सबल पंचायत सक्रिय बूथ अभियान के तहत मधेपुरा विधानसभा क्षेत्र के जदयू के बूथ अध्यक्षों एवं सचिवों तथा पंचायत एवं वार्ड अध्यक्षों का सांगठनिक सम्मेलन स्थानीय बीपी मंडल नगर भवन में शनिवार 11 जनवरी 2020 को संपन्न हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन बिहार सरकार के लघु सिंचाई मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव ने किया, वहीं इसके मुख्य अतिथि विधानपार्षद व क्षेत्रीय संगठन प्रभारी ललन सर्राफ थे। इस अवसर पर मौजूद नेताओं में बिहारीगंज के विधायक निरंजन मेहता, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष व क्षेत्रीय संगठन प्रभारी डॉ. अमरदीप, प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल, जिला संगठन प्रभारी भगवान चौधरी, जिलाध्यक्ष प्रो, बिजेन्द्र नारायण यादव एवं विधानसभा प्रभारी खुर्शीद आलम के साथ ही प्रो. सत्यजीत यादव, डॉ. बीबी प्रभाकर, डॉ. नीलाकांत यादव. सुजित मेहता, डॉ. नीरज कुमार, गुड्डी देवी, सियाराम यादव, महेन्द्र पटेल, नरेश पासवान, अशोक चौधरी, योगेन्द्र महतो, मंजू देवी, मो. सफीक, मनोज भटनागर, युगल पटेल आदि प्रमुख हैं।
इस मौके पर मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनहित में महत्वपूर्ण योजनाओं को संचालित कर बिहार को विकास के पथ पर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वृद्धजन योजना के तहत 18 अरब की राशि खर्च की जा रही है, जिससे 36 लाख लोगों को फायदा हो रहा है। ऐसी ही और भी कई योजनाएं हैं जिनसे उन्होंने बिहार के विकास की नई लकीर खींची है।
विधानपार्षद ललन सर्राफ ने कहा कि नीतीश सरकार ने बिहार के समग्र व समावेशी विकास के लिए 481 योजनाएं शुरू की हैं जिन्हें जन-जन तक पहुँचाना जदयू के सभी कार्यकर्ताओं का दायित्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के करिश्माई नेतृत्व के कारण बिहार की विकास दर आज 11.75 है। विकास कार्यों के साथ ही अपने सामाजिक अभियानों के कारण आज वे देश और दुनिया में सम्मानित हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 22 और 23 जनवरी 2020 को राजगीर में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है जिसमें पार्टी के 400 से ज्यादा मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षित किया जाएगा। क्षेत्रीय संगठन प्रभारी ने शीघ्र ही बूथ कमिटी का गठन करने को भी कहा।
जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने कहा कि बूथ अध्यक्ष और सचिव ही पार्टी की जड़ और नींव हैं। वे सभी न केवल नीतीश कुमार के प्रतिनिधि बल्कि प्रतिरूप भी हैं। “दो हजार बीस – फिर से नीतीश” के नारे को प्रचंड बहुमत के साथ अमलीजामा पहनाने का दायित्व उन्हीं के ऊपर है। वहीं, जिलाध्यक्ष प्रो. बिजेन्द्र नारायण यादव ने पार्टी की मजबूती और 2020 की चुनौती के लिए अभी से ही जुट जाने के लिए सबका आह्वान किया।
सम्मेलन में सभी वक्ताओं ने एक स्वर से विश्वास जताया कि 2020 में एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बनेगी। इसके साथ ही सभी ने जल-जीवन-हरियाली अभियान को सफल करने और 19 जनवरी 2020 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आहूत मानव-श्रृंखला को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
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मानवता को जीवित रखने के लिए नीतीश के जल-जीवन-हरियाली जैसे अभियान से संपूर्ण विश्व को जोड़ना आवश्यक- डॉ.मधेपुरी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस “जल-जीवन-हरियाली” अभियान को लेकर 19 जनवरी 2020 को आयोजित होने वाली ऐतिहासिक मानव श्रृंखला की सफलता के लिए तैयारी बैठकें जोर पकड़ती जा रही हैं। पंचायत से लेकर प्रखंड और जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक लंबी मानव श्रृंखला हेतु पूर्वाभ्यास की तैयारियां चतुर्दिक देखी जा रही है। कोसी के तीनों जिलों- मधेपुरा… सहरसा… सुपौल… के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पांचवी कक्षा से ऊपर की छात्र-छात्राओं से लेकर शिक्षक-शिक्षिकाओं, कलाजत्था, साक्षरता कर्मियों एवं सेविकाओं- सहायिकाओं सहित सभी कोटि के पंचायत प्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को ‘जल-जीवन-हरियाली’ को एक मिशन के रूप में लेने का आह्वान किया है। मानव श्रृंखला का उद्देश्य लोगों को ‘जल-जीवन-हरियाली’ सरीखे अभियान के प्रति जागरूक करना है।
बता दें कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा स्कूली बच्चों एवं शिक्षक व शिक्षिकाओं के बीच में जा-जाकर यह कहते सुना जा रहा है कि मानव जाति को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के इस ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान से समाज को जोड़ना है, संपूर्ण विश्व को जोड़ना है। डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने स्कूली बच्चों एवं बुजुर्गों से कहा कि आगामी 19 जनवरी को 11:30 बजे से 12:00 बजे तक मानव श्रृंखला के लिए समय का निर्धारण किया गया है। डॉ.मधेपुरी ने ग्रामीण लोगों से अपील की कि मानव श्रृंखला हेतु निर्धारित किए गए मार्ग पर समय से पहुंचने हेतु घर से एक घंटा पूर्व ही प्रस्थान करें।
चलते-चलते यह भी बता दें कि स्कूलों में जाकर डॉ.मधेपुरी बच्चों के बीच यही कहते हुए सुने जाते रहे कि जल है तो जीवन है। और जीवन के चारों और हरियाली ही हरियाली होगी तो चतुर्दिक खुशहाली होगी….. यानि खुशहाली बरकरार रखने के लिए जल को बचाना है और हरियाली को निरंतर बढ़ाते रहना है।
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नीतीश की कुशल प्रशासनिक क्षमता ने बिहार को तेजी से विकास करने वाले राज्य में तब्दील किया है- आरसीपी
जदयू के राष्ट्रीय नेता आरसीपी सिंह 8 जनवरी को प्रातः मधेपुरा के जदयू कार्यकर्ताओं व वरिष्ठ नेताओं से बुके व फूल मालाएं ग्रहण करते हुए एमएलसी ललन सर्राफ के घर से निकलने ही वाले थे कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने बुके के साथ अपनी पुस्तक “रास बिहारी लाल मंडल : पराधीन भारत में स्वाधीन सोच” उन्हें भेंट की। श्री सिंह कार्यकर्ताओं का हालचाल पूछते हुए आगे निकलते गए।

सोनवर्षा विधानसभा स्तरीय बूथ अध्यक्षों व बूथ सचिवों के सम्मेलन को संबोधित करने हेतु राज्यसभा सांसद एवं जदयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह का काफिला निकला….. कि पूर्व से ही मध्य विद्यालय सरौनी के मैदान में सांसद श्री सिंह को सुनने वाले पार्टी कर्मियों की भारी भीड़ मौजूद थी। स्वागतकर्ताओं द्वारा सर्वप्रथम भारी भरकम माला द्वारा स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में बिना किसी का नाम लिए श्री सिंह ने कहा कि मुद्दे विहीन विपक्षी पार्टियां लोगों को गुमराह कर देश में अराजकता फैलाने में लगी है। उन्होंने कहा कि नागरिक संशोधन अधिनियम किसी नागरिक की नागरिकता छीनने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकता देने के लिए बनाया गया है। आगे उन्होंने कहा कि सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने अपनी कुशल प्रशासनिक क्षमता से बिहार राज्य को हिंदुस्तान में सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्य में तब्दील कर दिखाया है। श्री सिंह ने कार्यकर्ताओं को बौद्धिक रूप से सबल होने को कहा।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय संगठन प्रभारी सह एमएलसी ललन सर्राफ ने कहा कि बिहार की नीतीश सरकार ने कभी क्राइम, करप्शन व कम्युनलिज्म से समझौता नहीं किया। सूबे की सरकार ने हमेशा सामाजिक कुरीतियों को मिटाने का संकल्प लिया है और जनता के सहयोग से सदा सफल हुआ है। इस बार भी 19 जनवरी को जल-जीवन-हरियाली के लिए अभूतपूर्व मानव श्रृंखला आप बनाएंगे और इस मिशन को ग्लोबल रिवॉल्यूशन के स्तर तक पहुंचाएंगे।
चलते-चलते बता दें कि इस सभा की अध्यक्षता विधानसभा प्रभारी बुलबुल सिंह और मंच संचालन जिला अध्यक्ष चंद्रदेव मुखिया ने किया। सम्मेलन को विधायक रत्नेश सादा, पूर्व विधायक अरुण कुमार, गुंजेश्वर साह आदि ने संबोधित किया। विभिन्न प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, सचिव व गणमान्य उपस्थित थे। आरंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया।
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2020 की उम्मीदें : खुद से चलेंगी कारें
जानिए कि 5 साल पूर्व टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन ने कहा था कि टोटल एक्सेस ब्रांड एक ऐसी कार पेश करेगी जो बिना ड्राइवर के खुद ही चलेगी… जो अब सच होने जा रहा है। सच में, वर्ष 2020 में कई प्रकार की तकनीकी बदलाव धरती पर लोगों के जीवन को आसान बना देगा। सड़कों पर जो खुद से चलने वाली कार नजर आएंगी वहीं आम लोगों को 5G तकनीक से इंटरनेट की तेज गति मिलेगी।
बता दें कि जहाँ खुद से चलने वाली कार की कीमत कितनी होगी उसका खुलासा अभी तक नहीं हुआ है वहीं टेस्ला भी वर्ष 2020 में दुनिया के कई चुनिंदा शहरों में स्वचालित रोबोट टैक्सी लॉन्च करेगी। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क का कहना है कि 1 वर्ष बाद सड़कों पर 10 लाख से ज्यादा रोबोट टैक्सियों दिखाई देंगी। जून 2020 तक टेस्ला का ऑटोनॉमस सिस्टम इतना विकसित हो जाएगा कि ड्राइवरों को सड़क पर माथापच्ची करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
चलते -चलते यह भी बता दें कि इस वर्ष दुनिया के कई देशों में 5G नेटवर्क का दायरा बहुत बढ़ेगा। इसमें 3 घंटे की एचडी फिल्म कुछ सेकंड में डाउनलोड हो सकेगी। एक ओर जहाँ भारतीय मोबाइल ऑपरेटर 5G को अपनाने की तैयारी में जुटे हैं वहीं दूसरी ओर प्रमुख मोबाइल कंपनियां 5G हैंडसेट लॉन्च करने में जुटी है।
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जल-जीवन-हरियाली यात्रा कार्यक्रम के दौरान सीएम नीतीश कुमार से मिले डॉ.मधेपुरी
बिहार के विकास प्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल-जीवन-हरियाली यात्रा के तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का चरणबद्ध दौरा करते हुए रविवार 5 जनवरी को सिंहेश्वर स्थान के गौरीपुर में जागरूकता सम्मेलन के दरमियान विशेष रूप से नारी सशक्तिकरण एवं प्रत्येक पंचायत में बेटियों के लिए हाई स्कूल खोलने…… आदि की चर्चाएं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सेवा में 35% आरक्षण से महिलाओं का मनोबल बढ़ा है।
बता दें कि मुख्यमंत्री ने अपने मित्र ललन सर्राफ एमएलसी के घर ठहर कर सोमवार को अररिया-कटिहार की यात्रा पर निकलने से पूर्व पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं से बुके-माला स्वीकारते हुए विदा लेने वाले थे कि जदयू के वरिष्ठ नेता व समाजसेवी प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने सीएम से मिलने के दौरान यही कहा-
“यह वही मधेपुरा है श्रीमन् ! जहाँ वर्षों पूर्व यहीं के एक डॉक्टर अपनी धर्मपत्नी को स्कूटर पर बिठा कर क्लीनिक ले जा रहे थे….. तो नजर पड़ते ही लोग एक-दूसरे से कहने लगे कि देखिए महिला स्कूटर पर बैठी है….. परंतु, जब आपके द्वारा स्कूली लड़कियों के बीच साइकिल-पोशाक वितरण योजना लागू किया गया तो ऐसी ‘सामाजिक क्रांति’ आई कि आज मधेपुरा में लगभग एक दर्जन महिलाएं कार एवं सैकड़ों लड़कियां स्कूटर व स्कूटी चलाती हैं। आपका यह ‘जल-जीवन-हरियाली’ योजना भी एक दिन ‘ग्लोबल रिवॉल्यूशन’ लाएगा।”
आगे डॉ.मधेपुरी ने मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल को संदर्भित करते हुए कहा कि उनके कथनानुसार अच्छे काम करने वालों के समक्ष कम से कम शब्दों में उनकी प्रशंसा अवश्य होनी चाहिए ताकि उनके द्वारा अच्छे काम करने वाले ‘संकल्प’ को बल मिले और उनकी अनुपस्थिति में समाज के सामने उनकी प्रशंसा विस्तार से होनी चाहिए। लगे हाथ डॉ.मधेपुरी ने सीएम नीतीश कुमार से कहा कि एक दिन कबल उन्होंने तुलसी पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव के उद्घाटन के क्रम में अपने संबोधन में बच्चों को नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए यही कहा था कि नए वर्ष में बुरी आदतों का परित्याग करो और अच्छी आदतों को अपनाओ….. सुबह उठते ही ब्रश-पेस्ट मुंह में लेकर नल खुला छोड़ देना बुरी आदत है और टेप बंद कर बूंद-बूंद पानी बचाना अच्छी आदत है जिसके निमित्त प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार सिंहेश्वर में लोगों को जागरूक करने गए हुए हैं। हमें 19 जनवरी को जल-जीवन-हरियाली की सफलता हेतु वृहत् मानव श्रृंखला बनानी है।
चलते-चलते यह भी बता दें कि मुख्यमंत्री के इतने व्यस्त कार्यक्रमों से घिरे रहने के बावजूद डॉ.मधेपुरी की बातों को वे इसलिए ध्यानमग्न होकर सुनते रहे कि मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर नहीं उड़ पाने की सूचना जिला प्रशासन के आलाधिकारियों द्वारा उन्हें हर पल दी जा रही थी। अंतत: मौसम में सुधार नहीं होते देख मुख्यमंत्री ने सड़क मार्ग से ही आयोजित जनसभा को संबोधित करने हेतु मधेपुरा को अलविदा कहते हुए एक घंटे विलंब से अररिया के लिए प्रस्थान किया।
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तुलसी पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में नीतीश के जल-जीवन-हरियाली की चर्चा की डॉ.मधेपुरी ने
शहर के बीपी मंडल नगर भवन में 5 जनवरी (रविवार) को तुलसी पब्लिक स्कूल का 10वाँ स्थापना दिवस रंगारंग कार्यक्रमों के साथ स्कूली बच्चों द्वारा मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, मुख्य अतिथि श्रीमती चंद्रिका यादव, निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र, अध्यक्ष डॉ.हरिनंदन एवं उद्घोषक मानव सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आरंभ में स्कूल की बच्चियों ने स्वागत गान एवं निदेशक श्यामल सुमित्र ने स्वागत भाषण के साथ अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्रम-बुके व मोंमेंटो आदि देकर किया।

इस अवसर पर उद्घाटनकर्ता समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र मधेपुरी ने बच्चों को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम सबों को नए वर्ष की शुभकामनाएं दी और कहा कि नए वर्ष में बच्चे बुरी आदतों का परित्याग करें और अच्छी आदतों को अपनावें। डॉ.मधेपुरी ने सीएम नीतीश कुमार के जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रमों की विस्तार से चर्चा करते हुए बच्चों से यही कहा कि सुबह उठते ही मुंह में ब्रश लेने के बाद नल को खुला छोड़ना बुरी आदत है….. अच्छी आदत है नल को बंद रखना। उन्होंने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए कहा कि बच्चे अच्छी पुस्तकों की एक छोटी-सी लाइब्रेरी अपने-अपने घर में अवश्य बनाएं।

मुख्य अतिथि प्राचार्या चंद्रिका यादव सहित तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक एवं प्राचार्य ने बच्चों को उत्साहित किया एवं खूब प्रोत्साहित किया। कलाकार बच्चों एवं नन्हे-मुन्ने द्वारा सराहनीय प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरी गईं। 85 बच्चों को प्रमाण पत्र भी दिए गए। तेजस्विनी और स्नेहा की एंकरिंग दर्शकों का मन मोह लिया। ‘डफली वाले’ में अमन-स्वीकृति की प्रस्तुति, ‘पंख होती तो उड़ जाती रे’ में कल्पना झा की प्रस्तुति और ‘मैं फूल बेचती हूँँ’ में श्रेयसी आर्या की प्रस्तुति खूब तालियां बटोरी।
दिनभर चले कार्यक्रमों में विभिन्न निजी स्कूलों के शिक्षक, निदेशक व प्राचार्य सहित सचिव व अध्यक्ष डॉ.किशोर कुमार, चिरामणि यादव, सुशील शांडिल्य, अमरेंद्र कुमार सिन्हा, निक्कू-नीरज… रोजी-शिवानी-मनीषा, मनोज-वरुण-मुन्नू-विनोद के साथ-साथ चिकित्सक द्वय डॉ.अमलेश कुमार एवं डॉ संजय कुमार का सहयोग रहा। विशेष सहयोग के लिए धन्यवाद के पात्र हैं रंगकर्मी विकास कुमार, पूजा कुमारी एवं जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार।
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शादी, बच्चे या फिर रिटायरमेंट के बाद भी महिलाओं में यदि जुनून हो तो अवसर मौजूद होते हैं
जरा सोचो भारत की बेटियों ! महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनके प्रति पूर्वाग्रस्त होकर उन्हें कमतर आंकना है। अगर आपमें जुनून हो तो कोई भी आपको अपने सपने पूरे करने से नहीं रोक सकता है। इसका जीता जागता उदाहरण है- आईसीसी मैच के रेफरी-पैनल में शामिल होने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर जीएस लक्ष्मी।
बता दें कि आंध्र प्रदेश में जन्मी जीएस लक्ष्मी (गांडिकोटा सर्व लक्ष्मी) लाइमलाइट में तब आई जब वह आईसीसी की पुरुष वनडे मैच की पहली महिला रैफरी बनी। यूँ तो आंध्र महिला, बिहार महिला….. रेल महिला समेत कई टूर्नामेंट खेली है। वह तेज गेंदबाज और बल्लेबाज के रूप में खेलती रही है। वर्ष 1999 में भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे के लिए चयनित भी हुई थी लक्ष्मी, परंतु देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का लक्ष्मी का ख्वाब पूरा नहीं हो सका था।
यह भी जानिए कि 2004 में अपनी 12 वर्ष की बेटी प्रणाती श्रावणी की परवरिश करते हुए और अपनी फिटनेस के साथ खेलते हुए क्रिकेट से रिटायर होने के बाद लक्ष्मी ने क्रिकेट में कोचिंग देना शुरू कर दिया। इस दौरान 4 साल बाद यानी 2008 में बीसीसीआई ने घरेलू महिला क्रिकेट में महिला रेफरी को मैच में उतारना शुरू किया तो लक्ष्मी बतौर रेफरी शामिल होने लगी। 12 वर्षों से रैफरी की भूमिका निभा रही 51 वर्षीय लक्ष्मी के लिए आगे की राह तब खुली जब बीसीसीआई ने महिलाओं को क्रिकेट अधिकारी के रूप में जोड़ने के लिए संपूर्ण भारत से मात्र 5 महिलाओं को चुना जिसमें जीएस लक्ष्मी पहली भारतीय महिला थी। कुछ समय पूर्व आईसीसी मैच रेफरी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में शामिल होने पर लक्ष्मी चर्चा में आई। वही लक्ष्मी शारजाह के अबूधाबी के जायद स्टेडियम में हांगकांग और आयरलैंड के बीच होने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में रेफरी की भूमिका निभाई। जिसे देश के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल पाने का अफसोस अब तक सलाता रहा था। लक्ष्मी कहती है कि क्रिकेट की बदौलत ही उन्हें कॉलेज में एडमिशन मिल पाया था। वह भारत की बेटियों को यही संदेश देना चाहती है- “दुनिया में कोशिश का कोई विकल्प नहीं। दो बच्चे की मां मैरी कॉम आज एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीत लेती है और ओलंपिक में जीतने का हौसला रखती है। जुनून हो तो महिलाएं कुछ भी कर सकती है चांद पर घर बसा सकती है। पर्वतारोही संतोष यादव की तरह एवरेस्ट पर तिरंगा लहरा सकती है।”
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शिक्षा मंत्री, सांसद व कुलपति रह चुके डॉ.महावीर की मंडल विश्वविद्यालय में मनी जयंती
बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय में पांचवें कुलपति के रूप में 3 अप्रैल 1995 को पदभार ग्रहण करने वाले प्रो.(डॉ.)महावीर प्रसाद यादव ने सेवा अवधि के दरमियान ही 13 अगस्त 1997 को कुलपति के पद पर रहते हुए 70 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। इसीलिए तो टीपी कॉलेज में इतिहास के संस्थापक प्राध्यापक एवं लंबी अवधि तक विश्वकर्मा कहलाने वाले प्राचार्य डॉ.महावीर को विश्वविद्यालय परिसर में ही संस्कारित किया गया जहाँ आज उनकी प्रतिमा लगी है। उनकी 93वीं जन्म जयंती पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.कपिलदेव प्रसाद, विकास पदाधिकारी डॉ.ललन प्रसाद अद्री… सहित विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक, कुलानुशासन, कुलसचिव आदि अनेक पदों पर कार्यरत रहे समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, विश्वविद्यालय के सीनेटर एवं बीएन मुस्टा के महासचिव प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार, रसायन के विभागाध्यक्ष डॉ. कामेश्वर कुमार, डॉ.राकेश कुमार, फुलेश्वर गुप्ता एवं शिक्षा कर्मियों द्वारा उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया गया। उनकी जयंती उन्हीं के विचार व व्यवहार के अनुरूप सादे समारोह के रूप में मनाया गया जिसमें डॉ.महावीर के दो पुत्रों- एक स्नातकोत्तर जन्तु विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार एवं दूसरे बिहार पुलिस सेवा के निरीक्षक मनोज कुमार को भी मौजूद देखे गए। सबों ने पुष्पांजलि दी और नमन किया।

इस अवसर पर डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि महावीर बाबू बोला करते थे कि मैं यहाँ राई बनकर आया और मधेपुरा ने मुझे पहाड़ बना दिया। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि वे यहाँ से विधायक, बिहार राज्य शिक्षा मंत्री, दो-दो विश्वविद्यालयों यानी पटना एवं बिहार के प्रति कुलपति एवं मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति ही नहीं बल्कि यहा के सांसद भी बने।
बता दें कि सांसद के रूप में डॉ.महावीर अपने साथ टीपी कॉलेज के भौतिकी के प्राध्यापक डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को पटना, दिल्ली व अन्यत्र ले जाते थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.जगन्नाथ मिश्र, पीएमजी भगवानदास टेकरीवाल आदि जिन्हें मधेपुरा से बहुत लगाव रहा है, के घर भी ले जाते थे। मधेपुरा मेन पोस्ट ऑफिस भवन निर्माण एवं कॉलेज पोस्ट ऑफिस में “टी.पी.” नाम जोड़ने हेतु डॉ.मधेपुरी को टेकरीवाल साहब पीएमजी से मिलकर याद कराने का निर्देश भी दिया करते थे।
जयंती के अवसर में अपनी संक्षिप्त संवेदना व्यक्त करते हुए कुलसचिव डॉ.कपिलदेव प्रसाद एवं बीएन मुस्टा के महासचिव सीनेटर प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार ने कहा कि ईमानदार प्रयास करने वाले महावीर बाबू जैसे कर्तव्य परायण विधायक व सांसद ही आगे बढ़ते हैं। इस अवसर पर डॉ.अशोक कुमार यादव. डॉ.के.पी.यादव, डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, डॉ.एसएन यादव, ललन कुमार आदि मौजूद रहे।
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उदाकिशुनगंज के उत्पल को मिला काका कालेलकर सम्मान
मधेपुरा जिला के उदाकिशुनगंज प्रखंड के आनंदपुरा गाँव के निवासी प्राध्यापक विनीत उत्पल को पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 के लिए काका कालेलकर सम्मान से नई दिल्ली में सम्मानित किया गया। प्रो.विनीत उत्पल को यह सम्मान हस्तगत कराया इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सचिव सह वरिष्ठ साहित्यकार सच्चिदानंद जोशी ने।
बता दें कि सम्मान समारोह में काका कालेलकर से जुड़ी वरिष्ठ समाजसेवी निरंजना कलार्थी, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के डायरेक्टर दीपांकर श्रीज्ञान, अतुल प्रभाकर, कुसुम शाह, ज्योतिष जोशी, विद्यानंद ठाकुर एवं प्रसून लता आदि मौजूद थे।
यह भी जानिए कि ग्रेटर नोएडा के आईआईएमटी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट में पत्रकारिता व जनसंचार विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर विनीत उत्पल को 15 वर्षों से अधिक समय तक पत्रकारिता करने का भी अनुभव प्राप्त है। प्रो.उत्पल दैनिक भास्कर समेत कई महत्वपूर्ण अखबारों में विभिन्न पदों पर काम करते रहे हैं। उन्हें यह सम्मान पत्रकारिता में किए गए कार्यों के लिए दिया गया है।
सम्मान दिए जाने पर कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान मधेपुरा के अध्यक्ष हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ, सम्मेलन के सचिव डॉ. भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, उदाकिशुनगंज अनुमंडल के डीसीएलआर व शिक्षाप्रेमी ललित कुमार सिंह, प्रलेस के राज्य सचिव डॉ.अरविंद श्रीवास्तव, साहित्यानुरागी अशोक सिन्हा, राकेश सिंह आदि ने बधाई दी।
चलते-चलते यह भी बता दें कि विनीत उत्पल ग्रामीण परिवेश में जन्मे पले हैं। उनकी पढ़ाई मुंगेर जिले के तारापुर, भागलपुर तथा नई दिल्ली में हुई है। उन्हें यह सम्मान गांधी हिंदुस्तानी साहित्य सभा दिल्ली एवं विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान नोएडा द्वारा संचालित “सन्निधि संगोष्ठी” की ओर से दिया गया है। प्रो.विनीत उत्पल फिलहाल मैथिली की शोध पत्रिका “तीरभुक्ति” के संपादक भी हैं।
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मधेपुरा को गौरवान्वित कर रियांशी और रोशन हुए डॉ.मधेपुरी द्वारा सम्मानित
जहाँ बीएन मंडल विश्वविद्यालय की सीनेट सदस्य, राष्ट्रीय स्तर की टेबल टेनिस खिलाड़ी व मधेपुरा की बेटी 19 वर्षीया रियांशी गुप्ता ने स्टेट इंटर यूनिवर्सिटी टेबल टेनिस कंपटीशन में प्रथम स्थान प्राप्त किया वहीं संगीत के क्षेत्र में मोतिहारी में आयोजित राज्य स्तरीय युवा उत्सव में सुगम संगीत में द्वितीय स्थान प्राप्त किया रोशन कुमार ने।
बता दें कि मधेपुरा को गौरवान्वित करने वाले मधेपुरा के इस बेटे-बेटी यानि रोशन एवं रियांशी को समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने सम्मानित करते हुए नए वर्ष के प्रवेश के साथ यही कहा कि ये दोनों मधेपुरा की आशा है। मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी ने दोनों को अंगवस्त्रम व बुके-पुष्पगुच्छ आदि देकर सम्मानित किया और आयोजक जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार का उत्साहवर्धन करते हुए यही कहा कि किरण सूर्य की हो या आशा की… दोनों अंधकार को मिटा देती है। बकौल मधेपुरी विभिन्न विधाओं में और भी खिलाड़ी व कलाकार हैं जो मधेपुरा को गौरवान्वित करेंगे ही करेंगे परंतु रियांशी और रोशन मधेपुरा की आशा रूपी किरण है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा खिलाड़ियों एवं कलाकारों को विशेष रूप से कुछ और प्रोत्साहित करने की जरूरत है ताकि वे अधिक से अधिक विधाओं में मधेपुरा के नाम को भविष्य में गौरवान्वित कर सकेंगे।
यह भी जानिए कि जिला कबड्डी संघ के तत्वावधान में बीपी मंडल इंडोर स्टेडियम में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार ने किया। मंच संचालन जिला कबड्डी संघ के कोषाध्यक्ष गुलशन कुमार ने किया। मौके पर पूर्व वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, वीरेंद्र लाल दास, राहुल कुमार, नीरज कुमार, रूपेश-दिनेश-सूरज आदि मौजूद देखे गए।





























