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जिला प्रशासन ने जिलेवासियों को अगले 72 घंटों के लिए भारी वर्षापात एवं वज्रपात की चेतावनी दी

मधेपुरा जिले के डीएम नवदीप शुक्ला ने भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत मौसम विभाग केंद्र पटना (बिहार) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आलोक में जिले वासियों को मौसम की वर्तमान गतिविधि एवं संख्यात्मक मौसम मॉडल के आकलन के अनुसार राज्य के नेपाल से सटे जिलों में 9 जुलाई से अगले 72 घंटों के दौरान अत्यंत भारी वर्षापात एवं वज्रपात से जानमाल की सुरक्षा हेतु सावधानी बरतने की सलाह दी है।

जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने अत्यंत भारी वज्रपात की संभावना के मद्देनजर बिजली चमकने या घड़घड़ाहट की आवाज सुनाई देने पर आम-आवाम व विशेषकर किसानों को पक्के घर में शरण लेने की सलाह दी है। डीएम शुक्ला ने कहा कि निचले स्थानों में जलजमाव के साथ-साथ यातायात व बिजली सेवा बाधित होने की संभावना भी हो सकती है। नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

चलते-चलते यह भी कि भारी वर्षापात एवं वज्रपात से दरभंगा-मधुबनी-मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर-सारण-सुपौल-सहरसा-मधेपुरा, पूर्णिया-कटिहार-किशनगंज आदि जिले के सर्वाधिक प्रभावित होने की संभावना है। जिलाधिकारी ने अनुमंडल के प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को सचेत रहने व मुस्तैदी बरतने को कहा है। जिले के नागरिकों को उचित सावधानी एवं सुरक्षा के सभी उपाय बरतने की सलाह दी जाती है।

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है कोई जिसे कोरोना ने नहीं छुआ

हिन्दू-मुस्लिम, सिख-इसाई, जैन-पारसी… आदि धरती पर किसी भी धर्म को मानने वाला बच्चा, बूढा, नौजवान या महिला ही क्यों न हो, सभी कोरोना के कहर और कोहराम से किसी ना किसी रूप में कमोबेश प्रभावित अवश्य हुआ है। धरती पर विरले ही कोई होगा जो किसी ना किसी रूप में प्रभावित ना हुआ हो।

जब संसार के सभी यातायात के साधन बंद कर दिए गए- ट्रेन से लेकर प्लेन तक और मोटर से लेकर मेट्रो तक- तो फिर बचा कौन होगा जो प्रभावित ना हुआ होगा कोरोना से। मेडिकल में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्रों की परीक्षा समाप्त हो गई। वे किर्गिस्तान के शहरों से घर वापसी की गुहार लगाते-लगाते थक चुके हैं, कोई उसके दर्द भरी आवाज को सुनने वाला नहीं।

कोरोना के चलते श्रद्धालु भक्तों को अपने इष्टदेव से मिलने नहीं दिया जाता। पटना व देवघर का शिव मंदिर तत्काल एक-एक महीना के लिए बंद कर दिया गया तो मधेपुरा जिला के सिंहेश्वर मंदिर में दो महीने के लिए ताला लगा दिया गया है। कोरोना ने ऐसा दहशत फैला दिया है कि जान-पहचान के करीबी लोगों को भी देख कर एक दूसरे को चाय पीने को नहीं कहता है। कुछ तो कोरोना सुनकर ही खुदकुशी कर लेता है जबकि रिपोर्ट आता है कि कोरोना नेगेटिव है। बच्चे माता-पिता से तथा भक्त भगवान से दूर होते जा रहे हैं तो बचा कौन जो कोरोना से अछूता है ?

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क्रांतिवीर शिवनंदन का जेल से जिम्मेदारियों का निर्वहन

इतिहास पुरुष क्रांतिवीर शिवनंदन प्रसाद मंडल : साधना और संघर्ष के बीएनएमयू संवाद के 8वें संवाद में इतिहासकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने राष्ट्रीय नायक का जेल से जिम्मेदारियों के निर्वहन से संबंधित विशेष जानकारियां दी। डॉ.मधेपुरी  ने केंद्रीय कारा हजारीबाग एवं अन्य कारागृह से क्रांतिवीर शिवनंदन द्वारा अपनी पत्नी व पुत्री के नाम लिखे गए 1941 ईस्वी के पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि वे जेल से व्यक्तिगत जिम्मेदारियों का ही नहीं बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का भी बखूबी निर्वहन करते रहे।

डॉ.मधेपुरी ने 5 मई 1941 को केंद्रीय कारा हजारीबाग से लिखे गए उनके पत्र को पढ़कर सुनाते हुए कहा कि पत्र में जहां बेटी के पढ़ने की चर्चा थी वहीं गांव में मिडिल स्कूल खुला है या नहीं और चरखा का काम जारी है या नहीं- की खबर भी मिलती रहनी चाहिए का जिक्र था। दूसरे पत्र में जहां एक ओर टोले में कौन-कौन चरखा चलाते हैं वहीं दूसरी ओर यह भी कि ओवरसियर के द्वारा भागलपुर से रेशम के कीड़े मंगा सकते हो जो कीड़े अंडी के पत्ते खाते हैं।

डॉ.मधेपुरी सरदार पटेल, उनकी पुत्री, महावीर त्यागी, सुशीला नैयर आदि को संदर्भित करते हुए कहा कि इस तरह से जेल के अंदर रहते हुए अपनी पारिवारिक और सामाजिक एवं राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का भली-भांति निर्वहन कोई शिवनंदन सरीखे क्रांतिवीर ही कर सकता है। यह वही महावीर है जिन्होंने अंग्रेजों को भगाने में अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का संपूर्ण वफादारी के साथ निर्वहन करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

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गुरु पूर्णिमा आषाढ़ की पूर्णिमा को कही जाती है

गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास की पूर्णिमा को कही जाती है। गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरंभ में आती है। गुरु पूर्णिमा के दिन से 4 महीने तक साधु संत एक ही स्थान पर रहकर ज्ञान की गंगा बहाते हैं। इस बार 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा हो रही है।

बता दें कि इस बार समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता के शीर्ष पर बैठे लोग अलग-अलग तरीके से अपने-अपने गुरु को याद कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के कारण गुरुओं की वंदना भी ऑनलाइन होने लगी है। यह भी जानिए कि आज के दिन ही चारों वेद व महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्म हुआ था। वेदों की रचना करने के कारण इन्हें वेदव्यास भी कहा जाता है। वेदव्यास के सम्मान में ही आषाढ़ पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा कही जाती है।

चलते-चलते बता दें कि प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा के दिन मंदिरों में भारी भीड़ होती थी, परंतु इस बार तो कोरोना के कारण मंदिरों में खासकर बड़े-बड़े मंदिरों में तो ताला लटका हुआ है। जो भी हो, जीवन में हम जो कुछ भी प्राप्त करते हैं कहीं ना कहीं गुरु की कृपा का ही फल है। यूं तो गुरु कोई भी हो सकता है माता-पिता, भाई-दोस्त आदि जिनका नाम सुनते ही हृदय में सम्मान का भाव जग जाए। सम्मान का भाव प्रकट करने के लिए गुरु पूर्णिमा का दिन ही गुरु के लिए नहीं है बल्कि वर्ष के 365 दिनों में से प्रत्येक दिन गुरु हमारे लिए वंदनीय होते हैं।

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मधेपुरा में 2 महीने एवं पटना में 4 अगस्त तक बंद रहेगा भोलेनाथ का मंदिर

बिहार सरकार ने सूबे की राजधानी में अवस्थित भोलेनाथ शिव के मंदिर को कोरोना के कोहराम एवं संक्रमण के तेजी से बढ़ते कदम और श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते 4 अगस्त तक के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया है।

बता दें कि आषाढ़ के गुरु पूर्णिमा के बाद से यानि 6 जुलाई से प्रारंभ हो रहे सावन को ध्यान में रखकर सूबे की सरकार द्वारा यह आदेश दिया गया है। तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर एहतियाती कदम उठाया गया है। यह भी जानिए कि मंदिर के बाहर सुरक्षा को लेकर पुलिस बल भी तैनात रहने की व्यवस्था की गई है।

यह भी बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते सिंहेश्वर के शिव मंदिर को एक बार फिर से जुलाई एवं अगस्त यानि 2 माह के लिए बंद कर दिया गया है। श्रावणी मेला के कारण डीएम नवदीप शुक्ला ने न्यास के सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ न्यास समिति के सभाकक्ष में बैठक की। अपार भीड़ को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमानुसार चलाना अत्यंत दुरुह कार्य मानकर मंदिर परिसर को बंद किए जाने का फैसला लिया गया। डीएम की सहमति के साथ 2 महीने के लिए मंदिर बंद किया गया और सुरक्षा को लेकर स्थानीय थाना को जिम्मेवारी दी गई।

 

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इतिहास पुरुष शिवनंदन की जेल यात्रा पर डॉ.मधेपुरी का रोचक व्याख्यान

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के यूट्यूब चैनल बीएनएमयू के 7वें  संवाद पर शुक्रवार को इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल- साधना और संघर्ष के अंतर्गत उनकी जेल-यात्रा पर व्याख्यान का आयोजन पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर द्वारा आयोजित किया गया। समाजसेवी साहित्यकार व इतिहासविद् प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने जेल और थाना के बीच अंतर बताते हुए कहा कि जेल न्यायालय द्वारा संचालित होता है जिसके प्रति आम जनों के अंतर्मन में ब्रिटिश हुकूमत से लेकर आज तक विश्वास कायम है।

डाॅ.मधेपुरी ने कहा कि आम जनों के मन में उस क्रांतिवीर शिवनंदन प्रसाद मंडल के प्रति यही धारणा बन गई थी कि कारागृह उनके लिए पूजा गृह ही था। क्योंकि किसी के यह पूछने पर कि क्रांतिवीर शिवनंदन कहां है, के जवाब में आवाज आती कि अभी तो घर में पूजा कर रहे थे कि पुलिस आई और कारागृह लेकर चली गई। बकौल डॉ.मधेपुरी उस क्रांतिवीर शिव के लिए पूजा गृह और कारागृह में कोई अंतर नहीं। उनके लिए जेल यात्रा और तीर्थ यात्रा में कोई फर्क नहीं, बिल्कुल एक जैसी थी।

देश के प्रति समर्पण के मामले में साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने क्रांतिवीर शिवनंदन की तुलना नेल्सन मंडेला और मार्टिन लूथर किंग से करते हुए कहा कि मंडेला और मार्टिन की तरह क्रांतिवीर शिवनंदन को भी गांधी में अटूट आस्था और विश्वास था। डॉ.मधेपुरी द्वारा उनकी 4 जेल यात्राओं का विस्तार से वर्णन किया गया और यही कहा गया कि इनमें नमक सत्याग्रह, विदेशी वस्तु दहन, व्यक्तिगत सत्याग्रह और नेपाल के जंगल से दरभंगा की लंबी जेल यात्राएं भी शामिल हैं। अंत में डॉ मधेपुरी ने लोगों को  कोरोना के कहर से बचने के लिए जागरुक करते हुए कहा कि सरकारी निर्देशों का पालन मुस्तैदी से करें।

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बढ़ते अनलॉक के साथ कोरोना ने भारत की टेंशन बढ़ा दी

जानलेवा कोरोना वायरस के चलते भारत में पिछले 24 घंटे में 19 हजार 1 सौ 48 संक्रमित नए केस मिले जबकि 435 लोगों की मौत हो गई। सरकारी आंकड़े के अनुसार देश में अब तक कोरोना मरीजों की कुल संख्या 5 लाख 66 हजार 840 पार करने वाली है तथा अब तक इस कोरोना वायरस ने कुल 17 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली है।

यह भी बता दें कि देश में जहां 2 लाख 26 हजार 947 केस एक्टिव है वहीं ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या 3.5लाख है। आगे 1 जुलाई से शुरू होने वाले अनलॉक-2 के बाद कोरोना विशेषज्ञों की मानें तो कोविड-19 के मामले बढ़ने की आशंका है।

जानिए कि चीन के वुहान शहर से 6  महीना पहले निकलकर सारी दुनिया में आतंक मचा दिया है और दुनिया के लगभग सभी देशों की एक करोड़ से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। अब तो सावधानियों को नकारने के चलते प्रतिदिन लगभग एक लाख 150,000 यानि डेढ़ लाख लोग इसकी चपेट में आते जा रहे हैं।

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ईमानदारी के प्रति इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल का दृष्टिकोण

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के बीएनएमयू- संवाद पर पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर के माध्यम से लगातार व्याख्यान का आयोजन किया जा रहा है। शिवनंदन प्रसाद मंडल- साधना और संघर्ष के छठे संवाद में सुप्रसिद्ध साहित्यकार व शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने इतिहास पुरुष शिवनंदन की ईमानदारी के प्रति दृष्टिकोण को संदर्भित करते हुए कहा कि ईमानदारी एक ऐसी महाशक्ति है जो बड़े-से-बड़े तूफानों का भी मुकाबला कर लेती है और बड़ी-से-बड़ी भ्रष्ट अट्टालिकाओं को भी उखाड़कर फेंक देती है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत की विकट परिस्थितियों में इतिहास पुरुष शिवनंदन आंधी व तूफानों से ईमानदार मुकाबला करते हुए आजादी मिलने तक संघर्ष करते रहे और युवाओं से कहते रहे- जब तक जीवित रहूंगा आर्यावर्त के कल्याण में लगा रहूंगा, भारत की बेबस जनता जो नाना प्रकार के कष्ट भोग रही है उसका उद्धार करूंगा और आजादी के लिए प्राण न्योछावर करने की जरूरत पड़ेगी तो पैर पीछे नहीं हटाऊँगा।

संवाद के अंत में डॉ.मधेपुरी ने इतिहास पुरुष शिवनंदन और उनके पुत्रवत् खोखा बाबू के बीच हुए संवाद को उद्धृत करते हुए कहा- “बाबूजी, आप दो बार ब्रिटिश शासन काल में एमएलए बने व मंत्री रहे और फिर दो बार स्वतंत्र भारत में भी एमएलए बने व मंत्री रहे फिर भी हमें एक कोठरी पक्का मकान नहीं हुआ तो क्या हुआ, आपने ईमानदारी का जो दीया जला कर दिया है वही इस परिवार का पथ प्रदर्शक बनेगा। बाबूजी ! सरदार पटेल के पास भी एक कोठरी पक्का मकान नहीं था और उनके निधन के बाद पटेल साहब के खाते में कुल 268 रुपए थे। लोग आपकी तुलना लौह पुरुष सरदार पटेल से ही तो करेंगे।”

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मधेपुरा जिला में शनिवार को एक साथ 22 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले, बना दहशत का माहौल

बता दें कि जिले में शनिवार को बारिश की तरह कोरोना ने कोहराम मचा दिया जहां एक साथ 22 कोरोना पॉजिटिव मरीज निकले। इस 22 कोरोना पॉजिटिवों में 13 चौसा एवं 2 आलमनगर प्रखंड से जबकि 3 गम्हरिया प्रखंड से है। गम्हरिया के तीनों मरीज नोएडा से आए थे।

यह भी जानिए कि अब तक मधेपुरा जिला में कोरोना मरीज की कुल संख्या 200 हो गई है जिसमें 160 मरीज इलाज के बाद कोरोना मुक्त होकर घर जा चुके हैं। जिले में कोरोना मरीज के एक्टिव मामले फिलहाल मात्र 40 हैं।

बकौल डॉ.फूल कुमार बाहर से यात्रा करने वाले कोरोना पॉजिटिव लोगों के साथ रहने पर उन्हें बुखार, सूखी खांसी एवं सांस में तकलीफ जैसे दिखे तो वैसे मरीजों का स्कैनिंग कराया जाता है। यदि स्कैनिंग के दौरान कोई संदिग्ध मरीज पाया जाता है तो उन्हें आइसोलेशन वार्ड में कुछ दिनों के लिए रखा जाता है। जब उसकी तबीयत में सुधार नहीं आती है तब उसे जननायक कर्पुरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि गुरुवार को जीवछपुर से कुल 50 व्यक्ति का सैंपल लिया गया था जिसमें मात्र तीन कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। सूबे बिहार के 28 जिलों में शनिवार को 180 कोरोना  संक्रमितों की पहचान की गई जिसके साथ राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8858 हो गई। जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर अब 58 हो गई है। कोरोना मुक्त होने वाले मरीजों की संख्या 6930 हो चुकी है।

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बिहार में ठनके से 102 लोगों की मौत, 28 जून तक वज्रपात का खतरा

सूबे बिहार के 25 जिलों में गुरुवार को बारिश के दौरान ठनका गिरने से 102 लोगों की जहां मौत हो गई वहीं 3 दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं जिसमें खेती किसानी से जुड़े ज्यादातर लोग शामिल हैं। इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे परिवार के परिजनों के प्रति सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक जताया है। सीएम ने सभी मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये किए गए वादानुसार देने का निर्देश दिया है।

बता दें कि गोपालगंज से लेकर अररिया तक कुल 25 जिलों में कहां कितने लोगों की मौत हुई उसकी विस्तृत जानकारी अखबारों के माध्यम से भी लोगों तक पहुंच चुकी है।

यह भी जानिए कि अगले 3 दिनों के लिए मौसम विभाग ने बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि केवल बिहार के दो दर्जन जिलों में भारी बारिश के साथ ठनका गिरने से 50 से अधिक लोग झुलसकर घायल भी हुए हैं जिसमें कई लोगों की हालत गंभीर है। सबसे अधिक लोगों की जान गोपालगंज जिले में गई है जहां ठनका गिरने से एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री ने बार-बार यही कहा कि विपदा की घड़ी में मैं प्रभावित परिवारों के साथ हूं। सभी सतर्क रहें सुरक्षित रहें।

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