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पटना पुस्तक मेला के 24वें संस्करण का भव्य आगाज

2 दिसंबर को पटना में पुस्तकों के कुंभ पुस्तक मेला के 24वें संस्करण का भव्य आगाज हुआ। बिहार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग और सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट द्वारा सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र स्थित ज्ञान भवन में आयोजित इस पुस्तक मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पिछली बार मेले में राज्य सरकार के सात निश्चय को बेहतर तरीके से लोगों के सामने रखा गया और इस बार जो नशामुक्ति के साथ-साथ दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ जो अभियान छेड़ा गया है, उसके प्रति भी लोगों को इस मेले में अनेक माध्यमों से प्रेरित किया जाए ताकि बिहार से इन सामाजिक कुरीतियों को खत्म किया जा सके।

जैसा कि सभी जानते हैं, एकाध मौकों को छोड़कर पुस्तक मेले का आयोजन आमतौर पर ऐतिहासिक गांधी मैदान में होता रहा है। यह पहला मौका है, जब इसका आयोजन किसी चहारदिवारी में हो रहा है। हालांकि इससे इसकी भव्यता पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बार मेले में कुल 210 स्टॉल लगाए गए हैं और बिहार व देश के 112 प्रकाशक इसमें हिस्सा ले रहे हैं। तभी तो बिहार के मुख्यमंत्री इस मौके पर यह कहना नहीं भूले कि पटना पुस्तक मेला दुनिया के 10 शीर्ष पुस्तक मेलों में शामिल है, जबकि देश में दिल्ली और कोलकाता के बाद इसका स्थान आता है।

नीतीश कुमार ने इस अवसर पर यह भी कहा कि पटना पुस्तक मेला सिर्फ पुस्तकों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए नहीं है बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य है। उन्होंने पुस्तक मेला के आयोजकों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पुस्तक मेला का आयोजन कराने की बात भी कही।

चलते-चलते बता दें कि पटना पुस्तक मेले के 24वें संस्करण का विषय लड़कियों और महिलाओं को समर्पित है। इस बार का विषय ‘लड़की को सामर्थ्य दो, दुनिया बदलेगी’ है। पुस्तक मेले की थीम को भी विषय के अनुरूप ‘पिंक’ कलर में रखा गया है।

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बिहार में ट्विटर वार

बिहार में ट्विटर वार छिड़ा है। एक ओर हैं आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव तो दूसरी ओर हैं आमतौर पर सोशल मीडिया से दूर रहने वाले जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। हां, इन दोनों योद्धाओं में मर्यादा का फर्क स्पष्ट तौर पर कहा जा सकता है। नीतीश ने जहां अपने ट्वीट में बड़ी संजीदगी से लालू पर निशाना साधा था, वहीं लालू ने अपने ट्वीट में बिना नाम लिए नीतीश को ‘मेंडेट रेपिस्ट’ और ‘जनादेश का हत्यारा’ तक कह डाला।

बुधवार को अपने पहले ट्वीट में लालू ने लिखा, क्या आप दिन-दहाड़े जनादेश का निर्मम बलात्कार करने वाले मैंडेट रेपिस्ट का मानसिक उपचार करने वाले किसी देशभक्त मनोचिकित्सक को जानते हैं? इसके बाद लालू ने फिर ट्वीट किया और लिखा, ‘क्या आप ‘पेट के दांत’ ठीक करने वाले किसी डेंटिस्ट को जानते हैं? बिहार में जनादेश का एक मर्डरर है, जिसके पेट में दांत है। उसने सभी नेताओं और पार्टियों को ही नहीं बल्कि करोड़ों गरीब-गुरबों को भी अपने विषदंत से काटा है।’

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में लगातार जेडीयू और आरजेडी की तरफ से एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। बता दें कि इससे पहले बुधवार को ही नीतीश कुमार ने भी ट्वीट के जरिए लालू प्रसाद यादव को उनकी बेनामी संपत्ति मामले में घेरने की कोशिश की थी। नीतीश ने बिना किसी का नाम लिए ट्वीट में लिखा था, ‘जान की चिंता, माल की चिंता सबसे बड़ी देशभक्ति है!’

इससे पहले मंगलवार को भी नीतीश ने लालू की सुरक्षा में कटौती को लेकर उपजे विवाद पर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, ‘राज्य सरकार द्वारा ‘Z’ Plus और SSG की मिली हुई सुरक्षा के बावजूद केंद्र सरकार से NSG और CRPF के सैकड़ों सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता के जरिए लोगों पर रौब गांठने की मानसिकता, साहसी व्यक्तित्व का परिचायक है!’

स्वयं मुख्यमंत्री व केन्द्रीय मंत्री रह चुके लालू प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट का जवाब देने का पूरा हक था, उन्हें तंज ही कसना था तो भी कोई बात ना थी, लेकिन मर्यादा की सीमा का जिस तरह उन्होंने अतिक्रमण किया, वो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं। सोचने की बात तो यह कि स्वयं ऐसी भाषा का प्रयोग करने वाला पिता आखिर अपने उस बेटे को क्या और कैसे समझा पाता होगा जो स्वास्थ्य मंत्री जैसे पद पर रहे होने के बावजूद अपने राज्य के उपमुख्यमंत्री को घर में घुसकर मारने और अपने देश के प्रधानमंत्री को खाल उघाड़ लेने की धमकी देता चलता है?

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए दीप

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बिहार में भी नहीं दिखेगी ‘पद्मावती’

गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अब बिहार। जी हां, ‘पद्मावती’ अब बिहार में भी रिलीज नहीं की जा सकेगी। विवादों से घिरी इस फिल्म पर इस बार बिहार के संजीदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी राय रखी है। फिल्म पर देश भर में जारी घमासान के बीच नीतीश ने कहा है कि निर्देशक संजय लीला भंसाली इस पर अपना रुख साफ करें। ऐसा होने तक राज्य में फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।

गौरतलब है कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार देश के पांचवें मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने पद्मावती-प्रकरण पर मुखर होकर अपनी बात रखी है। उनसे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुलकर अपनी राय रख चुके हैं। इन राज्यों ने यह कहते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगाया है कि इसमें इतिहास से छेड़छाड़ की गई है।

बहरहाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस फिल्म की बाबत कहा कि “’पद्मावती’ पर कई लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं। फिल्म के निर्दशक को इस पर अपना रुख साफ करना चाहिए। तब तक के लिए फिल्म बिहार में नहीं दिखाई जाएगी।” नीतीश ने इस संदर्भ में सभी पार्टियों के एक निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद निर्णय लेने की बात कही और साथ में यह भी जोड़ा कि “रानी पद्मावती को इसमें नाचते हुए नहीं दिखाया जाना चाहिए था।” बिहार के कला, संस्कृति, खेल और युवा मामलों के मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने भी अपने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि फिल्म से जब तक विवादित दृश्य निकाले नहीं जाते, तब तक फिल्म राज्य में रिलीज होने नहीं दी जाएगी।

‘पद्मावती’ को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री का यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के मुख्यमंत्री से फिल्म के खिलाफ माहौल नहीं बनाने को कहा था। गौरतलब है कि ‘पद्मावती’ की रिलीज के लिए पहले एक दिसंबर की तारीख तय की गई थी, जो फिलहाल अनिश्चित काल के लिए स्थगित होती दिख रही है। 190 करोड़ की लागत से बनी संजय लीला भंसाली की इस फिल्म में दीपिका पादुकोण ने रानी पद्मावती की भूमिका निभाई है, जबकि शाहिद कपूर महारावल रतन सिंह और रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका में हैं।

 

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नशा मुक्ति दिवस पर जाग उठा जज्बाती जिला मधेपुरा !

मधेपुरा जिला मुख्यालय सहित सभी सदर प्रखंडो एवं उदाकिसुनगंज अनुमंडल के आलमनगर, चौसा, पुरैनी, बिहारीगंज, ग्वालपाड़ा व अन्य प्रखंडों में नशामुक्ति दिवस (26 नवंबर) सर्वाधिक उत्साह एवं संकल्प के साथ सवेरे से देर शाम तक यानि दिनभर संकल्पित भाव के साथ मनाया गया |

शहर के उर्दू मध्य विद्यालय, कन्या मध्य विद्यालय से लेकर टी.पी.कॉलेजिएट, SNPM, रास बिहारी, केशव कन्या उच्च माध्यमिक +2 विद्यालयों सहित अन्य सरकारी व प्राइवेट विद्यालयों- कौनवेटों के छात्र-छात्राओं द्वारा बी.एन.मंडल स्टेडियम से रंगारंग ‘नशा मुक्ति दिवस’ के बैनरों एवं नारों के साथ प्रभात फेरी निकाली गई | स्कूली बच्चों ने ‘नशा मुक्ति अभियान’ में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तथा शहर के बी.पी.मंडल चौक, भूपेन्द्र चौक, मस्जिद चौक, थाना चौक, शिवनंदन चौक, सुभाष चौक, कर्पूरी चौक का भ्रमण करते हुए नशा के खिलाफ नारे लगा-लगाकर लोगों को जागरुक किया |

बता दें कि समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित पदाधिकारियों एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, डीएसपी रहमत अली, शौकत अली, नरेश पासवान, अशोक चौधरी आदि की उपस्थिति में जिले के उच्चाधिकारी द्वय डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार ने संयुक्त रुप से हरी झंडी दिखाकर स्कूली बच्चों की प्रभात फेरी को रवाना किया |

DM Md.Sohail showing green flag to the students at B.N. Mandal Stadium Madhepura.
DM Md.Sohail showing green flag to the students at B.N. Mandal Stadium Madhepura.

फिर दिन में जिला उत्पाद विभाग के अधीक्षक शैलेन्द्र मिश्रा एवं उत्पाद निरीक्षक राजू मिश्रा की देख-रेख में स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में ‘नशामुक्ति से संबंधित विषयों’ पर आधारित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम-द्वितीय एवं तृतीय आये प्रतियोगियों क्रमशः निशा कुमारी- आनंद कुमार- कुशल आनंद एवं रूमा कुमारी- आनंद कुमार- मो.मौशिम जिया को डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार ने पुरस्कृत किया |

यह भी जानिये कि कार्यक्रम के दौरान टीवी के जरिये जिले के वरीय पदाधिकारियों सहित शहर के गणमान्यों ने सीएम, डिप्टी सीएम एवं मुख्यसचिव आदि के सारगर्भित भाषणों को सुना और बाद में मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने अपने संबोधन में यही कहा-

‘नशामुक्ति से समाज में अमन शांति व स्थिरता कायम होने के साथ-साथ विकास का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है | नशा मुक्ति से बहुत बड़े पैमाने पर सामाजिक बदलाव हुए हैं- शराब में खर्च होने वाली राशि अब घर-परिवार संभालने में और बच्चे-बच्चियों की शिक्षा पर खर्च होने लगे हैं, जो सूबे के लिए सुखद संकेत है…….!’

इसके अलावे एसपी विकास कुमार ने जहां यह कहा कि शराबबंदी सहित अन्य नशा पर अंकुश लगने से अब रोड दुर्घटनाओं के साथ-साथ अपराधों की दर में कमी आई है वहीं एसडीएम संजय कुमार निराला ने अपने संबोधन में यही कहा कि नशामुक्त समाज बनाने में सरकार ही नहीं आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है | इस अवसर पर डीडीसी, एएसपी, उत्पाद अधीक्षक, डीपीआरओ सहित अन्य समाजसेवियों ने भी अपने-अपने विचार रखे |

अंत में शाम 5:00 बजे से भूपेन्द्र कला भवन मंच से कला जत्था एवं स्थानीय कलाकारों सहित नवाचार रंगमंडल के अमित अंशु, सुनीत साना सहित सभी कलाकारों द्वारा ‘बदल रहा है बिहार’ पर दी गई प्रस्तुति आरंभ से समापन तक तालियाँ बटोरती रही और डीएम, एसपी सहित सभी उच्चाधिकारियों व गणमान्यों द्वारा अंत तक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया जाता रहा |

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सभी लोकसभा और विधानसभा में संगठन को करें मजबूत: नीतीश

रविवार को जेडीयू राज्य कार्यकारिणी की बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास, 1 अणे मार्ग, पटना में प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, राष्ट्रीय महासचिव सह राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह समेत पार्टी के अधिकांश पदाधिकारी, मंत्री, विधायक, विधानपार्षद, जिलाध्यक्ष, विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्य सम्मिलित हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने संगठन की मजबूती पर बल देते हुए कहा कि हमें सभी 40 लोकसभा और 243 विधानसभा में अपने संगठन को मजबूत बनाना है। इसमें कोई दुविधा नहीं होनी चाहिए। हम मजबूत रहेंगे तभी अपने साथी दल का भी सहयोग कर सकते हैं। नीतीश ने सक्रिय रहने के लिए निरंतर बैठक व संवाद को जरूरी बताया और जोर देकर कहा कि जमीनी हकीकत को जाने बिना कुछ नहीं किया जा सकता। पार्टी के स्वाभाव व संरचना को समझकर ही अपनी कारगर भूमिका निभाई जा सकती है। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि शराबबंदी, दहेजबंदी, 18 वर्ष से कम के दिव्यांगो को पेंशन जैसे कार्य के विचार उनके मन में लोगों के बीच लगातार रहते हुए ही आए।

नीतीश कुमार ने कहा कि हमारा रास्ता औरों से अलग है, वो समाज-सुधार का रास्ता है, इसलिए कठिन है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के विरुद्ध मानव-श्रृंखला में जो हमारे साथ खड़े थे, आज वो भी इसकी आलोचना कर रहे हैं। लेकिन चाहे जिस भी गठबंधन में क्यों ना रहे हों, हमने अपने विचारों से अब तक ना समझौता किया है, ना आगे करेंगे। दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में पार्टी चुनाव चिह्न को लेकर हुए विवाद को अनावश्यक बताते हुए कहा कि पार्टी मूल रूप से एकजुट है।

सात निश्चय कार्यक्रम की चर्चा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि इसे केन्द्र ने भी एडॉप्ट किया है। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि ऐसी कितनी ही चीजें हैं जो आगे भी एडॉप्ट की जाएंगी। नीतीश ने दहेजप्रथा एवं बालविवाह के विरोध में आगामी 21 जनवरी को प्रस्तावित मानव-श्रृंखला की सफलता के लिए सबका आह्वान भी किया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई में सरकारी स्तर पर शराबबंदी, दहेजबंदी, बाल विवाह का विरोध जैसे जो कार्यक्रम किए जा रहे हैं, पार्टी ने ना केवल उसका पूर्ण अनुसरण किया है, बल्कि हर स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं व आमलोगों तक विचारों के इस अमृत को पहुंचाने का काम भी किया है। हाल में सम्पन्न हुए जिला सम्मेलन में महिलाओं की अच्छी उपस्थिति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की पहल रंग ला रही है। महिलाएं, जो कल तक खिड़कियों से झांका करती थीं, हमारे नेता ने उनके लिए दरवाजा खोलने का काम किया है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्षी दलों की भूमिका पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि वे वैचारिक दिवालियापन के शिकार हैं। जल्द ही वो समय आएगा जब जेडीयू द्वारा उठाए गए मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केन्द्र में होंगे।

दल के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह ने आगामी कार्यक्रमों के लिए पार्टी का रोडमैप और कैलेंडर प्रस्तुत किया और संगठन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षात्मक चर्चा की। उन्होंने जानकारी दी कि पार्टी ने दो लाख सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें डेढ़ लाख सक्रिय सदस्य बनाए जा चुके हैं। राज्य, जिला, प्रखंड एवं बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के सशक्तिकरण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी, लोहिया, जेपी जैसे हमारे नायकों ने जो सपना देखा था उसे हमारे नेता नीतीश कुमार पूरा कर रहे हैं। लोकशाही को मजबूत करने के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। चाहे जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम हो, चाहे राइट टू पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल एक्ट हो, चाहे सात निश्चय कार्यक्रम, उन्होंने कई प्रतिमान स्थापित किए हैं, जिनसे हमारे हर स्तर के कार्यकर्ताओं को ना केवल वाकिफ होना चाहिए बल्कि आमलोगों को भी इससे अवगत कराना चाहिए।

बैठक में 1 दिसंबर से पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी घोषणा की गई जिसके तहत दस हजार मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जिनका कार्य पार्टी को ग्रासरूट स्तर के कार्यकर्ताओं को जागरुक कर सशक्त करना होगा। राज्य कार्यकारिणी की इस बैठक में विभिन्न जिलों व  प्रकोष्ठों के अध्यक्ष व कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों ने भी अपनी बातें रखीं और नेतृत्व ने उनके सुझावों को अत्यंत गंभीरता से सुना।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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यूं उड़ाया ‘शत्रु’ ने मोदी के मंत्रियों का मजाक

भाजपा नेता और बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा अपनी पार्टी के लिए बीते दिनों की बात होते जा रहे हैं। इधर पार्टी के किसी कार्यक्रम, किसी अभियान में न तो वे शिरकत करते हैं और न ही पार्टी फोरम पर उनकी जरूरत ही महसूस की जाती है। लेकिन वे ठहरे ‘शॉटगन’। अपनी ओर लोगों का ध्यान खींचना उन्हें खूब आता है। ‘खामोश’ उनका प्रिय डायलॉग जरूर है, लेकिन खामोश रहना उनकी फितरत में नहीं। जब भी उन्हें मौका मिलता है, अपनी पार्टी का मजाक तक उड़ाने से वे बाज नहीं आते। पर इस बार तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूरी कैबिनेट को ही निशाने पर ले लिया है। जी हां, गुरुवार को मोदी के मंत्रियों का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा, “कैबिनेट के 90 प्रतिशत मंत्रियों को कोई नहीं जानता, जबकि बचे हुए 10 प्रतिशत मंत्रियों की कोई इज्जत नहीं करता”।

बता दें कि शत्रुघ्न ने अभी दो दिन पहले ‘पद्मावती’ फिल्म के मुद्दे पर बॉलीवुड की नामी हस्तियों को  कठघरे में खड़ा करते हुए सूचना प्रसारण मंत्री और प्रधानमंत्री को लेकर भी सवाल उठाए थे। मंगलवार को उन्होंने कहा था कि अमिताभ बच्चन, आमिर खान, शाहरुख खान, सूचना और प्रसारण मंत्री के साथ इस पर हमारे सबसे लोकप्रिय पीएम चुप किसलिए हैं? उन्होंने ट्वीट किया, “जैसा कि ‘पद्मावती’ ज्वलंत मुद्दा बन गई है। लोग पूछ रहे हैं कि महानायक अमिताभ बच्चन, बेहद बहुमुखी आमिर खान और सबसे मशहूर शाहरुख खान के पास बोलने के लिए इस पर कुछ नहीं है। कैसे हमारी सूचना और प्रसारण मंत्री या फिर सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री (अमेरिकन थिंक टैंक पोल पीईडब्ल्यू के मुताबिक) इस पर मौन क्यों धारण किए हुए हैं। हाई टाइम!”

शत्रुघ्न यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक उनकी बात है, तो वे इस मसले पर महान फिल्मकार और प्रोड्यूसर संजय लीला भंसाली के चुप्पी तोड़ने के बाद बोलेंगे। वे सिर्फ तब बोलेंगे, जब उन्हें बोलना होगा और वे फिल्मकार की अभिरुचियों के साथ मामले की संवेदनशीलता, राजपूतों की वीरता और निष्ठा को ध्यान में रखकर बोलेंगे।”

बहरहाल, जैसे ही सोशल मीडिया पर मोदी के मंत्रियों को लेकर शत्रुघ्न की तल्ख टिप्पणी आई, लोगों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। कई टि्वटर यूजर्स इस पर उल्टा उन्हीं का मजाक उड़ाते दिखे। उनमें से एक ने कहा, “आपने कितनी इज्जत दी। जिस पार्टी ने बढ़ाया, उसी को अपशब्द कहे।” तो दूसरे ने उनकी टिप्पणी का कारण उनकी कुंठा को बताया। कहा, “शुक्र है कि वह मंत्री नहीं हैं, वरना वे कहां फिट होते? कुंठा में।” वहीं, एक यूजर ने पूछा कि वे भाजपा छोड़ क्यों नहीं देते? तो किसी ने उनके लिए सिर्फ ‘खामोश’ शब्द का इस्तेमाल किया। पर शत्रु तो ‘शत्रु’ ठहरे, वे भला क्यों किसी से कुछ सुनें? क्यों खामोश रहें??

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तो उपमुख्यमंत्री को घर में घुसकर मारेंगे तेज प्रताप !

आज की राजनीति का स्तर गिर गया है, यह कहने में कोई नई बात नहीं। लेकिन एक युवा नेता अपने पिता की उम्र के नेता के लिए, जो पद और अनुभव में भी अत्यंत वरिष्ठ हों, अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें घर में घुसकर मारने की बात करें तो क्या कहेंगे आप? क्या शर्म से सिर झुक नहीं जाएगा आपका? क्या राजनीतिक विरोध की ऐसी अभिव्यक्ति सभ्य समाज में किसी भी तरह स्वीकार्य हो सकती है? नहीं ना? लेकिन, बिहार की राजनीति में हो कुछ ऐसा ही रहा है।

जी हां, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक बयान दिया है। औरंगाबाद में एक सभा में बोलते हुए तेज प्रताप ने कहा है कि वे सुशील मोदी के घर में घुसकर उन्हें मारेंगे। उन्होंने कहा कि वे अगर सुशील मोदी के बेटे की शादी में जाते हैं तो वहां उनकी पोल खोल देंगे।

जनसभा में तेज प्रताप ने कहा कि सुशील मोदी ने फोन पर बेटे की शादी का निमंत्रण दिया है। बकौल  तेज यह निमंत्रण उऩके परिवार को शादी में बुलाकर बेइज्जत करने के लिए है। उन्होंने आगे कहा कि “हम डरते नहीं हैं। हम वहीं सभा करेंगे और शादी में तोड़फोड़ करेंगे। घर में घुसकर मारेंगे।”

तेज के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुशील मोदी ने उन्हें कुंठित करार दिया। सुशील मोदी ने कहा, ‘तेज प्रताप कुंठित हैं। वे मेरे बेटे की शादी में बाधा डालना चाहते हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि इस मामले में वे राजनीति क्यों कर रहे हैं। मैं तो लालू प्रसाद यादव के बच्चों की शादी में सम्मानपूर्वक जाता रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि लालू यादव इस मामले में तेज से जरूर बात करेंगे।’

गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बेटे उत्कर्ष मोदी की शादी तीन दिसंबर को है। मोदी ने बेटे की शादी में कोई भी तामझाम नहीं करने का ऐलान किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस शादी में ना तो बैंड बजेगा और ना ही मेहमानों और बारातियों का स्वागत किया जाएगा। यही नहीं, खाने और नाश्ते की बजाय भगवान का भोग लगाया हुआ ‘प्रसाद’ दिया जाएगा। विवाह आदि आयोजनों में विरल हो चुकी ऐसी सादगी की घोषणा से यह शादी स्वाभाविक तौर पर पहले से चर्चा में थी। अब अपने विवादित बयान से तेज ने इस आयोजन को और चर्चा में ला दिया है।

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कोसी की बेटी कोमल चली…… कलाम की राह

कुछ करने का संकल्प और अंतर्मन में आत्मविश्वास- ये दोनों जीवन में अद्भुत चमत्कार ला सकता है | जैसा कि भारती-मंडन की ज्ञान भूमि महिषी की बेटी कोमल ने एक बार फिर खुद को प्रमाणित कर दिखा दिया | भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में बतौर वैज्ञानिक बनकर कोमल ने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के ‘समृद्ध विचार’ को पंख लगाने में अद्भुत सफलता पाई है-

भारत के कई कोटि युवजनों को कभी छोटा या

असहाय महसूस नहीं करना चाहिए | हम सब अपने

भीतर दैवीय शक्ति लेकर जन्मे हैं | हम सबके

भीतर ईश्वर का तेज छिपा है | हमारी कोशिश

हो इस तेजपुंज को पंख देते रहने की, जिससे यह

चारों ओर अच्छाइयों का प्रकाश फैला सके…!

बता दें कि मंडन-भारती की ज्ञानभूमि महिषी से लेकर सुबे बिहार के गौरव में चार चांद लगाने वाली कोमल इसरो केंद्रीयकृत भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित वैज्ञानिक CS अभियंता की वार्षिक परीक्षा में हाल ही में शामिल हुई | सम्मिलित होने वाले लगभग 50 हजार परीक्षार्थियों को कठिन जांच परीक्षण की दौर से गुजरना पड़ा | 13वें नंबर पर अंतिम रुप से मुहर लगवा ली |

यह भी जानिये कि बतौर वैज्ञानिक इसरो में कोमल को इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन सेक्शन मिला है जहाँ बनने वाले सेटेलाइट एंड रॉकेट के निर्माण में कोमल भी कलाम की तरह ही अपना योगदान देती रहेगी | कोमल निरंतर एक से बढ़कर एक परिणाम लाती रहेगी और माताश्री पूनम को पूनम की चाँद बनकर तथा पिताश्री मनोरंजन को नई-नई उपलब्धियों के साथ भरपूर मनोरंजन करती रहेगी | तभी तो दिल्ली आईआईटी से एमटेक कर रही कोमल कहती है कि ISRO राष्ट्रसेवा करने का बहुत बड़ा जरिया है | इससे जुड़ना ही अपने आप में गौरव की बात है |

जहाँ एक ओर देवघर में सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कोमल के माता-पिता अपनी बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए इसे बाबा वैद्नाथ बासुकीनाथ का आशीर्वाद एवं कोमल के गहरे अध्ययन व लगन का फल मानते हैं वहीं सहरसा आर.झा महिला कॉलेज की डॉ.रेणु सिंह, आर.एम.कॉलेज के समाजशास्त्री डॉ.विनय कुमार चौधरी, सुपौल के बुद्धिजीवी विश्वकर्मा जी एवं मधेपुरा के डॉ.कलाम कहे जानेवाले डॉ.मधेपुरी ने कोमल की इस कामयाबी को राष्ट्रीय स्तर पर कोसी कमिश्नरी को पहचान दिलाने की संज्ञा दी है |

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नीतीश की दो टूक, राजद पार्टी नहीं, लालू की निजी संपत्ति

सोमवार को पटना में लोकसंवाद कार्यक्रम में भाग लेने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव के लगातार दसवीं बार राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष चुने जाने पर कहा कि राजद पार्टी नहीं, बल्कि उनकी (लालू की) निजी संपत्ति है।  उन्होंने आगे कहा, “राजद में पिछले साल ही चुनाव हुआ था और इस बार भी हो रहा है। वहां किस तरह का संविधान है, ये उनका अंदरूनी मामला है। उन्हें मालूम है कि किस तरह मीडिया में जगह बनाई जाती है। वे आजकल मीडिया के ‘पोस्टर ब्वाय’ बने हुए हैं।”

लालू व उनकी पार्टी के संबंध में पूछे जाने पर नीतीश ने बड़ी बेबाकी से कहा, “उनको विकास से कोई लेना-देना नहीं है। हमलोगों का स्वाभाव नहीं है कि आरोप-प्रत्यारोप में शामिल हों। अगर विकास के मुद्दे पर ‘डिबेट’ करेंगे तो उसमें हम भाग लेंगे।” पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के संबंध में उन्होंने कहा, “वे तो अभी बच्चे हैं, उनका क्या जवाब दें।”

आरक्षण के मुद्दे पर नीतीश ने बड़े स्पष्ट तौर पर कहा कि इस संबंध में उनका नजरिया स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि वे पाटीदार के ही नहीं, जाट और मराठा आरक्षण के भी पक्षधर हैं। साथ ही उन्होंने कहा कहा कि आज आरक्षण के लिए ऐसे समुदायों को भी क्यों मांग करनी पड़ रही है, यह भी देखना चाहिए।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भी भारत का अंग बताते हुए नीतीश ने कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। वहीं, गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को गुजरात में कोई खतरा नहीं है।

यह पूछे जाने पर कि क्या देश में एक साथ सभी प्रकार के चुनाव होने चाहिए, उन्होंने कहा, “मैं इससे सहमत हूं। वर्ष 1967 तक तो चुनाव एक साथ ही हो रहे थे। 1967 के बाद ‘मिडटर्म पोल’ से यह स्थिति बदली है। पांच वर्ष के लिए एक साथ चुनाव हो, तो यह बहुत अच्छा रहेगा। इससे पूरे समय काम करने का मौका मिलेगा।” उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि इसके लिए संविधान में कुछ बदलाव करने होंगे और इस मुद्दे पर विमर्श की भी आवश्यकता है। यह तुरंत संभव नहीं है, इसमें वक्त लगेगा।

नीतीश ने एक बार फिर बाल विवाह और दहेज प्रथा विरोध की चर्चा करते हुए कहा कि इसके साथ ही शराबबंदी के लिए भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में माहौल बदला है। उन्होंने लोगों से समाजहित में कार्य करने की अपील भी की।

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप

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2020 में तेजस्वी होंगे आरजेडी के सीएम उम्मीदवार

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने 2020 में पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम पर लगाए जा रहे तमाम कयासों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने अभी ही घोषणा कर दी कि 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उनके छोटे बेटे और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ही पार्टी की तरफ से सीएम पद के उम्मीदवार होंगे।

शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में लालू ने कहा, ‘2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। तेजस्वी पार्टी के सीएम उम्मीदवार होंगे।’ इस दौरान लालू प्रसाद यादव ने तेजस्वी यादव के काम की जमकर सराहना की।

गौरतलब है कि लालू का यह बयान तब सामने आया है जब पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी और पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने हाल ही में कहा था कि अगले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तरफ से अभी कोई भी सीएम उम्मीदवार तय नहीं है।

दरअसल बीते बुधवार आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने सीएम उम्मीदवार के तौर पर तेजस्वी के नाम का प्रस्ताव रखा था, जिस पर सिद्दीकी और रघुवंश ने स्पष्ट कुछ बोलने से बचते हुए इस प्रस्ताव पर लगभग ‘असहमति’ जताई थी। गौरतलब है कि तेजस्वी फिलहाल बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं।

बहरहाल, देखा जाय तो लालू द्वारा पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी की उम्मीदवारी की घोषणा में कुछ भी अप्रत्याशित नहीं है। हां, टाइमिंग जरूर चौंकाने वाला है।

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