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5 जून : विश्व पर्यावरण दिवस

जब हम लोग विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) को गहराई से नहीं जानते थे तब हम वृक्षों की पूजा किया करते थे। उन दिनों हमारे पूर्वजों द्वारा तुलसी के छोटे-छोटे पेड़-पौधों से लेकर पीपल व बरगद के विशाल वृक्षों की पूजा संपूर्ण समर्पण के साथ की जाती थी। तब भले ही हम यह नहीं जानते थे कि यह तुलसी या पीपल हमें अहर्निश प्राणवायु (ऑक्सीजन) देते हैं…। फिर भी तुलसी हर घर व आंगन की शोभा बढ़ाती थी…. और पीपल के पत्तों या टहनियों को तोड़ने या काटने की बात सोचते ही हमारे हाथ कांपने लगते थे।

बता दें कि प्राचीन काल में हमारे पूर्वज एक पेड़ को सौ पुत्रों के समान मानते थे। जब हमने उन्हें काट-काट कर शहर बसाया और उद्योग खड़ा करने लगे तो दिल्ली जैसे शहरों में सांस लेना मुश्किल होने लगा। लोगों की औसत उम्र 3 वर्ष कम हो गई। वाहनों के परिचालन को लेकर ऑड-इवन फॉर्मूला लगाने को विवश होना पड़ा। तब घर-घर यह स्लोगन गूंजने लगा-

“पर्यावरण हम सबकी जान,

आओ करें इसका सम्मान”

Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri planting on the occasion of World Environment Day at his residence Vrindavan.
Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri planting on the occasion of World Environment Day at his residence Vrindavan.

यह भी जानिए कि दुनिया को भले ही कोरोना लाॅकडाउन के चलते आर्थिक भूचाल देखना पड़ा है परंतु हमें साफ-सुथरा आसमान और वायुमंडल में बढ़ रहे ऑक्सीजन का स्तर तो मिला है….। इतने दिनों में दुनिया रिचार्ज तो हो गई है। तभी तो दिल्ली के बच्चे कहने लगे हैं कि दिल्ली में हमने इतना साफ और सुंदर आसमान कभी देखा ही नहीं था।

चलते-चलते बता दें कि आज इस विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा- सरकार प्रतिवर्ष एक महीने का लाॅक डाउन सम्यक विचारोपरान्त तब लगाएं जब बच्चों की परीक्षाएं ना हो, लू चलती हो… रमजान आदि का महीना ना हो तो गंगा-यमुना जैसी नदियां एवं वायुमंडल… सब कुछ स्वतः स्वच्छ और साफ होता रहेगा।

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देश और प्रदेश : कोरोनावायरस अपडेट

देश भर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2 लाख 16 हजार 919 हो गई है जिसमें पिछले 24 घंटे में आये 9304 नए मामले भी हैं। स्पष्ट है कि लाॅकडाउन खुलने के बाद देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं यानी जबरदस्त उछाल आया है।

बता दे कि देश में अब तक 6075 लोगों की मौत कोरोना वायरस के कारण हो चुकी है। राहत की बात यही है कि लगभग 50% यानी 104107 मरीज कोरोना से जंग जीत चुके हैं। फिलहाल देश में एक्टिव कोरोना केस की संख्या 1लाख 6 हजार 737 है। विगत कुछ दिनों से मरीजों के ठीक होने का आंकड़ा तेजी से बढ़ने लगा है।

वहीं सूबे बिहार में जहां अब तक 27 लोगों की मौत कोरोना वायरस के कारण हुई है वहीं कोरोना संक्रमित की कुल संख्या- 4420 है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना के 94 नए मरीज मिले हैं।

बता दें कि प्रदेश के 24 जिलों में मिले 94 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज…. जिला बार निम्न प्रकार हैं- जहां पूर्णिया व वैशाली में कोरोना  संक्रमित मिले 12-12, सुपौल-जानाबाद-रोहतास-गोपालगंज में 7-7 सहरसा-पटना में 4-4, भागलपुर-बेगूसराय में 3-3 और समस्तीपुर-जमुई-अरवल-नालंदा-दरभंगा में 2-2 वहीं सीतामढ़ी-लखीसराय-कैमूर-औरंगाबाद-मुजफ्फरपुर-मोतिहारी और मुंगेर जिले में 1-1 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं।

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बिहार सरकार का बड़ा फैसला : 15 जून के बाद सभी क्वॉरेंटाइन सेंटर बंद कर दिए जाएंगे

बिहार की नीतीश सरकार ने फैसला लिया है कि 2 जून के बाद से प्रदेश लौटने वाले प्रवासियों का न तो पंजीकरण किया जाएगा और ना ही उन्हें क्वॉरेंटाइन ही किया जाएगा। इससे पूर्व 5 हज़ार से अधिक सेंटरों पर लगभग 13 लाख  प्रवासियों का पंजीकरण कर उन्हें क्वॉरेंटाइन भी किया जा रहा है। येे सभी क्वॉरेंटाइन सेंटरों को 15 जून के बाद बंद कर दिए जाएंगे…. तब तक सेंटरों में मौजूद सभी प्रवासियों के 14 दिन की क्वॉरेंटाइन अवधि पूरी हो जाएगी।

यह भी जानिए कि सरकार द्वारा रेलवे स्टेशनों पर थर्मल स्क्रीनिंग को भी बंद करने की तैयारी है परंतु प्रत्येक स्टेशन पर प्रवासियों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध होगी ताकि लोगों को इलाज में आसानी हो सके।

बता दें कि बिहार लौटने वाले प्रवासियों में  महाराष्ट्र से लौटने वालों में जहां 677 को कोरोना की पुष्टि हुई है वहीं दिल्ली के 628, गुजरात के 405 और हरियाणा के 237 लोग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त यूपी और राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना आदि अन्य राज्यों से लौटने वाले प्रवासियों को भी कोरोना की पुष्टि हुई है।

चलते-चलते यह भी जान लें कि बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख सचिव प्रत्यय अमृत ने यही कहा कि 30 लाख से अधिक प्रवासियों को हमने वापस लाकर सबसे बड़ी कवायद की है। सचिव ने जानकारी दी कि अधिकतम लोग वापस आ गए हैं। अब डोर-टू-डोर स्वास्थ्य निगरानी जारी रहेगी। चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में समान रूप से उपलब्ध रहेगी। होम क्वॉरेंटाइन सबसे अच्छा क्वॉरेंटाइन है।

 

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24 वें कुलपति प्रो.(डॉ.)ज्ञानंजय द्विवेदी ने पदभार ग्रहण कर मनीषी भूपेन्द्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया

भारत की पहचान राजा एवं महाराजाओं के कारण नहीं बल्कि गुरुओं के कारण ही इसकी पहचान विश्व भर में है। तभी तो बीएनएमयू के नवनियुक्त 24वें  कुलपति प्रो.(डॉ.)ज्ञानंजय द्विवेदी ने समाजवादियों के प्रेरणा स्रोत भूपेन्द्र नारायण मंडल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के पश्चात कहा- “मैं शिक्षक था, शिक्षक हूं और शिक्षक ही रहूंगा। मैं इस बीएन मंडल विश्वविद्यालय की सेवा करता रहा हूं और आगे भी इसकी सेवा करता रहूंगा।”

बता दें कि नवनियुक्त कुलपति डॉ.ज्ञानंजय द्विवेदी ने यह भी कहा कि वे राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान के विशेष आभारी हैं जिन्होंने उन्हें कुलपति की जिम्मेदारी देकर उनके ऊपर विश्वविद्यालय को गति प्रदान करने का भरोसा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे सभी कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पदाधिकारियों तथा छात्रों सहित उनके अभिभावकों के सहयोग से ही इतने बड़े दायित्व का निर्वहन करेंगे। वे सबों को साथ लेकर इस विश्वविद्यालय को आगे ले जाने का सतत् प्रयास करते रहेंगे। विश्वविद्यालय के साथ-साथ महाविद्यालय को भी नैक के लिए तैयार करेंगे।

यह भी कि कुलपति डॉ.द्विवेदी की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी- नियमित कक्षा संचालन, स्वच्छ परीक्षा एवं ससमय परिणाम का प्रकाशन। उन्होंने कहा कि विकल्पों पर विचार करते हुए लाॅकडाउन में भी कुछ परीक्षाएं संचालित करने का प्रयास किया जाएगा।

चलते-चलते यह भी कि विश्वविद्यालय के विभिन्न पदों पर कार्यरत रह चुके एवं मनीषी भूपेन्द्र के साथ हमेशा साया की तरह साथ-साथ चलने वाले समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी  ने स्थानीय शिक्षाविदों को विश्वास दिलाया कि 24वें  कुलपति प्रो.(डॉ.)ज्ञानंजय द्विवेदी महामना भूपेन्द्र नारायण मंडल की सहजता के साथ विश्वविद्यालय को गतिशील रखेंगे।

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बीएनएमयू के नार्थ कैंपस में नवनिर्मित महावीर वाटिका का कुलपति ने किया उद्घाटन

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में बने साइंस ब्लॉक के पीछे… बिहार के 2 विश्वविद्यालयों के प्रति कुलपति एवं बीएनएमयू के कुलपति रह चुके शिक्षाविद् डॉ.महावीर प्रसाद यादव के सुपुत्र सह जंतु विज्ञान स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार द्वारा अपने पिताश्री के नाम लगभग 20 लाख की लागत से “महावीर वाटिका” का निर्माण कार्य पूरा करवाया गया। चंद रोज कबल कुलपति डॉ.एके राय, प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली, प्राचार्य डॉ.एमपी यादव के सहयोगी रहे साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, कार्यक्रम संयोजक प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार, केटीएमसी के प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार यादव, मानविकी संकायाध्यक्ष सह आगत कुलपति डॉ.ज्ञानंजय द्विवेदी एवं अन्य पदाधिकारियों व गणमान्यों द्वारा “महावीर वाटिका” का परिभ्रमण व उद्घाटन किया गया।

VC Dr.A.K.Ray, Pro-VC Dr.Farukh Ali, Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri and other university officers attending the Mahavir Vatika inauguration programme at North Campus, BNMU.
VC Dr.A.K.Ray, Pro-VC Dr.Farukh Ali, Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri, Successor VC Dr.Gyananjay Dwivedi, Principal Dr.Ashok Kumar Yadav and other university officers attending the Mahavir Vatika inauguration programme at North Campus, BNMU.

बता दें कि साइंस ब्लॉक के कॉन्फ्रेंस हॉल में महावीर वाटिका की चर्चा के साथ-साथ उद्गार व्यक्त करते हुए सभी संकायाध्यक्षों व विभागाध्यक्षों द्वारा कुलपति एवं प्रति कुलपति के कार्यकाल की सराहना की गई। कुलपति डॉ.एके राय एवं प्रति कुलपति डॉ.फारूख अली ने लगभग 20 लाख की लागत से बनाए महावीर वाटिका के निर्माता डॉ.अरुण कुमार को धन्यवाद दिया तथा अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने के प्रयासों की चर्चा के साथ-साथ जाने अनजाने हुई भूल को भूल जाने का अनुरोध भी किया।

इस अवसर पर प्रायः विभागाध्यक्षों के गुरु रह चुके समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने कहा कि कुलपति-प्रतिकुलपति की जोड़ी यूनिडायरेक्शनल रही इसलिए विगत 25 वर्षों में जो किसी ने करने का साहस नहीं किया उसे इन दोनों ने कर दिखाया। डॉ.मधेपुरी ने अपने प्रिय छात्र स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार एवं रसायन शास्त्र के स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष रह चुके डॉ.नरेश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि यह कैंपस आगे से अधिक सुंदर पीछे से ही दिखता है जो इस विश्वविद्यालय को नैक दिलाने में भी सहयोग करेगा। मौके पर डॉ.कैलाश प्रसाद यादव, डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, डीएसडब्ल्यू अशोक कुमार यादव, डॉ.आरकेपी रमन, डॉ,लंबोदर झा, डॉ.एम रहमान, पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर, डॉ.रीता सिंह, डॉ.एमके मनोरंजन, डॉ.कामेश्वर कुमार, डॉ अशोक कुमार, डाॅ.उदय कृष्ण, डॉ.डीएन साह, डॉ.विश्वनाथ विवेका, डॉ.शंकर कुमार मिश्र आदि ने उद्गार व्यक्त किया। डॉ.नरेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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सिरहुल्ली के साइकिल गर्ल ज्योति पर अब फिल्मकार विनोद कापड़ी बनाएंगे फिल्म

कल तक दरभंगा जिले के  सिंहवाड़ा प्रखंड के सिरहुल्ली गांव की कोई पहचान नहीं थी और आज साइकिल गर्ल ज्योति के कारण देश-दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है। कोरोना लॉकडाउन- 4 में अपने बीमार पिता मोहन को साइकिल पर बैठाकर हरियाणा के गुरूग्राम से 7 दिनों में 1200 किलोमीटर दूर अपने पैतृक गांव बिहार के दरभंगा (सिरहुल्ली) पहुंचने वाली 15 वर्षीय ज्योति के साहस को लोग सलाम कर रहे हैं। मदद करने के लिए बड़े-बड़े अफसर झारखंड के डीसीएम विजय कुमार, आईएएस संतोष कुमार राय व सुमित कुमार राय भी आगे आ रहे हैं। इन्होंने ज्योति के पिता से बातें भी की और कहा कि उसकी पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी उठा कर समाज में ऊंचा कद दिलाने हेतु केंद्रीय विद्यालय दिल्ली में दाखिला कराने की पहल भी शुरू कर दी है।

बता दें कि ज्योति की बड़ी बहन को नीतीश सरकार की साइकिल योजना के तहत स्कूल से साइकिल मिली थी। ज्योति ने उसी से साइकिल चलाना सीखा था। गुरूग्राम से चलते वक्त जिस ज्योति के पिता की जेब में मात्र ₹500 थे वही ज्योति सिरहुल्ली पहुंचते ही कुबेर के कोषागार की कुंजी अपने पिताश्री के चरणों पर रख दी।

जानिए की ज्योति के हौसले व जुनून को सलाम करने वाले बॉलीवुड फिल्मकार विनोद कापड़ी ने क्या कहा- “मैं साइकिल गर्ल ज्योति पर एक फिल्म बनाने की तैयारी में हूं जिसके लिए मैंने उसके पिताजी श्री मोहन पासवान से अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर लेकर फिल्म बनाने की सहमति भी ले ली है, जिसमें पिता-पुत्री के संघर्षपूर्ण जीवन को प्रेरक रूप दिया जाएगा।”

चलते-चलते यह भी कि ज्योति की मदद में इवांका ट्रंप…. नवभारत टाइम्स के उठते हाथों को देख भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के करीबी रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने भी ज्योति को ऊंचाई पाने हेतु हौसला अफजाइ करने का मन बनाया है। भला क्यों नहीं, डॉ.मधेपुरी तो अंतरराष्ट्रीय खेल में भारत के लिए कांस्य पदक जीतकर बिहार की धरती को गौरवान्वित करने वाली बेटी सोनी राज और 1942 में शहीद हुए भोला ठाकुर की धर्मपत्नी बेचनी देवी जैसों की भी तो मदद करते रहे हैं।

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मनीषी भूपेन्द्र की 46वीं पुण्यतिथि घर-घर में मनी

समाजवादियों के प्रेरणास्रोत मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल की 46वीं पुण्य तिथि 29 मई को कोरोना के चलते लाॅकडाउन के बावजूद भी दिनभर मधेपुरा के चौक-चौराहे से लेकर विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय द्वारा अत्यंत सादगी के साथ मनाई गई। जहां एक ओर भूपेन्द्र विचार मंच के अध्यक्ष, सचिव व सदस्यों ने स्थानीय भूपेन्द्र चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर प्रातः 7:30 बजे ही प्रो.सच्चिदानंद द्वारा प्रथम पुष्पांजलि के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं दूसरी ओर साया की तरह निरंतर बैलगाड़ी से रेलगाड़ी तक तथा अछूतों-वंचितों के घर-आंगन से लेकर दिल्ली के संसद भवन तक साथ-साथ चलने वाले उनके प्रिय शिष्य समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा इस लाॅकडाउन के चलते अपने ‘वृंदावन’ निवास पर ही अत्यंत विनीत भाव से पुष्पांजलि व श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर डाॅ.मधेपुरी ने यही कहा- “उस समाजवादी चिंतक तथा समाजवादियों के प्रेरणास्रोत बाबू भूपेन्द्र नारायण मंडल को मैंने एक खुली किताब की तरह जीवन जीते हुए देखा। उस किताब को पढ़ने से ऐसा ही लगा कि उनके व्यक्तित्व में सागर की गहराई और आकाश की ऊंचाई है। उन्हें बेकसों के संसार को सखा और सहयोगी बनकर सजाते हुए बहुत करीब से देखा मैंने। उनके अंदर मैंने बुद्ध, नानक और कबीर के व्यवहारों से लेकर मार्क्स, गांधी और सोशलिज्म के संस्कारों का सदा एहसास किया। उन्हें अपना सब कुछ गरीबों के बीच लुटाते हुए गरीबों का मसीहा बनते देखा मैंने। तभी तो उस मसीहा द्वारा अंतिम समय में गरीबों के लिए व्यक्त की गई इच्छा को पूरा करने में लगा हुआ हूँँ मैं और आगे भी लगा रहूंगा। यही उस महान आत्मा के लिए मेरी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश

गुरुवार, 28 मई को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कोविड-19 के मद्देनजर किए जा रहे कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। अपने एक निर्देश में उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में बाहर फंसे जिन लोगों को बिहार के किसी बैंक में खाता नहीं होने के कारण मुख्यमंत्री विशेष सहायता की राशि नहीं मिल पाई, बिहार आ चुके ऐसे लोगों के खाते खुलवाकर उन्हें भी 1,000 रु. की राशि शीघ्र दी जाय।
इसी तरह अपने अन्य निर्देशों में उन्होंने बचे हुए राशनकार्डधारी परिवारों को भी 1,000 रु. की सहायता राशि, फसल क्षति के लिए प्राप्त आवेदनों को निष्पादित कर संबंधित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान की राशि और क्वारंटाइन की अवधि पूर्ण कर घर जा रहे श्रमिकों को किराए की राशि एवं 500 रु. अथवा न्यूनतम 1,000 रु. की राशि शीघ्र देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने बाहर से आए श्रमिकों को क्वारंटाइन अवधि के बाद शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराने तथा उनके परिवारों को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने पर जोर दिया ताकि उन्हें राज्य में चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी मिले और उसका लाभ भी मिले।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान यह भी कहा कि कोरोना संक्रमित लगातार स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं। अत: लोग घबराएं नहीं, धैर्य रखें, सचेत रहें और सतर्क रहें तथा कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु लोगों को लगातार जागरुक करते रहें।

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मधेपुरा जिला में कोरोना के नौ नये के साथ कुल 51 कोरोना पॉजिटिव

मधेपुरा जिले में कोरोना की स्थिति जानने से पूर्व देश व प्रदेश का अपडेट जानिए। अब देश में प्रतिदिन औसतन 6 हजार से अधिक कोरोना संक्रमितों के मामले सामने आ रहे हैं। गत 8 दिनों में 50 हजार नए मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। अब तक डेढ़ लाख से अधिक है भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या तथा 4000 से अधिक अपनी जान गंवा चुके हैं।

बता दें कि सूबे बिहार में अब हफ्ते में ही मरीज दो गुने होने लगे हैं। मई 19 को बिहार में संक्रमित की संख्या 1519 थी जो 7 दिन के बाद यानी 27 मई को 3000 पार कर गई। यह भी कि राज्य में सबसे ज्यादा यानी 231 संक्रमित मरीज मिले थे 26 मई को। अब तक बिहार में कोरोना से 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

यह भी जानिए कि सूबे के स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को पहले अपडेट में 38 संक्रमितों की पहचान की गई जिसमें मधेपुरा के 9, अररिया के 14, सारण व दरभंगा के 4-4, सहरसा के 3, बेगूसराय के 2 एवं वैशाली व किशनगंज के 1-1 कोरोना संक्रमित मरीज मिले ।

यह भी बता दें कि मधेपुरा में एक साथ 9 लोगों के कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद से आम लोगों में दहशत है। इससे पूर्व शनिवार को एक साथ सबसे अधिक यानी 19 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। आज तक जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 51 पहुंच गई है। इसमें जिसका निगेटिव आता है उन्हें क्वारांटाइन सेंटर में भेज दिया जाता है।

चलते-चलते यह भी कि फिलहाल सरकार ने 31 मई तक लाॅकडाउन की घोषणा की है। इधर प्रतिदिन ट्रेन से प्रवासी मजदूर प्रत्येक जिले में आ रहे हैं। कुल पच्चीस लाख के लगभग मजदूरों को बाहर से आना है जिसमें अब तक मात्र 5 लाख से अधिक आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सब के सहयोग से ही हम कोरोना से जीतेंगे। आप घर में रहें, सुरक्षित रहें… फिजिकल डिस्टेंस बना कर रहे हैं और निर्देशों का पालन करें।

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स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1, अणे मार्ग, पटना स्थित नेक संवाद में कोविड-9 की अद्यतन स्थिति के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, मुख्य सचिव दीपक कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक के दौरान कहा कि सभी लोगों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए राज्य के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाय तथा इसका विस्तार भी किया जाय। चलिए डालते हैं उनके द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्देशों पर एक नज़र:
टेस्टिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए सभी जरूरी कदम शीघ्र उठाएं।
डोर टू डोर स्क्रीनिंग टीम के साथ स्किल सर्वे वाले लोग भी रहें।
प्राइवेट सेक्टर में भी कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु समुचित कार्रवाई करें।
क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों की नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग हो।
वैसे सरकारी भवन जो कार्यरत नहीं हैं वहां आइसोलेशन सेंटर बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा निजी व्यवसायिक भवनों एवं होटलों में भी आइसोलेशन केन्द्र बनाए जा सकते हैं।
हीट वेव से प्रभावित होने वाले जिले पूरी तरह अलर्ट पर रहें।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए एईएस से प्रभावित जिलों में प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज हेतु सुदृढ़ व्यवस्था रखें। जापानी इंसेफ्लाइटिस के वैक्सीनेशन कार्य पर विशेष ध्यान दें।

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