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‘एमी’ की कहानी

बिना हाथ-पैर की पैदा हुई एमी से उसके माता-पिता ने तुरंत अपना संबंध विच्छेद कर लिया और जिस अस्पताल में एमी जन्म ग्रहण की थी उस अस्पताल के स्टाफ से कहा कि एमी को एक कमरे में बंद कर दें और खाने-पीने के लिए कुछ नहीं दें….. ऐसे भी होते हैं माँ-बाप !

बता दें कि आज की तारीख में एमी 37 वर्ष की है। वह जीवन से निराश सभी हाथ-पैर वालों के बीच जाकर…… मोटिवेशनल स्पीकर बन…. लोगों को हमेशा प्रेरित करती है। एमी क्या नहीं करती है….. ये वो सब कर लेती है जिसे सेल्फ-डिपेंडेंट कहा जाता है।

जानिए कि जब एमी को उसके अपने माता-पिता ने छोड़ दिया था तब किसी संवेदनशील परिवार ने उसे गोद ले लिया। एमी बड़ी होने पर अपनी शारीरिक कमजोरी को ही अपनी ताकत बना लिया और आज वह अपना यूट्यूब चैनल “हाउ इज शी डू इट” भी चलाती है।

यह भी बता दें कि एमी कुकिंग से लेकर सिलाई तथा फोटोग्राफी से लेकर डिजाइनिंग तक कर रही है। वह अपने मुंह, ठोढ़ी और कंधे की मदद से तस्वीरें भी खींचती है। एमी खुद की वीडियो भी बनाती है जिस पर लोग हर तरह के कमेंट करते हैं। परंतु, वह सिर्फ पॉजिटिव कमेंटस पर ही ध्यान देती है। नेगेटिव कमेंट पर ध्यान देने को एमी समय की बर्बादी मानती है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि एमी सिलाई सीखने को अपने सबसे बड़ी उपलब्धि मानती है। एमी हैंडबैग बनाकर ऑनलाइन बेचती है। वह अपने वर्तमान पेरेंट्स को गॉडफादर मानती है जो उसे कभी एहसास तक नहीं होने दिया की वह किसी से कम है।

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अपने कार्यों से बड़ी लकीर खींच रहा जदयू मीडिया सेल: बशिष्ठ

सोमवार, 15 जुलाई 2019 को बिहार प्रदेश जदयू मुख्यालय में जदयू मीडिया सेल द्वारा सदस्यता महाभियान सह प्रदेश कार्यकारिणी बैठक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन बिहार प्रदेश जदयू के अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य बशिष्ठ नारायण सिंह ने किया। जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विधानपार्षद व प्रदेश जदयू के कोषाध्यक्ष ललन सर्राफ, राष्ट्रीय सचिव व सदस्यता अभियान के प्रभारी रविन्द्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन, जदयू के प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारीद्वय डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं अनिल कुमार की विशिष्ट उपस्थिति रही। मीडिया सेल के संगठन प्रभारी प्रभात रंजन झा ने बैठक के उद्देश्य से उपस्थित लोगों को अवगत कराया, जबकि संचालन मीडिया सेल के मुख्यालय प्रभारी धनंजय शर्मा ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि बदलते समय की नब्ज को पहचानना हो तो हमें आधुनिक संचार माध्यमों को समझना और अपनाना होगा। जदयू मीडिया सेल ने पार्टी को मजबूती और विस्तार देने के लिए इस दायित्व को बखूबी निभाया है। मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप और उनकी टीम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया सेल अपने कार्यों से बड़ी लकीर खींच रहा है। यह लकीर और बड़ी हो और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके, मीडिया सेल को इस पर काम करना है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को दल से जोड़ने में ऑनलाइन सदस्यता अभियान की जरूरत थी, जिसे मीडिया सेल के साथी हर बूथ तक पहुँचाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
विधानपार्षद ललन सर्राफ ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने में जदयू मीडिया सेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वहीं, प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि मुद्दों को समझने और उस पर जनमानस तैयार करने में मीडिया सेल ने सचमुच प्रशंसनीय कार्य किया है।
राष्ट्रीय सचिव व सदस्यता अभियान के प्रभारी रविन्द्र सिंह ने सदस्यता अभियान को लेकर विस्तार से अपनी बातें रखीं और कहा कि शहरों, कस्बों, गांवों से लेकर गली-मुहलों तक में कैंप लगाकर लोगों को ऑनलाइन सदस्यता दिलाने के लिए मीडिया सेल के साथियों को काम करना है। प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य ने कहा कि सदस्यता अभियान को लेकर किसी भी तरह की कठिनाई होने पर पार्टी मुख्यालय पूरी तत्परता से सहयोग करेगा।
जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने बैठक के दौरान सर्वप्रथम मीडिया सेल की अद्यतन रिपोर्ट पेश की। इसके उपरान्त ऑनलाइन सदस्यता अभियान को लेकर मीडिया सेल की तैयारियों की चर्चा करते हुए शीर्ष नेतृत्व को विश्वास दिलाया कि सदस्यता अभियान की ऐतिहासिक सफलता के लिए मीडिया सेल कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
बैठक में मीडिया सेल प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों, सभी प्रभारियों तथा जिला मीडिया संयोजकों को सम्मानित भी किया गया। विगत एक वर्ष के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने के लिए रोशन अग्रवाल (कटिहार), रवि कुमार (नवगछिया) एवं ललन कुमार दास को सर्वश्रेष्ठ संयोजक चुना गया। बैठक में कार्यक्रम प्रभारी राजीव रंजन पटेल, जनसंपर्क प्रभारी यादव उमेश कुमार, संवाद प्रभारी डॉ. धीरज सिन्हा, विधि प्रभारी प्रवीण तिवारी, सूचना प्रभारी विनीता स्टेफी पासवान, सोशल नेटवर्क प्रभारी संतोष अशर, पिंकी भारती, समन्वय प्रभारी डॉ. सुभाष चन्द्रशेखर, प्रभात कुमार आर्य, प्रमंडल प्रभारी सैयद नजम, अभय विश्वास भट्ट, अनितेश कुमार, अनुपम कुमार, नबीस कुमार नवेन्दु, मिथिलेश निराला समेत मीडिया सेल के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

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शिक्षा सामाजिक उन्नयन को गति प्रदान करती है- वीसी

शिक्षा से समृद्धि….. समृद्धि से संस्कार और संस्कार से मिलती है शांति। यही शांति हमें विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। यही कारण है कि जहाँ शिक्षा है वहाँ का समाज उन्नति के शिखर तक पहुंच गया है। शिक्षा से ही सुधरती है समाज की दशा। शिक्षा सदैव सामाजिक उन्नयन को गति प्रदान करती है- ये बातें भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने ओपन विंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित शिक्षक मुरलीधर की 70 वीं जयंती के अवसर पर कही।

इस अवसर पर कुलपति डॉ.ए.के.राय, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, लोकप्रिय चिकित्सक डॉ अरुण कुमार मंडल, डॉ.अमोल राय, डॉ.शांति यादव, डॉ.विनय कुमार चौधरी , डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, डॉ.निशांत आदि द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया | तुरंत बाद अतिथियों का स्वागत, शिक्षक मुरली बाबू की तस्वीर पर पुष्पांजलि और संक्षिप्त जीवन वृत्त के साथ डॉ.शांति यादव की रचना काव्य-संग्रह “जनसेवा एक्सप्रेस” का लोकार्पण भी संयुक्त रूप से किया गया।

बता दें कि “मधेपुरा कल आज और कल” पर आधारित संगोष्ठी में विषय प्रवेश किया डॉ.अमोल राय ने। इस विषय पर विस्तार से विचार रखा डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, डॉ.आलोक कुमार, प्रो.शचीन्द्र, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.वंदना कुमारी, डॉ.चंद्रिका यादव, डॉ.रंजना कुमारी, डॉ.विश्वनाथ विवेका आदि ने।

इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने रास बिहारी लाल मंडल, शिवनंदन प्रसाद मंडल, भूपेन्द्र नारायण मंडल, बीपी मंडल , जस्टिस एस.सी.मुखर्जी, जस्टिस आर.पी.मंडल आदि को संदर्भित करते हुए शिक्षा के प्रति उनके समर्पण की भरपूर चर्चा की और आज की तारीख में बेपटरी हो रही शिक्षा के बाबत यही कहा कि यदि कुलपति डॉ.एके राय को स्थानीय शिक्षाविदों का भरपूर सहयोग मिले तो आगे आने वाले दिनों में मधेपुरा पुनः अपनी खोई हुई गरिमा को प्राप्त करेगा और शिक्षा तेज गति से पटरी पर दौड़ने लगेगी।

जानिए कि समारोह की अध्यक्षता करते हुए फाउंडेशन की संरक्षक डॉ.शांति यादव ने कविता संग्रह की उपादेयता पर प्रकाश डाला। पाँच प्रतिभा संपन्न मेधावी छात्र-छात्रा रिशु कुमारी, केशव वासुदेव, संजय कुमार, सुरभि भगत सहित संगीत के शिखर पर विराजमान रोशन कुमार को डॉ.मुरलीधर मेमोरियल सम्मान से सम्मानित किया कुलपति डॉ.एके राय ने। अंत में फाउंडेशन के सचिव डॉ.नीरव निशांत ने शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में बेटियों के योगदान की चर्चा करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

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नेपाल में मानसून की सक्रियता के चलते बिहार में बाढ़ का कहर

बिहार राज्य की सीमा नेपाल से सटे होने के कारण बिहार का बाढ़ प्रभावित होना स्वाभाविक है | नेपाल में 24 घंटे में 311 मि.मी. बारिश हुई है तभी तो कोसी हुई विकराल….. सीमांचल के ढेर सारे गाँव हुए जलमग्न और पलायन शुरू |

बता दें कि बिहार के 9 जिले…..(शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा और मुजफ्फरपुर ) के लगभग 20 लाख लोग बाढ़ की चपेट में है | उत्तर बिहार की नदियों में जबरदस्त उफान आ गया है | कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है |

यह भी बता दें कि दरभंगा में कमला बलान तथा शिवहर में बागमती नदी का तटबंध कई स्थानों पर टूट गया है | लोगों के साथ-साथ जानवरों को भी भारी तबाही हो रही है | कोसी के जलस्तर में सर्वाधिक वृद्धि होने से अररिया के पांच प्रखंडों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है | अबतक बिहार में दर्जनों लोगों की जानें जा चुकी हैं |

यह भी जानिए कि इस भयावह स्थिति को कंट्रोल करने के लिए कदाचित पहली बार छप्पनों (56) फाटक (शनिवार रात 10:30 बजे से रविवार सुबह 6:00 बजे तक) खोल दिये गये | इसके बाद धीरे-धीरे 26 फाटकों को बन्द कर दिया गया….. बैरेज के 30 फाटक अभी भी खुले हैं |

सूबे बिहार के अति संवेदनशील सीएम नीतीश कुमार ने बाढ़ के मसलों पर एक हाई लेवल मीटिंग की और तुरंत हेलीकॉप्टर से दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी व मोतिहारी में बाढ़ से संघर्ष कर रहे लोगों की स्थिति का जायजा लेने हेतु हवाई सर्वेक्षण किया | बाढ़ की विभीषिका को देखकर मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य तेज करने, राहत कैंप लगाने तथा कम्युनिटी किचेन की व्यवस्था करने को कहा |

चलते-चलते यह भी बता दें कि सीएम ने उच्चाधिकारियों से आदमी व पशुओं की दवा से लेकर पर्याप्त मात्रा में चारा का भी इंतजाम करने को कहा | साथ ही कम्युनिटी कैंप के भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ साफ-सफाई पर भी ध्यान दिये जाने की बात कही | सीएम ने राहत व बचाव हेतु एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम तैनात रखने को कहा जो अपनी ड्यूटी के प्रति हमेशा चौकन्ना रहे |

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सिंहेश्वर की समस्याओं को लेकर चतुर्दिक उठ रही असंतोष की गुड़गुड़ी

जहाँ एक ओर देवाधिदेव महादेव की नगरी सिंहेश्वर स्थान में बायपास रोड की कमी है वहीं दूसरी ओर मुख्य मार्ग हल्की बारिश में ही कीचड़ युक्त पोखर में तब्दील हो जाता है | धार्मिक नगरी सिंहेश्वर में श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है |

बता दें कि सिंहेश्वर की तमाम बुनियादि सुविधाओं पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है | जर्जर सड़क के कारण आवागमन में हो रही परेशानियों एवं तदनुरूप प्रतिदिन व्यवसायियों के सामान की बिक्री में हो रही गिरावट के कारण स्थानीय युवाओं ने एकजुटता के साथ राम जानकी ठाकुरबाड़ी परिसर में शनिवार को बैठक की और विगत कई वर्षों से जल निकासी की समस्या को लेकर वरीय अधिकारियों एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को जानकारियाँ दी गई | यह भी कहा गया कि यदि समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो प्रखंड के सभी लोगों के द्वारा जन आंदोलन किया जायेगा |

मौके पर मुखिया किशोरी प्रसाद सिंह, सरपंच राजीव कुमार बबलू, पूर्व उपप्रमुख राजेश रंजन उर्फ पप्पू झा सहित प्रतीक टेकरीवाल, चेतन गुप्ता, सुदेश शर्मा, कुंदन भगत, सुमित वर्मा आदि उपस्थित लोगों ने कहा कि 24 घंटे के अंदर कार्य में गति नहीं आया तो आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे |

वहीं शनिवार को ही मंदिर न्यास समिति की बैठक न्यास कार्यालय में न्यास सचिव सह कार्यकारी अध्यक्ष एसडीएम वृंदालाल की अध्यक्षता में हुई जिसमें वरीय सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, सरोज कुमार सिंह, उपेन्द्र प्रसाद रजक, कन्हैया ठाकुर, मुन्ना ठाकुर की उपस्थिति देखी गई | वहाँ भी एक दर्जन न्यास कर्मियों को 10 महीने से कार्यरत रहने के बावजूद वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिसके चलते असंतोष की गुड़गुड़ी उठने लगी है | वरीय सदस्य डॉ.मधेपुरी द्वारा कार्यरत एक दर्जन कर्मियों के विगत 10 महीनों का भुगतान करने हेतु पुरजोर कोशिश की गई जिसमें सदस्य सरोज सिंह व उपेन्द्र रजक की सहमति भी देखी गई ….. तब जाकर अध्यक्ष सह सचिव एसडीएम वृंदालाल ने नाजिर मनोज ठाकुर को इस भुगतान के बाबत संचिका में सारी बातें व तथ्यों को अंकित करते हुए उपस्थित करने का आदेश दिया |

चलते-चलते यह भी बता दें कि सिंहेश्वर स्थान में  एक महीना चलने वाले श्रावणी मेला (जिसे 2 वर्ष कबल तत्कालीन जिला पदाधिकारी मो.सोहैल (IAS) द्वारा आरंभ कराया गया था) में श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुविधाएं हेतु एनएच के कार्यपालक अभियंता सहित कई विभागों के पदाधिकारियों के साथ ट्रस्ट के सचिव सह एसडीएम वृंदालाल ने पुनः ट्रस्ट ऑफिस में ही रात्रि के 8:00 बजे बैठक की ताकि अगले दिन सोमवार को डीएम नवदीप शुक्ला (IAS) एवं एसपी संजय कुमार (IPS) के नेतृत्व में मंदिर परिसर में पूर्वाभ्यास का आयोजन सफलतापूर्वक किया जाएगा | पूर्वाभ्यास को सफल बनाने हेतु एसडीएम वृंदालाल ने सिंहेश्वर, घैलाध, गम्हरिया,शंकरपुर, मधेपुरा आदि के प्रखंड एवं थाना प्रभारियों को इस कार्यक्रम में आने की सूचना भेजी है |

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नीतीश सरकार द्वारा किसानों को दी जाएगी मौसम के अनुरूप खेती की ट्रेनिंग

सूबे बिहार के 10 हज़ार किसानों को प्रथम चरण में किया जाएगा प्रशिक्षित | बतौर पायलट प्रोजेक्ट अभी फिलहाल राज्य के आठ जिलों के 100 गाँवों से चयनित कर 10 हज़ार किसानों को मौसम के अनुरूप खेती की ट्रेनिंग दी जाएगी |

बता दें कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर के लिए जहाँ राज्य के किसान भी अब तैयार हो रहे हैं वहीं कृषि मंत्री डॉ.प्रेम कुमार के अनुसार अब जलवायु परिवर्तन के अनुकूल ही किसानों को खेती करना आवश्यक हो गया है | कृषि मंत्री बिहार डॉ.कुमार ने कहा कि बाढ़-सुखाड़, तूफान-ओलावृष्टि पर सम्यक विचार करते हुए चार एजेंसियाँ इस योजना को मूल रूप देगी |

यह भी जानिए कि इन चयनित गाँवों को “क्लाइमेट स्मार्ट गाँव” नाम दिया गया है | इन क्लाइमेट स्मार्ट गाँवों के 10 हज़ार किसानों को मौसम अनुरूप खेती की ट्रेनिंग दिये जाने वाली योजना पर फिलहाल 23 करोड़ से अधिक रुपये खर्च करने का मन बना लिया है बिहार सरकार ने | यदि यह प्रयोग सफल हुआ तो आगे इस योजना को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा |

यह भी बता दें कि इस योजना के कार्यान्वयन के लिए हाईवे नाम देकर पूरे बिहार में चार कॉरिडोर बनाया गया है | ये हाईवे कोरिडोर हैं – (1) पटना-नालंदा हाईवे (2) भागलपुर-मुंगेर हाईवे (3) पूर्णिया-कटिहार हाईवे और (4) दरभंगा-समस्तीपुर हाईवे |

प्रथम चरण में उपर्युक्त इन चारों कोरिडोर के आठों जिलों से 100 गाँवों का चयन किया गया है | साथ ही प्रत्येक गाँवों से सौ-सौ किसानों यानि 10 हज़ार किसानों को प्रथम चरण में प्रशिक्षित किया जाएगा | प्रथम किस्त में इन किसानों को मौसम के अनुरूप धान, गेहूं, मक्का, अरहर, मसूर आदि की खेती कैसे की जाएगी….. उसकी ट्रेनिंग दी जाएगी | फिलहाल ये भी याद कर लें कि यह योजना तत्काल 3 साल के लिए चलेगी |

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शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ के नाम बिहार में बनेगा संगीत विश्वविद्यालय

सूबे बिहार की नीतीश सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा मंत्री प्रमोद कुमार ने बिहार विधानसभा में कहा है कि भारतरत्न शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ के नाम बिहार में संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना जल्द ही की जाएगी | इस सिलसिले में विभागीय स्तर पर कार्यवाही आरंभ कर दी गई है |

बता दें कि संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए कम से कम 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता बतायी गई है | इस हेतू मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी द्वारा कढ़नी में 2.80 एकड़ उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है | बकौल विभागीय मंत्री जमीन की उपलब्धता हेतु अन्य जिलाधिकारी से भी संपर्क साधा जा रहा है….. जहाँ जमीन मिल जाएगी वहीं बनेगा संगीत विश्वविद्यालय |

यह भी बता दें कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना का हक तो बनता है मधेपुरा जिला का….. क्योंकि शहनाई वादक बिस्मिल्ला ख़ाँ को 20वीं सदी में कई बार मधेपुरा के रासबिहारी उच्च विद्यालय के मंच पर दशहरे के अवसर पर संगीत के प्रति गहरी अभिरुचि रखने वाले तबलावादक प्रो.योगेन्द्र नारायण यादव, समाजसेवी रमेश चंद्र यादव, गिरिधर प्रसाद श्रीवास्तव, प्रो.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी आदि द्वारा बुलाया गया था | बिस्मिल्लाह खाँ की शहनाई सुनकर लोगों को मंत्रमुग्ध होते देख आयोजकगण बेहद खुश होते थे |

चलते-चलते अंत में बकौल डॉ.मधेपुरी यह भी जान लें कि विदेशों में जब बिस्मिल्लाह खाँ शहनाई बजाया करते तथा श्रोतागण तालियाँ बजाकर उन्हें सम्मानित किया करते तो कार्यक्रम समाप्ति के तुरंत बाद पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि तालियों की गड़गड़ाहट सुनकर आपको कैसा लगता है- के जवाब में बिस्मिल्ला खाँ बस इतना ही कहते-

“तालियों की गड़गड़ाहट से मुझे कोई फर्क इसलिए नहीं पड़ता है कि वहाँ बिस्मिल्लाह खाँ तो शहनाई बजाता नहीं…. वहाँ तो भारत शहनाई बजा रहा होता है।”

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लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों एवं तीन हज़ार तालीमी मरकजों व शिक्षा सेवकों की होगी बहाली

सूबे बिहार की नीतीश सरकार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा ने छठे चरण के नियोजन के कार्यारंभ की घोषणा विधानसभा में करते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में मध्य विद्यालयों को उच्च विद्यालयों में उत्क्रमित किया जा रहा है | यही कारण है कि स्कूलों में शिक्षकों, शिक्षा सेवकों एवं तालीमी मरकजों आदि की कमी होती जा रही है |

बता दें कि नीतीश सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष के अंत तक एक लाख चालीस हज़ार शिक्षकों एवं 2903 शिक्षा सेवकों के नियोजन की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी | जानिए कि 2903 शिक्षा सेवकों में 1884 तालीमी मरकजों की बहाली किये जाने का भी निर्णय लिया गया है |

यह भी बता दें कि संपूर्ण सूबे के 38 जिलों में आवश्यकतानुसार शिक्षकों , शिक्षा सेवकों एवं तालीमी मरकजों की बहाली की जाएगी | जहाँ मधेपुरा एवं जमुई जिले में 100 से ऊपर यानि क्रमशः 143 एवं 121 शिक्षा सेवकों की बहाली होगी वहीं सीतामढ़ी व भागलपुर जिले में 195 एवं 196 तालीमी मरकजों की बहाली होने जा रही है | वैसे तो जमुई, वैशाली, मुजफ्फरपुर , चंपारण आदि जिले में 115 से लेकर 143 के बीच तालीमी मरकजों की नियुक्ति होगी |

चलते-चलते यह भी बता दें कि जल्द ही नीतीश सरकार राज्य में “योग-शिक्षक बहाली नीति” बनाने जा रही है | सरकार इस नीति के हर पहलू पर विचार करेगी क्योंकि आजकल कम उम्र के बच्चे भी हाई ब्लड प्रेशर , डायबिटीज, अनिद्रा आदि से पीड़ित होने लगे हैं | स्वस्थ जीवन जीने के लिए योग की भूमिका अहम मानी जाती है | योग के महत्वपूर्ण होने के कारण ही हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है | आज की जीवन शैली समस्त संसार के मानव को अनेक रोगों से परेशान कर रही है, इसीलिए यूएनओ द्वारा योग को अंतरराष्ट्रीय गौरव प्रदान किया गया है |

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बारिश खोल देती है सबकी पोल

बारिश के आते ही नगरों से लेकर महानगरों तक की हालात मत पूछिये…. मधेपुरा से लेकर मुंबई तक यानी नगर पंचायत से लेकर नगर निगम तक की पोल खोल देती है बारिश | यहाँ मधेपुरा के तीनों तरफ नदी है और वहाँ मुंबई के तीनों तरफ समंदर | एक ओर मधेपुरा में जल निकासी के नाम पर नाले-निर्माण में करोड़ों व्यय होने के बावजूद पानी बहता नहीं वहीं दूसरी ओर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में जल निकासी के लिए 22 हज़ार करोड़ के बजटीय बाढ़ में सड़कों पर बाइक से लेकर कार व बसें भी तैरती हुई नजर आती है….. कहीं-कहीं बहती हुई दिखती हैं |

बता दें कि मानसून की पहली बारिश में ही बिगड़ गई शहरे मधेपुरा से लेकर मुंबई तक की सूरत | मधेपुरा एसडीएम श्री वृंदालाल के अनुमंडल कार्यालय की सूरते हाल तो जरा देखिए | बारिश के बाद चलना तो दूर अनुमंडल परिसर में तैरने की नौबत आ गई है…… एक वकील साब तो एसडीओ के गेट पर से ही पानी देखकर घर लौट गये……. जूते खोल हवाई चप्पल पहने और पुनः एसडीएम परिसर के घुटने भर पानी को पार कर अनुमंडल दंडाधिकारी के कोर्ट में बहस किये | चारो ओर अधिकारी से लेकर आम लोग तक जलजमाव के कारण परेशान दिखे…..!

जानिए कि अस्पताल गेट पर और अंदर जहाँ-तहाँ जलजमाव के कारण बेहद परेशानी होती है….. खासकर महिला मरीजों को | कर्पूरी चौक से लेकर थाना चौक और पूर्व सांसद डॉ.रवि के घर होकर पंचमुखी चौक तक के जल निकासी का अब तक कोई स्थाई समाधान नहीं किया जा सका है | जल निकासी पर विचार किये बिना टुकड़े-टुकड़े गैंग की तरह टुकड़े-टुकड़े नाले का निर्माण किया जाता रहा है जिससे स्थानीय लोगों का जीना दुश्वार हो गया है | कब तक सोया रहेगा यह नगर पंचायत और नगर निगम ….?

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बिहार में 75 प्रतिशत संवेदनशील कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम पूरा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कब्रिस्तान की घेराबंदी के संबंध में विधानसभा में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के 75 प्रतिशत संवेदनशील कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा चुकी है। बाकी 25 प्रतिशत का काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। आरजेडी विधायक रघुवंश कुमार यादव के तारांकित प्रश्न के जवाब के दौरान हस्तक्षेप करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बिहार के सभी कब्रिस्तानों का सर्वेक्षण कराया है और इनमें से 8064 कब्रिस्तानों को संवेदनशील मानते हुए घेराबंदी कराने का फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री के जवाब का विपक्षी दलों ने विरोध किया और आरोप लगाया कि कब्रिस्तानों के सर्वेक्षण की सूची गलत है। विपक्ष के विरोध पर मुख्यमंत्री ने बताया कि यह 2006 की सूची है। अगर सूची में किसी विवादित या संवेदनशील कब्रिस्तान का नाम छूट गया है तो क्षेत्रीय विधायक भी संशोधित करवा सकते हैं। उनका सुझाव आमंत्रित है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में वैसे कब्रिस्तानों की घेराबंदी का फैसला लिया गया है, जहां विवाद है या होने की आशंका है। संबंधित जिलों के डीएम एवं एसपी को विवादित और संवेदनशील कब्रिस्तानों को चिह्नित करने का जिम्मा दिया गया है। उन्हें घेराबंदी की प्राथमिकता तय करने के लिए भी अधिकृत किया गया है। प्राथमिकता वाले अबतक 8064 कब्रिस्तानों की सूची बनाई गई है।

गौरतलब है कि घेराबंदी के लिए बजट का भी प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी के लिए राज्य सरकार की कोई कमिटी नहीं है। विधायक और विधानपार्षद भी चाहें तो वह मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से कब्रिस्तानों की घेराबंदी करा सकते हैं।

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