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चल पड़े कोटि पग उसी ओर…………

सौ साल पहले चम्पारण (बिहार) की धरती पर मोहनदास…… अकेले आये थे…….. लेकिन चम्पारण ने जब उस मोहन को ‘महात्मा’ बना दिया तो देशवासियों ने महात्मा को हृदय में समा लिया…… और फिर उसी महात्मा गांधी के सत्य-अहिंसा के सम्बल के साथ ‘आजादी’ की खातिर…… चल पड़े कोटि पग उसी ओर……..!

यह भी बता दें कि जहाँ उसी महात्मा के कारण समस्त भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के साथ महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पटना के एस.के.मेमोरियल हॉल में आकर यह उद्घोष किया कि- “भारत के युवजनों ! भारतीय होने पर गर्व करें !” वहीं आजादी के बाद ऐसा आयोजन पहली बार करके बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक स्वर्णिम इतिहास रचकर सम्पूर्ण विश्व को यह संदेश दिया कि- “विविधता में एकता ही भारत की पहचान है |”

The Gandhi and Kasturba attired kids of different school ready to attend "Gandhi Yatra" starting from BN Mandal Stadium to Samaharnalaya Gandhi Park via BP Mandal Chowk , Bhupendra Chowk and Thana Chowk etc. under the leadership of DM Md.Sohail and SP Vikas Kumar and others.
The Gandhi and Kasturba attired kids of different school ready to attend “Gandhi Yatra” starting from BN Mandal Stadium to Samaharnalaya Gandhi Park via BP Mandal Chowk , Bhupendra Chowk and Thana Chowk etc. under the leadership of DM Md.Sohail and SP Vikas Kumar and others.

मधेपुरा में तो कई दिनों से बी.एन.मंडल स्टेडियम और भूपेन्द्र कलाभवन दोनों चम्पारण सत्याग्रह की उत्सवधर्मिता में डूबा हुआ है | स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान को अपना सौभाग्य मानने वाले डायनेमिक डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार अपनी पूरी टीम सहित गणमान्यों, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों के सहयोग से पूरे जिले को गांधीमय बनाने में लगे हैं | कहीं डीएम, एसपी, एएसपी, एसडीएम, डीपीआरओ, डीईओ…….. सहित गणमान्यों के नेतृत्व में “गांधीयात्रा” निकाली जा रही है तो कहीं स्कूली बच्चों द्वारा गांधी-कस्तूरबा की झांकी निकाली जा रही है | कहीं सर्वधर्म प्रार्थना हो रही है तो कहीं जमीन पर बैठकर गांधी व्याख्यानमाला में शहर के शिक्षाविदों की भागीदारी हो रही है |

बता दें कि जहाँ कला भवन में प्रो. श्यामल किशोर यादव एवं डॉ.मधेपुरी के नेतृत्व में गाँधी व्याख्यान माला में उद्गार व्यक्त करने वाले शिक्षाविदों में होते हैं- प्राचार्य डॉ.एच.एल.एस. जौहरी , प्रो.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.अमोल राय, प्राचार्य डॉ.विश्वनाथ विवेका, प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव वीरेंद्र प्रसाद यादव, डॉ.विनय कुमार चौधरी एवं डॉ.आलोक कुमार वहीं पटना नहीं जा सकने वाले स्वतंत्रता सेनानियों एवं दिवंगत सेनानियों की धर्मपत्नियों को संवेदनशील डीएम मो.सोहैल के नेतृत्व में एसडीएम संजय कुमार निराला की टीम द्वारा माला पहनाकर अंगवस्त्रम व प्रतीक सहित सम्मान किया जाता है | जिला अतिथिगृह में उन्हें भोजनादि कराकर ससम्मान आवश्यकतानुसार सरकारी वाहन से गंतव्य तक पहुंचा दिया जाता है |

फिर बीएन मंडल स्टेडियम में “एक शाम बापू के नाम” सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर डीएम मो.सोहैल, डी.डी.सी.मिथिलेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, प्रो.रवि रंजन,  मो.शौकत अली, एनडीसी मुकेश कुमार आदि ने संयुक्त रुप से किया जिसमें नवाचार मंडल इप्टा जूनियर टीम , हॉली क्रॉस स्कूल, डी.पी.एस., माया विद्या निकेतन के बच्चे-बच्चियों सहित सभी स्थापित कलाकार शशि प्रभा, पुष्पलता, रौशन कुमार आदि ने उत्कृष्ट प्रदर्शनों से मधेपुरा को गाँधीमय बना दिया |

लेकिन गाँधी की तेज चाल भला इतनी जल्दी कैसे रुकेगी- मधेपुरा सदर प्रखंड में मंगलवार को निर्धारित कार्यक्रमानुसार प्रखंड उपप्रमुख जयकांत यादव की अध्यक्षता में शिक्षाविदों की टीम के सदस्यों प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डॉ.एच.एल.एस. जौहरी, डॉ.विश्वनाथ विवेका, प्रो.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.विनय कुमार चौधरी एवं डॉ.आलोक कुमार आदि ने विस्तार से विचार व्यक्त करते हुए प्रायः यही कहा कि धार्मिक टकराहट भ्रष्टाचार से उत्पन्न जितनी भी समस्याएं हैं इन तमाम समस्याओं का निदान गाँधी के विचारों में छुपा हुआ है | इसे विस्तार देते हुए डॉ.मधेपुरी ने गांधीवादी विचारधारा के पोषक क्रांतिवीर शिवनंदन प्रसाद मंडल की 126वीं जयंती की चर्चा के साथ श्रद्धांजलि स्वरुप 1934 के भूकंप में क्षत-विछत हुई मानवता की सुधि लेने आये महात्मा गांधी और शिवनंदन बाबू की मुलाकात की भी चर्चा की और कहा कि जाते समय बापू ने सेंट्रल रिलीफ टीम के सभी सदस्यों से इतना ही कहा-

“इसे तुम समाज में व्याप्त छुआछूत जैसे अंधविश्वास एवं पाप का ईश्वरीय दंड ही समझना |”                      

अंत में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी बीडीओ अजीत कुमार, सीओ मिथिलेश कुमार के विमर्शोपरान्त कार्यक्रम पदाधिकारी प्रमोद प्रियदर्शी ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

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दोनों प्रथम विधि मंत्री बने, एक से बढ़कर एक…………..!!

जरा ध्यान से देखिए कैसा सजीव संयोग है- बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और शिवनंदन प्रसाद मंडल के बीच | दोनों प्रखर विधिवेत्ता और दोनों उच्चकोटि के विद्वान | दोनों की 126वीं जयंती | एक की 14 अप्रैल को धूमधाम से मनी और दूसरे की आज (18 अप्रैल को) है |

यह भी जानिए कि दोनों क्रान्तिवीरों के जन्मदिन में मात्र 5 दिनों का अंतर, परंतु दोनों 5 साल के अंतराल में प्रथम विधि मंत्री बने- अंबेडकर भारत सरकार में प्रथम लॉ मिनिस्टर (1947 में) बने और शिवनंदन बिहार सरकार के प्रथम लॉ मिनिस्टर (1952 में) बने |

हां ! यह भी याद कर लीजिए कि बाबा साहब का जन्मदिन है- 14 अप्रैल, 1891 तो वही शिवनंदन बाबू का 18 अप्रैल, 1891………| है न 5 दिनों का अंतर !

चूँकि आज शिवनंदन बाबू का जन्मदिन है | उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को जानने का दिन है | अतः उनकी 2-4 बातें आने वाली पीढ़ी के लिए- शिवनंदन प्रसाद मंडल प्रखर स्वतंत्रता सेनानी रहे | स्वतंत्रता संग्राम के दरमियान चार बार जेल गये | वर्षों इन्होंने जेल की यातनाएं सही | कहने को तो बहुत कुछ है बस एक वाकया सुन लीजिए-

वर्ष 1943, स्थान नेपाल का सघन जंगल- “बोकरो का टापू” जहाँ जयप्रकाश नारायण आजाद दस्ते के लगभग 500 आन्दोलनकारियों को ट्रेनिंग दे रहे होते हैं और डॉ.राम मनोहर लोहिया ट्रान्समीटर ऑपरेटर बनकर आंदोलनकारियों को आवश्यक संदेश भेजा करते………| संयोगवश कुछ विशेष बातों को लेकर शिवनंदन बाबू ट्रेनिंग समापन के दिन ही वहां पहुंचते हैं और उनकी ही अध्यक्षता में समापन समारोह का आयोजन होता है……… जिसमें लोहिया-जेपी की उपस्थिति में समापन भाषण के अंत में यह शपथ दिलाई जाती है-

“जब तक जीवित रहूंगा आर्यावर्त के कल्याण में लगा रहूंगा | भारत की  बेबस जनता, जो नाना प्रकार के कष्ट भोग रही है उसका उद्धार करूंगा…….. और आजादी के लिए यदि प्राण न्योछावर करने की जरूरत पड़ेगी तो पैर पीछे नहीं हटाऊंगा |”    

Dr.Jagannath Mishra (Ex. CM , Bihar And Ex. Central Minister ) in a cheerful mood having seen the book "Itihas Purush Sheonandan Prasad Mandal" written by Dr.Bhupendra Madhepuri and his Patna residence .
Dr.Jagannath Mishra (Ex. CM , Bihar And Ex. Central Minister ) in a cheerful mood having seen the book “Itihas Purush Sheonandan Prasad Mandal” written by Dr.Bhupendra Madhepuri at his Patna residence .

इन्ही पंक्तियों को भावी पीढ़ी के लिए बचाकर रखने हेतु- “इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल…….” की रचना डॉ.मधेपुरी ने की | विगत वर्षों में उन्हीं के नामवाले शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय मधेपुरा के तत्कालीन प्राचार्या डॉ.शान्ति यादव द्वारा आयोजित मंडल जयंती के अवसर पर इस पुस्तक का लोकार्पण बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि एवं तत्कालीन वर्तमान कुलपति डॉ.अनंत कुमार द्वारा विश्व विद्यालय सिंडिकेट सदस्य विद्यानंद यादव, साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ एवं लेखक डॉ.मधेपुरी की गरिमामयी उपस्थिति में की जा चुकी है |

यह भी जानिए कि आधुनिक बिहार के निर्माताओं में अव्वल स्थान हासिल करने वाले क्रांतिवीर शिवनंदन……. की जीवनी- “इतिहासपुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल…..” लिखी है डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने | पुराने स्नेहिल संबंध रखनेवाले बिहार के मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके डॉ.जगन्नाथ मिश्र को इस पुस्तक की एक प्रति जब डॉ.मधेपुरी ने हस्तगत कराई तो डॉ.मिश्र ने डॉ.मधेपुरी की इस कृति पर चन्द शब्दों में यही कहा-

“…………….शिवनंदन बाबू पर लिखी गई इस पुस्तक में शोध और संवेदना का दुर्लभ संगम है | इस पुस्तक का पारायण करते हुए कभी मैं सुखद विस्मय से भर उठता तो कभी गौरव की अनुभूति आंखों से छलक पड़ती | सोचता हूं,  डॉ.मधेपुरी ने अगर यह पुस्तक नहीं लिखी होती तो बिहार की आने वाली पीढ़ी अपने इतिहास के इतने गौरवशाली अध्याय से कैसे अवगत हो पाती………………..”

अंत में डॉ.मिश्र ने इस पुस्तक के बारे में यहां तक लिख डाला है कि यह विचार का ऐसा पुंज है जो कितने भटके हुए को राह दिखायेगी……….|

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बापू के विचारों को गांवों तक पहुंचायेंगे मधेपुरी- डीएम

आज जहाँ पूरा देश चम्पारण सत्याग्रह के सौ साल पूरे होने पर उत्सव मना रहा है, वहीं हमारा बिहार उत्सवधर्मिता के आनंदातिरेक में डुबकियाँ लगा रहा है | आज देश भर के 2972 स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करेंगे एस.के.मेमोरियल हॉल पटना में महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार | जो स्वतंत्रता सेनानी नहीं आ पाएंगे उन्हें आज ही घर पर जाकर पदाधिकारीगण सम्मानित करेंगे |

एक ओर जहाँ जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल अपने समाहरणालय स्थित बापू की प्रतिमा के समीप एसपी विकास कुमार, डीडीसी मिथिलेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, एएसपी राजेश कुमार, डीपीओआर मो.क्यूम अंसारी, नप के कार्यपालक मनोज कुमार पवन, श्रम अधीक्षक सुबोध कुमार, डॉ.गदाधर पाण्डेय, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित अन्य गण्यमान्यों व कर्मियों के साथ “स्वच्छता में ईश्वर के बास” की संकल्पना को साकार करने में लगे दिखाई दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार भारत को आजादी दिलाने वाले सभी जीवित स्वतंत्रता सेनानियों को पटना के एस.के. मेमोरियल हॉल में गमान्य एवं महामहिम की उपस्थिति में सम्मानित करने जा रहे हैं |

DM Md.Sohail departing AC Coach of Freedom Fighters in presence of DDC Mithilesh Kumar , Dr.Madhepuri , NDC Mukesh Kumar , Lab Superintendent Subodh Kumar , SDM Sanjay Kumar Nirala and others at Samaharnalaya Campus Madhepura.
DM Md.Sohail departing AC Coach of Freedom Fighters in presence of DDC Mithilesh Kumar , Dr.Bhupendra Madhepuri , NDC Mukesh Kumar , Lab Superintendent Subodh Kumar , SDM Sanjay Kumar Nirala and others at Samaharnalaya Campus Madhepura.

बता दें कि मधेपुरा समाहरणालय परिसर में रविवार को सवेरे जब जिले से जाने योग्य सेनानियों को उनके परिजनों के साथ एसी कोच में सारी सुविधाओं, डॉक्टरों सहित एक एम्बुलेंस देकर संवेदनशील जिलाधिकारी मो.सोहैल द्वारा हरी झंडी दिखाने से पूर्व कोच के ड्राइवर को यह कहा जा रहा था – “ये सभी देश के धरोहर हैं….. गाड़ी धीरे चलाना, रोड ब्रेकर पर आहिस्ता पार करना….. जहां रोकने बोले तुरंत रोक देना……. ऐसे भाव के साथ ले जाना जैसे तुम्हारे अपने दादा-दादी या चाचा-चाची ……हों” –  को सुनकर सभी संवेदनशील आत्माओं के धारकों की आंखें कुछ देर के लिए नम हो गईं | डीएम मो.सोहैल ने आगे यह भी कहा कि वापस आने पर सबों को जिला अतिथिगृह में ठहराने और भोजन कराने की समुचित व्यवस्था रहेगी…….  फिर  ससम्मान उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचा दिया जायेगा |

DM Md.Sohail (IAS) discussing with Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri regarding arrangement of "Gandhiyan Vyakhyan Mala" in all the 13 blocks of the District Madhepura.
DM Md.Sohail (IAS) discussing with Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri regarding arrangement of “Gandhiyan Vyakhyan Mala” in all the 13 blocks of the District Madhepura.

यह भी जानिए कि जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने लगे हाथ शिक्षाविद समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से कहा कि गांधी व्याख्यानमाला के लिए कुछ विद्वान लोगों की टीम बनाएं और स्थानीय कला भवन में 17 अप्रैल को एवं निर्धारित कार्यक्रमानुसार सभी प्रखंडों में भिन्न-भिन्न तिथियों और अलग-अलग महीनों में वहां के बीडीओ, सीओ, प्रमुख व मुखियागणों के सहयोग से गांव के लोगों तक बापू के विचारों को फैलाव दें | डीएम मो.सोहैल ने डॉ.मधेपुरी से यह भी कहा कि आने-जाने व अन्य आवश्यक व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जायेगी |

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मधेपुरा में पहली बार मनी बी.पी.मंडल की पुण्यतिथि

सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल की जयन्ती स्थानीय बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों द्वारा शुरू से ही मनाई जा रही है | कालान्तर में जहाँ केंद्र सरकार द्वारा उनके नाम पर डाक टिकट जारी किया गया वहीं बिहार सरकार द्वारा राजकीय जयन्ती घोषित की गयी |

तभी से जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक वर्ष 25 अगस्त को उनके पैतृक गांव ‘मुरहो‘ में उनके समाधि-स्थल के पास उनकी राजकीय जयन्ती जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उत्सवी माहौल में मनाई जाने लगी है | इस समारोह में राष्ट्रीय स्तर के नेता वी.पी.सिंह, शरद यादव, रामविलास पासवान……. आदि से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव सहित प्रतिवर्ष एक मंत्री आते ही रहे हैं | अब केवल शेष रह गया हैं- उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करना जिसके लिए मधेपुरा के समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी व अन्य बराबर आवाज उठाते रहते हैं |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri paying venerable respect to the statue of Social Reformer B.P.Mandal at BP Mandal Chowk Near Samaharnalaya Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri paying venerable respect to the statue of Social Reformer B.P.Mandal at BP Mandal Chowk Near Samaharnalaya Madhepura.

उसी मंडल मसीहा को उनकी पुण्यतिथि (13 अप्रैल) पर पहली बार याद किया है मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने | डीएम के नेतृत्व में जहाँ प्रशासन की ओर से एसपी विकास कुमार, डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, एडीएम मो.मुर्शीद अहमद, डीपीआरओ मो.क्यूम अंसारी, श्रम अधीक्षक सुबोध कुमार, अंचलाधिकारी मिथिलेश कुमार, एनडीसी मुकेश कुमार आदि की उपस्थिति रही वहीं दूसरी ओर बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों की ओर से डॉ.अरुण कुमार मंडल, पूर्व विधायक मणिन्द्र कुमार मंडल उर्फ ओमबाबू, डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी , प्रो.श्यामल किशोर यादव, मो.शौकत अली एवं अन्य की उपस्थिति प्रातः 10:00 बजे से पूर्व से ही बी.पी.मंडल चौक पर देखी गई |

बता दें कि डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) की मंडल चौक पर आने से पूर्व उपस्थित जनों से डी.एम. से हुई बातों की चर्चा करते हुए समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने कहा कि यदि सबों का सहयोग उन्हें (डी.एम को)  मिले तो वे मंडल समाधि-स्थल को भव्य संग्रहालय के अतिरिक्त अन्य उत्कृष्ट पुरातात्विक सामग्रियों से सजाकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ऊंचाई प्रदान कर सकते हैं |

यह भी जानिए कि डीएम मो.सोहैल ने समाहरणालय के समीप वाले बी.पी. मंडल चौक स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धांजलि स्वरुप सर्वप्रथम माल्यार्पण किया और तत्पश्चात उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों द्वारा सामाजिक न्याय के उस पुरोधा बी.पी.मंडल को श्रद्धा पूर्वक पुष्पांजलि अर्पित की गई |

इसी के साथ मीडिया कर्मियों की उपस्थिति में कार्यक्रमों की समाप्ति की घोषणा की गई |

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और इस तरह राम के भाई थे हनुमान

चलिए, हनुमान जयंती के पावन अवसर पर एक अद्भुत कथा से अवगत कराएं आपको। ये कथा न केवल भगवान राम और उनके सर्वप्रिय भक्त हनुमान से जुड़ी है, बल्कि मधेपुरा के समीप स्थित प्रसिद्ध सिंहेश्वर स्थान से भी जुड़ी है।

पूरी दुनिया राम और हनुमान के बीच भगवान और भक्त का रिश्ता जानती है, है भी। सच तो यह है कि भक्ति में हनुमान की कोई सानी ही नहीं। यह भी सच है कि मर्यादापुरुषोत्तम राम अपने इस भक्त को भाई से कम नहीं मानते थे। उन्होंने अपने मुख से कहा है – तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई। अर्थात् हे हनुमान तुम मुझे मेरे भाई भरत जैसे ही प्रिय हो। चाहे वाल्मीकि रामायण हो, चाहे तुलसीदासरचित रामचरितमानस या रामायण के अन्य सैकड़ों संस्करण, राम और हनुमान के बीच का यह स्नेह सर्वत्र वर्णनातीत है। न तो उसे शब्दों में बांधा जा सकता है और न ही वो किसी संबंधविशेष के दायरे में समा सकता है। फिर भी ये जानना खासा दिलचस्प होगा कि राम और हनुमान केवल भावना से नहीं, रिश्ते से भी भाई थे। भले ही इनकी मुलाकात सुग्रीव के सौजन्य से पहली बार ऋष्यमूक पर्वत पर हुई हो, पर सच यह है कि विधाता ने इनका रिश्ता जन्म के पहले ही जोड़ दिया था। चलिए जानते हैं कैसे।

जैसा कि हम सभी जानते हैं, राजा दशरथ ने पुत्रप्राप्ति की कामना से ऋष्य़ श्रृंग, जिनका आश्रम मधेपुरा के समीप स्थित सिंहेश्वर में था, को बुलाकर पुत्रेष्ठि यज्ञ करवाया था। इस यज्ञ के पूर्ण होने पर अग्निदेव एक पात्र में खीर लेकर प्रकट हुए, जो राजा दशरथ की तीनों रानियों को खाना था। राजा दशरथ ने यह खीर अभी तीनों रानियों को दिया ही था कि एक पक्षी अचानक आया और खीर का पात्र लेकर उड़ चला। तीनों रानियों के खा लेने के बाद भी खीर के कुछ दाने उस पात्र में रह गए थे। संयोगवश पक्षी के मुंह से खीर का वह पात्र छूट गया और हनुमानजी की माता अंजनी की गोद में जा गिरा जो उस समय स्वयं पुत्र की कामना से तपस्या कर रही थीं। माता अंजनी ने उस खीर को भगवान शिव का प्रसाद समझकर खा लिया और उस खीर के प्रताप से दशरथ की तीनों रानियों की तरह वो भी गर्भवती हो गईं।

समय आने पर दशरथ के घर राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघन का जन्म हुआ, तो दूसरी ओर माता अंजनी ने हनुमान को जन्म दिया। इस तरह भगवान राम और उनके अप्रतिम भक्त हनुमान के बीच एक अनजाना रिश्ता जुड़ा था, जो भाई-भाई का था। इस बात की सत्यता इससे भी प्रमाणित होती है कि राम और हनुमान के जन्मदिवस में मात्र छह दिनों का अंतर है।

सौजन्य: मंटो बाबू

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राष्ट्रपिता गांधी के ताजिंदगी लंगोटी धारण करने का राज !

एक ओर जहां बिहार के क्रांतिकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा गांधी के चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष पर 16 अप्रैल से 2018 के बिहार दिवस की पूर्व संध्या तक इसे नये-नये कार्यक्रमों के साथ हर माह समारोहपूर्वक उत्सवी माहौल में मनाये जाने का उद्घोष किया गया वहीं दूसरी ओर मधेपुरा के झल्लूबाबू सभागार में अति संवेदनशील एवं डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल (भा.प्र.से.) द्वारा इस दरमियान बारहों महीने में आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों के नतीजों से समाज के अंतिम व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की पुरजोर चर्चाएं कई घंटों तक पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों के बीच की जाती रही |

यह भी बता दें कि कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी डी.एम. मो.सोहैल ने कहा कि 16 अप्रैल को जिला मुख्यालय से लेकर पंचायत के हर गांव व टोले में सफाई अभियान चलाया जायगा, 17 अप्रैल को प्रातः गांधी पदयात्रा का आयोजन, दिन में गांधी व्याख्यान का आयोजन और शाम में अलग-अलग संस्था द्वारा गांधी के विचारों पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया जायेगा |

जिले के सभी प्रखंडों के बीडीओ, सीओ और सभी महिला पदाधिकारियों सहित दोनों अनुमंडल के एसडीएम, डीपीआरओ, डीईओ, डीआईओ, डीडीसी, एसपी, सहित समाजसेवियों को संबोधित करते हुए डीएम मो.सोहैल ने जहां यह कहा कि बिहार की धरती पर बापू के चंपारण सत्याग्रह को सौ साल पूरे होने पर 1 वर्ष तक हर माह अलग-अलग थीम यानी कभी कुष्ट निवारण तो कभी टीवी उन्मूलन, कभी नारी सशक्तिकरण तो कभी नशा मुक्तिकरण…….. आदि पर कार्यक्रम आयोजित होता रहेगा वहीं समाजसेवी साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने कहा कि “अप्रैल 1917 को गांधी को चंपारण की धरती पर स्वागत करने वालों में किसान राजकुमार शुक्ल, डॉ.अनुग्रह नारायण सिंह और वही जे.बी.कृपलानी थे……  जो आजादी के बाद मधेपुरा से प्रथम सांसद चुने गये | यह कहते हुए उन्होंने कहा कि अपने अतीत को जाने बिना ना तो हम अपने भविष्य को गढ़ सकेंगे और ना ही वर्तमान में एक कदम आगे बढ़ सकेंगे | डॉ.मधेपुरी ने विस्तार से बापू को लगी तीन गोलियों की कहानी भी कहीं और विस्तार से गरीब महिला के वस्त्र के अभाव में 7 दिनों से नहीं नहाने की बात कस्तूरबा से सुनकर बापू ने ताजिंदगी लंगोटी धारण करते रहने की ठानी थी तथा शोषण के विरुद्ध निर्भीक होकर अंग्रेजी हुकूमत से लड़ने की भी प्रतिज्ञा ली थी |

जहां अपने अनुभवों को बांटते हुए एसपी विकास कुमार ने बापू की तरह खुद पर प्रयोग कर निरामिष होने, क्रोधमुक्त होने और नशामुक्त होने पर विस्तार से चर्चा की वहीं डीडीसी मिथिलेश कुमार, एडीएम मुर्शिद अहमद, एसडीएम संजय कुमार निराला, सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पाण्डेय, डीपीआरओ मो.कयूम अंसारी, शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद यादव, श्यामल कुमार सुमित्र सहित मीडिया के तुर्वसु उर्फ बंटी, प्रो.प्रदीप कुमार झा आदि ने भी अपने मूल्यवान विचारों से सदन को अवगत कराया |

अंत में जिलाधिकारी मो.सोहैल ने सदन को जानकारियां दी कि 16 अप्रैल को जिले के सीमा पर गम्हरिया में “चंपारण सत्याग्रह द्वार” का शिलान्यास किया जायेगा और जिले के छोटे-बड़े सभी कार्यालय कक्षों में राष्ट्रपिता गांधी की तस्वीर होगी | उन्होंने यह भी कहा कि सभी प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक स्कूलों में प्रार्थना के बाद गांधी जी का भजन गाया जायेगा तथा होने वाली चेतना सभा में गांधी जी की छोटी कहानियों का वाचन होगा और बापू पर कहानियां लिखने के लिए स्कूली बच्चों को प्रेरित भी किया जायेगा | अंत में डी.एम. मो.सोहैल ने कहा कि ‘बापू आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक पंचायत में दो-दो लोगों की टीम घर-घर जाकर घर के मुखिया का अभिवादन करेंगे और घर के लोगों को बुलाकर गांधी के संदेश साझा करेंगे……| गांधी शैली में सभी कार्यक्रम होंगे……. जहां-जहां गांधी की प्रतिमा है वहां मूर्ति पर माल्यार्पण करने के बाद दरी बिछाकर अन्य कार्यक्रम किये जायेंगे |

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बिहार में शराबबंदी के बाद दहेजबंदी का बिगुल

शराबबंदी की सफलता से उत्साहित बिहार की नीतीश सरकार अब समाज-सुधार का एक और बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। खास बात यह कि इस सुधार की प्रेरणा-स्रोत भी शराबबंदी की तरह महिलाएं हैं और शोषण व पीड़ा से उनकी मुक्ति ही इसका केन्द्रीय उद्देश्य है। जी हां, इस बार सरकार जिस कुरीति के विरुद्ध बिगुल फूंकने जा रही है, वो है सदियों से हमारे समाज को डंसती आ रही दहेज की प्रथा। इसी के साथ बालविवाह के खिलाफ भी लड़ाई तेज होगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समाज कल्याण विभाग के कामकाज की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरुद्ध बड़े जागरूकता अभियान की योजना बनाएं।

गौरतलब है कि पिछले सोमवार को महिलाओं के लिए विशेष रूप से आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में एक युवती ने मुख्यमंत्री को यह परामर्श दिया था कि वह शराबबंदी की तरह ही दहेजबंदी का अभियान चलाएं। वहीं एक युवती ने बालविवाह को लेकर सलाह दी थी कि ऐसा कानून बनना चाहिए कि जब तक लड़की की पढ़ाई पूरी न हो जाए तब तक उनकी शादी नहीं हो। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण बात है कि अब महिलाएं इन मुद्दों को लेकर मुखर हैं। उन्होंने दहेज और बालविवाह के विरुद्ध चलाए जाने वाले अभियान को कारगर और प्रभावी बनाने के लिए निर्देश दिया कि प्रस्तावित कैंपेन में समाज कल्याण विभाग स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास विभाग को भी साथ ले।

इस बैठक में नीतीश कुमार ने ‘मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना’ के सभी अवयवों की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह बात सामने आनी चाहिए कि इन योजनाओं से कितने लोगों को लाभ हुआ है। मुख्यमंत्री ने कन्या सुरक्षा योजना की बात भी कही। इसके अतिरिक्त बालविवाह प्रतिरोध अधिनियम 2006, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन, फूड सेफ्टी एंड न्यट्रिएंट, आंगनबाड़ी संचालन, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना, शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना, पुनर्वास गृह, बसेरा, वृद्धा आश्रम निर्माण एवं नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना पर भी चर्चा की गई। समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा, समाज कल्याण विभाग की प्रधान सचिव वंदना किनी एवं महिला विकास निगम की प्रबंध निदेशक एन विजयलक्ष्मी इस महत्वपूर्ण बैठक का हिस्सा रहीं।

 

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तो नीतीश सरकार लालू परिवार से जुड़े मामले की जांच कराएगी!

पटना के चिडियाघर (संजय गांधी जैविक उद्यान) में बिना टेंडर के 90 लाख की मिट्टी भराई का मामला तूल पकड़ चुका है। मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने मामले की जांच के लिए संबंधित फाइल तलब की है। कहा जा रहा है कि आरोप की जांच के लिए राज्य सरकार कमेटी बना सकती है। ऐसे में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, हालांकि उन्होंने आरोप को निराधार बताते हुए सरकार से स्वयं जांच कराने का आग्रह किया था।

गौरतलब है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आरजेडी सुप्रीमो के दोनों मंत्री बेटों पर पटना के एक निर्माणाधीन मॉल की मिट्टी पटना के चिड़ियाघर को ‘अवैध’ तरीके से बेचने का आरोप लगाया था। बताया जाता है कि उक्त मॉल बिहार का सबसे बड़ा मॉल है और जिस कंपनी द्वारा यह मॉल बनाया जा रहा है उसमें लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव, छोटे बेटे तेजस्वी यादव और एक बेटी चंदा यादव डायरेक्टर हैं।

आरजेडी सुप्रीमो ने इस पूरे मामले को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने उल्टा यह दावा किया कि मिट्टी बेचना तो दूर उनका परिवार चिड़ियाघर को गाय का गोबर तक मुफ्त में देता है। उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने तो सख्त अंदाज में सुशील मोदी पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की बात कही है। ध्यान रहे कि तेज प्रताप नीतीश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के साथ-साथ वन एवं पर्यावरण मंत्री भी हैं। यह मामला इसी विभाग का है।

उधर संजय गांधी जैविक उद्यान के निदेशक नंद किशोर ने कहा कि वन विभाग में ठेके पर काम कराने की कोई प्रथा नहीं है। विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से ही काम कराया जाता है। उन्होंने कहा कि चिड़ियाघर में मिट्टी की आवश्यकता थी, इसलिए यह काम एमएस इंटरप्राइजेज को दिया गया। वह कहां से मिट्टी ला रही है, इसकी जानकारी वन एवं पर्यावरण विभाग को नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इस काम में नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है।

बहरहाल, इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुप हैं। अब जबकि मुख्य सचिव ने मामले की फाइल तलब की है, ये कयास लगाए जा रहे हैं कि अपने दामन को पाक-साफ बताने के लिए सरकार संभवत: इसकी जांच करा सकती है। अगर ऐसा होता है तो आने वाले दिनों में राज्य की सियासत और गरमाएगी, इसमें कोई दो राय नहीं।

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तुलसी पब्लिक के राहुल राज बने हैंडरायटिंग ओलंपियाड के बिहार चैंपियन

तुलसी पब्लिक स्कूल के वर्ग 4 का 11 वर्षीय राहुल राज  को“अंग्रेजी हैंडराइटिंग ओलंपियाड- 2016-17” के ग्रुप-सी में सूबे बिहार में प्रथम स्थान आया | सोचिए तो सही, संकल्प और जुनून से किस कदर लैस होगा यह बालक राहुल जिसके पिताश्री पंकज कुमार टी.ई.टी. शिक्षक के रूप में पुरैनी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खैरो में मात्र 21 दिनों तक ही छात्रों को पढ़ाने के बाद दुनिया को अलविदा कह दिया |

यूँ तो बचपन से ही राहुल का टैलेंट अपना प्रभाव चारों ओर तेजी से बिखेरने लगा था | उसकी प्रतिभा और लगन को देखकर ही टी.पी.एस.  के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र ने विद्यालय द्वारा उसे गोद लेने का एलान भी कर दिया और तब से राहुल के पठन-पाठन की पूरी जिम्मेदारी स्कूल की हो गई है | सचमुच, हर किसी की मेहनत उसे मंजिल तक पहुंचा ही देती है बशर्ते वह राहुल की तरह निरंतर कोशिश को रफ्तार देते रहने की ठान ले |

यह भी बता दें कि बच्चों के पठन-पाठन की सामग्रियों के निर्माता के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त “क्लासमेट कम्पनी” द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर वर्ग-1 से 12 तक 3 ग्रुपों (A-12 से 9 तक) (B-8 से 5 तक) एवं (C-4 से 1 तक) के लिए “इंग्लिश हैंडराइटिंग ओलंपियाड” का आयोजन किया गया जिसमें राज्य स्तर पर छात्र-छात्राओं का चयन हुआ उनमें तीन कोसी के ही लाल हैं- ग्रुप-सी. में प्रथम रैंक पर राहुल राज (मधेपुरा) एवं द्वितीय पर मो.नूरानी (सहरसा) तथा ग्रुप-बी में प्रथम रैंक पर नेहा कुमारी | शेष तीन में दो भागलपुर एवं एक छपरा ले गया |

इस ओलंपियाड के कोसी जोन संयोजक श्री संजय कुमार ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर 23 अप्रैल को मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में इस हैंडराइटिंग ओलंपियाड के ग्रैंड फिनाले का भव्य आयोजन होगा जहां पहुंचने के लिए सभी सफल प्रतियोगी को स्थान व रूट बता दिया गया है | उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल स्तर पर सफल होने वाले प्रतिभागी को वहीं आयोजित भव्य समारोह में पुरस्कार व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जायेगा |

मधेपुरा अबतक द्वारा जब राहुल राज से यह पूछा गया कि आगे वह क्या बनना चाहता है- वैज्ञानिक, कलाकार या और…….. कुछ, के जवाब में राहुल ने कहा ‘IAS कम्पीट कर डीएम’ ! भला क्यों नहीं मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल की देशभक्ति व सेवाभाव बड़ों को ही नहीं बल्कि मधेपुरा के बच्चों को भी सजीव ढंग से प्रभावित किया है |

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दिल्ली में बिहारी दंगल

बिहार में भले ही जेडीयू, आरेजडी और कांग्रेस मिलकर सरकार चला रही हैं लेकिन ‘इंद्रप्रस्थ’ की कुर्सी के लिए तीनों पार्टियां एक-दूसरे से जोर-आजमाइश करती नज़र आएंगी। जी हां, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में इन तीनों दलों के दिग्गज हाथ आजमाने जा रहे हैं। जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जहां बिहार में महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस से अलग ताल ठोकने की तैयारी में हैं, वहीं लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान भी जोर-आजमाइश में जुटे हुए हैं। उधर प्रदेश भाजपा के नेता अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार में जाने को कमर कस चुके हैं वो अलग। एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली की करीब 1 करोड़ 90 लाख की आबादी में लगभग 40 लाख बिहार और पूर्वांचल के मतदाता हैं, जिन्हें बिहार के सारे नेता अपने-अपने दलों की ओर खींचना चाहते हैं।

वैसे जेडीयू की बात करें तो वह पूरी तैयारी के बाद भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी नहीं उतार सकी थी, लेकिन एमसीडी चुनाव में बिहार से बाहर निकलने का मौका वह अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहती। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार की मानें तो जेडीयू एमसीडी चुनाव में लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। इसके मद्देनजर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी के पक्ष में मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए 9 अप्रैल को उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली में दो रैलियां करने जा रहे हैं। नीतीश कुमार द्वारा दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग करना या अभी हाल ही में जेडीयू का भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाना भी एमसीडी चुनाव के मद्देनज़र मतदाताओं को अपनी ओर लाने का प्रयास माना जा रहा है।
इधर आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी कहा है कि उनकी पार्टी एमसीडी चुनाव में भाग्य आजमाएगी। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में प्रचार के लिए पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित बिहार के कई नेता दिल्ली जाएंगे।

एमसीडी चुनाव को लेकर बिहार महागठबंधन की तरह एनडीए में भी बिखराव देखा जा रहा है। भाजपा के साथ सीटों को लेकर कोई समझौता न होने के कारण लोजपा अकेले ही चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी है। लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान कहते हैं कि पार्टी नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा के साथ गठबंधन करना चाहती थी लेकिन यह नहीं हो सका। उन्होंने कहा, ‘हमें लगता है कि हमारा प्रदेश संगठन चुनाव लड़ने के लिए मजबूत है इसलिए हमने अधिकतम सीटों पर दिल्ली नगर निगम चुनाव लड़ने का फैसला किया है।’
ये तो हुई जेडीयू, आरजेडी और लोजपा की बात। अब जरा भाजपा की भी चर्चा कर लें। भाजपा इन चुनावों को ध्यान में रख बिहार और पूर्वांचल के मतदाताओं को लुभाने के लिए पहले ही दिल्ली की कमान मनोज तिवारी को सौंप चुकी है, जो बिहार से आते हैं। वैसे बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता नंदकिशोर यादव बताते हैं कि एमसीडी चुनाव के प्रचार के लिए बिहार के कई नेता भी दिल्ली जाने की तैयारी कर चुके हैं।

बहरहाल, दिल्ली के इस बिहारी दंगल का परिणाम क्या होता है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन आप, भाजपा और कांग्रेस के स्पष्ट त्रिकोण में बिहार के दिग्गजों के हाथ कुछ लगेगा, इसकी उम्मीद कम ही है।

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