देश की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली यूपीएससी की परीक्षा में पिछले साल हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं ने शानदार वापसी की है। पिछले तीस साल में पहली बार आधे से अधिक परीक्षार्थी इन भाषाओं से हैं। जी हाँ, यह बात संघ लोक सेवा आयोग की ओर से जारी सालाना आंकड़ों से सामने आई है। इसे इस परीक्षा में हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं की वापसी का ट्रेंड माना जा रहा है।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में छात्रों के बीच न केवल हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं को माध्यम के रूप में रखने का चलन बढ़ा है बल्कि इन भाषाओं को छात्र वैकल्पिक विषय के रूप में भी रख रहे हैं और अच्छी सफलता हासिल कर रहे हैं। पिछले साल सिविल सेवा परीक्षा में सफल हुए 812 प्रतियोगियों में 485 ने हिन्दी या क्षेत्रीय भाषा के माध्यम से सफलता पाई। यह कुल प्रतियोगियों का लगभग 60 प्रतिशत है। 2017 में 1056 में 533 प्रतियोगियों ने हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में सफलता पाई थी।
बता दें कि चार साल पहले यूपीएसीसी की तरफ से संचालित सिविल सर्विस परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में सी-सैट पेपर को लेकर छात्रों का उग्र आंदोलन हुआ था। इसमें आरोप लगा था कि हिंदी या क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों को बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। परिणाम में इस आरोप के संकेत मिलते थे। क्षेत्रीय और हिंदीभाषी छात्र इस पेपर को हटाने की मांग पर दो साल तक आंदोलन करते रहे। संसद तक में यह मामला जोरदार तरीके से उठा था। सरकार लंबे समय तक इस मुद्दे पर उलझन की स्थिति में रही। आखिरकार छात्रों की मांगों के सामने सरकार को झुकना पड़ा। उसके बाद से ही हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं से परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई और परिणाम का नया ट्रेंड शुरू हुआ।
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जनरल बिपिन रावत ने संभाला देश के पहले सीडीएस का पद
नए साल के पहले दिन जनरल बिपिन रावत के रूप में देश को पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) मिला। 31 दिसंबर को सेना प्रमुख के पद से रिटायर हुए जनरल रावत ने 1 जनवरी को सीडीएस के रूप में पदभार संभाला। उन्हें तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इससे पहले उन्होंने दिल्ली के वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि करीब दो दशक से इस पद को लेकर मंथन चल रहा था, अब जाकर सरकार ने इसका गठन किया।
पदभार संभालने के बाद जनरल रावत ने कहा कि सीडीएस का काम तीनों सेनाओं को एक साथ करना होगा। हम इसी ओर आगे बढ़ेंगे। अब आगे की कार्रवाई टीम वर्क के जरिए होगी, सीडीएस सिर्फ सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि 1+1+1 के जोड़ को वे 3 नहीं, 5 या 7 बनाने की कोशिश करेंगे। जो भी संसाधन हैं, उस पर काम करते हुए आगे बढ़ेंगे।
गौरतलब है कि 31 दिसंबर को ही केन्द्र सरकार की ओर से सैन्य विभाग का ऐलान किया गया था, जिसकी अगुआई सीडीएस करेंगे। इस विभाग के अंतर्गत तीनों सेना का काम होगा। सीडीएस का मुख्य कार्य तीनों सेनाओं के बीच तालमेल स्थापित करना होगा। सरकार की ओर से 24 दिसंबर को सीडीएस के पद, उसके विशेषाधिकार और कर्तव्यों का ऐलान किया गया था। सीडीएस चार सितारा से सुसज्जित होंगे और उनका कार्यकाल तीन साल का होगा।
चलते-चलते बता दें कि जनरल बिपिन रावत 16 दिसंबर 1978 को 11 गोरखा रायफल्स की पांचवीं बटालियन में नियुक्त हुए थे। 1 जनवरी 2017 को उन्होंने थल सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला था। सीडीएस के रूप में उनका कार्यकाल 31 मार्च 2023 तक होगा।
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22-23 जनवरी 2020 को राजगीर में जदयू के 400 मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण
22-23 जनवरी 2020 को राजगीर में दल के 400 मास्टर ट्रेनरों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होने जा रहा है, जिसका उद्घाटन जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता इस दौरान उपस्थित रहेंगे। इस शिविर में सभी क्षेत्रीय संगठन प्रभारी, जिला संगठन प्रभारी, जिलाध्यक्ष, सभी प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष एवं सभी विधानसभा प्रभारी भाग लेंगे।
बता दें कि 2020 चुनाव को ध्यान में रखते हुए जदयू ने अपनी सांगठनिक गतिविधियां काफी तेज कर दी हैं। बिहार के सभी बूथों पर बूथ अध्यक्ष एवं बूथ सचिव के मनोनयन को लेकर चले सफल अभियान के बाद पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार 15 दिसंबर 2019 से सभी विधानसभाओं में नवमनोनीत बूथ अध्यक्षों एवं बूथ सचिवों के सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है और सौ से ज्यादा विधानसभाओं में सम्मेलन सम्पन्न हो चुके हैं। सभी विधानसभाओं में हो रहे इस महत्वपूर्ण सांगठनिक सम्मेलन में कड़ाके की ठंड के बावजूद बूथ अध्यक्षों एवं सचिवों की लगभग शत प्रतिशत उपस्थिति देखी जा रही है। इन सम्मेलनों में क्षेत्रीय संगठन प्रभारी, जिला संगठन प्रभारी, जिलाध्यक्ष तथा प्रदेश व जिला द्वारा नामित विधानसभा प्रभारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहते हैं। स्वयं राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह भी कई जिलों के विधानसभा सम्मेलन में सम्मिलित हो चुके हैं।
जदयू सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी विधानसभाओं में सम्मेलन के बाद दल के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता 19 जनवरी 2020 को शराबबंदी, दहेजबंदी, बालविवाहबंदी के साथ-साथ जल-जीवन-हरियाली अभियान के पक्ष में बनने वाली मानव-श्रृंखला को अभूतपूर्व सफलता दिलाने हेतु जुट जाएंगे।
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कोसी के कड़ाके की ठंड को अंगूठा दिखा रहे हैं एमएलसी ललन सर्राफ
जबकि पूरे देश में ठंड का कहर लोगों को घर के अंदर रहने को मजबूर कर रहा है, कश्मीर के झील का पानी बर्फ बनने को विवश हो रहा है और कोसी के मधेपुरा जिले के डीएम व डीईओ द्वारा सरकारी व निजी स्कूलों को बंद करा दिया गया है तब भी बिहार जदयू व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रभारी एमएलसी ललन सर्राफ “सबल पंचायत सक्रिय बूथ अभियान” को समारोह पूर्वक चलाने हेतु सहरसा, सिंहेश्वर, बिहारीगंज, आलमनगर…. आदि प्रखंडों में सघन दौरा कर रहे हैं।
बता दें कि सिंहेश्वर में एससी एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव को तो आलमनगर बिहारीगंज में विधि मंत्री नरेंद्र नारायण यादव व विधायक निरंजन मेहता को साथ ले लेकर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार एवं महासचिव सांसद आरसीपी सिंह के निदेशानुसार प्रत्येक विधानसभा स्तरीय बूथ अध्यक्षों एवं सचिवों का सम्मान समारोह सफलतापूर्वक आयोजित करने में जोश व जुनून के साथ लगे हैं- एमएलसी ललन सर्राफ। जदयू की मूल भावना सर्वधर्म समभाव को साथ लेकर सबल पंचायत सक्रिय बूथ अभियान को तीव्र गति से चलाने में सर्द दिन-रात को एक करने वाले मधेपुरा निवासी ललन सर्राफ के प्रति शुभकामना व्यक्त करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि….. कुछ किए बिना किसी की जय-जयकार नहीं होती…. आज नहीं तो कल मंत्री बनकर प्रदेश के साथ-साथ कोसी अंचल को विशेष रूप से संवारने का अवसर इन्हें अवश्य मिलेगा।
यह भी बता दें कि प्रत्येक समारोह में वृक्षारोपण करते हुए व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रभारी श्री सर्राफ द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल अच्छी जिंदगी के लिए जल जीवन हरियाली की सफलता हेतु 19 जनवरी को 350 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर मधेपुरा जिला को गौरवान्वित करने हेतु सबों से विनम्र अनुरोध किया जाता रहा है।
चलते-चलते बता दें कि 28 दिसंबर को सहरसा विधानसभा के बूथ अध्यक्षों व सचिवों के सांगठनिक सम्मेलन के भव्य आयोजन को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रभारी सह विधान परिषद सदस्य ललन सर्राफ ने कहा कि जदयू में लोगों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दल के अंतिम पायदान के कार्यकर्ताओं को भी पद धारक बनाकर दल के हैसियत का भागीदार बनाया जा रहा है। यह पार्टी की बेहतरीन सेहत के लिए सराहनीय कदम है जो मुख्यमंत्री बिहार सह राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
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बॉलीवुड के सर्वश्रेष्ठ फाल्के पुरस्कार पाने वाले महानायक अमिताभ हो गये बीमार
66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के वितरण हेतु आयोजित समारोह में देश के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के हाथों फिल्मी दुनिया के महानायक अमिताभ बच्चन को फिल्म उद्योग में उनके उत्कृष्ट अभिनय एवं एक से बढ़कर एक हिन्दी सिनेमा में दिए गए योगदानों के लिए सिनेमा क्षेत्र के सर्वोच्च 50वें सम्मान के रूप में “दादा साहब फाल्के पुरस्कार” दिया जाना था परंतु बीमार हो जाने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें जाने से मना कर दिया। महानायक अचानक तेज ज्वर से पीड़ित हो गए थे।
बता दें कि इस समारोह में देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने वाले भारतीय सिनेमा के विकास में उत्कृष्ट योगदान देने वाली कई फिल्मी हस्तियों को उपराष्ट्रपति ने नेशनल अवार्ड देकर सम्मानित किया। विजेताओं को देश के युवाओं से जोड़ देते हैं यह नेशनल अवार्ड।
जानिए कि नेशनल अवार्ड पाने वाली हस्तियों में फिल्म ‘बधाई हो’ के लीड एक्टर रहे आयुष्मान खुराना एक ऐसे कलाकार हैं जिन्हें विगत 7 सालों में उनकी चार फिल्मों को नेशनल अवार्ड मिल चुका है। इस बार उन्हें यह अवार्ड फिल्म ‘अंधाधुन’ के लिए दिया गया है। बता दें कि हर पिता की तरह आयुष्मान के पिता भी बेटे को नेशनल अवार्ड मिलने की खबर सुनकर काफी इमोशनल हो गए थे। भला क्यों नहीं, नाम के साथ-साथ अवॉर्ड्स मिलना भी तो जरूरी है। नेशनल अवार्ड तो बड़ा होता ही है। रहा सवाल ऑस्कर पाने का तो वहां तक पहुंचने की भी कोशिश अमिताभ की तरह आयुष्मान करता ही रहेगा। जोश और जुनून से भरा इंसान रुकता कहीं नहीं है वह डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की तरह हमेशा आगे बढ़ता ही रहता है।
चलते-चलते बता दें कि पुरस्कार वितरण के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे गुजराती फिल्म ‘हेलारो’ हिन्दी फिल्म ‘पैडमैन’ ‘उरी सर्जिकल स्ट्राइक’ आदि को राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ। फाल्के पुरस्कार में 10 लाख नगद, एक स्वर्ण पदक एवम अंगवस्त्रम दिया जाएगा 29 दिसंबर को…।
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बेमिसाल थे अपने आप में प्रधानमंत्री अटल
आज 25 दिसंबर को भारत के दसवें प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मधेपुरा समाहरणालय के सभाकक्ष में डीडीसी विनोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजन किया गया जिसमें एडीएम शिवकुमार शैव, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, एनडीसीसी सह अल्पसंख्यक पदाधिकारी रजनीश कुमार राय, डीसीएलआर व अन्य पदाधिकारीगण के अतिरिक्त समाहरणालय कर्मियों में विजय कुमार झा, रंजन कुमार, राजीव कुमार, उमेश कुमार यादव आदि उपस्थित थे।
प्रातः 10:30 बजे सर्वप्रथम अटल जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित किया उप विकास आयुक्त विनोद कुमार सिंह ने। बाद में एडीएम शिवकुमार शैव, डॉ.मधेपुरी, एनडीसी आदि ने माल्यार्पण किया।
इस अवसर पर सर्वप्रथम समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मन के धरातल पर कठोर निर्णय लेने एवं आत्मा के धरातल पर जनहित में संवेदनशील व्यवहार में कुशल और बेमिसाल थे अपने आप में प्रधानमंत्री अटल। उन्होंने प्रधानमंत्री अटल, डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम और पोखरण परमाणु परीक्षण की विस्तार से चर्चा की।
जहाँ डीडीसी ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी से बाहर जो स्वीकार्यता हासिल थी, वह आज के समय में दुर्लभ हो गई है वहीं एडीएम शिवकुमार शैव ने कहा कि नेहरू जी ने बहुत पहले ही उनमें प्रधानमंत्री होने के गुण देख लिए थे और बोले थे कि यह एक दिन भारत का प्रधानमंत्री बनेगा। इससे पहले प्रख्यात लेखक खुशवंत सिंह ने उन्हें- “राइट मैन इन रॉन्ग पार्टी” बताया तो उनका जवाब था फल अच्छा है तो पेड़ खराब नहीं हो सकता…। अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी रजनीश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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जदयू मीडिया सेल ने पार्टी को दिया नया आयाम: आरसीपी सिंह
पटना स्थित जदयू मुख्यालय में मंगलवार, 24 दिसंबर को जदयू मीडिया सेल प्रदेश कार्यसमिति, जिला संयोजकों एवं विधानसभा प्रभारियों की संयुक्त बैठक हुई जिसके उद्घाटनकर्ता एवं मुख्य अतिथि जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) एवं राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह थे। जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विधानपार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, विधानपार्षद ललन सर्राफ, झारखंड प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश महासचिव अनिल कुमार, चंदन कुमार सिंह, प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन, अंजुम आरा, प्रदेश सचिव प्रभात रंजन झा एवं राज्य कार्यकारिणी के सदस्य धनंजय शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे।
आरसीपी सिंह ने अपने संबोधन के क्रम में जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपनी स्थापना के दो वर्ष के भीतर जदयू मीडिया सेल ने अपने कार्यों से ये साबित करके दिखाया है कि जदयू पॉलिटिक्स विथ डिफरेन्स करती है। उन्होंने कहा कि मीडिया सेल ने न केवल पार्टी के कार्यक्रमों बल्कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अब मीडिया सेल के सामने 2020 की चुनौती है और उन्हें पूरा विश्वास है कि मीडिया सेल पार्टी की कसौटी पर खरा उतरेगा।

आरसीपी सिंह ने कहा कि श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास के कई आयामों को देखा है। 2020 की लड़ाई 15 सलाम बनाम 15 साल की है। ‘भय’ और ‘भरोसा’ के इस फर्क को दिखाने का दायित्व मीडिया सेल के ऊपर है। उन्होंने कहा कि विरोधियों के दुष्प्रचार और अफवाह का जवाब मीडिया सेल बिहार में न्याय के साथ विकास को संभव करने वाले अपने नेता के कार्यों को बताकर और पूरी मजबूती से दे।
जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने जदयू मीडिया सेल की दो साल की यात्रा के विभिन्न पड़ावों को रेखांकित किया और सेल की उपलब्धियों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने दो साल पहले उन्हें मीडिया सेल का जो पौधा सौंपा, उसमें आज ‘जल’ भी है, ‘जीवन’ भी है और ‘हरियाली’ भी। उन्होंने कहा कि पार्टी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में मीडिया सेल कोई कसर नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2020 में फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बने इसके लिए मीडिया सेल ने बूथ स्तर तक जाकर अपनी रणनीति बना ली है।
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तीसरी बार सर्वसम्मति से जदयू दलित प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष बने नरेश पासवान
मधेपुरा जिला मुख्यालय के अतिथि गृह परिसर में जिला के विभिन्न प्रखंडों के जदयू के दलित नेतागण सवेरे से आने लगे। अपराह्न 3:00 बजे बिहार दलित प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ.रामप्रवेश पासवान की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। बैठक में मधेपुरा जिला संगठन प्रभारी भगवान चौधरी, मधेपुरा विधानसभा प्रभारी खुर्शीद आलम, आलमनगर विधानसभा प्रभारी चंदन कश्यप, मधेपुरा जिला जदयू अध्यक्ष प्रो.बिजेंद्र नारायण यादव, प्रखंड अध्यक्ष शंकरपुर पप्पू यादव, प्रो.सत्यजीत यादव, प्रो.सुजीत मेहता एवं डॉ.नीला कांत यादव आदि उपस्थित थे।
इस अवसर पर दलित प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र पासवान, बिहार राज्य दलित प्रकोष्ठ के सचिव उमेश पासवान के साथ-साथ जदयू के वरिष्ठ नेता व समाजसेवी साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी भी उपस्थित थे।
अतिथियों का स्वागत करना तो मिथिलांचल की पुरानी संस्कृति रही है। इसी के तहत राज्य स्तरीय जदयू के दलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ.रामप्रवेश पासवान, उपाध्यक्ष उपेन्द्र पासवान, सचिव उमेश पासवान सहित मधेपुरा एवं आलमनगर विधानसभा के प्रभारी खुर्शीद आलम एवं चंदन कश्यप, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, जिला अध्यक्ष प्रो.बिजेंद्र नारायण यादव, मधेपुरा जिला संगठन प्रभारी भगवान चौधरी आदि को अंगवस्त्रम व माला देकर स्वागत किया गया।
समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने कहा कि अपने दायित्व के प्रति समर्पित रहे हैं नरेश पासवान। जदयू के एक निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में इन्होंने अपनी पहचान बनाई है। यही पहचान इन्हें तीसरी बार सर्वसम्मति से जदयू दलित प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष बनाने को राजी है। प्रदेश अध्यक्ष महोदय आप नरेश पासवान को सर्वसम्मति से दलित प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष घोषित करने की माहती कृपा करें। तत्पश्चात अध्यक्ष द्वारा नरेश पासवान के नाम की घोषणा की जाती है।
इस पूरी प्रक्रिया के दरमियान पार्टी के समर्पित व निष्ठावान साथी डॉ.नीरज कुमार (एडवोकेट), जिला व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अशोक चौधरी, जिला महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष मंजू देवी उर्फ गुड्डी देवी, जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पवन कुमार सिंह, प्रदेश सचिव नवीन मेहता, विवेक सिंह, अशोक कुमार साह, अशोक यादव, रिंकू पासवान, पप्पू झा, अमरेंद्र पासवान, गणेश मंडल, शंकर चौधरी, मनोज राय आदि मौजूद देखे गए। अंत में पुनः जिला अध्यक्ष बने नरेश पासवान ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
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जहाँ चाह…. वहाँ राह को साबित कर दिखाया भारतीय मूल की ब्रिटिश डॉक्टर भाषा मुखर्जी
कोलकाता में पिता दुर्गादास मुखर्जी एवं माता मधुमिता मुखर्जी के घर 1996 ई. में एक बच्ची ने जन्म ग्रहण किया जिसका नाम माता-पिता ने रखा भाषा मुखर्जी। यह मुखर्जी परिवार बेटी भाषा मुखर्जी और बेटा आर्य मुखर्जी के साथ 2004 में कोलकाता से इंग्लैंड के स्विंडन चले गए। वहां जाकर भारतीय मूल की भाषा मुखर्जी पेशे से डॉक्टर बन गई और बन गई पांच भाषाओं की ज्ञाता भी।
बता दें कि फिलहाल लंदन के डरबी में रह रही 23 वर्षीय डॉ.भाषा मुखर्जी 2019 में मिस इंग्लैंड प्रतियोगिता जीतकर मिस वर्ल्ड 2019 में ही टॉप 40 में स्थान बना डाली। कई प्रकार की चिकित्सीय डिग्री प्राप्त डॉ.भाषा मुखर्जी का IQ लेवल 146 है।
लगभग 8 वर्षीय भाषा जब कोलकाता की स्कूल में पढ़ती थी तो कुछ बच्चे उन्हें ‘अगली बेबी’ यानी बदसूरत बच्ची कह कर पुकारा करते, तब भाषा अपनी ग्रूमिंग, मेकअप और डाइट पर कुछ ज्यादा ही ध्यान देने लगी थी।
मिस इंग्लैंड प्रतियोगिता जीतने के बाद डॉ.भाषा मुखर्जी लड़कियों को खासकर यह संदेश देती है-
प्रायः लोग यह सोचते हैं कि सौंदर्य प्रतियोगिताएं जीतने वाली लड़कियाँ बुद्धू होती हैं लेकिन हम सबको ईश्वर ने किसी-ना-किसी अच्छे मकसद से यहाँ भेजा है।
चलते-चलते यह भी बता दें कि खुद को फिल्मी कीड़ा मानने वाली तथा अपनी पढ़ाई व ब्यूटी कॉन्टेस्ट के बीच संतुलन बनाकर रखने वाली भाषा मुखर्जी ने मिस वर्ल्ड के किताब में स्थान पाने के बाद ही लिंकनशायर, बोस्टन के पिलग्रिम हॉस्पिटल में जूनियर डॉक्टर के रूप में ज्वाइन कर लिया। भाषा ने युवाओं को बुजुर्गों की सेवा में कुछ समय देने के निमित्त “जेनरेशन ब्रिज प्रोजेक्ट 2017” का श्रीगणेश भी किया है। भाषा ने जहाँ चाह-वहाँ राह को साबित कर दिखाया है।
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भारत केे युवजन हमेशा बड़ा सपना देखें- डॉ.मधेपुरी
शहर के समिधा ग्रुप के चंद्रतारा मेमोरियल हॉल में नेहरू युवा केंद्र के बैनर तले साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा एवं वित्तीय प्रबंधन के बारे में छात्र-छात्राओं को विशेषज्ञों एवं विद्वानों द्वारा विभिन्न प्रकार की जानकारियां दी गई। इस तरह की परिचर्चाएं समिधा ग्रुप के निदेशक संदीप सांडिल्य द्वारा इस चंद्रतारा हॉल में प्राय: आयोजित की जाती है।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, रिटायर्ड एसबीआई अधिकारी संतोष कुमार झा, वित्तीय काउंसलर उमेश पंडित ‘उत्पल’, डायट के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार मंडल तथा नेहरू युवा केंद्र के समन्वयक अजय कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सर्वप्रथम समिधा ग्रुप एवं नेहरू युवा केंद्र की छात्राओं ने स्वागत गान की प्रस्तुति दी और निदेशक संदीप शांडिल्य ने अतिथियों का स्वागत बुके एवं मोमेंटो प्रदान कर किया।
बता दें कि वित्तीय प्रबंधन के बाबत बैंक अधिकारी रह चुके संतोष कुमार झा एवं वित्तीय काउंसलर उमेश पंडित ने विभिन्न प्रकार के खाता, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड तथा विदेश जाने के लिए लोन आदि की जानकारियां युवाओं को दी। जहां महिला सुरक्षा के बारे में पल्लवी-स्नेहा-मधुलता,…. आफरीन ने कहा कि आज समाज में महिला असुरक्षित महसूस कर रही है वहीं समिधा के सचिव संदीप शांडिल्य ने विस्तार से गूगल डिवाइसेस की चर्चाएं की और साइबर क्राइम से सुरक्षा हेतु उपाय बताये।
आयोजन के मुख्य अतिथि एवं डॉ.कलाम के करीबी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने आदि काल से महिलाओं की शक्ति के बाबत विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि आज भारत में दुनिया के सभी देशों से अधिक यानी 1200 महिलाएं हवाई जहाज उड़ाती हैं। डॉ.मधेपुरी ने युवाओं से यही कहा कि छोटा लक्ष्य एक अपराध है…… अतः हमेशा बड़ा सपना देखें। अतिथि एके मंडल ने युवाओं को जमकर उत्साहित किया वहीं समन्वयक अजय कुमार गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए युवाओं को प्रोत्साहित किया। मंच संचालन राष्ट्रीय स्तर के युवा वक्ता हर्षवर्धन सिंह राठौर ने किया। मौके पर नेहरू युवा केंद्र के विभिन्न प्रखंडों के वोलंटियर्स मौजूद दिखे।


























