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अब सभी वर्गों की लड़कियों को आगे बढ़ने हेतु दी जाएगी सहायता राशि नीतीश

बोले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महिलाएं शिक्षित होंगी तो प्रजनन दर अपने आप घटने लगेगा। उन्होंने कहा कि 2005 में कुल प्रजनन दर 4.3 प्रतिशत थी जो 2013 में 4% के करीब हो गई और आज की तारीख में घटकर 3% पर पहुंच गई है।

बता दें कि शिक्षा पर दूसरे राज्यों से अधिक राशि खर्च कर रहा है बिहार। बिहार देश का पहला राज्य है जहां प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए “आनंद शाला” नाम से योजना लांच किया गया है।

स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर गांधी मैदान में ध्वजारोहण के बाद बोले नीतीश- “अब सभी वर्गों की लड़कियों को सहायता राशि दी जाएगी जो पूर्व में केवल एससी-एसटी तथा अति पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों को दी जाती थी।”

चलते-चलते यह भी बता दें कि पूर्व में सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत एससी-एसटी तथा अति पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों को बीपीएससी व यूपीएससी की पीटी पास करने पर मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए क्रमशः 50 हजार एवं 1 लाख रुपया मिलता रहा है अब अन्य सभी वर्गों की युवतियों के लिए भी यही प्रोत्साहन योजना शुरू होगी तो।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इस योजना के लागू किए जाने एवं बिहार में खेल विश्वविद्यालय खोले जाने पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सूबे के मुख्यमंत्री को साधुवाद देते हुए कहा कि बिहार की बेटियों को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या खेल का। डाॅ.मधेपुरी ने मुख्यमंत्री की इस सोच को सलाम किया है।

 

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दुनिया का हाल कोरोना कर रहा बेहाल

जापान की राजधानी टोक्यो में पैरालंपिक खेल का आयोजन 24 अगस्त से 5 सितंबर तक होने जा रहा है और जापान सरकार ने कोविड-19 से निपटने के लिए 12 सितंबर तक आपातकाल लागू कर दिया है। ऐसा इसलिए कि विश्व के सभी देशों के पैरालंपिक खिलाड़ियों को लेकर जापान सरकार को चिंता बनी हुई है।

बता दें कि जापान के अस्पतालों द्वारा कोविड-19 के मरीजों को लौटाए जाने की शिकायतें आने लगी हैं। एहतियात के तौर पर यह आपातकाल 12 सितंबर तक कड़ाई के साथ लागू रहेगा। विशेष रूप से रेस्तरां और बार को भी रात्रि 8:00 बजे तक काम बंद करने की हिदायत दे दी गई है।

जानिए कि विश्व भर में अब तक कोरोना वायरस से कुल 44.03 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कुल 21 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से प्रभावित हुए हैं। अमेरिका की हाॅपकिंस यूनिवर्सिटी की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार-

“दुनिया के लगभग 200 देशों एवं क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 21 करोड़ से ज्यादा हो गई है। जबकि 44लाख 3 हजार 579  लोग अब तक कोरोना से जान गवां चुके हैं।”

चलते-चलते यह भी जानिए कि अमेरिका में कोरोना वायरस की रफ्तार फिर से तेज हो गई है और संक्रमितों की संख्या 3.72 करोड़ से अधिक हो गई है। और तो और ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी में लॉकडाउन 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। मास्क लगाना अनिवार्य करने के साथ-साथ कई जगहों पर कर्फ्यू भी लगा दिया गया है।

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डॉ.जगन्नाथ मिश्र की द्वितीय पुण्यतिथि पर बोले डॉ.मधेपुरी

सुपौल जिले के बलुआ गांव से लेकर पटना के बिहार आर्थिक अध्ययन संस्थान में केंद्रीय मंत्री व कई बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके राजनीतिज्ञ लेखक एवं विचारक डॉ.जगन्नाथ मिश्र की द्वितीय पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। डॉ.मिश्र ताजिंदगी बिहार के विकास के लिए समर्पित रहे। लोग तो उन्हें शिक्षकों का मुख्यमंत्री भी कहा करते हैं।

मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से उनका स्नेहिल संबंध लेखन के चलते ही निरंतर गहराता चला गया। डॉ.मधेपुरी ने कोरोना वायरस के  चलते अपने निवास ‘वृंदावन’ में डॉ.मिश्र को याद करते हुए उनकी द्वितीय पुण्यतिथि पर यही कहा- उन्हें याद है 9 मई, 1981 का वह दिन जिस दिन बी.पी.मंडल की अध्यक्षता में डॉ.मिश्र ने रासबिहारी उच्च विद्यालय के मैदान में 135 वर्ष पुराने अनुमंडल रहने के बाद मधेपुरा को जिला का दर्जा दिया था।

डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित बच्चों से पुनः कहा कि जब  मैंने स्वलिखित पुस्तक ‘इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल’ की एक प्रति लेकर उनके पटना निवास पर उन्हें हस्तगत कराया तो वे किस कदर विह्वल हुए उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। वह पल मेरे जीवन का चिरस्मरणीय पल रहा है। कुछ महीनों बाद जब दर्जनों पुस्तकों के लेखक डॉ.मिश्र से फिर मिला तो डॉ.मिश्र मेरे हाथों व कंधों को थामकर कह रहे थे-

 “इस पुस्तक में शोध और संवेदना का दुर्लभ संगम है। इसे पढ़ते समय कभी मैं सुखद विस्मय से भर उठता तो कभी गौरव की अनुभूति आंखों से छलक पड़ती…। कभी-कभी तो यह सोचता कि यदि डॉ.मधेपुरी यह पुस्तक नहीं लिखी होती तो बिहार की आने वाली पीढ़ी अपने इतिहास के इतने गौरवशाली अध्याय से कैसे अवगत हो पाती…।”

अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि उस महान संवेदनशील लेखक डॉ.मिश्र के जज्बातों को मैं उनकी द्वितीय पुण्यतिथि पर बार-बार सलाम करता हूं।

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टोक्यो पैरालंपिक भारतीय टीम में बिहार के शरद और प्रमोद भी शामिल

भारत के पीएम मोदी ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर टोक्यो ओलंपिक- 2020 से लौटे सभी खिलाड़ियों को विशेष मेहमान बनाकर हौसला बढ़ाया और दो दिन बाद टोक्यो पैरालंपिक खिलाड़ियों को 24 अगस्त से 5 सितंबर तक जापान की राजधानी टोक्यो में ही बेहतरीन प्रदर्शन करने एवं पदक जीतने हेतु प्रोत्साहित किया।

Sharad Kumar.
Sharad Kumar.

इस पैरालंपिक के लिए 54 सदस्य भारतीय खिलाड़ियों के दल में बिहार के भी दो खिलाड़ी शामिल हैं। इन दोनों के प्रति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी आशा व्यक्त की है कि पदक जीतकर ये दोनों अवश्य बिहार को गौरवान्वित करेंगे।

Pramod Bhagat.
Pramod Bhagat.

बता दें कि इस भारतीय टीम में मुजफ्फरपुर के शरद कुमार पैराएथलेटिक्स टीम- 42 कैटेगरी के हाई जंप में और वैशाली के प्रमोद भगत एसएल-3 कैटेगरी के पैरा बैडमिंटन में दमखम दिखाएंगे। आशा है कि नीरज चोपड़ा की तरह ये भी भारत के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त करने में कामयाब होंगे। बिहार के खेल निदेशक संदीप कुमार ने बताया है कि बिहार के इन दोनों खिलाड़ियों की विश्व रैंकिंग में नंबर वन है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि कोरोना वायरस के तहत टोक्यो के लिए प्रस्थान करने से पहले शरद कुमार को भोपाल में और प्रमोद भगत को लखनऊ में क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। अंत में यह भी कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को ही नहीं बल्कि संपूर्ण बिहार को भी शरद और प्रमोद से पदक की उम्मीद है।

 

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तालिबानी दहशत के चलते काबुल छोड़ने की जद्दोजहद

चार करोड़ की जनसंख्या वाला अफगानिस्तान बड़ी आसानी से तालिबान के कब्जे में आ गया। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी चंद रोज कबल यही कहते रहे कि हम अंत तक लड़ेंगे और जीतेंगे। परंतु, तालिबानी लड़ाकों के राजधानी काबुल में घुसने से पहले ही राष्ट्रपति गनी परिवार सहित देश छोड़कर चले गए। अब गनी कहते हैं कि खून-खराबा रोकने के लिए ऐसा किया।

बता दें कि राष्ट्रपति गनी एक कार में 50 लाख अमेरिकी डॉलर लेकर एयरपोर्ट तक गए तो थे, परंतु तालिबानी धमकियों से भयभीत होकर कैश वहीं छोड़ गए। और तो और गनी के जाते ही पूरी अफगान सेना ही गायब हो गई। ऑफिस में महिलाओं का जाना बंद और बिना बुर्के में दिखने वाली महिलाओं की हत्या का तालिबानी ऐलान। 30 वर्ष से कम आयु की लड़कियों, महिलाओं की खोज जारी जिनके साथ तालिबानी लड़ाके ऐश करेंगे…।

जानिए कि एयरपोर्ट पर जान बचाने की जानलेवा दौड़ जारी है।  चारों ओर चीख-पुकार ! बड़ी संख्या में लोग हवाई अड्डे की ओर भाग रहे। जल्दी से देश से निकलने की होड़ के कारण तीन अफगानी विमान के पहिए में छिप गए थे जो विमान के उड़ान के वक़्त ही जमीन पर गिरे और मौत को गले लगा लिए।

यह भी कि भारत सरकार ने हालात बेकाबू देखकर वहां के दूतावास अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वापस बुला लिया। फिर भी हजारों फंसे भारतीयों को लाने के लिए एयर इंडिया से कहा कि दो विमान काबुल के लिए रिजर्व रखे जाएं।

मौके पर समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐलान के वास्ते हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित किया है कि उन्होंने देश को ताकतवर और प्रभावशाली बनाने के लिए 75वें स्वतंत्रता दिवस पर कहा- “देश के सभी सैनिक स्कूल बेटियों के लिए भी खोल दिए जाएंगे यानि अब सभी सैनिक स्कूल में बेटियां भी पढ़ेंगी।”

अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि राष्ट्र का मजबूत होना जरूरी है अन्यथा अफगानिस्तान की ही तरह घर-द्वार, सारा व्यापार एवं बैंक बैलेंस आदि छोड़कर भागना पड़ेगा और रिफ्यूजी बनकर पड़ोसी देश की शरण में जाना पड़ेगा।

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पीएम ने पैरालंपिक खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया

इसी अगस्त महीने की 8 तारीख को टोक्यो- 2020 ओलंपिक का समापन हुआ और भारतीय खिलाड़ियों को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर विशेष मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और सम्मानित भी। पीएम ने सभी खिलाड़ियों की जमकर सराहना की।

आज प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो पैरालंपिक में भाग लेने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और कहा कि देश आपके साथ खड़ा है और आपसे उम्मीदें लगाए हुए है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि आप अपना 100% देंगे तो देश आप से प्रेरित होकर अपने अन्य संकल्पों को भी पूरा करेगा।

बता दें कि पैरालंपिक- 2020 भी कोविड-19 के कारण स्थगित कर दिया गया था जो अब 24 अगस्त से 5 सितंबर 2021 तक जापान की राजधानी टोक्यो में खेला जाएगा। जहां भारत के 43 दिव्यांग एथलीट 9 गेमों में भाग लेंगे। जबकि वहां कुल गेमों की संख्या 28 है।

जानिए कि जिस 9 स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी भाग लेंगे, वे हैं- 1. जैवलिन थ्रो 2.हाई जम्प 3. शॉट पुट 4. डिस्कस थ्रो 5. तीरंदाजी 6.बैडमिंटन 7.टेबल टेनिस 8.शूटिंग 9.तैराकी

आप इन खेलों का प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स पर भी देख सकते हैं।

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आज 16 अगस्त को केंद्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह मंत्री बनने के बाद पहली बार पहुंच रहे हैं बिहार

बता दें कि मंत्री बनने के बाद 16 अगस्त को पहली बार बिहार पहुंच रहे केंद्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह के भव्य स्वागत की तैयारी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पूरी कर ली है। पटना एयरपोर्ट से जदयू मुख्यालय तक के हर रास्ते को पोस्टरों से पाट दिया गया है।

जानिए कि आरसीपी के पूर्व में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहने के कारण बिहार के हर जिले से उनके स्वागत में जदयू कार्यकर्ताओं के पटना आने की तैयारी है। सभी कार्यकर्तागण मंत्री आरसीपी की एक झलक पाने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में लगे हैं। क्योंकि, लगभग सप्ताह भर आरसीपी के बिहार प्रवास पर रहने की उम्मीद की जा रही है।

यह भी कि संपूर्ण स्वागत समारोह पार्टी के आधिकारिक सोशल साइट पर लाइव प्रसारित किया जाएगा और इसको लेकर प्रदेश मीडिया सेल की टीम द्वारा व्यापक प्रसारण का इंतजाम पूरा कर लिया गया है। यह भी कि 17 एवं 18 अगस्त को केंद्रीय इस्पात मंत्री पटना, नालंदा और शेखपुरा जिलों के कार्यकर्ता-संपर्क एवं आभार कार्यक्रम में भी भाग लेंगे।

चलते-चलते यह भी कि मधेपुरा के समाजसेवी-शिक्षाविद् एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता व मार्गदर्शक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने माननीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह से अनुरोध किया है कि इसी तरह जब-जब मौका मिले तो वे बिहार के शेष सभी जिलों में भी बारी-बारी से पहुंच कर  कार्यकर्ता-संपर्क एवं आभार कार्यक्रमों में भाग लेते रहेंगे ताकि किसी भी जिले के कार्यकर्ता को निराशा ना हो।

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एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा के सम्मान में हर साल 7 अगस्त को “जेवलिन थ्रो डे”

नीरज चोपड़ा ने 7 अगस्त को टोक्यो- 2020 ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। अब भारतीय एथलेटिक्स महासंघ द्वारा इस दिन को “राष्ट्रीय भाला फेंक दिवस” के रूप में मनाएगा।

बता दें कि एएफआई के योजना आयोग के अध्यक्ष ललित भनोट ने कहा है कि चोपड़ा सहित अन्य एथलीटों के सम्मान में पूरे भारत में भाला फेंक को बढ़ावा देने के लिए हम 7 अगस्त को राष्ट्रीय भाला फेंक दिवस के रूप में मनाएंगे।

जानिए कि एएफआई के ऐसे निर्णय पर टिप्पणी करते हुए गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने कहा कि कभी भी सुपरस्टार वाली मानसिकता अपने ऊपर हावी नहीं होने दूंगा। भाला फेंक के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा का लक्ष्य फिलहाल 2022 में 15 से 24 जुलाई तक अमेरिका में होने वाले “विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप” में स्वर्ण पदक जीतना है।

मौके पर खेलप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने गुजरात के उस पेट्रोल पंप के मालिक एवं अन्य को धन्यवाद दिया जिन्होंने नीरज के गोल्ड जीतने की खुशी में 24 घंटे के लिए नीरज नाम के सभी वाहन चालकों/मालिकों को मुफ्त में पेट्रोल देने का काम किया और ऐसा करके भारतीय युवाओं में खेल के प्रति उन्होंने अद्भुत आकर्षण पैदा कर दिया। साथ ही डॉ.मधेपुरी ने सफलता का खुमार कभी हावी नहीं होने देने के लिए नीरज चोपड़ा को जन्म देने वाले एवं परवरिश करने वाले उस देशभक्त माता-पिता सरोज देवी व सतीश कुमार को नमन करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया है।

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सभी खिलाड़ियों को केंद्रीय खेल मंत्रियों ने किया सम्मानित

टोक्यो- 2020 का समापन 8 अगस्त 2021 को हुआ और 9 अगस्त को दिल्ली के अशोका होटल में गोल्डन ब्वाय नीरज चोपड़ा, चांदी की चमक के साथ आई चानू और रवि तथा चार कांस्य पदक विजेताओं- सिंधू, लवलीना, पूनिया और पुरुष हॉकी के साथ-साथ महिला हॉकी टीम को बुलाकर सम्मान दिया खेल मंत्री अनुराग ठाकुर एवं पूर्व खेल मंत्री किरण रिजीजू।

बता दें कि महिला हॉकी टीम को इसलिए बुलाया गया कि ऑस्ट्रेलिया की जिस पुरुष हॉकी टीम ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम को हरा दिया वहीं भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऑस्ट्रेलियाई महिला हॉकी टीम को धूल चटा दिया। भारतीय महिला टीम हार कर भी अपने प्रदर्शन से सभी हिंदुस्तानियों का दिल जीत लिया।

जानिए कि नीरज ने तो स्वर्ण पदक जीतकर देश का मौसम बदल दिया। नीरज ने कहा जहां देश का प्रधानमंत्री खिलाड़ी से फोन पर बात करें इससे बड़ी बात और क्या होगी। नीरज ने देशवासियों की खुशियों का इजहार करते हुए कहा-

ना खा पाता हूं, ना सो पाता हूं… इतने लोग आते हैं मिलने कि मेडल को पॉकेट में लेकर घूम रहा हूं। जब भी इसे निकाल कर देख लेता हूं….. तो सब ठीक रहता है। यह मेरा नहीं पूरे देश का मेडल है। इस प्रकार के समर्थन के लिए सबको धन्यवाद ! जब हम लोग खेल रहे थे तो पूरा भारत खिलाड़ियों के साथ खड़ा था।

मौके पर खेलप्रेमी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि टोक्यो- 2020 के चैंपियनों का सतरंगी सत्कार ही भारत को आने वाले दिनों में बनाएगा- खेलों की महाशक्ति ! उन्होंने कहा कि पेरिस ओलंपिक- 2024 से पूर्व भारत के शेष सभी राज्यों में खेल विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं।।

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टोक्यो- 2020 का समापन और भारत

टोक्यो ओलंपिक- 2020 के समापन से एक दिन पूर्व नीरज चोपड़ा के ‘पानीपत’ का पानी ओलंपिक में रंग दिखा दिया। जब नीरज ने जैवलिन को 87.58 मीटर पर गाड़ा और भारत के लिए गोल्ड जीता कि 137 करोड़ भारतीय के भीतर खुशियों की लहर दौड़ गई। हुआ यही कि टोक्यो से दिल्ली तक सिर्फ इंडिया… इंडिया सुनाई देने लगा। सभी भारतवासियों के भरोसे को नीरज ने जीत लिया। 23 वर्षीय हरियाणवी छोड़ा की मेहनत ने रंग ला दी। सभी भारतीयों के चेहरे खिल उठे। टोक्यो के पोडियम में नीरज ने तिरंगा को ऊंचाई प्रदान की और राष्ट्रगान बजवा दिया। इसलिए तो टोक्यो- 2020 के समापन से पहले ही नीरज के लिए 13-14 करोड़ के इनाम का ऐलान हो चुका है।

बता दें कि टोक्यो ओलंपिक के समापन समारोह में भारत के ध्वजवाहक बजरंग पूनिया ने कहा कि 2024 के पेरिस ओलंपिक में गोल्ड के लिए होगी कोशिश। अभी विश्व के 200 से अधिक देशों में भारत 47वें स्थान पर है जबकि टोक्यो ओलंपिक में नंबर 4 पर रही महिला हॉकी टीम वरना……!

जानिए कि 125 वर्ष में एथलेटिक्स में पहला गोल्ड जीतकर नीरज ने उसे मिल्खा सिंह को समर्पित किया। नीरज ने भाला फेंककर दुनिया को स्तब्ध और भारतीयों को जश्न में डुबो दिया। भारत ने इस बार कुल 7 पदक जीते जिसमें एक नीरज का गोल्ड, 2 सिल्वर- चानू और रवि का तथा 4 कांस्य है- सिंधू, लवलीना, पूनिया एवं पुरुष हॉकी का। भारत यह सातों पदक 17 दिनों तक 205 देशों के 11000 से अधिक एथलीटों के साथ जद्दोजहद करके जीता है। टोक्यो- 2020 ओलंपिक में 33 खेल और 339 इवेंट्स हुए।

बता दें कि टोक्यो में नीरज का गोल्ड भारत का दसवां स्वर्ण पदक है। भारत ने इससे पहले हॉकी में 8 स्वर्ण और शूटिंग में अभिनव बिंद्रा ने एक स्वर्ण जीता था। अद्वितीय जोश एवं अतुलनीय धैर्य से खेलने वाले ही गोल्ड मेडल जीतते हैं।

जब नीरज ने भारत के लिए गोल्ड जीता तो राष्ट्रपति से लेकर खेल मंत्री सहित सभी भारतीयों ने उनके लिए हृदय से बधाइयों का तांता लगा दिया। भारतीय क्रिकेट की शान सुनील गावस्कर ने ताली बजाते हुए खड़े होकर अपने अद्भुत अंदाज में कहा- “टोक्यो के हीरो”।

सुविख्यात कवि कुमार विश्वास ने कहा कि कुश्ती और हॉकी में उम्मीद थी गोल्ड की जो चूक गई। परंतु, नीरज ने गोल्ड के लिए भाला गाड़ दिया।

अंत में ऐन मौके पर खेलप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने टीवी पर गोल्ड मेडल पहने बीच में खड़े नीरज को देख उस लम्हे को याद करते हुए यूं बयां किया है- राष्ट्रगान का धुन बज रहा था। भारतीय तिरंगा धीरे-धीरे ऊपर उठ रहा था। मैं भावुक हो रहा था। मेरे अंदर उठ रहे जोश मेरे आंसू को कंट्रोल नहीं कर पा रहे थे… कदाचित उस घड़ी सभी भारतीयों के रोंगटे खड़े हो रहे होंगे… सबों की यही दशा रही होगी… सभी यही कह रहे होंगे- नीरज पर नाज है…! और यह भी कि… “भारत का भाला… है सबसे आला !!”

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