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बिहार में 10 दिनों में दोगुने हुए कोरोना के मामले, समीक्षा के लिए केंद्रीय टीम आज पहुंचेगी पटना

बिहार में कोरोना का दिशाहीन विस्फोट शुरू हो गया है तभी तो 10 दिनों में ही कोरोना संक्रमितों की संख्या दोगुनी हो गई है और यहां कोरोना की स्थिति प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। यहां किसी जिले में सिविल सर्जन तो किसी जिले में जिला अधिकारी भी कोरोना पॉजिटिव होते जा रहे हैं। प्रतिदिन कोरोना संक्रमितों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है।

बता दें कि 1 दिन कबल कोविड-19 के डेढ़ हजार से अधिक नए मामले आने के साथ संक्रमितों की संख्या  25 हजार के करीब पहुंच गई। जुलाई के 18 तारीख तक में ही संक्रमितों की संख्या में 2.5% की वृद्धि हो गई। मौत भी सेंचुरी लगाने जा रही है।

यह भी जानिए कि बिहार में मरीजों के ठीक होने की दर में भी अप्रत्याशित गिरावट आई है। 1 जुलाई को ठीक होने की दर 77.5% से घटकर आज की तारीख में 63.1% हो गई है।

इन सारे तथ्यों की जानकारियां प्राप्त होते ही केंद्र सरकार ने एक 3 सदस्यीय टीम द्वारा समीक्षा कराने की स्वीकृति दे दी है, जो आज किसी वक्त पटना पहुंचने ही वाली है। समीक्षा उपरांत टीम की अनुशंसा अनुसार केंद्र सरकार द्वारा बिहार सरकार को कोविड केयर कोच की संख्या में वृद्धि की जाएगी और रैपिड एंटीजन टेस्ट हेतु केंद्रों की संख्या तीन गुनी-चार गुनी बढ़ाने हेतु विशेष सहयोग मुहैया कराया जाएगा।

चलते-चलते यह भी कि दोनों सरकारें अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सतत प्रयत्नशील है ही, हम जनगण को भी घर में रहकर या बाहर निकलने पर मास्क लगाकर या अन्य सारे चिकित्सीय एवं प्रशासनिक निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का भरसक प्रयत्न करते रहना चाहिए।

 

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बिहार में अब कोरोना विस्फोट की व्यवस्था को संभालेंगे आईएएस एवं आईपीएस अधिकारी

नीतीश सरकार ने पटना, भागलपुर एवं खगड़िया जिले में कोरोना के रौद्र रूप को देखते हुए प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कहर से निपटने हेतु अस्पतालों की व्यवस्था अब प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों को सौंपने का निर्णय लिया है। सूबे की सरकार ने 4 आईएएस एवं 5 आईपीएस अधिकारियों की पोस्टिंग पटना, गया और भागलपुर में करने की स्वीकृति फिलहाल दी है।

बता दें कि कोरोना से जंग जीतने के लिए 19 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जहां पटना में तीन आईपीएस अधिकारी श्री हिमांशु, श्री अवधेश दीक्षित एवं श्री शुभम आर्य की नियुक्ति की गई है वहीं गया एवं भागलपुर में एक-एक आईपीएस क्रमशः श्री रोशन कुमार एवं श्री भरत सोनी नियुक्त किए गए हैं।

यह भी जानिए कि पटना समाहरणालय में चार आईएएस पदाधिकारी श्री नवीन कुमार, श्री सुमित कुमार, श्री विक्रम वीरकर एवं श्री दीपक कुमार मिश्रा को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त 10 वरीय उपसमाहर्ताओं को इसी कोरोना विस्फोट से जीतने के लिए 6 पटना में, 2-2 क्रमशः गया एवं भागलपुर में प्रतिनियुक्त किया गया है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 25000 तक पहुंचते देख पटना में आज से 25 केंद्रों पर रैपिड एंटीजन टेस्ट शुरू कर दिया गया है जिसकी स्थल सूची जारी कर दी गई है। इन केंद्रों पर जाकर आप कोरोना टेस्ट करा सकते हैं। कोरोना को लेकर घबराएं नहीं बल्कि जांच रिपोर्ट आने तक अपने घर में ही आइसोलेशन में रहें तथा इम्यूनिटी बढ़ाने का हरसंभव उपाय करते रहें ।

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सूबे बिहार में 15 प्रमुख स्टेशनों पर लगेंगे 300 कोविड केयर कोच

जहां पूरी दुनिया में कोरोना के लगभग 1.4 करोड़ मामले सामने आ चुके हैं और लगभग 6 लाख लोग मौत से होली खेलने वाले कोरोना महामारी से अपनी जान भी गंवा चुके हैं, वहीं भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 10 लाख के पार पहुंच चुका है। अब तो भारत में प्रत्येक दिन कोरोना संक्रमित के लगभग 35 हजार नए मामले आने लगे हैं। भारत में कोविड-19 से अब तक 25600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बिहार में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या 21 हजार के पार चली गई है।

बता दें कि इस तरह कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखकर भारतीय रेल द्वारा ट्रेनों की बोगियों को आइसोलेशन सेंटर के रूप में प्रयोग करने की तैयारी और अधिक तेज कर दी गई है। इस कोरोना महामारी की गंभीरता को देखते हुए पूर्व-मध्य रेलवे द्वारा 269 कोच को आइसोलेशन कोच के रूप में परिवर्तित किया जा चुका है। इन कोचों में रोशनी-पंखा-सैनिटाइजेशन एवं साफ-सफाई आदि की व्यवस्था रेल मंत्रालय द्वारा की जाएगी। मरीजों के लिए दवा, चिकित्सक, भोजन आदि सहित कचड़ों के संग्रहण….. राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वय से कोविड केयर कोच में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जाएगा।

यह भी जानिए कि राज्य सरकार की मांग पर भारतीय रेल द्वारा स्टेशनों पर कोविड केयर कोच आना शुरू हो गया है। जिसके अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर सहित चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मी के रहने की भी व्यवस्था की गई है। बिहार के इन 15 स्टेशनों पर राज्य सरकार की मांग के अनुसार कोच भेजा जा रहा है। वे स्टेशन हैं- पटना, सोनपुर, बरौनी, समस्तीपुर, सीवान, जयनगर, रक्सौल, नरकटियागंज, दरभंगा, सीतामढ़ी, भागलपुर, सहरसा, मुजफ्फरपुर, कटिहार और छपरा। इन स्टेशनों के लिए रेलवे द्वारा 300 कोविड केयर कोच भेजा जा रहा है।

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बिहार में कोरोना ने शुरू किया मौत का तांडव

बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सूबे बिहार में बीते 24 घंटे में 16 लोगों ने कोरोना के चलते मौत को गले लगाया जिसमें मगध डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर एके कर्ण एवं बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जनाब इरशादुल्लाह की बेगम इमराना जरीन सहित 16 कोरोना संक्रमित की मौत हो गई।

बता दें कि विगत 24 घंटे में 5 लोगों की मौत पटना में और मुंगेर एवं गया में 2-2 तथा भागलपुर, बेगूसराय, औरंगाबाद, नवादा व सारण जिले में 1-1 व्यक्ति की मौत के साथ सूबे बिहार में कोरोना संक्रमण से मौत को गले लगाने वालों की संख्या बढ़कर 159 तक पहुंच गई है।

यह भी जानिए कि बिहार प्रदेश में अब तक कोरोना संक्रमित के जितने मामले प्रकाश में आए हैं वह आंकड़ा 21 हजार के पार चला गया है। जबकि बिहार में 13 हजार  5 सौ 30 से अधिक संक्रमित कोरोना वायरस को मात देने में सफल रहे हैं। फिर भी कोरोना के तांडव ने मंत्री से लेकर संत्री और डॉक्टर से लेकर स्वास्थ्य कर्मी तक को अपनी चपेट में लेने में तनिक भी देर नहीं किया है। पटना में ही दो डॉक्टरों की जान कोरोना ने ले ली। संक्रमण के मामले में पटना के कोरोना टॉप पर रहने के कारण ही तो पूरे राज्य में 31 जुलाई तक लाॅकडाउन लगा दिया गया है। बावजूद इसके बिहार में कोरोना विस्फोट हो रहा है। पटना तो आजकल सूबे बिहार का सबसे बड़ा कौन बन गया है।

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कोरोना के तूफान में भी हिम्मतबाज का दीया जलता है

बिहार में कोरोना का कहर लगातार जारी है।  दो-दो डॉक्टरों की मौत के साथ 150 के आंकड़े पार करने वाले सूबे बिहार में मंत्रियों व आलाधिकारियों को अपनी चपेट में लेते हुए कोरोना मुख्यमंत्री निवास और राजभवन सरीखे प्रमुख स्थानों पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की हिम्मत दिखाता रहा है।

बता दें कि बिहार में कोरोना इन दिनों तूफान मचा रखा है। बिहार बीजेपी के 75 नेता एक ही दिन कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में रूलिंग पार्टी के नेताओं का संक्रमित होना चिंता का विषय तो है। इस खबर के बाद सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया है। परंतु भोजपुर के एसपी सुशील कुमार आईपीएस जब कोरोना संक्रमित हुए तो वे घबराएं नहीं… बिल्कुल साधारण लोगों की तरह पैनिक नहीं हुए बल्कि डॉक्टर से संपर्क कर अपने निवास पर ही होम आइसोलेशन में चले गए। कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद भी हिम्मत से लड़े। उनकी बेटी भी कोरोना पॉजिटिव हो गई तो उसे भी उन्होंने होम आइसोलेशन में ही रखा और कोरोना को मात दिया। वेे डॉक्टरों की सलाह से आवश्यक दवाइयां भी घर पर ही लेते रहे। ठीक होकर एसपी सुशील कुमार अपनी ड्यूटी पर पुनः कार्यरत हो गए हैं और कोरोना पीड़ित लोगों के लिए उदाहरण बन चुके हैं।

भोजपुर के लोकप्रिय एसपी सुशील कुमार लोगों से यही कहते हैं कि कोरोना से घबराना नहीं है। कोरोना पॉजिटिव होने पर हिम्मत बनाए रखें… सांस लेने में कठिनाई हो तभी अस्पताल में भर्ती होवें वरना होम आइसोलेशन में रहकर इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजों पर ध्यान देते रहिए, क्योंकि कोरोना वायरस की कोई दवा अभी नहीं बनी है।

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31 जुलाई तक बिहार में लाॅकडाउन का ऐलान किया नीतीश सरकार ने

जहां एक ओर गया और पीएमसीएच के डॉक्टर का कोरोना के कारण मौत हो गई हो और दूसरी ओर एडीएम, सीएम और राजभवन के सुरक्षाकर्मियों को कोरोना संक्रमित होने को विवश होना पड़े तो सूबे बिहार के मुखिया को सुरक्षा हेतु कड़े कदम उठाने के लिए अधिकारियों की एक हाई लेवल मीटिंग बुलानी पड़ी। आज उसी समीक्षात्मक बैठक में कोरोना संक्रमण की स्थिति का जायजा भी लिया गया।

बता दें कि सूबे बिहार के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी भी हुए कोरोना पॉजिटिव पाये गये जबकि दो मंत्री कोरोना की चपेट में पूर्व से ही थे। लगातार वर्चुअल बैठक होते रहने के कारण बिहार बीजेपी के कार्यालय में छोटे-बड़े 75 नेता जब कोरोना पॉजिटिव पाए गए तो बीजेपी को ही चुनावी शोक में डुबो दिया।

यह भी बता दें कि पटना में हर जगह कोरोना की दस्तक से भय का वातावरण कायम होता देख मीठापुर सब्जी मंडी को 3 दिनों के लिए बंद करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। राज्य के 38 जिलों से अब तक पाए गए नए कोरोना पॉजिटिवों की संख्या में 1116 की वृद्धि दर्ज की गई और इसके साथ ही राज्य में कोरोना पॉजिटिवों की संख्या 17421 पहुंच गई है। सोमवार यानि 13 जुलाई को पटना जिला में सबसे अधिक 228 कोरोना पॉजिटिव पाया गया।

इस तरह बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण पूरे बिहार में 16 जुलाई से 31 जुलाई तक लाॅकडाउन करने का फैसला नीतीश सरकार ने लिया है। ग्रामीण इलाकों को इस लाॅकडाउन में बाहर रखा गया है। बिहार में ट्रेन और प्लेन भी बाधित नहीं होगी।

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कोरोना के कारण बिहार-झारखंड के बीच 13 जुलाई से रेल-सेवा बंद रहेगी

हाल-फिलहाल कोरोना के मामले बिहार में बढ़ते हुए देख झारखंड सरकार ने बिहार से आने वाली ट्रेनों पर 13 जुलाई से रोक लगा दी है इसलिए कि झारखंड में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं।

बता दें कि कोरोना के बढ़ते संकट को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे द्वारा झारखंड सरकार के आग्रह पर इतना बड़ा फैसला लिया गया है। इस फैसले के तहत 13 जुलाई से बिहार और झारखंड दोनों राज्यों के बीच रेल-सेवा को यात्रियों के लिए रोक दिया गया है। भारतीय रेल द्वारा लिया गया यह फैसला अगले आदेश तक लागू रहेगा।

यह भी जान लें कि दानापुर-टाटा (अप एंड डाउन) ट्रेन का परिचालन अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है जबकि पटना-रांची (अप एंड डाउन) जनशताब्दी एक्सप्रेस का परिचालन अगले आदेश तक केवल पटना से गया तक ही होगा।

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दुनिया को बेहतर बनाने का सबसे अच्छा तरीका है लड़कियों की शिक्षा

दुनिया की आबादी पर नियंत्रण करने का सबसे बड़ा उपाय है लड़कियों को शिक्षित करना। दुनिया में जहां लड़कियां शिक्षित हैं वहां की आबादी बढ़ने पर स्वतः अंकुश लग जाता है। भारत में जो-जो राज्य महिला शिक्षा में अच्छा कर रहा है वहां बच्चों का जन्म दर कम है।

बता दें कि यदि प्रत्येक बच्ची दसवीं कक्षा तक भी पढ़ ले तो आगामी 2050 ईस्वी तक में दुनिया की आबादी 150 करोड़ तक कम हो जाएगी। विभिन्न इंस्टिट्यूशनों की रिपोर्ट के अनुसार लड़कियों की शिक्षा और पैदा किए जाने वाले बच्चों के जन्म दर के बीच गहरा संबंध है क्योंकि शिक्षा ही लड़कियों को परिवार नियोजन की समझ देती है। शिक्षा ही उन्हें बाल-विवाह एवं कच्ची उम्र में मां बनने से बचाती है।

यह भी जानिए कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वर्ल्ड पापुलेशन एंड ह्यूमन कैपिटल स्टडी के अनुसार यदि संसार की हर लड़की और प्रत्येक लड़के को दसवीं तक की नियमित शिक्षा मिले तो 2050 में दुनिया की आबादी 150 करोड़ तक कम हो सकती है।

चलते-चलते यह भी कि अफ्रीका में जहां महिला शिक्षा की सुविधाएं न्यूनतम है वहां की हर महिला औसतन 5.4 बच्चों को जन्म दे रही है वहीं जिन देशों में लड़कियों को दसवीं तक की शिक्षा मिल रही है वहां की हर महिला 2.7 बच्चों को जन्म दे रही है और कॉलेज तक की शिक्षा सुविधा युक्त प्रत्येक महिला औसतन 2.2 बच्चों को जन्म दे रही है। यही ट्रेंड भारत में भी है। केरल में प्रति हजार जन्म दर 13.9 है और तमिलनाडु में जन्म दर 14.7 है जो दोनों राज्य बच्चियों की पढ़ाई में आगे है।

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है कोई जिसे कोरोना ने नहीं छुआ

हिन्दू-मुस्लिम, सिख-इसाई, जैन-पारसी… आदि धरती पर किसी भी धर्म को मानने वाला बच्चा, बूढा, नौजवान या महिला ही क्यों न हो, सभी कोरोना के कहर और कोहराम से किसी ना किसी रूप में कमोबेश प्रभावित अवश्य हुआ है। धरती पर विरले ही कोई होगा जो किसी ना किसी रूप में प्रभावित ना हुआ हो।

जब संसार के सभी यातायात के साधन बंद कर दिए गए- ट्रेन से लेकर प्लेन तक और मोटर से लेकर मेट्रो तक- तो फिर बचा कौन होगा जो प्रभावित ना हुआ होगा कोरोना से। मेडिकल में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्रों की परीक्षा समाप्त हो गई। वे किर्गिस्तान के शहरों से घर वापसी की गुहार लगाते-लगाते थक चुके हैं, कोई उसके दर्द भरी आवाज को सुनने वाला नहीं।

कोरोना के चलते श्रद्धालु भक्तों को अपने इष्टदेव से मिलने नहीं दिया जाता। पटना व देवघर का शिव मंदिर तत्काल एक-एक महीना के लिए बंद कर दिया गया तो मधेपुरा जिला के सिंहेश्वर मंदिर में दो महीने के लिए ताला लगा दिया गया है। कोरोना ने ऐसा दहशत फैला दिया है कि जान-पहचान के करीबी लोगों को भी देख कर एक दूसरे को चाय पीने को नहीं कहता है। कुछ तो कोरोना सुनकर ही खुदकुशी कर लेता है जबकि रिपोर्ट आता है कि कोरोना नेगेटिव है। बच्चे माता-पिता से तथा भक्त भगवान से दूर होते जा रहे हैं तो बचा कौन जो कोरोना से अछूता है ?

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क्रांतिवीर शिवनंदन का जेल से जिम्मेदारियों का निर्वहन

इतिहास पुरुष क्रांतिवीर शिवनंदन प्रसाद मंडल : साधना और संघर्ष के बीएनएमयू संवाद के 8वें संवाद में इतिहासकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने राष्ट्रीय नायक का जेल से जिम्मेदारियों के निर्वहन से संबंधित विशेष जानकारियां दी। डॉ.मधेपुरी  ने केंद्रीय कारा हजारीबाग एवं अन्य कारागृह से क्रांतिवीर शिवनंदन द्वारा अपनी पत्नी व पुत्री के नाम लिखे गए 1941 ईस्वी के पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि वे जेल से व्यक्तिगत जिम्मेदारियों का ही नहीं बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का भी बखूबी निर्वहन करते रहे।

डॉ.मधेपुरी ने 5 मई 1941 को केंद्रीय कारा हजारीबाग से लिखे गए उनके पत्र को पढ़कर सुनाते हुए कहा कि पत्र में जहां बेटी के पढ़ने की चर्चा थी वहीं गांव में मिडिल स्कूल खुला है या नहीं और चरखा का काम जारी है या नहीं- की खबर भी मिलती रहनी चाहिए का जिक्र था। दूसरे पत्र में जहां एक ओर टोले में कौन-कौन चरखा चलाते हैं वहीं दूसरी ओर यह भी कि ओवरसियर के द्वारा भागलपुर से रेशम के कीड़े मंगा सकते हो जो कीड़े अंडी के पत्ते खाते हैं।

डॉ.मधेपुरी सरदार पटेल, उनकी पुत्री, महावीर त्यागी, सुशीला नैयर आदि को संदर्भित करते हुए कहा कि इस तरह से जेल के अंदर रहते हुए अपनी पारिवारिक और सामाजिक एवं राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का भली-भांति निर्वहन कोई शिवनंदन सरीखे क्रांतिवीर ही कर सकता है। यह वही महावीर है जिन्होंने अंग्रेजों को भगाने में अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का संपूर्ण वफादारी के साथ निर्वहन करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

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