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चानू ने चांदी की चमक से चमकाया भारत का नाम

दुनिया के सबसे बड़े खेल मेले “टोक्यो ओलंपिक- 2020” में मणिपुर की रहने वाली मीराबाई चानू ने 24 जुलाई को संपन्न हुए वेट लिफ्टिंग प्रतिस्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम पदक तालिका में अंकित कराने का गौरव प्राप्त किया।

जानिए कि टोक्यो ओलंपिक- 2020 में 49 किलोग्राम के महिला वर्ग में प्रथम दिन ही सिल्वर मेडल जीतकर चानू ने 135 करोड़ भारतीयों के चेहरे पर मुस्कान लाकर संपूर्ण भारतीय खेल प्रेमियों के हौसले बुलंद कर दिया है।

भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, खेल मंत्री सहित सबों ने चानू को बधाइयों का तांता लगा दिया है। मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा कि चानू ने आज देश को गौरवान्वित किया है।

बता दें कि जहां प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समस्त भारत चानू के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित है वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रजत पदक जीतने पर भारत को चानू पर गर्व है। टोक्यो में बेहतर शुरुआत के लिए खेल मंत्री ने शुभ शनिवार कहा। सारा भारत जश्न मना रहा है।

चलते-चलते यह भी कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सर्वाधिक चर्चित राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित, वर्ल्ड चैंपियनशिप- 2017 के स्वर्ण पदक विजेता एवं कॉमनवेल्थ गेम्स- 2018 के स्वर्ण पदक विजेता रही मीराबाई चानू के टोक्यो- 2020 में पहले ही दिन सिल्वर मेडल से भारत का नाम पदक सूची में स्वर्ण अक्षरों स्वर्ण अक्षरों में अंकित कराने तथा खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों को प्रोत्साहित करने हेतु उनके खेल के प्रति समर्पण को सलाम किया है।

 

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टोक्यो मिशन ओलंपिक -23 जुलाई से 8 अगस्त, 2021 तक

इस बार टोक्यो ओलंपिक मिशन के लिए 126 भारतीय खिलाड़ी पदक का दावा पेश कर रहे हैं। कुल मिलाकर 18 खेलों की अलग-अलग स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे भारतीय खिलाड़ीगण ।

बता दें कि इस मिशन ओलंपिक की टीम में सात ऐसे जांबाज खिलाड़ी हैं जो आज की तारीख में खेल की दुनिया में नम्बर वन पर है। पहलवान विनेश फोगाट, वेटलिफ्टिंग मीरा बाई चानू, बैडमिंटन में पीवी सिन्धु के अतिरिक्त दर्जन भर खिलाड़ी पदक के बड़े दावेदार हैं।

भारतीय खिलाड़ियों को भिन्न-भिन्न विधाओं में भिन्न-भिन्न तिथियों को आप इस तरह देखकर प्रोत्साहित कर सकेंगे –

(1) निशानवाजी- 24 से 27 व 30-31 जुलाई तथा 2    अगस्त को
(2)तिरंदाजी – 24, 26 एवं 31 जुलाई को
(3)टेनिस – 24 जुलाई से 01 अगस्त तक
(4)बैडमिंटन – 30 जुलाई को अवश्य देखेंगे पीवी सिन्धु को
(5)एथलेटिक्स- 31 जुलाई तथा 2,3,5,6 एवं 7 अगस्त को
(6)कुश्ती – 4 से 7 अगस्त तक (6 को फोगाट को देखें)
(7)मुक्केबाजी- 1,4,5 एवं 6 अगस्त को
(8)नौकायन – 1,2 एवं 4 अगस्त को
(9) टेबल टेनिस – 26, 29 एवं 30 जुलाई को
(10)वेटलिफ्टिंग- 24 जुलाई को अवश्य देखेंगे चानू को (11)तैराकी – 26, 27, 28 एवं 31 जुलाई को (12)घुड़सवारी- 2 अगस्त.
(13)गोल्फ -1 एवं 7 अगस्त को
(14)रोइंग – 24 जुलाई को.
(15)तलवारबाजी- 26 जुलाई को
(16)जूडो – 24 जुलाई को
(17)हॉकी पुरुष – 24,25,27,एवं 30 जुलाई को
(18)हॉकी महिला – 24, 26, 28, 30 एवं 31 जुलाई को

 

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यदि कोरोना नियंत्रित रही तो शिक्षा मंत्री खोलेंगे सूबे के सभी स्कूल

बता दें कि बिहार में यदि कोरोना की स्थिति इसी प्रकार  नियंत्रित रही तो 6 अगस्त के पहले भी बन्द चल रहे पहली से दसवीं तक के स्कूलों के खोलने पर फैसला सूबे के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ले सकते हैं।

बकौल शिक्षा मंत्री विभाग और सरकार स्कूलों को खोलने के पक्ष में है, परन्तु इससे पूर्व आपदा प्रबन्धन समूह की बैठक में इसपर विचार-मंथन होगा | तभी स्कूल खोलने या न खोलने पर फैसला लिया जाएगा । ज्ञातव्य हो कि 12 जुलाई से दसवीं के ऊपर वाले स्कूल-कॉलेज 50% उपस्थिति के साथ खोले गये हैं।

चलते–चलते यह भी जानिए कि शिक्षा विभाग या सरकार बच्चों के जीवन को जोखिम में डालकर स्कूल खोलना नहीं चाहती । यह जानते हुए कि लगातर स्कूल बन्द रहने से छात्रों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। फिर भी कोरोना की स्थिति बदलने की आशंका बनी हुई है। ऐसा इसलिए कि चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों के वैचारिक आकलनों में भिन्नता हो जाती है।

अंत में स्कूली बच्चों की शिक्षा के प्रति शिक्षामंत्री
विजय कुमार चौधरी की व्याकुलता की सराहना
करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने समस्त सूबे वासियों से कोरोना प्रोटोकॉल के नियमों को पूरी संजीदगी के साथ स्वीकार करने का अनुरोध किया है।

 

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जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 30 तालाब को किया गया अतिक्रमण मुक्त

बिहार में सीएम नीतीश कुमार के जल-जीवन हरियाली अभियान के तहत जिले के 42 में से 30 पोखर को अतिक्रमण मुक्त कर लिया गया है। अब तक कुल 12 पोखर को अतिक्रमण से मुक्त नहीं किया जा सका है।

बताया जा रहा है कि जिले में 250 जलाशय हैं, जिसमें सरकारी,निजी और केनाल भी शामिल हैं । केनाल को अतिक्रमण  मुक्त करने के लिए जलसंसाधन विभाग से NOC मिल गया है।  अब यह अभियान तेजी से आगे बढ़ेगा।

 

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कोरोना की तीसरी लहर को लेकर नीतीश सरकार तैयारी में जुटी

कोरोना की तीसरी लहर से जंग जीतने के लिए बिहार की नीतीश सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में बढ़ाए 10,660 नये बेड । प्राय: सभी नये बेड ऑक्सीजन पाइपलाइन से जुड़ेंगे । इससे कोरोना सहित अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों के इलाज में काफी सुविधा होगी ।

बता दें कि तत्काल स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रखंड स्तर पर संचालित किए जा रहे 533 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रति पीएचसी 20-20 बेड बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसकी सरकारी स्वीकृति लेकर कार्यारम्म कर दिया जाएगा।

चलते-चलते यह भी जानिए कि तत्काल सभी केन्द्रों में प्री- फैब्रिकेटेड बेड लगाए जाएंगे जो अस्थायी रूप से पाँच साल तक चलेंगे । ये सभी नये बेड नट-बोल्ट से कसे हुए होंगे । ऐसा होने पर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अब शहर के अस्पतालों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा ।

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अफगानिस्तान में शहीद हुए भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी को श्रद्धांजलि

दो देशों के बीच गोलीबारी या मुठभेड़ की स्थिति में आमतौर पर किसी भी पत्रकार को निशाना नहीं बनाया जाता है, परंतु अफगानिस्तान में तालिबान ने जो दुस्साहस किया है दरअसल वह प्रेस या मीडिया पर निर्मम हमला है।

बता दें कि कंधार में तालिबान ने भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी को उस वक्त निशाना बनाया था जब वह अफगान सुरक्षा बलों के साथ वहां के हालात की निष्पक्ष रिपोर्टिंग कर रहे थे। समाचार एजेंसी रायटर से जुड़े शहीद दानिश पुलित्जर पुरस्कार विजेता थे।

यह भी जानिए कि इस वर्ष अभी तक अफगानिस्तान में 6 पत्रकारों की हत्या हो चुकी है, जिनमें 4 महिला पत्रकार हैं, जबकि पिछले पूरे साल में 6 पत्रकार रिपोर्टिंग करते हुए वहां शहीद हुए थे। वर्ष 2018 में वहां 16 पत्रकारों को जान गंवानी पड़ी थी। कोई संगठन पत्रकारों को इस कदर नापसंद क्यों करते हैं जबकि वह समाज को बेहतर और पारदर्शी बनाने में अपनी भूमिका निभाते हैं। शहीद दानिश सिद्दीकी सहित अफगानिस्तान में हुए सभी शहीद पत्रकारों के प्रति शोक जताते हुए भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, सूचना प्रसारण मंत्री सहित भारत के सभी संवेदनशील सुदी जनों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि भारत ने 10 जुलाई को कंधार में वाणिज्य दूतावास से लगभग 50 राजनयिकों, सहायक कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को भारतीय वायुसेना की मदद से वापस बुला लिया है। परंतु, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि वहां पर तालिबान जो कुछ कर रहा है उस पर पूरे विश्व को ज्यादे कड़ाई से संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि जो देश तालिबान के पीछे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खड़े हैं, उन्हें मानवीयता के आईने में अपनी छवि को बार-बार देखनी भी चाहिए।

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अब मुख्यमंत्री बनेंगे मेडिकल, इंजीनियरिंग और खेल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति

बता दें कि बिहार में अब 3 नए विश्वविद्यालयों को जल्द स्थापित किए जाने के रास्ते साफ हो गए हैं। नीतीश सरकार ने मेडिकल विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय और खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने हेतु नए विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसे जुलाई में ही विधानमंडल के मानसून सत्र में पारित कर… राज्यपाल की सहमति प्राप्त करने के बाद नए अधिनियम के रूप में राज्य में लागू कर दिया जाएगा।

जानिए कि अब राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज मेडिकल विश्वविद्यालय में और सभी इंजीनियरिंग कॉलेज इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय में शामिल होंगे जो अब तक आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के अंतर्गत आते हैं। इन दोनों विश्वविद्यालय का मुख्यालय पटना में होगा जबकि खेल विश्वविद्यालय को राजगीर में स्थापित किया जाएगा।

चलते-चलते यह भी जानिए कि जहां राज्य के अन्य सभी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होंगे सूबे के महामहिम राज्यपाल वहीं इन नए तीनों विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होंगे राज्य के माननीय मुख्यमंत्री।

यह भी जान लें कि कुलाधिपति की सहमति से ही विश्वविद्यालयों में कुलपति समेत अन्य बड़े पदों पर नियुक्ति के लिए “सर्च कमिटी” का गठन किया जाता है।

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अब जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नहीं होंगे डीडीसी

डीडीसी (डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर) यानि उप विकास आयुक्त अब जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नहीं रहेंगे। जिला परिषद में डीडीसी की जगह उप सचिव स्तर के बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी पदस्थापित किए जाएंगे, जो परिषद के पूर्णकालिक कार्यपालक पदाधिकारी होंगे।

बता दें कि डीडीसी के जिम्मे और भी अनेक कार्य होते हैं जिसके कारण जिला परिषद के कार्यों पर वे पूरा ध्यान नहीं दे पाते थे। इसे देखते हुए विकास प्रिय नीतीश सरकार ने यह निर्णय लिया है। जिलों और प्रखंडों से सरकार के पास लगातार ये शिकायतें आती रही थी कि डीडीसी और बीडीओ क्रमशः जिप एवं पंचायत के कामों पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।

जानिए कि अब प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) भी पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी की जिम्मेदारी से मुक्त किए जाएंगे। आगामी मानसून सत्र में पंचायती राज अधिनियम 2006 में एक संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा, जिसके पारित होने के बाद राज्यपाल की सहमति मिलते ही नया नियम लागू हो जाएगा। क्योंकि, सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को ही राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी मंजूरी दे दी गई है।

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ज्यादा दिनों तक स्कूल से बच्चों के दूर रहने को लेकर यूनिसेफ चिन्तित

ग्लोबल एजुकेशन मीटिंग से पहले यूनिसेफ ने बयान जारी कर कहा कि स्कूलों को खोलने के लिए हम कोरोना संक्रमण के नये मामले शून्य होने का इंतजार नहीं कर सकते | यूनिसेफ ने छात्रों व शिक्षकों के पूर्ण टीकाकरण का इंतजार करने को भी अनुचित बताया । एजेंसी ने यह भी कहा कि ज्यादा दिनों तक स्कूल से दूर रहने पर बच्चों के स्कूल लौटने की संभावना बहुत कम हो जाएगी।

बता दें कि भारत के लगभग 25 करोड़ बच्चे कमोबेश 18 महीने से स्कूली कक्षाओं से दूर रहे हैं जिससे बच्चों व किशोरों के नुकसान को कभी नहीं भरा जा सकेगा। दुनिया के करीब 170 देशों में से ज्यादातर देशों में कुछ दिनों के लिए ही  कोरोना महामारी के दौरान स्कूल बन्द रहे ।
मौके पर समाजसेवी—शिक्षाविद डॉ. भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने यही कहा कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास के लिए स्कूली वातावरण काफी अहमियत रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी के दौरान स्कूली बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं की ओर उन्मुख किया गया, परन्तु ऑनलाइन कक्षाएं स्कूली पढ़ाई का कतई विकल्प नहीं है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि वंचितों के बच्चों को ऑनलाइन क्लास से खासा परेशानी इसलिए होती है कि उनके अभिभावक और उन बच्चों के स्कूलों के पठन-पाठन का स्तर ऊंचा नहीं होता है !

 

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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का संकेत दिया जा रहा है, पूर्वोत्तर के सात राज्यों द्वारा

पूर्वोत्तर के राज्यों में जोर पकड़ता कोरोना संक्रमण इस बात का संकेत दे रहा है कि देश में तीसरी लहर नजदीक है। हालात को देखते हुए पीएम मोदी ने मंगलवार को सातो राज्यों – (1) सिक्किम (2)मणिपुर (3) मेघालय (4)मिजोरम (5) अरुणाचल प्रदेश (6) नागालैंड और (7) त्रिपुरा के मुख्य मंत्रियों से बातें करके स्थिति की जानकारी ली है।

बता दें कि WHO  यह मानता है की जब जाँच पॉजिटिविटी दर 10% या उससे ज्यादा हो जाए तो इसका मतलब है कि संक्रमण नियन्त्रण से बाहर हो चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की इस मान्यतानुसार प्रथम चार राज्यों – सिक्किम (19.5%), मणिपुर (15%), मेघालय (9.4%) और मिजोरम (11.8%) में हालात बेकाबू हो गया है। इन राज्यों में प्रबन्धन हेतु केन्द्रीय टीमों को तैनात किया गया है।

चलते-चलते स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस वक्त देश के 73 जिले में संक्रमण की दर यानि जाँच पॉजिटिविटी दर 10% बना हुआ है, जिसमें 45 जिले पूर्वोत्तर के राज्यों के हैं। पूर्वोत्तर के अलावा करेल का हाल भी बेहाल है।

मौके पर समाजसेवी शिक्षाविद डॉ. भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी का कहना है कि यह महामारी केवल सरकार और प्रशासन द्वारा तब तक ठीक होने वाला नहीं है जब तक  लोग मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग और बार-बार हाथ धोने को अपने दिनचर्या का हिस्सा नहीं बना लेते हैं……. इसे मौसम की भविष्यवाणी की तरह हमें नहीं लेना चाहिए।

14/7/2021

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