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राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मधेपुरा की दो बेटियों ने जिले का नाम रोशन किया

यूपीएससी और बीपीएससी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगियों द्वारा जिन पत्रिकाओं की चर्चाएं होती रहती हैं उनमें सर्वाधिक चर्चित पत्रिकाओं में एक है- “प्रतियोगिता दर्पण”। दिसंबर 2019 के अंक हेतु राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता दर्पण के बैनर तले एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।

बता दें कि राष्ट्रीय स्तर के इस निबंध प्रतियोगिता का विषय था- “चंद्रयान-2 की सफलता के निहितार्थ”। इसी विषय पर निबंध लिखकर गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की जिले की दो बेटियां- श्वेता मिश्रा और सुचिता सोनी।

यह भी बता दें कि उदाकिशुनगंज अनुमंडल में कार्यरत डीसीएलआर ललित कुमार सिंह द्वारा संचालित बिहार सिविल सर्विसेज फाउंडेशन (नि:शुल्क) में मार्गदर्शन प्राप्त करने वाली दोनों छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर पर मधेपुरा जिला का नाम रोशन किया- श्वेता प्रथम स्थान एवं सुचिता द्वितीय स्थान लाकर। दोनों छात्राओं को प्रतियोगिता दर्पण की ओर से प्रशस्ति पत्र के साथ-साथ क्रमशः डेढ़ हजार एवं एक हजार की राशि पुरस्कार स्वरूप भेंट की जाएगी।

जानिए कि निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली उदाकिशुनगंज की छात्रा श्वेता मिश्रा एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली बिहारीगंज की छात्रा सुचिता सोनी की इस उपलब्धि पर शिक्षक नवल किशोर एवं संस्थान के निदेशक डीसीएलआर ललित कुमार सिंह आदि ने दोनों छात्राओं को सम्मानित कर उनके हौसले को पंख लगाया है। जिले की बेटियों द्वारा इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए जिले के ऊर्जावान डीएम नवदीप शुक्ला एवं अन्य अधिकारियों के अलावा प्रखर समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने बधाई दी है।

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बिहार के समग्र विकास के लिए सतत व्यग्र

बिहार के समग्र विकास के लिए सतत व्यग्र रहने वाले माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दो दिवसीय सरकारी एवं व्यक्तिगत क्षेत्र भ्रमण के दरमियान जब शनिवार को सुबह 10:00 बजे एमएलसी ललन सर्राफ के निवास से मधुबनी के लिए निकलने ही वाले थे कि उसी क्षण बीएन मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद एवं वर्षों टी.पी.कॉलेज मधेपुरा के प्रधानाचार्य रहे डॉ.आर.के.यादव रवि द्वारा उन्हें ससम्मान गुलाब फूल का बुके दिया गया। तत्क्षण बिहार जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष डॉ.अमरदीप द्वारा हाल में प्रकाशित जदयू संदेश हस्तगत कराया गया जिसे हाथ में लेते ही मुख्यमंत्री ने प्रसन्न होकर पन्नों को पलटना शुरू कर दिया।

Honourable Chief Minister Nitish Kumar on the way to Madhubani receiving honour to at the time to see off by Former MP & Founder VC Dr.Ravi, JDU Media Cell President Dr.Amardeep, Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri, Minister Dr.Ramesh Rishidev, JP Senani Siyaram Yadav, MLC & Treasurer of JDU Lallan Sarraf, Pradesh Adhyaksh Vyavsayeek Prakosth Mulchand Golchha & MLA Niranjan Mehta at the residence of MLC Lallan Sarraf, Madhepura.
Honourable Chief Minister Nitish Kumar on the way to Madhubani receiving honour at the time to see off by Former MP & Founder VC Dr.Ravi, JDU Media Cell President Dr.Amardeep, Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri, Minister Dr.Ramesh Rishidev, JP Senani Siyaram Yadav, MLC & Treasurer of JDU Lallan Sarraf, Pradesh Adhyaksh Vyavsayeek Prakosth Mulchand Golchha & MLA Niranjan Mehta at the residence of MLC Lallan Sarraf, Madhepura.

लगे हाथ मधेपुरा के प्रखर समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा जेपी सेनानियों के हितार्थ माननीय मुख्यमंत्री महोदय से विस्तृत चर्चा भी की गई। उस समय मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव, विधायक निरंजन मेहता, जदयू नेता सियाराम यादव, एमएलसी ललन सर्राफ एवं प्रदेश अध्यक्ष व्यवसायिक प्रकोष्ठ मूलचंद गोलछा मौजूद थे। बकौल डॉ.मधेपुरी बिहार के रामानुजन कहे जाने वाले अद्भुत गणितज्ञ व बीएन मंडल विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर रह चुके वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन पर उनकी अंत्येष्टि को राजकीय सम्मान के साथ संपन्न किए जाने की घोषणा करने वाले संवेदनशील सीएम नीतीश कुमार के प्रति उन्होंने हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित किया, क्योंकि 60 के दशक में डॉ.मधेपुरी और डॉ.वशिष्ठ बाबू दोनों एक साथ सायंस कॉलेज पटना के छात्र रहे थे।

डॉ.मधेपुरी ने गणितज्ञ डॉ.वशिष्ठ बाबू की प्रतिभा की ऊंचाइयों को अपनी आंखों से देखा था। तभी तो सायंस कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य नासु नागेंद्र नाथ जैसे गणितज्ञों की अनुशंसा पर पटना विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति जॉर्ज जैकाॅब ने उनके लिए विशेष परीक्षा आयोजित की थी।

यही कारण है कि 1983 में इसी गणितज्ञ डॉ.वशिष्ठ नारायण सिंह के रांची मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती होने के समाचार को पढ़कर डॉ.मधेपुरी ने तत्कालीन समाजसेवी वरीय अधिवक्ता शिवनेश्वरी प्रसाद की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर उस अद्भुत गणितज्ञ को आर्थिक मदद करने की संवेदना जताई थी कि एक-दो दिन बाद कर्पूरी सरकार ने उनके इलाज पर आने वाले खर्च सरकारी कोष से वहन करने की घोषणा कर दी।

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मुख्यमंत्री का मधेपुरा दौरा, समय पर पूरा होगा एनएच का काम

15 नवंबर को मधेपुरा के दौरे पर आए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनएच-106 एवं 107 का स्थलीय भ्रमण एवं निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने स्थानीय झल्लू बाबू सभागार में निर्माणाधीन पथों की समीक्षा बैठक की और सभी पथों के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जल संसाधन मंत्री संजय झा, लघु जल संसाधन मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, सांसद दिनेश चन्द्र यादव, प्रधान सचिव पथ निर्माण अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, आयुक्त कोसी प्रमंडल के. सेंथिल कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक सुरेश प्रसाद चौधरी, जिलाधिकारी मधेपुरा नवदीप शुक्ला, पुलिस अधीक्षक संजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरीय अभियंतागण एवं वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि एनएच-106 का निर्माण एनएचएआई द्वारा किया जा रहा है, जिसका दस मीटर चौड़ीकरण किया जाना है। इसके फेज-2 का मधेपुरा से पूर्णिया तक का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने मधेपुरा शहर की सड़क को सात मीटर चौड़ी बनाने का भी निर्देश दिया। बैठक में एनएच-106 उदाकिशुनगंज से वीरपुर तक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कार्यरत एजेंसियों ने आश्वासन दिया कि कार्य में तेजी लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे 2020 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि उदाकिशुनगंज से भरगावां 32 किलोमीटर तक दस मीटर चौड़ी सड़क राज्य सरकार एडीबी से ऋण लेकर बना रही है, इसे सितंबर 2020 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही बताया गया कि बैद्यनाथपुर से लिटियाही एवं बिहारीगंज से ग्वालपाड़ा पथ का निर्माण कार्य अगस्त 2020 तक पूरा हो जाएगा।
बैठक के क्रम में निर्माणाधीन पथों के भू-अर्जन कार्यों की भी समीक्षा की गई तथा भू-अर्जन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने यह निर्देश भी दिया कि पथों का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं तय समय सीमा के अंदर पूरा हो।

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तीन दिवसीय राज्य स्तरीय विद्यालय रग्बी (बालिका) प्रतियोगिता- 2019 सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ

सूबे के कला संस्कृति एवं युवा विभाग व जिला प्रशासन मधेपुरा के तत्वावधान में तीन दिवसीय (13 से 15 नवंबर) राज्य स्तरीय अन्डर-14-17 एण्ड 19 बालिका रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता का रंगारंग कार्यक्रमों…. मार्च पास्ट व झांकी आदि के साथ बी.एन.मंडल स्टेडियम में संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया- जिले के ऊर्जावान डीएम नवदीप शुक्ला, प्रखर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, वार्ड आयुक्त रेखा देवी, ध्यानी यादव, खेल पदाधिकारी सच्चिदानंद झा, एनडीसी रजनीश राय, नप कार्यपालक प्रवीण कुमार एवं खेल को जीवन दान देने वाले जिला कबड्डी सचिव अरुण कुमार, संत कुमार, जयकृष्ण यादव आदि ने। खेल के रस्म को पूरा करने के लिए मैच शुरू होने से पूर्व डीएम नवदीप शुक्ला एवं समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने झंडोत्तोलन किया और खिलाड़ियों से परिचय भी | इससे पूर्व उपाधीक्षक सच्चिदानंद झा ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ एवं शाॅल आदि देकर सम्मानित किया |

DM Navdeep Shukla & Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri unfurling the State & District Rugby Flags at BN Mandal Stadium Madhepura.
DM Navdeep Shukla & Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri unfurling the State & District Rugby Flags at BN Mandal Stadium Madhepura.

जहाँ जिलाधिकारी श्री शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि यह रग्बी फुटबॉल एक कठिन खेल है और इस खेल में भाग ले रही बालिकाएं महिला सशक्तिकरण का जीता-जागता सबूत है | वहीं डॉ.मधेपुरी ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए भारतीय रेल और भारतीय खेल दोनों देश की गाड़ी को गतिशील रखने वाले दो पहियों के समान हैं |

Samajsevi Dr.Madhepuri to get acquainted with the players.
Samajsevi Dr.Madhepuri to get acquainted with the players.

बता दें कि उद्घाटन मैच अंडर-19 में मुजफ्फरपुर की टीम ने भागलपुर को 25-00 से हराया | पहले दिन कुल 4 मैच खेले गये | जिले के खेल प्रेमियों व गणमान्यों ने 3 दिनों तक इस नये खेल का जमकर लुत्फ उठाया | पहली बार यहाँ के लोग जान पाए कि रग्बी के दोनों टीमों में सात-सात खिलाड़ी ही होते हैं और 15 मिनट में खेल समाप्त हो जाता है | यहाँ के लोग कबड्डी सचिव अरुण कुमार एवं संत कुमार पर इसलिए खुश हैं कि पहली बार में ही मधेपुरा अंडर-19 में दूसरे स्थान पर रहा |

On the day of Samapan Samaroh Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi, Dr.Madhepuri Sachchida Nand Jha, Dhyani Yadav, Rekha Devi and others along with team manager s & players.
On the day of Samapan Samaroh Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi, Dr.Madhepuri Sachchida Nand Jha, Dhyani Yadav, Rekha Devi and others along with team manager s & players.

समापन के दिन तीनों वर्ग के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, डॉ.मधेपुरी, ध्यानी यादव, रेखा यादव, सच्चिदानंद झा, संत कुमार, रणधीर कुमार सिंह, पंकज ज्योति आदि गणमान्यों के द्वारा कप व मेडल देकर सम्मानित किया गया | प्रत्येक दिन विभिन्न खेलों के सचिव अध्यक्ष व रैफरी दिलीप कुमार, अमित कुमार आनंद, बालकृष्ण कुमार, अनिल, बालमुकुंद , मनोज मुकुल, प्रदीप, रितेश रंजन, मनीष, अभिमन्यु , दुर्गानंद, प्रवीण, शैलेंद्र सुमन, अमरेंद्र अमर, कैलाश कौशल, विमल भारती, हरिश्चंद्र, प्रसिद्ध नारायण, सुमित, गुलशन, राहुल, नीरज, प्रेमशंकर, आनंद आदि खेल का भरपूर आनंद ही नहीं लिए बल्कि सहयोग भी करते रहे | धन्यवाद ज्ञापन कबड्डी जिला सचिव सह मीडिया प्रभारी अरुण कुमार ने किया |

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दो दिवसीय मधेपुरा जिला युवा उत्सव- 2019 सफलतापूर्वक हुआ सम्पन्न

कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार तथा मधेपुरा जिला प्रशासन के तत्वावधान में जिले के 48 फ़ीसदी युवाओं को प्रोत्साहित करने हेतु दो दिवसीय गायन, वादन…. चित्रकला, मूर्तिकला… नाटक, भाषण आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में 13-14 नवंबर को कोऑर्डिनेटर डॉ.मधेपुरी की देख-रेख में सकुशल संपन्न हुआ।

इस अवसर पर डीएम नवदीप शुक्ला ने अपने संबोधन में यही कहा कि यह सरकारी उत्सव नहीं युवा महोत्सव है जिसे बिहार सरकार द्वारा संकल्प उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस उत्सव को इस संकल्प के साथ मनाएं कि बाल विवाह नहीं करेंगे, दहेज नहीं लेंगे और ग्रेजुएशन के बाद ही शादी करेंगे। एनडीसी रजनीश राय ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में छिपी प्रतिभा में निखार आती है।

ADM Upendra Kumar is being honoured by Coordinator Dr.Madhepuri and other members.
ADM Upendra Kumar is being honoured by Coordinator Dr.Madhepuri and other members.

बता दें कि इस आयोजन के समन्वयक सह जिला स्थाई कला समिति के सदस्य व साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि यह उत्सव बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार द्वारा प्रत्येक जिले के युवाओं के लिए बहुत बड़ा उपहार है जिसके लिए हम सभी को नीतीश सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के साथ-साथ अपने जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट करना चाहिए।

यह भी बता दें कि दो दिनों तक विभाग द्वारा निर्धारित विभिन्न विधाओं के प्रतिभागियों का चयन निर्णायक मंडल के पांचों सदस्यों- डॉ.शांति यादव, शौकत अली, डॉ.रवि रंजन, गाँधी कुमार मिस्त्री, अविनाश कुमार ने पूरी तत्परता से की, जिन्हें अपर समाहर्ता उपेन्द्र कुमार एवं समन्वयक डॉ.मधेपुरी सहित सभी सदस्यों ने मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया तथा राज्य स्तरीय आयोजन में भाग लेने हेतु प्रथम आए प्रतिभागियों की सूची तैयार कर स्थाई कला समिति के अध्यक्ष डीएम नवदीप शुक्ला को सुपुर्द किया गया।

ADM Upendra Kumar , Coordinator Dr.Bhupendra Madhepuri along with other members and participants.
ADM Upendra Kumar , Coordinator Dr.Bhupendra Madhepuri along with other members and participants.

चलते-चलते यह भी जानिए कि सुगम संगीत में रोशन कुमार, चित्रकला में सुभांगी, हस्तशिल्प कला में कविता कुमारी, मूर्तिकला में संतोष कुमार, फोटोग्राफी में बबलू कुमार, हारमोनियम वादन में आलोक कुमार, लोक संगीत एकल में संतोष कुमार, समूह लोकगीत में निधि एवं साथी, समूह लोकगाथा गायन में संतोष कुमार एवं साथी एवं नाटक में अमित आनंद एवं साथी प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए तथा सूचीबद्ध किए गए।

अन्त में सभी प्रतिभागियों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी हुआ और अपर समाहर्ता उपेन्द्र कुमार ने जिले का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दी तथा समन्वयक डॉ.मधेपुरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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दिसंबर 12 को बीएनएमयू में होगा विद्वानों का जमावड़ा

भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा संपोषित एवं भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारी कुलपति डॉ अवध किशोर राय की टीम द्वारा पूरी मुस्तैदी से की जा रही है।

बता दें कि भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा शिक्षा समाज एवं संस्कृति विषय पर 12 दिसंबर को आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में विद्वानों का व्याख्यान होगा। तीन दिवसीय (12 से 14 दिसंबर) अधिवेशन के दरमियान कुलपति डॉ एके राय के अनुसार सम्मेलन में बिहार की “दार्शनिक एवं सांस्कृतिक विरासत”  पर एक विशेष संगोष्ठी होगी पूर्णविराम उन्होंने कहा कि इसके जरिए पूरे बिहार और विशेषकर कोसी की विरासत (जो ऐतिहासिक, धार्मिक, दार्शनिक एवं राजनीतिक दृष्टि से काफी समृद्ध है) को लेकर चंडी स्थान, सिंघेश्वर स्थान, कारू खिरहरी स्थान…… महर्षि मेंही जन्म स्थान…… लक्ष्मीनाथ गोसाँई….. मंडल-भारती आदि की भूमि एवं योगदानों पर विद्वानों द्वारा विशेष चर्चाएं होंगी।

चलते-चलते बता दें कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन सचिव सहजनपुर संपर्क पदाधिकारी डॉ सुधांशु शेखर ने बताया कि सम्मेलन में विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रमुख विद्वान भाग लेंगे। इनमें डॉ.अरुण मिश्र (नई दिल्ली), डॉ.अविनाश कुमार श्रीवास्तव (नालंदा), डॉ.अमरनाथ झा (दरभंगा), डॉ.सुधा जैन (वाराणसी), डॉ.अरुणाभ सौरभ (भोपाल), डॉ.अमिता जायसवाल एवं डॉ. प्रणय प्रियंवद (पटना), डॉ.शिवशंकर सिंह पारिजात, डॉ.रमन सिंह एवं डॉ.रवि शंकर कुमार चौधरी (भागलपुर) के नाम शामिल हैं…. इसके अलावा बीएन मंडल विश्वविद्यालय की ओर से वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, सिंडीकेट सदस्य डॉ.रामनरेश सिंह, रमेश झा महिला महाविद्यालय सहरसा की विदुषी प्राचार्य डॉ.रेणु सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार (अकादमिक), डॉ.एम आई रहमान एवं डॉ.कमल मोहन आदि विद्वान अपनी आलेख प्रस्तुत करेंगे।

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पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का निधन

भारतीय चुनावी व्यवस्था में शुचिता और पारदर्शिता लाने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का रविवार, 10 नवंबर 2019 को रात के करीब 9.30 बजे चेन्नई स्थित अपने घर में निधन हो गया। 86 वर्षीय शेषन पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने 1990 से 1996 के बीच चुनाव आयोग की कमान संभाली थी और अपनी निर्भीक कार्यशैली और अहम फैसलों से भारतीय चुनावी राजनीति की दिशा को निर्णायक मोड़ दिया था।
टीएन शेषन, जिनका पूरा नाम तिरुनेल्लई नारायण अय्यर शेषन था, तमिलनाडु कैडर के 1955 बैच के आईएएस ऑफिसर थे। उन्होंने 10वें चुनाव आयुक्त के तौर पर देश को अपनी सेवाएं दी थीं। उन्हीं के कार्यकाल में चुनावों में मतदाता पहचान पत्र के इस्तेमाल की शुरुआत हुई, लोगों ने आचार संहिता का मतलब समझा, पर्यवेक्षकों को काम की आजादी और वोटरों को सुरक्षा मिली, हौसला बढ़ा तो लोकतंत्र में भरोसा भी बढ़ा और चुनाव आयोग की शक्ति और सार्थकता से पूरा देश वाकिफ हुआ। उन्हें रेमन मैग्सेसे अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था।
एक वक्त ऐसा था जब देश भर के नेता टीएन शेषन से खौफ खाते थे। शांतिपूर्ण मतदान के लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश-बिहार में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करवा कर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करवाए थे। 1995 के बिहार विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए तो उन्होंने चुनाव की तारीखों को चार बार आगे बढ़ा दिया था। शेषन थोड़ी-सी गड़बड़ होने पर भी चुनाव रद्द कर दिया करते थे। चुनाव-प्रचार को लेकर भी वे जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते। बड़े-से-बड़े नेता को भी चुनाव-प्रचार की सीमा खत्म होने पर वे सभा नहीं करने दिया करते। अधिकारियों के प्रति भी वे काफी सख्त थे। कर्तव्य-पालन में कोई चूक उन्हें बर्दाश्त नहीं हुआ करती।
बता दें कि टीएन शेषन का जन्म 15 दिसंबर 1932 को केरल के पलक्कड़ जिले के थिरुनेल्लई में हुआ था। पलक्कड़ से स्कूल की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से फिजिक्स में ग्रैजुएशन किया। मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में उन्होंने तीन साल डेमॉन्स्ट्रेटर के तौर पर भी काम किया और साथ ही साथ आईएस की तैयारी भी करते रहे। आईएएस की परीक्षा पास करने के उपरांत वे एक फेलोशिप पर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पढ़ाई करने चले गए, जहां उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की। 1989 में वे देश के 18वें कैबिनेट सचिव बने। मुख्य चुनाव आयुक्त का दायित्व उन्हें प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के कार्यकाल में मिला था।
देशसेवा, कर्तव्यपरायणता और दृढ़ इच्छाशक्ति के बेमिसाल प्रतीक टीएन शेषन को ‘मधेपुरा अबतक’ की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि..!

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अयोध्या फैसले पर दैनिक भास्कर का टॉक शो

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा 134 वर्ष पुराने अयोध्या विवाद पर दिये गये अपने सर्वसम्मत फैसले (जिसमें हर धर्म, आस्था, समाज और संविधान की मर्यादाएं समाहित हैं) में न तो किसी समुदाय की हार हुई, ना किसी की जीत। यदि जीत हुई है तो केवल संविधान और भारतीयता की…… देश की एकता और अखंडता की।

बता दें कि तमाम बिंदुओं व पहलुओं पर बारीकी से ध्यान देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देश और दुनिया में फैले सभी समुदायों ने सहर्ष गले लगाया तथा सुकून के साथ यही कहा कि अब अयोध्या की नगरी में एक ओर जहाँ पुरुषोत्तम राम की मर्यादा के गीत गुन्जेंगे वहीं दूसरी ओर परवरदिगार अल्लाह की इबादत होगी….. चारों ओर अमन, शांति व आपसी भाईचारे का चट्टानी माहौल बनेगा। ऐसे अद्भुत फैसले सुनने के बाद से नये भारत के निर्माण की चर्चाएं होने लगी हैं तथा समस्त देशवासियों के बीच “ऑल इज वेल” की अनुगूंज चारों ओर गूंजने लगी है।

After the Ayodhya Judgement the Persons of both the communities co-ordially cleaning Dr.APJ Abdul Kalam Park of Madhepura under the leadership of Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri.
After the Ayodhya Judgement the Persons of both the communities co-ordially cleaning Dr.APJ Abdul Kalam Park of Madhepura under the leadership of Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri.

डीएम नवदीप शुक्ला , एसपी संजय कुमार एवं एसडीएम वृंदालाल व एसडीपीओ वसी अहमद ने सुबह से ही सतर्कता बनाए रखी परंतु शाम होने पर एसपी संजय कुमार को कहना पड़ा कि इस जिले में आपसी भाईचारा व सामाजिक सौहार्द की डोर अटूट है। मधेपुरा में तो फैसले को जानने के बाद दोनों समुदाय के बीच गजब का संयम और एकजुटता दिखा |

दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित टॉक शो में शहर के शिक्षाविद एवं डॉ.कलाम के करीबी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, शौकत अली, उप मुख्य पार्षद अशोक यदुवंशी, अधिवक्ता संघ के जेएस जयनारायण, पार्षद प्रतिनिधि ध्यानी यादव, एडवोकेट एनके निर्मल, वार्ड पार्षद एके सिन्हा, एमके मिंटू एवं अधिवक्ता अजय कुमार, गोपी पंडित ने यही कहा कि संपूर्ण भारत ने विविधताओं  बीच एकता वाले इस फैसले को संयम के साथ स्वीकारा।

शिक्षाविद डॉ.मधेपुरी ने भास्कर टॉक शो में यही कहा- मंदिर-मस्जिद से ऊपर देश है। हम लोग जब खुद को हिंदुस्तानी समझने लगेंगे उस दिन से देश में इस तरह का कोई विवाद ही नहीं रहेगा। अब इस देश को संपूर्ण भारतीय डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम सरीखे नजरिये की जरूरत है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि ऐसे नजरिये वाले संपूर्ण भारतीय डॉ.कलाम के नाम से मधेपुरा में डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क का उद्घाटन करने वाले तत्कालीन डायनेमिक डीएम मो.सोहैल को आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कितनी खुशी हो रही होगी…..। साथ ही सर्वाधिक प्रसन्नता तो उन्हें यह जानकर होगी कि समाजसेवी डॉ.मधेपुरी के नेतृत्व में फैसले को ख़ुशी-ख़ुशी गले लगाते हुए दोनों समुदाय के लोग…… शालिनी, रोशन कुमार, राजकुमार यादव, शब्बीर आलम, सज्जू-गुड्डू, मो.इम्तियाज, मो.मिस्टर की टीम के सदस्य सैफ, शाद, कपिल…… आदि कलाम पार्क की सफाई करके स्वच्छ भारत की ओर एक कदम बढ़ाते हुए नए भारत के निर्माण में जुटे हुए हैं।

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सभी समुदाय सुप्रीम कोर्ट के फैसला को मानें… फासला न बढ़ावें

दशकों से चल रही “राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद” की न्यायिक प्रक्रिया के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति रंजन गोगोई सहित जस्टिस डीवाई चन्द्रचूर, एसए बाबरे, अशोक भूषण एवं अब्दुल नजीर नेे लगातार 40 दिनों तक 5-6 घंटे प्रतिदिन दोनों समुदायों के सभी पक्षों के तथ्यों को सुनकर आज 9 नवंबर को ऐसा ऐतिहासिक फैसला सुनाया जिसमें ना तो किसी पक्ष की हार हुई और ना किसी की जीत।

तभी तो मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में संपूर्ण भारतीय डॉ.कलाम के करीबी माने जाने वाले समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी के नेतृत्व में दोनों समुदाय के लोग समस्त शांति व सद्भाव के साथ बेफिक्र होकर सफाई करने में लगे दिख रहे हैं। वै हैं- निर्मल तिवारी, राम पदारथ यादव, मो.इम्तियाज, मो.राशिद, मो.महताब, डॉ.अर्जुन यादव, मिस्टर मौलाना की पूरी टीम…..।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में सांस्कृतिक, धार्मिक व सामाजिक न्याय को दृष्टिपथ में रखते हुए विधि संगत ऐतिहासिक न्याय दिया है। जहाँ राम जन्मभूमि के साक्ष्यों को आधार मानकर 2.77 एकड़ जमीन रामलला के मंदिर हेतु दिया गया वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समुदाय का सम्मान रखते हुए उन्हें लगभग दो गुनी यानी 5 एकड़ जमीन अयोध्या के अंदर ही देने का फैसला सुनाया। इस फैसले का सम्मान देशवासियों के लिए अग्नि परीक्षा है। जिसमें उन्हें उत्तीर्ण होने के लिए शांति, सद्भाव व सुरक्षा को बनाए रखने के साथ-साथ हिन्दू समुदाय को मस्जिद निर्माण में सहयोग देना होगा और मुस्लिम समुदाय को मंदिर निर्माण में। दोनों समुदाय अपने अहम एवं वहम का त्याग करे ! देश के सभी समुदायों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सम्मान किया है।

समाजसेवी डॉ.मधेपुरी से इस बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी समुदाय फैसला को मानें….. फासला ना बढ़ावें। उन्होंने कहा कि भाईचारा व शांति कायम रखने वाले सभी प्रयासों की भरपूर सराहना की जानी चाहिए क्योंकि यह विवाद देश को दीमक की तरह खाये जा रहा था… और खोखला बनाए जा रहा था।

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त्रिदिवसीय मधेपुरा गोपाष्टमी महोत्सव सम्पन्न

मधेपुरा के श्रीकृष्ण गौशाला परिसर में तीन दिवसीय राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव का उद्घाटन 6 नवंबर (मंगलवार) को बिहार के विधि मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, एससी-एसटी मंत्री प्रो.(डॉ.)रमेश ऋषिदेव व मधेपुरा के सांसद ई.दिनेश चन्द्र यादव, डीएम नवदीप शुक्ला (आईएएस), एसपी संजय कुमार (आईपीएस) एवं समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

महोत्सव में उमड़ी लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए अपने उद्घाटन भाषण में विधि मंत्री ने कहा कि बिहार की जिस भूमि पर बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ वहीं से संपूर्ण संसार के लिए शांति, भाईचारे और प्रेम का प्रकाश फैले…….। उन्होंने वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए जल, जीवन और हरियाली सरीखे नीतीश सरकार के अभियान से जुड़ने का संदेश दिया और कहा कि सृष्टि की पूजा से ही होगी मानवता की रक्षा।

Bollywood Playback Singer Purnima Shraistha is being honoured by SDM Vrindalal, SDPO Washi Ahmad, Senior Member of Ayojan Samiti Dr.Madhepuri, Manoj Yaduwanshi & others on the occasion of 2nd Rajkiya Gopasthmi Samaroh at Gaushala Shri Krishan Mandir Campus, Madhepura.
Bollywood Playback Singer Purnima Shraistha is being honoured by SDM Vrindalal, SDPO Washi Ahmad, Senior Member of Ayojan Samiti Dr.Madhepuri, Manoj Yaduwanshi & others on the occasion of 2nd Rajkiya Gopasthmi Samaroh at Gaushala Shri Krishan Mandir Campus, Madhepura.

यह भी बता दें कि जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में एससी-एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव ने कहा कि सरकार जिले में 108 करोड़ की लागत से दो एससी-एसटी कल्याण विद्यालय का निर्माण करने जा रही है वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद ई.दिनेश चन्द्र यादव ने भगवान कृष्ण द्वारा दिए गए “कर्म के उपदेश” को संदर्भित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से एनएच-106 निर्माणार्थ जमीन अधिग्रहण कार्य पूरा कर लिया गया….. अब कोसी नदी पर 1200 करोड़ का पुल बनने जा रहा है।

जहाँ समारोह की अध्यक्षता कर रहे डीएम नवदीप शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया तथा गोपाष्टमी महोत्सव को भाईचारे के साथ मनाने की बात कही वहीं आयोजन समिति के वरीय सदस्य प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उपस्थित अतिथियों एवं सुधि श्रोताओं को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए एवं गोपाष्टमी को गाय की पूजा बताते हुए यही कहा कि धार्मिक मान्यतानुसार गाय की देह में देवताओं का निवास इसलिए माना जाता है कि गौमाता से अमृत तुल्य पंच गव्य प्राप्त होता है – गोबर, गोमूत्र, दूध, दही एवं घी। आगे डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जहाँ भारतीय गाँव में लोग आज भी फोड़ा-फुंसी, घाव, चोट व जले पर गोबर की लेप लगाते हैं वहीं जापान के हिरोशिमा-नागासाकी में छोड़े गए एटम बम से निकले हानिकारक रेडिएशन से होने वाले शारीरिक नुकसान से बचने हेतु आज तक लोग गोबर से घर-आँगन को लिपते हैं….. गोमूत्र पान करने से किडनी साफ होता है …. कुष्ट दूर होता है।

मौके पर पूर्व विधायक प्रो.अरुण कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष प्रो.विजेंद्र नारायण यादव, एसपी संजय कुमार , डीडीसी विनोद कुमार सिंह, एसडीएम वृंदा लाल, एसडीपीओ वसी अहमद, डीपीआरओ सह एनडीसी रजनीश कुमार, बीडीओ आर्य गौतम, सीओ वीरेंद्र नारायण झा , डॉ.आरके पप्पू, शौकत अली….. सहित उद्घोषक पी.यदुवंशी, हर्षवर्धन सिंह राठौर, समीक्षा यदुवंशी, शशिप्रभा आदि शहर के अगणित गणमान्य की उपस्थिति देखी गई।

3 दिनों तक इस दूसरे राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव में सुर,ताल व नृत्य की त्रिवेणी निरंतर संध्या 4:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक बहती रही और लोग झूमते रहे। जहाँ एक ओर स्थानीय स्थापित एवं नवोदित कलाकारों की प्रस्तुति सराही गई …… वहीं दूसरी ओर सूफी गायक विनोद ग्वार (मुंबई) और चर्चित गायिका मैथिली ठाकुर, नालंदा संगीत के कलाकारों एवं बॉलीवुड पार्श्व गायिका सपना अवस्थी (मुंबई) के अतिरिक्त अंतिम दिन राधा कृष्ण झांकी व बॉलीवुड पार्श्व गायिका पूर्णिमा श्रेष्ठ (मुंबई) द्वारा जमकर तालियाँ बटोरी गई……। सभी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने महोत्सव को यादगार बना दिया। सबों को जिला प्रशासन द्वारा मोमेंटो व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। संपूर्ण सफल व्यवस्था व सुरक्षा को लेकर सबों ने जिला प्रशासन की सराहना भी की। अंत में गौशाला समिति की अध्यक्ष सह मधेपुरा के एसडीएम वृंदालाल ने समारोह के समापन की घोषणा की।

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