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इतिहास का स्मरण हमें ताकत देता है !

मधेपुरा में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के 75वें वर्षगांठ को उत्साहपूर्वक मनाया गया | सबेरे प्रभात फेरी निकाली गई जिसमें स्कूली बच्चों ने जमकर भाग लिया | दिन के 10:00 बजे से स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में चित्रकला प्रदर्शनी का वृहत आयोजन किया गया | अपराह्न 1:00 बजे से “भारत छोड़ो आंदोलन” पर स्कूली बच्चों द्वारा व्याख्यान एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई | शाम में वहीं पर विभिन्न संगीत विद्यालयों एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का एक-से-एक बेहतरीन प्रदर्शन किया जाता रहा | अंत में कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को- डीडीसी मिथिलेश कुमार की अध्यक्षता में तैयार किये गये प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी,  एस.डी.एम.संजय कुमार निराला, बीडीओ  दिवाकर कुमार आदि द्वारा पुरस्कृत किया गया |

बता दें कि इस अवसर पर स्वच्छता अभियान के तहत जिला मुख्यालय, अनुमंडल मुख्यालय सहित प्रखंड मुख्यालय के कार्यालय परिसरों की जमकर सफाई की गई |

Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, SDM SANJAY KUMAR Nirala, DDC Mithilesh Kumar and Students Celebrating 75th anniversary of Quit India Movement at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, SDM Sanjay Kumar Nirala, DDC Mithilesh Kumar and Students Celebrating 75th anniversary of Quit India Movement at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.

यह भी बता दें कि मध्यान काल में अगस्त क्रांति दिवस (9 अगस्त) मनाने हेतु अनुमंडल कार्यालय परिसर में जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल का आगमन हुआ- जहां पर डीडीसी, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, एलआरडीसी रवि शंकर शर्मा, बीडीओ  दिवाकर कुमार सहित समाजसेवी-साहित्यकार भूपेन्द्र मधेपुरी ने इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में डीएम मो.सोहैल का स्वागत किया |

आरम्भ में डीएम, डीडीसी, एसडीएम, एलआरडीसी, बीडीओ, सहित डॉ.मधेपुरी एवं गणमान्यों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, लाल बहादुर शास्त्री आदि के तस्वीरों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया |

School Kids celebrating ' Bharat Chhoro Aandolan' on 9th. August at Bhupendra Kala Bhawan,Madhepura.
School Kids celebrating ‘ Bharat Chhoro Aandolan’ on 9th. August at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura .

जहाँ गोष्ठी को संबोधित करते हुए डायनेमिक डीएम ने जीर्ण-शीर्ण ट्रेजरी भवन को सुन्दर संग्रहालय बनाने की बात कही वहीँ डीडीसी मिथिलेश कुमार ने एसडीएम संजय कुमार निराला से उसे जिला परिषद को ट्रांसफर करने की चर्चा भी की तथा स्वच्छता के बाबत संकल्प का पाठ भी किया और लोगों ने उसे दोहराया भी |

बीच में गोष्ठी को संबोधित करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में 1942 की अगस्त क्रान्ति की चर्चा करते हुए यही कहा-

“जब 8 अगस्त, 1942 की रात को बम्बई में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सम्मेलन में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का प्रस्ताव पास करने के बाद ‘करो या मरो’ का नारा बुलंद किया गया, तब कुछ ही घंटे बाद नेताओं की धर-पकड़ शुरू हो गयी | वह व्यक्तिगत आंदोलन था | महात्मा गांधी ने उद्घोष किया था कि हर कोई स्वयं सेना भी है और सेनापति भी | तभी तो सरकारी आंकड़े के अनुसार 60 बार सेना को बुलाना पड़ा था ; 60000 आंदोलनकारी गिरफ्तार हुए थे और भारत में 940 लोग गोलियों के शिकार हुए थे…….. सच्चाई कई गुणा ज्यादा थी……… तत्कालीन वायसराय लिनलिथगो ने चर्चिल को लिखा भी था……. 1857 की क्रान्ति थी और यह 1942 की जनक्रांति है |”     

अंत में डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (IAS)  ने जोरदार शब्दों में उपस्थित जनों से यही कहा- “हम सब मिलकर संकल्प लें- भ्रष्टाचार मुक्त भारत का स्वच्छ भारत का, गरीबी मुक्त भारत का, जातिमुक्त भारत का, संप्रदायवाद मुक्त भारत का……… और नए भारत के निर्माण के अपने इन संकल्पों की सिद्धि के लिए हम सब मन, वचन और कर्म से सदा जुटे रहेंगे तब तक जब तक बिहार और हमारा राष्ट्र विकसित नहीं हो जाय |”

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मधेपुरा में ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी ने सैनिकों की कलाई पर बाँधी राखी

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मधेपुरा सहित विभिन्न केंद्रों पर अलौकिक रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन भाई-बहन के अटूट प्रेम, श्रद्धा एवं विश्वास के पर्व के रूप में किया गया । जबकि कलियुग के इस दौर में पत्थर बनते जा रहे अधिकांश इंसानों का ‘दिल’ अब रिश्तों के लिए धड़कना छोड़ता जा रहा है….।

फिर भी….. धरती पर आज भी भाई-बहन के बीच का अलौकिक रिश्ता जिन्दा है । तभी तो ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मधेपुरा शाखा की लोकप्रिय ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी रंजू दीदी  ने राष्ट्र की सुरक्षा में लगे सैनिक भाइयों या फिर समाज की रक्षा करने वाले समाजसेवियों को रक्षासूत्र (राखी) बांधने के बाद यही कहा-

‘भारत की संस्कृति व मानवीय मूल्यों को प्रत्यक्ष करनेवाला, अनेक आध्यात्मिक रहस्यों को प्रकाशित करने वाला एवं भाई-बहन के वैश्विक रिश्तों को याद दिलाने वाला परमात्मा का अमूल्य उपहार है- यह रक्षाबंधन….!’  

रंजू दीदी ने इस अवसर पर सैनिकों-समाजसेवियों को रक्षा सूत्र बांधने से पूर्व यही कहा कि सर्वप्रथम बहन भाई के मस्तिष्क पर तिलक लगाती है- जो शुद्ध, शीतल एवं सुगन्धित जीवन जीने की प्रेरणा देती है ।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri is being tied Rakhi by Rajyogini Ranju Didi & others at Prajapita Brahmakumari Vishwavidyalaya Branch at Madhepura .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri is being tied Rakhi by Rajyogini Ranju Didi & others at Prajapita Brahmakumari Vishwavidyalaya Branch at Madhepura .

आगे ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी ने यह भी कहा कि भाई को मिठाई खिलाने के पीछे यह राज भरा है कि निरन्तर मन और सम्बन्धों का मिठास मिलता रहे….!

इस अवसर पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा- इस बार का यह ‘रक्षाबंधन’ पावन सावन के पाँचवें सोमवार को पड़ने के कारण यह मास और यह दिन भी आशुतोष भगवान शिव को सर्वाधिक प्रिय है । साथ ही डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि देवाधिदेव महादेव शिव की प्रतिमा पर महामृत्युंजय मंत्र के साथ अर्पित किये गये ये रक्षासूत्र सैनिकों, समाजसेवियों एवं गणमान्यों की कलाइयों पर बांधती हुई ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी अंतर्मन से सदैव यही गुनगुनाती रही-

मेरी राखी की डोर, कभी हो ना कमजोर !
भैया ! दे दो……  कलाई बहन आई  है !!

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‘जनादेश अपमान यात्रा’ पर निकले तेजस्वी

9 अगस्त से जनादेश अपमान यात्रा शुरू करने के लिए लालू के छोटे बेटे व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव घर से निकल गए हैं। उनकी मां व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आज आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के समक्ष तिलक लगाकर उन्हें विदा किया। तेजस्वी के साथ उनके बड़े भाई व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव भी गए हैं।

यात्रा पर निकलने से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला और कहा कि कल तक वे संघमुक्त भारत की बात करते थे और आज आरएसएस युक्त बिहार की बात कर रहे हैं। भाजपा नेता व मौजूदा उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बारे में उन्होंने कहा कि उन पर कई मुकदमा है। ‘भाजपा भगाओ, देश बचाओ’ रैली में वे तर्क के साथ अपनी बात रखेंगे।

चम्पारण जाने के क्रम में जैसे-जैसे तेजस्वी का कारवां आगे बढ़ता गया, पार्टी समर्थकों ने हर जगह उनका स्वागत किया। यात्रा के हर पड़ाव पर तेजस्वी अपना अनुभव तस्वीरों के साथ ट्वीट करते रहे। अपने ट्वीट में उन्होंने जनता में आक्रोश होने की बात कही और नीतीश कुमार को चुनाव कराने की चुनौती दी।

बता दें कि तेजस्वी की इस यात्रा का उद्देश्य जनादेश के तथाकथित अपमान के बारे में जनता को बताना और आरजेडी की 27 अगस्त को प्रस्वावित रैली के लिए पटना बुलाना है। पर तेजस्वी से एक बात पूछे बिना नहीं रहा जाता कि आज इन सब बातों में वे जितनी ऊर्जा खर्च कर रहे हैं, उसका थोड़ा अंश उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों पर ‘बिन्दुवार स्पष्टीकरण’ देने में क्यों नहीं खर्च किया? अगर वो ऐसा करते तो महागठबंधन टूटने की नौबत न आती और वो खुद न सही लेकिन उनकी पार्टी सरकार में बनी रहती।

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मधेपुरा में ‘जड़ी-बूटी दिवस’ समारोह का उद्घाटन किया डॉ.मधेपुरी ने

आज 4 अगस्त है और ‘जड़ी-बूटी दिवस’ है | सुखद संयोग भी कि आयुर्वेद के महान ऋषि आचार्यश्री बालकृष्ण का जन्मदिन भी | वर्तमान समय में स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण धरती पर ईश्वरीय वरदान हैं और रोगियों के लिए भगवान हैं तथा ऋषियों में महान हैं |

बता दें कि आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस पर देश भर में पतंजलि से जुड़े लाखों-करोड़ों भाई-बहन जड़ी-बूटी व छोटे-बड़े पौधों के औषधीय गुणों की चर्चा करके तथा उन्हें अपने घर-आंगन में लगा-लगाकर श्रद्धेय आचार्य जी को कोटि-कोटि शुभकामनाएं दे रहे हैं |

इस अवसर पर स्थानीय रासबिहारी उच्च विद्यालय मधेपुरा के परिसर में पतंजलि योग समिति के जिलाध्यक्ष प्रो.नन्दकिशोर एवं महिला पतंजलि प्रभारी प्रो.रीता कुमारी सहित अन्य सभी संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जड़ी-बूटी दिवस का उद्घाटन समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने किया |

कार्यक्रम का श्रीगणेश संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित करते हुए उद्घाटनकर्ता समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, मुख्य अतिथि प्रो.शंभूशरण भारतीय, जिलाध्यक्ष प्रो.नन्दकिशोर, महिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी, प्रधान डाक अध्यक्ष राजेश कुमार, दीपक कुमार, अनुमंडल प्रभारी पी.यदुवंशी, महासचिव डॉ.एन.के.निराला, पशुपति चौरासिया व अन्य ने किया |

सर्वप्रथम डॉ.मधेपुरी ने अपने उद्घाटन भाषण देते हुए यही कहा कि यदि संसार के 200 से अधिक देश जो विश्व योग दिवस के सहयोगी रहे हैं- वहाँ के सभी नर-नारी एक आँख से स्वामी रामदेव के योग और दूसरी आँख से आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताए गये पेड़-पौधों के दिव्य औषधीय गुणों को देखने लगे तो संसार की सारी समस्याओं का समाधान संभव होने लगेगा | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मन की विकृतियों से उत्पन्न रोग का इलाज योग से होगा और आयुर्वेद की जीवन दायिनी जड़ी-बुटियों से शारीरिक रोगों का इलाज होगा |

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रो.शंभूशरण भारतीय ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण से कई अवसर पर उनकी मुलाकात हुई है और उनकी कठोर साधना एवं संघर्ष द्वारा प्राप्त औषधीय ज्ञान का लाभ भी मिला है | प्रो.भारतीय भिन्न-भिन्न औषधीय पौधों की विस्तृत चर्चा से उपस्थित योग बंधुओं एवं योग दीदियों को देर तक बांधे रखा और तालियाँ भी बटोरता रहा |

अंत में डॉ.नंदकिशोर एवं डॉ.एन.के.निराला ने उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं मुख्य अतिथि प्रो.शंभू शरण भारतीय को अंगवस्त्रम आदि के साथ सम्मानित किया | औषधीय पौधों के वितरण के साथ डॉ.निराला ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की |

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तो तेजस्वी को मिल गया शरद का ‘आशीर्वाद’!

राजनीति सचमुच अनिश्चितता का खेल है। इतना अनिश्चित कि यहां प्रतिबद्धता का पता पलक झपकते बदल जाता है और आप हक्के-बक्के रहने के अलावा कुछ नहीं कर पाते। कौन जानता था कि महज 20 महीनों में ऐसी परिस्थिति आएगी कि नीतीश को महागठबंधन छोड़ना पड़ेगा और विधानसभा में उनके साथ बैठना होगा जिनके खिलाफ उन्होंने वोट मांगा था। और कौन जानता था कि तब नीतीश के निर्णय की ‘अध्यक्षता’ कर रहे शरद यादव आज उन्हीं के खिलाफ शुरू हो रही तेजस्वी की यात्रा में शामिल होने की तैयारी कर रहे होंगे।

जी हां, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शरद यादव 8 अगस्त को पटना आएंगे और इस बात के पूरे आसार हैं कि वे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की 9 अगस्त से मोतिहारी से माधोपुर तक होने वाली यात्रा में उनका साथ देंगे। ख़बर है कि वे इस दौरान बिहार में भाजपाविरोधी दलों के साथ मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे। बताया जाता है कि नीतीश से नाराज चल रहे शरद की आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से बातचीत अन्तिम रूप ले चुकी है और तेजस्वी उनसे लगातार संपर्क बना कर चल रहे हैं।

बताया जा रहा है कि शरद यादव ‘तकनीकी’ कारणों से आरजेडी की सदस्यता ग्रहण नहीं करेंगे, लेकिन भाजपाविरोधी लड़ाई में लालू के साथ खड़े नज़र आएंगे। आरजेडी ज्वाइन करने पर उनकी राज्यसभा की सदस्यता खतरे में पड़ सकती है। हां, जेडीयू अगर उन्हें असंबद्ध घोषित कर दे तो उनकी यह ‘बाधा’ दूर हो जाएगी, जैसे आरजेडी द्वारा असंबद्ध मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव की सदस्यता बची हुई है।

बहरहाल, गौरतलब है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव नीतीश के विरोध व लगे हाथ ‘भाजपा भगाओ, देश बचाओ’ रैली की तैयारी के सिलसिले में 8 अगस्त को पटना से मोतिहारी रवाना हो रहे हैं, जहां से 9 अगस्त को उनकी यात्रा विधिवत शुरू होगी। इसके लिए आरजेडी ने भारत छोड़ो आन्दोलन की 75वीं वर्षगांठ को चुना है। इस दिन भाजपाविरोधी अन्य दलों के प्रमुख नेता भी मौजूद रहेंगे।

 

 

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कला एवं कलाकार कभी नहीं मरता !

मधेपुरा के शहीद चुल्हाय मार्ग पर अवस्थित बी.पी.मंडल नगर भवन में नवाचार रंगमंडल के बैनर तले आयोजित मूक अभिनय, नवाचार का काव्यकोश एवं गुल्ली डंडा नामक नाटक का मंचन कर लोगों को सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया |

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रख्यात गांधीवादी विचारक, भागलपुर विश्वविद्यालय में ‘गांधीयन विचार’ पाठ्यक्रम के संस्थापक एवं कुलपति रह चुके पूर्व सांसद डॉ.रामजी सिंह, बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय में विकास पदाधिकारी- परीक्षा नियंत्रक व अन्य कई पदों पर सेवारत रहनेवाले समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, गिरिजा कपिलदेव की प्राचार्या संगीता यादव, प्रधानाचार्य डॉ.बीएन विवेका, डॉ.जवाहर पासवान आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया |

मौके पर उद्घाटनकर्ता डॉ.रामजी सिंह ने कहा कि भारतीय कला और संस्कृति को अक्षुण्ण बनाये रखने की जिम्मेवारी युवाओं की है | डॉ.सिंह ने जहां कहा कि कलाकार खुद के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए जीता है वहीं डॉ.मधेपुरी ने गांधीयन विचारों को जीने वाले उद्घाटनकर्ता की भरपूर सराहना करते हुए यही कहा कि कला और कलाकार कभी मरता नहीं |

बता दें कि सर्वप्रथम मूक अभिनय में कार्तिक कुमार, सुमन कुमार, प्रीति कुमारी, अक्षत शर्मा, गरिमा उर्विशा एवं बमबम कुमार ने बिना कुछ बोले अपनी बातें स्पष्ट रुप से दर्शकों के समक्ष रखने में कामयाब होकर तालियां बटोरते रहे | जहां नाटक गुल्ली डंडा के माध्यम से कलाकारों को ग्रामीण इलाकों में पैसे की लालच में अपने परिवार के सदस्यों के साथ किये जाने वाले अत्याचारों पर करारा चोट किया वहीं नवाचार काव्यकोश के माध्यम से कलाकारों ने स्वरचित एवं प्रख्यात कवियों की रचनाओं को भी प्रशंसनीय भाव-भंगिमा के माध्यम से प्रस्तुति देकर खूब तालियाँ बटोरी |

कार्यक्रम के बीच-बीच में लीजा मान्या, अंजली कुमारी एवं प्रीति कुमारी ने रिकॉर्डिंग डांस कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया | नाटक का निर्देशन अंशु आनंद एवं मिथुन कुमार गुप्ता ने किया |

कार्यक्रम को सफल बनाने में मौजूद कलाकार रहे- सुमित साना, अमित कुमार, अमित अंशु, प्रिया कुमारी, प्रियंका कुमारी, अंजली कुमारी, गरिमा………..सहित दिलीप कुमार, बमबम, सुमन, कार्तिक, अक्षत, लीजा, आदित्य, सज्जन, आशीष, सोनल, चन्दा, नवीन, शिवाली, रौशन, दिलखुश आदि | कला प्रेमियों में अंत तक उपस्थित रहकर कलाकारों को प्रोत्साहित करते रहे- शंभू शरण भारतीय, राकेश कुमार डब्लू, डॉ.अरुण कुमार, सुकेश राणा, डॉ.सुधांशु शेखर, पी.यदुवंशी, ई.बलवंत कुमार यादव, रुपेश कुमार, प्रदीप झा आदि | समारोह का सफल संचालन प्रो.संजय परमार ने किया |

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विश्व साहित्य का अमूल्य धरोहर है तुलसीदास- डॉ.रवि

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के अंबिका सभागार में समारोहपूर्वक तुलसी जयन्ती का आयोजन वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की अध्यक्षता में संपन्न हुआ |

सर्वप्रथम गोस्वामी तुलसीदास के चित्र पर कौशिकी के संरक्षक डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि ,पूर्व सांसद सह संस्थापक कुलपति, अध्यक्ष हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ, सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, उपसचिव श्यामल कुमार सुमित्र सहित सभी साहित्यानुरागियों एवं तुलसी पब्लिक स्कूल के छात्रों व गणमान्यों के द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई |

बता दें कि साहित्यकार शलभ ने विनयपत्रिका के एक गीत का सस्वर पाठ किया और अपने संबोधन में कहा कि जब हिन्दू धर्म में ही अनेक पंथ अवतरित होकर एक दूसरे पर प्रहार कर रहे थे तब अकेले तुलसी ने धर्म के रक्षार्थ ऐसे चरितनायक की रचना की जिन्होंने धरती को निशिचर विहीन कर धरती पर रामराज स्थापित किया |

इस अवसर पर जहाँ यशस्वी साहित्कार डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप ने तुलसी की समन्वय-साधना, उनकी प्रगतिशीलता एवं परिस्थितियों के अनुकूल नवीन दृष्टिकोण अपनाने की कुशलता के चलते उन्हें लोकनायक की संज्ञा दी वहीं मधेपुरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका  ने सुन्दरकाण्ड की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि जब समाज में विश्रृंखलता उत्पन्न होकर उसकी गति को अवरुद्ध करने लगी तब सौंदर्य, शील और शक्ति के साथ तुलसी के मर्यादा- पुरुषोत्तम राम का आविर्भाव होता है एवं सेवक हनुमान का पराक्रम  परिलक्षित होने लगता है |

यह भी बता दें कि तुलसी को शुरू में कामी और बाद में रामानुगामी कहने वाले हिन्दी साहित्य के कई दर्जन पुस्तकों के रचनाकार व डी.लिट. प्राप्त डॉ.विनय कुमार चौधरी ने जहां तुलसी की काव्य भाषा की अद्भुत एवं मनमोहक शास्त्रीय समीक्षा प्रस्तुत की वहीं सम्मेलन के सचिव डॉ.मधेपुरी ने काम और राम के अद्भुत एवं विपरीत ध्रुवों वाले संबंध को बताते हुए यही कहा-

         जहाँ काम तहाँ राम नहीं, जहाँ राम नहीं काम !

         तुलसी कबहूँ ना रहि सके, रवि रजनी एक ठाम !!      

इसी क्रम में जहाँ दशरथ प्रसाद सिंह कुलिश एवं पूर्व कुलसचिव शचीन्द्र महतो ने रामायण काल की आर्थिक समीक्षा करते हुए यही कहा कि तुलसी का काव्य इसलिए श्रेष्ठ है कि उनके हृदय से निकले हुए भाव सीधे उनकी रचना में प्रवेश पा लेता है वहीं अधिवक्ता संतोष सिन्हा ने कहा कि तुलसी ने तत्कालीन बौद्ध सिद्धों एवं नाथ योगियों की चमत्कारपूर्ण साधना करके राम के लोकसंग्रही स्वरुप की स्थापना की |

अंत में अपने आशीर्वचन में सम्मेलन के संरक्षक व संस्थापक कुलपति डॉ.रवि ने तुलसी के मानस को स्वान्तः सुखाय के साथ-साथ परजन हिताय का संयोग कहा और डॉ.सिद्धेश्वर एवं डॉ.विनय को विशेष आशीर्वचन देते हुए यही कहा कि इन्हें सुनकर सर्वाधिक प्रसन्नता इस बात की हुई कि मधेपुरा में अब साहित्य की धारा सदा गतिशील रहेगी । डॉ.रवि ने तुलसी को पूर्णतया समन्वयवादी संतकवि कहा |

इस अवसर पर अंततक उपस्थित अधिवक्ता भोला प्रसाद सिन्हा, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.अरविंद श्रीवास्तव, डॉ.श्यामल कुमार सुमित्र, उल्लास मुखर्जी, रघुनाथ यादव, शिवजी साह, बलभद्र यादव, कमलेश्वरी यादव, राकेश कुमार द्विजराज, किशोर श्रीवास्तव, विजय कुमार झा स्थापना आदि को सचिव डॉ.मधेपुरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

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पुण्यतिथि पर भारतरत्न डॉ.कलाम याद किये गये

तुलसी पब्लिक स्कूल मधेपुरा के हॉल में कल गुरुवार को गाँधीयन मिसाइल मैन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की तीसरी पुण्यतिथि प्राचार्य डॉ.हरिनंदन प्रसाद यादव की अध्यक्षता में स्कूली बच्चों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं के बीच श्रद्धापूर्वक मनाई गई |

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में डॉ.कलाम के सानिध्य प्राप्त समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी को आमंत्रित किया गया था | वही डॉ.मधेपुरी जिन्होंने कलाम साहब की जीवनी “स्वप्न ! स्वप्न !! और स्वप्न !!! एवं “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” की रचना की है | हाल ही में झारखंड सरकार ने डॉ.मधेपुरी की पुस्तक “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” के सर्वाधिक अंशों को वर्ग छः के पाठ्यक्रम में शामिल कर पढ़ाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है |

Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute to Dr.Kalam on the occasion of his 3rd Punya Tithi in the Hall of Tulsi Public School Madhepura .
Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute to Dr.Kalam on the occasion of his 3rd Punya Tithi in the Hall of Tulsi Public School Madhepura .

यह भी बता दें कि पुण्य तिथि के अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने भारतरत्न डॉ.कलाम के जीवन वृत्त से अवगत कराते हुए बच्चों से यही कहा कि सूरज की तरह चमकने के लिए सूरज की तरह जलना पड़ता है | आगे डॉ.मधेपुरी ने बच्चों के आत्मविश्वास को जगाने हेतु नेत्रहीन कंचन गावा एवं पोलियो ग्रस्त विल्मा की कहानी विस्तार से सुनाई और यह भी कहा कि आत्मविश्वास दुनिया में कोई भी चमत्कार कर सकता है, उन्होंने कहा कि जो औरों के लिए जीता है, जो देश के लिए जीता है वह कभी नहीं मरता |

डॉ.कलाम सरीखे विश्व विख्यात गांधीयन मिसाइलमैन के लिए भारत जैसे देश ही नहीं बल्कि विश्वस्तरीय संगठन यूएनओ द्वारा उनके जन्मदिन को वर्ल्ड स्टूडेंट डे के रुप में मनाये जाने की घोषणा की गई है | देश के प्रधानमंत्री और तमिलनाडु के महामहिम राज्यपाल जैसी हस्तियां उनकी पुण्यतिथि पर भव्य कार्यक्रमों में सिरकत करते हैं |

बता दें कि सर्वप्रथम डॉ.कलाम के चित्र पर पुष्पांजलि किया बच्चों ने, शिक्षकों एवं गणमान्यों ने | छात्र-छात्राएँ- आस्था प्रिया, प्रियांशु, शाहिल, अमन कुमार, सत्यमेव आदि ने भाषण देकर शब्दों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की | शिक्षक समुदाय से वरुण कुमार, विभीषण, नरेश, पूजा, रेणु, रिया, शिवानी, मुन्नू, निर्मल, आशुतोष झा, राहुल कुमार, मनीषा, उत्सव, गौरव, रोजी आदि ने अपना-अपना उद्गार व्यक्त किया |

अंत में डॉ.प्राचार्य डॉ.हरिनन्दन प्रसाद यादव द्वारा जहाँ धन्यवाद ज्ञापित किया गया वहीं रंगकर्मी विकास द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशंसनीय भूमिका अदा की गई |

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समाज सुधारक डॉ.विन्देश्वर पाठक ने किया कोसी के सत्यम को सम्मानित

‘वॉयस ऑफ़ बिहार’ के सुनहरे बैनर तले दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित बिहार प्रतिभा सम्मान समारोह में 2017 के सिविल सर्विसेज (UPSC) में चयनित कोसी अंचल के सहरसा जिले के सफल प्रतिभागी छात्र सत्यम ठाकुर को ‘बिहार गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया ख्याति प्राप्त समाज सुधारक एवं सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ.विन्देश्वर पाठक ने |

इस कार्यक्रम में बिहार में डीजीपी रहे, सुपर-30 के ख्याति प्राप्त शिक्षक अभयानन्द(IPS) जिन्होंने जिंदगी को कभी पीछे मुड़कर अफसोस की दृष्टि से नहीं देखा के साथ-साथ ‘वॉयस ऑफ़ बिहार’ के संस्थापक ब्रजेश ठाकुर और दिल्ली के डिप्टी मेयर सहित अन्य गणमान्यों के बीच सहरसा जिले के चैनपुर निवासी सत्यम ठाकुर को डॉ.बिंदेश्वर पाठक ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया |

यह भी बता दें कि वर्ष 2017 के सिविल सेवा में बिहार से चयनित सत्यम सहित सोलह सफल प्रतियोगियों को तो सम्मानित किया ही गया साथ ही संगीत, साहित्य, खेल एवं उद्यम के क्षेत्र में बिहार का नाम रौशन करने वाले युवाओं को भी सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर भारत के जूनियर हॉकी टीम को विश्वकप जिताने वाले कोच श्री हरेन्द्र सिंह, प्रसिद्ध लोकगीत गायिका वंदना भारद्वाज, लेखिका पल्लवी प्रकाश, युवा साहित्यकार नीलोत्पल मृणाल आदि को भी सम्मानित किया गया |

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सीएम ने मधेपुरा डीएम को उनकी अनूठी पहल के लिए किया सम्मानित

बिहार और बिहार की सीमा के पार के लोगों द्वारा विकास पुरुष से सम्मानित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित विश्व युवा कौशल दिवस कार्यक्रम के अवसर पर कौशल विकास कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करनेवाले सात जिलाधिकारियों एवं कुशल युवा कार्यक्रम के 10 सर्वोत्तम प्रशिक्षण केंद्रों को सम्मानित किया | मौके पर प्रशिक्षण में अव्वल रहे छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया |

जहां मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने कुशल युवा प्रशिक्षित छात्रों के लिए नये रोजगार के विकल्प के तौर पर जीएसटी ऑपरेटर्स बनाने की राह तैयार की है वहीं नीतीश सरकार ने इस स्कीम को मॉडल के रूप में पूरे सूबे में लागू करने का निर्णय भी ले लिया है |

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विश्व कौशल विकास दिवस पर बिहार के 38 में से जिन सात जिले के जिलाधिकारियों को सम्मानित किया, वे जिले हैं- मधेपुरा, सहरसा, कटिहार, बेगूसराय, लखीसराय, बक्सर और मधुबनी तथा सम्मानित होने वाले डीएम क्रमशः- मो.सोहैल, विनोद सिंह गुंजियाल, मिथिलेश मिश्रा, मो.नौशाद यूसुफ, सुनील कुमार, रमन कुमार एवं शीर्षत कपिल अशोक |

हाँ ! इसके अतिरिक्त इस कार्यक्रम की देख-रेख करनेवाली कंपनी एम.के.सी.एल. के सीईओ विवेक सावंत, दीघा घाट ITI के उप-प्राचार्य के रूप में राहुल कुमार तथा घोघरडीहा के सर्वोत्तम प्राचार्य के रूप में अतुल रंजन को भी विकास पुरुष नीतीश कुमार के हाथों सम्मानित होने का अवसर प्राप्त हुआ |

यह भी जानिए की जन निजी सहभागिता के तहत चलाये जा रहे विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सर्वश्रेष्ठ मुंगेर संस्थान को मुख्यमंत्री द्वारा एक लाख का पुरस्कार दिया गया | साथ ही विज्ञान भवन में जो प्रदर्शनी लगाई गई उसे भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सहयोगी मंत्रियों राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (योजना विकास मंत्री), मंजू वर्मा (समाज कल्याण मंत्री), महेश्वर हजारी (नगर विकास मंत्री) एवं विजय प्रकाश (श्रम संसाधन मंत्री) आदि के साथ घूम-घूमकर देखा और सराहना करते हुए अपना-अपना विचार व्यक्त किया |

इसी क्रम में श्रम संसाधन सचिव दीपक कुमार ने भावोद्गार व्यक्त करते हुए यही कहा कि मात्र 7 महीने में  सूबे में कौशल विकास केंद्रों की संख्या 48 से बढ़कर 1136 हो गई है और नामांकित प्रशिक्षणार्थियों की संख्या 1978 से बढ़कर एक लाख तेरह हज़ार हो गई है | अब तक मात्र 40 प्रखंड ऐसे बचे हैं जहां कौशल विकास केंद्र अपना दस्तक नहीं दे पाया है |

अंत में यह कि राज्य सरकार द्वारा डीएम को सम्मानित किये जाने पर शहरवासियों ने खुशी जतायी है | समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं शिक्षाविद प्रो.श्यामल किशोर यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में जिले के विकास के लिए डीएम मो.सोहैल के कार्यों की सराहना की और शुभकामनाएं दी |

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