले पदार्थ को बाहर नहीं निकाल पाती है और कई प्रकार के रोग पैदा होने का खतरा बढ़ने लगता है।

 

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2022 के 22 मार्च तक हर खेत में होगी बिजली- ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र

बिहार की नीतीश सरकार के बिजली मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में घोषणा की कि 2022 के 22 मार्च तक हर खेत तक पहुंच जाएगी बिजली। ऐसा इसलिए होगा कि की कभी यही बिजली मंत्री ने ऐलान किया था कि यदि 24 घंटे बिजली नहीं दूंगा तो वोट मांगने नहीं आऊंगा और वैसा करके दिखाया। वादा पूरा किया…… उनके द्वारा उक्त घोषणा पर भी लोगों को भरोसा है और वैसा करके दिखाएंगे मंत्री, आलाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण।

बता दें कि अब तक 3 लाख से अधिक किसानों को सिंचाई हेतु बिजली का कनेक्शन दे दिया गया है। शेष के लिए नीतीश सरकार द्वारा इस काम हेतु 1329 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। जिसका टेंडर भी हो चुका है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि किसानों को कृषि कार्य हेतु 65 पैसे प्रति यूनिट की दर पर बिजली दी जा रही है। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र ने कहा कि किसानों को दिए जाने वाले अनुदान के मद में वित्तीय वर्ष 2021 में ₹6000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा “वन नेशन वन टेरिफ” फार्मूला के लागू होने पर बिजली सस्ती मिलने लगेगी।

 

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अब प्राइमरी विद्यालयों के छात्र स्थानीय भाषा में पढ़ाई करेंगे- शिक्षा मंत्री विजय चौधरी

आंचलिक कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु की शताब्दी जयंती के साथ ही बिहार विधानसभा में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने घोषणा की कि अब प्राइमरी विद्यालयों के छात्रों को स्थानीय भाषा यानि  मैथिली, अंगिका, बज्जिका, मगही, भोजपुरी सहित अन्य भाषाओं में शुरुआती शिक्षा दी जाएगी। श्री चौधरी ने कहा कि यह व्यवस्था जल्द ही शुरू हो जाएगी जिसकी तैयारी कर ली गई है।

शिक्षा मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह वर्ष विश्व विख्यात आंचलिक कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु की जन्मशती वर्ष है। फलस्वरूप शिक्षा विभाग ने रेणु जन्मशती एवं बापू के आदर्शो को आधार बनाते हुए स्कूली शिक्षा में यह बड़ी पहल की है।

शिक्षामंत्री ने यह भी कहा कि इन दोनों महापुरुषों का मानना था कि बच्चों को उनकी अपनी भाषा में शुरुआती शिक्षा देने से उन्हें ज्ञान अर्जित करने में काफी सहूलियत होगी। महापुरुषों की ऐसे विचारों से प्रभावित होकर समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी दोबारा अपनी भावना को पंख लगाते हुए कहा कि वर्तमान नीतीश सरकार द्वारा विश्वविख्यात आंचलिक कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु के नाम पर पूर्णिया विश्वविद्यालय का नाम करने हेतु उनके जन्म शताब्दी वर्ष पर सकारात्मक विचार का श्रीगणेश हो…।

 

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रेणु जैसे क्रांतिकारी कथा शिल्पी को शताब्दी जयंती पर याद किया डॉ.मधेपुरी ने

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सचिव एवं समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने वैश्विक चेतना के विराट लेखक फणीश्वर नाथ रेणु को कोरोना के पुनः लौटने के कारण अपने ‘वृंदावन’ निवास पर ही याद किया। रेणु जी की 100वीं जयंती के अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित साहित्यानुरागी बच्चों से कहा कि रेणु जी सरीखे रचनाकार का जीवन तो मृत्यु के बाद भी अमर होता है।

यह भी जानिए कि रेणु जी की शताब्दी जयंती (4 मार्च, 2021) के दिन विश्व के 11 देशों के साहित्यकारों  द्वारा उनके जीवन को सार्थक जीवन  साबित करने हेतु आयोजित वेबीनार का रसास्वादन कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष व कोसी क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने भी जमकर किया।

बकौल डॉ.मधेपुरी- 1976 में जब डॉ.मधेपुरी बीएन मंडल वाणिज्य महाविद्यालय के निर्माण के क्रम में फारबिसगंज में पद यात्रा पर थे तभी “मैला आंचल” (डाक्टर बाबू) फिल्म की शूटिंग चल रही थी। उन्होंने दिनभर रेणु जी के परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताया और निर्देशक नवेंदु घोष व सिने कलाकार मोहन चोटी के साथ शूटिंग में भाग भी लिया। डॉ.मधेपुरी के अनुसार मैला आँचल समाज निर्माण का एक सच्चा दस्तावेज है। रेणु उत्कृष्ट लेखक ही नहीं बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सर्वोत्कृष्ट क्रांतििकारी भी रहे हैं।

अंत में जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि लोकनायक जेपी के नेतृत्व में हुए संपूर्ण क्रांति के आंदोलन में भी रेणु जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, तभी तो मुख्यमंत्री से लेकर महामहिम राज्यपाल सहित  सब के सब उनकी तस्वीर पर श्रद्धा के पुष्पअर्पित करते देखे गए।

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विश्व चैंपियन हीमा दास असम में डीएसपी बनी

एशियाई खेलों में रजत पदक विजेता एवं स्टार फर्राटा धाविका हीमा दास को असम के मुख्यमंत्री सर्वदानंद सोनोवाल ने डीएसपी के लिए नियुक्ति-पत्र सौंपा। आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा प्रदेश सरकार के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद थे। अपने संबोधन में हीमा ने कहा कि वह खुदऔर उसकी मां भी आरंभ से ही पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखती आई थी, जो आज पूरी हुई। उन्होंने कहा कि मुझे सब कुछ खेलों की वजह से ही मिला है।

डीएसपी हीमा ने अंत में यही कहा- मैं प्रदेश में खेल की बेहतरी के लिए काम करूंगी तथा असम को हरियाणा की तरह बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला राज्य बनाने की भरपूर कोशिश करूंगी…… अपने कैरियर को ऊंचाई प्रदान करने की कोशिश भी करती रहूंगी।

चलते-चलते यह भी कि भारत सरकार नई शिक्षा नीति में खेल को अनिवार्य करने जा रही है। बकौल प्रधानमंत्री मोदी- खेल ऐसा क्षेत्र बन गया है जो आज की दुनिया में देश की छवि के साथ-साथ देश की शक्ति का परिचय कराता है। खेल अब पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा होने जा रहा है….. आप खेल के मैदान में अकेले नहीं होते बल्कि 130 करोड़ देशवासी आपके साथ होते हैं। आपके खेल से दुनिया में भारत को पहचान मिलती है। अब प्रत्येक जिले में “खेलो इंडिया” केंद्र बनेगा और जम्मू-कश्मीर बनेगा शीत खेलों का गढ़…।

अंत में समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने  खेल के प्रति रुझान को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी एवं असम के मुख्यमंत्री सर्वदानंद सोनोवाल को बधाई देते हुए कहा कि जब दो टीमें मैदान में उतरती है तो कोई जीत को दोहराना सिखती है और जो टीम हार जाती है वह नई राह खोजना सिखती है।

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सरकारी अस्पतालों में कोरोना टीका मुफ्त, परंतु निजी केंद्रों पर ₹250 में मिलेगी “कोवैक्सीन” की पहली खुराक

भारत में पुनः कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी होने लगी है। मार्च चढ़ते ही 16 हजार से ज्यादा मामले प्रतिदिन सामने आने लगे हैं और 100 से अधिक लोगों की मौतें भी 24 घंटे में होने लगी है।

कोरोना से जंग जारी रखने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने 1 मार्च से 20 हजार निजी केंद्रों पर अधिकतम ₹250 में कोरोना वैक्सीन की एक डोज की कीमत तय किया है। इसमें ₹150 टीके की कीमत है और ₹100 सर्विस चार्ज के रूप में वसूलने की अनुमति दी गई है।

यह भी सूचित किया गया है कि 1 मार्च से 45 से 59 साल के ऐसे लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया जाएगा जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। वैसे लोगों को अपनी बीमारी से जुड़ा सर्टिफिकेट साथ में रखना होगा। साथ ही 60 साल या इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए भी टीकाकरण शुरू किया जाएगा।

चलते-चलते यह भी जानिए कि अब तक देश में डेढ़ करोड़ के करीब टीकाकरण हो चुका है। दूसरे चरण के पहले दिन 1 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने जन्मदिन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित गृह मंत्री ने टीका लेकर जो सिलसिला शुरू किया उसे आगे मंगलवार को भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन आदि जारी रखते रहे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने तो अपनी पत्नी के साथ एक प्राइवेट अस्पताल में स्वदेशी कोविड टीके “कोवैक्सीन” की पहली खुराक लिया और 250-250 रूपये भुगतान किए।

 

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बोले नीतीश- शीघ्र ही पुलिस में महिलाओं की हिस्सेदारी होगी 35%

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लोकप्रियता हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या 23% हो गई है जो अगले तीन-चार वर्षों में 35% तक पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शायद ही किसी राज्य में इतनी संख्या में महिलाएं पुलिस बल में कार्यरत होंगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट- 2 के अंतर्गत सभी सरकारी कार्यालयों में महिला कर्मियों की पर्याप्त संख्या करने को कहा गया है, ताकि वहां किसी भी दफ्तर में किसी भी काम से आने वाली महिलाओं का आत्मविश्वास बना रहे। इसलिए तो प्रत्येक जिला में महिला और अनुसूचित जाति एवं जनजाति थाना खोला गया है।

यह भी जानिए कि त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में महिलाओं को 35% आरक्षण का लाभ सीएम नीतीश कुमार के कार्यालय में दिया गया है। आज गांव-गांव में, शहर-शहर में- मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद व नगर परिषद अध्यक्ष से लेकर अन्य सभी सीटों पर महिलाओं को कुर्सियां दी गई हैं। महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का काम निरंतर नीतीश के शासन काल में किया जा रहा है। तभी तो बिहार की बेटी मधुबनी की अद्विका और मुजफ्फरपुर की शिवांगी आज फाइटर विमान उड़ाने लगी है।

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बंगाल सहित केरल, असम, तमिलनाडु व पुडुचेरी विधानसभा चुनाव का बिगुल बजा

भारतीय चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोरा ने बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए चुनाव 8 चरणों में एवं असम की 126 सीटों की 3 चरणों में चुनाव कराए जाने की घोषणा की है। साथ ही तमिलनाडु की 232, केरल की 140 और केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी की 30 सीटों के लिए एक चरण में ही चुनाव कराए जाने की बात कही गई है।

जानिए कि बंगाल के 8 चरणों के मतदान इस प्रकार होंगे- (1.) 27 मार्च, (2.) 01 अप्रैल, (3.) 06 अप्रैल, (4.) 10 अप्रैल, (5.) 17 अप्रैल, (6.) 22 अप्रैल, (7.) 26 अप्रैल एवं (8.) 27 अप्रैल को। और असम में 3 चरणों के मतदान होंगे- (1.) 27 मार्च,  (2.) 01अप्रैल एवं (4.) 06अप्रैल को। शेष तीन में से दो राज्यों तमिलनाडु एवं केरल और 1 केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी में एक चरण में ही चुनाव होंगे- 06 अप्रैल को। यह भी जानिए कि पांचों राज्यों के मतपत्रों की गणना एवं चुनाव परिणाम की घोषणा एक साथ 2 मई को की जाएगी।

 

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नीतीश सरकार का नया लक्ष्य है- आत्मनिर्भर बिहार

बिहार विधानसभा में महामहिम राज्यपाल फागू चौहान के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देने के क्रम में बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार का अगला लक्ष्य आत्मनिर्भर बिहार बनाना है। उन्होंने कहा कि यह बजट इसी उद्देश्य से प्रेरित है तथा इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है- शिक्षा, उद्योग, कृषि, रोजगार, स्वास्थ्य इन सभी क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है।

बता दें कि शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि कोर्ट से अनुमति मिलते ही 30 हजार माध्यमिक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आगे 94 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में चालू कर दी जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में उन अनुमंडलों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे जहां अभी नहीं है एक भी काॅलेज। साथ ही 72 हजार विद्यालयों में चलेगा शैक्षिक सुधार अभियान।

सरकार स्वास्थ्य विभाग में 6 श्रेणी के 15 हजार पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने जा रही हैं। यह भी कि सरकार कृषि आधारित उद्योग पर अधिक फोकस करने जा रहे हैं। उद्योग विभाग द्वारा तत्काल “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट” पर काम शुरू कर दिया गया है।  प्रत्येक विभाग में रोजगार के अवसर तलाशे जा रहे हैं। कुल मिलाकर आत्मनिर्भर बिहार बनाने को गति दी जाने लगी है।

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