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जदयू ने लॉन्च किया अपना आधिकारिक वेब पोर्टल

जदयू संसदीय दल के नेता व राष्ट्रीय महासचिव श्री आरसीपी सिंह ने आज पार्टी मुख्यालय में जदयू के आधिकारिक वेब पोर्टल (www.janatadalunited.online) और वेब पत्रिका ‘जदयू संदेश’ का लोकार्पण किया। जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, मुख्य प्रवक्ता श्री संजय सिंह, विधानपार्षद श्री नीरज कुमार, विधानपार्षद श्री संजय कुमार सिंह (गांधीजी), विधानपार्षद श्री रामेश्वर महतो, प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारीद्वय डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं श्री अनिल कुमार, प्रवक्ता डॉ. सुहेली मेहता, डॉ. भारती मेहता, श्री निखिल मंडल, श्री अरविन्द निषाद, श्रीमति श्वेता विश्वास, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार, महादलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री हुलेस मांझी, राष्ट्रीय कार्यालय सचिव श्री मिथिलेश प्रसाद सहित मीडिया सेल की पूरी टीम मौजूद रही।

JDU Media Cell President Dr.Amardeep demonstrating ( www.janatadalunited.online ) on the occasion of Launching of JDU Web Portal.
JDU Media Cell President Dr.Amardeep demonstrating ( www.janatadalunited.online ) on the occasion of Launching of JDU Web Portal.

लोकार्पण के उपरान्त अपने संबोधन में श्री आरसीपी सिंह ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि नेता, नीति, विचार और कार्यक्रम हर मामले में हमारी पार्टी बेजोड़ है और अब हम तकनीक में भी सबसे आगे होंगे। उन्होंने कहा कि ये समय आधुनिक संचार माध्यमों का है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि पार्टी के मीडिया सेल की मेहनत और मुस्तैदी से अब मीडिया के हर फॉर्मेट पर जदयू की शानदार उपस्थिति रहेगी।
लोकार्पण से पूर्व जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने विस्तार से वेब पोर्टल और वेब पत्रिका की जानकारी दी और उपस्थित लोगों को इनकी खूबियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आज से हमारी पार्टी एक नए युग में प्रवेश कर रही है। पार्टी के विचार और संस्कार को अब तकनीक की ताकत मिल गई है। मधेपुरा अबतक के पाठकों के लिए यहां ध्यातव्य है कि जदयू के लिए इस अत्यन्त महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देने वाले डॉ. अमरदीप मधेपुरा से ताल्लुक रखते हैं।
बहरहाल, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय ने कहा कि डॉ. अमरदीप के नेतृत्व में जदयू मीडिया सेल ने पार्टी हित में तकनीक का बेहतरीन उपयोग किया है। ये बदलते समय की मांग थी, जिसे जदयू मीडिया सेल ने अपने गठन के कुछ दिनों के अन्दर पूरा किया है। मुख्य प्रवक्ता श्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि हमारी पार्टी ने जनहित के कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं लेकिन प्रचार में हमलोग पीछे रह जाते थे। ये कमी अब दूर हो जाएगी। विधानपार्षद व प्रवक्ता श्री नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी का वेब पोर्टल और वेब पत्रिका ये सिद्ध करने में सहायक होंगे कि हमलोग पॉलिटिक्स विद डिफरेंस करते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में पार्टी के मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं श्री अनिल कुमार ने श्री आरसीपी सिंह सिंह सहित सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मीडिया सेल की ओर से श्री राहुल सिन्हा, श्रीमति राधा रानी, श्री आशुतोष सिंह राठौड़, श्री रविन्द्र नाथ मिश्रा, श्री राजेश कुमार, श्री विकास कुमार सिंह, श्री जीतेन्द्र यादव, श्री सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।

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बहुत खास होगा दिल्ली का बिहार सदन

बुधवार, 2 मई को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को दिल्ली के द्वारका सेक्टर-19 में नए बिहार राज्य अतिथि गृह ‘बिहार सदन‘ का शिलान्यास किया। शिलान्यास का कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भारतीय परम्परा के अनुसार नारियल फोडकर व शिलापट्ट का अनावरण कर हुआ। दो एकड़ में बनने जा रहा यह भव्य भवन दिल्ली में ‘बिहार भवन‘ एवं ‘बिहार निवास‘ के बाद बिहार राज्य का तीसरा गेस्ट हाउस होगा। शिलान्यास के उपरान्त मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सदन आधुनिक एवं प्रगतिशील बिहार की छवि प्रस्तुत करेगा। इस भवन के निर्माण से दिल्ली में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बिहार के निवासियों को काफी सुविधा मिलेगी।

Shilayanash of Bihar Sadan by CM Nitish Kumar in Delhi.
Shilayanash of Bihar Sadan by CM Nitish Kumar in Delhi.

गौरतलब है कि बिहार सदन बेसमेंट एवं भूतल के अलावा 10 (दस) फ्लोर का होगा। इसमें कुल 118 कमरे होंगे। इसके अलावा 200 लोगों के लिए कान्फ्रेंस रूम, 180 लोगों की क्षमता वाला कैफेटेरिया तथा 200 लोगों के लिए एक्जीविशन क्षेत्र रहेगा। ऊर्जा संरक्षण के उद्देश्य से सौर पैनल का लगाए जाएंगे और यह भव्य भवन पूरी तरह से भूकंपरोधी होगा। बता दें कि बिहार सदन का कुर्सी क्षेत्रफल 14771.30 वर्गमीटर होगा तथा राज्य योजना मद से इसके निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में 10 करोड़ तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 में 68.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

बहरहाल, इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमारे सारे अधिकारी एवं अभियंता इस भवन के निर्माण कार्य में तत्परता के साथ लगे हुए है। भवन निर्माण विभाग का कहना है कि एक साल छह महीने के अंदर यह भवन बनकर तैयार हो जाएगा। इस लक्ष्य के अनुसार अगर 02 अक्टूबर 2019 को इस भवन का उदघाटन हो जाए तो यह महात्मा गाँधी की 150वीं जन्मशती के उपलक्ष्य में अत्यंत हर्ष का विषय होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हाल के वर्षो में आधुनिकतम तकनीकों पर आधारित भवनों का निर्माण किया गया है जिसकी चर्चा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। बिहार म्यूजियम का निर्माण जवाहरलाल नेहरू पथ, जिसे आमतौर पर बेली रोड़ कहा जाता है, में किया गया है। यह पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इसके अतिरिक्त सम्राट अशोक कन्वेंशन सेन्टर, ज्ञान भवन तथा बापू सभागार का निर्माण भी उत्कृष्ट कोटि का हुआ है। साथ ही उन्होंने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर ‘साइंस सिटी’ का निर्माण किया जा रहा है। इन सभी भवनों का निर्माण नवीनतम तकनीक पर आधारित है।

चलते-चलते बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सबसे पहले साठ के दशक में ‘बिहार भवन’ का निर्माण कराया गया था। उसके बाद राज्य के निवासियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का दिल्ली में प्रवास बढ़ने पर अस्सी के दशक में ‘बिहार निवास’ का निर्माण कराया गया और अब ‘बिहार सदन’ अस्तित्व में आने जा रहा है। इसे बढ़ते बिहार की बड़ी बानगी कहें तो गलत ना होगा।

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बेटियों के जन्म पर राज्य सरकार करेगी ढाई हजार करोड़ की बारिश

सूबे की नीतीश सरकार ने बाल विवाह पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है | अब डेढ़ करोड़ बच्चियों पर प्रतिवर्ष लगभग ढाई हजार करोड़ रुपयों की बारिश करेगी राज्य सरकार | कैबिनेट की विशेष बैठक में “मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना” को मंजूरी दे दी गई है | बच्चियों के जन्म से लेकर इंटर और ग्रेजुएशन करने की शर्तों के साथ सारी नई योजनाएं इसी माह से लागू कर दी जायेंगी | हाँ ! सारे माता-पिता यह याद रखें इस योजना का लाभ परिवार के दो बच्चों तक ही सीमित रहेगा |

बता दें कि घर में बेटी के जन्म लेते ही राज्य सरकार की ओर से माता-पिता के बैंक खाते में 2000 रु जमा दिये जायेंगे | आगे 1 वर्ष की उम्र में उसका आधार लिंक होने के साथ-साथ टीकाकरण पूरा हो जाने पर (1000 + 2000) कुल 3000 रु जमा दिये जायेंगे यानी बेटी की उम्र 1 वर्ष होते ही माता-पिता के बैंक खातों में लगभग 5000रु मुख्य सचिव द्वारा जमा दिये जायेंगे |

यह भी जानिए कि लड़की के अविवाहित होने की शर्त के साथ ही इंटर पास करने पर राज्य सरकार उसे 10,000 रु देगी | इसके अलावे लड़की के ग्रेजुएशन करने पर 25,000 रु दिये जायेंगे जबकि ग्रेजुएशन में लड़की के विवाहित या अविवाहित होने की शर्त नहीं रखी गई है |

यह भी बता दें कि फिलहाल लड़कियों से जुड़ी योजनाओं पर 840 करोड रुपये सालाना खर्च होते हैं | नई योजनाओं के लागू होने पर यह रकम बढ़कर 2221 करोड़ यानी लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये हो जायेगी | यह भी जान लीजिए कि पूर्व में बच्चियों को सैनेटरी नैपकिन के लिए 150 रूपये दिये जाते थे जिसे अब 300रु कर दिये जायेंगे | इस तरह प्रत्येक बच्ची को जन्म से लेकर (ग्रेजुएशन करने तक राज्य सरकार द्वारा कुल 54,100 रुपए दिये जायेंगे |

फिलहाल शिक्षा के क्षेत्र में बालिकाओं के लिए पोशाक योजना, साइकिल योजना, छात्रवृत्ति योजना और मेधावृत्ति योजना से कक्षाओं में लड़के एवं लड़कियों का अनुपात लगभग बराबर हो गया है और आगे मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना लागू होने पर महिलाओं के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक सशक्तिकरण और उनके समानता के अधिकार को सुदृढ़ होने का अवसर प्राप्त होता रहेगा…….|

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एम्स से छुट्टी पर भड़के लालू ने लिखा पत्र

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से छुट्टी मिल गई है। गौरतलब है कि लालू अपना इलाज कराने के लिए करीब एक महीना पहले एम्स में भर्ती हुए थे। एम्स प्रशासन ने अब उन्हें वापस जाने को कह दिया है, लेकिन एम्स द्वारा छुट्टी देना लालू को नागवार गुजरा। उन्होंने इस संबंध में बकायदा पत्र लिखकर एम्स प्रशासन से नाराजगी जाहिर की और कहा कि उन्हें अभी और इलाज की जरूरत है, लिहाजा उन्हें अभी एम्स में ही रहने दिया जाए।

एम्स से अपनी छुट्टी को ‘राजनीतिक दबाव’ बताने पर जोर दे रहे लालू प्रसाद यादव ने अपने पत्र में लिखा कि मुझे रांची मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली में अच्छे इलाज के लिए भेजा गया था। अभी भी मेरी तबीयत ठीक नहीं हुई है। मैं आपको अवगत कराना चाहता हूं कि मैं हृदय रोग, किडनी इन्फेक्शन, शुगर एवं कई बीमारियों से ग्रस्त हूं। कमर में दर्द है एवं बार-बार चक्कर आ रहा है। मैं कई बार बाथरूम में गिर भी गया हूं। इन सब बीमारियों का इलाज यहां चल रहा है। प्रत्येक नागरिक का यह मूलभूत संवैधानिक अधिकार है कि उसका समुचित इलाज उसकी संतु्ष्टि के अनुसार हो। पर ना जाने किस राजनीतिक दबाव की वजह से मुझे यहां हटाया जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आरजेडी सुप्रीमो से मिलने एम्स पहुंचे। इस मुलाकात की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में लालू प्रसाद यादव हरे रंग के कुर्ते, उजले रंग के पायजामे और एक चप्पल में एक बड़े सोफासेट पर बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि राहुल गांधी उनके सामने बैठे हुए हैं। इसे संयोग ही कहा जाएगा कि इस तस्वीर के सामने आने के बाद ही यह खबर आई कि एम्स प्रशासन ने उन्हें छुट्टी दे दी है।

बहरहाल, बता दें कि लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला से जुड़े अलग-अलग मामलों में जेल की सजा काट रहे हैं। जेल में तबीयत खराब होने के बाद उऩ्हें पहले रिम्स में भर्ती कराया गया था और फिर उन्हें दिल्ली के एम्स में लाया गया था, जहां उन्हें स्वास्थ्य लाभ के साथ ही ‘राजनीतिक लाभ’ भी मिल रहा था। स्वाभाविक है कि अब इसमें होने वाली संभावित कमी उन्हें परेशान करेगी।

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मधेपुरा स्मार्ट सिटी बनने की राह पर……!

मधेपुरा स्मार्ट सिटी बनने की राह पर तेजी से कदम बढ़ा चुका है | यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज,  रेल इंजन फैक्ट्री के साथ-साथ दर्जनों विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं क्लास वन होटलों से भरा पूरा है मधेपुरा | प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों से गौरवान्वित होता रहा है मधेपुरा | प्रायः सभी क्षेत्रों में नाम रोशन करता रहा है |

इसी मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल को बेहतर कार्य क्षमता प्रदर्शित करने हेतु तीन-तीन बार सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सम्मानित भी किया गया है | निर्माण कार्यों के मॉनिटरिंग को लेकर डीएम हमेशा चौकन्ना रहा करते हैं | बिहार दिवस से लेकर जिला स्थापना दिवस के बीच जितने दिवस हों सबों को उत्सव के रूप में मनाता है मधेपुरा |

लेकिन जिला बनने से पहले मधेपुरा कठघरे का शहर हुआ करता था | बस एक मेन रोड अरुणा होटल यानी वर्तमान अरुणा ट्रेडिंग (सुभाष चौक) के पास वाले रोड पर ही बस स्टैंड हुआ करता था | आज की तारीख में बीपी मंडल चौक के पास जिला परिषद का बड़ा बस स्टैंड भी लंबी दूरी की एयर कंडीशन्ड बसों व वाहनों की बढ़ती संख्या के सामने छोटा पड़ गया है |

बता दें कि अब रेल फैक्ट्री से लेकर बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस तक लगभग 15 किलोमीटर के अंदर फैल चुका है मधेपुरा | मेन रोड के अलाबे पूर्वी एवं पश्चिमी दोनों बाईपास सड़कें सैकड़ों भिन्न-भिन्न प्रकार की एजेंसियों व दुकानों से सज गई हैं | दो नेशनल हाईवे के मिलन स्थल पर यहाँ के स्थानीय महापुरुषों के नाम वाले चौक हैं- बी.एन.मंडल चौक एवं बी.पी.मंडल चौक |

यह भी जानिए कि शहर के पश्चिमी बाईपास रोड (भिरखी) स्थित निर्माणाधीन बस स्टैंड का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए डीएम मो.सोहैल ने निर्माण कार्य के बाबत लंबित राशि 25 लाख़ का भुगतान भी कर दिया है और 1 महीने का समय दिया है जिसमें 10 प्लेटफार्म बनाये जायेंगे | दसों निर्धारित प्लेटफार्म पर ही संबंधित क्षेत्र के लिए जाने-आने वाली बसें खड़ी रहेंगी ताकि यात्रियों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़े | सारे कार्यों को अब स्मार्ट तरीके से मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा अंजाम दिया जा रहा है तो निश्चय ही मधेपुरा कोसी अंचल का पहला स्मार्ट सिटी बनेगा ही बनेगा…….| भला जो मधेपुरा रास बिहारी लाल मंडल, शिवनंदन प्रसाद मंडल, जेबी कृपलानी, भूपेंद्र नारायण मंडल, बीपी मंडल, मो.कुदरतउल्लाह, यदुनाथ झा, ईश्वरी प्रसाद सिंह….. जैसे स्मार्ट सोच वालों की धरती रही हो उसे स्मार्टसिटी बनने से भला कौन रोक पायेगा |

1978 में सर्वप्रथम गठित मधेपुरा नगरपालिका के प्रथम उपाध्यक्ष रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि भले ही मधेपुरा आज तक स्मार्ट सिटी न बन पाया हो परंतु यहाँ के लोग आरंभ से ही स्मार्ट सोच के रहे हैं |

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बिहार के अतुल प्रकाश को यूपीएससी में चौथा स्थान

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 2017 में सिविल सर्विसेज की लिखित परीक्षा और 2018 में इंटरव्यू के आधार पर अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। सफल उम्मीदवारों की सूची में हैदराबाद के अनुदीप दुरिशेट्टी को प्रथम स्थान मिला है। वहीं, दूसरे नंबर पर अनु कुमारी और तीसरे पर सचिन गुप्ता हैं। बिहार के अतुल प्रकाश ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त किया है। जबकि पांचवां स्थान पवन कौशिक को मिला है।

गौरतलब है कि प्रथम पांच में स्थान बनाने वाले अतुल प्रकाश आइआइटियन हैं और मूलत: बिहार के आरा के रहने वाले हैं। उनके पिता एके राय रेलवे इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी हैं और वर्तमान में हाजीपुर जोन में मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।

यूपीएससी के टॉपर दुरिशेट्टी अनुदीप गूगल में काम कर चुके हैं। वे साल 2011 में बिट्स पिलानी से ग्रैजुएट हैं। उन्होंने 2013 में भी यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की थी। उस साल उन्हें 790वां स्थान मिला था और वर्तमान में वे भारतीय राजस्व सेवा के अंतर्गत असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स के रूप में पदस्थापित हैं।

बता दें कि इस साल कुल 990 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इनमें सामान्य श्रेणी के 476, ओबीसी के 275, अनुसूचित जाति के 165 तथा अनुसूचित जनजाति के 74 अभ्यर्थी शामिल हैं। जबकि रिजर्व सूची में कुल 132 अभ्यर्थी हैं। चलते-चलते यह भी बता दें कि इस साल आइएएस के 180, आइएफएस के 42, आइपीएस के लिए 150, सेंट्रल सर्विस ग्रुप ‘ए’ के लिए 565 तथा ग्रुप ‘बी’ के लिए 121 पदों पर नियुक्ति होनी है।

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मधेपुरा में रेलवे हाई लेवल प्लेटफार्म निर्माण हेतु 5 करोड़ आवंटित

रेलवे बोर्ड ने 4 करोड़ 80 लाख की राशि आवंटित कर दौरम मधेपुरा स्टेशन पर दो हाई लेवल प्लेटफॉर्म बनाने की स्वीकृति दे दी है | शीघ्रातिशीघ्र टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर कार्यारंभ किया जायेगा | ये दोनों प्लेटफार्म 700-700 मीटर लंबाई के बनाये जायेंगे तथा प्लेटफार्म निर्माण इसी साल पूरा कर लिया जायेगा | मापी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है | जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी | ये बातें सीनियर डीईएन थ्री श्री संजय कुमार ने मधेपुरा अबतक से कही |

बता दें की प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ने से अब ट्रेन की सभी 24 बोगियाँ प्लेटफार्म के अंदर ही खड़ी होंगी| साथ ही प्लेटफार्म की सतह को भी ऊंचा कर बोगी के दरवाजे (गेट) के लेवल में किया जाएगा | तब सीनियर सीटीजन्स की सारी परेशानियां दूर हो जायेंगी | आम यात्रियों को भी ट्रेन में चढ़ने उतरने की परेशानियों से मुक्ति मिल जायेगी |

यह भी जानिये कि वर्तमान में दौरम मधेपुरा स्टेशन के प्लेटफार्म की लंबाई मात्र 510 मीटर है और शेड भी इतना छोटा कि आती-जाती गाड़ियों की 3-4 बोगी को छोड़ सभी बोगी शेड से बाहर ही खड़ी होती हैं | और तो और अधिकांश बोगियों के सामने खड़े यात्रियों का गेट के हैण्डल तक भी हाथ नहीं पहुंच पाता है | ऐसे में बुजुर्ग एवं महिला यात्रियों की तो बात दूर बल्कि सामान्य यात्रियों को भी बोगी में चढ़ने-उतरने में गिरकर जख्मी होने का खतरा बना रहता है |

रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग को बुजुर्ग लोग अग्रिम बधाई दे रहे हैं | विभाग शीघ्रातिशीघ्र निर्माण कार्यों को अंजाम देने का काम करें ताकि उन्हें बोगी में चढ़ने-उतारने के लिए अगले वर्ष से गेट पर कुर्सी नहीं लगानी पड़े |

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जी हाँ, ‘निर्भया’ ने पहुँचाया आसाराम को अंजाम तक !

लाखों लोगों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले आसाराम बापू को बुधवार को उम्रकैद की सजा मिली। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका श्रेय देश भर को झकझोर देने वाली दिल्ली गैंगरेप की शिकार ‘निर्भया’ को जाता है? जी हाँ, यह निर्भया केस के बाद हुए कानूनी बदलाव का ही नतीजा है कि आसाराम को जिन्दगी भर के लिए जेल में रहने की सजा सुनाई गई है। गौरतलब है कि निर्भया केस के बाद रेप लॉ में बदलाव करके उसके बेहद सख्त बना दिया गया था। यह बदलाव 2 अप्रैल 2013 से लागू हुए। आसाराम के खिलाफ मामला अगस्त 2013 में दर्ज हुआ और यही कारण है कि उसे नए कानून के तहत सजा मिली।

आसाराम को रेप की जिन धाराओं में जीवन भर जेल की सजा हुई है, वे तमाम धाराएं और कानून निर्भया केस के बाद जोड़े गए थे। इसके तहत गैंगरेप में 20 साल से लेकर उम्रकैद यानि मौत होने तक जेल में रखने का प्रावधान किया गया था। वहीं, ऐसा शख्स रेप करता है, जिस पर पीड़िता भरोसा करती थी तो ऐसे मामले में 10 साल से लेकर ताउम्र जेल का नियम बनाया गया। इन दोनों ही धाराओं में आसाराम को सजा दी गई है।

इससे पहले, गैंग रेप के मामले में अधिकतम उम्रकैद का ही प्रावधान था। साथ ही सरकार को 14 साल जेल काटने के बाद सजा में छूट देने का भी अधिकार था। लेकिन जिन दो धाराओं में आसाराम को उम्रकैद दी गई है, उसमें उम्रकैद का मतलब स्वाभाविक तरीके से मृत्यु होने तक जेल से है और ऐसे मामले में सरकार सजा में छूट भी नहीं दे सकती। इस तरह हम कह सकते हैं कि ये ‘निर्भया’ ही है, जिसने आसाराम को उसके अंजाम तक पहुँचाया।

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फिर बिगड़े चौबे के बोल

बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता व केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। इस बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलने के क्रम में चौबे ने कुछ ऐसी टिप्पणी कर दी जो किसी भी तरह शोभनीय नहीं। उन्होंने कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद राहुल को श्मशान पहुंचाने के लिए चार लोग भी नहीं मिलेंगे।

वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में अश्विनी चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शेर हैं और राहुल गांधी सवा शेर बनने की कोशिश न करें। उन्‍होंने सवाल किया कि कांग्रेस अध्‍यक्ष लोकसभा में क्‍यों गूंगे रहते हैं? उनके बयानों में कोई तथ्‍य रहता है क्‍या? दरअसल चौबे प्रधानमंत्री मोदी को राहुल गांधी के 15 मिनट भाषण वाली चुनौती के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। गौरतलब है कि पिछले दिनों राफेल व नीरव मोदी मामले के संदर्भ में राहुल ने कहा था कि उन्‍हें संसद में भाषण देने के लिए सिर्फ 15 मिनट मिल जाएं तो प्रधानमंत्री मोदी उनके सामने खड़े नहीं हो पाएंगे।

बहरहाल, अश्विनी चौबे की इस टिप्पणी पर हंगामा मच गया है। वाराणसी में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री का पुतला फूंक अपना विरोध जताया है। देश के अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस कार्यकर्ता इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। पर चौबे इन प्रतिक्रियाओं से परेशान हो रहे होंगे, ऐसा लगता नहीं। और परेशान हों भी क्यों, ऐसे ही बयानों से वे चर्चा में बने रहते हैं और ‘प्रसाद’ मिल जाता है वो अलग।

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साढ़े तीन अरब साल पहले सूख गईं मंगल की झीलें

कहना गलत ना होगा कि मंगल ग्रह दूसरे ग्रह पर जीवन की संभावनाएं तलाश रहे दुनिया भर के खगोलविदों के कौतूहल का केन्द्र बना हुआ है। हम और आप भी इस कौतूहल से बचे हुए नहीं हैं और ज्यों-ज्यों इसके बारे में जानकारियां हासिल होती जा रही हैं, कौतूहल भी उसी अनुपात में बढ़ता जा रहा है। आप जानते ही होंगे कि इस ग्रह को लेकर सर्वाधिक उत्सुकता इस बात की रही है कि वहां पानी की मौजूदगी है या नहीं? इस बाबत हुए गहन शोधों से यह स्पष्ट हो चुका है कि मंगल ग्रह का पर्यावरण कभी तरल पानी के अनुकूल था। पर यक्ष प्रश्न जो बच गया थो वो यह कि क्या वो पानी अब भी मौजूद है? और अगर वो वर्तमान में मौजूद नहीं तो अतीत में उसकी मौजूदगी वहां कब तक थी?

इस उत्सुकता को शांत करने के लिए मंगल ग्रह पर फैले नदियों के अवशेषों का अध्ययन किया गया जिससे इस बात की पुष्टि हुई है कि वहां करीब साढ़े तीन अरब साल पहले भारी मात्रा में पानी मौजूद था और फिर कालांतर में वहां की सभी झीलें सूख गईं। जी हाँ, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने यह दावा लाल ग्रह की सतह पर मौजूद लंबी दरारों का अध्ययन करने के बाद किया है। इन दरारों की खोज अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने 2017 की शुरुआत में की थी।

बता दें कि कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में प्राचीन काल में पृथ्वी के पड़ोसी ग्रह के मौसम से जुड़ी जानकारियों पर से भी पर्दा उठाया है। वैज्ञानिक नैथनील स्टीन का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक जलस्त्रोत की तलछट के हवा के संपर्क में आने से सूखी दरारों का निर्माण होता है। ये दरारें झीलों के किनारे की जगह उनके केंद्र के नजदीक स्थित हैं। इससे स्पष्ट है कि समय के साथ इन झीलों के स्तर में उतार-चढ़ाव भी होता था। जियोलॉजी जर्नल में छपे इस शोध के अनुसार पृथ्वी की तरह मंगल के झरने भी एक ही तरह के चक्र का पालन करते थे। इस अध्ययन से लाल ग्रह पर मौजूद झील की प्रणालियों के विषय में जानकारियां सामने आएंगी।

बहरहाल, इस अध्ययन को क्यूरियोसिटी रोवर के मिशन का दूसरा अध्याय कहा जा रहा है। अभी बहुत सी रोमांचक जानकारियों से पर्दा उठना बाकी है। तब तक हम और आप स्वतंत्र हैं अपनी रुचि और कल्पनाओं का लोक वहां बसाने के लिए।

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