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सामाजिक न्याय के पुरोधा बीपी मंडल की राजकीय जयंती कोविड प्रोटोकॉल के तहत मनेगी- डीडीसी

मधेपुरा के उप विकास आयुक्त विनोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में सामाजिक न्याय के पुरोधा बीपी मंडल की 103वीं जयंती समारोह राजकीय सम्मान के साथ आगामी 25 अगस्त को मनाए जाने हेतु झल्लू बाबू सभागार में 1 बजे अपराहन से एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समाहरणालय, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य, विद्युत, भवन निर्माण आदि के पदाधिकारियों के अतिरिक्त शहर के गणमान्य सुधीजनों यथा चिकित्सक डॉ.एके मंडल, शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, डॉ.शांति यादव, डॉ.सुरेश भूषण, डॉ.आलोक कुमार, मोहम्मद शौकत अली, आनंद मंडल, प्रो.श्यामल किशोर यादव, स्काउट आयुक्त जयकृष्ण यादव आदि मौजूद देखे गए।

बता दें कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर के मद्देनजर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि बीपी मंडल की राजकीय जयंती समारोह के अवसर पर बच्चों द्वारा प्रभात फेरी नहीं होगी और किसी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी नहीं होगा। सादगी के साथ उनकी प्रतिमा एवं समाधि स्थल पर पुष्पांजलि एवं सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन होगा।

सर्वसम्मति से बीपी मंडल की जीवनी एक फोल्डर में प्रिंट कराने का निर्णय लिया गया। जीवनी लेखन हेतु समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को अधिकृत करते हुए अनुरोध किया गया कि इस कार्य को पूरा कर इसे प्रिंट कराने हेतु नजारत उप समाहर्ता को शीघ्र ही हस्तगत करा देंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि समारोह में डॉ.मधेपुरी द्वारा बीपी मंडल की जीवनी का वाचन किया जाएगा और मधेपुरा एवं मुरहो में बीडीओ मधेपुरा द्वारा उसे वितरित भी किया जाएगा।

अंत में गणमान्यों द्वारा स्थानीय बीपी मंडल चौक स्थित प्रतिमा स्थल पर 103 दीये जलाने की बातें कही गई। साफ-सफाई, रंग-रोगन आदि विभिन्न प्रकार के उद्गार व्यक्त किए गए। डॉ.एके मंडल ने प्रो.श्यामल बाबू के आरंभिक योगदान व सम्मान की विस्तार से चर्चा की जिसका सबों ने करतल ध्वनि के साथ समर्थन किया।

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सिंधु ने की घोषणा… पेरिस ओलंपिक में आएगा सोना

आज  टोक्यो ओलंपिक (2020) के बैडमिंटन में विश्व के तीसरे नंबर की खिलाड़ी बनकर काँस्य पदक के साथ दोपहर बाद 3:00 बजे दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरी पीवी सिंधु का शानदार स्वागत किया गया। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए सिंधु ने यही कहा-  “मैं खुश हूं, स्वागत और समर्थन के लिए धन्यवाद !!

बता दें कि टोक्यो ओलंपिक पर भी नजर रखने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि 8 अगस्त को टोक्यो से लौटने वाले 127 भारतीय ओलंपिक खिलाड़ियों को लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के जश्न मनाने के दिन यानि 15 अगस्त का न्योता दिया जाए। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त पर खास मेहमान होंगे ओलंपिक के खिलाड़ीगण। लाल किले पर ओलिंपिक खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी। शाम में प्रधानमंत्री आवास पर प्रत्येक खिलाड़ी से मिलेंगे पीएम और उनके कंधे पर हाथ रखकर यही कहेंगे-

“हार-जीत जीवन का हिस्सा है। देश अपने खिलाड़ियों पर गर्व करता है। ओलंपिक में सभी खिलाड़ी श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं। हॉकी में भारत पुनः वापसी करेगा…।”

चलते-चलते यह भी जानिए की न्यूज़-24 के एंकर ऋषभ शर्मा द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सिंधु ने की घोषणा- पेरिस ओलंपिक में आएगा सोना, तब तक शादी के बारे में नहीं कुछ सोचना।

मौके पर समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने केंद्रीय खेल मंत्री से विनम्र अनुरोध किया है कि बिहार सहित अन्य 7 विश्वविद्यालय  वाले राज्यों के अतिरिक्त भारत के शेष बचे हुए सभी राज्यों को हर तरह की मदद देते हुए एक-एक खेल विश्वविद्यालय खोलने एवं सुविचारित ढंग से एक-एक राज्य को ओलंपिक के एक-एक खेल के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने हेतु आवश्यक संसाधन मुहैया कराएं । प्रत्येक वर्ष एक बार उसकी समीक्षा बैठक में सभी राज्यों के खेल मंत्रियों के साथ प्रत्येक खेल के विशेषज्ञों को भी बुलायें।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि ओलंपिक में भाग ले चुके खिलाड़ियों को खेल विश्वविद्यालयों की गतिविधियों में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए।

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सिंधु ने टोक्यो- 2020 ओलंपिक में पुनः जीता पदक

टोक्यो ओलंपिक- 2020 में भारत की बेटियों ने कमाल कर दिखाया। ओलंपिक पदक तालिका में सर्वप्रथम वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने सिल्वर और फिर बैडमिंटन में पीवी सिंधु ने कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित कराया और भारतीय तिरंगा को भी गौरवान्वित किया। जहाँ चानू ने चांदी की चमक से भारत का नाम चमकाया, वहीं सिंधु ने कांस्य पदक जीतकर भी भारतीय खेल प्रेमियों को निराश ही किया।

बता दें कि टोक्यो- 2020 में पीवी सिंधु का डबल धमाका तो हुआ सही, क्योंकि इससे पहले वाले रियो ओलंपिक में सिंधु भारत को सिल्वर पदक दिलाने में सफल हुई थी और इस बार के टोक्यो- 2020 में उसने भारत को ओलंपिक में कांस्य पदक देकर ही गौरवान्वित किया।

जानिए कि पीवी सिंधु ने इतिहास तो सही में रचा, परंतु संपूर्ण भारत सिंधु से गोल्ड की आशा लगाए बैठा रहा था। सिंधु के पिताश्री की भी यही तमन्ना थी, तभी तो उन्होंने पूछे जाने पर बस इतना ही कहा- “आइसक्रीम से मुझे परेशानी नहीं….. परंतु, वजन तो कंट्रोल में रखे……!”

मौके पर समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने समस्त भारतीय खेल प्रेमियों से सकारात्मक सोच को बढ़ाते रहने का विनम्र अनुरोध करते हुए यही कहा कि पीवी सिंधु रियो ओलंपिक में सिल्वर और टोक्यो- 2020 में ब्रोंज मेडल जीती है….. अब अगले ओलंपिक के लिए तो बचा है केवल ‘गोल्ड’….. वह जीत कर भी भारतीय तिरंगा को ऊंचाई प्रदान करेगी बशर्ते हमारा विश्वास….. और आत्मविश्वास बना रहे।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने खेल प्रेमी बच्चे-बच्चियों से यह भी कहा कि पुसर्ला वेंकट सिंधु का जन्म पिता पी वी रमन एवं माता पी विजया के घर हैदराबाद (तेलंगाना) में 5 जुलाई 1995 को हुआ था। सिंधु के माता-पिता वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं। सिंधु ने मात्र 8 वर्ष की उम्र से ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था। सिंधु के गुरु आरंभ में महबूब अली और बाद में गोपीचंद रहे हैं। सिंधु के खेल के प्रति समर्पण इस बात से आँकी जा सकती है कि कोचिंग कैंप सिंधु के घर से 56 किलोमीटर दूर होने के बावजूद भी वे रोज समय पर आ जाती थी…।

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वृंदावन में मनी मुंशी प्रेमचंद की 142वीं जयंती

मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने निवास वृंदावन में हिन्दी एवं उर्दू के सर्वाधिक लोकप्रिय उपन्यासकार, कहानीकार एवं विचारक मुंशी प्रेमचंद की 142वीं जयंती कथाकारों, कवियों व चन्द बच्चों के साथ मनाई।

डॉ.मधेपुरी ने इस अवसर पर मौजूद बच्चों को जानकारी देते हुए कहा कि 1880 के 31 जुलाई को (लमही) वाराणसी में पिता मुंशी अजायब राय और माता आनंदी देवी के घर जन्म लिया एक बालक जिसका नाम था धनपत राय, जो बाद में कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के नाम से विश्व प्रसिद्ध हुए। उनके बचपन के 4 वर्ष गोरखपुर में बीते। बड़े होने पर उन्होंने महात्मा गांधी के प्रभावशाली भाषण को सुनकर 1921 में असहयोग आंदोलन का हिस्सा बनकर स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े। आजादी मिलने से पूर्व ही 8 अक्टूबर 1936 को वाराणसी में उनका निधन हो गया।

अन्त में डॉ.मधेपुरी ने यही कहा कि तुलसीदास के बाद सबसे अधिक पढ़े जाने वाले साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद  हैं। कथा सम्राट प्रेमचंद की रचनाओं पर आधारित फिल्में- हीरा मोती, शतरंज के खिलाड़ी, मजदूर, गोदान आदि उनके यश को दूर-दूर तक संसार के कोने-कोने में फैलाती रहेगी।

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कोरोना वायरस वैक्सीन लगवाने हेतु कई देशों द्वारा रोलेक्स घड़ी, टेस्ला कार व ₹10 करोड़ के फ्लैट का ऑफर

जब  विश्व में कोविड-19 रोल आउट हुई, वैक्सीन लगवाने के लिए फ्लाइट का टिकट, आईफोन, वर्ल्ड टूर या मुफ्त में बीयर जैसी ऑफर रखे गए थे। फिलहाल तो दुनिया के कई देश अपने लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए करोड़ों का ऑफर दे रहे हैं।

बता दें कि अमेरिका, ब्रिटेन और रूस को पछाड़कर हांगकांग दुनिया में सर्वाधिक महँगे ऑफर देने वाला देश बन गया है। हांगकांग विश्व का ऐसा देश है जो कोरोना वायरस वैक्सीन लेने के लिए रोलेक्स की घड़ी, टेस्ला इलेक्ट्रिक कार, सोने की ईंट और ₹10 करोड़ का अपार्टमेंट देने की घोषणा की है। विजेताओं का चुनाव लॉटरी के जरिए होगा। इस लाटरी की घोषणा से वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

 

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बिहार खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने वाला भारत का छठा राज्य बनेगा

विश्व का सबसे बड़ा खेल मेला “ओलंपिक” कहलाता है। ओलंपिक का आयोजन 4 वर्षों के बाद किया जाता है- ग्रीष्मकालीन ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक एवं पैरा ओलंपिक। फिलहाल टोक्यो ओलंपिक चल रहा है।

बता दें कि ग्रीस यानि यूनान की राजधानी एथेंस में 1896 में प्रथम ओलंपिक का आयोजन किया गया था। ओलंपिक पर्वत पर खेले जाने के कारण इसका नाम ओलंपिक पड़ा।

जानिए कि आरंभ में इस खेलों में दौड़, मुक्केबाजी, कुश्ती, रथों की दौड़, घुड़सवारी, तलवारबाजी आदि सैनिक प्रशिक्षण का हिस्सा हुआ करता था। अब तक भारत 28 ओलंपिक मेडल जीता है जिसमें 7 गोल्ड है। ओलंपिक पर विश्व के लगभग 200 देशों के खिलाड़ियों की नजरें ओलंपिक के 25 से अधिक खेलों पर होती है। ओलंपिक अब आंदोलन का रूप ले रहा है। यही कारण है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बिहार में खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने हेतु विधेयक पारित करा लिया है। यह खेल विश्वविद्यालय ऐतिहासिक स्थल राजगीर में स्थापित होगा। भारत के 28 राज्यों में बिहार छठा राज्य होगा जहां एक खेल विश्वविद्यालय स्थापित होने जा रहा है।

सभी खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों ने सीएम नीतीश कुमार को कोटि-कोटि साधुवाद दिया है। अब बिहार की खिलाड़ी बेटियां भी मणिपुर की मीराबाई चानू की तरह बनना चाहती हैं जिसने विश्व में भारत को गौरवान्वित किया। बिहार की खिलाड़ी बेटियां भी सपना देखने लगी है कि उसे भी जीत कर घर लौटने पर एयरपोर्ट पर सीएम रिसीव करेंगे, रास्ते भर लोग खड़े होकर ग्रैंड वेलकम करेंगे। करोड़ों का गिफ्ट और प्रतिष्ठा का पद दिया जाएगा। मौके पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि खेल को करियर के रूप में स्वीकार करने पर ही खिलाड़ी खुद को और भारत को ऊंचाई प्रदान कर सकते हैं।

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नीतीश सरकार अब विश्वविद्यालय की महिला शिक्षकों को 2 बच्चों की देखभाल के लिए 2 वर्षों की छुट्टी देगी

बता दें कि बिहार राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में कार्यरत महिला शिक्षकों को भी अन्य महिला कर्मियों के समान 2 बच्चों की देखभाल के लिए सेवाकाल में 730 दिनों (2 वर्ष) का अवकाश दिया जाएगा।

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बिहार विधानसभा के चालू सत्र में सदन को यह जानकारी दी कि वर्ष 2015 में सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिला कर्मियों को अवकाश देने का यह निर्णय लिया गया था। तब से सभी महिला कर्मियों को सेवा काल में दो बच्चों की देखभाल के लिए कुल 730 दिनों का अवकाश दिया जाता है यानि 2 वर्षों का सवैतनिक अवकाश।

जानिए कि शिक्षा मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालयों को यूजीसी गाइडलाइंस के अनुसार चलना पड़ता है और यह भी कि यूजीसी एक स्वायत्त संस्था है फिर भी राज्य सरकार विश्वविद्यालय की महिला शिक्षकों को दो बच्चों की देखभाल के लिए 730 दिनों का अवकाश देने की अपने स्तर पर समीक्षा करके इसे लागू करायेगी तथा इस आशय का निर्देश विश्वविद्यालयों को भी देगी।

रही बात यूजीसी के प्रावधान लागू होने या नहीं होने की, तो इसका इस बात से कोई मतलब इसलिए नहीं कि यह बिहार की नीतीश सरकार का अपना फैसला है जिसे लागू करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया जाएगा।

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ताजिंदगी संपूर्ण भारतीय बने रहे भारतरत्न डॉ.कलाम- डॉ.मधेपुरी

मिसाइलमैन  भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की 7वीं पुण्यतिथि टीपी कॉलेज के परिसर में प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.)केपी यादव की अध्यक्षता में समारोह पूर्वक मनाई गई।

बता दें कि कार्यक्रम “जो करेंगे मधेपुरा को गौरवान्वित, डॉ.मधेपुरी करेंगे उन्हें सम्मानित” का उद्घाटन करते हुए बीएन मंडल विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति प्रो.(डॉ.)आरकेपी रमण ने कहा कि हम कलाम के आदर्शो को जीवन में अपनाएं तभी यह आयोजन सफल होगा, सार्थक होगा। उन्होंने कहा कि कर्तव्यनिष्ठ मनुष्य को किसी के आगे झुकना नहीं पड़ता है। वह हमेशा कलाम की तरह सदैव आगे बढ़ता रहता है।

जानिए कि डॉ.कलाम के अत्यंत करीबी रह चुके मधेपुरा के भीष्म पितामह डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विस्तार से रामेश्वरम से राष्ट्रपति भवन तक की यात्रा का वर्णन करते हुए तथा संस्मरणों की झड़ी लगाते हुए कहा कि डॉ कलाम अहंकार शूून्य महामानव के रूप में ताजिंदगी संपूर्ण भारतीय बने रहे। उन्होंने कहा कि डॉ.कलाम सरीखे संवेदनशील व्यक्तित्व विरले ही होते हैं।

Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri felicitating Shivani Singh & Dr.Jawahar Paswan under the banner of "Jo Karega Madhepura Ko Gauravanvit, Dr.Madhepuri karange Use Samannit." on the occasion of Bharatratna Dr.APJ Abdul Kalam's Punyatithi at TP College Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri felicitating Shivani Singh & Dr.Jawahar Paswan under the banner of “Jo Karenge Madhepura Ko Gauravanvit, Dr.Madhepuri karange Unhen Samannit.” on the occasion of Bharatratna Dr.APJ Abdul Kalam’s Punyatithi at TP College Madhepura.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कुलसचिव डॉ.कपिलदेव प्रसाद ने डॉ.कलाम की सादगी और कर्तव्यनिष्ठता को प्रेरणादाई बताया। कार्यक्रम के तहत हक की लड़ाई लड़ने वाले सिंडीकेट सदस्य डॉ.जवाहर पासवान एवं महिलाओं को शिक्षित करने वाली शिवानी सिंह को टीएनबी ट्रस्ट की ओर से डॉ.मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया गया। दोनों कर्मवीरों को पाग, अंगवस्त्रम, बुके, मोमेंटो के अतिरिक्त ट्रस्ट द्वारा 1101 ₹ की राशि भी सम्मान में समर्पित की गई। इन दोनों कर्मवीरों प्रो.(डॉ.)जवाहर पासवान एवं शिक्षिका शिवानी सिंह ने अपने-अपने सामाजिक कर्मों की विस्तृत जानकारी देते हुए युवाओं को खूब प्रेरित किया।

बता दें कि अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.) केपी यादव ने डॉ.कलाम की कर्तव्यिनष्ठा की चर्चा करते हुए माननीय कुलपति के कर्तव्यों के प्रति निष्ठा की भी सराहना की और दोनों कर्मवीरों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। स्नातकोत्तर जंतु विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डॉ.कलाम को नमन किया।

मौके पर विश्वविद्यालय जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ.सुधांशु शेखर, कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव, डॉ.किशोर कुमार सिंह, खेल गुरु संत कुमार, अशोक कुमार अकेला, डॉ.संजय परमार, रंगकर्मी विकास कुमार और अंतरराष्ट्रीय उद्घोषक पृथ्वीराज यदुवंशी सहित उपस्थित जनों ने कुलपति, मुख्य अतिथि, अध्यक्ष एवं डॉ.मधेपुरी के बाद बारी-बारी से कलाम साहब के तैल चित्र पर पुष्पांजलि की। आरंभ में कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति डॉ.आरकेपी रमण ने दीप प्रज्वलित कर किया। आरंभ से अंत तक उद्घोषक यदुवंशी ने श्रोताओं से खूब तालियां बटोरी। अंत में अध्यक्ष की सहमति से यदुवंशी ने कार्यक्रम समापन की घोषणा की।

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टोक्यो- 2020 में भारतीय बेटियों का जलवा जारी

टोक्यो- 2020 ओलंपिक के तीसरे दिन विश्व के सबसे बड़े खेल मेले में भारत की बेटियां छाई रही। पीवी सिंधु, एमसी मैरीकॉम एवं मनिका बत्रा ने भारत की बेटियों को अपनी बेहतरीन हुनर से खूब प्रोत्साहित की हैं।

बता दें कि मुक्केबाजी में मैरीकॉम और बैडमिंटन में पीवी सिंधु, ने दमदार आगाज करते हुए अपने-अपने मुकाबले आसानी से जीत लिए। भारत की खेल प्रेमी बेटियों को भरपूर प्रेरणाएं देती रही मैरीकॉम एवं सिंधु ने।

टेबल टेनिस स्टार मनिका बत्रा ने निराशा को आशा में बदल दिया और दमदार वापसी करते हुए उसने तीसरे दौर में जगह बना ली है। टीवी पर मनिका बत्रा का खेल देखते हुए क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले भारतरत्न सचिन तेंदुलकर ने कहा- “मनिका ने क्या शानदार वापसी की।”

चलते-चलते यह भी जानिए कि पीवी सिंधु का अगला मुकाबला 27 जुलाई को हांगकांग की सीए यी से होगी वहीं मैरीकॉम का अगला मुकाबला 29 जुलाई को कोलंबिया की वालेसिया विक्टोरिया से होगी।

 

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चानू ने चांदी की चमक से चमकाया भारत का नाम

दुनिया के सबसे बड़े खेल मेले “टोक्यो ओलंपिक- 2020” में मणिपुर की रहने वाली मीराबाई चानू ने 24 जुलाई को संपन्न हुए वेट लिफ्टिंग प्रतिस्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम पदक तालिका में अंकित कराने का गौरव प्राप्त किया।

जानिए कि टोक्यो ओलंपिक- 2020 में 49 किलोग्राम के महिला वर्ग में प्रथम दिन ही सिल्वर मेडल जीतकर चानू ने 135 करोड़ भारतीयों के चेहरे पर मुस्कान लाकर संपूर्ण भारतीय खेल प्रेमियों के हौसले बुलंद कर दिया है।

भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, खेल मंत्री सहित सबों ने चानू को बधाइयों का तांता लगा दिया है। मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा कि चानू ने आज देश को गौरवान्वित किया है।

बता दें कि जहां प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समस्त भारत चानू के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित है वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रजत पदक जीतने पर भारत को चानू पर गर्व है। टोक्यो में बेहतर शुरुआत के लिए खेल मंत्री ने शुभ शनिवार कहा। सारा भारत जश्न मना रहा है।

चलते-चलते यह भी कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सर्वाधिक चर्चित राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित, वर्ल्ड चैंपियनशिप- 2017 के स्वर्ण पदक विजेता एवं कॉमनवेल्थ गेम्स- 2018 के स्वर्ण पदक विजेता रही मीराबाई चानू के टोक्यो- 2020 में पहले ही दिन सिल्वर मेडल से भारत का नाम पदक सूची में स्वर्ण अक्षरों स्वर्ण अक्षरों में अंकित कराने तथा खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों को प्रोत्साहित करने हेतु उनके खेल के प्रति समर्पण को सलाम किया है।

 

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