राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता का 63वाँ आयोजन इसी माह फरवरी में हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम में आयोजित किया गया | फरवरी के द्वितीय सप्ताह में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में मधेपुरा जिला के सोनाय अनुप उच्च माध्यमिक विद्यालय, भान-टेकठी, मधेपुरा की तीन छात्राओं-जूली कुमारी, शबनम प्रवीन एवं नजीरन खातून ने पहली बार जिले से राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेकर जिला मधेपुरा के साथ-साथ सूबे बिहार के लिए गोल्ड मेडल प्राप्त किया |
बता दें कि बिहार को पहली बार विद्यालय रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में शामिल किया गया था | सोनाय अनुप विद्यालय के खेल शिक्षक श्री दिलीप कुमार एवं विद्यालय के प्राचार्य श्री रामचंद्र यादव ने मधेपुरा अबतक को बताया कि हैदराबाद में आयोजित होने वाले 63वें राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में पहली बार मधेपुरा जिले की मात्र तीन छात्राओं का चयन ( बिहार ) राज्य स्तर पर किया गया | ये तीनों चयनित छात्राएं वर्ग नौवीं में पढ़ती हैं |
यह भी बता दें कि ये तीनों प्रतिभागी वर्ग 9 की छात्राएं- जूली, शबनम व नजीरन ने इस राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल में अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया तथा गोल्ड मेडल पर अपने प्रथम प्रयास में ही कब्जा जमा कर बिहार को गौरवान्वित किया |
जानिये कि जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) जिले के साथ-साथ सुबे बिहार को गौरवान्वित करने वाली इन तीनों धरती पुत्रियों की लगन व मेहनत पर प्रसन्नता व्यक्त की है और बधाइयाँ दी है | साथ ही इन्हें किसी युवा महोत्सव में पुरस्कृत कर उत्साहवर्धन करने का भी निश्चय किया है | संभव है कि आगामी 8 मार्च को आयोजित होने वाले अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर इन तीनों प्रतिभावान खिलाड़ियों को जिले के अलावे अन्य संगठनों द्वारा भी उत्साहवर्धन हेतु सम्मानित किया जाय |
मधेपुरा अबतक के पाठकों के लिए विशेष जानकारी के तौर पर यह जानना जरूरी है कि रग्बी लीग फुटबॉल आमतौर पर रग्बी लीग लिखा जाता है | यह 13 खिलाड़ियों की दो टीमों द्वारा खेला जाता है | इसे 330 फुट लंबा एवं 224 फुट चौड़ा अंडाकार घास के मैदान पर खेला जाता है |
यूँ तो रग्बी लीग इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फ्रांस….. आदि देशों में लोकप्रिय है परंतु वर्तमान में विश्वकप विजेता का परचम तो न्यूजीलैंड की लहरा रहा है |
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अन्तर्राष्ट्रीय फलक पर बिहारी कलाकारों की मौजूदगी
हेमा देवी, सुधीरा देवी और धीरेन्द्र कुमार वर्तमान में तीनों बिहारी कलाकार मिथिला पेंटिंग एवं सिक्की कला (हेंडी क्राफ्ट) को दुनिया भर में लोकप्रिय बना रहे हैं | इन्हें केन्द्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय ने राष्ट्रीय पुरस्कार तथा नेशनल मेरिट अवार्ड के लिए चयनित किया है |
बता दें कि नेशनल अवार्ड के लिए चयनित होने वालों में मिथिला पेंटिंग की नामचीन मधुबनी जिले की 41 वर्षीय हेमा देवी और सिक्की कलाकार के रूप में मधुबनी जिले के ही 51 वर्षीय धीरेन्द्र कुमार शामिल हैं जबकि सिक्की कला में ही बेहतरीन योगदान के लिए 43 वर्षीय सुधीरा देवी का चयन नेशनल मेरिट अवार्ड के लिए हुआ है |
यह भी बता दें कि तीनों बिहार राज्य पुरस्कार प्राप्त कलाकार हैं तथा फिलहाल राजधानी पटना के उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं | इस संस्थान के डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर श्री अशोक कुमार सिन्हा ने पुरस्कृत होने वाले इन तीनों कलाकारों के चयन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बिहार के कलाकार लगातार राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फलक पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कर रहे हैं |
यह भी जानिये कि श्री सिन्हा ने खुशी जाहिर करते हुए मधेपुरा अबतक से कहा कि इन तीनों के साथ मधुबनी जिले की एक बेटी ममता देवी को भी मिथिला पेंटिंग के लिए नेशनल अवार्ड मिलेगा जिसका चयन दिल्ली कोटे से हुआ है | उन्होंने कहा कि मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में सभी चयनित कलाकारों को केन्द्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय की ओर से राजधानी दिल्ली में ही पुरस्कृत किया जायगा |
चलते-चलते यह भी बता दें कि प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित हेमा देवी के पति जीतेन्द्र कुमार भी मिथिला चित्रकला के नामचीन कलाकार हैं और राज्य पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं | साथ ही हेमा की सास सुभद्रा देवी तो पहले ही राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है | हेमा कहती है कि उसे मिथिला पेंटिंग का ज्ञान विरासत में मिली है | अपनी माँ से ही हेमा ने आरंभ में मिथिला चित्रकला की बारीकियाँ सीखी है |
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22 से 27 फरवरी तक बिहार का सभी जिला मनायेगा- पुलिस सप्ताह ! जानिए कैसे ?
जहाँ आज राज्य के सभी जिले में मनाए जाने वाले ‘पुलिस सप्ताह’ का राज्य स्तरीय उद्घाटन सचिवालय परिसर स्थित ‘अधिवेशन भवन’ में बिहार के डीजीपी श्री.पी.के.ठाकुर करेंगे जिसमें बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ लोगों को जागरुक किया जायेगा वहीं एडीजीपी श्री.एस.के.सिंघल ने बताया कि 24 फरवरी को पुलिस सप्ताह के दौरान सीएम नीतीश कुमार द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बीएमपी परिसर में पुरस्कृत किया जायगा |
बता दें कि सीएम द्वारा पुरस्कृत होने वाले पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों में विगत स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किये गये पुलिसकर्मी भी शामिल हैं |
यह भी बता दें कि मधेपुरा के पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार (भा.पु.से) ने मधेपुरा अबतक को बताया कि 22 से 27 तक आयोजित किये जाने वाले पुलिस सप्ताह के दौरान जहाँ जिले में खेल-कूद प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम, यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा वहीं राज्यस्तर पर आइबी के संयुक्त निदेशक सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा साइबर क्राइम, विधि-व्यवस्था एवं आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच आदि विषय पर व्याख्यान दिया जाएगा |
बहरहाल पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने मधेपुरा अबतक को प्रतिदिन की जानकारी देते हुए यही कहा कि-
जहाँ 22 फरवरी को स्थानीय बी.एन.मंडल स्टेडियम में सुबह 6:30 बजे से मैराथन दौड़ का आयोजन किया जायेगा वहीं भूपेन्द्र कला भवन में 11:00 बजे दिन से चित्रकला एवं वाद-विवाद का आयोजन होगा |
और जहाँ 23 फरवरी को शहीद चुल्हाय मार्ग पर स्थित माया विद्या निकेतन परिसर में 2:00 बजे से शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा वहीं 24 फरवरी को 12:00 बजे दिन से पुलिस केन्द्र सिंहेश्वर में बॉलीबॉल का आयोजन होगा |
इसके अलावे जहाँ 26 फरवरी को सिंहेश्वर पुलिस केंद्र में 10:00 बजे दिन से यातायात जागरूकता को लेकर एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा वहीं समापन के दिन 27 फरवरी को बी.एन.मंडल स्टेडियम में 1:00 बजे दिन से जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार की देख-रेख में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा वहीं संध्या 6:00 बजे से ‘होली मिलन समारोह’ का भव्य आयोजन होगा जिसमें समस्त जिले के नर-नारी व बच्चे सादर-सस्नेह आमंत्रित हैं |
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कलाम का लेते हुए कमल ने की अपनी पार्टी की घोषणा
दक्षिण भारतीय फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता कमल हासन ने एक नई राजनीतिक पार्टी बनाई, जिसका नाम उन्होंने ‘मक्कल नीति मय्यम’ रखा। दक्षिण भारत की राजनीति में फिल्मी दुनिया से जुड़े लोगों का कैसा दबदबा रहा है, यह छिपी हुई बात नहीं। उसे देखते हुए कमल का अपनी राजनीतिक पार्टी बनाना कोई अचंभे की बात नहीं। हां, उनकी पार्टी से जुड़ी दो बातें बेहद खास रहीं। पहली कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श बताया और अपनी पार्टी को ‘लोगों की पार्टी’ करार दिया और दूसरी कि उनकी पार्टी के लॉन्चिंग कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और आप के तमिलनाडु प्रभारी सोमनाथ प्रभारी मौजूद रहे। यह देश और खासकर दक्षिण भारत की राजनीति में एक नए तरह का संकेत है।

बहरहाल, लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान कमल हासन ने कहा कि आज की राजनीतिक व्यवस्था के लिए एक उदाहरण होना चाहिए और मैं भाषण देने की बजाय लोगों के सुझावों की मांग करूंगा। इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी के झंडे का भी अनावरण किया। एक और महत्वपूर्ण बात यह रही कि लॉन्चिंग के दौरान केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रिकॉर्डेड मैसेज के माध्यम से कमल हासन को पार्टी की स्थापना के लिए बधाई दी।
गौरतलब है कि इससे पहले कमल हासन ने बुधवार सुबह रामेश्वरम में डॉ. कलाम के घर जाकर उनके भाई मुहम्मद मुथुमीरन लेब्बाई मराईक्कायार से आशीर्वाद लिया। इस दौरान कलाम के परिजनों ने उन्हें पूर्व राष्ट्रपति के चित्र वाला स्मृति चिह्न भेंट किया। कमल हासन ने पीकारुंबु में मिसाइलमैन के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी थी।
जो भी हो, कमल हासन की अभिनय क्षमता पर शायद ही किसी को कोई संदेह हो, लेकिन राजनीति में वे कितने सफल होंगे यह देखने की बात होगी। सबसे अहम यह कि कलाम जैसी शख्सियत का नाम लेते हुए कमल और केजरीवाल क्या कमाल करते हैं, यह देखना अपने आप में बेहद दिलचस्प बात होगी..!
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सिंहेश्वर महोत्सव का जानदार-शानदार समापन बना यादगार……!
तीन दिवसीय पाँचवे सिंहेश्वर महोत्सव-2018 के दूसरे दिन हुए कार्यक्रमों में “शिव और शक्ति” की महिमा के गीत प्रस्तुत करते हुए जहाँ मुंबई के सूफी गायक विनोद गवार की आवाज का जादू सर चढ़कर बोला और मंत्रमुग्ध होकर दर्शकों ने उनके शिव तांडव, राधा कृष्ण रासलीला एवं भस्मावतार आरती का भरपूर आनंद उठाया…… वहीं सजदा तेरा सजदा…… से लेकर…… बाबा भोलेनाथ को मनाऊँ कैसे…… आदि गीतों ने खूब तालियाँ बटोरी और संपूर्ण माहौल को भक्ति रस में डुबो दिया | साथ ही इलाहाबाद की झाँकी टीम एवं आसाम की बीहू नृत्य आकर्षण का मुख्य केन्द्र बना रहा |

समापन की शाम को युवा गायक अमिताभ नारायण एवं मैथिली ठाकुर की जोड़ी ने यादगार बना दिया | हिन्दी, मैथिली एवं भोजपुरी गीतों के जलवे पर थिरकने लगे युवावर्ग और झूमने लगे बच्चे…..! इस जोड़ी की दिलकश मखमली गायकी ने दर्शकों को खूब नचाया, गवाया और बाँध सा लिया | यह महफिल तब और दिलकश हो गयी जब अमिताभ ने मैथिली के संग सुर में सुर मिलाया |
बता दें कि दर्शकों से खचाखच भरे विशाल पंडाल में अमिताभ-मैथिली के स्वरों के साथ बच्चों की माताएं भी गाती हुई नजर आई | जहाँ मधुबनी-बेनीपट्टी की राइजिंग स्टार मैथिली ने ‘अंगनवा में भवनवा में….’ से लेकर ‘दिगम्बर खेले मसाने में होरी……’ पर दर्शकों को झुमाती रही वहीं प्लेबैक सिंगर मुजफ्फरपुर के इंडियन आइडल शो विजेता अमिताभ दर्शकों को भिन्न-भिन्न स्वाद के गानों के साथ झुमाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी……|

यह भी जानिये कि पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सिंहेश्वर महोत्सव- 2018 में पटना दूरदर्शन की रूपम त्रिविक्रम एवं भागलपुर आकाशवाणी के मिलिंद गुंजन ने मधेपुरा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बेहतरीन व्यवस्था की सराहना करते हुए तथा अपनी खूबसूरत कला एवं मधुर आवाज का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को राज्यस्तरीय प्रदर्शन जैसा आनन्द अंततक देते रहे |
जहाँ स्थानीय कलाकारों में स्वर शोभिता संगीत महाविद्यालय की हेमा के निर्देशन में बच्चों ने बेहतरीन प्रस्तुति दी वहीं कलामंदिर, ओंकार म्यूजिक एवं सृजन दर्पण के निर्देशक विकास कुमार के ‘डोमकच’ के प्रदर्शन पर दर्शकों ने खूब तालियाँ बजायी |
अंत में सभी कलाकारों सहित राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत तबला वादक प्रो.योगेन्द्र नारायण यादव को प्रभारी डीएम सह डीडीसी मुकेश कुमार, एनडीसी रजनीश, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी आदि ने सिंहेश्वर नाथ की स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया | बेहतरीन कार्यक्रम संयोजन के लिए एनडीसी रजनीश राय को भी समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी व डीडीसी द्वारा प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया | इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने कहा- यह पाँचवाँ महोत्सव है | सर्वप्रथम 2014 में डीएम गोपाल मीणा के कार्यकाल में आयोजित हुआ था | तब से आजतक प्रत्येक वर्ष मुझे आने का अवसर मिलता रहा परन्तु इस बार की मंचीय व्यवस्था राज्य स्तरीय मंच जैसा महसूसता रहा हूँ | इसके लिए जिला प्रशासन की जितनी सराहना की जाय वह कम ही होगी |
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जापान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना हुए नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चार दिन की जापान यात्रा पर रविवार को दिल्ली रवाना हो गए। वे दिल्ली से सोमवार की सुबह जापान पहुंचेंगे। वहाँ 20 फरवरी को टोक्यो और 21 फरवरी को ओसाका में निवेशकों के साथ उनकी बैठक होगी। इसके अलावा वे प्राचीन शहर क्योटो भी जाएंगे।
इस मौके पर बड़ी संख्या में जदयू के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने 1, अणे मार्ग और हवाई अड्डे पर जाकर मुख्यमंत्री को विदाई दी। उन्हें शुभकामना देने वालों में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य बशिष्ठ नारायण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा में संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद संतोष कुशवाहा, मुख्य प्रवक्ता व विधानपार्षद श्री संजय सिंह, कोषाध्यक्ष व विधानपार्षद प्रो. रणवीर नंदन आदि प्रमुख हैं।
बता दें कि नीतीश कुमार के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान गया है, जिसमें पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पथ निर्माण प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, भवन निर्माण प्रधान सचिव चंचल कुमार, उद्योग प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, आईजी बच्चू सिंह मीणा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल सिंह, बीआईए के अध्यक्ष केपीएस केसरी और बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष ओपी साह शामिल हैं।
गौरतलब है कि बिहार में निवेश, पटना मेट्रो, सड़क, भवन निर्माण, अन्य आधारभूत संरचना, पर्यटन, ऊर्जा, हॉस्पिटैलिटी और औद्योगिक क्षेत्र में संभावनाओं को लेकर जापान यात्रा के दौरान चर्चा होगी। उम्मीद की जा रही है कि इस दौरे पर पटना से बोधगया के बीच चलाए जाने के लिए प्रस्तावित मिनी बुलेट-मेट्रो टाइप ट्रेन की चर्चा पर भी औपचारिक तौर पर मुहर लग जाएगी।
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त्रि-दिवसीय पाँचवें सिंहेश्वर महोत्सव का भव्य उद्घाटन !
ऋषि श्रृंग की पावन नगरी में त्रि-दिवसीय पाँचवें सिंहेश्वर महोत्सव का भव्य उद्घाटन शुक्रवार को सिंहेश्वर पशु हाट परिसर के सर्वाधिक आकर्षक मंच पर संध्या 4:00 बजे जिला प्रशासन के पदाधिकारियों एवं गणमान्यों की उपस्थिति में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में मंत्री रहे जनसेवी विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी एवं समाजसेवी व सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने दीप प्रज्वलित कर संयुक्तरूप से उद्घाटन किया |
बता दें कि दूरदर्शन ऑल इंडिया रेडियो से आई एंकर रूपम त्रिविक्रम ने अपनी मधुर आवाज से कार्यक्रम का आगाज करते हुए सर्वप्रथम सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को पाँचवें महोत्सव में उद्गार व्यक्त करने हेतु आवाज दी |
डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि शिव ऊर्जा का श्रोत है | शिवलिंग का स्वरूप परमाणु रिएक्टर की तरह होता है जिसकी ऊर्जा अनंत है | शिवलिंग जहाँ स्थापित होता है वहाँ की ऊर्जा से आस-पास का क्षेत्र सकारात्मकता से भरपूर होता है | उन्होंने कहा कि जिसे कोई स्वीकार नहीं करता उसे शिव स्वीकार लेता है | शिव के प्रेम में त्याग, तप और समर्पण भरा होता है | शिव से सीखिए- डिप्रेशन को डमरु बजाकर भगाना |
अंत में डॉ.मधेपुरी ने भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के स्कूली दिनों की चर्चा करते हुए कहा कि वे नमाज पढ़ने के बाद प्रतिदिन रामेश्वरम के शिव मंदिर की परिक्रमा किया करते थे | नटराज शिव का चित्र डॉ.कलाम इसीलिए हमेशा अपने पास रखते कि वे मिसाइल की कठिनतम समस्याओं को भी नाचते-गाते हल कर लिया करते | उन्होंने कहा कि शिव अर्धनारीश्वर है तभी तो वे नारी को शक्ति का स्रोत मानते हैं | वे देवों के देव हैं, तभी तो हर विरोधाभास को अपने अंदर समाहित कर लेते हैं |
जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी ने अपने संक्षिप्त सारगर्भित संबोधन में यही कहा कि सिंहेश्वर महोत्सव में विभिन्न संस्कृतियों की झलक आपको मिलेगी | आप शांति और भाईचारा बनाये रखिए तथा 3 दिनों तक भरपूर आनंद लीजिए |
अंत में समारोह के मुख्य आकर्षण लोकप्रिय मंत्री रहे आलमनगर के जनप्रिय विधायक नरेन्द्र नारायण यादव ने विस्तार से शिव-पार्वती परिवार की विविधताओं को संदर्भित करते हुए बाल विवाह एवं दहेज बंदी की चर्चाएं की और कहा कि इन दिनों बिहार सरकार भी इन दोनों का विरोध करते हुए उसे जड़ से उखाड़ने का प्रयास कर रही है | उन्होंने यह भी कहा कि शिव गरीबों-वंचितों के देवता हैं | हमारा देश आध्यात्मिक देश है, ऋषियों का देश है |
आरंभ में स्वर शोभिता संगीत महाविद्यालय की निदेशिका हेमलता ने बच्चियों के नृत्य व गायन द्वारा एसपी विकास कुमार, डीडीसी मुकेश कुमार, एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, स्काउट एंड गाइड के जयकृष्ण यादव सहित अतिथियों का भरपूर स्वागत किया | देर रात तक गया के कलाकारों द्वारा महाआरती, पूर्वोत्तर कलाकारों की प्रस्तुति के साथ-साथ वाई शंकर मूर्ति की मनभावन प्रस्तुति दर्शकों की तालियाँ बटोरती रही |
उद्घाटन कार्यक्रम सत्र का धन्यवाद ज्ञापन सदर एसडीएम संजय कुमार निराला ने किया – मंचासीन मान्यजनों के साथ-साथ दर्शक दीर्घा में बैठे मीडिया मेन के अतिरिक्त विभिन्न दलों के अध्यक्ष सचिव- शौकत अली, राजीव जोशी, नरेश पासवान, सत्येन्द्र सिंह, ध्यानी यादव, अशोक चौधरी आदि सहित स्थानीय बीडीओ अजीत कुमार, सीओ कृष्ण कुमार व दर्शको को भी |
चलते-चलते शिवभक्तों को यह भी बता दें कि मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने सिंहेश्वर में 1-1 महीने का वर्ष में दो बार मेला लगाने का प्रावधान कर दिया है | एक शिवरात्रि में और दूसरा सावन के महीने में, बिल्कुल देवघर की तरह ही |
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भोले बाबा में समर्पित भक्तों का सदा भला ही होता है |
रामायण काल से ही कामना लिंग के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त ऋषि श्रृंग की पावन नगरी सिंहेश्वर स्थान का चप्पा-चप्पा महाशिवरात्रि यानि बुधवार को दिनभर देवाधिदेव महादेव के जयघोष “हर हर महादेव” की जयकारों से गूंजता रहा |
बता दें कि जिले के लिए समर्पित डायनेमिक डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार द्वारा समीपवर्ती राष्ट्र नेपाल से लेकर मिथिलांचल एवं सीमांचल के विभिन्न जिलों से आनेवाले लगभग 2 लाख श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ की सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन जोन में सुरक्षा बलों को लगाया गया है | ट्रैफिक नियंत्रण के लिए 300 पुलिसबलों, महिलाओं की सुरक्षा के निमित्त 70 महिला पुलिस तथा एक महीना चलने वाले मेला के लिए 150 अतिरिक्त पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसबल मंगाया गया है | ड्यूटी में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है डीएम- एसपी ने |
यह जानिये कि डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) के निर्देशानुसार स्थिति पर नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसकी जिम्मेदारी एएसपी राजेश कुमार को दी गई है | एसपी विकास कुमार द्वारा मेला में विधि व्यवस्था के नियंत्रण के लिए अतिरिक्त मेला थाना स्थापित कर इंस्पेक्टर शंभु कुमार को थानाध्यक्ष बनाया गया है |

यह भी बता दें कि बिहार सरकार के एस-सी, एस-टी कल्याण मंत्री द्वारा अपरिहार्य कारणवश मेला उद्घाटन कार्यक्रम में नहीं आने पर लगभग 2 घंटे विलंब से जिलापदाधिकारी मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, समाजसेवी भूपेन्द्र मधेपुरी एवं सरोज सिंह, दिवाकर सिंह सरीखे गणमान्यों की उपस्थिति में जहाँ सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष समीर कुमार झा द्वारा ‘धन्यवाद गेट’ पर फीताकाटकर मेले का उद्घाटन किया गया वहीं डीआरडीए मंच संचालन कर्ता सदर एसडीएम संजय कुमार निराला द्वारा सर्वप्रथम सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को उमापति महादेव के प्रति उद्गार व्यक्त करने हेतु आमंत्रित किया गया और डॉ.मधेपुरी के संबोधन के बाद पुनः न्यास अध्यक्ष सहित मंचासीन गणमान्यों द्वारा सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर मेले का विधिवत उद्घाटन कराया गया |

इस अवसर पर डीएम मो.सोहैल ने कहा कि भोलेनाथ की कृपा से ही जिले में विकास कार्यों की गंगा बह रही है | बाबा भोलेनाथ खुद तो किसी कार्य को करते नहीं बल्कि किसी न किसी को उसके लिए माध्यम बनाते हैं | उन्होंने वरदान माँगा कि भोलेनाथ की कृपा जिले पर बनी रहे और जिला तेजी से तरक्की करता रहे |
जहाँ एसपी विकास कुमार ने आनेवाले श्रद्धालु शिव भक्तों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए आश्वस्त किया वहीं न्यास समिति सदस्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि जो बाबा भोले में समर्पण का भाव रखते हैं उसका हमेशा भला होता है | उन्होंने भारत के राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण संप्रेषित करते हुए कहा कि मस्जिद में नमाज अता करने के बाद रामेश्वरम के शिव मंदिर की परिक्रमा करने वाला एवं पेपर बेचनेवाला बालक बाबा की कृपा से ही कालांतर में रामेश्वरम से राष्ट्रपति भवन तक की यात्रा पूरी कर ली….. और डीएम मो.सोहैल एवं मनोहर लाल भगवान दास टेकरीवाल परिवार के भोलेनाथ के प्रति समर्पण की चर्चा करते हुए कहा कि जहां डीएम मो.सोहैल ने दो-दो बार उत्कृष्ट कार्यों के लिए सीएम द्वारा पुरस्कृत हुए वहीं पटना में डीएम व कमिश्नर रहे रमेश अभिषेक पी.एम. द्वारा प्रशंसित हो रहे हैं…… स्विट्जरलैंड व अन्य देशों में साथ व शामिल हो रहे हैं……|
उद्घाटन कार्यक्रम के अंत में डीडीसी सह मंदिर न्यास समिति सचिव मुकेश कुमार द्वारा मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित सिंहेश्वर प्रखंड के स्वयंसेवी संगठनों के सचिव व अध्यक्षों, व्यापार संघ के अशोक भगत, डॉ.दिवाकर सिंह, सियाराम यादव सहित ट्रस्ट सदस्यों व कर्मियों को साथ-साथ प्रशासनिक पदाधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा अध्यक्ष डीएम मो.सोहैल के निर्देशानुसार कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई |
समारोह समापन के साथ ही डीएम, एसपी, डीडीसी, एसडीएम, एएसपी सहित ट्रस्ट मेम्बर डॉ.मधेपुरी व स्काउट-गाइड प्रशिक्षण आयुक्त जय कृष्ण यादव आदि गणमान्यों द्वारा दर्जनों स्टाल का उद्घाटन किया गया जिसमें प्रमुख हैं- कृषि मीना बाजार, स्काउट एण्ड गाइड, वर्मी कंपोस्ट, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, नारियल बोर्ड, मंदिर न्यास समिति कार्यालय के नये भवन उद्घाटन कार्यक्रम…… आदि |
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शिवलिंग का वैज्ञानिक रहस्य
क्या आप शिवलिंग का वैज्ञानिक रहस्य जानते हैं? या आप बता सकते हैं कि शिवलिंग पर जल और बेलपत्र क्यों चढ़ाते हैं? चलिए, जानने की कोशिश करते हैं। आप शिवलिंग के वैज्ञानिक विश्लेषण के प्रारंभ में ही चौंक जाएंगे जब ये जानेंगे कि वास्तव में शिवलिंग एक प्रकार के न्यूक्लियर रिएक्टर हैं। जी हाँ, शिवलिंग और न्यूक्लियर रिएक्टर में काफी समानताएं हैं। आप गौर से देखें तो दोनों की संरचनाएं एक-सी हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो दोनों ही कहीं-न-कहीं उर्जा से संबंधित हैं। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह कि शिवलिंग पर लगातार जल प्रवाहित करने का नियम है। देश में, ज्यादातर शिवलिंग वहीं पाए जाते हैं जहां जल का भंडार हो, जैसे नदी, तालाब, झील इत्यादि। आप खंगाल कर देख लें, विश्व के सारे न्यूक्लियर प्लांट भी पानी (समुद्र) के पास ही हैं।
अब आगे बढ़ें। शिवलिंग की संरचना बेलनाकार होती है और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के रिएक्टर की संरचना भी बेलनाकार ही है। अगली खास बात यह कि न्यूक्लियर रिएक्टर को ठंडा रखने के लिये जो जल का इस्तेमाल किया जाता है उस जल को किसी और प्रयोग में नहीं लाया जाता। उसी तरह शिवलिंग पर जो जल चढ़ाया जाता है उसको भी प्रसाद के रूप में ग्रहण नहीं किया जाता है।
अरे रुकिए, बात अभी पूरी हुई कहाँ है! आगे सुनें। जैसा कि हम सभी जानते हैं, शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं की जाती है। जहां से जल निष्कासित हो रहा है, उसको लांघा भी नहीं जाता है। ऐसी मान्यता है कि वह जल आवेशित (चार्ज) होता है। उसी तरह से जिस तरह से न्यूक्लियर रिएक्टर से निकले हुए जल को भी दूर ऱखा जाता है।
अब यह भी जानें कि शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और आक क्यों चढ़ाते हैं। ऐसा इसलिए कि सभी ज्योतिर्लिंगों के स्थानों पर सबसे ज्यादा रेडिएशन पाया जाता है। शिवलिंग और कुछ नहीं बल्कि न्यूक्लियर रिएक्टर ही हैं तभी उनपर जल चढ़ाया जाता है, ताकि वो शांत रहे। महादेव के सभी प्रिय पदार्थ जैसे बिल्वपत्र, आक, धतूरा, गुड़हल आदि सभी न्यूक्लियर एनर्जी सोखने वाले हैं। एक बात और, शिवलिंग पर चढ़ा पानी भी रिएक्टिव हो जाता है तभी जल निकासी नलिका को लांघने का नियम आप कहीं नहीं पाएंगे।
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भभुआ के कारण दांव पर राजद-कांग्रेस का रिश्ता
भाजपा विधायक आनंद भूषण पांडेय के निधन से खाली हुई सीट को लेकर राजद और कांग्रेस का रिश्ता दांव पर है। एक ओर जहां राजद इस सीट पर अपने उम्मीदवार खड़ा करने को पूरी तरह तैयार है तो दूसरी ओर कांग्रेस भी यहां उम्मीदवार उतारने की जिद पर अड़ी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह का कहना है कि उऩकी पार्टी यहां अपनी ताकत दिखायेगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कौकब कादरी तो यहां तक कहते हैं कि राजद अगर भुभआ देने को राजी नहीं हुआ तो कांग्रेस उपचुनाव वाली तीनों सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। उधर राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव भभुआ पर कांग्रेस के दावे को खारिज करते हुए कहते हैं कि सामाजिक समीकरण और पकड़ के हिसाब से राजद का यहां मजबूत आधार है। साथ ही भोला कांग्रेस से मतभेद दूर कर लेने का दावा भी करते हैं।
बता दें कि 1990 के पहले भभुआ कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन बाद में राजद ने यहां कब्जा जमा लिया। हालांकि 2005 फरवरी के बाद से राजद भी कांग्रेस की तरह यहां लगातार पिछड़ता चला गया और मुख्य मुकाबले से भी गायब हो गया। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए 2005 के अक्टूबर में हुए चुनाव में बसपा ने यहां अपनी उपस्थिति दर्ज की। यही कारण है कि मायावती की निगाह भी इस पर जमी हुई है। बिहार में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भरत बिंद का दावा है कि पार्टी आलाकमान ने उन्हें चुनाव लडऩे की इजाजत दे दी है।
बहरहाल, भभुआ विधानसभा सीट को लेकर राजद, कांग्रेस और बसपा में मची इस होड़ से एनडीए के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता के सपने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बिहार में महागठबंधन के बिखरने के बाद लालू प्रसाद यादव ने दावा किया था कि भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय मोर्चा बनाने के लिए वे मायावती, मुलायम और ममता बनर्जी को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की पहल करेंगे। देखा जाय तो भभुआ में लालू के इस दावे की भी परख होनी है।
























