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रहा जिधर ही नीतीश कुमार, उधर ही चल पड़ा बिहार : ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव

मधेपुरा जिला के प्रभारी मंत्री, बिहार के ऊर्जा मंत्री एवं नीतीश मंत्रिमंडल के रीढ़ माने जाने वाले व विभिन्न विभागों को वखूबी ऊंचाई प्रदान करने वाले वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने पटना के रविंद्र भवन में आयोजित जदयू की राज्य परिषद की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष के पद पर लगातार तीसरी बार वशिष्ठ नारायण सिंह के निर्विरोध निर्वाचन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

बता दें कि निर्वाचन पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह द्वारा वशिष्ठ नारायण सिंह के सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित होने की घोषणा किए जाने के तुरंत बाद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री बिहार नीतीश कुमार ने उनको बधाई दी। ताजपोशी के बाद जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए कहा-

विचार की राजनीति पर संकट के बादल छाए हैं…. राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार लगातार इस संकट का मुकाबला कर रहे हैं।

जहां जदयू के सांगठनिक राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने इस अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि जदयू कार्यकर्ताओं की ताकत की बदौलत 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को 40 में से 39 सीटों पर जीत मिली, वहीं लोकसभा में जदयू के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि नीतीश जिसे आज करते हैं….. देश उसे बाद में अपनाता है। अंत में बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने जीत पर बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 2010 एवं 2015 के चुनाव में यह साबित हो गया-

रहा  जिधर ही नीतीश कुमार

उधर ही चल पड़ा बिहार

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बशिष्ठ नारायण सिंह निर्विरोध बने बिहार जदयू के अध्यक्ष

जदयू के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य बशिष्ठ नारायण सिंह लगातार तीसरी बार बिहार प्रदेश जदयू के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में इस निर्वाचन के बाद वे अपना चौथा कार्यकाल शुरू करेंगे। सबसे पहले 2010 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया था। तब तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने मंत्री बनने पर प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय से बशिष्ठ नारायण सिंह लगातार जदयू के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
बहरहाल, बशिष्ठ नारायण सिंह ने पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में 11 सेट में अपना नामांकन पत्र पार्टी के निर्वाचन पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह के समक्ष भरा। इस मौके पर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह, मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, श्याम रजक, नरेन्द्र नारायण यादव, जयकुमार सिंह, संतोष निराला, सांसद चन्देश्वर चन्द्रवंशी, संतोष कुशवाहा, विधानपार्षद संजय गांधी, विधायक रंजू गीता, राष्ट्रीय सचिव रविन्द्र सिंह, मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह, मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, कामाख्या नारायण सिंह, परमहंस, चंदन कुमार सिंह एवं जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप समेत कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और विभिन्न जिलों के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मौजूद रहे।
गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए गुरुवार को दिन के 12.30 बजे तक पर्चा दाखिल किया जाना था। इसी दिन दोपहर में स्क्रूटनी और शाम तक नाम वापसी का समय तय था। बशिष्ठ नारायण सिंह को छोड़कर किसी और ने पर्चा दाखिल नहीं किया। ऐसे में वे निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए गए। नाम वापसी का समय समाप्त होते ही शाम 5.30 बजे निर्वाचन पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह ने सर्वसम्मति से उनके प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित होने की घोषणा की। बता दें कि उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के 11 नेताओं ने किया था, जिनमें राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव और उद्योग मंत्री श्याम रजक शामिल थे।
नामांकन दाखिल करने के बाद बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि उनकी कोशिश जदयू को और मजबूत करने की होगी। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में आस्था जताते हुए उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार में परिवर्तन और विकास के कई नए अध्याय रचे गए हैं लेकिन अभी और बहुत काम करने हैं। नया बिहार बनाना है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में मौन क्रांति की शुरुआत हुई है, उसे मुकाम तक ले जाना है। इसके लिए तेजी से काम भी हो रहा है।

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केबीसी में करोड़पति बन सनोज ने किया बिहार को गौरवान्वित

बिहार के जहानाबाद निवासी सनोज राज कौन बनेगा करोड़पति सीजन 11 के पहले करोड़पति बन गए हैं। शनिवार को सनोज ने शानदार खेल दिखाते हुए 15 सवालों के सही जवाब दिए और 1 करोड़ की धनराशि अपने नाम कर ली। उन्होंने 7 करोड़ के लिए 16वां सवाल नहीं खेला, जिसका ग़लत उत्तर देने पर जीती हुई राशि घटकर 3 लाख 20 हजार रह जाती।

आपको सहज रूप से उत्सुकता हो रही होगी कि जिस सवाल ने सनोज को एक करोड़ रुपए का इनाम जिताया, वो क्या था? चलिए हम बताए देते हैं। वो सवाल था – भारत के किस मुख्य न्यायाधीश के पिता भारत के एक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे? इसका सही जवाब है – जस्टिस रंजन गोगोई। इस सवाल का जवाब देने के लिए सनोज ने अपनी आखिरी लाइफ “लाइन आस्क द एक्सपर्ट” का इस्तेमाल किया। वैसे जिस सवाल का जवाब देकर सनोज 7 करोड़ की धनराशि जीतकर इतिहास रच सकते थे, वो था – ऑस्ट्रेलियन दिग्गज बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन ने किस भारतीय गेंदबाज की बॉलिंग पर एक रन बनाकर सौंवा शतक पूरा किया था? इसका सही जवाब है – गोगुमल किशन चंद।

स्वभाव से सरल व मृदुभाषी और सादा जीवन उच्च विचार में विश्वास रखने वाले सनोज ने हॉट सीट पर बेहद धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ एक के बाद एक सवाल का सामना किया। आईएएस बनने को इच्छुक सनोज दिल्ली में रहकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि आईएएस के पद के साथ ही बदलाव लाने का मौका भी मिलता है। उनकी दिलचस्पी नीति निर्माण और उनके क्रियान्वयन में है। वे स्वास्थ्य और पर्यावरण के संबंध में नीतियां बनाना चाहते हैं। उनके विचारों ने महानायक अमिताभ बच्चन को खासा प्रभावित किया। उन्होंने सनोज को गले लगकर बधाई दी। उस क्षण सनोज के पिता भी उपस्थित थे। वे स्वाभाविक तौर पर गौरवान्वित और भावुक हो रहे थे।

केबीसी 11 के पहले करोड़पति बनने पर सनोज ने कहा, “मैं इस जीत पर खुश हूँ। यह मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण पल है और मैं यहां से और आगे बढ़ने का इरादा रखता हूँ। मेरा मानना है कि अपने लक्ष्यों के प्रति कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण उन्हें हासिल करने की प्रक्रिया को बहुत अधिक सुखद बना देगा। वर्तमान में मेरी खुशी अल्पकालिक है क्योंकि मैं अपनी यूपीएससी परीक्षा पर ध्यान केन्द्रित कर रहा हूँ जो अगले सप्ताह शुरू हो रही है।“ बिहार को गौरवान्वित करने वाले इस मेधावी युवा को ‘मधेपुरा अबतक’ की शुभकामनाएं।

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डॉ. संजय जायसवाल होंगे बिहार भाजपा के नए अध्यक्ष

बिहार भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया। शनिवार को सारे कयासों पर विराम लगाते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बेतिया के सांसद डॉ. संजय जायसवाल को बिहार प्रदेश भाजपा का नया अघ्यक्ष नियुक्त किया। डॉ. जायसवाल नित्यानंद राय की जगह बनेंगे। बता दें कि राय के गृह राज्य मंत्री बनते ही नए अध्यक्ष की तलाश शुरू हो गई थी, जो अब जाकर पूरी हुई।
गौरतलब है कि डॉ. संजय जायसवाल बेतिया से लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए हैं। वे 2009 से ही इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके पिता मदन मोहन जायसवाल भी बेतिया से सांसद रहे हैं। डॉ. जायसवाल भाजपा के कोर वोट बैंक माने जाने वाले वैश्य समुदाय से आते हैं। इस तरह इनको अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने पिछ़ड़ा कार्ड भी खेला है। वैसे भी डॉ. जायसवाल की गिनती साफ-सुथरी छवि वाले नेताओं में होती है। इनका नाम कभी किसी विवाद में नहीं रहा।
कहने की जरूरत नहीं कि डॉ. संजय जायसवाल को बड़े नाजुक समय पर ये अहम जिम्मेवारी मिली है। एक तो 2020 में विधानसभा चुनाव होने हैं, दूसरे सहयोगी पार्टी जदयू से भाजपा के रिश्ते इन दिनों बहुत ‘मधुर’ नहीं कहे जा सकते। ऐसे में डॉ. जायसवाल के अनुभव की कठिन परीक्षा होनी तय है। देखना दिलचस्प होगा कि शीर्ष नेतृत्व के विश्वास पर वे कितना खरा उतरते हैं।

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शिक्षक दिवस पर सम्मानित हुए बिहार के 20 शिक्षक

गुरुवार, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में मुख्य राजकीय समारोह का आयोजन हुआ। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रिमोट के माध्यम से बिहार उन्नयन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर को और यादगार बनाते हुए मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले बिहार के विभिन्न जिलों के 20 शिक्षकों तथा वर्ष 2018 में शिक्षक कल्याण कोष में अधिकतम राशि जमा करने वाले नालंदा, पश्चिम चंपारण एवं पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार एवं शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आरके महाजन समेत कई गणमान्य मौजूद रहे।

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CM Nitish Kumar in Shikshak Diwas Samaroh.

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज शिक्षकों के सम्मान का दिन है। शिक्षकों को पूरा देश सम्मान की दृष्टि से देखता है, यह बात शिक्षकों को भी याद रखनी चाहिए। बिहार के नियोजित शिक्षकों द्वारा मांगों के समर्थन में शिक्षक दिवस नहीं मनाने तथा पटना में प्रदर्शन करने को लेकर उन्होंने कहा कि वे मांग जरूर करें, लेकिन अपने मूल दायित्व को भी नहीं भूलें। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षक अपने दायित्व का निर्वहण करेंगे, पढ़ाते रहेंगे तो उनकी मांगों पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे ही उनकी मांगों को पूरा करेंगे।
अब चलिए एक नज़र उन शिक्षकों पर डालें जिन्हें शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया। उनके नाम इस प्रकार हैं: डॉ. नम्रता आनंद (पटना), शालिनी सिन्हा (पटना), कुमारी खुशबू कुशवाहा (मधुबनी), सुनैना कुमारी (नालंदा), सबीहा फैज (भागलपुर), डॉ. अभय कुमार रमण (पूर्वी चंपारण), डॉ. गणेश शंकर पांडेय (नालंदा), संत कुमार सहनी (बेगूसराय), मनोज कुमार यादव (सीतामढ़ी), अवधेश पासवान (भागलपुर), डॉ. देवेन्द्र सिंह (गया), जितेन्द्र सिंह (पश्चिम चंपारण), ललिता कुमारी (पूर्णिया), सत्यनारायण राय (सीतामढ़ी), संगीता कुमारी (सीतामढ़ी), अमरनाथ त्रिवेदी (मुजफ्फरपुर), मो. सनाउल्लाह शाह (पश्चिमी चंपारण), बबीता कुमारी (सुपौल), सुमन सिंह (बांका) एवं कविता प्रवीण (नालंदा)। सभी सम्मानित शिक्षकों को ‘मधेपुरा अबतक’ की ओर से ढेरों बधाई एवं शुभकामनाएं।

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बिहार के 40 में सिर्फ 4 हैं…. सौ फ़ीसदी उपस्थिति वाले सांसद

भारतीय संसद में लोकसभा के सांसदों की संख्या 545 है। इसमें दो मनोनीत होते हैं। कुल 543 सांसद विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के माध्यम से जनता द्वारा चुनकर संसद में प्रवेश करते हैं। संसद की बैठकों में वे कितने दिनों तक हाजिर अथवा गैर हाजिर रहते हैं…. संसद की इन गतिविधियों पर नजर रखने वाले संगठन का नाम है- पीआरएस  लेजिसलेटिव रिसर्च। यह संगठन पारदर्शिता के साथ संसदीय गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाता है।

बता दें कि पीआरएस के अनुसार 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में जितने भी सांसद सदन की बैठकों में रोज हाजिर रहे…. इस श्रेणी के लोकसभा सदस्यों की संख्या 79 है…. जिसमें बिहार के 40 सांसदों में सिर्फ 4 हैं। चार में एक भाजपा के पुराने सांसद हैं, एक जदयू के पुराने सांसद तथा दो जदयू के नवनिर्वाचित सांसद हैं।

यह भी जानिए कि इन चारों में हैं कौन-कौन ? पहला तो महाराजगंज से भाजपा टिकट पर दूसरी बार जीते सांसद हैं जनार्दन सिंह सिग्रीवाल जो नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। वही नालंदा के पुराने जदयू सांसद हैं कौशलेंद्र कुमार।

यह भी बता दें कि शेष दो नए सांसदों एक हैं झंझारपुर से जदयू टिकट पर पहली बार सांसद बने रामप्रीत मंडल जो सांसद बनने से पहले पंचायत समिति सदस्य एवं प्रखंड प्रमुख भी रहे हैं वही नवनिर्वाचित दूसरे सांसद हैं- आलोक कुमार सुमन, जो गोपालगंज से पहली बार जदयू टिकट पर जीते हैं… इससे पहले राजनीति के क्षेत्र में उनके नाम की चर्चा भी नहीं थी।

अंत में यही कि 100 फ़ीसदी हाजिरी वालों में कुल 79 सांसद हुए संपूर्ण देश में. जिसमें बिहार के 4 सांसद हैं। इन चार में दो नवनिर्वाचित हैं और दो पुराने हैं। एक भाजपा के हैं और तीन जदयू के हैं वहीं जदयू जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।

 

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बिहार का अमिताभ अब चाँद पर उतारेगा चन्द्रयान

शिक्षक दिवस 5 सितंबर के दो दिन बाद यानी 7 सितंबर को जब चन्द्रयान-2 चाँद की सतह पर उतरेगा तो धरती से लेकर अंतरिक्ष तक बिहार की प्रतिभा का पूरी दुनिया में डंका बजेगा | भारत के अति महत्वपूर्ण मिशन में बिहार के वरीय वैज्ञानिक (चन्द्रयान -2 के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर एवं ऑपरेशन डायरेक्टर) अमिताभ की प्रमुख भागीदारी से समस्तीपुर जिला से लेकर सारे शिक्षण संस्थान (एएन कॉलेज पटना व बीआईटी मेसरा) जहाँ उन्होंने शिक्षा ग्रहण किया वे सभी गौरवान्वित हो रहे हैं |

बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक्स में गहरी अभिरुचि होने के कारण अमिताभ बचपन में रेडियो के पुर्जे खोलकर जोड़ने का अभ्यास करते-करते 1989 में एएन कॉलेज से एमएससी इन इलेक्ट्रॉनिक्स तक की पढ़ाई पूरी कर ली और एमटेक की पढ़ाई बीआईटी मेसरा से पूरी की | फिर 2002 में इसरो से जुड़े और चन्द्रयान -1 और चंद्रयान-2 मिशन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उन्हें दी गई | वर्ष 2008 में सर्वप्रथम वे चन्द्रयान -1 मिशन में प्रोजेक्ट मैनेजर की भूमिका का निर्वहन सर्वाधिक सफलतापूर्वक करते रहे |

यह भी बता दें कि वैज्ञानिक अमिताभ द्वारा चंद्रमा की सतह पर चन्द्रयान -2 को लैंड कराने के लिए काफी रिसर्च किया गया | चंद्रमा के किस ओर की सतह पर चन्द्रयान -2 उतरेगा…… पहले इस काम के लिए रूस का सहयोग लिया जाना था, लेकिन रूस की अकारण उदासीनता से चंद्रयान-2 के लेंडर को विकसित करने की पूरी जिम्मेदारी अमिताभ की टीम को ही दे दी गई है |

चलते-चलते यह भी बता दें कि बिहार के इस वैज्ञानिक अमिताभ को इंडियन सोसायटी आफ रिमोट सेंसिंग सेंटर देहरादून से यंग अंतरिक्ष अवार्ड दिया जा चुका है |

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बीमार जेटली का हाल जानने दिल्ली पहुँचे नीतीश

पूर्व केन्द्रीय मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली गंभीर रूप से बीमार हैं और 9 अगस्त से दिल्ली स्थित एम्स में उनका इलाज चल रहा है। खबरों के मुताबिक उनकी स्थिति लगातार चिन्ताजनक बनी हुई है। शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें देखने दिल्ली पहुँचे और उनका हालचाल लेकर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
नीतीश कुमार काफी देर तक एम्स में रुके। उन्होंने वहां डॉक्टरों से भी बात की। बताया जाता है कि शनिवार को जेटली जी को डॉक्टरों ने वेंटिलेटर से हटाकर ईसीएमओ (एक्सट्रा कॉर्पोरियल मेंब्रेन ऑक्सीजिनेशन) पर शिफ्ट कर दिया है। ईसीएमओ पर मरीज को तभी रखा जाता है जब दिल और फेफड़े ठीक से काम नहीं करते और वेंटीलेटर का भी फायदा नहीं होता। इससे मरीज के शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाई जाती है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अरुण जेटली से बेहद आत्मीय संबंध रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बाद अरुण जेटली भाजपा के उन गिनेचुने नेताओं में रहे हैं जिनसे नीतीश कुमार की काफी निकटता रही है।
चलते-चलते बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक भोजपुर और बिहटा जाने वाले थे जहाँ उन्हें कई योजनाओं का शिलान्यास करना था। लेकिन अरुण जेटली की नाजुक हालत देख उन्होंने सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए और दिल्ली जाने का फैसला ले लिया।

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15 अगस्त को सूबे की सरकार ने लिया संकल्प : दो लाख कुओं के होंगे कायाकल्प

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत राज्य में 2 लाख कुओं के जीर्णोद्धार कार्य को राज्य सरकार ने अपने कार्य सूची में शामिल किया है। मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि सूबे में ढ़ाई लाख कुओं की पहचान की गई है जिसमें लगभग 2 लाख सार्वजनिक उपयोग में आने वाले कुएं  हैं, शेष करीब 50 हजार कुएं निजी उपयोग वाले हैं।

बता दें कि इन 2 लाख कुओं के कायाकल्प को लेकर मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिया है। राज्य सरकार को प्राप्त सूची पीएचईडी को दे दी गई है। सार्वजनिक उपयोग वाले कुओं को चिन्हित कर उनका कायाकल्प पीएचईडी करेगा जिसकी शुरुआत भी पीएचईडी द्वारा कर दी गई है। कुओं को जाली से ढका भी जा रहा है।

सूबे में हरित आवरण करने हेतु मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 17% का लक्ष्य रखा है। इस अभियान के तहत प्रमुख कार्यों में सबसे प्रमुख है- पौधे तैयार करने की क्षमता बढ़ाना। इस हेतु कुछ नई पौधशालाएं खोली जाएंगी। वन विभाग की खाली जमीन पर भी पौध तैयार करने का काम शुरू किया जाएगा। फिलवक्त सभी सरकारी नर्सरीयों की क्षमता प्रतिवर्ष 1 करोड़ 60 लाख पौधे तैयार करने की है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जिस रफ्तार से आबादी का विस्तार हो रहा है, उसके अनुपात में हरियाली कम है। सूबे की सरकार ने इस अनुपात को छूने के लिए हर साल 4 करोड़ पौधे तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। तत्काल बिहार में 180 सरकारी पौधशालाएं हैं। फिलहाल 1 करोड़ 60 लाख की क्षमता है जिसे 4 करोड़ करने की तैयारी की जानी है।

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बिहार कैबिनेट ने लगाई 19 एजेंडों पर मुहर

नीतीश सरकार ने नई बालू खनन नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति के प्रभावी होने पर किसी एक व्यक्ति को अधिकतम दो घाट या फिर 200 हेक्टेयर तक बालू निकासी का ठेका दिया जा सकेगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले के साथ ही कुल 19 एजेंडे मंजूर किए गए। इनमें सिपाही बहाली में खिलाड़ी के लिए एक प्रतिशत पद आरक्षित करने का फैसला भी शामिल है।

गौरतलब है कि नदियों में सही प्रकार से बालू खनन हो इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कुछ दिशा निर्देश दिए थे। जिन्हें प्रभावी बनाने के लिए बिहार सरकार ने बालू खनन नीति 2019 को मंजूरी दी है। पूर्व से चली आ रही व्यवस्था में एक व्यक्ति को कई घाट की बंदोबस्ती दे दी जाती थी। इन घाटों से संबंधित व्यक्ति कितने बालू की निकासी करेगा इसके कोई नियम नहीं थे। नई नीति के प्रभावी होने पर एक बंदोबस्तधारी को अधिकतम दो घाट या फिर दो सौ हेक्टेयर तक बालू निकासी का ठेका दिया जा सकेगा। यही नहीं, पूर्व में प्रावधान था कि जिला को एक इकाई मानकर नदी घाटों की बंदोबस्ती होती थी। नई नीति में प्रत्येक नदी को एक इकाई मान कर उनकी बंदोबस्ती होगी।

कैबिनेट के एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के तहत सिपाही बहाली में खिलाडिय़ों के लिए एक प्रतिशत पद आरक्षित कर दिए गए हैं। अब राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाडिय़ों को उनकी खेल प्रतिभा के आधार पर सिपाही की बहाली में मौका दिया जाएगा। बता दें कि प्रदेश में करीब दस हजार सिपाहियों की बहाली होनी है। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में खिलाडिय़ों को सिपाही बनने का मौका प्राप्त होगा। मंत्रिमंडल ने बिहार पुलिस चालक संवर्ग नियमावली 2019 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है।

अन्य फैसलों की बात करें तो मंत्रिमंडल ने खान एवं भू-तत्व विभाग के एक प्रस्ताव पर विभाग में अलग-अलग श्रेणी के कुल 179 पद सृजन की मंजूरी दी है। नए सृजित पदों में अपर निदेशक का एक, उपनिदेशक के तीन, सहायक निदेशक के चार, खनिज विकास पदाधिकारी के 21, निरीक्षक के 66, सर्वेक्षक के तीन, प्रारूपक के दो, उच्च वर्गीय लिपिक के 23 और निम्नवर्गीय लिपिक के 56 पद शामिल हैं। एक अन्य फैसले के तहत मनेर के आर्सेनिक प्रभावित गांवों को पाइप से जलापूर्ति योजना के लिए 108 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। पूर्व में इसके लिए 75.54 करोड़ रुपये की योजना मंजूर किए गए थे, जिसमें अब संशोधन कर दिया गया है।

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