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आदमी !

दिन में सूरज की रौशनी

रात में बिजली की चकाचौंध

आखिर अँधेरा………..!

जाए तो जाए किधर ?

सिमटकर दुबक गया अँधेरा

आदमी के अन्दर |

और

आहिस्ता….! आहिस्ता…..!!

दीमक बनकर

शख्सियत व इन्सानियत को

निगलता जा रहा है

आदमी !

अब आदमी नहीं…….

बस ! लाश बनता जा रहा है |

डॉ.मधेपुरी

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याद किये गये साहित्यकार श्रीकान्त वर्मा

बिहार प्रदेश श्रीकान्त वर्मा साहित्य समिति के संस्थापक संतोष सिन्हा द्वारा श्री वर्मा की 85वीं जयन्ती कौशिकी भवन मधेपुरा के अम्बिका सभागार में धूमधाम से मनाई गई | साथ में मधेपुरा के जनसेवी नवल किशोर को भी याद किया गया और साहित्यकारों द्वारा इनकी तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई |

इस अवसर पर कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के संरक्षक व पूर्व सांसद डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि, कार्यकारी अद्यक्ष व पूर्व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव एवं सम्मलेन के सचिव डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सरीखे साहित्यकार त्रय को सम्मानित किया गया |

सर्वप्रथम सचिव डॉ.मधेपुरी ने मंच संचालन करते हुए समारोह को सम्बोधित किया और कहा कि मध्यप्रदेश में जन्मे श्रीकान्त वर्मा जैसे साहित्यकार, कथाकार, कवि व पत्रकार को बिहार के मधेपुरा में साहित्यकारों द्वारा याद किया जाना सम्पूर्ण भारत में एकता एवं समन्वय का संदेश प्रेषित करता है | ख्यातिप्राप्त चित्रकार मकबूल फ़िदा हुसैन के अभिन्न मित्र रहे श्रीकान्त वर्मा चिड़िया की तरह कभी मंदिर के त्रिशूल पर तो कभी मस्जिद के गुंबद पर निर्भीक होकर फुदकते रहे और देश की बेहतरीन सेवा करते रहे तभी तो उनके निधनोपरांत उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा वर्मा को भी राज्यसभा सदस्य बनाया गया |

आगे मंडल वि.वि. के संस्थापक कुलपति एवं दर्जनों पुस्तकों के रचनाकार डॉ.रवि द्वारा श्रीकान्त वर्मा के साहित्यिक अवदानों की चर्चाएँ की गई तथा उनके साथ-साथ नब्बे के दशक में राज्यसभा सदस्या रहीं श्रीमती वीणा वर्मा (धर्मपत्नी श्रीकान्त वर्मा) के कई रोचक संस्मरणों को भी उद्धृत किया गया | उन्होंने प्रो.मणिभूषण वर्मा की रचना “धूएँ के देश में” का लोकार्पण किया और विस्तार से काव्य-संग्रह की मीमांसा प्रस्तुत की | अंत में प्राचार्य श्यामल किशोर द्वारा अपने अध्यक्षीय भाषण में श्रीकांत वर्मा की अदभुत पत्रकारिता , अद्वितीय सम्पादकीय क्षमता तथा काव्य-ग्रंथों एव कथा-संग्रहों सहित अन्य साहित्यिक उपलब्धियों का विस्तार से वर्णन किया गया |

Honourable Guests and Students attending function at Ambika Sabhagar .
Honourable Guests and Students attending function at Ambika Sabhagar .

दूसरे सत्र में श्रीकान्त वर्मा एवं नवल किशोर की स्मृति में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमे रचनाकार राजू भैया, रघुनाथ प्र.यादव, उल्लास मुखर्जी, सियाराम यादव मयंक, संतोष सिन्हा, सियाशरण भारती, कृषणदेव यादव, आशीष कुमार, प्रो.मणिभूषण वर्मा, डॉ. मधेपुरी ने अपनी-अपनी एक-एक प्रतिनिधि कविता का पाठ किया | सुधि श्रोता के रूप में महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित वैधराज शम्भु शरण भारतीय, सुकवि अभय कुमार एवं समाजसेवी प्रवीन कुमार उर्फ़ पारोजी आदि मुख्यरूप से उपस्थित रहे | धन्यवाद ज्ञापन तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र ने किया |

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प्रोफेसर राय बसंत कुमार सिन्हा हुए सम्मानित

एस.के.पी.वाई.मेमोरियल ट्रस्ट के बैनर तले शिक्षक शिवकुमार बाबू की 78वीं जयन्ती मनाई गई जिसमें शहर के दिग्गज शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों की जमघट हुई |

मुख्य अतिथि के रूप में भू.ना.मंडल वि.वि. के संस्थापक कुलपति, लोकसभा एवं राज्यसभा के सांसद रह चुके डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि ने शिक्षक शिवकुमार बाबू के प्रति उद्गार व्यक्त करते हुए अपने बारे में कहा कि मैं कुछ भी कहलाने से बेहतर ‘शिक्षक’ कहलाना ही पसन्द करूँगा | डॉ.रवि ने कहा- मैं शिक्षक था, शिक्षक हूँ और आगे भी शिवकुमार बाबू की तरह शिक्षक रहकर बच्चों में शील व संस्कार का भंडार देना चाहूँगा……!

आरम्भ में दीप जलाकर समारोह का उद्घाटन करते हुए मंडल वि.वि. के प्रतिकुलपति, डॉ.जे.पी.एन.झा ने शिक्षक और समाज के सम्बन्धों को उजागर करते हुए खेद प्रकट किया कि चाहने के बावजूद भी विश्वविद्यालीय शिक्षा में अपेक्षित सुधार इसलिए नहीं हो पा रहा है कि सेवानिवृत शिक्षकों के पदों पर अर्से से नियुक्ति नहीं हो पा रही है |

टी.पी.कॉलेज में अंग्रेजी के सफल प्रोफ़ेसर एवं मंडल वि.वि. में सी.सी.डी.सी. रहे राय वसंत कुमार सिन्हा साहब की अद्वितीय सेवा के लिए संस्थापक कुलपति डॉ.रवि, दो प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल व डॉ.जे.पी.एन.झा एवं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी सहित स्वागताध्यक्ष दशरथ प्र.सिंह सभी ने एस.के.पी.वाई.मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से अंगवस्त्रम एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया |प्रशस्ति पत्र का वाचन डॉ.आलोक कुमार ने किया | जहाँ सचिव प्रो.रीता कुमारी द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन पेश किया गया वहीँ अतिथियों का अभिनन्दन स्वागताध्यक्ष दशरथ प्र.सिंह ने किया |

समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने गुरु ‘शिव’ की तुलना पर्वत पुरुष दशरथ मांझी से करते हुए कहा कि साठ के दशक में जब दशरथ मांझी ने छैनी-हथोड़ी लेकर पहाड़ को काटकर रास्ता बनाने का नन्हा सा संकल्प लिया होगा तब दुनिया सो रही होगी लेकिन आज वही माउंटेन मैन बनकर बरगद के वृक्ष की तरह सम्पूर्ण संसार में फैलता जा रहा है जैसे अनुशासन के लिए शिक्षक ‘शिव’ चर्चित हुए |

अद्यक्षीय भाषण में तिलका मांझी वि.वि. में प्रतिकुलपति रहे डॉ.के.के.मंडल ने कहा कि शिक्षक शिवकुमार बाबू ने कठोर अनुशासन का पालन करते हुए अनेक अनगढ़ पत्थरों को गढ़कर उसमे शिवत्व प्रदान किया है | वहीँ ट्रस्ट की अद्यक्षा करुणा कुमारी यादव द्वारा क्विज प्रतियोगिता में चयनित तीन प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया |

Honorable Guests attending the function .
Honourable Guests attending the function .

मौके पर सेवानिवृत कुलसचिव शचीन्द्र, प्रधानाचार्य श्यामल किशोर यादव, शिवदत्त मंडल, धनञ्जय प्रसाद सिंह, प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ.अरुण कुमार मंडल, सिंडीकेट सदस्य डॉ.अजय कुमार, क्रीड़ा पदाधिकारी डॉ.शैलेन्द्र कुमार, फर्जी हास्य कवि डॉ.अरुण कुमार, डॉ.अशोक कुमार, डॉ.नरेश कुमार, पत्रकार देवेन्द्र कुमार, मेडम सीता देवी, प्रो.चंद्रशेखर सहित छात्रों की अच्छी खासी उपस्थिति रही | मंचसंचालन डॉ.विनय कुमार चौधरी ने किया | अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद अद्यक्ष के निदेशानुसार कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई |

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इंगलिश स्पेलिंग बी. चैंपियनशिप पुरस्कार वितरण समारोह में जमकर प्रोत्साहित किया बच्चों को एस.पी. कुमार आशीष एवं डॉ.मधेपुरी ने

बच्चो में प्रतियोगिता की भावना जाग्रत करने के लिए सर्वप्रथम इंगलिश स्पेलिंग बी.एसोसिएशन की स्थापना समाजसेवी-संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, अद्यक्ष-कुलानुशासक डॉ.विश्वनाथ विवेका एवं सचिव सावंत कुमार, सोनी राज आदि द्वारा की गई | छह विभिन्न ग्रुपों के लगभग पाँच सौ बच्चों के बीच प्राइमरी, सेमीफाइनल और फाइनल परीक्षाएं आयोजित कर प्रत्येक ग्रुप से टॉप टेन यानी साठ सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को चयनित कर पुरस्कृत करने हेतु आयोजकों द्वारा युवा आरक्षी अधीक्षक कुमार आशीष को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया |

सर्वप्रथम बच्चों एवं उनके माता-पिता व अभिभावकों को संबोधित करते हुए संरक्षक डॉ.मधेपुरी ने कहा कि बच्चे भारत के भविष्य हैं | कल आप में से ही कोई डी.एम. मो.सोहैल तो कोई एस.पी. कुमार आशीष बनेंगे | इसलिए आप मन लगाकर पढ़ें, आगे बढें और सदा आगे बढ़ते रहें | चलते रहना ही जीवन है | आप कभी निराश न हों | आप सदा उड़ान भरते रहें | आप में दैवीय शक्ति छिपी है उसमें पंख लगाते रहें और चारों ओर अच्छाइयों का प्रकाश फैलाते रहें |

अन्त में डॉ.मधेपुरी ने बच्चों को मिसाइल मैन डॉ.कलाम से मिलनेवाले उन ऐतिहासिक क्षणों की चर्चा करते हुए कहा कि हमारी महानता कभी न हारने में नहीं, बल्कि कई बार हारने के बाद भी जीत के लिए लगातार कोशिश करते रहने में निहित है | डॉ. मधेपुरी ने जोर देकर कलाम के विचारों को कुछ इस तरह कहा- भारत को भ्रष्ट्राचार से मुक्ति दिलाने के लिए पी.एम., सी.एम.और डी.एम.से भी अधिक बढ़-चढ़कर बच्चों के माता, पिता एवं एलेमेंट्री स्कूल के शिक्षकों को लौह संकल्प के साथ आगे आना होगा |

Dr.Madhepuri distributing prizes to the Champions at Madhepura P.S College .
Dr.Madhepuri distributing prizes to the Champions .

वहीँ इस मौके पर आरक्षी अधीक्षक कुमार आशीष ने बच्चों से पढाई के प्रति समर्पित होने की बात तो कही ही और संदेश के रूप में यह भी कहा- “मैं भी बिहार का ही बेटा हूँ | प्रारम्भिक पढाई गाँव के स्कूल में बोरा बिछाकर ही शुरू किया था |” आप में भी परेशानियों से जूझने का ज़ज्बा और बुलंद हौसला चाहिए तभी आप अपनी मंजिल को पा सकते हैं | सच्ची लगन हो तो सफलता आपके चरण चूमेगी |

अन्त में कुशल पुलिस प्रशासक कुमार आशीष ने यह भी कहा कि इस तरह की स्पेलिंग बी.प्रतियोगिता बड़े-बड़े शहरों में ही आयोजित की जाती है | उन्होंने यहाँ के आयोजकों को इसके लिए बधाई देते हुए अनुरोध भी किया कि हिन्दी साहित्य में भी ऐसी प्रतियोगिता आयोजित की जानी चाहिए |

अध्यक्षीय भाषण में डॉ.विश्वनाथ विवेका ने अपने गुरु डॉ.मधेपुरी एवं कर्मशील पुलिस कप्तान कुमार आशीष सहित उपस्थित शिक्षकों व अभिभावकों का स्वागत करते हुए मुख्य अतिथि को आश्वस्त किया कि अब हिन्दी में भी ऐसी ही हिन्दी स्पेलिंग बी. चैंपियनशिप प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा | फिलहाल चयनित साठ बच्चों को पुरस्कृत किया गया जिसमें हॉली क्रास के जयंत कुमार को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया |

अन्त में सचिव सावंत कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया और आयोजन की सफलता के लिए विशेष रूप से संचालक मास्टर शिवम्, सोनीराज, कुंदन कुमार, वंदना कुमारी, शंहशाह, रवि, मनीष, विजय, अमित, रजाउल, आशिफ व अन्य को भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया |

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भू.ना.मंडल वि.वि. की बी.टेक. एवं प्री.पी-एच.डी. कोर्स वर्क की परीक्षा तिथियाँ घोषित

22 सितम्बर से बी.टेक. की परीक्षा

मंडल वि.वि. के तीन संस्थानों में बी.टेक. की पढाई होती है | पूर्णिया में दो संस्थानों एम.आई.टी.पूर्णिया एवं विद्या विहार पूर्णिया तथा तीसरा संस्थान के.आई.टी. किशनगंज है |

मंडल वि.वि. में बी.टेक. पार्ट वन, पार्ट टू, पार्ट थ्री एवं पार्ट फोर 2015 की परीक्षाएं पूर्णिया महिला कॉलेज, पूर्णिया परीक्षा केन्द्र पर 22 सितम्बर 2015 (मंगलवार) से आयोजित की गई है |

परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि माननीय कुलपति डॉ.विनोद कुमार के निदेशानुसार उक्त तीनों संस्थानों के परीक्षार्थियों के आवागमन की सुविधाओं के मद्देनजर पूर्णिया महिला महाविद्यालय, पूर्णिया को केन्द्र बनाया गया है |

परीक्षा संचलान हेतु विस्तृत कार्यक्रम शीघ्रातिशीघ्र संस्था-प्रधानों एवं केन्द्राधीक्षक को भेजा जा रहा है |

 

 3 अक्टूबर 2015 से प्री.पी-एच.डी. की परीक्षा

मधेपुरा; प्री.पी-एच.डी. हेतु हिन्दी, उर्दू, गणित सहित कुल 19 विषयों में 2011-2012 का परीक्षा प्रपत्र बिना बिलम्ब शुल्क के 18 सितम्बर से 24 सितम्बर तक तथा 500/- पाँच सौ रु. बिलम्ब शुल्क के साथ 28 सितम्बर से 30 सितम्बर तक स्वीकार किया जायेगा |

आगे परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि कुलपति महोदय के निदेशानुसार इस परीक्षा के प्रारंभ किये जाने की तिथि 03 अक्टूबर से होगी तथा परीक्षा का प्रोग्राम सम्बन्धित विभागाध्यक्ष से प्राप्त किया जा सकता है | उन्होंने बताया कि इन परीक्षाओं का आयोजन विभागाध्यक्षों के अधीन होगा |

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मन हार गया तुम हार गये ….. !!

समय ! समय की महिमा ! उसकी मार्यादाएं ! बस यही कि प्रत्येक क्षण बेशकीमती होता है | क्षण का महत्व समझने के लिए हमें हर क्षण यह बात याद रखनी होती है कि वह कोई ‘क्षण’ ही था जिसने जीवन दिया है | जन्म के क्षण से ही सबों ने जिंदगी का अनुराग पाया है |

तब से लेकर आज तक क्षण-क्षण की बूंदों से बनीं हुई धारा में सभी निरंतर बहते आये हैं….और आगे… भविष्य की ओर बहते चले जा रहे हैं | यदि हमें जिन्दगी को सँवारना और सुधारना है तो अभी – इन पंक्तियों को पढ़ने के क्षणों – से ही हम चेतें | बड़े-बड़े सपने देखने शुरू करें | वे सपने नहीं जो नींद में आते हैं बल्कि सपने वे जो नींद को उड़ा देते हैं |

आप अंतर्मन से जीवन के आनन्द गीत गाते चलें | मन के अन्दर संकल्प के रंग-बिरंगे फुल खिलाते चलें | मन को ऊंचाई के साथ फैलने दें | सुबह से शाम तक मन को कभी गुमनाम नहीं होने दें | जगे रहें, लगे रहें और नेक कर्मों से जुड़े रहें |

बहुत सोये अब और न सोयें | भ्रम में बहुत समय गवाएं, अब तो भ्रम का परित्याग करें | उन्हें प्राप्त करें जिन्हें श्रेष्ठ जनों ने प्राप्त किया है | ज़िन्दगी के बर्बादी का दर्द, आज नहीं तो कल, हम सभी को सालता है | हमेशा याद रहे –

मन हार गया तुम हार गये, मन जीते तब तुम जीते हो !

पहले मन को तैयार करो, यूँ बैठ अश्रु क्यूँ पीते हो !!

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भू.ना.मंडल वि.वि की 12 सितम्बर की पी.जी. परीक्षाएं स्थगित

पी.जी.पार्ट-1 (प्रीवियस) परीक्षा-2014 एवं पी.जी.पार्ट-2 (फाइनल) परीक्षा-2014 की 12 सितम्बर (शनिवार) 2015 को होने वाली दोनों केन्द्रों के दोनों सिटींग की सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं |

मंडल वि.वि. के परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि माननीय कुलपति डॉ.विनोद कुमार के निदेशानुसार ये परीक्षाएं अब 29 सितम्बर, 2015 को पूर्व निर्धारित केन्द्रों एवं समय पर होंगी | डॉ कुमार ने यह भी कहा कि बैंक एवं अन्य विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों की मांग पर यह परीक्षा तिथि 29 सितम्बर को करने की स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है |

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वित्तरहित शिक्षाकर्मियों के प्रति सरकार संवेदन शून्य क्यों ?

विगत कई वर्षों से लगातार एवं पिछले कई महीनों में बारम्बार जहाँ एक ओर वित्तरहित शिक्षाकर्मियों द्वारा बिहार के तमाम समाहरणालयों के गेटों पर आठ सूत्री मांगों को लेकर कभी मशाल जुलूस तो कभी पुतला दहन, कभी धरना प्रदर्शन तो कभी आमरण अनशन होता रहा, वहीँ दूसरी ओर सम्पूर्ण सूबे में सेविकाओं-सहायिकाओं द्वारा नारी शक्ति का अदभुत प्रदर्शन यह सिद्ध कर दिया है कि नारी अब अबला नहीं रही. . . . ! बावजूद ऐसे जोरदार उग्र प्रदर्शनों के सरकार में स्थापित जनप्रतिनिधिगण इस कदर संवेदन शून्य नजर क्यों आते हैं  ?

जब इस बाबत मधेपुरा अबतक के प्रतिनिधि संवाददाता ने समाजसेवी साहित्कार डॉ.मधेपुरी से प्रतिक्रिया जानना चाहा तो उन्होंने कुछ ऐसा ही कहा –

जब भारत के संविधान में ही समानता के अधिकार को मौलिक अधिकारों में सुमार किया गया है तो फिर एक समान काम करनेवालों को एक समान वेतन व समान सुविधाएँ मुहैया कराने में सरकार जजवाती क्यों नहीं दीखती | सरकार संवेदनशून्य नजर क्यों आती है ? जिन जनों के वोट से जनप्रतिनिधि चुनकर सरकार में आते हैं, वे आते ही अपने लिए 2.00 रु. प्लेट चावल और 1.50 रु. प्लेट दाल . . . एक रुपए पीस रसगुल्ला और एक रुपए  प्रति कप चाय वाले वातानुकूलित कैंटीन की व्यवस्था कर लेते हैं और उन जनों को पेट भर भोजन के लिए उग्र प्रदर्शन करने एवं पसीना बहाने के लिए छोड़ देते हैं |

एक अंगीभूत कॉलेज के शिक्षक को लाख रुपये के लगभग वेतन व वेतन वृद्धि के साथ-साथ महंगाई भत्ता –पेंशन आदि और बगल वाले वित्तरहित कॉलेज के शिक्षकों को समान काम के लिए परीक्षाफल यानी उत्तीर्ण छात्रों की संख्या के आधार पर अनुदान राशि देने की नीति – समता के सिद्धांत एवं न्याय के प्रतिकूल ही तो है |

Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri

यह भी जानें कि इस नीति के आधार पर विभिन्न वित्तरहित महाविद्यालयों को दी जाने वाली अनुदान की राशि भी तो भिन्न-भिन्न हो जाती है | बावजूद इसके वह राशि प्रबंधन के बन्दरबांट का शिकार भी बन जाती है | तुर्रा तो यह है कि उन्हीं कॉलेजों के छात्रों को विभिन्न योजनाओं के तहत दी जाने वाली राशि को सरकार सीधे उनके बैंक खातों में जमा करवाती है, लेकिन इन्हीं छात्रों को ज्ञानवान बनाने वाले शिक्षकों के लिए सरकार ऐसा कुछ क्यों नहीं सोचती | सरकार इतना भी तो सोचे कि स्किल्ड लेबर के लिए निर्धारित पारिश्रमिक राशि भी तो उन शिक्षकों के बैंक खाते में प्रतिमाह अवश्य पहुंचे |

सरकार के सभी विभागों में नियोजन की बाढ़ आई हुई है | संविदा पर बहाल कर्मियों की मृत्यु हो जाने पर उनके परिजनों को एक मुस्त चार लाख रुपये दिए जायेंगे लेकिन अधिक दिनों तक जिंदा रहने के लिए उन्हें पेंशन नहीं दिए जायेंगे, जबकि जनप्रतिनिधि यदि चंद महीने के लिए चुनकर सरकार में प्रवेश पा लेते हैं तो जीवन पर्यन्त वे पेंशन के हक़दार तो हो ही जाते हैं – साथ ही मुफ्त दवा से लेकर मुफ्त रेलयात्रा आदि के भी हकदार हो जाते हैं |

डॉ.मधेपुरी भू.ना.मंडल वि.वि. में भौतिकी के प्राध्यापक, विकास पदाधिकारी, परीक्षा नियंत्रक के अतिरिक्त विभिन्न पदों पर रह चुके हैं | संविधान निर्माताओं द्वारा निर्मित समता के अधिकार की ऐसी व्याख्या डॉ.मधेपुरी सदृश सुलझे सोच का कोई जिन्दादिल नेक इंसान ही करेगा | संभव है इस चुनावी वर्ष में यह खबर सरकार पर असर डाले और सरकार के हाथों वित्तरहित शिक्षकों का कल्याण हो जाये |

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बिहार चुनाव की घोषणा, पाँच चरणों में मतदान, आचारसंहिता लागू

बिहार विधानसभा चुनाव 12 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच पाँच चरणों में होंगे। वोटों की गिनती 8 नवंबर को होगी। 12 नवंबर तक सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने नई दिल्ली में इसकी घोषणा की। घोषणा के साथ ही तत्काल प्रभाव से चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं तथा मतदाताओं की कुल संख्या 6 करोड़ 98 लाख है। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को खत्म हो रहा है।

ये विधानसभा चुनाव कई मायनों में ख़ास होगा। मतदान के चरणों के बीच ओपिनियन पोल की इजाजत नहीं होगी। अन्तिम चरण का मतदान खत्म होने के आधे घंटे बाद तक एक्ज़िट पोल पर भी पाबंदी लगी रहेगी। इस बार चुनाव में प्रत्येक ईवीएम में उम्मीदवारों की तस्वीर भी लगी होगी।

चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है –

पहला चरण  :

कुल सीटें – 49, दस जिलों (समस्तीपुर, बेगुसराय, खगड़िया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नवादा, जमुई) में चुनाव, नोटिफिकेशन की तिथि – 16 सितंबर, नामांकन की अंतिम तिथि – 23 सितंबर, स्क्रूटनी – 24 सितंबर, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि – 26 सितंबर, मतदान – 12 अक्टूबर।

दूसरा चरण  :

कुल सीटें – 32, छह जिलों (रोहतास, जहानाबाद, कैमूर, अरवल, औरंगाबाद, गया) में चुनाव, नोटिफिकेशन की तिथि – 21 सितंबर, नामांकन की अंतिम तिथि – 28 सितंबर, स्क्रूटनी – 29 सितंबर, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि – 1 अक्टूबर, मतदान – 16 अक्टूबर।

तीसरा चरण  :

कुल सीटें – 50, छह जिलों (सारण, वैशाली, नालंदा, पटना, भोजपुर, बक्सर) में चुनाव, नोटिफिकेशन की तिथि – 1 अक्टूबर, नामांकन की अंतिम तिथि – 8 अक्टूबर, स्क्रूटनी – 9 अक्टूबर, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि – 12 अक्टूबर, मतदान – 28 अक्टूबर।

चौथा चरण  :

कुल सीटें – 55, सात जिलों (पश्चिमी एवं पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, सीवान, गोपालगंज) में चुनाव, नोटिफिकेशन की तिथि – 7 अक्टूबर, नामांकन की अंतिम तिथि – 14 अक्टूबर, स्क्रूटनी – 15 अक्टूबर, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि – 17 अक्टूबर, मतदान – 1 नवम्बर।

पाँचवां चरण  :

कुल सीटें – 57, नौ जिलों (मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा) में चुनाव, नोटिफिकेशन की तिथि – 8 अक्टूबर, नामांकन की अंतिम तिथि – 16 अक्टूबर, स्क्रूटनी – 17 अक्टूबर, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि – 19 अक्टूबर, मतदान – 5 नवम्बर।

मतगणना  : 8 नवंबर

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पुनः ग्रहण की चपेट में आ गई – बीएड की परीक्षा तिथि

भू.ना.मंडल वि.वि. के विभिन्न महाविद्यालयों के 8 सितम्बर से निर्धारित 2015 की बीएड. परीक्षाओं को माननीय कुलपति डॉ.विनोद कुमार के निदेशानुसार स्थगित कर दी गई है |

वि.वि. परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि कुछ अपरिहार्य कारणों से 8 सितम्बर 2015 से होने वाली बीएड की परीक्षाएं अब पूर्व से निर्धारित दोनों केन्द्रों पर दिनांक 23 सितम्बर 2015 से होगी |

ज्ञातव्य हो कि पूर्व निर्धारित दोनों परीक्षा केन्द्रों में से एक कोसी प्रमंडल में और दूसरा पूर्णिया प्रमंडल में सुनिश्चित किया गया था | कोसी प्रमंडल के परीक्षार्थियों का केन्द्र भू.ना.मंडल वाणिज्य महाविद्यालय साहुगढ़-मधेपुरा और पूर्णिया प्रमंडल के परीक्षार्थियों के लिए पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया निर्धारित किया गया था |

अब 23 सितम्बर 2015 से बी.एड. की परीक्षाएं उन्हीं दोनों परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जायेगी | परीक्षा का विस्तृत प्रोग्राम सम्बन्धित केन्द्राधीक्षकों एवं महाविद्यालयों को यथासमय भेज दिया जाएगा |

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