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बिहार में भी कोरोना के नए वेरिएंट आॅमिक्रोन संक्रमित दो व्यक्ति मिले

कोरोनाकी तीसरी  के नए वेरिएंट आॅमिक्रोन विश्व के 33 देशों को पार करते हुए भारत के कर्नाटक में दस्तक देकर अब बिहार को भी चौंका दिया है। बिहार ने भी विशेष सतर्कता बरतने का ऐलान कर दिया है। विदेश से आने वाले हर लोग पर नजर रखी जा रही है। बिहार में भी आॅमिक्रोन पॉजिटिव दो व्यक्ति मिले हैं। जो खाड़ी देशों से आए थे। बिहार वासियों को पुनः मास्क पहनना और दूरी बनाए रहना अनिवार्य होगा।

बता दें कि खाड़ी देश से आए दोनों आॅमिक्रोन संक्रमितों का इलाज पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। उनकी जिनोम सीक्वेंसिंग आईजीआईएमएस में कराई जा रही है।

हैरान करने वाली बात तो यह भी है कि इन दोनों के अलावा 10 सदस्य मंगोलियाई शिष्टमंडल के साथ वाले एक सुरक्षाकर्मी की भी जिनोम सीक्वेंसिंग हेतु सैंपल भेज दिया गया है। उन्हें तत्काल बोधगया की एक होटल में क्वारंटीन किया गया है। ध्यातव्य है कि वे टीम के साथ नहीं बल्कि अकेले आए थे। फिलहाल सूबे का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग ने सभी अस्पतालों को पूरी तरह तैयारी रखने का निर्देश दिया है क्योंकि पटना एम्स में पिछले 48 घंटे के अंदर कोरोना से दो लोगों की मौत हो गई जिनमें एक रिटायर्ड आईएएस पदाधिकारी थे और दूसरे वित्त विभाग के फाइनेंस ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। दोनों पटना शहर के ही रहने वाले थे।

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सूबे के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मैट्रिक-इंटर के टॉपर को पुरस्कृत किए एक-एक लाख रुपये देकर

भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ.राजेंद्र प्रसाद के जन्मदिन 3 दिसंबर पर “मेधा दिवस” के रूप में मनाया गया। मेधा दिवस पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से इंटर और मैट्रिक परीक्षा- 2020 व 2021 के टॉपरों को शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने  एक-एक लाख नगद, लैपटॉप, किंडल इ-बुक रीडर, प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर पुरस्कृत किया।

बता दें कि मैट्रिक में टॉप- 10 और इंटर में तीनों संकाय (वाणिज्य, कला एवं विज्ञान) में टॉप-5 में आने वाले छात्रों को भी पुरस्कृत किया शिक्षा मंत्री ने। मैट्रिक परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त करने वालों को 75-75 हजार रुपए, तीसरे स्थान वालों को 50-50 हजार रुपये दिए गए। साथ ही उन्हें एक-एक लैपटॉप, किंडल इ-बुक रीडर, प्रशस्ति पत्र और मेडल भी दिए गए। चौथे से दसवें स्थान प्राप्त करने वालों को 10-10 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र, मेडल व लैपटॉप देकर सम्मानित किया गया।

जानिए कि इंटर परीक्षा- 2020 व 2021 के चौथे व पांचवें स्थान प्राप्त करने वालों को 15-15 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र, मेडल व लैपटाप दिए गए। यह भी जानिए कि इंटर-मैट्रिक परीक्षा- 2021 के उत्कृष्ट संचालन में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने वाले 10 जिलों के डीएम एवं डीईओ को भी पुरस्कृत किए जाने थे जिसमें अररिया, खगड़िया, नालंदा, पटना, पूर्णिया एवं समस्तीपुर के जिला पदाधिकारी ही पहुंच पाए थे और पुरस्कृत किए गए।

 

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सीएम नीतीश के राज में अब जमीन के नक्शे का भी होगा दाखिल-खारिज

संवेदनशील नीतीश सरकार ने जनमानस के बीच जमीन संबंधी झगड़ों को मिटाने को लेकर यह निर्णय लिया है कि अब जमीन की बिक्री होने पर न सिर्फ रैयत का मालिकाना नाम में परिवर्तन होगा, बल्कि बिक्री के साथ ही जमीन का नक्शा भी डिजिटली बदल दिया जाएगा। इस तरह दस्तावेज के साथ नक्शे का भी दाखिल खारिज हो जाएगा। अब दाखिल-खारिज के पूर्व जमीन का खाका रेखाचित्र एवं राजस्व मानचित्र अनिवार्य रूप से दाखिल करना होगा।

जानिए कि अब सूबे बिहार के सभी अंचल कार्यालयों में सॉफ्टवेयर द्वारा सर्वे राजस्व नक्शा डिजिटल रूप में चालू रखा जाएगा। इस प्रकार बिक्री की गई भूखंड का नक्शा कोई भी व्यक्ति डिजिटल रूप से देख सकेगा।

बिहार विधान सभा द्वारा बिहार भूमि दाखिल-खारिज संशोधन विधेयक- 2021 को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। नए प्रावधान लागू होने के बाद बिहार अब दाखिल-खारिज के साथ नक्शा देने वाला देश का पहला राज्य हो जाएगा। इस विधेयक के राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के साथ ही यह अधिनियम बन जाएगा और समस्त बिहार में लागू हो जाएगा। यह भी कि पुश्तैनी जमीन का बंटवारा कर जब जमाबंदी कायम होगा तो उसका भी नक्शा बन जाएगा।

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पूर्व एमएलसी विजय वर्मा को पितृ शोक

सुपौल जिले के रामदत्त पट्टी में जन्मे विजय कुमार वर्मा ने जेपी के छात्र आंदोलन से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत मधेपुरा में की। वे राष्ट्रीय नेता शरद यादव, लालू यादव, नीतीश कुमार, डॉ.रवि के सानिध्य में रहे और दो बार एमएलसी भी बनाए गए। उसी जेपी सेनानी विजय कुमार वर्मा के पिता श्री मुक्ति प्रसाद का 94 वर्ष की उम्र में पटना के सत्यव्रत हॉस्पिटल में इलाज के क्रम में 1 दिसंबर बुधवार को संध्या 7:00 बजे के लगभग मृत्यु हो गई। कुछ समय से बीमार चल रहे थे। वे रामदत्त पट्टी गांव के सबसे अधिक वृद्ध व्यक्ति थे। उनकी धर्मपत्नी शकुंतला देवी अभी भी जीवित है।

जेपी सेनानी विजय वर्मा ने बीमारी की हालत में अपने अवकाश प्राप्त शिक्षक पिता की भरपूर सेवा की। उनके पिता संत स्वरुप जीवन जीते रहे। उनका जीवन सादगी से भरा था। अपने कपड़े भी वे स्वयं धोते रहे। कभी-कभी तो वे अपने बर्तन भी स्वयं धो लिया करते थे। वे आत्मनिर्भर जीवन जीते रहे। सब के प्रति दया भाव रखना उनका स्वभाव था। वे कर्मकांडी नहीं थे। वे चार पुत्रों- विजय कुमार वर्मा, आजाद रंजन सिंहा, सतीश एवं परमेश सहित  तीन पुत्रियों एवं ढेर सारे नाती-पोते से भरे-पूरे परिवार को छोड़ दुनिया को अलविदा कह गए।

पटना के गुलबी घाट विद्युत शवदाह गृह में स्वतंत्र रूप से एक ही दिन में उनकी अंत्येष्टि क्रिया समाप्त कर ली गई। शोक जताने वालों में प्रमुख हैं- मधेपुरा के पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला, बीएनएमयू के पूर्व कुलसचिव प्रो.सचिंद्र महतो, पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, जेपी सेनानी इंद्रनारायण प्रधान, सीनेटर डॉ. नरेश कुमार, पीजी जूलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार एवं लोजद के जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता जय किशोर यादव, प्रसन्न कुमार, डॉ.कमल दास, जयकांत यादव, डॉ.विजेंद्र कुमार, डॉ.अमरेश कुमार, रमण कुमार सिंह, कैलाश अग्रवाल, गिरिधर चन्द, मनीष सर्राफ  एवं अन्य ढेर सारे शुभचिंतकवृंद व कार्यकर्तागण।

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जॉर्ज सिडनी अरुंडेल का जन्म 1 दिसंबर 1878 को हुआ था इंग्लैंड में

आजादी की लड़ाई में भारतीयों का साथ देने वाले अंग्रेज शिक्षक जॉर्ज सिडनी अरुंडेल का जन्म आज ही के दिन यूनाइटेड किंगडम में हुआ था। वे भारतीय नृत्यांगना रुक्मिणी देवी अरुंडेल के पति थे। उनका नाम भारत के लिए अपना जीवन समर्पित कर देने वाले अंग्रेज व्यक्तियों में गिना जाता है।

बता दें कि एनी बेसेंट ने युवाओं की समुचित शिक्षा के लिए वाराणसी में जो “सेंट्रल हिंदू स्कूल” की स्थापना की थी, उसी स्कूल की में जॉर्ज अरुंडेल अध्यापक बन गए थे और बाद में प्रधानाचार्य भी बने। वे बड़े लोकप्रिय शिक्षक थे। वे ताजिंदगी भारत की स्वतंत्रता की भावना का पूरा सम्मान करते रहे थे। क्रांतिकारी छात्रों को गिरफ्तार होने से बचाते रहे। इसके चलते उन्हें नजरबंद कर दिया गया। वे जेल में डाल दिए गए।

चलते-चलते यह भी बता दें कि लंदन में एनी बेसेंट का भाषण सुनकर 25 वर्षीय जॉर्ज अरुंडेल इस कदर प्रभावित हुए कि वे भारत चले आए और फिर यहीं के होकर रह गए। उनकी मृत्यु 12 अगस्त 1945 को चेन्नई में हो गई।

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वसुधैव कुटुंबकम है भारतीय राष्ट्रवाद का आदर्श- पद्मश्री रामजी सिंह

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग टीपी कॉलेज में (29-30 नवंबर को दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय रखा गया “राष्ट्रवाद कल आज और कल”। इस सेमिनार के उद्घाटन सत्र में उद्घाटनकर्ता पूर्व कुलपति व पद्मश्री प्रो.(डॉ.)रामजी सिंह एवं मुख्य अतिथि बीएन मंडल विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति प्रोफेसर राम किशोर प्रसाद रमण ने अपने ऑनलाइन संबोधन में मौजूद विद्वानों, शोधार्थियों एवं छात्रों के समक्ष संक्षेप में अपनी बातें रखी।

जानिए कि गांधीयन विचार के प्रणेता पूर्व सांसद व कुलपति व पद्मश्री प्रोफेसर रामजी सिंह ने अपने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि भारतीय राष्ट्रवाद वसुधैव कुटुंबकम का आदर्श प्रस्तुत करता है… जियो और जीने दो को साकार करता है… हम हैं कि पृथ्वी को मां मानते हैं वहीं बीएनएमयू के कुलपति प्रोफेसर आरकेपी रमण ने अपने ऑनलाइन संबोधन में यही कहा कि भारत मात्र एक भौगोलिक इकाई नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक इकाई भी है। हम माँ के रूप में भारत की पूजा करते हैं। हमारे लिए राष्ट्र का गौरव गान सर्वोत्तम भजन है।

चलते-चलते यह भी कि मौजूद विद्वानों ने ऑनलाइन शोधार्थियों को विद्वतापूर्ण तथ्यों से अवगत कराया। टीपी काॅलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर केपी यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आरंभ में शशिप्रभा जायसवाल द्वारा स्वागत गान की प्रस्तुति की गई। मौके पर नेपाल, मुंबई, रांची, भागलपुर, भोपाल आदि जगहों से विद्वतजन समारोह में मौजूद थे। सबों ने यही कहा- अपने राष्ट्र से प्रेम करें, परंतु अन्य किसी राष्ट्र की अवमानना नहीं करें।

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आॅमिक्राॅन को लेकर पूरी दुनिया परेशान है

कोरोना  के नए वेरिएंट आॅमिक्राॅन से पूरी दुनिया दहशत में आ गई है। फिलहाल आॅमिक्राॅन 16 देशों में फैल गया है।

बता दें कि भारत सरकार द्वारा पूर्व में यह निर्णय लिया गया था कि 15 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भरी जाएंगी। परंतु, केंद्र सरकार द्वारा पुनः समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब बाहर से आने वाले यात्रियों की विगत 14 दिनों की यात्रा की जानकारी ली जाए। जांच के दौरान आवश्यक होने पर 7 दिनों का होम क्वारनटीन अनिवार्य किया जाए।

जानिए कि कोरोना के डेल्टा वेरियन्ट का नया स्वरूप है यह “आॅमिक्राॅन” जो पहली बार साउथ अफ्रीका में मिला। यह आॅमिक्राॅन डेल्टा से 7 गुना अधिक घातक है। मात्र 9 दिनों में ही 16 देशों में फैल गया है। यह आॅमिक्राॅन पुराने वेरियंट से ज्यादा तेजी से फैल रहा है। यही कारण है कि साउथ अफ्रीका से भारत आ रहे यात्रियों की जांच अनिवार्य कर दी गई है। मथुरा में 4 विदेशी नागरिक कोरोना पॉजिटिव पाये गए हैं। आॅमिक्राॅन को लेकर दुनिया परेशान है।

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अब नए पाठ्यक्रमानुसार ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रम होंगे मजबूत

भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग जल्द ही पोस्ट ग्रेजुएट चिकित्सा पाठ्यक्रम के नए स्वरूप को मंजूरी प्रदान करने जा रहा है। इस पाठ्यक्रम के अनुसार पीजी करने वाले सभी डॉक्टरों (एमएस/एमडी) को 3 महीने जिले के अस्पतालों में कार्य करना अनिवार्य होगा।

बता दें कि पीजी कोर्स के अंतर्गत 3 महीने का डिस्ट्रिक्ट रेजिडेंसी प्रोग्राम (डीआरपी) शुरू किया जा रहा है। इससे नए डॉक्टर जिला स्तरीय स्वास्थ्य संरचना को समझ सकेंगे। उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को लेकर समझ बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को दूर करना भी संभव होगा।

चलते-चलते यह भी कि प्रतिवर्ष भारत में 40,000 से अधिक डॉक्टर्स पीजी कोर्स करेंगे। नए कोर्स लागू होने पर कम से कम 10000 पीजी डॉक्टर्स हर समय जिलों के अस्पताल के जरिए अपनी सेवाएं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में दे रहे होंगे। प्रस्तावित कोर्स के अनुसार एमडी या एमएस कर रहे सभी डॉक्टरों के लिए तीसरे, चौथे या पांचवें सेमेस्टर की पढ़ाई के दौरान 3 महीने के लिए जिला अस्पताल या जिले के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र में कार्य करना अनिवार्य होगा।

 

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सीएम नीतीश ने आलाधिकारियों सहित तमाम अफसरों को दिलाई शराब न पीने और न पीने देने की शपथ

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर राजधानी के ज्ञान भवन में आयोजित नशा मुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यही कहा है-

“हम शपथ लेते हैं…. शराब नहीं पीएंगे और किसी को पीने भी नहीं देंगे…..। यह भी कि पटना को कंट्रोल करेंगे तो बिहार कंट्रोल हो जाएगा। शपथ लेने से मन मजबूत होगा। 15 दिनों बाद शराबबंदी पर पुनः समीक्षा करें शीर्षस्थ अफसर।”

मुख्यमंत्री ने शराबबंदी के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले किशनगंज के एसपी कुमार आशीष सहित मद्य निषेध व पुलिस विभाग के 26 अधिकारियों व कर्मियों को ज्ञान भवन में सम्मानित किया।

चलते-चलते यह भी कि ज्ञान भवन से फेसबुक, यूट्यूब पर किया गया लाइव प्रसारण। सूबे के सभी पदाधिकारियों द्वारा शराब नहीं पीने का शपथ पत्र भरा गया। किसी-किसी ने तो अपने शपथपत्र में यहां तक लिख डाला- “जो होगा नशे का शिकार…. उजरेगा उसका घर-परिवार….. आजीवन नहीं पीनी है शराब।”

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कोरोना वायरस दुनिया से गया नहीं है, अभी भी मास्क और बूस्टर डोज के सहारे लड़ रहा है यूरोप

यूरोप इस वक्त कोरोना वायरस का केंद्र बना हुआ है। भारत से भी कोरोना गया नहीं है। ब्रिटेन के विशेषज्ञों ने तो दुनिया को यह कह कर आगाह किया है कि कोरोना के डेल्टा वेरियेंट से भी अधिक खतरनाक स्वरूप मिला है, जो 3 देशों में फैल चुका है। वे देश हैं- वोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका और हांगकांग। इस वेरिएंट में अब तक 32 उत्परिवर्तन देखने को मिले हैं जिन्हें टीका प्रतिरोधी भी बताया जा रहा है।

अभी भी यूरोप के कई देश मास्क एवं बूस्टर डोज के सहारे कोरोना की पांचवी लहर को रोकने में लगे हैं।  कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए ब्रिटेन, डेनमार्क सहित कई देशों ने एक बार फिर से मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है।

चलते-चलते यह भी कि वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है कि यदि मास्क का उपयोग बढ़ा दिया जाए तो दुनिया में यूरोप सहित हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है। दुनिया के ताकतवर देशों ब्रिटेन, अमेरिका, इजरायल समेत कई देशों में जिन लोगों को टीके के दोनों खुराक लिए हुए छह माह हो गए हैं उनके बीच बूस्टर डोज भी रफ्तार पकड़ ली है।

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