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सूबे बिहार में 15 प्रमुख स्टेशनों पर लगेंगे 300 कोविड केयर कोच

जहां पूरी दुनिया में कोरोना के लगभग 1.4 करोड़ मामले सामने आ चुके हैं और लगभग 6 लाख लोग मौत से होली खेलने वाले कोरोना महामारी से अपनी जान भी गंवा चुके हैं, वहीं भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 10 लाख के पार पहुंच चुका है। अब तो भारत में प्रत्येक दिन कोरोना संक्रमित के लगभग 35 हजार नए मामले आने लगे हैं। भारत में कोविड-19 से अब तक 25600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बिहार में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या 21 हजार के पार चली गई है।

बता दें कि इस तरह कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखकर भारतीय रेल द्वारा ट्रेनों की बोगियों को आइसोलेशन सेंटर के रूप में प्रयोग करने की तैयारी और अधिक तेज कर दी गई है। इस कोरोना महामारी की गंभीरता को देखते हुए पूर्व-मध्य रेलवे द्वारा 269 कोच को आइसोलेशन कोच के रूप में परिवर्तित किया जा चुका है। इन कोचों में रोशनी-पंखा-सैनिटाइजेशन एवं साफ-सफाई आदि की व्यवस्था रेल मंत्रालय द्वारा की जाएगी। मरीजों के लिए दवा, चिकित्सक, भोजन आदि सहित कचड़ों के संग्रहण….. राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वय से कोविड केयर कोच में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जाएगा।

यह भी जानिए कि राज्य सरकार की मांग पर भारतीय रेल द्वारा स्टेशनों पर कोविड केयर कोच आना शुरू हो गया है। जिसके अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर सहित चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मी के रहने की भी व्यवस्था की गई है। बिहार के इन 15 स्टेशनों पर राज्य सरकार की मांग के अनुसार कोच भेजा जा रहा है। वे स्टेशन हैं- पटना, सोनपुर, बरौनी, समस्तीपुर, सीवान, जयनगर, रक्सौल, नरकटियागंज, दरभंगा, सीतामढ़ी, भागलपुर, सहरसा, मुजफ्फरपुर, कटिहार और छपरा। इन स्टेशनों के लिए रेलवे द्वारा 300 कोविड केयर कोच भेजा जा रहा है।

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मधेपुरा जिले के स्वास्थ्य विभाग सहित सरकारी पदाधिकारी भी कोरोना की चपेट में

सूबे बिहार के मधेपुरा जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। कोविड-19 की चपेट में मधेपुरा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं पदाधिकारी भी आने लगे हैं।

बता दें कि सरकारी महकमे से जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुखिया होते हैं सिविल सर्जन जो अपने अंदर कार्यरत एक डॉक्टर एवं चार स्वास्थ्य कर्मियों सहित खुद भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यह जानकारी गुरुवार की शाम में जारी की गई।

यह भी जानिए कि मधेपुरा के सिविल सर्जन की गाड़ी के ड्राइवर व जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारी व कर्मचारीगण कोरोना संक्रमित निकलने की जानकारी पूर्व में ही प्राप्त हो चुकी है। एक दिन पूर्व मधेपुरा के डीसीएलआर सहित जिला नजारत की एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।

चलते-चलते यह भी कि सुपौल एसडीओ की पत्नी जो मधेपुरा जिले के सीडीपीओ के रूप में कार्यरत है वो भी कोरोना  पॉजिटिव निकली है।

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बिहार में कोरोना ने शुरू किया मौत का तांडव

बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सूबे बिहार में बीते 24 घंटे में 16 लोगों ने कोरोना के चलते मौत को गले लगाया जिसमें मगध डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर एके कर्ण एवं बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जनाब इरशादुल्लाह की बेगम इमराना जरीन सहित 16 कोरोना संक्रमित की मौत हो गई।

बता दें कि विगत 24 घंटे में 5 लोगों की मौत पटना में और मुंगेर एवं गया में 2-2 तथा भागलपुर, बेगूसराय, औरंगाबाद, नवादा व सारण जिले में 1-1 व्यक्ति की मौत के साथ सूबे बिहार में कोरोना संक्रमण से मौत को गले लगाने वालों की संख्या बढ़कर 159 तक पहुंच गई है।

यह भी जानिए कि बिहार प्रदेश में अब तक कोरोना संक्रमित के जितने मामले प्रकाश में आए हैं वह आंकड़ा 21 हजार के पार चला गया है। जबकि बिहार में 13 हजार  5 सौ 30 से अधिक संक्रमित कोरोना वायरस को मात देने में सफल रहे हैं। फिर भी कोरोना के तांडव ने मंत्री से लेकर संत्री और डॉक्टर से लेकर स्वास्थ्य कर्मी तक को अपनी चपेट में लेने में तनिक भी देर नहीं किया है। पटना में ही दो डॉक्टरों की जान कोरोना ने ले ली। संक्रमण के मामले में पटना के कोरोना टॉप पर रहने के कारण ही तो पूरे राज्य में 31 जुलाई तक लाॅकडाउन लगा दिया गया है। बावजूद इसके बिहार में कोरोना विस्फोट हो रहा है। पटना तो आजकल सूबे बिहार का सबसे बड़ा कौन बन गया है।

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कोरोना के तूफान में भी हिम्मतबाज का दीया जलता है

बिहार में कोरोना का कहर लगातार जारी है।  दो-दो डॉक्टरों की मौत के साथ 150 के आंकड़े पार करने वाले सूबे बिहार में मंत्रियों व आलाधिकारियों को अपनी चपेट में लेते हुए कोरोना मुख्यमंत्री निवास और राजभवन सरीखे प्रमुख स्थानों पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की हिम्मत दिखाता रहा है।

बता दें कि बिहार में कोरोना इन दिनों तूफान मचा रखा है। बिहार बीजेपी के 75 नेता एक ही दिन कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में रूलिंग पार्टी के नेताओं का संक्रमित होना चिंता का विषय तो है। इस खबर के बाद सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया है। परंतु भोजपुर के एसपी सुशील कुमार आईपीएस जब कोरोना संक्रमित हुए तो वे घबराएं नहीं… बिल्कुल साधारण लोगों की तरह पैनिक नहीं हुए बल्कि डॉक्टर से संपर्क कर अपने निवास पर ही होम आइसोलेशन में चले गए। कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद भी हिम्मत से लड़े। उनकी बेटी भी कोरोना पॉजिटिव हो गई तो उसे भी उन्होंने होम आइसोलेशन में ही रखा और कोरोना को मात दिया। वेे डॉक्टरों की सलाह से आवश्यक दवाइयां भी घर पर ही लेते रहे। ठीक होकर एसपी सुशील कुमार अपनी ड्यूटी पर पुनः कार्यरत हो गए हैं और कोरोना पीड़ित लोगों के लिए उदाहरण बन चुके हैं।

भोजपुर के लोकप्रिय एसपी सुशील कुमार लोगों से यही कहते हैं कि कोरोना से घबराना नहीं है। कोरोना पॉजिटिव होने पर हिम्मत बनाए रखें… सांस लेने में कठिनाई हो तभी अस्पताल में भर्ती होवें वरना होम आइसोलेशन में रहकर इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजों पर ध्यान देते रहिए, क्योंकि कोरोना वायरस की कोई दवा अभी नहीं बनी है।

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31 जुलाई तक बिहार में लाॅकडाउन का ऐलान किया नीतीश सरकार ने

जहां एक ओर गया और पीएमसीएच के डॉक्टर का कोरोना के कारण मौत हो गई हो और दूसरी ओर एडीएम, सीएम और राजभवन के सुरक्षाकर्मियों को कोरोना संक्रमित होने को विवश होना पड़े तो सूबे बिहार के मुखिया को सुरक्षा हेतु कड़े कदम उठाने के लिए अधिकारियों की एक हाई लेवल मीटिंग बुलानी पड़ी। आज उसी समीक्षात्मक बैठक में कोरोना संक्रमण की स्थिति का जायजा भी लिया गया।

बता दें कि सूबे बिहार के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी भी हुए कोरोना पॉजिटिव पाये गये जबकि दो मंत्री कोरोना की चपेट में पूर्व से ही थे। लगातार वर्चुअल बैठक होते रहने के कारण बिहार बीजेपी के कार्यालय में छोटे-बड़े 75 नेता जब कोरोना पॉजिटिव पाए गए तो बीजेपी को ही चुनावी शोक में डुबो दिया।

यह भी बता दें कि पटना में हर जगह कोरोना की दस्तक से भय का वातावरण कायम होता देख मीठापुर सब्जी मंडी को 3 दिनों के लिए बंद करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। राज्य के 38 जिलों से अब तक पाए गए नए कोरोना पॉजिटिवों की संख्या में 1116 की वृद्धि दर्ज की गई और इसके साथ ही राज्य में कोरोना पॉजिटिवों की संख्या 17421 पहुंच गई है। सोमवार यानि 13 जुलाई को पटना जिला में सबसे अधिक 228 कोरोना पॉजिटिव पाया गया।

इस तरह बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण पूरे बिहार में 16 जुलाई से 31 जुलाई तक लाॅकडाउन करने का फैसला नीतीश सरकार ने लिया है। ग्रामीण इलाकों को इस लाॅकडाउन में बाहर रखा गया है। बिहार में ट्रेन और प्लेन भी बाधित नहीं होगी।

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आत्मबल के धनी थे क्रांतिवीर शिवनंदन- डॉ.मधेपुरी

भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के दौरान शिक्षक की नौकरी से त्याग पत्र तथा वकालत पेशे को तिलांजलि देना ईमानदारी और निर्भीकता से उपजे आत्मबल को ही तो दर्शाता है। मां के मंदिर में प्रवेश हेतु प्रशासन द्वारा दिए जा रहे पुलिसिया सहयोग को नकारना भी तो आत्मबल का ही परिचायक है। उक्त बातें डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने बीएनएमयू संवाद में कही।

समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सोमवार को शिवनंदन प्रसाद मंडल: साधना एवं संघर्ष के तहत ऑनलाइन व्याख्यान दे रहे थे। इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल के आत्मबल से संबंधित व्याख्यान यूट्यूब चैनल बीएनएमयू संवाद पर पीआरओ डॉ.सुधांशु द्वारा आयोजित किया गया था। डॉ.मधेपुरी ने बताया कि अंग्रेजी सल्तनत में अंग्रेज हुक्मरानों को मुंहतोड़ जवाब देने में प्रवीण थे क्रांतिवीर शिवनंदन। उन्होंने अनेक रोचक उदाहरणों के द्वारा शिवनंदन प्रसाद मंडल के आत्मबल को आकाश से भी ऊंचा बताया और यह भी कहा कि अंग्रेज पदाधिकारियों को ईंट के बदले पत्थर जैसा जवाब देने में पैर पीछे कभी नहीं हटाया उन्होंने। डॉ.मधेपुरी ने उनके रिश्तेदारों अमरेश-पप्पू व रत्नेश- प्रो.प्रमोद से सहयोग लेकर उनके नाम वालेे स्कूल में उनकी प्रतिमा लगवाई और एसएनपीएम स्कूल के सदस्य बनने पर  शिवनंदन मार्केट और शिवनंदन चौक बनवाया। उन्होंने सहयोग हेतु स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों सहित तत्कालीन आपदा मंत्री सह अध्यक्ष प्रो.चन्द्रशेखर को हृदय से साधुवाद दिया।

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कोरोना के कारण बिहार-झारखंड के बीच 13 जुलाई से रेल-सेवा बंद रहेगी

हाल-फिलहाल कोरोना के मामले बिहार में बढ़ते हुए देख झारखंड सरकार ने बिहार से आने वाली ट्रेनों पर 13 जुलाई से रोक लगा दी है इसलिए कि झारखंड में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं।

बता दें कि कोरोना के बढ़ते संकट को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे द्वारा झारखंड सरकार के आग्रह पर इतना बड़ा फैसला लिया गया है। इस फैसले के तहत 13 जुलाई से बिहार और झारखंड दोनों राज्यों के बीच रेल-सेवा को यात्रियों के लिए रोक दिया गया है। भारतीय रेल द्वारा लिया गया यह फैसला अगले आदेश तक लागू रहेगा।

यह भी जान लें कि दानापुर-टाटा (अप एंड डाउन) ट्रेन का परिचालन अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है जबकि पटना-रांची (अप एंड डाउन) जनशताब्दी एक्सप्रेस का परिचालन अगले आदेश तक केवल पटना से गया तक ही होगा।

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दुनिया को बेहतर बनाने का सबसे अच्छा तरीका है लड़कियों की शिक्षा

दुनिया की आबादी पर नियंत्रण करने का सबसे बड़ा उपाय है लड़कियों को शिक्षित करना। दुनिया में जहां लड़कियां शिक्षित हैं वहां की आबादी बढ़ने पर स्वतः अंकुश लग जाता है। भारत में जो-जो राज्य महिला शिक्षा में अच्छा कर रहा है वहां बच्चों का जन्म दर कम है।

बता दें कि यदि प्रत्येक बच्ची दसवीं कक्षा तक भी पढ़ ले तो आगामी 2050 ईस्वी तक में दुनिया की आबादी 150 करोड़ तक कम हो जाएगी। विभिन्न इंस्टिट्यूशनों की रिपोर्ट के अनुसार लड़कियों की शिक्षा और पैदा किए जाने वाले बच्चों के जन्म दर के बीच गहरा संबंध है क्योंकि शिक्षा ही लड़कियों को परिवार नियोजन की समझ देती है। शिक्षा ही उन्हें बाल-विवाह एवं कच्ची उम्र में मां बनने से बचाती है।

यह भी जानिए कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वर्ल्ड पापुलेशन एंड ह्यूमन कैपिटल स्टडी के अनुसार यदि संसार की हर लड़की और प्रत्येक लड़के को दसवीं तक की नियमित शिक्षा मिले तो 2050 में दुनिया की आबादी 150 करोड़ तक कम हो सकती है।

चलते-चलते यह भी कि अफ्रीका में जहां महिला शिक्षा की सुविधाएं न्यूनतम है वहां की हर महिला औसतन 5.4 बच्चों को जन्म दे रही है वहीं जिन देशों में लड़कियों को दसवीं तक की शिक्षा मिल रही है वहां की हर महिला 2.7 बच्चों को जन्म दे रही है और कॉलेज तक की शिक्षा सुविधा युक्त प्रत्येक महिला औसतन 2.2 बच्चों को जन्म दे रही है। यही ट्रेंड भारत में भी है। केरल में प्रति हजार जन्म दर 13.9 है और तमिलनाडु में जन्म दर 14.7 है जो दोनों राज्य बच्चियों की पढ़ाई में आगे है।

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पूर्णिया में सुशांत के नाम पर बना ऐतिहासिक चौराहा और पटना आवास बनेगा स्मारक

प्रतिभावान फिल्म अभिनेता और बिहार के होनहार बेटे के असामयिक मौत के बाद जहां एक ओर लोगों में गुस्सा है वहीं दूसरी ओर सुशांत सिंह राजपूत के चाहने वाले उनकी यादें सदा के लिए सहेजने हेतु रोज कुछ नया करने में लगे हैं।

बता दें कि पूर्णिया नगर निगम प्रशासन ने शहर के पुराने फोर्ड कंपनी चौक का नाम जहां बदलकर ‘सुशांत सिंह राजपूत चौक’ कर दिया है वहीं मधुबनी चौक से माता स्थान चौक तक बनी नवनिर्मित सड़क का नाम ‘सुशांत सिंह राजपूत पथ’ कर दिया है। नगर निगम के सदस्यों की उपस्थिति में निगम की मेयर श्रीमती सविता देवी ने ही इसका उद्घाटन किया है। मेयर ने कहा कि चंद रोज पूर्व नगर निगम की स्थाई समिति की बैठक में इस बाबत प्राप्त आवेदन पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित कर नया चौक व पथ का नामकरण किया गया है। मेयर सविता ने बताया कि सुशांत पूर्णिया जिले के बड़हरा कोठी प्रखंड के मलडीहा गांव के रहने वाले थे। पूर्णिया वासियों की ओर से सुशांत के प्रति यह संवेदना युक्त श्रद्धांजलि ही तो है।

जानिए कि सुशांत की यादों को सहेजने हेतु उनके फैंस व परिजनों ने जिस पैतृक आवास (पटना) में रहकर सुशांत ने वर्ग 10वीं तक की पढ़ाई की थी उसे सुशांत स्मारक बना कर युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने में मदद करने की ठान ली है। सुशांत स्मारक में उसका पसंदीदा टेलीस्कोप तथा स्पोर्ट्स एवं फिल्म से संबंधित किताबें, फ्लाइट सिमुलेटर सहित व्यक्तिगत चीजें भी देखने को मिलेगी। इसको विस्तार देने हेतु सुशांत फाउंडेशन बनाने की बात सोची जा रही है।

चलते-चलते यह भी कि सुशांत सरीखे प्रतिभावान कोसी के बेटे की मौत की जांच सीबीआई से कराने की मांग  पूर्णियावासी राकेश सिंह, मेयर पति प्रताप सिंह, पूर्णिया के सांसद रहे पप्पू यादव और साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी  बराबर करते रहे हैं।

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एक सप्ताह (10 से 16 जुलाई तक) के लिए मधेपुरा जिले में पूर्णत: लॉकडाउन रहेगा- डीएम

कोरोना के कहर व कोहराम की गंभीरता के मद्देनजर जिले के डीएम नवदीप शुक्ला (भाप्रसे) सह अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मधेपुरा ने “The Bihar Epidemic Diseases, covid-19 Regulation 2020” की धारा 17 एवं 18 तथा गृह विभाग, बिहार सरकार के पत्रांक- 3472 दिनांक 7-7-2020 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन जन समुदाय के जीवन व स्वास्थ्य की रक्षा के निमित्त संपूर्ण मधेपुरा जिला में 10-7-2020 से 16-7-2020 तक के लिए पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी है।

जिला प्रशासन ने जहां उपरोक्त अवधि के दौरान खाद्यान्न /किराना की दुकानों को प्रातः 6:00 से 10:00 तक एवं संध्या 4:00 बजे से 7:00 बजे तक खोलने का आदेश जारी किया है वहीं सब्जी व फल की दुकानों को केवल सवेरे 6:00 बजे से 10:00 बजे तक ही खोलने का आदेश दिया गया है।

इन सेवाओं के अतिरिक्त अन्य आवश्यक सेवाएं पूर्व की भांति प्राप्त सरकारी दिशा निर्देशों के आलोक में जारी रहेंगी। हर परिस्थिति में दुकानदारों एवं खरीदारों को मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

चलते-चलते यह भी कि पेट्रोल पंप, अस्पताल, एलपीजी वितरक एजेंसी (गोदाम सहित) यथावत खोलने की अनुमति रहेगी। बैंक, डाकघर, एटीएम, एलआईसी, प्रेस आदि मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए यथावत चलेंगे। इस दौरान निजी नर्सिंग होम, हॉस्पिटल खोलने की अनुमति रहेगी। विवाह में अधिकतम 50 एवं दाह संस्कार में अधिकतम 20 लोगों के भाग लेने की अनुमति मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रहेगी।

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