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प्रभात खबर का सकारात्मक सोच – वृक्षारोपण !

प्रभात खबर के ब्यूरो चीफ रुपेश कुमार रूपक की पूरी टीम द्वारा अपने अखबार का 6वाँ वार्षिकोत्सव इस वर्ष वृक्षारोपण करके मनाया गया | भला क्यों नहीं, वृक्ष खुद धूप में रहकर सबको छाया देता है | समता, सरसता और सद्भाव का संदेश भी देता है | ग्रीन बिहार का सपना पूरा करता है | औषधीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ पर्यावरण को समृद्ध भी करता है |

इस नायाब कार्यक्रम में जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पांडे, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, नगर परिषद अध्यक्ष डॉ.विशाल कुमार बबलू, रेड क्रॉस के सचिव डॉ.अरुण कुमार मंडल, एस.बी.आई. के शाखा प्रबंधक संजय कुमार करण, एएसपी राजेश कुमार, अंचलाधिकारी मिथिलेश कुमार सहित सीएमओ एवं अन्य गणमान्य शामिल हुए |

Zilla Parishad Adhyaksha Manju Devi along with CS Dr. G Pande Mukhya Parshad Dr.Vishal Kumar Babloo, Prabhari Rupesh , Dr.A.K.Mandal & Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri & others engaged in Planting Samaroh organised by Prabhat Khabar.
Zilla Parishad Adhyaksha Manju Devi along with CS Dr. G Pande Mukhya Parshad Dr.Vishal Kumar Babloo, Prabhari Rupesh , Dr.A.K.Mandal & Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri & others engaged in Planting Samaroh organised by Prabhat Khabar.

यह भी जानिये कि वृक्षारोपण का स्थान-सिविल सर्जन कार्यालय के सामने का मैदान- जहाँ छाया की ही नहीं बल्कि सर्वाधिक शुद्ध ऑक्सीजन की जरूरत भी रहती है | मैदान के किनारे-किनारे दर्जनों ‘महोगनी’ के वृक्षों का सुरक्षात्मक उपायों के साथ रोपण किया गया |

जहाँ मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने औषधीय पेड़ ‘अर्जुन’ लगाने की चर्चा करते हुए मोहगनी के पौधे को मिट्टी में, नमी की उपलब्धता प्राप्त होने तक, नीचे ले जाकर रोपने की सलाह दी, वहीं पौधे पर हाथ से मिट्टी डालते हुए कहा कि अंत में सबों को इसी मिट्टी के अंदर चला जाना है | कार्य व्यवस्था के कारण एसपी विकास कुमार (भा.पु.से.) ने संक्षेप में बस यही कहा कि एक वृक्ष को लगाने में केवल दो सौ रूपये लगते हैं परंतु उसके पोषण में सावधानी के साथ-साथ दो हज़ार रूपये तक व्यय करने पड़ते हैं |

On the occasion of Plantation Samaroh organised by Prabhat Khabar DM Md.Sohail, Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi, CS Dr.Gadadhar Pandey, Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, ASP Rajesh Kumar & Mukhya Parshad Dr.Vishal Kumar Babloo & others flying balloons in the sky at Madhepura Civil Hospital.
On the occasion of Plantation Samaroh organised by Prabhat Khabar DM Md.Sohail, Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi, CS Dr.Gadadhar Pandey, Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, ASP Rajesh Kumar & Mukhya Parshad Dr.Vishal Kumar Babloo & others flying balloons in the sky at Madhepura Civil Hospital.

यह भी जानिये कि सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पांडेय, एएसपी राजेश कुमार, जीप अध्यक्ष मंजू देवी सहित उपस्थित गणमान्यों ने डी.एम मो.सोहैल के सुर-में-सुर मिलाते हुए प्रभात खबर के 6वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर यही कहते सुना गया कि प्रभात खबर जन समस्याओं को उजागर कर समाज के विकास में अग्रणी भूमिका निभाते हुए दबे-कुचलों की आवाज बन गयी है |

दूसरे चरण में डी.एम. मो.सोहैल एवं उपस्थित गणमान्यों द्वारा सम्मिलित रुप से शांति कपोत की जगह बैलून-गुच्छ उड़ाते देखकर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के अंतरमन में यह विचार उठने लगा कि यदि सभी लोग वृक्ष और बैलून की तरह सदा ऊपर की ओर बढ़ता रहा तो समाज शनै:-शनै: कुरीतियों से मुक्त होकर एक-न-एक दिन शक्ति संपन्न अवश्य बनेगा | भला क्यों नहीं, वृक्ष और मनुष्य का गहरा संबंध तो आदिकाल से ही रहा है | भोजन, वस्त्र और आवास जैसी आवश्यक आवश्यकताओं का समाधान मनुष्य के लिए इन वृक्षों ने ही तो किया है | तभी तो वृक्षारोपण को जीवनोपयोगी कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है |

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बहुत जल्द राष्ट्रीय फलक पर होगा मधेपुरा कॉलेज

मधेपुरा  स्थित मधेपुरा कॉलेज जिला मुख्यालय का पहला ऐसा कॉलेज है जहाँ नैक (NAAC – National Assessment & Accreditation Council) की एक्सपर्ट टीम ने दौरा किया। नैक की पीयर टीम का दो दिवसीय दौरा मंगलवार 7 फरवरी को पूरा हुआ। नैक से मान्यता मिलने के साथ मधेपुरा कॉलेज उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय मानचित्र से जुड़ जाएगा। कॉलेज के संस्थापक प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार इसे कॉलेज परिवार द्वारा वर्षों से की जा रही मेहनत का फल बताते हैं।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ. सुनील गुप्ता नैक की पीयर टीम के चेयरमैन और रांची वीमेंस कॉलेज (ऑटोनमस) की प्राचार्या डॉ. मंजु सिन्हा सदस्य के तौर पर मधेपुरा आए थे। इन्होंने नैक के सभी मापदंडों पर मधेपुरा कॉलेज का बारीकी से निरीक्षण किया और संतुष्ट दिखे। उम्मीद की जानी चाहिए कि पीयर टीम का यह दौरा न केवल कॉलेज बल्कि बीएन मंडल विश्वविद्यालय और इस पूरे इलाके के शैक्षणिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।

MCM Founder Principal Dr. Ashok Kumar with NAAC Peer Team during their Visit to Madhepura College, Madhepura
MCM Founder Principal Dr. Ashok Kumar with NAAC Peer Team during their Visit to Madhepura College, Madhepura

बहरहाल, नैक से मान्यता प्राप्त करने के लिए प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में कॉलेज के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी वर्षों से तैयारी में जुटे थे। नैक के मापदंडों से अनुरूप कॉलेज के हर विभाग को अपडेट किया गया है। कॉलेज के प्राचार्य इन प्रयासों में कुलपति डॉ. बिनोद कुमार, कुलसचिव डॉ. केपी सिंह, सीसीडीसी डॉ. अनिलकांत मिश्रा, नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह एवं प्रॉक्टर डॉ. बीएन विवेका सहित विश्वविद्यालय के तमाम वरीय अधिकारियों के योगदान की चर्चा करना नहीं भूलते।

बता दें कि नैक की पीयर टीम ने दौरे के प्रथम दिन कॉलेज का अकादमिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आईक्यूएसी, आईसीटी, लाइब्रेरी, लैब, सभा भवन, परीक्षा भवन, कम्प्यूटर सेल सहित सभी विभागों का दौरा किया, विभागवार पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन देखा, बारी-बारी से सभी शिक्षकों, वर्तमान व पूर्ववर्ती छात्रों तथा अभिवावकों से मिले और शाम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहीं दूसरे दिन प्रशासनिक निरीक्षण का कार्यक्रम था। इस दौरान पीयर टीम ने एनसीसी, एनएसस, महिला सेल, स्पोर्ट्स सेल, अकाउंट्स सहित कॉलेज की सभी कमिटियों के कामकाज और जरूरी कागजातों को देखा और प्राचार्य सहित कॉलेज के वरीय अधिकारियों से विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की। पीयर टीम के सदस्य शिक्षकेतर कर्मचारियों से भी मिले और तमाम भवनों के साथ-साथ छात्रावास, कैंटीन, साइकिल शेड, बॉटोनिकल गार्डेन, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, कम्पोस्ट पिट आदि का  जायजा भी लिया। एग्जिट मीटिंग सत्र में पीयर टीम ने कॉलेज के प्रयासों की सराहना की, कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए और रिपोर्ट की एक प्रति प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार को सौंपी।

नैक के इस दौरे के लिए प्रो. पंकज कुमार कॉलेज की स्टीयरिंग कमिटी के कॉर्डिनेटर थे और गृहविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम यादव तमाम गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर रही थीं। इस दौरान उपप्राचार्य डॉ. भगवान कुमार मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुश्ताक मोहम्मद, प्रो. मनोज भटनागर, प्रो. सच्चिदानंद सचिव, डॉ. सोनी सहाय, डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रो. मणिभूषण वर्मा, डॉ. अमरदीप, प्रो. अभय कुमार, प्रो. चन्देश्वरी यादव, प्रो. ब्रह्मदेव यादव, प्रो. जयनारायण साह, प्रो. निखिलेश कुमार, आईक्यूएसी के डॉ. संजय कुमार, एनसीसी के लेफ्टिनेंट गौतम कुमार, कार्यक्रम पदाधिकारी विवेकानंद कुमार, संगीत विभाग की प्राध्यापिका भारती, एनएसएस के प्रो. बिजेन्द्र मेहता, आरती झा, प्रो. अरविंद कुमार, बीएड प्रभारी विज्ञानानंद सिंह, बीसीए कॉर्डिनेटर संदीप शांडिल्य आदि की खासी व्यस्तता देखी गई।

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श्री कृष्ण भक्ति में डूबा मधेपुरा

भारतीय अध्यात्म के सिंहावलोकन से यह साफ लगने लगता है कि राम यदि मर्यादा पुरुषोत्तम है तो कृष्ण सोलहो कला से पूर्ण ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषुकदाचन’ का प्रतीक |

यह भी बता दें कि 7 फरवरी की पूरी रात मधेपुरा श्रीकृष्ण की भक्ति-वंदना में डूबा रहा | जीवन सदन का विशाल हाल भी छोटा पड़ गया | क्या बच्चा, क्या बड़ा ! सभी कृष्ण वंदना में लीन ! वस्तुतः कृष्ण की भक्ति में लीन होने से अंतर्मन में कर्मों की खुशबू फ़ैलने लगती है और भीतर प्रकाशमय होने लगता है | अंतर्मन का अंधेरा विलीन होने लगता है | कर्म का दीप जलने लगता है | परंतु, कर्मों के दीप को सदैव जलते रहने के लिए उसमें ज्ञान की बाती और संकल्प का तेल दोनों डालना पड़ता है |

राजस्थान के भजन गायक सज्जन दाधीच एवं गायिका अनीता राठौड़ के साथ सूरजगढ़ के गायक मनोज ठठेरा एवं गायिका राधारानी की टीम द्वारा श्रीकृष्ण के बहुआयामी स्वरूप को अत्यंत करीने से लयबद्ध होकर दर्शकों के समक्ष परोसा गया | यूं तो कृष्ण की 30 अनजानी लीलाएं हैं जिनमें उनकी बाल-लीला और रास-लीला भक्तों को घंटों बांधकर रखती हैं |

मौके पर कृष्ण-सुदामा की मित्रता का ऐसा अद्भुत प्रदर्शन इन कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया कि शायद ही कोई ऑंखें बची होंगी जो नम ना हुई हों | यह भी जानिये कि जिस निर्माणाधीन 4 मंजिले जीवन सदन की दूसरी मंजिल पर सभी दर्शकों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई थी उनमें से अधिकाधिक कृष्ण भक्ति में डूबे दर्शक ऐसे पाये गये जो ऊपर जाकर भोजन तक करना भूल गये  | सूर्योदय होने तक दर्शक डटे रहे |

यह भी बता दें कि प्रत्येक साल एक बार कृष्ण की संस्कृति और संस्कार से मधेपुरा को गीतमय एवं रसमय बनाने वाले खासकर मारवाड़ी समाज के युवाओं एवं गणमान्यों का मधेपुरा का समाज अभिनंदन करता है, बंदन करता है | भला क्यों नहीं, अधिकांश गणमान्य तो इस कार्यक्रम को सफल करने में सारा कुछ करते हुए भी अपनी उपस्थिति सार्वजनिक करना नहीं चाहते, फिर भी जिन्हें कार्यक्रम की सफलता की जवाबदेही दी जाती है उन्हें तो विवश होकर सामने आना ही पड़ता है……..| धन्यवाद के पात्र वे श्याम सखा के सदस्यगण हैं- राम भगत सर्राफ, मनीष कुमार सर्राफ, राजेश सर्राफ, अशोक संचेती, आनंद प्राणसुखका, पप्पू सुल्तानियां, संजय सर्राफ, संजय सुल्तानियां, श्रवन सुल्तानियां आदि |

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मधेपुरा के जीवन सदन में श्री श्याम वन्दना महोत्सव !!

जहाँ 35 वर्ष पूर्व इसी जीवन सदन में मधेपुरा जिला के उद्घाटन के बाद जिला कार्यालय का श्री गणेश हुआ था, वहीं 10 वर्षों से लगातार श्री श्याम सखा संघ परिवार, मधेपुरा द्वारा प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च कर “श्री श्याम वंदना महोत्सव” का एक दिवसीय भव्य आयोजन किया जाता रहा | परंतु, आज दिनांक 7 फरवरी, 2017 को संध्या 6:00 बजे से प्रभु इच्छा तक अद्भुत भव्यता के साथ विधान पार्षद ललन कुमार सर्राफ, मनीष सर्राफ, मंटू जी, व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका आदि अन्य श्याम सखा से जुड़े हुए गणमान्यों के सहयोग से नवनिर्मित जीवन सदन में “श्री श्याम वंदना के 11 वां वार्षिकोत्सव की जीवंत झांकी प्रस्तुत की जायेगी | इस अवसर पर समस्त श्याम सखा प्रेमी सादर आमंत्रित हैं |

यह भी जानिये और मानिये कि इस कराल कलिकाल में ऐसे यज्ञ-अनुष्ठान का आयोजन सर्वाधिक कष्टसाध्य है | फिर भी, प्रभु कृपा से ही यह निर्विघ्न संपन्न होता चला आ रहा है | वर्तमान समय के भौतिक “तापों एवं पापों” के निवारण के लिए “श्रीश्याम भजन संध्या” ही अमोध अस्त्र है |

बता दें कि भजन संध्या में जहां राजस्थान-झुंझुनू से श्री सज्जन दाधीच, एवं सूरजगढ़ से श्री मनोज ठठेरा पधार रहे हैं वहीं भजन गायिका द्वय श्रीमती केमिता राठौड़ उदयपुर से तो श्रीमती राधारानी, टाटा नगर से आपके बीच आ रही हैं |

स्थानीय श्याम सखा संघ के सदस्यगण आनंद जी, पप्पू सुल्तानियां जी, संजय सर्राफ जी, संजय सुल्तानिया जी आदि सभी धन्यवाद के पात्र हैं जिनके अथक परिश्रम के चलते ही 11 वर्षों से यह आयोजन राधाकृष्ण की विविधताओं को संगीत संध्या के माध्यम से हमारे बीच परोसते रहे हैं |

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ऊर्जा के नये आयाम को छूता मधेपुरा

बिहार की नीतीश सरकार द्वारा जहाँ सात निश्चयों में एक- युवाओं को “उच्च शिक्षा का हल: आर्थिक बल” सहित स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग देने की सोच है वहीं ‘हर घर : नल का जल’, सभी घरों में शौचालय………… आदि निश्चयों के माध्यम से विकसित बिहार बनाने के प्रावधान किये जा रहे हैं वहीं इस जिले के प्रभारी मंत्री (ऊर्जा मंत्री) बिजेन्द्र प्रसाद यादव के इस बाबत दिये गये निदेशों को डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) की टीम पूरी तन्मयता के साथ अमलीजामा पहनाने हेतु प्रयासरत देखे जा रहे हैं |

इन निश्चयों को ऊंचाई प्रदान करने हेतु विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए जिले के डीएम मो.सोहैल द्वारा 30 करोड़ की लागत से मधेपुरा, मुरलीगंज, उदाकिशुनगंज, बिहारीगंज एवं आलमनगर में छह नये पावर स्टेशनों के निर्माण के बाबत जगहें चयनित भी कर ली गयी हैं | मधेपुरा में दो स्थानों मानिकपुर एवं धुरगाँव के अतिरिक्त शेष 4 स्थान क्रमशः परमानंदपुर, शहजादपुर, बभनगामा, गंगापुर चुन लिया गया है | प्रत्येक पावर स्टेशन के निर्माण में 5 करोड़ रुपये की लागत आयेगी |

यह भी बता दें कि पावर स्टेशन के निर्माण को लेकर जहां जिला प्रशासन द्वारा जगहों को चिन्हित कर राज्य सरकार को सूची भेज दी गयी है और जिसकी स्वीकृति भी प्रदान कर दी गयी है वहीं विद्युत विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पावर सब स्टेशन का निर्माण कार्य स्वीकृत राशि 30 करोड़ के आवंटन प्राप्त होते ही अप्रैल माह से निर्माण का कार्य आरंभ कर दिया जायेगा | बता दें कि सभी छह स्टेशनों का निर्माण कार्य दो वर्षों के अंदर पूरा कर लिया जायेगा |

विद्युत विभाग ने माननीय मुख्यमंत्री के सात निश्चयों को शीघ्रातिशीघ्र धरती पर उतारने हेतु निर्माण की जिम्मेदारी गोपी कृष्णा एजेंसी को सौंप दिया है | विद्युतिकरण से वंचित गांव में विद्युत आपूर्ति करने के लिए इन नये सब-स्टेशनों के निर्माण को जल्दबाजी में पूरा किया जाना जरूरी है | ऐसा होगा तभी ‘हर घर में नल का जल’ पहुंचेगा और बिहार विकसित बिहार की ओर कदम बढ़ायेगा |

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‘अम्मा’ की पार्टी ही नहीं, अब सरकार भी संभालेंगी ‘चिनम्मा’

पिछले कुछ दिनों से तमिलनाडु सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के संकेत मिल रहे थे। अनुमान जताया जा रहा था कि जल्द ही मौजूदा मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम को हटाकर ‘चिनम्मा’ शशिकला नटराजन उनकी जगह मुख्यमंत्री बनेंगी। इस परिवर्तन से जुड़ी अटकलें रविवार को सच साबित हुईं। पार्टी विधायकों की रविवार को हुई अहम बैठक में शशिकला को विधायक दल की नेता चुन लिया गया और मुख्यमंत्री के पद पर उनकी ताजपोशी का रास्ता साफ करते हुए पन्नीरसेल्वम ने राज्यपाल को मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि उनके इस्तीफे के बाद एक बार फिर विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शशिकला को मुख्यमंत्री घोषित करने की औपचारिकता पूरी की जाएगी।

बहरहाल, इस घटनाक्रम के बाद शशिकला ने कहा कि अम्मा (जयललिता) के निधन के बाद ‘भाई’ पन्नीरसेल्वम ने ही मुझसे महासचिव का पद लेने को कहा और अब उन्होंने ही मुझसे सीएम बनने के लिए भी कहा। उन्होंने पन्नीरसेल्वम की जमकर तारीफ की और कहा कि जब भी पार्टी ने किसी मुश्किल हालात का सामना किया या अम्मा को दिक्कत हुई तो हमारे प्रिय भाई पन्नीरसेल्वम ही विश्वसनीय रहे।

बता दें कि शशिकला के पार्टी और सरकार का सर्वेसर्वा बनने का कई जगहों पर विरोध भी हो रहा है। साथ ही, उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आय से अधिक संपत्ति का मामला भी चल रहा है। लेकिन इससे फिलहाल शशिकला के बढ़ते आभामंडल पर कोई असर होगा, ऐसा फिलहाल तो नहीं लगता क्योंकि इससे इनकार नहीं किया सकता कि छिटपुट विरोध के बावजूद एआईएडीएमके के आम कार्यकर्ता उनमें ‘अम्मा’ जयललिता की छवि देखने लगे हैं।

चलते-चलते बता दें कि 62 वर्षीया शशिकला अगले एक से दो दिनों में मुख्यमंत्री पद की शपय़ लेंगी और वे जानकी रामचंद्रन और जयललिता के बाद तमिलनाडु की तीसरी महिला मुख्यमंत्री होंगी।

 

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जीने की लगन लगी है तो पहले मरना स्वीकार करो

डीएम द्वय गोपाल मीणा और मो.सोहैल की चाहत के अनुरूप “सच्ची शिक्षा के लिए कदाचारमुक्त परीक्षा” में निरंतर जन सहयोग प्राप्त होने पर शनै:-शनै: शिक्षा की सेहत में सुधार होते देखकर सामाजिक ऋण से उऋण होने के लिए बाबा भोलेनाथ की नगरी सिंहेश्वर की धरती पर त्रिमूर्ति रुपेश-राजेश और कुंदन द्वारा वर्ल्ड किड्स स्कूल की स्थापना 2 वर्ष पूर्व की गई थी |

यह भी बता दें कि आयोजित वार्षिकोत्सव के अवसर पर वर्ल्ड किड्स स्कूल के शैक्षणिक माहौल, व्यवस्था तथा बच्चों के पठन-पाठन में अभूतपूर्व प्रगति से संतुष्ट अभिभावकों ( विशेष रुप से माताओं ) की भीड़ इतनी हो गई कि जगह ही कम पड़ गयी | तभी तो अधिकांश पुरुषवर्ग के अभिभावकगण जहां-तहाँ खड़े रहकर भी अपने बच्चों के उमदा परफ़ोरमेंस का रसास्वादन करते देखे गये |

Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, Principal Dr.Ashok Kumar, Dr.H.L.S.Jauhari, BEO Dr.Yaduvansh, Dr.Chetan, Mr.Kundan and others standing on the stage during National Anthem Presenting by a small kid from Kids World School, Singheshwar , Madhepura.
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, Principal Dr.Ashok Kumar, Dr.H.L.S.Jauhari, BEO Dr.Yaduvansh, Dr.Chetan, Mr.Kundan and others standing on the stage during National Anthem Presenting by a small kid from Kids World School, Singheshwar , Madhepura.

बता दें कि उद्घाटन समारोह का श्रीगणेश छोटे-छोटे किड्स के welcome ! सॉन्ग से किया गया | लगे हाथ उद्घाटन कार्यक्रम का आगाज समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, प्राचार्यत्रय डॉ.अशोक कुमार, डॉ.एच.एल.एस. जौहरी, डॉ.माधवानंद सहित रुपेश-राजेश…… आदि गणमान्यों द्वारा सम्मिलित रुप से दीप प्रज्वलित कर किया गया | जहां आगत अतिथियों का किड्स के नन्हे हाथों ने बुके प्रदान कर स्वागत किया वहीं विद्यालय-प्राचार्य एवं डॉ.चेतन व कुंदन द्वारा वसंत पंचमी के लाल-गुलाबी शब्दों से अतिथियों का भरपूर स्वागत किया गया | एक नन्हा बच्चा द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया |

सर्वाधिक कार्यव्यस्तता के कारण प्राचार्यत्रय डॉ.जौहरी, डॉ.माधवानंद, डॉ.अशोक कुमार एवं बी.इ.ओ. डॉ.यदुवंश यादव द्वारा अपनी-अपनी अतिसंक्षिप्त संबोधनों में बच्चों का प्रथम गुरु माता-पिता को बताते हुए यही कहा गया कि बच्चे लगभग 6 घंटे ही स्कूल में रहते हैं, शेष 18 घंटे तो अपने मां-बाप के साथ ही समय बिताते हैं | माता-पिता की जवाबदेही शिक्षक से कहीं तीन गुणा ज्यादा होती है | वर्तमान समय में बच्चों को मोबाइल एवं टी.वी. से दूर रखने की सलाह दी प्राचार्यों ने |

अंत में भौतिकी के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर एवं साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने बच्चों की सर्वाधिक संख्या में उपस्थित माताओं को संबोधित करते हुए तथा डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम के विचारों को परोसते हुए यही कहा कि आप कभी भी अपने आप को असहाय न समझें | आप मातृशक्ति सर्वशक्तिमान हैं | आपको पता है दुनिया के पुरुषवर्ग की चाहत क्या होती है ? शक्ति, संपत्ति और सशक्त ज्ञान चाहिए उन्हें | इन तीनों को पाने के लिए पुरुषवर्ग को कहां जाना पड़ता है- शक्ति के लिए ‘दुर्गा’, संपत्ति के लिए ‘लक्ष्मी’ और ज्ञान के लिए ‘सरस्वती’ की आराधना करनी पड़ती है, उनसे गुहार करना पड़ता है, उसके पास जाना पड़ता है |

डॉ.मधेपुरी ने माताओं से कहा कि प्रत्येक बच्चे में देवीय शक्ति है तथा ईश्वरीय तेज छिपा है | आप उसमें पंख लगा दें ताकि बच्चा चारों ओर अच्छाइयों का प्रकाश फैलाता रहे | उन्होंने 4 वर्षीय लकवा ग्रस्त बच्ची ‘विल्मा’ एवं नेत्रहीन बच्ची ‘कंचन गावा’ की कहानी विस्तार से सुनाते हुए खासकर माताओं से यही कहा कि ना तो आप डरिये और ना बच्चों को डराईये | अपने बच्चों को बड़े-बड़े सपने देखने हेतु प्रोत्साहित कीजिए | अंत में डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित माताओं कों संदेश में ये पंक्तियां कहीं:-

भय जिसे शूल चुभ जाने का, वह फूल भला कब पाता है |
जो ज्वार देख घबराता है, वह इसी पार रह जाता है ||
सोचो मत साधन क्या होगा, पहले मन को तैयार करो |
जीने की लगन लगी है तो, पहले मरना स्वीकार करो ||

यह भी जानिये कि उद्घाटन सत्र के बाद स्कूल के सैकड़ों बच्चों द्वारा एक-से-एक बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन देर तक किया जाता रहा | हास्य प्रस्तुति से लेकर लघुनाटक का मंचन भी दर्शकों की तालियां बटोरता रहा | प्रस्तुति की गुणवत्ता के कारण दर्शकों ने खुद को देर तक बांधे रखा | अंत में स्कूल परिवार द्वारा धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई |

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डॉ.लोहिया बार-बार मधेपुरा क्यों आते थे ?

भारत में समाजवाद को नया आयाम देने वाले डॉ.लोहिया के हमसफ़र, क्रांतिकारी विचारक व समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल की 114वीं जयंती आज जिले के हर कोने से लेकर प्रदेश की राजधानी के विभिन्न संस्थानों एवं संगठनों में तथा चौक-चौराहे पर भी श्रद्धा के साथ मनायी जा रही है | उनके नाम स्थापित भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) के अंतर्गत प्रायः सभी महाविद्यालयों में आज उस समाजवादी चिंतक के जीवन दर्शन की विस्तृत चर्चाएं हो रही हैं |

Udghatankarta Founder Vice-Chancellor Dr.Ravi, Adhyaksh Dr.Madhepuri, Shaukat Ali, S.K.Yadav & others garlanding the statue of Great Socialist Leader B.N.Mandal on the 114th Birth Anniversary
Udghatankarta Founder Vice-Chancellor Dr.Ravi, Adhyaksh Dr.Madhepuri, Shaukat Ali, S.K.Yadav & others garlanding the statue of Great Socialist Leader B.N.Mandal on the 114th Birth Anniversary.

मधेपुरा में उनकी जयंती समारोह का श्रीगणेश उनके नामवाले “ भूपेन्द्र चौक ” पर उनकी ही प्रतिमा के सामने, विभिन्न स्कूली बच्चे-बच्चियों द्वारा तख्तियों पर उनकी तस्वीरों एवं बैंड बाजे-गाजे के साथ प्रभात फेरियां पूरी करते हुए, उन्हीं के परमशिष्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की अध्यक्षता में प्रातः 7:30 बजे से 9:00 बजे तक शहर के गणमान्यों के बीच उद्घाटनकर्ता के रूप में संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि के कर कमलों द्वारा सर्वप्रथम माल्यार्पण से किया गया |

इस अवसर पर उद्घाटनकर्ता डॉ.रवि ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि भूपेन्द्र बाबू समाजवाद के सिद्धांतों को गढ़ते ही नहीं थे बल्कि उन्हें जीते थे और ताजिंदगी समाजवाद को ओढ़ते, पहनते और बिछाते भी रहे | उन्होंने यह भी कहा कि समाज की सोयी हुई चेतना को जगानेवाले एवं विभिन्न धर्मों एवं जातियों के बीच की दीवारों को तोड़नेवाले शूरमा थे भूपेन्द्र बाबू | मौके पर पूर्व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव, शिक्षक नेता परमेश्वरी प्रसाद यादव, डॉ.आलोक कुमार, समाजसेवी शौकत अली, डॉ.नीलाकांत, पूर्व कुलसचिव सचिंद्र महतो, संजय कुमार आदि ने पुष्पांजलि अर्पित किया तथा सबों ने बच्चों को उनके जीवन से यही सीख लेने हेतु संदेश दिया कि बच्चे भी सामाजिक कुरीतियों को दूर करें तथा दबे-कुचले को ऊपर उठाने की कोशिश |

Director Mr.Ashish Mishra of "Sure Success Study Campus" working at Dr.Madhepuri Marg, receiving prize-gift by Founder Vice-Chancellor Dr.R.K. Yadav Ravi (BN Mandal University ) Madhepura
Director Mr.Ashish Mishra of “Sure Success Study Campus” working at Dr.Madhepuri Marg, receiving prize-gift by Founder Vice-Chancellor Dr.R.K. Yadav Ravi (BN Mandal University ) Madhepura.

बता दें कि अध्यक्षीय संबोधन में डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने यही कहा कि वे समाजवादी मनीषी के साथ बैलगाड़ी से रेलगाड़ी तक और सड़क से संसद भवन तक छाया की तरह साथ रहकर मात्र यही जान पाया कि उनका व्यक्तित्व आकाश से ऊंचा और समाजवादी विचार सागर से भी गहरा था | डॉ.मधेपुरी ने संक्षेप में डॉ.लोहिया की वाणी को उद्धृत किया-

“हे मधेपुरा-वासियो ! जानते हो मैं बार-बार मधेपुरा क्यों आता हूं ? बस इसीलिए कि मधेपुरा की धरती ने भूपेन्द्र नारायण मंडल जैसे समाजवादी को जन्म दिया है जो सदा निर्भीक होकर संसद में गरीबों की समस्याओं के लिए लड़ता है और भविष्य में भी लड़ता रहेगा………!”   

और अन्त में यह भी बता दें कि इस ठंड में वसंत पंचमी के पूजनोत्सव के बावजूद इस जयंती कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले यू.के. इंटरनेशनल, तुलसी पब्लिक स्कूल, शांति आदर्श स्कूल एवं डॉ.मधेपुरी मार्ग स्थित “स्योर सक्सेस स्टडी कैंपस” के निदेशक आशीष मिश्रा सहित निदेशक त्रय को उद्घाटनकर्ता डॉ.रवि द्वारा पुरस्कृत किया गया | अन्य वर्षों की तरह इस वर्ष भी गरीबों के हमदर्द समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र बाबू की आत्मा की संतुष्टि के लिए डॉ.मधेपुरी ने 3 निर्धन लोगों को वस्त्रदान किया | कार्यक्रम का संचालन स्काउट एंड गाइड के आयुक्त जय कृष्ण ने यादव तथा धन्यवाद ज्ञापित किया रंगकर्मी विकास कुमार ने |

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कोई व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही वह बन जाता है !

आज 30 जनवरी है- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का शहादत दिवस ! कुष्ठरोगियों के प्रति उनके अपार स्नेह एवं उत्कृष्ट सेवा भाव के चलते ही आज के दिन को “कुष्ठ दिवस” के रूप में भी मनाया जाता है | राष्ट्रपिता गांधी के संपूर्ण राष्ट्र को कुष्ठ मुक्त कराना बापू के वंशजों ( हिन्दू-मुस्लिम-सिक्ख-ईसाई….) की सामूहिक जिम्मेवारी है |

यह भी बता दें कि मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) द्वारा समाहरणालय परिसर में राष्ट्रपिता बापू की आदमकद भव्य प्रतिमा श्रद्धापूर्वक स्थापित ही नहीं की गई बल्कि आज उनकी शहादत दिवस पर दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे यानि डेढ़ घंटे के लिए सादगी के साथ भव्य समारोह का आयोजन भी किया गया |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute by garlanding Rashtrapita Mahatma Gandhi's statue at the campus of Madhepura Collectriate on the Martyrs Day 30th January 2017
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute by garlanding Rashtrapita Mahatma Gandhi’s statue at the campus of Madhepura Collectorate on the Martyrs Day 30th January 2017

सर्वप्रथम बापू की प्रतिमा पर डीएम मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, सिविल सर्जन गदाधर पांडे, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, प्रभारी पदाधिकारी राखी कुमारी, एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, एनडीसी मुकेश कुमार, नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी मनोज कुमार पवन, नरेश पासवान सहित समस्त कार्यालय कर्मीगण द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि किया गया |

DM Md.Sohail (IAS), SP Vikash Kumar (IPS), CS Dr.Gadadhar Pandey, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri & others attending Sarbdharma Prarthna Sabha in Samaharnalaya Campus, Madhepura.
DM Md.Sohail (IAS), SP Vikash Kumar (IPS), CS Dr.Gadadhar Pandey, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri & others attending Sarbdharma Prarthna Sabha in Samaharnalaya Campus, Madhepura.

यह भी जानिये कि आगे ठीक 11:00 बजे सायरन की आवाज बंद होते ही 11:00 से 11:02 बजे पूर्वाहन तक (2 मिनट) परिसर स्थित राष्ट्रपिता बापू की प्रतिमा के चारों ओर अधिकारी-पदाधिकारी-कर्मचारी सहित मीडिया के लोग, छात्र और व्यापारी सभी मौन खड़े रहे और उस दरमियान देशवासियों के लिए समर्पित बापू के त्याग और वलिदान को स्मरण करते हुए मन ही मन यही सोचते रहे- ‘कोई व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही वह बन जाता है |’

अंत में यह भी कि डी.एम. मो.सोहैल द्वारा कुष्ठ दिवस के बाबत एक संदेश के पाठ के साथ-साथ उपस्थित जनों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के “कुष्ठ मुक्त भारत” के सपने को पूरा करने हेतु “संकल्प” भी कराया गया और तत्पश्चात समापन की घोषणा के साथ अपने-अपने कार्यालयों की ओर जाकर बापू के गांवों में बसे लोगों के विकास हेतु कार्यों में सभी जुट गये |

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यू.एस.ए. के बच्चों में अद्भुत राष्ट्रप्रेम का जज्बा

नगर परिषद के गरीब टोला (भिरखी) के आस-पास के निर्धन परिवारों के छात्र-छात्राओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने, छोटे-छोटे बच्चों में अनुशासन का बीज डालने एवं सुव्यवस्थित ढंग से सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अभिरूचि पैदा करने के लिए इस नवोदित स्कूल के संस्थापक अशोक कुमार, निदेशक आशीष राज व गुड़िया झा की पूरी टीम लगभग दो वर्षों से ही “यू.एस.ए. इंटरनेशनल स्कूल” नाम देकर बच्चों में संस्कार भरने का संकल्प लिया है- यह सर्वाधिक प्रशंसनीय प्रयास है।

यह भी बता दें कि मधेपुरा में स्कूलों की कमी नहीं है । किरण पब्लिक, हॉली क्रॉस, माया निकेतन आदि-आदि जैसे श्रेष्ठ स्कूल भी हैं जिन्होंने काफी ऊंचाइयाँ हासिल की हैं । फिर भी 68वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यू.एस.ए. इंटरनेशनल स्कूल परिवार द्वारा बच्चों की प्रतिभाओं को निखारने हेतु एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन का श्रीगणेश स्कूल परिसर में ही किया गया ।

Pro-VC Dr. J.P.N. Jha , Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri , Founder Mr.Ashok Kumar Jha and others inaugurating the cultural program at U.S.A. International School Campus Madhepura.
Pro-VC Dr. J.P.N. Jha , Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri , Founder Mr.Ashok Kumar Jha and others inaugurating the cultural program at U.S.A. International School Campus Madhepura.

बता दें कि इस सांस्कृतिक समारोह के लिए बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के वर्तमान विद्वान प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा को उद्घाटनकर्ता एवं पूर्व परीक्षा नियंत्रक समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया । सर्वप्रथम बच्चियों द्वारा अतिथियों को पुष्पगुच्छ के साथ स्वागतगान से सम्मानित किया गया । लगे हाथ उद्घाटनकर्ता श्री झा, मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी, संस्थापक अशोक कुमार, निदेशक आशीष राज, पत्रकार संजय परमार गरिमा उर्विशा आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया ।

जहाँ मौके पर उद्घाटनकर्ता डॉ.झा ने स्कूल के बच्चे-बच्चियों के अनुशासित होने की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि बच्चों में ऐसा संस्कार पैदा करें कि वे देश का सफल एवं जवाबदेह नागरिक बने, वहीँ प्रतिकुलपति ने बच्चों को कठिन परिश्रम कर पढ़ाई करने की बातें भी कही ।

Chief Guest Dr.Madhepuri after inauguration delivering valuable messages to the students and their guardians in the campus of U.S.A International School at Madhepura
Chief Guest Dr.Madhepuri after inauguration delivering valuable messages to the students and their guardians in the campus of U.S.A International School at Madhepura

यह भी कि जहाँ मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी ने अपने सांसों में बसनेवाले गांधीयन मिसाइलमैन डॉ.कलाम के ‘शून्य से शिखर तक’ की कहानियों की विस्तृत चर्चा करते हुए यू.एस.ए. इंटरनेशनल स्कूल परिसर को ‘कलाममय’ बना दिया वहीं उन्होंने समारोह में उपस्थित मातृशक्ति को सम्मान देते हुए कहा कि लोगों को शक्ति, संपत्ति एवं सद्ज्ञान के लिए सदा से ही माँ दुर्गा, लक्ष्मी एवं सरस्वती की ही बन्दना करनी पड़ती है | डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित मातृशक्ति से यह भी कहा कि आपके बच्चों में ईश्वरीय तेज छिपा है | आप उसे पंख लगा दें ताकि वह चारों ओर अच्छाइयों का प्रकाश फैलाता रहे |

उद्घाटन सत्र के बाद स्कूली बच्चों द्वारा गीत, संगीत व नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई | कभी सेना के जवानों के जज्बों पर आधारित प्रस्तुति तो कभी समाज में व्याप्त विभिन्न प्रकार की कुरीतियों पर चोट करने वाली प्रस्तुति- स्कूली बच्चे-बच्चियों द्वारा दी गई | बच्चों ने लघुनाटक के माध्यम से समाज को जगाया भी | बेहतरीन प्रस्तुति के साथ बाल कलाकारों- मेघा-छाया-कोमल, अर्चना-आयुषी-सोनम, रुपेश-विकास-अकरम, राजा-नितेश-सत्यम आदि ने राष्ट्रीय भावनाओं को इस तरह मंचित किया कि दर्शक घंटो बंधे रहे और झूमते रहे |

अंत में प्राचार्य डी.कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया | गरिमा उर्विशा को मंच संचालन के लिए काफी सराहना मिली |

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