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शराबबंदी को लेकर नीतीश ने फिर जताई प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी जयंती पर एक बार फिर पुरजोर तरीके से शराबबंदी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई और कहा कि चाहे मुझे दफन कर दो, लेकिन बिहार में शराब हमेशा के लिए बंद रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि गांधीजी के चंपारण आने के 100वें वर्ष की शुरुआत में ही पूर्ण शराबबंदी लागू की गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान समाज सुधार के अनेक कार्यक्रम चलाए गए और इसके लिए समाज सुधार अभियान की शुरुआत की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़बड़ करने वाले लोगों के साथ कानून सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। शराबबंदी के बाद समाज में काफी परिवर्तन आया है और वातावरण बदला है। अब शांति का वातावरण है और शराब छोड़ने के बाद जो पैसे की बचत हो रही है, उसका सदुपयोग बच्चों की अच्छी शिक्षा, खान-पान एवं रहन-सहन पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘गांधीजी ने कहा था कि शराब न सिर्फ आदमियों से पैसे छिनती है बल्कि अक्ल भी छीन लेती है। शराब पीने वाला इंसान हैवान हो जाता है। शराबबंदी के लिए हमलोग पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और इससे कोई समझौता नहीं करेंगे। आप पुलिस पदाधिकारियों से भी यह कहना चाहता हूं कि आप जनता के बीच जाकर उन्हें प्रेरित करें और इसके खिलाफ लगातार अभियान चलाते रहें तथा गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 जुलाई 2015 को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में महिलाओं के एक सम्मेलन में उनकी मांग पर ही हमने शराबबंदी लागू की। इस मौके पर मंच से ही मुख्य सचिव को मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि थाने से लेकर सचिवालय, पुलिस मुख्यालय और सभी सरकारी कार्यालयों में गांधी जी की सीख को पोस्टर के जरिये प्रदर्शित किया जाए। पोस्टर में यह भी उल्लेख करें कि ‘पृथ्वी आपकी जरूरतों को पूरा कर सकती है लेकिन लालच को नहीं।’

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25 अक्टूबर से बिहार में पॉलिथीन पर रोक

बिहार सरकार ने सोमवार को पटना हाइकोर्ट में हलफनामा पेश करके कहा कि आगामी 25 अक्टूबर से राज्य के सभी शहरों और 25 नवंबर से ग्रामीण इलाकों में पॉलिथीन थैलों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लग जाएगा। मुख्य न्यायधीश एमआर शाह और न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की एक पीठ के समक्ष राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को यह जानकारी दी। पीठ पॉलिथीन की थैलियों पर रोक से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

गौरतलब है कि पटना हाइकोर्ट ने गया जिले के बोधगया में महाबोधि मंदिर परिसर स्थित एक तालाब के प्रदूषित होने को लेकर एक हिंदी अखबार में छपी एक खबर पर संज्ञान लिया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को प्लास्टिक से बने पॉलिथीन बैग के इस्तेमाल पर रोक लागाने के लिए कानून बनाने का निर्देश दिया था जिसमें उल्लंघन करने वालों पर अर्थदंड लगाने का प्रावधान हो।

बता दें कि बिहार सरकार ने बीते सितंबर के मध्य में प्लास्टिक से बने पॉलिथीन बैग के निर्माण, बिक्री पर प्रतिबंध के लिए एक मसौदा तैयार करते हुए इसको लेकर विभिन्न संगठनों, संस्थानों और हितधारकों से सुझाव मांगे थे। सच तो यह है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम कर रही सरकार ने पर्यावरण को लेकर कई अवसरों पर अपनी संवेदनशीलता दिखाई है, लेकिन जब तक आम नागरिक इस दिशा में सजग और सक्रिय ना हो, किसी सरकारी कोशिश का कोई अर्थ नहीं। अब जबकि बिगड़ते हालात में कोर्ट ने कमान संभाल ली है, तब कहा जा है कि स्थिति में सचमुच सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

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सहरसा के रवि प्रकाश को दिल्ली के विज्ञान भवन में मिला इनोवेशन अवार्ड !

सहरसा जिले के प्रखंड सौरबाजार के बैजनाथपुर गाँव के प्रतिभावान छात्र रवि प्रकाश को जल शुद्धीकरण तकनीक पर नमोन्मेष के लिए इनोवेशन अवॉर्ड -2018 भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ.हर्षवर्धन द्वारा दिल्ली स्थित विज्ञान भवन के प्लेनरी हॉल में भव्य समारोह का आयोजन कर दिया जाना था | 12वीं के छात्र रवि प्रकाश को CSIR (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एण्ड इंडस्ट्रियल रिसर्च) द्वारा इनोवेशन तकनीक के लिए यह सम्मान दिया गया | कैबिनेट की बैठक के कारण समारोह में देरी से पहुंचे मंत्री ने सभी अवार्डियों को बधाई देते हुए बेहतर भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी एवं फोटो सेशन में शामिल हुए |

बता दें कि CSIR द्वारा संचालित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य शहरों से लेकर गावों तक के सभी स्कूली बच्चों में सृजनात्मकता एवं नमोन्मेष तथा बौद्धिक-संपदा अधिकार के बारे में जागरूकता पैदा करना है |

यह भी जानिये कि वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में नीति आयोग के माननीय सदस्य एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के चांसेलर व वैज्ञानिक डॉ.वी.के.सारस्वत द्वारा रवि प्रकाश को ट्राफी व प्रमाण-पत्र के अलावा ₹30,000 की नगद राशि भी दी गयी |

रवि प्रकाश द्वारा हासिल की गयी इस उपलब्धि पर सहरसा के नवोदय विद्यालय, स्थानीय विद्यालयों के शिक्षकगण एवं ग्रामीणों ने भी सहृदय होकर रवि प्रकाश सहित उनके पिताश्री पत्रकार राहुल रोशन, माताश्री शिक्षिका अंशु कुमारी व सुप्रसिद्ध शिक्षाविद दादाश्री कमलेश्वरी प्रसाद यादव को हर्ष व्यक्त करते हुए बधाइयाँ दी है |

चलते-चलते यह भी बता दें कि रवि प्रकाश वर्तमान में बोकारो स्टील सिटी के GGPS School में 12वीं का छात्र है | इससे पूर्व वह सहरसा के बरियाही स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से दसवीं उत्तीर्ण किया था और तब से रवि प्रकाश में नये-नये आविष्कार के प्रति विशेष अभिरुचि देखी जा रही है |

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आखिरी ओवर की अंतिम गेंद पर अविस्मरणीय जीत

एशिया कप का फाइनल मुकाबला वैसा ही रहा जैसे मुकाबलों के कारण क्रिकेट के प्रति लोगों की दीवानगी दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है। भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने अंतिम गेंद पर बाजी मारी, लेकिन अपेक्षाकृत कमजोर समझी जाने वाली बांग्लादेश की टीम ने भी अपने जुझारू खेल से खेलप्रेमियों का दिल जीतने में कोई कसर ना छोड़ी।

भारत को सातवीं बार एशिया कप जीतने के लिए 223 रनों की दरकार थी। आखिरी दो ओवर में तो उसे केवल 9 रन चाहिए थे, लेकिन 49वें ओवर में केवल 3 रन ही बने। इस तरह आखिरी ओवर में 6 रनों की जरूरत थी। महमूदुल्लाह के इस ओवर की पहली गेंद पर कुलदीप यादव ने एक और दूसरी पर केदार जाधव ने एक रन लिया। तीसरी गेंद पर कुलदीप ने दो रन लिए, लेकिन अगली गेंद पर रन नहीं बन सका। इसके बाद 5वीं और छठी गेंद पर एक एक रन लेकर कुलदीप और केदार ने भारत को जबरदस्त जुझारूपन का प्रदर्शन करने वाली बांग्लादेशी टीम पर जीत दिलाई।

दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत के लिए कप्तान रोहित शर्मा ने 55 गेंद में 3 चौकों और 3 छक्कों के साथ 48 रन बनाए। दिनेश कार्तिक ने 37 और महेंद्र सिंह धोनी ने 36 रन का योगदान दिया। चोट लगने के कारण कुछ देर मैदान छोड़कर जाने वाले केदार ने नाबाद 23 रन बनाए।

इससे पहले खिलाड़ियों की चोट से जूझ रही बांग्लादेशी टीम ने अच्छा आगाज किया। लिटन दास ने 117 गेंद में 121 रन बनाकर बांग्लादेश को अच्छी शुरुआत दी, लेकिन बाद के बल्लेबाज लय कायम नहीं रख सके। दास और मेहदी हसन मिराज (32) ने पहले विकेट के लिए 120 रन जोड़े। ऐसा लगने लगा था कि बांग्लादेश बड़ा स्कोर बनाएगा, लेकिन इसके बाद 10 विकेट 102 रन के भीतर गिर गए और पूरी पारी 48.3 ओवर में सिमट गई। चाइनामैन कुलदीप ने 45 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि केदार ने 9 ओवर में 41 रन देकर दो विकेट चटकाए।

चलते-चलते बता दें कि इस पूरे टूर्नामेंट में भारत अजेय रहा और सोने पर सुहागा ये कि चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को उसने इस टूर्नामेंट में दो बार हराया।

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मगध विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके जस्टिस एस.सी.मुखर्जी नहीं रहे !

रायबहादुर आशुतोष मुखर्जी के पौत्र एवं एडवोकेट शांति प्रसाद मुखर्जी के पुत्र जस्टिस सुरेश चन्द्र मुखर्जी ने 85 वर्ष की उम्र में पटना के महावीर वात्सल्य हॉस्पिटल में 26 सितंबर को रात्रि 8:30 में पत्नी डॉ.नंदिता मुखर्जी एवं पुत्र द्वय डॉ.कौशिक एवं ई.अनिर आदि की उपस्थिति में अंतिम सांस ली |

बता दें कि जस्टिस एस.सी.मुखर्जी का जन्म 4 सितंबर 1933 ई. को मधेपुरा में हुआ था | आरंभिक शिक्षा तत्कालीन सीरीज इंस्टीट्यूट (वर्तमान एसएनपीएम स्कूल) में हुई थी | पटना विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री प्राप्त कर मधेपुरा सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस आरंभ की | वर्ष 1958 में उन्होंने न्यायिक सेवा में योगदान देने के बाद विभिन्न जगहों पर कार्य करते हुए अंततः पटना सिविल कोर्ट में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पदपर वर्ष 1984 से कार्यारंभ किया | वर्ष 1986 से न्यायमूर्ति के रूप में माननीय उच्च न्यायालय पटना में कार्यरत हुए | बाद में महामहिम राज्यपाल बिहार के कानूनी सलाहकार एवं मगध विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति के पद पर भी कार्यरत रहे | वे सिंहेश्वर टेंपल ट्रस्ट के अध्यक्ष भी रहे | जब भी वे मधेपुरा आते तो पड़ोस में रहने के कारण समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को अवश्य खबर करते और चिकित्सीय परामर्श हेतु लोकप्रिय चिकित्सक डॉ.अरुण कुमार मंडल से मिलने के लिए डॉ.मधेपुरी को साथ में अवश्य ले जाते |

यह भी बता दें कि जस्टिस एससी मुखर्जी दुर्गा पूजा के अवसर पर प्राय: मधेपुरा में ही रहना पसंद करते थे | वे अपने पुराने साथियों से मिलने की कोशिश भी किया करते | कुछ माह पूर्व वे मधेपुरा में सबों से मिलकर पटना गये ही थे | जस्टिस मुखर्जी ने स्वस्थ जीवन जीते हुए सारे पारिवारिक सदस्यों- पत्नी डॉ.नंदिता मुखर्जी, दो पुत्र- प्रथम डॉ.कौशिक मुखोपाध्याय (इंग्लैंड)- पत्नी डॉ.नीलांजना, द्वितीय पुत्र ई.अनिर बाण (चेन्नई)- पत्नी रुमिला एवं पौत्र-पौत्री- आकाश, अभिलाष, आयुषा, तनीषा के बीच अंतिम सांस ली | गुरुवार यानि 27 सितंबर की शाम को पटना के गुलबी घाट पर बड़े पुत्र डॉ.कौशिक मुखोपाध्याय ने उन्हें मुखाग्नि दी और वे पंचतत्व में विलीन हो गये | मधेपुरा बार एसोसिएशन एवं सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति ने भी जस्टिस मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की है |

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राजद नेता इलियास हुसैन को चार साल की जेल

रांची सीबीआई कोर्ट ने 21 वर्ष पुराने अलकतरा घोटाले में बिहार के तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी रहे इलियास हुसैन, उनके निजी सचिव शहाबुद्दीन बेग और तत्कालीन ट्रांसपोर्टर जनार्दन प्रसाद अग्रवाल को चार साल सश्रम जेल की सजा सुनाई है। यही नहीं, इलियास हुसैन और शहाबुद्दीन बेग पर चार-चार लाख और संजय अग्रवाल पर छह लाख का जुर्माना भी ठोका गया है। कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भी भेज दिया। साल 1992 के इस चर्चित मामले में सीबीआई के विशेष जज अनिल कुमार मिश्र ने यह फैसला सुनाया।

गौरतलब है कि सीबीआई ने इलियास हुसैन, शहाबुद्दीन बेग और जनार्दन अग्रवाल के खिलाफ अदालत में 26 जुलाई 2003 को चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने 30 मार्च 2007 को तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किया। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट में 31 गवाहों का बयान दर्ज कराया, जबकि तीनों आरोपियों की ओर से बचाव में 6 गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को भादवि की धारा 407, 420 और 120 बी के तहत दोषी ठहराया। इलियास हुसैन और शहाबुद्दीन बेग को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (2) के तहत भी दोषी माना गया।

चलते-चलते बता दें कि इन तीनों पर आरोप है कि गुमला डिविजन के अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए आईओसीएल, हल्दिया से पंद्रह सौ मैट्रिक टन अलकतरा की आपूर्ति होनी थी, लेकिन 359 मैट्रिक टन अलकतरे की आपूर्ति नहीं की गई और बदले में जाली बाउचर बनाकर 17 लाख 93 हजार 825 रुपए की राशि का गबन कर लिया गया। इसको लेकर सीबीआई के तत्कालीन इंस्पेक्टर पी के पाणीग्रही ने मामला दर्ज कराया था।

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मधेपुरा के डॉ.मनीष मंडल ने चिकित्सा के क्षेत्र में रचा इतिहास !

मधेपुरा के सुप्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ-चिकित्सक डॉ.अरुण कुमार मंडल के सुपुत्र व पटना आइजीआइएमएस के Superintendent डॉ.मनीष मंडल के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने पहली बार ‘ग्रीन कॉरिडोर सिस्टम’ तैयार कर कोलकाता में ‘दिल’ तथा दिल्ली में ‘लीवर’ के प्रत्यारोपण करने में सफलता प्राप्त की। मधेपुरा के साथ-साथ डॉ.मनीष ने सूबे बिहार को भी गौरवान्वित किया। डॉ.मनीष की इस सफलता पर समस्त मधेपुरा वासियों को भी गर्व है।
बता दें कि मधेपुरा के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों एवं जिले के व्यापारियों ने जहाँ इस अद्वितीय कार्य के लिए मधेपुरा के सच्चे सपूत डॉ.मनीष द्वारा सफल प्रत्यारोपण का नेतृत्व करने के लिए उन्हें कोटिशः बधाइयाँ दी वहीं आइजीआइएमएस में कार्यरत रह चुके मधेपुरा के एक और सपूत हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ.अरविंद सर्राफ की भी सबों ने सराहना की।
जानकारी देते हुए डॉ.मनीष मंडल ने यही कहा कि नालंदा निवासी सौरभ की मौत ब्रेन डेथ से हो गयी थी। मृत्युपरांत उसे दवाई देकर 20 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखा गया और तत्क्षण बाद उसका ऑपरेशन कर हार्ट तथा लीवर निकाल लिया गया। फिर ‘ग्रीन कॉरिडोर सिस्टम’ के तहत पटना एयरपोर्ट से- 1. हार्ट को 55 मिनट में जहाज से कोलकाता भेजा गया और 2. लीवर को 90 मिनट में दूसरे जहाज से दिल्ली भेजा गया……… दोनों जगहों पर पहले से तैनात चिकित्सकों के दल ने AIIMS ले जाकर दोनों अंगों का सफल प्रत्यारोपण किया।
यह जान लीजिए कि बंगाल की एक लड़की के बॉडी के अंदर धड़कना शुरू कर दिया है बिहार के नालंदा निवासी सौरव का दिल और लीवर……. जानकारी मिलने पर…….!!

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ऐतिहासिक होगा ‘सामाजिक चेतना अभियान महासम्मेलन’: जदयू

7 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में होने जा रहे ‘सामाजिक चेतना अभियान महासम्मेलन’ की तैयारी के सिलसिले में जदयू समाज सुधार वाहिनी की मंगलवार को पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में बड़ी बैठक हुई जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्री बशिष्ठ नारायण सिंह एवं राष्ट्रीय संगठन महासचिव श्री आरसीपी सिंह मौजूद रहे। वाहिनी की अध्यक्ष सह विधायक डॉ. रंजू गीता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्यसभा सांसद श्रीमती कहकशां परवीन, पूर्व सांसद श्रीमती मीना सिंह, पूर्व मंत्री सह विधायक श्रीमती लेसी सिंह, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती दिलमणि देवी, जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य, विधायक श्रीमती कविता सिंह, श्रीमती रीना यादव, पूर्व विधायक श्रीमती रजिया खातून, श्रीमती अनु शुक्ला, श्रीमती नीता चौधरी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सुहेली मेहता, डॉ. भारती मेहता एवं श्रीमती श्वेता विश्वास समेत सभी जिलों की समर्पित महिला कार्यकर्ता शामिल रहीं।
बैठक के दौरान अपने संबोधन में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सदस्य श्री बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि संवैधानिक दायरे में रहकर एवं कानून का सही तरीके से पालन करते हुए राजनैतिक आंदोलन को समाज की दिशा में मोड़ने और बड़ा परिवर्तन लाने का श्रेय श्री नीतीश कुमार को जाता है। उन्होंने कहा कि घर की चहारदिवारी से निकलकर महिलाओं का दफ्तर में बैठना बिहार में हुई मौन सामाजिक क्रांति का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जो संभव की परिभाषा जानता है, उसके लिए असंभव कुछ भी नहीं। श्री नीतीश कुमार ने अपनी योजनाओं और सामाजिक सुधार के अभियानों से ये सिद्ध किया है।
राष्ट्रीय संगठन महासचिव श्री आरसीपी सिंह ने इस मौके पर महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जदयू समाज सुधार वाहिनी, महिला जदयू एवं पंचायती राज प्रकोष्ठ से जुड़ी महिलाओं को मिलाकर संयुक्त रूप से ‘जदयू महिला समागम’ के नाम से जाना जाएगा और इसके द्वारा विभिन्न जिलों में सम्मेलन कर बताया जाएगा कि किस तरह श्री नीतीश कुमार ने आधी आबादी के हौसलों को पंख दिया है। एक अन्य घोषणा के तहत उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जदयू की ओर से क्रिकेट, फुटबॉल, बॉलीबॉल और कबड्डी टूर्नामेंटों का आयोजन किया जाएगा। इन टूर्नामेंटों का नाम गांधी, लोहिया, जेपी और कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों के नाम पर रखा जाएगा। ऐसे आयोजनों से युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा मिलेगी।
जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा आधी आबादी के लिए किए गए युगांतरकारी कार्यों और अभूतपूर्व समाज-सुधार अभियानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विकासपुरुष श्री नीतीश कुमार ने बिहार की हर बेटी और बहन के जीवन को उन्नत और समृद्ध बनाने और उनके विकास की नई गाथा लिखने में जो भूमिका निभाई है उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि 2019 और 2020 के चुनाव में आधी आबादी की निर्णायक भूमिका होगी।
प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती रंजू गीता एवं अन्य वक्ताओं ने एक स्वर से कहा कि 7 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में आयोजित समाज सुधार वाहिनी का ‘सामाजिक चेतना अभियान महासम्मेलन’ हर लिहाज से ऐतिहासिक होगा। इस महासम्मेलन से यह साबित हो जाएगा कि राज्य की नारी-शक्ति श्री नीतीश कुमार के साथ है। सबने संकल्प लिया कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए कार्यों, चल रही कल्याणकारी योजनाओं और शराबबंदी, दहेजबंदी, बालविवाह-उन्मूलन, कन्या-सुरक्षा जैसे समाज-सुधार अभियानों को वे घर-घर पहुँचाने का काम करेंगी।

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रामदेव साफी 28 वर्षों से थामे हैं- स्वच्छता की मशाल

कोसी अंचल के महिषी गाँव निवासी रामदेव साफी ने वहाँ की गलियों एवं सड़कों को साफ रखने हेतु 28 वर्षों से “स्वच्छता की मशाल” जलाकर खुद को बापू से  तथा झाड़ू को अपने जीवन से जोड़ लिया है | उन्होंने नौकरी में रहते हुए 1991 से ही सफाई को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया | अब तो क्षेत्र के कुछ नामचीन लोग भी इन्हें ‘स्वच्छतादूत’ कहकर संबोधित करने लगे हैं |

बता दें कि सहरसा सदर एसडीएम कार्यालय में सहायक के पद पर कार्यरत रहे रामदेव साफी जहाँ कहीं ज्यादा गंदगी देखते तो छुट्टी लेकर भी वहाँ सफाई में जुट जाते | त्योहारों की छुट्टी एवं रविवार के दिन वे अलग-अलग इलाके में सफाई की अलख जगाते |

यह भी जानिये कि उन्हें सड़कों पर झाड़ू लगाते देख पहले तो लोगों ने दशरथ मांझी की तरह खूब मजाक उड़ाया फिर भी वें अपने लक्ष्य से नहीं डिगे | आहिस्ता-आहिस्ता लोगों की धारणा बदलने लगी | तब युवावर्ग भी रामदेव साफी के संग आने लगा………. स्वच्छता के प्रति समर्पण देखकर कुछ लोग अब इन्हें “स्वच्छता संत” भी कहने लगे हैं और सर्वाधिक सम्मान भी देने लगे हैं |

फिलहाल सेवानिवृत्त 68 वर्षीय रामदेव साफी प्रत्येक रविवार एवं गुरुवार को मौन व्रत धारण कर झाड़ू पकड़ सड़कों की सफाई में सवेरे से जुट जाते हैं | ग्रामीण युवा क्लबों एवं उग्रतारा न्यास समिति से जुड़े सदस्यगण अब रामदेव साफी के कार्यों की सराहना करने के साथ-साथ उन्हें अपना आदर्श भी मानने लगे हैं |

जहाँ एक और रामदेव साफी ने संकल्पित युवा वर्गों से कहा कि हर व्यक्ति यदि अपने आस-पास की साफ-सफाई पर ध्यान दे तो कहीं भी गंदगी नहीं मिलेगी, वहीं दूसरी ओर नीतीश सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा ने मधेपुरा अबतक से कहा कि शहरों में अभिशाप बन चुके कचरे से अब बनेगा जैविक खाद, बिजली, डीजल और पानी | मंत्री ने यह भी कहा कि गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक सभी निकाय होंगे ओडीएफ (यानि खुले में शौचमुक्त)- पहले जागरूकता और फिर कार्रवाई का अभियान चलाया जायेगा |

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बढ़ते-संवरते बिहार का हिस्सा बनें व्यवसायी: आरसीपी सिंह

जदयू व्यावसायिक प्रकोष्ठ ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में सभी जिलाध्यक्षों व प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठक की जिसके मुख्य अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव व राज्यसभा में दल के नेता श्री आरसीपी सिंह थे। इस मौके पर प्रकोष्ठ के संयोजक सह विधानपार्षद श्री ललन सर्राफ, प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल नोपानी तथा जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने विभिन्न जिलों से आए प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों से भावी रणनीति व कार्यक्रमों पर संवाद किया। प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अरविन्द कुमार निराला उर्फ सिन्दूरिया, श्री शिवकुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष श्री नीलू मशकरा, प्रदेश महासचिव श्री अनिल साहू, श्री राज गुप्ता समेत सैकड़ों पदाधिकारियों ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि आने वाले चुनाव में जदयू व्यावसायिक प्रकोष्ठ बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि जितने कम समय में प्रकोष्ठ ने प्रदेश, जिला, प्रखंड और अब पंचायत स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज की है, वह प्रशंसा योग्य है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक प्रकोष्ठ के लोगों की पैठ समाज के हर तबके में होती है, इसे ध्यान में रखते हुए प्रकोष्ठ को हर बूथ पर वैसे साथी का चयन करना चाहिए जो दल के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हो और साथ ही सक्रिय भी हो। श्री आरसीपी सिंह ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि प्रकोष्ठ की प्राथमिकता होनी चाहिए कि अलग-अलग व्यवसायों में लगे साथी चिन्तामुक्त होकर श्री नीतीश कुमार के बढ़ते-संवरते बिहार का हिस्सा बनें।
जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने विस्तार से और आंकड़ों के साथ यह बात रखी कि कैसे श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बढ़ते बिहार की परिकल्पना साकार हुई है। डॉ. अमरदीप ने सात निश्चय समेत नीतीश सरकार की सभी चर्चित योजनाओं के साथ ही हाल-फिलहाल शुरू की गई बड़ी योजनाओं की जानकारी दी और 2005 से पहले और उसके बाद के बिहार का अंतर समझाया। उन्होंने कहा कि जदयू मीडिया सेल हर अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने और उन्हें जन-जन तक पहुँचाने के लिए व्यावसायिक प्रकोष्ठ के साथ खड़ा है।
प्रकोष्ठ के प्रभारी व संयोजक श्री ललन सर्राफ ने राष्ट्रीय संगठन महासचिव श्री आरसीपी सिंह के समक्ष प्रकोष्ठ की अब तक की उपलब्धियों को रखते हुए भावी योजनाओं की चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रकोष्ठ के सभी साथी श्री नीतीश कुमार के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध और उत्साहित हैं। वहीं, प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल नोपानी ने बैठक के दौरान संगठन की अद्यतन स्थिति और साथियों की भूमिका की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए आश्वस्त किया कि शीर्ष नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में प्रकोष्ठ कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

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