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क्या प्रैक्टिकल बिना किये ही अब बनेंगे इंजीनियर ……!

सरकारी तंत्र अपनी छाती चौड़ी कर यही कहता है कि जहाँ दिन में भी लोग नहीं जाते थे वहाँ आजकल रात में भी घूमते नजर आते हैं | परंतु, दूसरी ओर हाल यह है कि जहाँ पढ़कर और कठिन से कठिन प्रैक्टिकल करके छात्र डॉक्टर-इंजीनियर बनते थे वहीं अब बिना पढ़े और प्रैक्टिकल किये ही डिग्री मिलने वाली है | सोचिये तो सही जहाँ बिना नदी, पोखर या स्विमिंग पुल में उतरे ही तैरने की ट्रेनिंग और तैराकी की डिग्री दे दी जाती हो तो उस राज्य और देश के भविष्य का क्या होगा ?

यह भी जानिये कि ऐसा छात्र जो पढ़ते समय एक भी प्रैक्टिकल किये बिना ही इंजीनियर बनकर किसी नदी में पुल बना डाले, तो वैसे पुल को पार करते समय बच्चों से भरा स्कूल बस सहित पुल भी नदी में बहेगा नहीं….. तो और क्या होगा….! वैसे इंजीनियरों द्वारा बनाये गये स्कूली भवनों के अंदर बच्चे दबकर मरेंगे नहीं तो और क्या करेंगे |

बता दें कि सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल के नाम पर मधेपुरा में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज 3 वर्ष पहले खुला है जिसमें आजतक लैब व इंस्ट्रक्टर की कोई व्यवस्था नहीं हो पायी है जैसा प्राचार्य डॉ.एम.के.झा ने मधेपुरा अबतक से कहा उन्होंने यह भी कहा कि दो सत्रों में लगभग 400 छात्र-छात्राओं का नामांकन हो चुका है | सभी थ्योरी का क्लास करते हैं, लेकिन प्रैक्टिकल क्लास नहीं होता है | सोचिये, बिना प्रैक्टिकल किये ही ऐसे इंजीनियर अपने बिहार में तैयार हो रहे हैं जहाँ के मुख्यमंत्री स्वयं इंजीनियर हैं |

जरा विचार करें हम सभी, इन 400 छात्र-छात्राओं के भविष्य के बारे में, जो पढ़ते तो हैं बिहार के निर्माता व बिहार के प्रथम विधि मंत्री के नाम वाले शिवनंदन प्रसाद मंडल +2 विद्यालय के भवन में और उन्हें प्रेक्टिकल करने के नाम पर खानापूरी कराने के लिए भागलपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में ले जाने हेतु सोचा जा रहा है | तीन साल में एक भी प्रेक्टिकल नहीं….. केवल थ्योरी का क्लास यानी बोर्ड पर ही तैरने के तरीके सीखते रहे छात्र और सिखाते रहे शिक्षक |

मधेपुरा अबतक द्वारा बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ.एम.के.झा से इस बाबत जानकारी मांगने के दरमियान उन्होंने बताया कि लैब के अभाव में तीन साल से छात्रों को प्रैक्टिकल नहीं कराया जाता है | डॉ.झा ने पुनः यही कहा कि तीसरे सत्र में नामांकन के साथ ही क्लास रूम का भी अभाव हो जायेगा और थ्योरी का क्लास लेने की भी समस्या सामने खड़ी हो जायेगी | उन्होंने अवरुद्ध कंठ से यही कहा कि बच्चे प्रैक्टिकल ज्ञान के अभाव में न तो असली इंजीनियर बन पायेंगे और ना हीं दिखाई देंगे उनके कार्यों में इंजीनियरिंग के गुर एवं गुणवत्ता |

यह भी बता दें कि जब मधेपुरा के कलाम कहे जानेवाले शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से उच्च शिक्षा के भविष्य के बारे में मधेपुरा अबतक द्वारा पूछा गया तो उन्होंने यही कहा कि +2 तक के माध्यमिक विद्यालयों में प्रैक्टिकल का बहुत बुरा हाल है | क्योंकि, बीच के 20-25 वर्षों तक न जाने किस मनहूस सरकारी समिति की रिपोर्ट पर माध्यमिक स्कूलों में प्रैक्टिकल समाप्त कर दिया गया था | बाद में कॉलेज में सायंस पढ़ने वाले छात्र जब ‘मीटर स्केल’ भी नहीं पहचानने लगे तब फिर से स्कूलों में प्रेक्टिकल शुरू किया गया | लेकिन, तब तक सूबे के स्कूलों में करोड़ों-करोड़ के रसायन(Chemical) मिट्टी में मिल चुके थे तथा लोहे के उपकरणों को जंग खा चुके थे |

डॉ.मधेपुरी ने कहा कि वर्तमान में स्थिति यह है कि बिना शिक्षक और इन्फ्रास्ट्रक्चर के ही मिडल स्कूलों में +2 की पढ़ाई शुरू कर दी गई है- सरकारी शिक्षा विभाग द्वारा | हाँ ! ऐसे उत्क्रमित +2 विद्यालय में न तो शिक्षक हैं, न लैब है….. न इंफ्रास्ट्रक्चर है…… बस यही है कि बिना पढ़े-पढ़ाए और बिना प्रैक्टिकल कराये ही परीक्षा लेना और सर्टिफिकेट देना | तभी तो आज कल किसी डिग्री पर विश्वास करना मुश्किल है | हर क्षेत्र में अलग से ‘इलिजिबिलिटी टेस्ट’ लेकर ही नौकरी के लिए चयन की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है | फिलहाल सारी व्यवस्थाएं शिक्षा को पंगु बनाने में लगी है | यह केवल बिहार की ही नहीं, कमोवेश पूरे देश की यही स्थिति है |

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2018: बेटियों को सलाम

भारतीय महिला खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की झोली में गोल्ड मेडल्स की बरसात कर दी है। इनमें से हालिया गोल्ड मेडल महिला टेबल टेनिस टीम ने जीता है। भारतीय टीम ने सिंगापुर को 3-1 से हराकर पहली बार इस इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया है। लड़कियों के शानदार प्रदर्शन के कारण आज हर भारतीय इन लड़कियों पर गर्व कर रहा है। देशभर से उनको शुभकामनाएं मिल रही हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में भारत के सुनहले सफर की शुरुआत वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने की। वेटलिफ्टर संजीता चानू ने इस सिलसिले को आगे बढ़ाया। वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण का सफर यहीं नहीं रुका। सफलता की इस कहानी में अगला नाम जुड़ा वाराणसी शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर बसे दादूपुर गांव में रहने वाली पूनम यादव का। कभी अभ्यास के बाद भूखे पेट सोने वाली पूनम यादव ने 69 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। उधर निशानेबाजी में हरियाणा के झज्जर की बेटी मनु भाकर ने स्वर्णिम सफलता दिलाई तो महिला टेबल टेनिस के गोल्ड पर भी हमारी बेटियों ने कब्जा जमाया।

क्या आम और क्या खास, भारत की इन बेटियों ने सभी का सीना चौड़ा किया है और यही वजह है कि सभी इनको दिल खेलकर बधाइयां दे रहे हैं। सदी के महानायक बच्चन ‘यूनाइटेड नेशन्स गर्ल चाइल्ड’ के ब्रैंड ऐंबेसडर अमिताभ बच्चन ने भी ट्विटर पर इन विजयी लड़कियों की तस्वीर शेयर की है और बधाई दी है। उन्होंने लिखा है, ‘खेल की महानता और महिला ऐथलीट्स का गौरव कमाल कर रहा है। वेट लिफ्टिंग, शूटिंग, टेबल टेनिस, स्क्वैश… अद्भुत। आप हम भारतीयों का गौरव हैं।’

भारत की इन बेटियों को ‘मधेपुरा अबतक’ का सलाम..! आइये, हम सभी इन बेटियों को बधाई दें और प्रण करें कि अपनी बेटियों की नैसर्गिक प्रतिभा को निखारने में कोई कसर नहीं रखेंगे। याद रखें, हमारी आज की मेहनत ही कल सोना बनकर दमकेगी।

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शाह के ‘जानवर’ वाले बयान पर राहुल का करारा कटाक्ष

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के उस बयान को अपमानजनक बताया जिसमें उन्होंने विपक्ष की तुलना जानवरों से की थी। राहुल ने कहा कि शाह के बयान से उनकी मानसिकता का पता चलता है, जिसमें दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और यहां तक कि उनकी अपनी पार्टी के नेताओं को ‘व्यर्थ’ समझा गया है। राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि देश में प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को छोड़कर सब जानवर हैं।

पत्रकारों से बात करते हुए राहुल ने कहा, ‘अमित शाह पूरे विपक्ष को जानवर कह रहे हैं। भाजपा-आरएसएस का बुनियादी दृष्टिकोण है कि इस देश में केवल दो गैर-जानवर हैं। एक श्री नरेंद्र मोदी और दूसरे श्री अमित शाह।’ राहुल ने आगे कहा कि वह शाह के बयान को अपमानजनक मानते हैं, लेकिन ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते।

शाह पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘देश में केवल दो या तीन लोग हैं जो ‘सब कुछ करने योग्य हैं’ वे सब कुछ समझते हैं और बाकी सब लोग बेकार लोग हैं।’ राहुल ने आगे कहा, ‘इसमें न केवल दलित बल्कि आदिवासी, अल्पसंख्यक भी हैं। यह यहीं खत्म नहीं होता है। इसमें श्री आडवाणी, श्री मनोहर जोशी और यहां तक कि श्री गडकरी, हर व्यक्ति शामिल है।’

बता दें कि शाह ने भाजपा के स्थापना दिवस पर मुंबई में एक रैली में कहा था, ‘2019 (चुनाव) के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। विपक्षी एकजुटता की कोशिश हो रही है। जब भारी बाढ़ आती है तो सब कुछ बह जाता है। केवल एक वटवृक्ष बचता है और बढ़ते पानी से खुद को बचाने के लिए सांप, नेवला, कुत्ते और बिल्लियां और अन्य जानवर साथ आ जाते हैं। ’उन्होंने कहा था, ‘मोदी बाढ़ की वजह से सभी बिल्ली-कुत्ते, सांप और नेवला मुकाबला करने साथ आ रहे हैं।’

बहरहाल, भाजपा अध्यक्ष के बयान में ‘गोरखपुर’ और ‘फूलपुर’ गंवाने की टीस स्पष्ट तौर पर महसूसी जा सकती है। देखा जाय तो विजय रथ पर सवार भाजपा के लिए इन दो लोकसभा सीटों की हार सचमुच उसकी अगली-पिछली कई जीतों पर भारी है और अति आत्मविश्वास की शिकार हो चली पार्टी अपनी इस हार को पचा अब तक पचा नहीं पाई है। जो भी हो, कांग्रेस के ‘परिपक्व’ हो रहे युवा अध्यक्ष ने भाजपा के लिए कई ‘करिश्मा’ दिखा चुके अध्यक्ष को जवाब अच्छा दिया है। वैसे 2019 में अब ज्यादा दिन नहीं। ऐसे तमाम सवालों और जवाबों की असली परीक्षा तो तब ही होनी है।

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एक उम्मीदवार को दो सीटों से चुनाव लड़ने पर रोक

दो दिन पहले माननीय सुप्रीम कोर्ट से मुख्य चुनाव आयोग ने यही कहा कि किसी भी चुनाव में एक उम्मीदवार को 2 सीटों से चुनाव लड़ने पर रोक लगनी चाहिए, क्योंकि इससे राष्ट्रीय संपत्ति और समय दोनों का अपव्यय होता है | चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि यदि कोई उम्मीदवार दोनों सीट जीतने के बाद एक सीट खाली करता है तो उस सीट के लिए होने वाले उपचुनाव का पूरा खर्च उससे वसूल किया जाना चाहिए |

बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के विरुद्ध दाखिल किया गया यह हलफनामा (यह कि 2 सीटों से चुनाव लड़ने के प्रावधान को खत्म किया जाय) याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय की मांग के समर्थन में किया गया है | इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच द्वारा की जा रही है, जिसके अटॉर्नी जनरल हैं- के.के.वेणुगोपाल |

यह भी जानिए कि ऐसे ही उम्मीदवार जब चुनाव जीतने के बाद संसद की सदस्यता ग्रहण करते हैं तो 20-20 दिनों तक भ्रष्टाचार निवारण बिल को लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच उत्पन्न जबरदस्त टकराहट से संसद की कार्यवाही बार-बार ना जाने कितनी बार ठप्प करनी पड़ती है……. कभी-कभी तो दिन भर में 11 बार तक ओलंपिक खेल की तरह संसदीय इतिहास में भी नये-नये रिकॉर्ड बनते रहते हैं |

बता दें कि भारतीय संसद के बजट सत्र- 2018 का आज 6 अप्रैल को समापन हो रहा है | देश के बुद्धिजीवियों के बीच जहाँ विगत 2 महीनों से इन छह मुद्दों-

  • नीरव मोदी बैंक घोटाला
  • किसानों द्वारा आत्महत्या
  • SSC परीक्षा घोटाला
  • CBSE पेपर लीक
  • Facebook डाटा चोरी
  • SC/ST कानून आदि पर सबसे ज्यादा बहस चलती रही है वहीं लोकसभा में केवल SC/ST Act पर मात्र डेढ़ मिनट चर्चा हो पाई |

यह भी जानिये कि बजट सत्र के दूसरे हिस्से के 20 दिनों में मात्र 4 घंटे 52 मिनट लोकसभा चली और आज तक में देश का लगभग 216 करोड़ रुपये बेमतबल खर्च हो गये |

यह बात सबों को जान लेनी चाहिए कि जहाँ संसद सत्र के दरमियान प्रतिदिन 6 घंटे कामकाज के लिए निर्धारित हैं वहीं भारतीय संसद 20 दिनों में 292 मिनट ही चली यानि 5 घंटे से भी कम कामकाज हुए…….. हुआ केवल हंगामा……. जिसमें स्पीकर सुमित्रा महाजन को 44 बार सदन को स्थगित करना पड़ा और 42 बार कहना पड़ा- ‘I am Sorry !’ 15 बार तो एक,दो,तीन मिनट में ही सदन को स्थगित करने को मजबूर होना पड़ा स्पीकर को….. !

तभी तो विगत कई वर्षों से महामहिम भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के करीबी रहे समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा दोनों सदनों (विधानसभा एवं लोकसभा) में खासकर पिंजरे बनवाने की चर्चाए बार-बार की जाती रही हैं | डॉ.मधेपुरी के अनुसार प्रत्येक सदस्य की सीट के चारों तरफ 7 फीट ऊंचे लोहे का जंगला बने जिसमें माननीय बंद रहे और उसमें ऑटोमेटिक इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगाने का प्रावधान हो जिसका रिमोट स्पीकर के पास रहे | तभी सदन में विकास की बातों पर भरपूर चर्चाएं हो पायेंगी |

ऐसा होगा तभी सदन में पक्ष-विपक्ष के सदस्यों के बीच न तो अभद्रतापूर्वक हाथापाई होंगी और न कभी कोई मंत्री किसी महिला विधायिका की साड़ी खींचेंगे और ना ही कोई महिला विधायिका  दूसरी दफा यह कहेगी- “सरकार मेरे शील को अक्षुण्ण रखने की जब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं करेगी तब तक मैं सदन में प्रवेश नहीं करूंगी !”

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तय हो गई लालू के बड़े लाल की शादी

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की शादी तय हो गई है। लालू के पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, तेज प्रताप की शादी बिहार के पहले यादव मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पोती और सारण की परसा सीट से आरजेडी के विधायक चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या राय के साथ हो रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दोनों की सगाई 18 अप्रैल को और शादी 12 मई को होगी।

बता दें कि दरोगा राय 16 फरवरी 1970 से लेकर 22 दिसंबर 1970 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे थे। उनके बेटे और अब लालू प्रसाद यादव के समधी बनने जा रहे चंद्रिका राय भी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उधर लालू-राबड़ी के पुत्र व तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव भी विधायक हैं और बिहार में नीतीश कुमार के साथ महागठबंधन की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस शादी के मौके पर विपक्षी एकता की भी झलक देखने को मिलेगी। उम्मीद है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं का बड़ा मजमा इसमें जुट सकता है। जहाँ तक आरजेडी सुप्रीमो के शादी में शामिल होने का प्रश्न है, आरजेडी सूत्रों के मुताबिक उन्हें जमानत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन देने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, लालू प्रसाद यादव के केस में तकनीकी दिक्कत है कि उन्हें हर सजा में अलग-अलग जमानत लेनी होगी, जिसमें देर भी हो सकती है।

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बिहार में अगले पांच सालों में लगेंगे 14.5 करोड़ पौधे

कृषि रोडमैप के तहत बिहार सरकार अगले पांच साल में राज्य में 14. 5 करोड़ पौधे लगाएगी। मंगलवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री और पर्यावरण एवं वनमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इस साल जुलाई-अगस्त में सघन अभियान चलाकर पूरे प्रदेश में एक करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा। कृषि वानिकी के प्रशिक्षण के लिए बिहार से दो जत्थों में पंतनगर और हल्द्वानी जाने वाले 55 किसानों को संबोधित कर रहे उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कृषि वानिकी से बिहार को नई दिशा मिलेगी।

अपने संबोधन के दौरान उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कृषि वानिकी नीति बनाने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की गई है। कृषि वानिकी को बढ़ावा देकर न केवल हरित आवरण क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाएगा, बल्कि किसानों की आमदनी को भी दोगुना किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अगस्त तक 1980 किसानों के प्रशिक्षण की योजना को बढ़ाकर 5000 करने का निर्देश भी दिया।

बता दें कि बिहार के विभिन्न जिलों से चयनित 55 किसानों में से 30 किसान गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर और शेष 25 किसान उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण संस्थान, हल्द्वानी में तीन दिन (5 से 7 अप्रैल) का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। बकौल मोदी किसान जितने ज्यादा प्रशिक्षित होंगे, कृषि वानिकी को उतनी ही ज्यादा गति मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री ने इस मौके पर बिहार में बांस की खेती को उपयोगी बताते हुए कहा कि भागलपुर में ‘टिश्यू कल्चर लैब’ की स्थापना की गई है और जल्द ही सुपौल में भी बांस के पौधे तैयार किए जाने लगेंगे। बता दें कि भारत सरकार भी बांस की खेती को बढ़ावा दे रही है। इस साल के केंद्रीय बजट में बांस को ‘ग्रीन गोल्ड’ कहा गया है।

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मधेपुरा को अब प्रतिदिन जगाने लगा है डॉ.कलाम पार्क

भारत के साथ-साथ संपूर्ण विश्व को जगानेवाला गांधीयन मिसाइल मेन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम अब मधेपुरा को कलाम पार्क बनकर सवेरे-सवेरे जगाने लगा है | जी हाँ ! सुबह होते ही मधेपुरा का हर व्यक्ति चाहे वह मर्द हो या औरत, बच्चा हो या बूढा या फिर नौजवान ही क्यों ना हो सभी चल देते हैं डॉ….कलाम पार्क की ओर……! इस नजारे को देखते हुए कोई बुजुर्ग अपने ही पोते से कहते हैं- चल पड़े कोटि पग उसी ओर…..!

The Crowd of Dr.Kalam Park during morning time.
The Crowd of Dr.Kalam Park during morning time.

सूरज निकलते-निकलते इस कलाम पार्क का नजारा ऐसा हो जाता है कि कोई कहता- खड़ा होने की जगह नहीं है….. तो बगल से आवाज आती कि कहीं पैर रखने की भी जगह नहीं है…….. कोई यह भी कि तिल रखने की जगह नहीं है |

यह भी जानिए कि जहाँ कल तक इस बिना नाम वाले पार्क को प्रतिदिन लोगों का इंतजार रहता था वहीं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी की कोशिश पर नगर परिषद व जिला प्रशासन द्वारा ‘स्त्री-पुरुष ओपन जिम’ एवं ‘बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूलों के साथ कलाम पार्क नाम रखते ही अब लोगों को प्रवेश पाने के लिए इंतजार करना पड़ता है |

कभी डॉ.कलाम पार्क में खड़े कुछ सज्जनों की नजरें ज्योंही डॉ.मधेपुरी पर पड़ती है कि वे उनके पास जाकर बिना देर किये कुछ यूँ अपनी बातें कहने लगते हैं- कोई कहते हैं- 5 रु. एंट्री फी होनी चाहिए तो कोई 20रु एंट्री फी निर्धारित कराने की बात कहते हुए कि तभी मेंटेनेंस हो पायेगा और केयर टेकर व कोच का भुगतान भी | एक ने तो यहाँ तक कह सुनाया कि बगल वाले शहीद पार्क में महिलाओं को नई जिम सामग्रियों के साथ शिफ्ट करा दीजिए और कलाम पार्क को पूरा का पूरा जेंट्स के लिए छोड़ दीजिए | आगे और भीड़ बढ़ेगी क्योंकि लोग अब स्वास्थ्य के प्रति तेजी से जागरुक हो रहे हैं |

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रघुवंश का दावा, महागठबंधन में शामिल होंगे रामविलास !

अपने बेबाक बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले आरजेडी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने दावा किया है कि लोक जनशक्ति पार्टी मुखिया रामविलास पासवान महागठबंधन में शामिल होंगे। बकौल रघुवंश राम विलास पासवान आरजेडी के संपर्क में हैं और शीघ्र ही महागठबंधन का हिस्सा बनेंगे। उनके इस बयान ने स्वाभाविक तौर पर बिहार के सियासी गलियारों की सरगर्मी बढ़ा दी है।

बहरहाल रघुवंश प्रसाद सिंह ने आगे कहा कि जब जीतनराम मांझी के एनडीए छोड़कर महागठबंधन में आने की बात मैं करता था तब लोग खिल्ली उड़ाते थे, आज मांझी महागठबंधन के साथ हैं। वैसे ही आज जो लोग रामविलास पासवान के महागठबंधन में आने की बात पर हंसी उड़ा रहे हैं, कल उन्हें जवाब देते नहीं बनेगा। पासवान के इस तरह पाला बदलने के पक्ष में तर्क देते हुए रघुवंश ने कहा कि राम विलास पासवान एनडीए सरकार में घुटन महसूस कर रहे हैं। भले ही वे केंद्र में मंत्री हैं, मगर उन्हें मनमुताबिक फैसले लेने की आजादी नहीं है। इसके साथ ही उन्हें यह भी लगने लगा है कि भाजपा का प्रदर्शन आने वाले चुनाव में शायद बेहतर ना हो। इस नाते वे सरकार में कुछ समय मंत्री रहने के बाद चुनाव के समय महागठबंधन के पाले में आ जाएंगे। रघुवंश प्रसाद सिंह ने दावा किया कि 2019 के आम चुनाव में समूचा विपक्ष एकजुट होकर विभाजनकारी भाजपा को परास्त करेगा।

वैसे चलते-चलते बता दें कि इससे पहले भी राजनीति के ‘मौसम वैज्ञानिक’ कहे जाने वाले रामविलास पासवान के एनडीए से अलग होने की खबरें उड़ीं थीं और उन्होंने खंडन करते हुए कहा था कि वे एनडीए का हिस्सा बने रहेंगे।

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मधेपुरा में बनने वाले इंजन पर ‘मधेपुरा’ अंकित होगा – सीएओ आर.के.गुप्ता

यह सच है कि मधेपुरा के किसानों की जमीन पर मधेपुरा के ही सांसद रहे लालू प्रसाद के रेल मंत्रित्वकाल में मधेपुरा को रेल इंजन कारखाना बनाने की स्वीकृति मिली जिसे डायनेमिक डीएम मो.सोहैल एवं समस्त रेल पदाधिकारियों व कर्मियों की मेहनत व लगन ने समय से पूर्व तैयार कर दिया और इंजन को पटरी पर दौड़ा दिया |

यह भी बता दें कि फैक्ट्री से निकलकर ट्रायल के लिए मधेपुरा स्टेशन तक आये इंजन पर ‘मधेपुरा’ अंकित नहीं देखने पर मधेपुरा के युवाओं के दिल की धड़कन को महसूस किया मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने | फिर क्या था, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने इस आशय- “मधेपुरा रेल फैक्ट्री से निकले इंजन पर मधेपुरा अंकित हो” का आवेदन जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) को प्रेषित करने से पूर्व ही मधेपुरा अबतक को हस्तगत करा दिया |

जानिए कि मधेपुरा अबतक द्वारा इस दिशा में पहल किये जाने पर रेल कारखाना के मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी आर.के.गुप्ता ने जहां मधेपुरा अबतक को आश्वस्त किया कि मधेपुरा रेल इंजन कारखाना में बनने वाले प्रत्येक इंजन पर अब मधेपुरा का नाम अंकित रहेगा, वहीं श्री गुप्ता ने यह भी बताया कि फिलहाल भारतीय रेल एवं अल्सटॉम कंपनी द्वारा एसम्बल्ड इस इंजन को कारखाना परिसर में 30 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से ही चलाया जा रहा है | आगे मेन लाइन पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर ट्रायल किया जाएगा | फिर अप्रैल-मई में यूपी के सहारनपुर भेजकर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की फुल स्पीड से चलाकर ट्रायल किया जायगा, क्योंकि वहां पर इंजन के मेंटेनेंस के लिए फ्रांस की एल्सटॉम कंपनी द्वारा डिपो बनाया गया है | उन्होंने मधेपुरा अबतक को यह भी बताया कि सहारनपुर में आरडीएसओ की टीम की देख-रेख में और कई प्रकार के ट्रायल किये जायेंगे |

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2025 तक टी.बी. रोग से मुक्त होगा बिहार- बिहार सरकार

मधेपुरा सदर अस्पताल में विश्व यक्ष्मा दिवस पर दिन भर कार्यक्रम चलता रहा | प्रथम सत्र में सवेरे-सवेरे स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्कूली स्काउट एंड गाइड द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई | इस रैली को  डी.एस. डॉ.शैलेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ.अखिलेश कुमार, डॉ.अशोक कुमार, डॉ.फूल कुमार, डी.पी.एम. आलोक कुमार एवं संचारी रोग पदाधिकारी डॉ.हरिनंदन प्रसाद सहित नवनीत चन्द्रा, गौतम कुमार, मो.नसीम अख्तर, तेजेंद्र कुमार आदि की उपस्थिति में सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पांडे एवं समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया |
बता दें कि रैली में स्वास्थ्य कर्मियों एवं बैंड-बाजे के साथ तुलसी पब्लिक स्कूल के स्काउट एंड गाइड वाले छात्रों के हाथों में तख्तियों पर लिखे हुए निम्नांकित नारों को भारी संख्या में सड़क किनारे खड़े लोगों द्वारा मोबाइल के कैमरों में कैद करते देखा गया – वे नारे यही हैं……
टीबी हारेगा- देश जीतेगा ! पूरा कोर्स- पक्का इलाज !!

सबके सहयोग की शक्ति से- टीबी भागेगा बस्ती से !!!

Attending Tberculosis awareness Workshop, C.S. Dr.Gadadhar Pandey, DS Dr.Shailendra Kumar Gupta, Dr.Akhilesh Kumar, Dr.A Kumar , Dr.Bhupendra Madhepuri, Dr.H.N.Prasad , Md.Shaukat Ali, Dr.Minakshi Verma & others including Rangkarmi Team of Vikas Kumar (Srijan Darpan).
Attending Tberculosis awareness Workshop, C.S. Dr.Gadadhar Pandey, DS Dr.Shailendra Kumar Gupta, Dr.Akhilesh Kumar, Dr.A Kumar , Dr.Bhupendra Madhepuri, Dr.H.N.Prasad , Md.Shaukat Ali, Dr.Minakshi Verma & others including Rangkarmi Team of Vikas Kumar (Srijan Darpan).

दुसरे सत्र में यक्ष्मा कार्यालय के सामने सीएस डॉ.गदाधर पांडे की अध्यक्षता में एक कार्यशाला का वृहद् आयोजन किया गया | इसमें जिले के समस्त आशा कर्मियों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी बुलाया गया था | चिकित्सकों के अलावे समाजशास्त्री डॉ.आलोक कुमार, समाजसेवी मो.शौकत अली, विदुषी डॉ.मीनाक्षी वर्मा सहित रंगकर्मी विकास कुमार की पूरी टीम को सर्वप्रथम समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा संबोधित करने के क्रम में टी.बी. रोग के इतिहास पर प्रकाश डाला गया |
डॉ.मधेपुरी ने कहा कि यह रोग मनुष्यों में 5000 वर्ष पूर्व से ही चिन्हित किया गया है | आरंभ में इसे ‘क्षय रोग’ तथा बाद में ‘तपेदिक’ कहा जाने लगा  | आगे ऋग्वेद में इसे ‘यक्ष्मा’ और अथर्ववेद में ‘बालसा’ कहा गया…… कालांतर में ‘खूनी खांसी’ व ‘पिशाची रोग’ के नाम से भी प्रचलित होता रहा | पहली बार 1839 में जे.एल.स्कर्लिन  द्वारा इस बीमारी को T.B. नाम देकर इसे फेफड़े से जुड़ी बीमारी कहा गया | वर्ष 1906 में वैक्सीन बना जिससे आज भी 80% इलाज किया जा रहा है |
सदर अस्पताल के सभी चिकित्सकों सहित समाजशास्त्री डॉ.आलोक कुमार, समाजसेवी मो.शौकत अली, विदुषी डॉ.मीनाक्षी वर्मा आदि ने भी विस्तार से इस रोग के कारण व निवारण की चर्चाएं की | अध्यक्षीय संबोधन में सीएस डॉ.पांडे ने कहा कि भारत की 40% आबादी में टी.बी. के जीवाणु पाये जाते हैं तभी तो प्रतिदिन 1000 लोगों की मृत्यु हो जाती है | उन्होंने कहा कि टीबी की रोकथाम के लिए मुफ्त जांच एवं मुफ्त दवा की व्यवस्था है |
अंत में संचारी रोग पदाधिकारी डॉ.प्रसाद ने कहा कि नियमित दवाखाने से यह रोग पूरी तरह समाप्त हो जाता है | उन्होंने अतिथियों को लाखों रुपए वाली सीबीनेट मशीन भी दिखाई जिससे एक साथ 4 मरीजों को “टी.बी. है या नहीं”  की जांच हो जाती है |

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