अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त हिन्दी कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु की जन्म शताब्दी के मौके पर अंतरराष्ट्रीय वेबीनार का (3-4 अप्रैल को) दो दिवसीय आयोजन पटना में होने जा रहा है। बिहार के इस कथा शिल्पी ने ग्रामीण जीवन के अलग-अलग रंगों को उकेर कर कहानियों एवं उपन्यासों की रचना की थी जिसमें मैला आंचल, जुलूस और परती परिकथा सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली रेणु की कृति है।
बता दें कि रेणु पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद में भारतीय गांव, ग्रामीण जीवन और ग्रामीण इतिहास के अतिरिक्त रेणु की भाषा के साथ-साथ कथा की कला शिल्प आदि को समझने का प्रयास करेंगे- अंतरराष्ट्रीय विद्वान… जर्मनी से बारबरा लोत्ज, उज़्बेकिस्तान से सिराजुद्दीन नर्मतोव, श्रीलंका से उपुल रंजीत, मॉरीशस से गुलशन सुखलाल, चीन से ग फू फिंग, वांगली, तंग पिंग…. फ्रांस की क्रिस्टीना सोजानकी, जापान से इशिदा हिदेयकि, अमेरिका से रिचर्ड डेलेसी, ऑस्ट्रेलिया से यान बुलफोर्ड, पुर्तगाल से शिव कुमार सिंह और भारत से प्रेम कुमार मणि, रश्मि चौधरी, दीपक राय, बी.आयावर, एमएन ठाकुर, अग्निहोत्री आदि लेखकों, इतिहासकारों, समाज शास्त्रियों… आदि के भाग लेने की संभावना है।
मधेपुरा जिला मुख्यालय के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों द्वारा पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों से लेकर गांव तक के सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूली बच्चों व शिक्षकों ने शहीदों को नमन किया, याद किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किया। बच्चों व बड़ों ने दो-दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर कोरोना के कारण अपने निवास वृंदावन में ही समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि 14 फरवरी भारतीय इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में जुड़ गया है जिसे मधेपुरा वासी कभी नहीं भुला सकेगा… क्योंकि, वही जवान जब सीमा पर प्रहरी बनकर जगते हैं तब हम चैन से घर में सोते हैं।।
दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के दरमियान सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी एवं उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से भेंट की। बता दें कि नमो से नीतीश की यह शिष्टाचार भेंट संसद भवन स्थित प्रधानमंत्री कक्ष में हुई।
जानिए कि प्रधानमंत्री नमो से मिलकर लौटने के दरमियान संवाददाताओं से हुई बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश ने यही कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद से वे दिल्ली नहीं आए थे। इसलिए प्रधानमंत्री से मिलने आए। इस मुलाकात में देश से जुड़े विभिन्न मसलों पर चर्चा हुई, परंतु बिहार के निमित्त किसी मांग पर नहीं हुई चर्चा।
इस दरमियान दोनों दिग्गजों के बीच पर्यावरण, कृषि व शिक्षा से लेकर अन्य विषयों पर भी जमकर चर्चाएं हुई। अन्य सवालों के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि जदयू के केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होने पर चर्चा नहीं हुई बल्कि इतना ही कहा कि हम लोग तो साथ में हैं ही। यह भी कि जदयू के पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ने के संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
नीतीश ने नमो से कहा कि हम रोजगार के अवसर बढ़ाने में जुटे हैं….। बिहार में विकास हो रहा है। हर घर में बिजली और नल से जल की आपूर्ति की जा रही है। परंतु, विपक्ष अपनी पब्लिसिटी के लिए अनाप-शनाप गलत बयानबाजी कर रहा है। हाँ, बिहार को विशेष दर्जा दिए जाने को नीतीश ने अपनी पुरानी मांग बताई। पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की भरपूर पहल की। पीएमसीएच को भारत का सर्वश्रेष्ठ व विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की जानकारी पीएम को दी। नीतीश ने कहा कि बिहार में जुनून के साथ काम हो रहा है और रोजगार के अवसर भी लगातार तलाशे जा रहे हैं।
चलते-चलते यह भी जाने कि सड़क एवं कई अन्य संस्थाओं के विकास में केंद्र की भूमिका को लेकर सीएम नीतीश ने गृह मंत्री अमित शाह से भी मिलकर बातें की। उस समय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद थे।
आज ही के दिन 8 फरवरी 1941 को राजस्थान के गंगानगर में हिंदुस्तान के सबसे बड़े गजल गायकों में से एक जगजीत सिंह का जन्म हुआ था। मात्र 9 साल की उम्र में जगजीत सिंह ने दी थी पहली पब्लिक परफॉर्मेंस। जगजीत ने उस्ताद जमाल खान से संगीत की बारीकियां सीखी थी।
बता दें कि जगजीत ने गजल की दुनिया में अपनी नायाब आवाज को में वो नज्में पेश की हैं जो सदा अमर रहेंगी। बॉलीवुड में भी जगजीत ने अनेक ऐसे गीत गाए जो आज भी युवा दिलों की धड़कन बनकर जिंदा है। उनकी रूहानी आवाज सुनकर आज भी जवां दिलों में जज्बातों के भंवर उमड़ पड़ते हैं।
जानिए कि गजल की दुनिया के सबसे बड़े नामवाले जगजीत सिंह की आज 81वीं जयंती पर उन्हें याद किया है समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने। डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि जगजीत 1965 में मुंबई जाकर दर्जनों फिल्मों के गाने लिखे, गाये और उनमें संगीत का निर्देशन भी किया। 80 के दशक में प्रेम गीत, अर्थ….. आदि कई फिल्मों के हिट गानों ने उन्हें काफी प्रसिद्धि दिलाई। 2003 में उन्हें ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित किया गया।जब वे अपने करियर के टॉप पर थे तभी एक दिन उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ और 10 अक्टूबर 2011 को मुंबई के नानावती हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली। राजस्थान सरकार ने मरणोपरांत उन्हें “राजस्थान रत्न” से सम्मानित किया है।
देश में जूनियर खिलाड़ियों द्वारा विभिन्न खेलों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 15 साल से कम उम्र के अनेक खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें भविष्य का बड़ा स्टार माना जा रहा है। इन खिलाड़ियों ने फुटबॉल, टेनिस एवं शूटिंग सहित कई खेलों में अपना लोहा मनवा लिया है, जिनसे देश ओलंपिक मेडल जीतने की उम्मीद करने लगा है।
बता दें कि मात्र 9 साल का प्रीतम ब्रह्मा गुवाहाटी सिटी एफसी बेबी लीग में खेलते हुए सर्वाधिक कीमती खिलाड़ी चुने गए हैं। प्रीतम ने फुटबॉल में अपनी टीम की ओर से 18 गोल करने के साथ 16 गोल के लिए असिस्ट भी किए थे। तभी तो लेफ्ट विंगर प्रीतम को जर्मन फुटबॉलर ‘ओजिल’ ने उनकी कला-कौशल और काबिलियत के लिए जर्सी भेजी है। लिटिल चैंप्स के बड़े कमालों को लेकर भारत आने वाले ओलंपिक में पदक जीतने की भरपूर उम्मीद कर रहा है।
केंद्र सरकार ने 72वें गणतंत्र दिवस पर लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान सहित बिहार की पांच हस्तियों को पद्म पुरस्कार हेतु नामों की घोषणा की है। ये शेष चार नाम हैं- मृदुला सिन्हा, दुलारी देवी, रामचंद्र मांझी एवं डॉ.दिलीप सिंह।
बता दें कि भारत सरकार के विभिन्न विभागों में मंत्री रहे रामविलास पासवान को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया है। साथ ही मृदुला सिन्हा को भी मरणोपरांत शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के लिए पद्मश्री सम्मान दिया गया है।
जानिए कि शेष 3 जिन जीवित व्यक्तियों को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है, वे हैं- मधुबनी पेंटिंग कला के क्षेत्र के लिए दुलारी देवी, कला के क्षेत्र के लिए रामचंद्र मांझी और भागलपुर के पीरपैंती के डॉ.दिलीप कुमार सिंह को मेडिसीन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत की आजादी के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहे। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजी हुकूमत को चकमा देकर जर्मनी पहुंचे और आजाद हिंद फौज का गठन किया। अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने के लिए उन्होंने “जय हिंद” कोो राष्ट्रीय नारा बना दिया। नेताजी का व्यक्तित्व भारतीय युवजनों के जीवन को अर्थपूर्ण बनाने के लिए आज भी प्रेरित करता है। उक्त बातें समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने नेताजी की 125वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि करने के बाद कहीं।
Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing youths along with senior RJD leader Bijendra Prasad Yadav, ADV. Shudhanshu Ranjan, AK Sinha, Damodar Pransukhka, Umesh Kumar Om and others on the 125th Jayanti Samaroh of Neta Jee Subhash Chandra Bose at Subhash Chowk, Madhepura.
मौके पर अपने संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने प्रखर पत्रकार रह चुके देवाशीष बोष एवं पटना हाई कोर्ट के जस्टिस रह चुके सुरेश चंद्र मुखर्जी के इस प्रतिमा निर्माण में योगदान की चर्चा करते हुए कहा- नेताजी की 125वीं जयंती को इस बार भारत सरकार ने “पराक्रम दिवस” के तौर पर मनाने हेतु 85 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
समिति के लोगों द्वारा यह जानकारी दी गई कि 23 जनवरी को कोलकाता में नेताजी की जयंती ‘पराक्रम दिवस’ कार्यक्रम में भाग लेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहीं पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान उड़ीसा के कटक में होने वाले कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां नेता जी का जन्म हुआ था और गुजरात के सूरत जिले के हरिपुरा गांव में भी भव्य जयंती मनाई जाएगी, जहाँ 1938 में नेताजी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे।
मौके पर राजद के वरिष्ठ नेता व समाजसेवी बिजेंद्र प्रसाद यादव, उमेश कुमार ओम, एडवोकेट सुधांशु रंजन, अधिवक्ता अशोक कुमार सिन्हा, व्यापारी दामोदर प्राणसुखका, अक्षय दीप, आदित्य लल्लन यादव आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
अंत में डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित जनों से यही कहा कि देश के प्रथम अस्थाई सरकार के राष्ट्राध्यक्ष नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती समस्त भारत में 23 जनवरी को दिन भर समारोह पूर्वक मनाई जाएगी। ज्ञातव्य है कि उस अस्थाई सरकार को जर्मनी, जापान, चीन, कोरिया, इटली आदि कई देशों ने मान्यता भी दे दी थी। अपना बैंक और अपनी करेंसी भी नेता जी ने बना ली थी।
अमेरिका के नवनिर्वाचित 46वें राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ भारतीय मूल की कमला देवी हैरिस ने पहली महिला उपराष्ट्रपति के रूप में कमान संभाली। कमला देवी पहली भारतीय महिला है जो अमेरिका जैसे सबसे ताकतवर देश के दूसरे सबसे ताकतवर पद पर बुधवार को आसीन हुई है।
बता दें कि कमला देवी हैरिस के मूल गांव का नाम है- थुलेंद्रपुरम। तमिलनाडु का यह गांव कमला देवी के अमेरिकी उपराष्ट्रपति बनने पर जमकर जश्न मनाया है। दिनभर लोग नाचते रहे, पटाखे छोड़ते रहे और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाते रहे। ऐसा इसलिए कि कमला हैरिस अमेरिका की सबसे ताकतवर उपराष्ट्रपति होंगी। अब महाशक्ति के हर अहम फैसले पर आखिरी मुहर कमला की होगी।
कमला हैरिस के ऑफिस द्वारा मीडिया को जानकारी दी गई कि अब तक राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा विशेषज्ञों एवं कैबिनेट सदस्यों को चुनने तक जितने भी फैसले लिए गए हैं, उन सबमें कमला कि अहम भूमिका रही है।
चलते-चलते यह भी बता दे कि कमला हैरिस की छाप बाइडेन प्रशासन में साफ झलकने लगी है। तभी तो बाइडेन ने अबतक 25 से अधिक भारतीय-अमेरिकियों को हाई प्रोफाइल भूमिका दी है। अमेरिकी आबादी में 1% की हिस्सेदारी रखने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए यह ऐतिहासिक पल है, क्योंकि बाइडेन ने प्रेसिडेंट ऑफिस को स्पष्ट आदेश दे दिया है कि प्रमुख निर्णय में कमला देवी हैरिस “अंतिम स्वर” की भूमिका में हो। बाइडेन के द्धारा कमला हैरिस पर इस कदर अटूट विश्वास जताने को लेकर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने भी जमकर राष्ट्रपति बाइडेन की सराहना की है।
भारतीय क्रिकेट टीम ने कंगारुओं के 32 साल का गुरूर चकनाचूर कर तिरंगा फहरा दिया। भारत ने पहली बार गाबा में 3 विकेट से जीत हासिल की और साथ ही ऑस्ट्रेलिया में लगातार दूसरी बार 2-1 से टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रच दिया। यह भारत की सबसे बड़ी जीत में से एक है।
भला क्यों न यादगार रहेगी यह जीत…..!! जिस जीत में टीम का विराट कोहली जैसा कप्तान पितृत्व अवकाश पर हो। टीम के सात खिलाड़ी चोटिल हो। बावजूद इसके ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों व दर्शकों की नस्ली टिप्पणियां झेलकर कप्तान ए रहाणे की टीम ने कंगारुओं का किला ढा दिया…..। जोश से लबरेज भारतीय खिलाड़ियों ने कंगारू टीम को बल्लेबाजी-गेंदबाजी सहित हर क्षेत्र में मात दे दी।
यह भी जानिए कि भारत को जीत के लिए 328 रनों का लक्ष्य मिला था जिसे टीम इंडिया ने 3 विकेट रहते ही 329 बनाकर विजय हासिल कर ली। इस खेल में गिल और पंत हीरो रहे। गिल भले ही शतक से चूक गए, परंतु उन्होंने 91 रन की शानदार पारी खेली….. जबकि अपनी आक्रामकता और जनता की बेहतरीन मिसाल पेश करते हुए नाबाद 89 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया की धरती पर जीत का डंका बजा दिया। टीम इंडिया की जीत पर पीएम नमो, सीएम नीतीश और समाजसेवी डॉ.मधेपुरी सहित सभी भारतीय खेल प्रेमियों ने शुभकामनाएं दी।
बकौल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन कोविड टीकाकरण अभियान के तहत फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाने का काम फरवरी तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। आधार कार्ड की मदद से टीके की पहली खुराक लेने वालों की पहचान की जाएगी ताकि ऐसे लोगों को दूसरी खुराक एक महीने के अंदर ससमय दिया जा सके।
बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जून-जुलाई तक 30 करोड़ लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को और दूसरे चरण में सुरक्षाकर्मियों जैसे अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगेगा। सभी राज्यों के ऐसे वर्कर्स के आंकड़ों को 26 जनवरी तक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने को कहा गया है ताकि ससमय इसका टीकाकरण हो सके।
चलते-चलते यह भी जानिए कि टीकाकरण के मामले में पांच राज्यों में पहले दिन के आंकड़े इस प्रकार आए हैं- उत्तर प्रदेश में जहां 21 हजार से अधिक लोगों को टीके दिए गए वहीं आंध्र प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में 18 हजार से अधिक और उड़ीसा में 13 हजार से अधिक लोगों को बिना किसी विशेष परेशानी के टीके दिए गए। इस पर महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा कि भारत कोविड मुक्त होगा और वह क्षण भारतवासियों के लिए गर्व का क्षण होगा।