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जागीर गांव के शहीद कैप्टन आशुतोष को सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई- डीएम

मद्रास रेजीमेंट के शहीद कैप्टन आशुतोष के पार्थिव शरीर को लेकर दानापुर कैंट से सेना के जवान जब बुधवार को सुबह में पैतृक गांव जागीर पहुंचे तो पिता रविंद्र भारती द्वारा दी जा रही मुखाग्नि एवं तिरंगे में लिपटे शहीद को देखने हेतु नर-नारियों की भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम विदाई देने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी एवं सेना के जवानों के साथ अंतिम यात्रा निकली। सबों ने भारत माता की जय एवं शहीद आशुतोष के सर्वोच्च बलिदान के जयकारे लगाए।

बता दें कि एसपी योगेंद्र प्रसाद, एमएलए प्रो.चंद्रशेखर, एमपी दिनेश चंद्र यादव आदि की उपस्थिति में संवेदनशील जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला (IAS) ने राज्य सरकार की ओर से 11 लाख रूपये का चेक तथा सेना की ओर से 15 लाख  रुपये का चेक शहीद कैप्टन आशुतोष के परिजन को हस्तगत कराया।

यह भी कि शहीद कैप्टन आशुतोष को अंतिम विदाई देने आर्मी के कर्नल सहित जवान भी उनके जागीर गांव पहुंचे थे। कर्नल के नेतृत्व में सेना के जवान द्वारा शहीद कैप्टन के सम्मान में 39 चक्र गोलियों की सलामी दी गई। पहले  बीएमपी बटालियन के जवानों द्वारा और बाद में सेना के जवानों ने एक साथ गोलियों का तीन चक्र चलाकर सलामी दी।

यह भी जानिए कि शहीद को मुखाग्नि दिए जाने के बाद काफी देर तक डीएम व एसपी दाह संस्कार स्थल पर मौजूद रहे। फिर शहीद के पिता रविंद्र भारती को भरोसा दिलाते हुए संवेदनशील डीएम शुक्ला ने कहा- “आपका इकलौता पुत्र देश के लिए शहीद हुआ है लेकिन दूसरा पुत्र मैं भी हूँ। आशुतोष की पूर्ति तो नहीं की जा सकती, परंतु आपको कोई परेशानी नहीं आने दिया जाएगा……।”

मौके पर सेना के कर्नल व मेजर सहित जिले के डीडीसी विनोद कुमार सिंह, एडीएम उपेंद्र कुमार, एसडीएम नीरज कुमार, एसडीपीओ अजय नारायण यादव सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। वे तरह-तरह से शहीद कैप्टन आशुतोष की मां गीता देवी एवं बहन प्रीति-अंशु सहित अन्य परिजनों को ढाढ़स बंधाते देखे गए।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जिला मुख्यालय में शहीद पार्क का निर्माण कराकर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने जिले के सभी शहीदों के नाम को पट्टिका पर दर्ज कराकर सम्मान देने का काम किया है। जिसमें शहीद के नाम के साथ-साथ उनके गांव का नाम एवं शहादत की तिथि अंकित है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि उसी शहीदी पट्टिका पर शहीद कैप्टन आशुतोष का नाम….. अंकित करा कर उन्हें सदैव सम्मान दिया जाएगा।

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इस बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे सातवीं बार

बिहार राज्य के मुख्यमंत्री पद पर इस बार सातवीं बार शपथ लेंगे नीतीश कुमार। वे बिहार के  37वें  मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रचने जा रहे हैं। कोरोना के दरमियान हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए द्वारा 243 में से 125 सीटों पर जीत दर्ज की गई और विपक्ष 110 सीट जीते। आगे मतगणना के समय इस कदर शुरू हुआ रुझान कि पहले छाई मायूसी…. फिर लौटी मुस्कान।

यह भी बता दें कि पहली बार नीतीश कुमार 2005 में मुख्यमंत्री बने और 2014 तक मुख्यमंत्री बने रहे उन्होंने 2005 से पूर्व भारत सरकार में कभी भूतल परिवहन मंत्री, कभी कृषि मंत्री तो कभी रेल मंत्री बनकर देश की सेवा की।

जानिए कि नीतीश कुमार ने भारतीय आम चुनाव, 2014 में अपनी पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर दलित वर्ग के जीतन राम मांझी को सीएम बनाने की पेशकश की। श्री माँझी लगभग 8 महीने मुख्यमंत्री रहे भी। आगे राजनीतिक संकट गहराने के चलते फरवरी 2015 में पुनः नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और नवंबर 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव जीतकर पुनः मुख्यमंत्री बने।

वर्तमान में  2020 के विधान सभा चुनाव में भी एनडीए ने नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया। एनडीए जीत का परचम तो लहराया सही लेकिन बहुमत के आंकड़े (122) से 3 सीट ही अधिक ला पाया।

यह  भी  जानिए कि एनडीए के एक सहयोगी की महत्वाकांक्षा के चलते नीतीश के जदयू में विधायकों की संख्या में अच्छी-खासी कमी आने के कारण वे द्वंद में फंसे थे। बावजूद इसके सुशील कुमार मोदी, नित्यानंद राय, भूपेन्द्र यादव, संजय जायसवाल आदि वरिष्ठ एनडीए नेतागण द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश के आवास पर जाकर उनके अंदर चल रहे द्वंद को दूर किया गया और गृह मंत्री एवं प्रधानमंत्री द्वारा चलभाष पर शुभकामनाओं के साथ-साथ आगे भी मुख्यमंत्री बने रहने की सहमति जताई गई। भला क्यों नहीं, बीजेपी नीतीश कुमार को ही पुनः मुख्यमंत्री पद देने के अपने फैसले पर पूरी तरह कायम है। महामहिम राज्यपाल फागू चौहान के निर्देशानुसार विधिवत तैयारियां की जा रही हैं। दीपावली और छठ के बीच बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार… सातवीं बार ।।

चलते-चलते, बकौल जदयू के नेता एवं  समाजसेवी शिक्षक प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी….  इस बार उन्होंने गुरुवत् शुभाशीष देते हुए अपने छात्र आलमनगर के विधायक व मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव को सातवीं बार विधायक बनने एवं मधेपुरा में एमएलसी ललन सर्राफ के घर ठहरे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के क्रम में सातवीं बार मुख्यमंत्री बनने की शुभकामना व्यक्त की थी। एक शिक्षक के शुभाशीष एवं उनकी शुभकामना को ईश्वर ने सुन ली….. इससे बड़ी और क्या बात होगी !

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अंततः आधी आबादी ने नीतीश सरकार के होम करते हाथों को जलने से बचा ही लिया

आज मतगणना के दिन सवेरे से देर शाम तक एनडीए एवं महागठबंधन के बीच 5-15 सीटों के फासले के साथ आंकड़े में उछल-कूद इस कदर जारी रही की मतगणना के दरमियान, टी-20 क्रिकेट से भी अधिक रोमांचक रहा परिणाम। सर्वाधिक लोग खाना-नहाना छोड़कर दिनभर टीवी से चिपके रहे। अंतत: बिहार की आधी आबादी ने नीतीश सरकार के होम करते हाथों को जलने से बचा ही लिया। एनडीए- 125, महागठबंधन- 110 एवं अन्य 8 सीटों पर सिमट गए। कितने समर्थक तो पॉकेट में झंडा एवं बैग में माला व मिठाई लिए मैच ओवर होने के बाद घर लौट गए।

बता दें कि जदयू वरिष्ठ नेता व समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने मौके पर कहा कि जब घर की सारी समस्याओं का निदान अंत तक घर मालिक भी नहीं कर पाता है तो किसी भी सरकार द्वारा इतनी बड़ी आबादी (जिसे उसका मुखिया परिवार मानता है) की सारी समस्याओं का निदान कर पाना क्या संभव है ! हर किसी को सरकार की नीति और नियत पर नजर रखनी चाहिए। यही कि जहां सीएम नीतीश ने लड़कियों के लिए साइकिल-पोशाक योजना चलाई, वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने माताओं-बहनों की परेशानियों को देखते हुए एलपीजी गैस देने की योजना बनाई…. आदि आदि।

जानिए कि मधेपुरा जिले में बराबरी पर रहा एनडीए और महागठबंधन। जहां जदयू के लोकप्रिय मंत्री नरेंद्र नारायण यादव ने आलमनगर से सातवीं पारी की शुरुआत की तथा राजद के पूर्व मंत्री प्रो.चंद्रशेखर ने मधेपुरा से हैट्रिक लगाई वहीं जदयू के निरंजन मेहता ने बिहारीगंज से दूसरी पारी तो राजद के  चंद्रहास  चौपाल  ने सिंहेश्वर  से पहली पारी का श्रीगणेश किया है। फिर भी बिहार विधानसभा चुनाव के इस काँटे की लड़ाई में एनडीए का पलड़ा…. अंततः रहा भारी। दिनभर होता रहा उतार-चढ़ाव। प्रातः 9:00 बजे से शुरू हुआ रुझान और पहले छाई मायूसी फिर लौटी मुस्कान। रात के 10:00 बजे तक बदलते रहे आंकड़े, टीवी के सामने बैठे-बैठे बढ़ती रही शरीर की अकड़न और प्रबल समर्थकों के दिलों की धड़कन….।

 

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देश के लिए शहीद हुए मधेपुरा के सपूत कैप्टन आशुतोष

कौन जानता था कि मधेपुरा जिले के  घैलाढ़ प्रखंड के  भतरंधा-परमानपुर, वार्ड नंबर- 17 (जागीर गांव) के रविंद्र यादव (अनुसेवक, घैलाढ़ पशु चिकित्सालय) का पुत्र कैप्टन आशुतोष शनिवार (8 नवंबर) की शाम 7:00 बजे अपने घर पापा-मम्मी से बात कर यही कहेगा कि दीपावली-छठ की छुट्टी पर घर आऊंगा और ठीक चंद घंटों बाद यानि आधी रात के बाद जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तानी आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने के दौरान हुई गोलीबारियों में जिले का वह सपूत कैप्टन आशुतोष शहीद हो जाएगा और तिरंगे में लिपटकर दिपावाली से पहले ही अपने माता-पिता सहित परिजनों के बीच आ जाएगा !

जानिए कि इस मुठभेड़ के दौरान भारत का बेशकीमती लाल 24 वर्षीय कैप्टन आशुतोष कुमार ने तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। आशुतोष के शहीद होने की सूचना आधिकारिक तौर पर रविवार को शाम 6:30 बजे उनके पिता को दी गई। जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव की सारी महिलाएं कैप्टन आशुतोष के माता-पिता और दो बहनों खुशबू व अंशु को ढाढ़स देने चल पड़ी और पास-पड़ोस की कुछ महिलाएं तो शहीद के परिजनों को संभालने हेतु दौड़ पड़ी, क्योंकि कैप्टन आशुतोष अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र जो था। अभी उसकी शादी भी नहीं हुई थी।

बता दें कि शहीद कैप्टन आशुतोष ने सैनिक स्कूल भुवनेश्वर (उड़ीसा) से पढ़ाई पूरी की और उसके बाद एनडीए परीक्षा उत्तीर्ण होकर इंडियन मिलिट्री एकेडमी से 2018 में लेफ्टिनेंट बटालियन-18 मद्रास में भर्ती हुए थे। 3 वर्षो के अंदर ही इन तीन आतंकवादियों को ढेर कर शहीद कैप्टन आशुतोष ने तो अपनी मां के दूध की लाज और भारत माता की इज्जत को सिर आंखों पर रखा ही, साथ ही तिरंगे की शान को भी शानदार व जानदार बनाए रखा।

चलते-चलते यह भी कि जिले के निवर्तमान डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा 2018 में उद्घाटित ‘शहीद पार्क’ में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने जिले के सभी शहीदों को सदा के लिए सम्मानित किया है, जिसमें घैलाढ़ प्रखंड के ही फुलकाहा निवासी शहीद  प्रमोद कुमार का भी नाम अंकित है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि बच्चों को सदैव प्रेरित करते रहने के लिए कैप्टन शहीद आशुतोष कुमार का नाम भी “शहीदी पट्टीका” में अंकित कराया जाएगा।

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मधेपुरा जिले के चारो विधानसभा सीटों के रिजल्ट चौंकाने वाले होंगे

मधेपुरा जिले के बहुत से लोग दूर-दराज रहते हैं तथा वे बाहर काम कर रहे हैं। सेना में या अन्यत्र कहीं विदेशों में भी काम कर रहे हैं। उनमें से अनेक मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट से भी मतदान किया है। परंतु, उनके मन में ये बातें तो कभी ना कभी जरूर गूंज उठती होगी कि जिले के चारो विधानसभा क्षेत्रों में कौन-कौन पूर्व विधायक प्रत्याशी हैं और कौन किस अंदरूनी खटास के कारण चुनावी माहौल में पीछे हो रहे हैं या आगे बढ़त बना लिए हैं। सेना में कार्यरत सैनिकों को लग रहा होगा कि हमारे जिले के यूथ की भूमिका इस चुनाव में क्या रही है… बदलाव की बयार का लाभ किसे मिल रहा है… आदि-आदि।

बता दें कि इस जिले में मधेपुरा, सिंहेश्वर, बिहारीगंज और आलमनगर 4 विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां औसत मतदान 55.56%  हुआ है और सभी क्षेत्र मिलाकर कुल मतदाता 12 लाख 94 हजार 647 है। मधेपुरा में जदयू से पार्टी प्रवक्ता, पूर्व विधायक-पुत्र व मुख्यमंत्री-पौत्र निखिल मंडल है। राजद से प्रो.चंद्रशेखर जो दो बार से लगातार विधायक व मंत्री रहे हैं और बदलाव की बयार के सशक्त दावेदार भी हैं। इनकी दावेदारी में जाप सुप्रीमो पप्पू यादव एवं लोजपा उम्मीदवार साकार यादव अवरोधक बने बताए जाते हैं। मतगणना ही जदयू या राजद कार्यकर्ताओं को दिवाली में दीप जलाकर उत्सव मनाने की घोषणा करेगा। रही बात सिंहेश्वर विधानसभा क्षेत्र की जहां जदयू से डॉ. रमेश ऋषिदेव मंत्री को टक्कर दे रहे हैं राजद के चंद्रहास चौपाल।

यह भी जानिए कि जहां बिहारीगंज से जदयू विधायक निरंजन मेहता को कड़ी टक्कर दे रही हैं कांग्रेस प्रत्याशी सुभाषिनी बुंदेला। श्रीमती बुंदेला के बदलाव की दावेदारी में लोजपा के विजय कुशवाहा और जाप से इंजीनियर प्रभाष चंद्र अवरोध बने बताए जाते हैं, वहीं आलमनगर से लगातार विधायक व विभिन्न विभागों के मंत्री रहे एवं क्षेत्र के अजातशत्रु कहे जाने वाले नरेंद्र नारायण यादव को आरजेडी उम्मीदवार नवीन निषाद से टक्कर है। जाप से खड़े सर्वेश्वर सिंह के चलते जीत का माला किस गले की शोभा बढ़ाएगा यह मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा, परंतु जिले के सभी वर्गों के बड़े-बुजुर्ग मंत्री जी की जनसेवा की चर्चा करते नहीं अघाते हैं। कुल  मिलाकर जिले के चारो सीटों का रिजल्ट चौकाने वाला होगा, थोड़ा इंतजार और …..!!

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बिहार में लोकतंत्र के महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी आज बचे हुए 78 सीटों पर मतदान के साथ

देश और प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए मतदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है। जानिए कि आज शनिवार 7 नवंबर को 15 जिलों के 74 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव सवेरे 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक और चार क्षेत्रों में 7:00 बजे सवेरे से 4:00 बजे शाम तक होंगे।

बता दें कि कोसी और सीमांचल के 7 जिलों के 37 सीटों पर आज अंतिम चरण के मतदान हो रहे हैं और 8 जिलों के 41 सीटों के अलावा बाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र उपचुनाव के लिए भी आज वोटिंग हो रही है।

इस तीसरे यानि अंतिम चरण के चुनाव में मधेपुरा के डीएम, एसपी ने सुरक्षा की चुस्त-दुरुस्त एवं कड़ी व्यवस्था की है। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों को 31 जोन, 4 सुपर जोन एवं 145 सेक्टर में बांटा गया है। आज 12 लाख 94 हजार 647 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिसमें पुरुष वोटर 6 लाख  72 हजार  436, महिला वोटर 6 लाख 20 हजार 953 और थर्ड जेंडर 39 हैं। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 11 हजार 686 है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष दस्तों की निगरानी है।

जिलाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारी नवदीप शुक्ला IAS ने कंट्रोल रूम के नंबरों के अलावा अन्य हेल्पलाइन नंबरों  के साथ-साथ सभी प्रेक्षकों व पर्यवेक्षकों के नंबर भी सार्वजनिक करवा दिया है ताकि मतदान के दरमियान किसी प्रकार की गड़बड़ी ना हो। 8 महिला बूथों पर सिर्फ महिला मतदानकर्मी एवं महिला पुलिस रहेंगी। अन्य बूथों पर नागा पुलिस, बिहार पुलिस सहित बीएसएफ के जवान भी लगाए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदाता पहचान पत्र के अतिरिक्त 10 वैकल्पिक दस्तावेज भी सार्वजनिक रूप से बता दिए गए हैं। दिव्यांगों के लिए रैंप की विशेष व्यवस्था भी की गई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि हर बूथ पर स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। मतदाताओं के थर्मल स्क्रीनिंग के लिए व्यवस्था है। कुल 13 लाख ग्लब्स भी मंगाए गए हैं। बूथ पर सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सर्वाधिक मतदान कराने हेतु जिला प्रशासन ने पूरी ताकत लगा रखी है। सदर अस्पताल को हाई अलर्ट मोड पर रखने हेतु सिविल सर्जन डॉ. एससी श्रीवास्तव ने दिशा निर्देश जारी कर दिया है।

अंत में समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मतदाताओं को जागरूक करते हुए यही कहा कि अपना मूल्यवान वोट अवश्य डालें… चूक गए तो फिर 5 साल बाद ही मिलेगा मौका। खुला रहेगा ईवीएम….. 6:00 बजे तक शाम…. चलिये, बढ़िये व कीजिये अपना-अपना मतदान।

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होम करने वालों के हाथ ना जलाएं बिहार की माताएं व बहनें- डॉ.मधेपुरी

जानिए कि बिहार के मतदाताओं के नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिट्ठी आई है कि विकास के लिए नीतीश सरकार जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास में कमी ना आए, विकास की योजनाएं कहीं अटके नहीं, कहीं भटके नहीं- इसलिए नीतीश सरकार की सख्त जरूरत है। सभी जानते हैं कि जिस प्रधानमंत्री ने कश्मीर में 70 वर्ष बाद धारा 370 हटाने की हिम्मत की, जिसने पाक की सरहद में घुसकर आतंकियों को मौत की नींद सुलाया, जिसने चीन को जवाब में यही कहा कि भारत एटम बम दीपावली में पटाखा छोड़ने के लिए नहीं बनाया है और जिसने सभी समुदायों की माताएं व बहनों को एलपीजी गैस सिलेंडर मुहैया कराया है, उन्होंने ही यह पत्र आपको लिखा है। यह पत्र उस नीतीश सरकार के बारे में है जिन्होंने महिलाओं को 50% सीटें पंचायतीराज व नगरनिकायों में तथा 35% सीटें सरकारी नौकरियों में आरक्षित कर समाज को मजबूती प्रदान किया है।

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का रण सज गया है और चुनाव प्रचार भी थम गया है। कल 7 नवंबर को 7:00 बजे प्रातः से 6:00 बजे संध्या तक सभी दलों के प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी। इस अंतिम चरण में विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी एवं एक दर्जन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। जिसमें बिहार को 24 घंटे बिजली देने वाले व बिहार सरकार की रीढ़ माने जाने वाले मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, नरेंद्र नारायण यादव एवं डॉ.रमेश ऋषिदेव सरीखे जदयू के आठ वरिष्ठ मंत्री एवं भाजपा के चार मंत्रीगण शामिल हैं।

जानिए कि प्रथम चरण में 71 सीटों के लिए 55.69% वोट पड़े थे, दूसरे चरण में 94 सीटों के लिए 55.70% वोट हुए, जिसमें बिहार की माता व बहनों ने पुरुष मतदाताओं को पछाड़ते हुए 6% अधिक मतदान किया। ये माताएं व बहनें मोदी-नीतीश सरकार के होम करने वाले हाथों को थामने का काम किया है।

यह भी जानिए कि जदयू के वरिष्ठ नेता व नीतीश कुमार के प्रबल समर्थक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने तीसरे चरण के शेष 78 सीटों के मतदान के लिए बिहार की  माताओं व बहनों से विशेष रूप से अनुरोध किया है कि होम करने वाले नीतीश-मोदी के हाथों को किसी तरह की असावधानी व चूक  करके ना जलाएं बल्कि इस तीसरे चरण में वे पुरुष मतदाता से 10% अधिक मतदान करके नीतीश सरकार बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं ताकि आगे आने वाले विधानसभा व लोकसभा चुनाव में महिलाओं को 35% सीटें आरक्षित करने हेतु सीएम नीतीश कुमार आपकी वकालत पूरी ताकत के साथ कर सके।

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विद्यापति ने कृष्ण के कामी स्वरुप को चित्रित करने का दुस्साहस किया है- डॉ.मधेपुरी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष व वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने महाकवि विद्यापति जयंती के अवसर पर विषय प्रवेश करते हुए कहा कि महाकवि विद्यापति भारतीय साहित्य की भक्ति परंपरा के प्रमुख स्तंभों में से एक एवं मैथिली भाषा के सर्वोपरि कवि के रूप में जाने जाते हैं। श्री शलभ ने कहा कि विद्यापति की रचनाएं संस्कृत, अवहट्ट एवं मैथिली तीनों में मिलती हैं। इन्हें वैष्णव एवं शैव भक्ति के सेतु के रूप में भी स्वीकारा गया है। साथ ही मिथिला के लोगों को ‘देसिल बयना सब जन मिट्ठा’ का सूत्र देकर विद्यापति ने उत्तरी बिहार में लोक भाषा की जनचेतना को जीवित करने का प्रयास किया है।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सम्मेलन के संरक्षक साहित्यकार व पूर्व सांसद रर्मेंद्र कुमार यादव रवि ने कहा कि महाकवि अनेक भाषाओं के प्रकांड पंडित थे। कर्मकांड हो या धर्म, दर्शन हो या न्याय, सौंदर्यशास्त्र हो या भक्ति रचना, विरह व्यथा हो या अभिसार, राजा का कृतित्व गान हो या सामान्य जनता के लिए गया में पिंडदान- सभी क्षेत्रों में विद्यापति अपनी कालजई रचनाओं की बदौलत जाने जाते हैं। प्रो.मणि भूषण वर्मा ने कहा कि विद्यापति के श्रृंगारी कवि होने के कारण बिल्कुल स्पष्ट है कि वे राज्याश्रित कवि थे तथा उनके प्रत्येक पद पर राज्याश्रित कवि की छाप दिखाई देती है।

सम्मेलन के सचिव व साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने ऑनलाइन विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 14वीं शताब्दी में ग्राम- बिस्पी, मधुबनी (बिहार) में जन्मे महाकवि विद्यापति ने संस्कृत अवहट्ट और मैथिली तीन भाषाओं में रचनाएं की। विद्यापति की कालजई रचनाएं हैं- कीर्ति लता, कीर्ति पताका, पदावली, लिखनावली आदि। पदावली में विद्यापति ने कृष्ण के जिस कामी स्वरूप को चित्रित किया है वैसा चित्रण करने का दुस्साहस कदाचित कोई भक्त कवि नहीं कर सकता। अंत में कवि डाॅ.अरविंद श्रीवास्तव ने ऑनलाइन धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि विद्यापति हिन्दी साहित्याकाश में आदिकाल के शलाका पुरुष रहे हैं।

 

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जिले के सभी बूथों पर स्वास्थ्यकर्मी रहेंगे तैनात- डीएम

बिहार विधानसभा आम चुनाव के निमित्त जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (भाप्रसे) ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी निर्वाची पदाधिकारी, सभी कोषांग के नोडल पदाधिकारी व चिकित्सा पदाधिकारी एवं वरीय पदाधिकारी समेत सभी बीडीओ के संग बैठक की। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम शुक्ला ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमित होने की हर आशंका को खत्म करने के लिए जिला प्रशासन हर दिन नया प्रयास कर रहा है।

बता दें कि बूथों पर कार्यरत मतदान अधिकारियों, कर्मियों एवं मतदाताओं द्वारा इस्तेमाल किए गए हैंड ग्लव्स आदि द्वारा कोरोना संक्रमण फैलने की समस्या को देखते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी शुक्ला के निर्देशानुसार सभी मतदान केंद्रों पर “डस्टबिन” रखे जाएंगे। साथ ही इन डस्टबिनों के भर जाने पर बीच-बीच में खाली करने के लिए प्रत्येक बूथ पर एक-एक स्वास्थ्यकर्मी भी नियुक्त किए गए हैं।

यह भी जानिए कि बिहार विधानसभा आम निर्वाचन को लेकर वाहन कोषांग के नोडल पदाधिकारी ने बताया- पीसीसीपी के लिए कुल 528 एवं पोलिंग पार्टी के लिए कुल 950 वाहनों की आवश्यकता है जिसे ससमय उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के चुनाव भ्रमण के लिए एक सौ छोटी वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है जिन्हें, ससमय उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू है।

अंत में यह भी कि 10 नवंबर को टीपी कॉलेज में होने वाले मतगणना कार्य के लिए लगाए जाने वाले मतगणना सहायक, मतगणना पर्यवेक्षक एवं माइक्रो  प्रेक्षकों की प्रथम प्रशिक्षण भी स्थानीय केशव कन्या उच्च विद्यालय में 3 नवंबर (मंगलवार) को संपन्न कराई जा चुकी। इस तरह  चुनाव के दरमियान हर छोटी-बड़ी चीजों पर ध्यान देकर प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन के प्रति संवेदनशील-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

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बिहार विधानसभा के दूसरे चरण का महामुकाबला आज हुआ संपन्न

बिहार के दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीटों पर आज मिला-जुलाकर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ। सभी बूथों पर अर्धसैनिक बल तैनात होने के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। आज इन 94 सीटों पर चुनावी महामुकाबला के बीच कुल 1463 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया।

बता दें कि आज के इस दूसरे चरण में कुल 2 करोड़ 86 लाख 11 हजार 164 मतदाताओं में औसत मतदान 54.05% हुए। कई केंद्रों पर ईवीएम मशीन खराब निकले और देर तक मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा, वहीं कुछ बूथों पर मतदाता गए ही नहीं, जहां प्रशासन इंतजार करता रह गया। कई बूथों पर हंगामा हुआ लेकिन दुर्घटना नहीं हुई।

यह भी जानिए कि शहरी क्षेत्रों में प्रशासन एवं आयोग द्वारा इतनी सुविधाएं दी जाने के बाद भी मतदान प्रतिशत कम होना कोई चौंकाने वाला रिजल्ट दे सकता है। 8 निर्वाचन क्षेत्रों में सवेरे 7:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान हुआ जबकि शेष सभी क्षेत्रों में 6:00 बजे शाम तक।

चलते-चलते यह भी जानिए कि इस दूसरे चरण के चुनाव में 513 निर्दलीय भी ताल ठोक रहे हैं। इस चरण में कुल प्रत्याशियों में 10% महिलाएं यानि 146 महिलाएं मैदान में हैं। दीघा विधानसभा क्षेत्र में आधा दर्जन महिलाएं ताल ठोक रही हैं जबकि अन्य 30 क्षेत्रों में 1 से अधिक महिला उम्मीदवार अपने लिए वोट मांगती हुई देखी गई हैं। आज के मतदान में 3548 बूथों से लाइव वेबकास्टिंग भी की जाती रही।

 

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