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पुलिस-पब्लिक रिलेशन सप्ताह का आयोजन

मधेपुरा जिला मुख्यालय के श्री कृष्ण मंदिर परिसर में पुलिस-पब्लिक रिलेशन सप्ताह (22-27 फरवरी) के चौथे दिन गुरुवार को शिक्षाविद-समाजसेवी प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी की अध्यक्षता में चित्रकारी तथा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्षा व प्रखर विदुषी डॉ.शांति यादव एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में इंस्पेक्टर सह थाना अध्यक्ष श्री सुरेश प्रसाद सिंह एवं सार्जेंट श्री महेश नारायण सिंह ने सारगर्भित भूमिका का निर्वहन किया।

बता दें कि प्रतियोगिता में 2 दर्जन से अधिक स्कूली बच्चे-बच्चियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों के बीच मास्क का वितरण किया गया। सभी आगंतुकों के लिए सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई थी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए प्रतिभागियों को दूर-दूर बैठाया गया। अध्यक्ष डॉ.मधेपुरी  ने सर्वप्रथम भाषण प्रतियोगिता के रिजल्ट की घोषणा की और बताया कि प्रथम स्थान प्राप्त किया शांतनु यदुवंशी ने, द्वितीय स्थान पर रही रिंकू कुमारी और मौसम प्रिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार प्रेरणा, स्वाति एवं अश्विनी कुमार को दिया गया। पुनः उन्होंने कोरोना से संबंधित चित्रकारी प्रतियोगिता के रिजल्ट की घोषणा की कि साक्षी सुमन ने प्रथम, साक्षी प्रिया ने द्वितीय, तेजस्विनी वर्मा ने तृतीय एवं  प्रीति प्रिया ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। बाद में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि प्रकृति से संबंधित चित्रकारी प्रतियोगिता में सृष्टिश्री ने प्रथम, हिमांशु रंजन ने द्वितीय, काव्य किशोर ने तृतीय, राणा जी ने चतुर्थ तथा प्रीति कुमारी ने पंचम स्थान प्राप्त किया।

अध्यक्षीय संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि पुलिस व पब्लिक तो दोनों हैं तो मनुष्य ही। जब तक सांस चलती है तब तक काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या और द्वेष ये छह विकार प्रत्येक मनुष्य के अंदर विद्यमान रहता है। इसी कारण समाज में क्राइम होता है। क्राइम तभी कम होगा जब हम बुद्धि, विवेक और वैराग्य से काम लेंगे तथा एक दूसरे पर नजर भी रखेंगे। डॉ.शांति यादव ने व्यवस्थागत त्रुटियों की ओर इशारा किया और बच्चों का मनोबल बढ़ाने हेतु अच्छी-अच्छी बातें कहीं। रेड क्रॉस सचिव आरके रमण, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष किशोर कुमार तथा थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह ने भी बच्चों का मनोबल बढ़ाया। पृथ्वीराज यदुवंशी ने मंच संचालन किया।

 

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मधेपुरा कृषि विज्ञान केंद्र में नए कुलपति डॉ.आर के सुहाने का आगमन

सर्वप्रथम नए कुलपति डॉ.आरके सुहाने का स्वागत किया कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक व प्रधान डॉ.विपुल कुमार मंडल सहित उपस्थित अन्य वैज्ञानिकों व कर्मियों ने। बाद में कुलपति डॉ.सुहाने द्वारा केंद्र की विभिन्न गतिविधियों एवं परियोजनाओं का आकलन किया गया। उन्होंने कहा कि इस कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जो गतिविधियां चलाई जा रही हैं उससे  यहां के किसान काफी लाभान्वित हो रहे हैं।

बता दें कि कुलपति डॉ.सुहाने ने जल-जीवन-हरियाली योजना अंतर्गत जलवायु अनुकूल खेती के तहत लगाए गए मक्का, मसूर, राई, सरसों के प्रत्यक्षण का अवलोकन भी किया तथा आवश्यक निर्देश दिए। कृषि विज्ञान केंद्र में भ्रमण के बाद उन्होंने जलवायु अनुकूल खेती के लिए चयनित 5 गांव- रेसना, आरार बिशनपुर, जयराम परसी, झिटकिया एवं कल्होता गांव के खेतों में लगाए गए जीरो टिलेज गेहूं, पोटैटो प्लांट द्वारा लगाए गए आलू की फसल, रेज्डवेज मक्का, राई एवं मसूर फसल के प्रत्यक्ष का भ्रमण एवं अवलोकन किया और केंद्र की गतिविधियों की सराहना की।

चलते-चलते यह भी कि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय आलू विशेषज्ञ वैज्ञानिक डॉ.उमाशंकर सिंह, मंडल भारतीय कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.उमेश कुमार, पौधा संरक्षण वैज्ञानिक डॉ.आरपी शर्मा, पशुपालन वैज्ञानिक डॉ.सुनील कुमार सहित डॉ.एसपी विश्वकर्मा एवं राहुल कुमार वर्मा आदि ने अपने-अपने क्षेत्र विशेष की जानकारियां कृषकों को दी। मौके पर केंद्र के रतन कुमार, संजय कुमार, विकास कुमार व संतोष कुमार उपस्थित थे।

 

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नीतीश सरकार का नया लक्ष्य है- आत्मनिर्भर बिहार

बिहार विधानसभा में महामहिम राज्यपाल फागू चौहान के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देने के क्रम में बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार का अगला लक्ष्य आत्मनिर्भर बिहार बनाना है। उन्होंने कहा कि यह बजट इसी उद्देश्य से प्रेरित है तथा इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है- शिक्षा, उद्योग, कृषि, रोजगार, स्वास्थ्य इन सभी क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है।

बता दें कि शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि कोर्ट से अनुमति मिलते ही 30 हजार माध्यमिक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आगे 94 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में चालू कर दी जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में उन अनुमंडलों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे जहां अभी नहीं है एक भी काॅलेज। साथ ही 72 हजार विद्यालयों में चलेगा शैक्षिक सुधार अभियान।

सरकार स्वास्थ्य विभाग में 6 श्रेणी के 15 हजार पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने जा रही हैं। यह भी कि सरकार कृषि आधारित उद्योग पर अधिक फोकस करने जा रहे हैं। उद्योग विभाग द्वारा तत्काल “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट” पर काम शुरू कर दिया गया है।  प्रत्येक विभाग में रोजगार के अवसर तलाशे जा रहे हैं। कुल मिलाकर आत्मनिर्भर बिहार बनाने को गति दी जाने लगी है।

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शिक्षा पर नीतीश सरकार ने 47 हजार 785 करोड़ रूपया खर्च करने का बजट तैयार किया

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला यह है कि शिक्षा पर अधिक सबसे अधिक यानि 21.92 फ़ीसदी राशि खर्च होगी। 5 वर्षों में 20 लाख रोजगार यानी 1 साल में 4 लाख रोजगार के अवसर भी होगी बड़ी उपलब्धि।

बता दें कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए राज्य सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने 2 लाख 18 हजार करोड़ से अधिक का बजट पेश किया है, इसे अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञों ने भी बेहतर बजट बताया है। विशेषज्ञों ने रोजगार रियल होने की बात कही है, मनरेगा में इसकी गिनती नहीं करने की चर्चा की है।

प्राथमिक शिक्षा तो सबके लिए जरूरी है, परंतु उच्च शिक्षा में गिरावट को फोकस करते हुए देखना होगा कि विश्वविद्यालयों में योग्य शिक्षकों द्वारा पढ़ाई और शोध का सिलसिला थमे नहीं। शिक्षाविद प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने शुरू से लेकर ऊपर तक प्रायोगिक वर्गों के संचालन को सुदृढ़ करने का सुझाव दिया है।

डॉ.मधेपुरी ने कहा कि हर खेत को बिजली-पानी मिले और उत्पादों को बाजार मिले। वेतन और पेंशन जैसे मदों में पूर्व की तुलना में खर्च में कुछ कमी आई है। कार्यालयों में महिलाओं की तैनाती, पर्यावरण सुरक्षा हेतु विद्युत शवदाह गृह तथा मछली पालन को बढ़ावा- इससे लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु विकास दर को यह बजट और अधिक गति देगा।

 

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नीतीश कुमार के काम का कोई विकल्प नहीं- हरिवंश

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने मुख्य अतिथि के रुप में जदयू के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का रविवार को शुभारंभ करते हुए जदयू प्रदेश कार्यालय के कर्पूरी सभागार में कहा कि नीतीश कुमार के काम का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यह सोचना भी मुश्किल सा लगता है कि विगत 15 वर्षों तक नीतीश कुमार बिहार के मुखिया नहीं होते तो क्या होता। हरिवंश ने सभी कार्यकर्ताओं को सामाजिक समाजवाद की सीख दी।

बता दें कि इस अवसर पर जहां जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि वही राजनीतिक पार्टी जीवंत होती है जो विचार के आधार पर चलती है, वहीं प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि विधानसभा का परिणाम हमारे लिए चुनौती है जिसे सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर अवसर में बदलना है।

यह भी कि प्रो.रामवचन राय, मोटिवेशनल स्पीकर नियाज अहमद, अतुल प्रियदर्शी, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार आदि ने आंतरिक बदलाव एवं नेतृत्व-विकास आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया। नेतृत्व के विचार को व्यवहार में उतारने की सीख दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंगनी लाल मंडल, संजय सिंह (गांधीजी), लल्लन सर्राफ, मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अमरदीप आदि भी मौजूद थे।

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शिवानी को “वीमेन आफ सब्सटांस अवार्ड” मिलने पर मधेपुरा जिलावासी हुए गौरवान्वित

वीरांगना ग्रुप की ओर से यूपी के कानपुर में आयोजित कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता गोविंदा द्वारा जिले के बीएन मंडल वाणिज्य महाविद्यालय के प्रोफेसर, गम्हरिया प्रखंड निवासी डॉ.किशोर कुमार सिंह व सविता सिंह की बेटी एवं सोशल एक्टिविस्ट शिवानी सिंह को उनके उत्कृष्ट कार्यो के लिए “वीमेन आफ सब्सटांस अवार्ड-2021” से सम्मानित किया गया।

बता दें कि पूर्णिया जिले के भवानीपुर के सोनदीप प्राथमिक विद्यालय में प्रधान शिक्षिका के रूप में कार्यरत शिवानी बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा कर लोगों को जागरूक कर रही हैं। घर और स्कूल की जिम्मेदारियां निभाने के बाद वह अनपढ़ महिलाओं को साक्षर करने हेतु नि:शुल्क क्लास भी चलाती है। शिवानी कहती है कि समाज सेवा से उन्हें सुकून मिलता है।

चलते-चलते यह भी कि इन कार्यों में गहरी आस्था को लेकर शिवानी के माता-पिता एवं पति राहुल सिंह सहित ससुराल से खुलकर सपोर्ट मिलने के चलते पूर्व में इन्हें “मिस एंड मिसेज ग्लोबल बिहार” सीजन- 5 में ब्रांड एंबेस्डर का खिताब भी मिल चुका है। मधेपुरा की बेटी शिवानी ने परिवार को ही नहीं, जिले को भी गौरवान्वित किया है। शीघ्र ही समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा “जो करेगा मधेपुरा को गौरवान्वित, उसे करेंगे डॉ.मधेपूरी करेंगे सम्मानित” कार्यक्रम के तहत शिवानी को किया जाएगा सम्मानित।

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मोहन शकुंतला टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में समाजसेवी मुखिया मोहन बाबू की 24वीं पुण्यतिथि मनी

मोहन शकुंतला ट्रेनिंग कॉलेज के संस्थापक सचिव व समर्पित शिक्षक रहे मकेश्वर प्रसाद के पिताश्री समाजसेवी मुखिया मोहन बाबू की 24वीं पुण्यतिथि समारोहपूर्वक मनाई गई। समारोह के उद्घाटनकर्ता बीएनएमयू के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.)आरकेपी रमण, मुख्य अतिथि प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी व कुलसचिव डॉ.कपिलदेव प्रसाद एवं विशिष्ट अतिथि डॉ.शांति यादव आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, शिक्षक परमेश्वरी प्रसाद, विकास पदाधिकारी डॉ.ललन अद्री सहित ढेर सारे रिटायर्ड शिक्षक, छात्र-छात्राएं व महिलाएं आदि मौजूद थीं।

कार्यक्रम का आरंभ स्वागत गान एवं स्वागत भाषण से किया गया। पाग व अंगवस्त्रम आदि देकर अतिथियों को सम्मानित किया गया। मंच संचालन मनोज कुमार ने किया और नामचीन उद्घोषक पृथ्वीराज यदुवंशी ने कार्यक्रम को सरस बना दिया।

उद्घाटनकर्ता के रूप में कुलपति डॉ.राम किशोर प्रसाद रमण ने विस्तार से विश्वविद्यालय के विकास की चर्चा करते हुए उपस्थित अभिभावकों से सहयोग करने की बात कही और मोहन बाबू के कर्मों की चर्चा करते हुए मोहन शकुंतला टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज को यथोचित सहयोग देने हेतु मौजूद मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ.कपिलदेव प्रसाद को निर्देश भी दिया। कुलपति डॉ.रमण ने यह भी कहा कि बाहर से कुलपति आते हैं और कार्यकाल समाप्त होने पर चले जाते हैं, परंतु मुझे तो यहीं रहना है, इसलिए दिन-रात एक कर विश्वविद्यालय का विकास करना है ताकि बाद में लोगों की शिकायत नहीं सुननी पड़े।

मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मोहन बाबू की महानता इस बात से आंकी जा सकती है कि वे अपने पंचायत के लोगों के झगड़ों को कोर्ट-कचहरी तक नहीं आने देते थे। मुखिया के रूप में वे सदा नेक कर्मों से जुड़े रहे और लोगों को प्रेरित करते रहे। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मैंने भी एक नेक काम किया- वह यह कि कुलपति महोदय को अपने निवास तक जाने के लिए मुख्य सड़क एनएच-106 से संपर्क नहीं था। मैंने लगभग 10 लाख की जमीन राज्यपाल के नाम पर देकर पूरे मोहल्ले को आने-जाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया। परंतु, कुलपति महोदय भी कम नहीं किए, उन्होंने “डॉ.मधेपुरी मार्ग” का शिलापट्ट ही लगवा दिया। इसे ही कहते हैं- कर भला तो हो भला। मोहन बाबू ने मुखिया के रूप में लोगों का उपकार किया तो डीएम केपी रमैया ने उनके गांव लक्ष्मीनिया जाकर उन्हें पुरस्कृत भी किया।

विशिष्ट अतिथि डॉ.शांति यादव ने मोहन बाबू के संक्षिप्त जीवन वृत्त का फोल्डर बनवाकर वितरण करने हेतु सुझाव दिया। मधेपुरा कॉलेज के संस्थापक प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार ने कहा कि सभी सक्षम व्यक्तियों को शिक्षण संस्थान अवश्य खोलनी चाहिए। डॉ.ललन अद्री, शिक्षक परमेश्वरी प्रसाद सहित अन्य अतिथियों ने उद्गार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ.महेश्वर यादव प्राचार्य ने किया।

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लोजपा के पाँच पूर्व महासचिव सहित 208 नेता हुए जदयू में शामिल

जदयू में परिवारवाद वंशवाद की कोई जगह नहीं होने के कारण लोजपा के 208 नेता जदयू में शामिल। अकेले हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से 77 लोजपा नेता जदयू में शामिल हुए। पहले से बागी हो चुके प्रदेश महासचिव केशव सिंह सहित समेत लोजपा के पांच महासचिव, दो प्रकोष्ठ अध्यक्ष, अनेक जिला अध्यक्ष समेत कुल 2 से ऊपर नेताओं ने जदयू का दामन थाम लिया।

बता दें कि जदयू मुख्यालय पटना में आहूत मिलन समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कुल 208 सदस्यों पार्टी की सदस्यता दिलाई। जदयू की सदस्यता ग्रहण करने वाले प्रमुख नेता हैं प्रदेश महासचिव दीनानाथ क्रांति, विष्णु पासवान, रामनाथ रमन, प्रो.एजाज उस्मानी, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पारसनाथ गुप्ता, श्रम प्रकोष्ठ के अध्यक्ष केके कुशवाहा एवं सिकंदरा के पूर्व प्रत्याशी सुभाष पासवान।

इस मिलन समारोह में जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से लेकर जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अमरदीप सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता गण मौजूद थे। सबने यही कहा कि जदयू समाजवादी विचारधारा पर चलने वाली देश की एक मात्र पार्टी है। यदि आप में प्रतिभा है तथा दल के प्रति निष्ठा है तो मेहनत से काम करते जाइए… और जदयू में कोई भी पद पाने के लिए खुद में काबिलियत को बढ़ाते जाइए….. यही एक पार्टी है जिसमें वंशवाद के लिए कोई जगह नहीं है।

चलते-चलते यह भी कि जदयू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जन्मदिन (1 मार्च) को हर शहर, हर गांव और पंचायत के एक-एक बूथ पर ‘विकास दिवस’ के रूप में मनाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि जदयू कार्यकर्ता जुटेंगे, विकास पर चर्चा करेंगे और अपने नेता के दीर्घायु होने की कामना करेंगे।

 

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जननायक कर्पूरी ठाकुर की 34वीं पुण्यतिथि पर डॉ.मधेपुरी की श्रद्धांजलि

समाजवादियों के प्रेरणा स्रोत जननायक कर्पूरी की 34वीं पुण्यतिथि पर अपने वृंदावन निवास पर डॉ.मधेपुरी ने शत-शत नमन निवेदित किया तथा उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। सहज, सरल, मृदुभाषी एवं ईमानदारी की प्रतिमूर्ति व बिहार के मुख्यमंत्री रहे कर्पूरी ठाकुर ताजिंदगी गरीबों-वंचितों की सशक्त आवाज बने रहे।

जननायक कर्पूरी के सानिध्य में रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने मौजूद बच्चों से कहा कि कर्पूरी ठाकुर को जननायक इसलिए कहते हैं लोग- क्योंकि उन्होंने खुद के लिए कभी नहीं जिया बल्कि ताजिंदगी वंचितों व बेकसों के संसार को सजाने में लगे रहे। मुख्यमंत्री रहते हुए जब किसी मुँहलग्गु ने कर्पूरी जी से बेटा रामनाथ को टिकट देने की बात कही तो उन्होंने कहा- ठीक है, मैं राजनीति से संयास ले लेता हूं। चंद दिनों बाद जब किसी निकटतम संबंधी मुख्यमंत्री कर्पूरी से छोटी-मोटी नौकरी मांगी तो उन्होंने सम्मान के साथ भोजन कराकर ₹50 देते हुए कहा कि इस पैसे से कैंची-स्तूरा खरीदकर पुश्तैनी काम शुरु कीजिए। आज भी कर्पूरी ठाकुर के गांव में फूस का ही घर है और उनकी पत्नी कुलेश्वरी देवी बकरी चराते हुए समय काटती रही जबकि वे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान थे। इसलिए लोग उन्हें जननायक कहने लगे हैं।

यही कारण है कि आज सभी राजनीतिक पार्टियां उनकी विरासत को लेकर अपने-अपने पार्टी मुख्यालय में उनकी जयंती और अब तो उनकी पुण्यतिथि भी मनाने लगी है।

 

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3-4 अप्रैल को रेणु जन्मशताब्दी पर अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद

अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त हिन्दी कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु की जन्म शताब्दी के मौके पर अंतरराष्ट्रीय वेबीनार का (3-4 अप्रैल को) दो दिवसीय आयोजन पटना में होने जा रहा है। बिहार के इस कथा शिल्पी ने ग्रामीण जीवन के अलग-अलग रंगों को उकेर कर कहानियों एवं उपन्यासों की रचना की थी जिसमें मैला आंचल, जुलूस और परती परिकथा सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली रेणु की कृति है।

बता दें कि रेणु पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद में भारतीय गांव, ग्रामीण जीवन और ग्रामीण इतिहास के अतिरिक्त रेणु की भाषा के साथ-साथ कथा की कला शिल्प आदि को समझने का प्रयास करेंगे- अंतरराष्ट्रीय विद्वान… जर्मनी से  बारबरा लोत्ज, उज़्बेकिस्तान से सिराजुद्दीन नर्मतोव, श्रीलंका से उपुल रंजीत, मॉरीशस से गुलशन सुखलाल, चीन से ग फू फिंग, वांगली, तंग पिंग…. फ्रांस की क्रिस्टीना सोजानकी, जापान से इशिदा हिदेयकि, अमेरिका से रिचर्ड डेलेसी, ऑस्ट्रेलिया से यान बुलफोर्ड, पुर्तगाल से शिव कुमार सिंह और भारत से प्रेम कुमार मणि, रश्मि चौधरी, दीपक राय, बी.आयावर, एमएन ठाकुर, अग्निहोत्री आदि लेखकों, इतिहासकारों, समाज शास्त्रियों… आदि के भाग लेने की संभावना है।

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