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सदा याद रहेगा 13 दिसंबर जिस दिन आतंकियों ने सेशन में रहते हुए पार्लियामेंट को किया था घायल

तारीख 13 दिसंबर 2001 और समय दिन के 11:28 हो रहे थे। स्थल था भारत का संसद भवन परिसर। पार्लियामेंट सेशन में था। पक्ष-विपक्ष के बीच हंगामे को लेकर दोनों सदनों की कार्यवाही 40 मिनट के लिए स्थगित की जा चुकी थी। इसी दरमियान कायराना हमले के तहत पाकिस्तानी पांच आतंकियों द्वारा संसद भवन के मुख्य द्वार पर गोलियों की तड़तड़ाहट ने सिर्फ संसद के अंदर फंसे सांसदों को ही नहीं बल्कि पूरे देश को ही झकझोर कर रख दिया था। लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर पर आतंकियों ने अचानक आत्मघाती हमला कर दिया था।

19 साल पहले 45 मिनट तक चले इस हमले में आठ सुरक्षाकर्मियों एवं एक माली की जान चली गई थी। परंतु, भारत माता के इन वीर जवानों ने अपनी जान को मुट्ठी में लेकर पहले सदन के सभी दरवाजों को बंद कर देश के रहनुमाओं की जान बचाई और फिर सभी अंतिम सांस तक लड़ते हुए एक-एक कर सभी पांच आतंकियों को मार गिराया था।

बता दें कि जिन शहीद सुरक्षाकर्मियों ने हमारी संसद की रक्षा करते हुए अपनी जान गवांई उनके बलिदान एवं बहादुरी को याद करते हुए देश के महामहिम राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री….. आदि कहते हैं कि यह देश उन वीर सपूतों का हमेशा  कर्जदार रहेगा तथा हम हमेशा उनके आभारी रहेंगे।

चलते-चलते यह भी जानिए कि मधेपुरा के संवेदनशील साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा भारत के महामहिम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से यह अनुरोध किया जा रहा है कि जिस तरह से बिहार की राजधानी पटना में विधानसभा भवन के सामने 7 शहीदों की स्मृति में सप्तमूर्ति बनाई गई है, वैसी ही मूर्तियां संसद भवन के सामने इन शहीदों की भी बनाई जाए ताकि समस्त देश उनके बलिदान एवं बहादुरी से सदैव प्रेरित होता रहे। बच्चे और बड़े सभी उन मूर्तियों के साथ फोटो लेकर गौरवान्वित होता रहे।

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साठोत्तरी हिन्दी कविता और राजकमल चौधरी पर परिचर्चा

कौशकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के बैनर तले मैथिली, हिन्दी व बांग्ला भाषा में एक सशक्त हस्ताक्षर राजकमल चौधरी की 100वीं जयंती वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा आज मनाई गई। विषय प्रवेश करते हुए सम्मेलन के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने कहा कि मधेपुरा जिला के रामपुर (मुरलीगंज) बस्ती में 100 साल पूर्व उन्होंने पिता मधुसूदन चौधरी के घर जन्म ग्रहण किया था। वे साठोत्तरी हिन्दी कविता के पुरोधा माने जाते हैं, जिसे हिन्दी साहित्य में एक आंदोलन के रूप में चिन्हित किया गया है। श्रीशलभ ने कहा कि राजकमल का नाम लेते ही अश्लीलता, नग्नता और विद्रूपता के धरातल पर अपाठ्य कवि दिखते हैं, लेकिन वास्तविकता यह नहीं है। आलोचना करने वाले खुले शब्दों में सेक्स की चर्चा करने से बिदते हैं। उनकी कविताओं में केवल देह की राजनीति नहीं है।

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.आरके यादव रवि ने कहा कि समकालीन लेखकों में राजकमल को काफी लोकप्रियता मिली क्योंकि वे ‘भूखी’ और ‘बीट’ पीढ़ी का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। डॉ.रवि ने यह भी कहा कि राजकमल की कविताओं में राजनीतिक चेतना का विद्रोही स्वरूप भी देखने को मिलता है।

सम्मेलन के सचिव डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने ऑनलाइन परिचर्चा में यही कहा कि राजकमल चौधरी के संपूर्ण रचना-संसार में तत्कालीन समाज की तमाम बदसूरती एवं विकृति का वास्तविक चित्रण तो हुआ ही है, साथ ही भयावह यथार्थ का क्रूरतम चेहरा भी सामने आया है… जो आज तक के समाज में बना हुआ है। हर तरफ लोग अर्थ-तंत्र और देह-तंत्र की कुटिल वृत्ति में व्यस्त दिखते हैं। तभी तो राजकमल साहित्य आजकल एमेजॉन पर लोगों द्वारा खूब पढ़ी जा रही है।

परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए प्रो.मणि भूषण वर्मा ने उनके- आदिकथा, कंकावती, मुक्ति प्रसंग, देहगाथा, मछली मरी हुई आदि साहित्यिक कृतियों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि 1960 के बाद नवलेखन वाली पीढ़ी के द्वारा रचित ऐसी साहित्य है जिनमें विद्रोह एवं अराजकता का स्वर प्रधान रहा है। हालांकि इसके साथ-साथ सहजता व जनवादी चेतना की समानांतर धारा भी साहित्य-क्षेत्र में प्रवहमान रही है जो बाद में प्रधान हो गई। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कवि अरविंद श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को यादगार बताया एवं राजकमल की रचनात्मकता को नमन किया।

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सफल डॉक्टर तन के साथ मन का भी इलाज करता है बोले मधेेपुरी

आज दिन के 1:00 बजे मधेपुरा-सहरसा रोड पर स्थित एमएलडीपी पेट्रोल पंप से सटे होम्योपैथी के प्रतिभावान चिकित्सक डॉ.नारायण प्रसाद यादव के होम्योपैथिक क्लीनिक का उद्घाटन समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने फीता काटकर किया।

इस अवसर पर भारत रत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के अत्यंत करीबी रहे डॉ.मधेपुरी ने डॉक्टर कलाम को संदर्भित करते हुए चिकित्सक से यही कहा कि डॉ.कलाम अपने सिरहाने में गीता और कुरान के अलावा एक और किताब रखते थे। नोबेल पुरस्कार प्राप्त लेखक डाॅ.ए.केराॅल की पुस्तक ‘मैन द अननोन’। इस पुस्तक में डॉ.केराॅल ने मरीज के तन के साथ-साथ मन का इलाज भी करने को कहा है। बकौल डॉ.कलाम सभी चिकित्सक एवं मेडिकल के छात्र-छात्राओं को भी अपने करीब रखना चाहिए ‘मैन द अननोन’।

मौके पर पूर्व प्राचार्य प्रो. सच्चिदानंद यादव, कोसी प्रमंडल के संयुक्त सचिव परमेश्वरी प्रसाद यादव, पूर्व जिला परिषद सदस्य सह व्याख्याता  प्रो.गीता यादव, डॉ.मीनू प्रसाद तथा डॉ.नारायण यादव समेत अन्य लोग भी मौजूद थे। डॉ.नारायण ने कहा कि होम्योपैथ में किसी भी रोग का निदान किया जा सकता है। कोरोना काल में कई रोगियों ने इस पंथ से उपचार पाकर जिंदगी पाई है।

 

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सीएम नीतीश ने जमीन विवाद के निपटारे को लेकर डीएम से लेकर थानाध्यक्ष तक को दिया टास्क

सूबे के सभी वर्गों के परिवारों की भूमि समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहे हैं मुख्यमंत्री नीतीश। विगत वर्षों में मात्र ₹100 में पारिवारिक भूमि के आपसी बंटवारे का रजिस्ट्रेशन भूमि-विवाद को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। वर्तमान नीतीश सरकार ने पुनः महसूसा है कि 60% से ज्यादा क्राइम भूमि-विवाद के कारण होता है। यूं तो 2005 से ही शुरू किए गए जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने प्रदेशवासियों की ज्यादातर समस्याएं जमीन विवाद से जुड़ी देख कर उन्हें तब से आज तक हर तरह से निपटाने में लगे हुए हैं।

जानिए कि सीएम नीतीश ने यही कहा है कि भूमि विवाद को कम करना ही हमारी सरकार का उद्देश्य है। सीएम ऐसे उपाय की तलाश में हैं कि जमीन के स्वामित्व में कोई गड़बड़ी नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि समाज में शांति रहने से ही विकास का लाभ लोगों को मिल पाएगा। भूमि से संबंधित समस्याओं के समाधान से समाज में काफी शांति स्थापित होगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने राज्य में जमीन संबंधी आपसी विवाद के निपटारे को प्राथमिकता देते हुए निर्देश जारी किया है- महीने में एक बार डीएम-एसपी, पखवाड़े में एक बार एसडीएम-एसडीपीओ तथा सप्ताह में 1 दिन सीओ-थानेदार निश्चित रूप से जनता की समस्याओं को निपटाने हेतु बैठक करें तथा जो गड़बड़ी करे उसपर कठोर कानूनी कार्रवाई करें।

चलते-चलते यह भी कि सीएम ने यह भी निर्देश दिया है कि जमीन के  वास्तविक कागजात अंचल कार्यालय में ही रखे जाएं, उनकी स्कैनिंग भी कराई जाय ताकि रिकॉर्ड पूरी तरह से सुरक्षित रहे तथा सीओ का आपदा के आवश्यक कार्यों को छोड़कर विभागीय कार्यो में ही सर्वाधिक उपयोग किया जाय। साथ ही लोक शिकायत निवारण कानून के अंतर्गत जमीन से संबंधित पेंडिंग पड़े कार्यो का तेजी से निपटारा करें। आलाधिकारी राजस्व विभाग से जुड़े सभी कर्मचारियों की बेहतर मॉनिटरिंग करें तथा भूमि संबंधी जन समस्याओं को दूर करने में लगें।

अंत में जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (भाप्रसे) की टीम के आलाधिकारियों एडीएम उपेंद्र कुमार एवं एसडीएम नीरज कुमार आदि द्वारा अंचल कार्यालय को इमरजेंसी मॉनिटरिंग शुरू करने को लेकर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हृदय से साधुवाद दिया है। उनके प्रयास की भी भरपूर सराहना की है।

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चीन से फैले वैश्विक महामारी कोरोना के खात्मे की ब्रिटेन से हुई शुरुआत

दुनिया में कोरोना के खात्मे को लेकर पहला टीका 91 वर्ष की होने जा रही मार्गरेट कीनन को ब्रिटेन में मंगलवार को दिया गया। मारग्रेट कीनन को फाइजर-बायोएनटेक के टीके का यह पहला डोज था। कीनन यह टीका लगवाने वाली दुनिया की पहला व्यक्ति बन गई है। अब ब्रिटेन में कुछ ही दिनों में 8 लाख लोगों को यह वैक्सीन दी जाएगी।

यह भी बता दें कि पहला टीका मारग्रेट कीनन को दिए जाने के बाद कीनन ने कहा- ‘यह मेरे जन्मदिन से कुछ दिन पहले मिला बेहतरीन तोहफा है। अब मैं क्रिसमस और नए साल पर परिवार के साथ जश्नों में शामिल हो सकूंगी।’

जानिए कि ब्रिटेन सामूहिक टीके लगाने वाला विश्व का पहला देश बन गया है। प्रत्येक व्यक्ति को फाइजर के टीके का सिर्फ 0.3 एमएल वैक्सीन दी जा रही है। एक शीशी में 1.5 एमएल दवा होती है जो पांच लोगों को दी जाती है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि भारत में भी अगले 10 दिनों में वैक्सीन की मंजूरी मिल जाएगी। तीनों वैक्सीन कंपनियों के आवेदनों पर विषय विशेषज्ञ समिति बुधवार को विचार करेगी। सब ठीक रहा तो 20 दिसंबर तक भारत के पास तीन वैक्सीन के विकल्प होंगे। कुछ महीनों के बाद लोग राहत की सांस लेना शुरू करेंगे…… ऐसा आभास होने लगा है।

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केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ किसान संगठनों का आज भारत बंद

संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों ने 12 दिनों से मोर्चा खोल रखा है। लगातार 12वें दिन तक आंदोलन पर डटे किसान नेताओं ने सोमवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यही कहा- मंगलवार (8 दिसंबर) को पूरा दिन पूरी तरह से शांतिपूर्ण बंद रहेगा। फिर भी केंद्र सरकार द्वारा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने हेतु एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें कोरोना से बचाव को लेकर जो गाइडलाइन पहले जारी की गई है उसके पालन को लेकर भी मुस्तैद रहने को कहा गया है।

बता दें कि दिल्ली को चारों तरफ से किसानों ने घेर लिया है। दिल्ली को जोड़ने वाली एनएच पर बॉर्डर से 20 किलोमीटर मुरथल तक ट्रैक्टर-ट्रॉली की कतारें हैं। जहां कोरोना, कोहरा व ठंड के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा है वहीं खुले आसमान के नीचे इस ठंड में हजारों-हजार अन्नदाता किसान अडिग हैं। घर के अन्य से बना-बनाकर भोजन करते हैं अन्नदाता……. कहीं चाय बन रही है….. तो कहीं अलाव जल रहा है। कहीं लंगर की व्यवस्था है तो कहीं गायन-वादन चल रहा है। फिर भी किसानों ने एंबुलेंस एवं शादी वाली गाड़ियों को आने-जाने की छूट दी है।

यह भी जानिए कि किसानों के आंदोलन को समर्थन सहयोग एवं साथ दे रहे हैं- कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी, राजद, आम आदमी पार्टी, भाकपा, माकपा, माले, आरएसपी, फॉरवर्ड ब्लॉक, जाप, जीडीएसएफ सहित अन्य कई विपक्षी पार्टियां।

चलते-चलते यह भी जान लीजिए कि अन्नदाता किसान और केंद्र सरकार के कृषि मंत्री व आलाधिकारियों के साथ 5 दौर की बैठक के बावजूद भी नए कृषि कानून की वापसी पर बात नहीं बनी, परंतु किसान अपनी मांग पर अडिग हैं। इसलिए संपूर्ण भारत बंद की अपील की है।

 

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सूबे बिहार में अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, कदाचित 9 चरणों में

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत चुनाव हेतु जिला पदाधिकारियों से मांगे गए प्रस्ताव के सिलसिले में राज्य में अधिकतम 9 चरणों में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। आयोग द्वारा प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) से पूछा गया है कि उनके जिले में कितने चरणों में पंचायत चुनाव कराने की तैयारी की जाए।

बता दें कि सूबे बिहार के प्रत्येक जिला के डीएम-एसपी को अपने आलाधिकारियों के साथ इस बाबत बैठक कर चिंतन-मंथन करने के बाद संभावित चरणों का प्रस्ताव आयोग के पास भेजना है। आयोग द्वारा सभी डीएम से यही कहा गया है कि इस बाबत प्रखंडों का चरणवार विवरण 15 दिनों के अंदर उपलब्ध करा दें ताकि पंचायत चुनाव कराने का प्रस्ताव बिहार सरकार के विचारार्थ बिना देर किए भेजा जा सके।

जानिए कि सूबे बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तथा ग्राम कचहरियों का आम निर्वाचन नए वर्ष 2021 के मार्च-अप्रैल-मई तक संपन्न कराने की संभावना है। पंचायत चुनाव में विधानसभा के चुनाव से अधिक मतदान केंद्र बनाए जाते हैं। तदनुरूप मतदान कर्मियों एवं सुरक्षाकर्मियों की अधिक आवश्यकता पड़ती है और इस हेतु अर्धसैनिक बलों के लिए सरकार को लिखा जाता है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला परिषद, पंचायत समिति, मुखिया, सरपंच, पंच व पंचायत सदस्यों आदि के करीब 2 लाख 58 हजार पदों पर चुनाव होना है। इसके लिए मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य आरंभ होने जा रहा है।

 

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बकौल डब्ल्यूएचओ कोरोना के अंत होने की उम्मीद शुरू

4 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य प्रमुख ने यह घोषणा की कि कोरोना वायरस टीके के परीक्षणों के सकारात्मक परिणाम निकले हैं। फलस्वरूप, दुनिया अब कोरोना महामारी के अंत होने की उम्मीद कर सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समृद्ध एवं शक्तिशाली देशों को दुनिया के गरीबों और वंचितों को टीके की भगदड़ में कुचलना नहीं चाहिए।

यह भी जानिए कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक  टेड्रोस अधानोम गेब्रेयेसिस ने आगाह किया है कि कोरोना वायरस को रोका जा सकता है, परंतु दुनिया को यह भी चेतावनी दी है कि आगे का रास्ता अभी अनिश्चितता से भरा है।

यह भी बता दें कि डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में यह भी कहा कि तत्काल टीके की बड़े पैमाने पर खरीद व वितरण के लिए 4.3 अरब डालर की जरूरत है और अगले वर्ष 2021 के लिए 23.9 अरब डॉलर की जरूरत होगी।

चलते-चलते यह भी कि डब्ल्यूएचओ के अतिरिक्त अमेरिका और इंडिया द्वारा कोरोना वैक्सीन जनवरी तक आने की उम्मीद की घोषणा सुनते ही लोग मास्क पहनना छोड़ने लगे। फलस्वरूप मधेपुरा सदर थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह की टीम द्वारा बिना मास्क के घूम रहे 40 लोगों को पकड़ लिया गया और प्रति व्यक्ति ₹50 की दर से 2300 ₹ बतौर जुर्माना वसूला गया।  मधेपुरा शहर के समाजसेवी डाॅ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने पुलिस पदाधिकारियों को कोरोना के प्रति लोगों को आगाह करने के लिए साधुवाद दिया है तथा लोगों से यह भी अपील की है कि अंत तक आप धैर्य बनाए रखें और मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी ईमानदारी से पालन करते रहें।

 

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कोहरे के कारण बिहार में होती है प्रतिवर्ष हजारों मौतें

कोहरे के कारण देश भर में ट्रेनों को कम से कम 1 घंटे से अधिक का विलंब होता है। जाड़े के मौसम के दस्तक देने के साथ ही ट्रेनों एवं विमानों का विलंब होना शुरू हो जाता है। इंडियन रेलवे द्वारा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने हेतु ट्रेनों में फाग सेफ्टी डिवाइसेज लगाया जाता है। रात 11:00 बजे से लेकर सुबह 7:00 बजे तक स्पेशल पेट्रोलिंग टीमें तैनात की जाती हैं।

बता दें कि कोहरे के कारण सूबे बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में हजारों जानें अकारण चली जाती हैं। वर्ष 2019 में कोहरे के कारण प्रदेश में 1884 लोगों की मौतें हुई थी। इस आंकड़े को देखते हुए नीतीश सरकार के परिवहन विभाग ने  एडवाइजरी जारी की है।

जानिए कि इस एडवाइजरी के जरिए सड़क के किनारों के मकानों तथा आसपास के पेड़ों पर ऑब्जेक्टिव हजार्ड्स मार्कर तथा रिफ्लेक्टिव टेप सघन रूप से लगाए जाएंगे। साथ ही आईआरसी 35 मानकों के अनुरूप रोड पर लेन मार्किंग पर विशेष ध्यान दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त आईआरसी 67 के अनुरूप सड़क सुरक्षा चिन्ह लगे तथा पूर्व में लगे हुए सड़क सुरक्षा चिन्हों की दोबारा मरम्मत भी हो। खासकर पुल-पुलियों के आसपास क्रैश बैरियर एवं ऑब्जेक्टिव मार्कर का सघन काम हो।

यह भी कि सरकार के परिवहन सचिव द्वारा सभी जिला पदाधिकारी सह अध्यक्ष जिला सड़क सुरक्षा समिति को कोहरे के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए अत्यावश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दिया गया है।

चलते-चलते यह भी कि आम लोगों को चेतावनी के तौर पर कोहरे के दौरान क्या न करने को कहा गया है- 1. कभी भी सड़क पर वाहन खड़ा न करें। 2. वाहन की रफ्तार तेज न रखें। 3. वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें। 4.वाहन चलाते समय ड्राइवर से अनावश्यक बातें न करें। 5.संकरी पुलिया के आसपास ओवरटेक न करें। 6. नशा पान कर एवं क्षमता से ज्यादा समय तक वाहन न चलाएं तथा 7.कोहरे को लेकर सभी प्रकार के वाहनों में रिफ्लेक्टर की जांच हो।

 

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अब खत्म होगा वैश्विक महामारी कोरोना का आतंक

वैश्विक महामारी ‘कोरोना’ के आतंक से सर्वाधिक प्रभावित देश अमेरिका रहा है और उसके बाद भारत दूसरे स्थान पर रहा है। कठोर परिश्रम के बाद यह दोनों देश कोरोना वैक्सीन तैयार कर लिया है। अमेरिका इसी दिसंबर में टीकाकरण आरंभ करने जा रहा है और भारत में वैक्सीन इस्तेमाल के लिए आने वाले जनवरी माह में आपात मंजूरी मिल जाएगी।

बता दें कि अमेरिका के तीन पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बिल क्लिंटन कोरोना वैक्सीन पर लोगों के अविश्वास को खत्म करने के लिए आगे आए हैं। ये तीनों पूर्व राष्ट्रपति 15 दिसंबर 2020 को कैमरे के सामने लाइव टीका लेंगे ताकि अमेरिका के लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर जो अविश्वास पैदा हो गया है उसे खत्म किया जा सकेगा। ऐसा करने से वैक्सीन के सेफ्टी व इफेक्टिव होने का अच्छा मैसेज जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि 11 दिसंबर तक वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल मिल जाएगा।

चलते-चलते यह भी जानिए कि बकौल ऐम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया, भारत में जनवरी तक वैक्सीन को इस्तेमाल के लिए आपात मंजूरी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ वैक्सीन भारत में फाइनल स्टेज ट्रायल पर है और वह सुरक्षित भी है। जानकारी मिलते ही अब गांव-गांव में लोग जलाने लगेंगे आशा के दीप।

 

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