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एक उम्मीदवार को दो सीटों से चुनाव लड़ने पर रोक

दो दिन पहले माननीय सुप्रीम कोर्ट से मुख्य चुनाव आयोग ने यही कहा कि किसी भी चुनाव में एक उम्मीदवार को 2 सीटों से चुनाव लड़ने पर रोक लगनी चाहिए, क्योंकि इससे राष्ट्रीय संपत्ति और समय दोनों का अपव्यय होता है | चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि यदि कोई उम्मीदवार दोनों सीट जीतने के बाद एक सीट खाली करता है तो उस सीट के लिए होने वाले उपचुनाव का पूरा खर्च उससे वसूल किया जाना चाहिए |

बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के विरुद्ध दाखिल किया गया यह हलफनामा (यह कि 2 सीटों से चुनाव लड़ने के प्रावधान को खत्म किया जाय) याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय की मांग के समर्थन में किया गया है | इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच द्वारा की जा रही है, जिसके अटॉर्नी जनरल हैं- के.के.वेणुगोपाल |

यह भी जानिए कि ऐसे ही उम्मीदवार जब चुनाव जीतने के बाद संसद की सदस्यता ग्रहण करते हैं तो 20-20 दिनों तक भ्रष्टाचार निवारण बिल को लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच उत्पन्न जबरदस्त टकराहट से संसद की कार्यवाही बार-बार ना जाने कितनी बार ठप्प करनी पड़ती है……. कभी-कभी तो दिन भर में 11 बार तक ओलंपिक खेल की तरह संसदीय इतिहास में भी नये-नये रिकॉर्ड बनते रहते हैं |

बता दें कि भारतीय संसद के बजट सत्र- 2018 का आज 6 अप्रैल को समापन हो रहा है | देश के बुद्धिजीवियों के बीच जहाँ विगत 2 महीनों से इन छह मुद्दों-

  • नीरव मोदी बैंक घोटाला
  • किसानों द्वारा आत्महत्या
  • SSC परीक्षा घोटाला
  • CBSE पेपर लीक
  • Facebook डाटा चोरी
  • SC/ST कानून आदि पर सबसे ज्यादा बहस चलती रही है वहीं लोकसभा में केवल SC/ST Act पर मात्र डेढ़ मिनट चर्चा हो पाई |

यह भी जानिये कि बजट सत्र के दूसरे हिस्से के 20 दिनों में मात्र 4 घंटे 52 मिनट लोकसभा चली और आज तक में देश का लगभग 216 करोड़ रुपये बेमतबल खर्च हो गये |

यह बात सबों को जान लेनी चाहिए कि जहाँ संसद सत्र के दरमियान प्रतिदिन 6 घंटे कामकाज के लिए निर्धारित हैं वहीं भारतीय संसद 20 दिनों में 292 मिनट ही चली यानि 5 घंटे से भी कम कामकाज हुए…….. हुआ केवल हंगामा……. जिसमें स्पीकर सुमित्रा महाजन को 44 बार सदन को स्थगित करना पड़ा और 42 बार कहना पड़ा- ‘I am Sorry !’ 15 बार तो एक,दो,तीन मिनट में ही सदन को स्थगित करने को मजबूर होना पड़ा स्पीकर को….. !

तभी तो विगत कई वर्षों से महामहिम भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के करीबी रहे समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा दोनों सदनों (विधानसभा एवं लोकसभा) में खासकर पिंजरे बनवाने की चर्चाए बार-बार की जाती रही हैं | डॉ.मधेपुरी के अनुसार प्रत्येक सदस्य की सीट के चारों तरफ 7 फीट ऊंचे लोहे का जंगला बने जिसमें माननीय बंद रहे और उसमें ऑटोमेटिक इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगाने का प्रावधान हो जिसका रिमोट स्पीकर के पास रहे | तभी सदन में विकास की बातों पर भरपूर चर्चाएं हो पायेंगी |

ऐसा होगा तभी सदन में पक्ष-विपक्ष के सदस्यों के बीच न तो अभद्रतापूर्वक हाथापाई होंगी और न कभी कोई मंत्री किसी महिला विधायिका की साड़ी खींचेंगे और ना ही कोई महिला विधायिका  दूसरी दफा यह कहेगी- “सरकार मेरे शील को अक्षुण्ण रखने की जब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं करेगी तब तक मैं सदन में प्रवेश नहीं करूंगी !”

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तय हो गई लालू के बड़े लाल की शादी

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की शादी तय हो गई है। लालू के पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, तेज प्रताप की शादी बिहार के पहले यादव मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पोती और सारण की परसा सीट से आरजेडी के विधायक चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या राय के साथ हो रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दोनों की सगाई 18 अप्रैल को और शादी 12 मई को होगी।

बता दें कि दरोगा राय 16 फरवरी 1970 से लेकर 22 दिसंबर 1970 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे थे। उनके बेटे और अब लालू प्रसाद यादव के समधी बनने जा रहे चंद्रिका राय भी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उधर लालू-राबड़ी के पुत्र व तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव भी विधायक हैं और बिहार में नीतीश कुमार के साथ महागठबंधन की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस शादी के मौके पर विपक्षी एकता की भी झलक देखने को मिलेगी। उम्मीद है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं का बड़ा मजमा इसमें जुट सकता है। जहाँ तक आरजेडी सुप्रीमो के शादी में शामिल होने का प्रश्न है, आरजेडी सूत्रों के मुताबिक उन्हें जमानत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन देने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, लालू प्रसाद यादव के केस में तकनीकी दिक्कत है कि उन्हें हर सजा में अलग-अलग जमानत लेनी होगी, जिसमें देर भी हो सकती है।

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बिहार में अगले पांच सालों में लगेंगे 14.5 करोड़ पौधे

कृषि रोडमैप के तहत बिहार सरकार अगले पांच साल में राज्य में 14. 5 करोड़ पौधे लगाएगी। मंगलवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री और पर्यावरण एवं वनमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इस साल जुलाई-अगस्त में सघन अभियान चलाकर पूरे प्रदेश में एक करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा। कृषि वानिकी के प्रशिक्षण के लिए बिहार से दो जत्थों में पंतनगर और हल्द्वानी जाने वाले 55 किसानों को संबोधित कर रहे उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कृषि वानिकी से बिहार को नई दिशा मिलेगी।

अपने संबोधन के दौरान उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कृषि वानिकी नीति बनाने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की गई है। कृषि वानिकी को बढ़ावा देकर न केवल हरित आवरण क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाएगा, बल्कि किसानों की आमदनी को भी दोगुना किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अगस्त तक 1980 किसानों के प्रशिक्षण की योजना को बढ़ाकर 5000 करने का निर्देश भी दिया।

बता दें कि बिहार के विभिन्न जिलों से चयनित 55 किसानों में से 30 किसान गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर और शेष 25 किसान उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण संस्थान, हल्द्वानी में तीन दिन (5 से 7 अप्रैल) का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। बकौल मोदी किसान जितने ज्यादा प्रशिक्षित होंगे, कृषि वानिकी को उतनी ही ज्यादा गति मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री ने इस मौके पर बिहार में बांस की खेती को उपयोगी बताते हुए कहा कि भागलपुर में ‘टिश्यू कल्चर लैब’ की स्थापना की गई है और जल्द ही सुपौल में भी बांस के पौधे तैयार किए जाने लगेंगे। बता दें कि भारत सरकार भी बांस की खेती को बढ़ावा दे रही है। इस साल के केंद्रीय बजट में बांस को ‘ग्रीन गोल्ड’ कहा गया है।

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रघुवंश का दावा, महागठबंधन में शामिल होंगे रामविलास !

अपने बेबाक बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले आरजेडी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने दावा किया है कि लोक जनशक्ति पार्टी मुखिया रामविलास पासवान महागठबंधन में शामिल होंगे। बकौल रघुवंश राम विलास पासवान आरजेडी के संपर्क में हैं और शीघ्र ही महागठबंधन का हिस्सा बनेंगे। उनके इस बयान ने स्वाभाविक तौर पर बिहार के सियासी गलियारों की सरगर्मी बढ़ा दी है।

बहरहाल रघुवंश प्रसाद सिंह ने आगे कहा कि जब जीतनराम मांझी के एनडीए छोड़कर महागठबंधन में आने की बात मैं करता था तब लोग खिल्ली उड़ाते थे, आज मांझी महागठबंधन के साथ हैं। वैसे ही आज जो लोग रामविलास पासवान के महागठबंधन में आने की बात पर हंसी उड़ा रहे हैं, कल उन्हें जवाब देते नहीं बनेगा। पासवान के इस तरह पाला बदलने के पक्ष में तर्क देते हुए रघुवंश ने कहा कि राम विलास पासवान एनडीए सरकार में घुटन महसूस कर रहे हैं। भले ही वे केंद्र में मंत्री हैं, मगर उन्हें मनमुताबिक फैसले लेने की आजादी नहीं है। इसके साथ ही उन्हें यह भी लगने लगा है कि भाजपा का प्रदर्शन आने वाले चुनाव में शायद बेहतर ना हो। इस नाते वे सरकार में कुछ समय मंत्री रहने के बाद चुनाव के समय महागठबंधन के पाले में आ जाएंगे। रघुवंश प्रसाद सिंह ने दावा किया कि 2019 के आम चुनाव में समूचा विपक्ष एकजुट होकर विभाजनकारी भाजपा को परास्त करेगा।

वैसे चलते-चलते बता दें कि इससे पहले भी राजनीति के ‘मौसम वैज्ञानिक’ कहे जाने वाले रामविलास पासवान के एनडीए से अलग होने की खबरें उड़ीं थीं और उन्होंने खंडन करते हुए कहा था कि वे एनडीए का हिस्सा बने रहेंगे।

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दिल्ली में ममता बनर्जी से मिले शत्रुघ्न सिन्हा

भाजपा के ‘शत्रु’ शत्रुघ्न सिन्हा पार्टी के दो अन्‍य वरिष्‍ठ नेताओं यशवंत सिन्‍हा और अरुण शौरी के साथ दिल्ली में पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी से मिले। बता दें कि इन दिनों ममता नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए दिल्‍ली आई हुई हैं। भाजपा के ये तीनों नेता नरेंद्र मोदी सरकार की कई मौकों पर आलोचना कर चुके हैं। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए ममता से उनकी इस मुलाकात को महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है।

गौरतलब है कि शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने 2019 में अपने लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर बड़ी बेबाकी से बयान दिया है। कुछ इस तरह कि उसके कई मतलब निकल रहे हैं। उन्होंने बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकेशन वही होगा, सिचुएशन कुछ भी हो। उन्‍होंने कहा कि 2014 में भी मुझे टिकट न मिलने की बात कही जा रही थी, लेकिन मुझे मिला था। इस बार भी कुछ ऐसा ही कहा जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि उनकी जीत का मार्जिन बहुत ज्‍यादा था तो ऐसे में मुझे टिकट क्‍यों नहीं देंगे? अपने चुनाव-क्षेत्र – पटना साहिब – की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ की जनता उन पर बहुत भरोसा करती है।

ममता बनर्जी से अपनी मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए शत्रुघ्न ने कहा कि ‘वह (ममता बनर्जी) मेरा बहुत सम्‍मान करती हैं। राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर ममता दीदी के नाम से जानी जाती हैं तो ऐसे में दीदी से मिलने में क्‍या हर्ज है?’ यहां बता दें कि बुधवार को ही ममता बनर्जी ने 10 जनपथ जाकर यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी से भी मुलाकात की।

बहरहाल, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से रांची जाकर मिलने के बाद ममता बनर्जी से दिल्ली में शत्रु की इस मुलाकात को हल्के में कतई नहीं दिया जा सकता। इसमें स्पष्ट तौर पर भविष्य की राजनीति के कई संकेत छिपे हैं।

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पूर्णिया की भावना ने ‘मिस इंडिया’ के लिए किया क्वालिफाई

किसी में दृढ़ इच्छाशक्ति हो और उस इच्छाशक्ति को सही समय पर सही दिशा में लगाया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। बिहार के पूर्णिया की बेटी भावना जैन ने अपनी सफलता से इसी बात का उदाहरण पेश किया है। जी हाँ, पूर्णिया के व्यवसायी मनोज व मनीषा नाहर की बेटी भावना ने 22 मार्च 2018 को कोलकाता में आयोजित ‘फेमिना मिस इंडिया बिहार’ प्रतियोगिता जीत कर फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई कर लिया। अब मिस इंडिया के लिए उनका ऑडिशन दी महीने बाद मुम्बई में शुरू होगा।

गौरतलब है कि कोलकाता में आयोजित इस प्रतियोगिता में भावना बिहार से अकेली प्रतिभागी नहीं थीं। बीते 24 फरवरी को पटना के पी एंड एम मॉल में एफबीबी कलर्स फेमिना मिस इंडिया 2018 प्रतियोगिता में राज्य की 80 प्रतिभागियों में भावना जैन, सिमरन सिंह तथा अंशिका सिंह का चयन हुआ था। फिर इन सबने 22 मार्च को कोलकाता में आयोजित जोनल क्राउनिंग प्रतियोगिता में शिरकत की, जहां विजेता बनने के लिए भावना ने 27 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ा, फिर यह मुकाम हासिल किया।

व्यवसायिक परिवेश में जन्मी नोरतनमल नाहर की पौत्री भावना अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने परिवार वालों को देती हैं। उन्‍होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी मनोबल बनाए रखने में परिवार ने सहायता की। अपनी इच्छाशक्ति भी साथ रही। इस कारण सफलता मिली।

बता दें कि भावना की शुरुआती पढ़ाई पूर्णिया में ही हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई करने वो कोलकाता चली गईं। संयोग देखिए कि उसी कोलकाता में उसकी सफलता की ये गौरवशाली कहानी लिखी जानी थी। ‘मधेपुरा अबतक’ की ओर से ‘मैला आंचल’ की मिट्टी से आने वाली भावना जैन को ढेरों बधाई! हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में मिस इंडिया बन वे हमें और भी गौरवान्वित करेंगी।

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चारा घोटाले में लालू को अब तक की सबसे बड़ी सजा

बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले के चौथे मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को दो धाराओं में 7-7 साल की सजा का ऐलान किया गया है। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी। साथ ही उन पर 60 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना ना देने की स्थिति में 1-1 साल की सजा बढ़ जाएगी। बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के मामले में लालू यादव को यह सजा सुनायी है। चारा घोटाले में उनको मिली यह सबसे बड़ी सजा है।

बता दें कि दुमका कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्र समेत 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था। लालू यादव के वकीलों को उम्मीद थी कि उनकी बढ़ती उम्र और खराब तबीयत के कारण कोर्ट उनकी सजा में कुछ नरमी बरतेगा। लेकिन कोर्ट ने कोई नरमी ना बरतते हुए उन्हें चारा घोटाले में सबसे बड़ी सजा सुनायी। इन दिनों रांची की बिरसा मुंडा जेल में सजा काट रहे लालू यादव को तबीयत खराब होने के कारण जेल से रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव इससे पहले चारा घोटाले के 3 अन्य मामलों में भी दोषी करार दिए जा चुके हैं। वे चारा घोटाले के कुल 6 मामलों में आरोपी हैं, जिनमें से पहले मामले में उन्हें साल 2013 में 5 साल की सजा, दूसरे मामले में साल 2017 में साढ़े तीन साल की सजा और तीसरे मामले में 5 साल की सजा सुनायी गई। अब चौथे दुमका कोषागार मामले में उन्हें दो धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनायी गई है। इनके अलावा लालू यादव को 2 अन्य मामलों में भी आरोपी बनाया गया है और अभी इन पर सुनवाई चल रही है।

चलते-चलते बता दें कि 1990 के दशक में बिहार में बहुचर्चित चारा घोटाला हुआ था, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को आरोपी बनाया गया था। पटना हाईकोर्ट द्वारा मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। बिहार और झारखंड के बंटवारे के बाद कुछ मामले रांची ट्रांसफर कर दिए गए थे। दुमका कोषागार मामला भी उन्हीं मामलों में से एक है।

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उपराष्ट्रपति ने किया भव्य बिहार दिवस समारोह का उद्घाटन

उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में तीन दिनों तक चलने वाले भव्य बिहार दिवस समारोह का उद्घाटन किया। इस मौके पर बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। गौरतलब है कि 22 मार्च 1912 को बिहार को बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग कर राज्य बनाया गया था। राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को बिहार दिवस मनाती है।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अपने संबोधन में कहा कि देश की संस्कृति ‘वसुधैव कुटम्बकम’ की रही है, यहां रहने वाले सभी धर्म व जाति के लोग भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि जाति, मजहब और परिवारवाद के आधार पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। ‘सबका साथ-सबका विकास’ के तर्ज पर ही देश का विकास हो सकता है। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि “नीतीश ने राजनीति का एजेंडा बदल दिया है और बिहार में विकास की राजनीति की शुरुआत की है, जो सराहनीय है।” गांधीजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि गांधीजी ने समाज को बदलने का जो संदेश दिया था, आज बिहार में उसे लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नीतीश कुमार द्वारा दहेजप्रथा, बाल विवाह और नशाबंदी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार महात्मा गांधी की कर्मभूमि है। गांधीजी के आदर्श को हम सबको आत्मसात करना चाहिए। न्याय के साथ विकास के संकल्प को दुहराते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचारों को हम घर-घर तक पहुंचाएंगे। इस मौके पर हाल में हुई छिटपुट सांप्रदायिक घटनाओं की पृष्ठभूमि में उन्होंने कहा की कि रामनवमी आने वाली है और कुछ लोग इस दिन भड़काने की कोशिश करेंगे। मैं हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि किसी के भी षड्यंत्र में फंसिएगा नहीं। आप सबसे विनम्रता से आग्रह है कि रामनवमी सद्भावना के साथ मनाएं।

चलते-चलते बता दें कि बिहार दिवस समारोह की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने की। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद उप सभापति हारुन रशीद, मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, नंदकिशोर यादव, बिजेंद्र प्रसाद यादव, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, मंगल पांडेय, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह और डीजीपी केएस द्विवेदी भी मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने किया।

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विश्वविद्यालयों में नए शिक्षकों की नियुक्ति विवि सेवा आयोग द्वारा

शिक्षकों की किल्लत से जूझ रहे बिहार के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों कि लिए उम्मीद की नई किरण! जी हाँ, राज्य के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां बीपीएससी के स्थान पर अब राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से होंगी। बता दें कि राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक 2018 के प्रारूप को मंजूरी दे दी। अब इस विधेयक को विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा।

गौरतलब है कि मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर विमर्श के बाद मंत्रिमंडल ने विश्वविद्यालय सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक 2018 के प्रारूप को मंजूरी दी। आयोग गठन के लिए पूर्व से स्वीकृत प्रस्ताव में यह व्यवस्था थी कि विश्वविद्यालय और कॉलेज शिक्षकों की नियुक्तियां बिहार लोक सेवा आयोग के स्थान पर विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से हों। संशोधन के बाद इसमें ‘नई नियुक्तियां’ शब्द जोड़ा गया है।

यहां बता दें कि 2014 में सरकार ने बिहार लोक सेवा आयोग को विश्वविद्यालय शिक्षकों के 3354 रिक्त पदों पर नियुक्ति की अधियाचना भेजी थी। जिसमें से बीपीएससी ने तकरीबन 17 सौ पदों पर नियुक्तियां कर ली हैं। आयोग गठन के बाद शेष नियुक्तियां इसके माध्यम से करने में नियुक्तियों में विलंब की आशंका थी। साथ ही बिहार लोक सेवा आयोग से होने वाली नियुक्तियों पर रोक भी लगानी होती। इस समस्या के समाधान के लिए यह फैसला हुआ है कि विश्वविद्यालय सेवा आयोग को नई नियुक्तियों की अधियाचना दी जाएगी। बीपीएससी को जिन नियुक्तियों का प्रस्ताव दिया गया है वे बीपीएससी के माध्यम से ही होंगी।

वैसे चलते-चलते बता दें कि 3354 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होने के बाद भी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के करीब सात हजार चार सौ पद रिक्त रह जाएंगे। उम्मीद की जानी चाहिए कि आयोग को इन नई नियुक्तियों के लिए अधियाचना भेजे जाने में अनावश्यक विलंब नहीं होगा।

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मधेपुरा को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई रंगकर्मी उज्जवल कुमार ने

चार वर्ष पहले यानि 2014 में मधेपुरा जिले के पहले रंगकर्मी के रूप में उज्जवल कुमार ने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्था- NSD (राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय) की चुनौतीपूर्ण परीक्षा में उत्तीर्णता प्राप्त कर (मात्र 26 सीटों में से एक अपने नाम कर ) बाजी मारी थी | उज्जवल की तमन्ना थी की एनएसडी से निकलने के बाद वह कोसी अंचल की संस्कृति को नई पहचान देने का प्रयास करेगा |

बता दें कि उज्जवल का वह सपना अब पुर्णतः आकार लेता हुआ मधेपुरा के साथ-साथ सुबे बिहार को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए कदम बढ़ा चुका है | एनएसडी नई दिल्ली से नाट्यकला में पीजी डिप्लोमा की डिग्री प्राप्त करने के बाद मधेपुरा का बेटा उज्जवल कुमार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने निर्देशन की बारीकियों का लोहा मनवा रहा है | तभी तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने जा रहे ‘आठवें थिएटर ओलंपिक्स’ में उज्जवल कुमार द्वारा निर्देशित नाटक ’01-12-58’ को भी शामिल किया गया है जिसकी प्रस्तुति 8 अप्रैल 2018 को अभिमंच ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में होने जा रही है |

यह भी जानिये कि इस थिएटर ओलंपिक्स में देश-विदेश की नाटकों को शामिल किया जाता है | मधेपुरा के उज्जवल द्वारा निर्देशित नाटक ’01-12-58’ लक्ष्मणपुर बाथे में हुए जनसंघार पर आधारित है | इस वर्ष आठवां थियेटर ओलंपिक्स का आयोजन 17 फरवरी से 8 अप्रैल तक होगा जिसमें 8 अप्रैल को उज्जवल के इस नाटक की प्रस्तुति होगी |

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