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सिंहेश्वर महोत्सव के अलावे मधेपुरा जिले में और दो महोत्सव

अब तक बिहार की नीतीश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा शिवरात्रि मेले के दौरान तीन दिवसीय सिंहेश्वर महोत्सव का आयोजन विगत 5 वर्षों यानि 2014 से ही होता आ रहा है | पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित किये जाने वाले सिंहेश्वर महोत्सव में पाँच वर्षों से तकरीबन 15 लाख रुपये मिलता चला आ रहा है |

बता दें कि अब नीतीश सरकार के कला संस्कृति विभाग द्वारा जिले में दो और महोत्सवों के आयोजन की स्वीकृति हाल फिलहाल दे दी गई है | विभागीय मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने जिले में होने वाले मधेपुरा गोपाष्टमी महोत्सव के लिए 20 लाख एवं सिंहेश्वर मेला में होने वाले एक और महोत्सव के लिए 10 लाख यानी कुल 30 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है |

यह भी जानिए कि सूबे के कला संस्कृति विभाग द्वारा 2018-19 के सांस्कृतिक कैलेंडर में मधेपुरा के गोपाष्टमी महोत्सव एवं सिंहेश्वर मेला में एक और महोत्सव के आयोजन को भी शामिल कर लिया गया है |

चलते-चलते बता दें कि राज्य की सांस्कृतिक खूबियों को विकसित करने के लिए मधेपुरा में दो और महोत्सवों के आयोजन को स्वीकृति दी गई है |

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जिले के विद्यालयों में एथलेटिक्स को मिलेगा स्तरीय बढ़ावा !

जहाँ एक ओर दिल्ली में 34 साल बाद ‘भारतीय खेल प्राधिकरण’ का नाम बदलकर ‘स्पोर्ट्स इंडिया’ रखने की घोषणा की गई है वहीं राष्ट्रीय विद्यालय एथलेटिक्स खेल प्रतियोगिता-2018 को बिहार में ही माह नवंबर में आयोजित किये जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है | मधेपुरा जिला तो कबड्डी एवं टेबुल टेनिस के क्षेत्र में ऊंचाई को प्राप्त कर चुका है परंतु एथलेटिक्स के क्षेत्र में थोड़ा पीछे है ।

बता दें कि 10-12 स्कूलों को मिलाकर एक संकुल केंद्र बनाया जायेगा ताकि स्कूलों में एथलेटिक्स को बढ़ावा मिल सके तथा एथलेटिक्स के प्रति बच्चे-बच्चियों में रुचि पैदा हो सके क्योंकि आजकल खेल करियर का विकल्प बनता जा रहा है जो जीवन के लिए महत्वपूर्ण है |

यह भी जानिए कि बिहार के मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग के सहयोग से इस दिशा में योजना बनाने एवं कला संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया है | मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्तर के कुछ खेलों को भी इसमें शामिल करने की सहमति प्रदान की है |

चलते-चलते यह भी बता दें कि स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में ही यह प्रतियोगिता आगामी माह नवंबर-2018 में होनी है | इस प्रतियोगिता में बिहार के स्कूलों के चुनिंदा बच्चे-बच्चियाँ ही भाग ले सकेंगे | नवंबर से पहले जिला व राज्यस्तर पर प्रतियोगिता कराकर ही राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों का चयन किया जाएगा | प्रत्येक स्कूल के खेल शिक्षक, एचएम एवं अभिभावक खेल में रुचि रखने वाले बच्चों को अभी से प्रोत्साहित करने में अभिरुचि दिखाएं |

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जो ईमानदारी से करता है काम उन्हें जाते समय मिलता है सम्मान !

धैर्य, लगन एवं ईमानदारी से काम करने वाले सिविल सर्जन डॉ.गदाधर प्रसाद पाण्डेय को सेवाकाल के आरंभ में भले ही यहाँ कई उतार-चढ़ाव देखने को मिला हो, परंतु शनै:-शनै: उनके सेवा धर्मवाले शालीन स्वभाव से परिचित होते ही सभी सहकर्मी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं जिले के तत्कालीन डायनेमिक डीएम मो.सोहैल से भी भरपूर सहयोग मिलना शुरू हो गया तथा स्वास्थ्य के कई क्षेत्रों में यह जिला बिहार में शीर्ष तक पहुंचकर परचम लहराने लगा व पुरस्कृत होने लगा | कार्य के प्रति कॉन्फिडेंस एवं समर्पण के चलते ही डॉ.पाण्डेय ने ‘विदाई समारोह’ का नाम खुद से ‘सम्मान समारोह’ अंकित करवाया | सदर अस्पताल के इतिहास में विगत 25 वर्षों से सेवानिवृत्ति पर किसी सिविल सर्जन का ऐसा भव्य सम्मान समारोह आयोजित नहीं हो पाया था | यह डॉ.पाण्डेय के शालीन स्वभाव और काम के प्रति समर्पण का सम्मान है |

Samasjsevi Dr.Madhepuri along with Dr.N.K.Nirala , Prof. S.K.Yadav & CS Dr.Shailendra Kumar greeting Dr.Gadadhar Pandey on his Farewell function at Sadar Hospital , Madhepura.
Samasjsevi Dr.Madhepuri along with Dr.N.K.Nirala , Prof. S.K.Yadav & CS Dr.Shailendra Kumar greeting Dr.Gadadhar Pandey on his Farewell function at Sadar Hospital , Madhepura.

बता दें कि मधेपुरा के ही अधीक्षक डॉ.शैलेन्द्र कुमार गुप्ता (वर्तमान सिविल सर्जन सहरसा) जब यहाँ योगदान करने आ रहे थे तो कई प्रकार की दुविधाएं एवं आशंकाएं उनके मन को घेर लिया था, परंतु कुछ ही दिनों में काम के प्रति उनकी रुझान को देखकर सहयोगियो व कर्मियों का ऐसा समर्थन मिला जिसे वे व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं | ऐसे कर्मशील सीएस डॉ.पाण्डेय एवं अधीक्षक डॉ.गुप्ता के लिए सदर अस्पताल परिसर में आयोजित इस भव्य सम्मान समारोह की अध्यक्षता का भार सौंपा गया डीआईओ डॉ.अशोक कुमार वर्मा को |

इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्यरूप से डीएम नवदीप शुक्ला (भा.प्र.से.), डीडीसी मुकेश कुमार, नये सीएस डॉ.शैलेन्द्र कुमार, आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार मंडल तथा समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेंन्द्र नारायण मधेपुरी सहित पतंजलि के डॉ.एन.के.निराला, प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी के विनय वर्धन उर्फ़ खोखा यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव व हम के जिला अध्यक्ष शौकत अली आदि उपस्थित हुए एवं जिले के कोने-कोने से आए चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों में अद्भुत उमंग एवं उत्साह का गवाह देखा गया |

All the Doctors , Professors and The Dignitaries of Madhepura District attending the Samman Samaroh of the Farewell Ceremony of Civil Surgeon Dr.Gadadhar Pandey at O.P.D Building , Sadar Hospital , Madhepura.
All the Doctors , Professors and The Dignitaries of Madhepura District attending the Samman Samaroh of the Farewell Ceremony of Civil Surgeon Dr.Gadadhar Pandey at O.P.D Building , Sadar Hospital , Madhepura.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में डीएम नवदीप शुक्ला (IAS) ने कहा कि सेवाकाल में जो प्रेम-प्रतिष्ठा, यश एवं कीर्ति प्राप्त करता है वही जाने के बाद याद आता है | डीडीसी मिथिलेश कुमार एवं रेड क्रॉस के सचिव डॉ.ए.के.मंडल ने डॉ.पाण्डेय के दीर्घ एवं स्वस्थ्य जीवन की कामना की तथा डॉ.गुप्ता के उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी |

कार्यक्रम के आरंभ में मधेपुरा के भीष्म पितामह डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित तीनों सीएस को ब्रह्मा-विष्णु-महेश कहकर संबोधित करते हुए उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया तथा स्वलिखित पुस्तक “इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल” भेंट की | साथ  ही ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी रंजू के संस्थान को संदर्भित करते हुए सीएस डॉ.पाण्डेय का एक संस्मरण सुनाया कि कैसे कोई कोशिश करके कॉन्फिडेंस बिल्डअप कर सकता है |

मौके पर डॉ.एल.के.लक्ष्मण एवं उल्लास मुखर्जी ने गाकर अपने उद्गार व्यक्त किये और वर्तमान सीएस डॉ.शैलेन्द्र कुमार, उपाधीक्षक डॉ.अखिलेश कुमार, डीपीएम डॉ.आलोक कुमार, डीपीसी तेजेंद्र कुमार, डॉ. डी.पी गुप्ता , डॉ.आलोक निरंजन, डॉ.रंजना भगत, डॉ.डी.के.सिंह, डॉ.सीताराम यादव, डॉ.सरोज सिंह, डी.पी.टूटी, डॉ.निशा कुमारी, डॉ.पी.आर.भास्कर आदि सहित मैनेजर नवनीत चंद्रा ने अन्य दो सेवानिवृत्त कर्मी सरोज कुमार एवं शत्रुघ्न ठाकुर को भी माला व गिफ्ट देकर सम्मानित किया |

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अगस्त से शुरू होगी केजरीवाल की ‘सरकार आपके द्वार’ योजना

अरविन्द केजरीवाल की महत्वाकांक्षी ‘सरकार आपके द्वार योजना’ (डोर स्टेप सर्विसेज) अगले दो महीने में शुरू हो जाएगी। इसके तहत करीब 100 तरह की सुविधाओं की होम डिलिवरी अगस्त के अंत तक शुरू होगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में इसके लिए ठेका देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। चयनित कंपनी को यह ठेका तीन साल के लिए दिया जाएगा।

बता दें कि पिछले साल नवंबर में दिल्ली कैबिनेट ने ‘डोर स्टेप योजना’ को मंजूरी देते हुए जाति प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस समेत 40 सार्वजनिक सेवाओं को घर-घर पहुंचाने की योजना बनाई थी। अब इसमें 30 और सेवाएं जोड़ी गई हैं और जल्द ही 30 और सेवाएं जोड़ी जाएंगी। अब लोगों को किसी भी प्रकार के सर्टिफिकेट के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। सरकार घर-घर पहुंच कर 100 तरह की सुविधाओं की होम डिलीवरी करेगी।

गौरतलब है कि पिछले साल दिल्ली सरकार ने डोर स्टेप डिलिवरी ऑफ सर्विसेज की स्कीम बनाई थी और इस स्कीम को मंजूरी के लिए एलजी के पास भेजा था। शुरुआत में एलजी ने स्कीम को लेकर कुछ आपत्ति जताई थी, लेकिन बाद में ग्रीन सिग्नल दे दिया था। दिल्ली सरकार ने हर महीने इस सिस्टम से 30 से 35 नई सुविधाओं को जोड़ने का फैसला भी किया था और इस हिसाब से अब तक 100 सर्विसेज की लिस्ट फाइनल की गई है। इस स्कीम में लोग अपने घर बैठे सर्टिफिकेट बनवाने के लिए फोन कर सकेंगे। पेंशन के पेपर हो या राशन कार्ड, बच्चे का जन्म हो या किसी की मृत्यु, किसी प्रकार के प्रमाण पत्र के लिए ऑफिसों के चक्कर नहीं काटने होंगे। एक कॉल सेंटर होगा, जहां पर लोग कॉल करके यह बताएंगे कि उन्हें कौन सा प्रमाण पत्र बनवाना है।

बहरहाल, कहा जा सकता है कि दिल्ली सरकार की इस योजना के सफल होने पर दिल्ली की जनता को तो फायदा होगा ही, केजरीवाल की राजनीति को भी नई ऊँचाई मिल जाएगी। भारतीय राजनीति में धूमकेतु की तरह उभरे अरिन्द केजरीवाल की चमक पिछले कुछ समय से फीकी-सी पड़ रही थी। अब शासन की ‘होम डिलीवरी’ कर वो जनता के बीच अपनी पुरानी पैठ बनाने में बहुत हद तक सफल होंगे। यही नहीं, देश में पहली बार इस तरह की योजना लागू कर दिल्ली सरकार बाकी राज्यों के लिए भी नजीर पेश करेगी।

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स्टेट कबड्डी कॉम्पीटिशन का 5वीं बार मौका मिला मधेपुरा को

महाभारत काल से खेले जा रहे कबड्डी के इस खेल को मधेपुरा में फिलहाल जीवित रखने में जुटे जिला कबड्डी संघ के जांवाज सचिव अरुण कुमार, अध्यक्ष जयकांत यादव एवं मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित समस्त खेल प्रेमियों के लिए यह गौरव की बात है कि मधेपुरा को 2005, 2006, 2007 एवं 2017 में भी राज्य स्तरीय जूनियर एवं सीनियर कबड्डी प्रतियोगिताओं को आयोजित करने का मौका मिलता रहा | विगत के कुछ आयोजनों को शानदार तरीके से संपन्न कराने में निवर्तमान डायनेमिक डीएम मो.सोहैल के अतुलनीय योगदान को खासकर मधेपुरा जिले के ग्रामीण इलाकों के कबड्डी से जुड़े बालिका एवं बालकों द्वारा सदैव याद रखा जायेगा जिन्हें इतने शानदार बी.पी.मंडल इंडोर स्टेडियम में सुंदर मैट पर शू पहनकर खेलने का अवसर उन्होंने ही मुहैया कराया |

Vice-Chancellor Dr.A.K.Rai , Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri and others observing and encouraging the players at BP Mandal Indoor Stadium Madhepura.
Vice-Chancellor Dr.A.K.Rai , Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri and others observing and encouraging the players at BP Mandal Indoor Stadium Madhepura.

बता दें कि तीन दिवसीय 18वीं बिहार राज्य सब जूनियर बालक-बालिका कबड्डी प्रतियोगिता में उपस्थित 50 टीमों का फाइनल मैच रविवार को खेला गया जिसमें खेल के अंत तक खिलाड़ियों को उत्साहित एवं प्रोत्साहित करने हेतु बी.एन.एम.यू. के विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय एवं पूर्व परीक्षा नियंत्रक समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की उपस्थिति मुख्य रूप से देखी गई |

Girls Player from different districts watching the matches at BP Mandal Indoor Stadium Madhepura.
Girls Player from different districts watching the matches at BP Mandal Indoor Stadium Madhepura.

जानिए कि फाइनल मैच में बालक वर्ग से मुंगेर और बालिका वर्ग से पटना की टीम चैंपियन हुई तथा कांटे की टक्कर के बावजूद पटना का बालक वर्ग एवं बेगूसराय की बालिका टीम को पराजय का मुंह देखना पड़ा | कुलपति डॉ.राय एवं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी एवं गणमान्यों ने शील्ड एवं मेडल से दोनों टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया | खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ.ए.के.राय ने कहा-

हार-जीत जीवन का अनिवार्य पहलू है | सच्चे दिल से कोशिश करने वालों की जीत अवश्य होती है | आजकल खेल करियर का विकल्प बनता जा रहा है जो जीवन के लिए महत्वपूर्ण है | उन्होंने हार से प्रेरणा लेकर कड़ी मिहनत करने की सलाह दी तथा विजेता टीम को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की अपील भी की |

समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने कबड्डी खेल के  इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाभारत काल से ही यह खेल यहाँ खेला जा रहा है | वीर बालक अभिमन्यु को इसी तरह सात शूरमाओं ने चक्रव्यूह बनाकर घेरा था………| डॉ.मधेपुरी ने खेल को सामाजिक सौहार्द सहित देश की एकता एवं अखंडता के लिए आवश्यक बताया | प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव किशोर कुमार व चंद्रिका यादव सहित जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष जयकांत यादव ने भी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रोत्साहित किया |

चलते-चलते बता दें कि खेल के बेहतरीन संचालन हेतु बिहार के विभिन्न जिलों से लगभग 30 तकनीकी पदाधिकारी एवं कार्यालय पदाधिकारीगणों को मंगाया गया था | माया विद्या निकेतन एवं के.बी.वुमेन्स कॉलेज में अलग-अलग बालक-बालिका खिलाड़ियों एवं तकनीकी पदाधिकारियों को आवासीय सुविधाएं दी गई थी | सबों ने मधेपुरा में कबड्डी खेल के बेहतर माहौल की प्रशंसा की और माननीय जिलापदाधिकारी नवदीप शुक्ला सहित डीडीसी मुकेश कुमार, एसडीएम वृंदालाल, खेलपदाधिकारी रजनीश कुमार एवं आयोजकों को बेहतर व्यवस्था के लिए साधुवाद दिया |

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12वीं पास लड़कियों को जुलाई में दे दिए जाएंगे 10 हजार रुपये

बिहार में अविवाहित लड़कियों के लिए इस साल अप्रैल में शुरू की गई मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत इसके लाभार्थियों की पहचान शुरू कर दी गई है। इस योजना के तहत इस साल इंटरमीडिएट परीक्षा पास कर चुकी छात्राओं को दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना का लक्ष्य बालिकाओं को शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाना, सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने के अवसर प्रदान करना तथा परिवार एवं समाज में उनका आर्थिक योगदान बढ़ाना है।

शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन के अनुसार, ‘शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के उन लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, जिन्होंने छह जून को घोषित परिणामों में 12वीं की परीक्षा पास कर ली है।’ महाजन ने बताया कि योग्य उाम्मीदवारों की पहचान के बाद जुलाई में उनके बैंक खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान के तहत राज्य की सभी बालिकाओं को जन्म से लेकर स्नातक होने तक उम्र व शिक्षा के विभिन्न पड़ावों पर कुल 54, 100 रुपये दिए जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने विगत 19 अप्रैल को इस योजना को मंजूरी दी थी। बालिकाओं के संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वावलंबन पर आधारित इस योजना का उद्देश्य कन्या भ्रूणहत्या को रोकना, कन्याओं के जन्म, निबंधन एवं संपूर्ण टीकाकरण को प्रोत्साहित करना, लिंग अनुपात में वृद्धि लाना, बालिका शिशु मृत्यु दर को कम करना, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, बाल-विवाह पर अंकुश लागना तथा कुल प्रजनन दर में कमी लाना भी है।

गौरतलब है कि इस योजना के तहत जहां 12वीं पास करने पर प्रत्येक लड़की को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे, वहीं स्नातक करने पर 25 हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है। इस योजना का लाभ कन्या के जन्म के साथ ही मिलना शुरू हो जाएगा। इसके तहत कन्या शिशु के जन्म पर माता/पिता/अभिभावक के बैंक खाते में रूपये 2000 तथा 1 वर्ष पूरा होने व आधार पंजीयन कराने पर माता/पिता/अभिभावक के बैंक खाते में रूपये 1000 देने का प्रावधान है। यही नहीं, इस योजना के अंतर्गात स्वास्थ्य विभाग द्वारा 2 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर कन्या के सम्पूर्ण टीकाकरण कराने पर माता/पिता/अभिभावक के बैंक खाते में रूपये 2000 देने का प्रावधान भी है। इन सबके अतिरिक्त इसके अंतर्गत शिक्षा प्रारंभ होने से लेकर अलग-अलग कक्षाओं में जाने तक पोशाक आदि के लिए भी राशि दिए जाने का प्रावधान है। यहां तक कि इस योजना के तहत वर्ग 7 से 12 तक की कन्याओं को सैनेटरी नैपकीन के लिए भी राशि दिए जाने की व्यवस्था सरकार ने की है।

इस प्रकार समेकित रूप से एक कन्या को जन्म से स्नातक होने तक कुल 54,100 रूपये तक मिल सकेंगे। इस योजना पर प्रति वर्ष 2,221 करोड़ रूपये से अधिक राशि व्यय कर लगभग 1 करोड़ 60 लाख कन्याओं को लाभान्वित करने का अनुमान है।

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राज्य के 800 कबड्डी खिलाड़ियों से गुलजार हुआ मधेपुरा !

बी.पी.मंडल इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय सब जूनियर कबड्डी (अंडर-18) प्रतियोगिता-2018 का तीन दिवसीय (29-30 जून एवं 1 जुलाई) भव्य आयोजन किया गया है | यह भी जानिए कि मधेपुरा वार्ड न.-1 के डॉ.मधेपुरी मार्ग पर अवस्थित दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल इस कबड्डी प्रतियोगिता का मुख्य प्रायोजक है तथा संचालक जिला कबड्डी संघ एवं सचिव अरुण कुमार |

बता दें कि इस प्रतियोगिता का उद्घाटन किया लोकप्रिय युवा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने | उद्घाटन भाषण में सांसद ने कहा कि ग्रामीण इलाके का यह खेल कबड्डी महाभारत काल से ही खेला जाता रहा है | कबड्डी जल्द ही ओलंपिक में शामिल किया जायेगा |

यह भी बता दें कि बालक वर्ग से राज्य के 30 जिले और बालिका वर्ग से 25 जिले के रंग-बिरंगे जर्सियों में सजे-धजे खिलाड़ीगण पहुंच चुके हैं मधेपुरा | खिलाड़ीगण उद्घाटन मैच के समय बी.पी.मंडल इंडोर स्टेडियम में चार सेट के मैटों पर सज-धज कर मौजूद दिखते रहे |

जानिए कि जहाँ बालक वर्ग में मधेपुरा और शिवहर के बीच उद्घाटन मैच खेला गया वहीं बालिका वर्ग में मधेपुरा और वैशाली के बीच मुकाबला हुआ | दोनों वर्गों में मधेपुरा ने जीत का परचम लहराया और दिन भर जहाँ एक ओर भोजपुर-भागलपुर, पूर्णिया-दरभंगा, वैशाली-खगड़िया, लक्खीसराय-सारण…….. आदि जीत के लिए संघर्ष करते रहे वहीं पटना-बाँका, बेगूसराय-रोहतास, बक्सर-सीतामढ़ी, कैमूर-गया, भोजपुर-नालंदा, लक्खीसराय-भागलपुर, कटिहार-दरभंगा, रोहतास-मुजफ्फरपुर आदि की टीमें जीत के लिए पसीना बहाती रही |

जहाँ खेल के दरमियान रेफरी के रूप में सीटी बजाते रहे- आनंद शंकर तिवारी, जय शंकर चौधरी, पंकज कुमार सिंह, राजेश कुमार, शंभू कुमार……… आदि वहीं रेफरी बोर्ड के चेयरमैन की जवाबदेही निभाते रहे मुंगेर के कन्हैया तांती |

मधेपुरा जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार ने जहाँ यह जानकारी दी कि 30 जून की सुबह लीग मैच होगा और शाम में क्वार्टर फाइनल मैच खेला जायेगा | जुलाई की पहली तारीख को सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला के साथ……. पुरस्कार एवं प्रमाण पत्रों का वितरण करते हुए शानदार समापन समारोह आयोजित किया जाएगा जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे सदर एसडीएम वृंदालाल, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, जिला खेल पदाधिकारी मुकेश कुमार एवं कबड्डी संघ के अध्यक्ष जयकांत यादव एवं अन्य खेल प्रेमीगण |

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लालू की जमानत अवधि छह हफ्ते और बढ़ी

चारा घोटाला मामले में सजा झेल रहे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी औपबंधिक जमानत अ‍वधि छह हफ्तों के लिए बढ़ा दी है। गौरतलब है कि उन्‍होंने जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए अर्जी दाखिल की  थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फैसला सुनाया।

शुक्रवार को लालू की ओर से पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता चितरंजन सिन्हा ने अदालत को बताया कि लालू प्रसाद यादव गंभीर रूप से बीमार हैं और उनका इलाज मुंबई के एशियन हार्ट अस्पताल में चल रहा है। वह प्लेटलेट्स की कमी, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, हृदय, किडनी व डिप्रेशन सहित कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। उनका फिस्टुला का ऑपरेशन हुआ है और अभी जख्म भरा नहीं है। शुगर लेवल बढ़ा होने के कारण हर दिन उन्हें 70 यूनिट इंसुलिन दिया जा रहा है। इस तरह उनकी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की गई। इसके बाद अदालत ने औपबंधिक जमानत की अविध छह सप्ताह के लिए बढ़ा दी। बता दें कि लालू प्रसाद यादव की जमानत की अवधि तीन जुलाई को समाप्त हो रही थी।

बहरहाल, जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने 10 अगस्त को अगली सुनवाई निर्धारित करते हुए आरजेडी सुप्रीमो को मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसी अदालत ने डॉ जगन्नाथ मिश्र की औपबंधिक जमानत की अवधि भी 25 जुलाई तक बढ़ा दी है। डॉ. मिश्र को 20 जुलाई को अपनी मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का आदेश कोर्ट ने दिया है।

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शिष्टाचार पर राजनीति ना करें तेजस्वी

आज की राजनीति में शिष्टाचार निभाना भी आफत है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अस्वस्थ चल रहे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से उनकी तबीयत क्या पूछ ली, इस पर भी बयानबाजी शुरू हो गई। शिष्टाचार संस्कार का हिस्सा होता है और पारिवारिक जीवन हो या सार्वजनिक, उसे अनिवार्य रूप से निभाया जाना चाहिए। पर आज के ‘ट्विटरवीर’ इसे समझे तब ना..!

जैसा कि सब जानते हैं रविवार को लालू जी का फिस्टुला का ऑपरेशन हुआ था। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिष्टाचारवश मंगलवार को लालू जी को फोन कर कुशल उनका क्षेम पूछा था। लेकिन उनके उत्तराधिकारी तेजस्वी इस ‘मर्यादा’ को समझ ही नहीं सके (या समझना नहीं चाहते) और ट्विटर पर तपाक से लिख दिया, देर से ही सही उनको लालू जी की याद तो आई। तेजस्वी ने आगे लिखा, आश्चर्य है कि नीतीश जी ने पिछले चार महीने से बीमार लालू जी का हालचाल नहीं लिया, लेकिन आज फोन कर पूछा। शायद उन्हें पता चला कि भाजपा और एनडीए के लोग अस्पताल जाकर हालचाल ले रहे हैं तो उन्होंने भी फोन कर लिया। यही नहीं, वे इसका विशेषार्थ तक ढूंढ़ने लगे और वे स्वयं और उनकी पार्टी के बाकी धुरंधर इसे महागठबंधन में उनके शामिल होने की ‘तथाकथित इच्छा’ से जोड़ने लगे। बड़बोले शिवानंद तिवारी तो यहां तक कह बैठे कि नीतीश किस मुंह से सोच रहे हैं कि उन्हें महागठबंधन में जगह मिल जाएगी।

उधर जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि शिष्टाचार के तौर पर की गई बातचीत को राजनीति से जोड़ना उचित नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजद से नजदीकी बढ़ने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। भाजपा नेता नंदकिशोर यादव ने भी इस मामले में राजनीति करने पर विपक्षी दलों को घेरते हुए कहा कि यह एक सामान्य व्यवहार है, व्यक्तिगत रिश्ता के नाते नीतीश ने पूछा हाल, इसका कोई राजनीतिक मायने नहीं है। जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने भी कहा कि नीतीश जी ने शिष्टाचार के नाते लालू जी को फोन किया था और यह भी कि तेजस्वी को बयानबाजी से परहेज करना चाहिए। त्यागी ने स्वाभाविक तल्खी से कहा, राजनीति में शिष्टाचार सीखना भी जरूरी है।

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‘पहले तोलो, फिर बोलो’ मंत्र ने ब्रम्हाकुमारी जगदम्बा को सर्वश्रेष्ठ बनाया !

प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय की मधेपुरा शाखा में मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की 53वीं पुण्यतिथि समारोह श्रद्धापूर्वक मनाया गया जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों की ब्रम्हाकुमारियों की उपस्थिति देखी गईं | कार्यक्रम की अध्यक्षता जहाँ संचालिका राजयोगिनी ब्रम्हाकुमारी रंजू दीदी ने की वहीं उद्घाटनकर्ता रहे समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पाण्डेय |

बता दें कि उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी सहित उपस्थित गणमान्यों द्वारा सर्वप्रथम जगदंबा सरस्वती की तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की गई और तत्क्षण दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया | मुख्यवक्ता के रूप में उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी ने उद्गार प्रकट करते हुए यही कहा-

प्रेम, पवित्रता व निर्भयता की मूरत तथा सादगी, शालीनता व स्वच्छता की प्रतिमूरत मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती को श्रेष्ठता की ऊंचाइयों तक ले जानेवाला बस यही एक मंत्र रहा है- “पहले तोलो, फिर बोलो” | इसी मंत्र को समाज में प्रतिष्ठापित करने हेतु आज विश्व के 143 देशों में स्थापित प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय की शाखाओं में मातेश्वरी जगदंबा की 53वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है |

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में सिविल सर्जन डॉ.पाण्डेय एवं विशिष्ट जन के रुप में पूर्व उप प्रमुख विनयवर्धन उर्फ खोखा यादव ने उद्गार व्यक्त करते हुए माँ जगदंबा सरस्वती को सभी श्रद्धालु ब्रह्मा वत्सों की ओर से कोटि-कोटि नमन अर्पित किया तथा उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प भी लिया |

अंत में ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय मधेपुरा शाखा की संचालिका राजयोगिनी रंजू दीदी ने भावुक होकर विस्तार से अपने अध्यक्षीय भाषण में उद्गार प्रकट किया | अंदर-बाहर से पवित्र परंतु बिजी रहनेवाली मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती की पुण्यतिथि पर ब्रह्मा बाबा को स्मरण करते हुए रंजू दीदी ने यही कहा-

मम्मा सरस्वती को सर्वाधिक सम्मान देने वाले बाबा ने हमें यही सिखाया है कि हमारे सकारात्मक सोच वाले वाइब्रेशन से ही सारे विश्व में एक-न-एक दिन परिवर्तन आयेगा | अम्मा के लिए रंजू दीदी ने यह भी कहा कि फरिश्ते जैसी चाल वाली तथा सबों को सदा उत्साह-उमंग के पंख प्रदान करने वाली मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती में रूहानी आकर्षण भरी पड़ी थी | सादगी और पवित्रता का आकर्षण…….! अंत में पवित्र प्रसाद वितरण के साथ समापन की घोषणा की गई |

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