Navachar Rang Mandal performance at BP Mandal Nagar Bhawan , Shahid Chulhaye Marg Madhepura .

कला एवं कलाकार कभी नहीं मरता !

मधेपुरा के शहीद चुल्हाय मार्ग पर अवस्थित बी.पी.मंडल नगर भवन में नवाचार रंगमंडल के बैनर तले आयोजित मूक अभिनय, नवाचार का काव्यकोश एवं गुल्ली डंडा नामक नाटक का मंचन कर लोगों को सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया |

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रख्यात गांधीवादी विचारक, भागलपुर विश्वविद्यालय में ‘गांधीयन विचार’ पाठ्यक्रम के संस्थापक एवं कुलपति रह चुके पूर्व सांसद डॉ.रामजी सिंह, बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय में विकास पदाधिकारी- परीक्षा नियंत्रक व अन्य कई पदों पर सेवारत रहनेवाले समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, गिरिजा कपिलदेव की प्राचार्या संगीता यादव, प्रधानाचार्य डॉ.बीएन विवेका, डॉ.जवाहर पासवान आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया |

मौके पर उद्घाटनकर्ता डॉ.रामजी सिंह ने कहा कि भारतीय कला और संस्कृति को अक्षुण्ण बनाये रखने की जिम्मेवारी युवाओं की है | डॉ.सिंह ने जहां कहा कि कलाकार खुद के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए जीता है वहीं डॉ.मधेपुरी ने गांधीयन विचारों को जीने वाले उद्घाटनकर्ता की भरपूर सराहना करते हुए यही कहा कि कला और कलाकार कभी मरता नहीं |

बता दें कि सर्वप्रथम मूक अभिनय में कार्तिक कुमार, सुमन कुमार, प्रीति कुमारी, अक्षत शर्मा, गरिमा उर्विशा एवं बमबम कुमार ने बिना कुछ बोले अपनी बातें स्पष्ट रुप से दर्शकों के समक्ष रखने में कामयाब होकर तालियां बटोरते रहे | जहां नाटक गुल्ली डंडा के माध्यम से कलाकारों को ग्रामीण इलाकों में पैसे की लालच में अपने परिवार के सदस्यों के साथ किये जाने वाले अत्याचारों पर करारा चोट किया वहीं नवाचार काव्यकोश के माध्यम से कलाकारों ने स्वरचित एवं प्रख्यात कवियों की रचनाओं को भी प्रशंसनीय भाव-भंगिमा के माध्यम से प्रस्तुति देकर खूब तालियाँ बटोरी |

कार्यक्रम के बीच-बीच में लीजा मान्या, अंजली कुमारी एवं प्रीति कुमारी ने रिकॉर्डिंग डांस कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया | नाटक का निर्देशन अंशु आनंद एवं मिथुन कुमार गुप्ता ने किया |

कार्यक्रम को सफल बनाने में मौजूद कलाकार रहे- सुमित साना, अमित कुमार, अमित अंशु, प्रिया कुमारी, प्रियंका कुमारी, अंजली कुमारी, गरिमा………..सहित दिलीप कुमार, बमबम, सुमन, कार्तिक, अक्षत, लीजा, आदित्य, सज्जन, आशीष, सोनल, चन्दा, नवीन, शिवाली, रौशन, दिलखुश आदि | कला प्रेमियों में अंत तक उपस्थित रहकर कलाकारों को प्रोत्साहित करते रहे- शंभू शरण भारतीय, राकेश कुमार डब्लू, डॉ.अरुण कुमार, सुकेश राणा, डॉ.सुधांशु शेखर, पी.यदुवंशी, ई.बलवंत कुमार यादव, रुपेश कुमार, प्रदीप झा आदि | समारोह का सफल संचालन प्रो.संजय परमार ने किया |

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