पृष्ठ : बिहार अबतक

जन-जन तक पहुँचने की तैयारी में जदयू मीडिया सेल

बुधवार को जदयू मीडिया सेल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने पटना महानगर के सभी 19 सेक्टरों के नवमनोनीत संयोजकों को मनोनयन पत्र सौंपा। इस अवसर पर मीडिया सेल प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य धनंजय कुमार शर्मा, अप्पू पटेल, पटना महानगर के संयोजक अशरफ हुसैन, तकनीकी समिति के कोऑर्डेनेटर राहुल सिन्हा, रिसर्च प्रभारी विकास कुमार सिंह, आनंद बिन्दु गुप्ता, पवन सिंह राठौड़, राधा रानी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

इस मौके पर आयोजित कार्यशाला में बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने कहा कि एक ओर राज्य की करोड़ों जनता है और दूसरी ओर हमारी पार्टी और हमारे नेता के नेतृत्व में चल रही सरकार। जदयू मीडिया सेल को इनके बीच पुल का काम करना है। अपने नेता और अपनी पार्टी के काम को मीडिया के विभिन्न फॉर्मेट के माध्यम से कैसे जन-जन तक पहुँचाए हमें यह सुनिश्चित करना है।

जदयू मीडिया सेल की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य धनंजय शर्मा ने बताया कि सभी जिलों के बाद अभी हाल ही में 320 प्रखंड संयोजकों की घोषणा की गई थी। अब शीघ्र ही शेष प्रखंडों एवं सेक्टरों में संयोजकों का मनोनयन कर दिया जाएगा।

पटना महानगर के सभी 19 सेक्टर संयोजकों के नाम इस प्रकार हैं: विकास कुमार (कुर्जी मैनपुरा), मो. परवेज मल्लिक (सचिवालय), आकाश कुमार (गर्दनीबाग), धनंजय गुप्ता (मीठापुर), कुमार धर्मेद्र पांडेय (पाटलिपुत्रा), साबिर शेख (गौतम बुद्ध), अमित कुमार मिश्रा (कंकड़बाग), अमित कुमार पांडेय (भागवत नगर), अनुज कुमार (बाजार समिति), संदीप वर्मा (अगम कुआं), शाहनवाज (गुरु गोविन्द सिंह), मोख्तार (गायघाट), राशिद हुसैन (पटना सदर पूर्वी), संतोष कुमार (संपतचक), रोशन सिन्हा (दानापुर), कासीद शेख (दानापुर नगर परिषद), स्वामीनाथ पासवान (खगौल नगर परिषद), सौरभ कुमार (फुलवारी शरीफ), अरशद हुसैन (फुलवारीशरीफ नगर)।

सम्बंधित खबरें


बड़ी दूर से आए हैं… गीत गाकर हमसे दूर चले गए मो.अजीज

अभी-अभी 20 नवंबर की ही तो बात है, मधेपुरा (बिहार) में गोपाष्टमी महोत्सव के समापन के अवसर पर बॉलीवुड के लोकप्रिय प्लेबैक सिंगर मोहम्मद अजीज के इस गीत (‘बड़ी दूर से आए हैं’) ने खूब तालियां बटोरी थीं… और सप्ताह भी नहीं बीता कि हमसे बहुत दूर चले गए हर दिल अजीज मो. अजीज। अब भारतरत्न लता मंगेशकर से लेकर गायक-गायिकाओं की आज तक की पीढ़ी की आवाज से आवाज मिलाने वाले मो. अजीज को कोई देख ना पाएगा..!

 

Dr.Bhupendra Madhepuri presenting his book "Chhota Lakshya Ek Apradh Hai" to Md.Aziz.
Dr.Bhupendra Madhepuri presenting his book “Chhota Lakshya Ek Apradh Hai” to Md.Aziz.

मधेपुरा में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ. मधेपुरी की मो. अजीज से लंबी बातचीत हुई थी। डॉ. मधेपुरी ने उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के ऊपर लिखी अपनी चर्चित किताब ‘छोटा लक्ष्य एक अपराध है’ भेंट करते हुए उनके साथ के संस्मरणों को उनसे साझा किया था। संयोगवश मो. अजीज के भी कलाम साहब से निकट संबंध थे। फिर क्या था, दोनों लोगों के बीच कलाम साहब जैसे ‘पुल’ हों तो बातों का सिलसिला चल पड़ना लाजिमी ही था।

मो. अजीज ने बातचीत के दौरान डॉ. मधेपुरी से अपनी कुछ पंक्तियां सुनाने का आग्रह किया था, जिसे डॉ. मधेपुरी टाल ना पाए और उन्हें अपनी कुछ पंक्तियां सुनाईं जो ये थीं:
कहाँ जन्मे सुनो हम नहीं जानते
कब मरेंगे कहाँ हम नहीं जानते
काम करना है, रुकना नहीं है यहाँ
कब छुटेगा जहाँ हम नहीं जानते।
मो. अजीज को डॉ. मधेपुरी की पंक्तियां कुछ इस कदर भाईं कि वो तत्काल उसे गुनगुनाने भी लगे। शायद वो इन पंक्तियों को अपना स्वर देना चाहते थे। उन्होंने डॉ. मधेपुरी को मुंबई बुलाया। डॉ. मधेपुरी मुंबई गए भी। लेकिन मुलाकात नहीं होनी थी, सो नहीं हुई… कहाँ जन्मे सुनो हम नहीं जानते… कब मरेंगे कहाँ हम नहीं जानते..!

बहरहाल, 80-90 के दशक में एक से बढ़कर एक हिट गानों को अपनी आवाज से नवाजने वाले मो. अजीज ने मंगलवार को 64 साल की उम्र में मुंबई के नानावटी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनका जन्म 2 जुलाई 1954 को पश्चिम बंगाल में हुआ था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोलकाता से एक कार्यक्रम कर मंगलवार को मुंबई आने के क्रम में मुंबई एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत खराब हुई। उन्हें वहां से सीधे नानावटी अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।

चलते-चलते बता दें कि अस्सी के दशक में मो. अजीज कई बड़े अभिनेताओं की आवाज बने जिनमें अमिताभ बच्चन, मिथुन चक्रवर्ती, ऋषि कपूर, सनी देओल और गोविंदा के नाम प्रमुख हैं। अमिताभ बच्चन के ऊपर फिल्माया गया गीत ‘तू मुझे कबूल’ (फिल्म ‘खुदा गवाह’) हो या गोविन्दा के ऊपर फिल्माया गया गीत ‘आपके आ जाने से’ (फिल्म ‘खुदगर्ज’), इन गीतों को भला कौन भूल सकता है..! उन्होंने हिन्दी के अलावे मराठी, बंगाली समेत कई भारतीय भाषाओं में गीत गाए थे। उन्हें ‘मधेपुरा अबतक’ की विनम्र श्रद्धांजलि..!

सम्बंधित खबरें


जदयू का तीन दिवसीय महिला समागम सम्पन्न

जदयू महिला समागम के तीन दिवसीय जिला सम्मेलन के अंतिम दिन खगड़िया, मधुबनी, दरभंगा, बक्सर, किशनगंज, नालंदा, लखीसराय, सीवान, भोजपुर, कटिहार एवं औरंगाबाद में सम्मेलन का आयोजन हुआ। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव एवं संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह नालंदा में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। वहीं महिला समागम के लिए गठित 12 टीमों की नेत्रियों में कहकशां परवीन, सांसद खगड़िया में, डॉ. रंजू गीता, स.वि.स. मधुबनी में, कविता सिंह, स.वि.स. दरभंगा में, रेणु देवी, पूर्व स.वि.स. बक्सर में, प्रो. हरपाल कौर, पूर्व अध्यक्ष, महिला जदयू किशनगंज में, अंजली सिन्हा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य नालंदा में, डॉ. सुहेली मेहता, प्रदेश प्रवक्ता लखीसराय में, डॉ. भारती मेहता, प्रदेश प्रवक्ता सीवान में, अंजुम आरा, प्रदेश प्रवक्ता वैशाली में, कंचन गुप्ता, अध्यक्ष, महिला जदयू कटिहार में एवं श्वेता विश्वास, प्रदेश प्रवक्ता औरंगाबाद में मौजूद रहीं।

नालंदा में अपने संबोधन में आरसीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के युगांतरकारी कार्यों से बिहार में महिलाओं का सम्मान और उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उनमें निर्णय लेने की क्षमता आई है। उन्होंने सात निश्चय योजना, कन्या उत्थान योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना आदि की चर्चा करते हुए कहा कि इन योजनाओं की मदद से हमारी बेटिय़ां आज नए जमाने के साथ कदमताल करने की स्थिति में हैं।

जिला महिला समागम में नेत्रियों ने कहा कि महिलाओं की मांग पर ही नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी लागू की। कन्या-सुरक्षा जैसी योजनाओं से बेटियों को सुरक्षा प्रदान की। आज बेटियों के जन्म से लेकर उनके स्नातक होने तक सारी जिम्मेदारियां बिहार सरकार उठा रही हैं। दो पहिए की साइकिल आज बेटियों के उत्थान का प्रतीक बन चुकी हैं।

कुल मिलाकर देखा जाए तो जदयू महिला समागम के तीन दिवसीय सम्मेलन को आशानुरूप सफलता मिली। समागम के लिए गठित नेत्रियों की सभी 12 टीमों ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए युगांतरकारी कार्यों को बहन-बेटियों के बीच रखने का काम किया। खासकर महिलाओं के उत्थान के लिए चल रही योजनाओं से उन्हें अवगत कराया गया ताकि उनका लाभ उठाकर आधी आबादी बढ़ते बिहार का हिस्सा बन सकें।

सम्बंधित खबरें


जदयू महिला समागम के तीन दिवसीय सम्मेलन का भव्य आगाज

अतिपिछड़ा, दलित-महादलित एवं अल्पसंख्यक सम्मेलनों के बाद शनिवार को जदयू महिला समागम के जिला सम्मेलनों का भव्य आगाज हुआ। तीन दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन समस्तीपुर, मधेपुरा, पश्चिमी चम्पारण, सीतामढ़ी एवं शिवहर (संयुक्त), रोहतास, पूर्णिया, जहानाबाद एवं अरवल (संयुक्त), गोपालगंज, वैशाली एवं नवादा में सम्मेलन का आयोजन हुआ।

मधेपुरा में महिला समागम का सम्मेलन स्थानीय जीवन सदन में हुआ जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। पूर्व मंत्री सह विधायक लेसी सिंह ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया, वहीं पूर्व मंत्री सह विधायक नरेन्द्र नारायण यादव मुख्य अतिथि थे। जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, विधायक निरंजन मेहता, प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल तथा मधेपुरा जिला जदयू के प्रभारी भगवान चौधरी विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। लेसी सिंह के साथ जो नेत्रियां कार्यक्रम में शामिल हुईं, उनमें प्रमुख हैं मंजू देवी उर्फ गुड्डी जी, शगुफ्ता अजीम, ललिता देवी, स्मिता सिन्हा, ललिता जायसवाल, रेणु झा एवं मुन्नी देवी। कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू जिलाध्यक्ष बिजेन्द्र नारायण यादव ने किया, जबकि संचालन महिला जदयू की जिलाध्यक्ष मीना देवी ने किया।

उधर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव एवं संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह नवादा में विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं महिला समागम के लिए गठित 12 टीमों की शेष नेत्रियों में कहकशां परवीन, सांसद समस्तीपुर में, डॉ. रंजू गीता, स.वि.स. पश्चिमी चम्पारण में, कविता सिंह, स.वि.स. सीतामढ़ी एवं शिवहर (संयुक्त) में, रेणु देवी, पूर्व स.वि.स. रोहतास में, प्रो. हरपाल कौर, पूर्व अध्यक्ष, महिला जदयू पूर्णिया में, अंजली सिन्हा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य जहानाबाद एवं अरवल (संयुक्त) में, डॉ. भारती मेहता, प्रदेश प्रवक्ता गोपालगंज में, अंजुम आरा, प्रदेश प्रवक्ता वैशाली में एवं श्वेता विश्वास, प्रदेश प्रवक्ता नवादा में मौजूद रहीं।

नवादा में महिला समागम को संबोधित करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आधी आबादी को वो स्थान और सम्मान दिया है जिसकी वो हकदार थी लेकिन उसे इससे वंचित रखा जाता था। स्वतंत्र भारत में किसी मुख्यमंत्री ने महिलाओं एवं बालिकाओं के उत्थान के लिए इतने कार्य नहीं किए जो बिहार में उनके शासनकाल के 13 वर्षों में देखने को मिले हैं।

गौरतलब है कि जिला महिला समागम में नेत्रियों ने जिन विषयों पर संवाद किया, वे हैं: सुशासन के कार्यक्रम, पूर्ण शराबबंदी, दहेजप्रथा-बालविवाह-भ्रूण-हत्या उन्मूलन, सात निश्चय, महिलाओं को रोजगार एवं शिक्षा और स्वास्थ्य। सभी नेत्रियों ने जहां एक ओर सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा की, वहीं सामाजिक सरोकार से जुड़े अभियानों के लिए महिलाओं को प्रेरित किया। चलते-चलते बता दें कि नीतीश कुमार के विकास कार्यों एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े अभियानों में आस्था रखने वाली सभी महिलाएं समागम के सम्मेलन में भाग ले रही हैं एवं पंचायत, प्रखंड, जिला व प्रदेश स्तर पर पार्टी की सभी इकाइयां इसके लिए सक्रिय सहयोग कर रही हैं।

सम्बंधित खबरें


कोसी ने बताया कि बरकरार है नीतीश का आकर्षण

बुधवार, 21 नवंबर को सहरसा के पटेल मैदान में आयोजित जदयू के प्रमंडलीय अतिपिछड़ा सम्मेलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुनने की खातिर उमड़े जनसैलाब ने बहुत कुछ कह दिया। इस सम्मेलन ने स्पष्ट कर दिया कि ना केवल नीतीश कुमार का आकर्षण अब भी बरकरार है, बल्कि लोग उनके द्वारा किए गए कार्यों के प्रति सम्मान और भविष्य के लिए उनमें आस्था भी रखते हैं।

CM Nitish Kumar (on dias), Ministers Bijendra Prasad Yadav, Dinesh chandra Yadav, Ramesh Rishidev, Ex-MP & Founder VC Dr. RKY Ravi, EX-MP SN Yadav, Ex-Min & MLA NN Yadav, JDU Leader Sanjay Jha and others during Sammelan.
CM Nitish Kumar (on dias), Ministers Bijendra Prasad Yadav, Dinesh chandra Yadav, Ramesh Rishidev, Ex-MP & Founder VC Dr. RKY Ravi, EX-MP SN Yadav, Ex-Min & MLA NN Yadav, JDU Leader Sanjay Jha and others during Sammelan.

जदयू के इस बड़े आयोजन के आकर्षण का केन्द्र स्वाभाविक तौर पर नीतीश कुमार थे। उनके साथ ही कोसी की जदयू की सभी बड़ी हस्तियां भी मंचस्थ थीं। मुख्यमंत्री के साथ मौजूद प्रमुख लोगों में ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेशचन्द्र यादव, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव, पूर्व सांसद एवं बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ. रमेन्द्र कुमार यादव रवि, पूर्व सांसद सूर्यनारायण यादव, पूर्व मंत्री एवं विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, विधानपार्षद ललन सर्राफ एवं जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप शामिल हैं। मंचासीन अन्य लोगों में विधायक निरंजन मेहता, विधायक रत्नेश सदा, विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, विधायक बीना भारती एवं प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल उल्लेखनीय हैं। सम्मेलन की अध्यक्षता जहाँ सहरसा जिला जदयू अध्यक्ष चन्द्रदेव मुखिया ने की, वहीं मधेपुरा के जिला अध्यक्ष बिजेन्द्र प्रसाद यादव, सुपौल के जिलाध्यक्ष रामविलास कामत एवं तीनों जिला के अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी मंच पर विराजमान रहे।

 

JDU Media Cell President Dr. Amardeep having discussion with CM Nitish Kumar during Sammelan, Energy Minister Bijendra Prasad Yadav also in picture
JDU Media Cell President Dr. Amardeep having discussion with CM Nitish Kumar during Sammelan, Energy Minister Bijendra Prasad Yadav also in picture.

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज राज्य में कोई ऐसा विभाग नहीं, जहां उत्थान की योजनाएं नहीं चल रहीं और कोई ऐसा वर्ग नहीं, जो सरकार की योजनाओं से अछूता है। सबके लिए समान रूप से काम हो रहा है। सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घर-घर बिजली पहुँचाने का लक्ष्य तीन माह पूर्व पूरा हो चुका है। एक साल के अंदर सभी जिलों एवं पंचायतों में कृषि के लिए अलग बिजली फीडर होगा। साथ ही राज्य के सभी जर्जर बिजली के तारों को बदल दिया जाएगा। कृषि के संबंध में उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भी बिहार ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। वर्ष 2005 में राज्य की उत्पादकता सबसे कम थी। लेकिन, आज हम सौ फीसदी के साथ राष्ट्रीय औसत को पछाड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि बिना उद्योग-धंधे वाले इस राज्य में निचले स्तर से विकास कार्यों को करते हुए बिहार का विकास दर आज दो अंकों से दस फीसदी पर पहुँच चुका है।

इससे पूर्व लोकसभा व राज्यसभा के पूर्व सदस्य एवं बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ. रमेन्द्र कुमार यादव रवि ने अपने काव्यमय संबोधन से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बिहार की तकदीर बदलने वाले नीतीश कुमार प्रशासक और समाज-सुधारक दोनों हैं। उनमें सरदार पटेल और राजा राममोहन राय की छवि एक साथ देखी जा सकती है। वहीं, बिहार सरकार के तीनों मंत्रियों – बिजेन्द्र प्रसाद यादव, दिनेशचन्द्र यादव एवं रमेश ऋषिदेव – ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रहे कार्यों एवं कल्याणकारी योजनाओं से जनसमूह को अवगत कराया और आह्वान किया कि 2019 और 2020 के चुनाव में अपार समर्थन देकर अपने नेता का मनोबल और बढ़ते बिहार की रफ्तार को बढ़ाएं।

सम्बंधित खबरें


बिहार का सम्मान बनेगा वाल्मीकिनगर: नीतीश कुमार

रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो दिवसीय दौरे पर अपनी पसंदीदा जगह वाल्मीकिनगर पहुंचे और यहां के प्राकृतिक और दर्शनीय स्थलों का दीदार किया। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि यहां पर्यटन को लेकर ऐसी स्थिति बने कि पूरा बिहार वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व को अपने सम्मान के साथ जोड़े। बिहार का एक-एक निवासी यहां की सुंदरता के बारे में जाने और देश-दुनिया के पर्यटक यहां आकर इसकी प्राकृतिक छटा से रू-ब-रू हो सके।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वाल्मीकिनगर में इको टूरिज्म के तहत हुए कार्यों को देखकर खुशी जाहिर की। उन्होंने यहां हरी झंडी दिखाकर साइकिल सफारी का शुभारंभ भी किया। इस मौके पर वाल्मीकि विहार होटल परिसर में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि बिहार से जब झारखंड अलग हुआ था, तब बिहार में सिर्फ 9% हरित क्षेत्र बचा था। हमने हरियाली मिशन की शुरुआत की और 24 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा। आज पूरे बिहार में 22 करोड़ से अधिक पौधे लग चुके हैं। सर्वेक्षण रिपोर्ट आने वाली है, संभावना है कि अब हरित क्षेत्र 15% होगा। लेकिन इसे 17% करने का लक्ष्य रखा गया है।

वाल्मीकिनगर क्षेत्र में पर्यटकों के आने की अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वाल्मीकिनगर क्षेत्र बिहार में पर्यटन की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ है। केवल जरूरत है कि इसे प्रचारित किया जाये। उन्होंने वाल्मीकिनगर का महत्व बताते हुए कहा कि पुराने जमाने में इसका नाम भैंसा लोटन था। यहां वाल्मीकि आश्रम होने के कारण इसका नाम बदल दिया गया। अब सब लोग इसे वाल्मीकिनगर के नाम से जानते हैं। हरियाली से युक्त इस जगह की प्राकृतिक विशेषता है कि इसके एक ओर जहां पहाड़ है, वहीं दूसरी ओर यह जंगल से आच्छादित है और तीसरी ओर यह क्षेत्र नदी से भी गिरा है। इतना रमणीक स्थल पूरे देश में शायद ही कहीं हो।

वाल्मीकिनगर में मुख्यमंत्री की इस खास यात्रा के दौरान उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, जलसंसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, सांसद सतीश चंद्र दुबे, विधायक भागीरथी देवी, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, वन विभाग के प्रधान सचिव त्रिपुरारि शरण, आयुक्त नर्मदेश्वर लाल, आईजी सुनील कुमार, डीआईजी ललन मोहन प्रसाद सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।

चलते-चलते बता दें कि इस दौरान उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के आग्रह को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने वाल्मीकिनगर में कैबिनेट की बैठक आयोजित करने की घोषणा भी की। साथ ही कहा कि यहां बोधगया और राजगीर की तरह कन्वेंशन सेंटर का भी निर्माण कराया जायेगा। वहीं, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने पटना से वाल्मीकिनगर तक सप्ताह में एक दिन टूरिस्ट बस चलाने और यहां नौकायन के लिए 12 सीटर दो बोट उपलब्ध कराने की घोषणा की।

सम्बंधित खबरें


डायनेमिक डीएम मो.सोहैल बने पाँच क्षेत्रीय भाषाओं के बिहारी शब्दकोश निर्माण उपसमिति के सदस्य !

बिहार की पाँच क्षेत्रीय भाषाओं के शब्दों से तैयार किये जाने वाले ‘बिहारी शब्दकोश’ (जिसमें अंगिका, बज्जिका, भोजपुरी, मगही व मैथिली के शब्द होंगे शामिल) के निर्माण हेतु 5 करोड़ कि योजना को स्वीकृति मिल गई है | साथ ही बिहारी शब्दकोश व प्राकृत संकलन की योजना को अधिष्ठात्री परिषद व उपसमिति ने हरी झंडी दे दी है |

बता दें कि इस  उपसमिति में सदस्य के रूप में शामिल किये गये हैं- मुजफ्फरपुर प्रमंडलीय आयुक्त श्री नर्मदेश्वर लाल, बी.आर.अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अमरेंद्र नारायण यादव, सदर जिलाधिकारी मो.सोहैल, बीएचयू के पूर्व प्रोफेसर व डीन प्रो.के.के.जैन, प्राकृत जैन शास्त्र और अहिंसा शोध संस्थान के निदेशक ऋषभ चंद्र जैन एवं डीडीसी उज्जवल कुमार | इस उपसमिति ने सरैया के वासोकुंड स्थित प्राकृत जैन शास्त्र और अहिंसा शोध संस्थान को सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने हेतु मंजूरी दे दी है |

जानिए कि इस उपसमिति ने दो प्रस्तावों पर अपनी सहमति देते हुए मुहर लगा दी है | प्रथम प्रस्ताव के तहत क्षेत्रीय 5 भाषाओं (अंगिका, बच्चिका, भोजपुरी, मगही व मैथिली) के शब्दकोश के लिए पाँच अलग-अलग भाषाविद विद्वानों की मदद ली जायेगी जिसमें प्रत्येक भाषा के विद्वान को एक-एक लाख रु. मासिक दिये जाएंगे | इस कार्य के निष्पादन के लिए 5 साल का समय निर्धारित किया गया है | और हाँ ! बिहारी शब्दकोष के लिए जो बजट तैयार किया गया है उसमें दो डाटा एन्ट्री आपरेटरों की नियुक्ति के साथ-साथ पुस्तकों की खरीद आदि भी शामिल किये गये हैं |

यह भी कि उपसमिति द्वारा दूसरे प्रस्ताव में शौरसेनी प्राकृत भाषा के आगम ग्रंथों का मूल प्राकृत पाठ व हिन्दी अनुवाद के साथ प्रकाशित करने की भी स्वीकृति दी गई है, जिसके लिए अतिरिक्त दो करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है |

चलते-चलते यह भी बता दें कि उपसमिति द्वारा पारित सारे प्रस्तावों का द्रुतगति से कार्यान्वयन किये जाने हेतु डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा उसे राजभवन भेजा जाएगा ताकि निर्धारित 5 वर्ष की अवधि के अंदर ही लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा , क्योंकि मधेपुरा में डीएम रह चुके मो.सोहैल द्वारा इलेक्ट्रिक रेल इंजन एवं अन्य कई योजनाओं को निर्धारित समयावधि से पहले पूरा कर लिए जाने पर उन्हें समाजसेवी डॉ.मधेपुरी सहित अनेक शिक्षाविद आज भी याद करते हैं |

सम्बंधित खबरें


अभूतपूर्व होगा जदयू का अतिपिछड़ा, अल्पसंख्यक और महिला सम्मेलन

21 जनवरी को जदयू के प्रमंडलीय अतिपिछड़ा सम्मेलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहरसा आगमन को लेकर कोसी प्रमंडल में पार्टी की तीनों इकाई – मधेपुरा-सहरसा-सुपौल – जोरशोर से तैयारी में जुटी है। इस सम्मेलन के अतिरिक्त भी मधेपुरा में जदयू के दो बड़े कार्यक्रम एक सप्ताह के भीतर होने हैं। गौरतलब है कि 18 नवंबर को जहां मधेपुरा के नगर भवन में जहां अल्पसंख्यक जिला सम्मेलन होगा, वहीं 24 नवंबर को स्थानीय जीवन सदन में जदयू महिला समागम का सम्मेलन होना तय है।
कहने की जरूरत नहीं कि 2019 का लोकसभा चुनाव निकट है और 2020 का विधानसभा चुनाव भी अधिक दूर नहीं। इन वजहों से मधेपुरा जदयू की इकाई इन सभी कार्यक्रमों, विशेषकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में होने वाले कार्यक्रम, को सफल बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इस परिप्रेक्ष्य में 15 नवंबर को स्थानीय शिवनंदन प्रसाद मंडल विधि महाविद्यालय के सभागार में मधेपुरा जिला जदयू की तैयारी बैठक हुई, जिसमें आलमनगर के विधायक व पूर्व मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, मधेपुरा के पूर्व विधायक मणीन्द्र कुमार मंडल उर्फ ओम बाबू, जिला प्रभारी अमर चौधरी उर्फ भगवान बाबू, प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल, पूर्व प्रदेश महासचिव बीबी प्रभाकर, प्रदेश सलाहकार समिति के सदस्य सत्यजीत यादव, सुजीत कुमार मेहता, डॉ. नीलाकांत, राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य गुड्डी देवी एवं वरीय नेता गोवर्द्धन मेहता मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रो. बिजेन्द्र नारायण यादव ने की।
इस बैठक के संबंध में ‘मधेपुरा अबतक’ से बात करते हुए जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने कहा कि न केवल बिहार बल्कि देश की राजनीति में मधेपुरा ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। समाजवाद को आकार देने की बात हो तो भूपेन्द्र नारायण मंडल, पिछड़ों को आवाज देने की बात हो तो मंडल कमीशन के जनक बीपी मंडल, भारतीय संविधान की रचना करने की बात हो तो संविधान सभा के सदस्य के रूप में चतरा के कमलेश्वरी प्रसाद यादव और राज्य की विधि व्यवस्था को सांचे में ढालना हो तो मधेपुरा के ही शिवनंदन प्रसाद मंडल याद किए गए। आज जबकि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार अपने विकास और वैभव की नई इबारत लिख रहा है, तब भी बिहार के अगुआ के साथ कदमताल करने में मधेपुरा ही सबसे आगे होगा। डॉ. अमरदीप ने कहा कि मधेपुरा के लोग अगर जग जाएं तो सहरसा का पटेल मैदान (जहां मुख्यमंत्री का कार्यक्रम हो रहा है) क्या, पटना का गांधी मैदान भी छोटा पड़ जाएगा। अल्पसंख्यक एवं महिला सम्मेलन भी अभूतपूर्व होगा।
तैयारी बैठक में सभी वक्ताओं ने एक स्वर से कहा कि चाहे महिलाओं की आधी आबादी हो, चाहे अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन सबके उत्थान में कोई कसर नहीं छोड़ी है। यह हम सभी का नैतिक दायित्व है कि इन सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कर अपने नेता का हौसला बढ़ाएं। बैठक में अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रदीप साह, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मो. आजाद, महिला जदयू की जिलाध्यक्ष मीना देवी, व्यवसायिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, दलित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नरेश पासवान, युवा जदयू के जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार गुलटेन, छात्र जदयू के जिलाध्यक्ष अमित आनंद मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज करने वालों में जदयू मीडिया सेल प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य यादव उमेश कुमार, जिला मीडिया संयोजक प्रो. मनोज भटनागर एवं युवा जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष युगल पटेल प्रमुख हैं।

सम्बंधित खबरें


जदयू ने तेज की अल्पसंख्यकों को दल से जोड़ने की मुहिम

जदयू ने अल्पसंख्यकों को दल से जोड़ने और उनका विश्वास हासिल करने की मुहिम तेज करते हुए गुरुवार को सीवान, भागलपुर, रोहतास, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, बेगूसराय, दरभंगा एवं मुंगेर में जदयू अल्पसंख्यक जिला कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया। सीवान में जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व संसदीय दल के नेता श्री आरसीपी सिंह तथा मुंगेर में बिहार सरकार के मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एवं मंत्री श्री शैलेश कुमार सिंह उपस्थित रहे। वहीं भागलपुर में श्रीमती कहकशां परवीन, सांसद, राज्यसभा, रोहतास में श्री गुलाम रसूल बलियावी, राष्ट्रीय महासचिव सह विधानपार्षद, पूर्वी चंपारण में मो. खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, मंत्री, अल्पसंख्यक कल्याण एवं गन्ना उद्योग, पूर्णिया में श्री नौशाद आलम, विधायक एवं पूर्व मंत्री, खगड़िया में श्री गुलाम गौस, पूर्व विधानपार्षद, दरभंगा में प्रो. युनूस हकीम, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मुंगेर में मो. सलाम, प्रदेश अध्यक्ष, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने मौजूदगी दर्ज की।
श्री आरसीपी सिंह ने सीवान में आयोजित सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यकों के विकास की नई इबारत लिखी है। उन्हें वोट की नहीं हमेशा वोटरों की चिन्ता रही है। आज उनके नेतृत्व में बिहार सरकार ने अल्पसंख्यक समाज के सर्वांगीण विकास के लिए जितने कार्य किए हैं उतने पहले कभी नहीं हुए। 2005-06 की तुलना में अल्पसंख्यक कल्याण का बजट आज सौ गुना से भी ज्यादा है।
मुंगेर की सभा में श्री ललन सिंह ने बिहार सरकार द्वारा अल्पसंख्यक कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यकों को समाज की मुख्यधारा में लाने का काम किया है। वहीं श्री शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि श्री नीतीश कुमार की सरकार के कारण आज मुसलमानों के लिए आगे बढ़ने के जितने अवसर हैं, उतने पहले कभी नहीं थे।
श्रीमती कहकशां परवीन, श्री गुलाम रसूल बलियावी, मो. खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, श्री नौशाद आलम, श्री गुलाम गौस, मो. युनूस हकीम एवं मो. सलाम ने अपनी-अपनी सभाओं में जोर देकर कहा कि बिहार की महान जनता अब फिरकापरस्तों की बातों में आने वाली नहीं है। उन्हें सही और गलत का फर्क पता है। 2019 और 2020 के चुनाव में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

सम्बंधित खबरें


एनडीए से कुशवाहा की ‘विदाई’ तय, मिले शरद से

लोकसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीटों को लेकर मची खींचतान अब अपनी परिणति पर पहुंच रही है। जदयू और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्षों द्वारा बराबर-बराबर सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने की विधिवत घोषणा के बाद से लगातार ‘असहज’ चल रहे उपेन्द्र कुशवाहा एनडीए में अपनी मांग पूरी ना होते देख महागठबंधन की शरण में जाते दिख रहे हैं। इस सिलसिले में उन्होंने महागठबंधन के नेता शरद यादव से नई दिल्ली में बकायदा मुलाकात भी की है। उधर माना जा रहा है कि एनडीए ने सीट शेयरिंग का नया फॉर्मूला तय कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की एनडीए से छुट्टी होने की स्थिति में बिहार में भाजपा और जदयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं, रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा को छह सीटें दी जाएंगी।

बहरहाल, शरद यादव से मुलाकात के बाद रालोसपा ने नई रणनीति तैयार की है जिसके तहत अब कुशवाहा की पार्टी महागठबंधन का हिस्सा हो सकती है। बता दें कि एनडीए ने उपेंद्र कुशवाहा के सामने दो सीटों का प्रस्ताव रखा था, जिस पर कुशवाहा हरगिज तैयार ना थे। अपनी राजनीतिक ताकत को नीतीश कुमार से ज्‍यादा बताते हुए उन्होंने ज्यादा सीटें मांगी थीं और इस संबंध में वे लगातार अमित शाह से मिलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भाजपा अध्यक्ष ने उन्हें वक्त नहीं दिया। वहीं, दूसरी ओर कुशवाहा लगातार ट्विटर के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे थे। जुबानी जंग तथाकथित ‘नीच’ प्रकरण तक पहुँची और फिर इस स्तर तक बढ़ गई कि उन्होंने नीतीश पर रालोसपा विधायकों को तोड़ने का भी गंभीर आरोप लगा दिया। ऐसे में ये अटकलें तेज हो गई थीं कि उपेंद्र कुशवाहा एनडीए से अलग हो सकते हैं।

बहरहाल, इस बीच माना जा रहा है कि शरद से मुलाकात के दौरान कुशवाहा ने छह सीटों की मांग की है। इस संबंध में शरद अगले हफ्ते लालू से रांची में अपनी प्रस्तावित मुलाकात के दौरान बात कर सकते हैं। आरजेडी सुप्रीमो से हरी झंडी मिलने के बाद कुशवाहा से उनकी अगले चरण की बात होगी।

सम्बंधित खबरें