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जदयू के सभी संगठनों को कार्यकर्ताओं द्वारा ही पोषण मिलता है- जिलाध्यक्ष गुड्डी देवी

मधेपुरा जिला जदयू कार्यकारिणी की बैठक स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में जिलाध्यक्ष श्रीमती मंजू देवी उर्फ गुड्डी देवी की अध्यक्षता में पहली बार 26 अगस्त को आयोजित की गई। सवेरे में भारी वर्षा के बावजूद सुपौल से मधेपुरा जिला प्रभारी अमर कुमार चौधरी उर्फ भगवान चौधरी, आलमनगर से लोकसभा प्रभारी बुलबुल सिंह सहित पुरैनी, चौसा, बिहारीगंज, ग्वालपाड़ा जैसे दूरदराज के प्रखंडों से भी समर्पित कार्यकर्तागण इतनी संख्या में आए कि हाॅल के अंदर जगह कम पड़ गई।

बता दें कि कार्यक्रम का उद्घाटन बिहारीगंज के विधायक निरंजन कुमार मेहता, मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अमरदीप, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, जिला प्रभारी भगवान चौधरी, लोकसभा प्रभारी बुलबुल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष सियाराम यादव, महेन्द्र पटेेल, अशोक चौधरी आदि सहित जिलाध्यक्ष गुड्डी देवी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। तत्पश्चात तेरहो प्रखंड के अध्यक्ष, नव मनोनीत पदाधिकारियों सहित आगत अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्रम व पुष्पगुच्छ देकर जिला आयोजन समिति द्वारा बारी-बारी से किया गया।

Senoormost JDU Leader Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri addressing Karyakartagan on the occasion of JDU Karyakarini Meeting at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.
Senior JDU Leader Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri addressing on the occasion of JDU Karyakarini Meeting at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.

जदयू के वरिष्ठ नेता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सर्वप्रथम अपने संबोधन में यही कहा कि संगठन को स्वस्थ रखने के लिए सकारात्मक सोच के समस्त कार्यकर्ताओं को सदैव सजग रहना है। बाद में सभी प्रखंड अध्यक्षों, अतिथियों एवं नव मनोनीत पदाधिकारियों द्वारा जदयू को मजबूती प्रदान करने का संकल्प दोहराया गया। उद्घाटनकर्ता जनप्रिय विधायक निरंजन मेहता एवं मुख्य अतिथि मीडिया सेल के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अमरदीप ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा किए गए विकास कार्यों एवं नारी सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा की तथा कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता के बीच जाकर मुख्यमंत्री के कार्यों की चर्चा करें ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

जिलाध्यक्ष गुड्डी देवी ने सबों का सम्मान करते हुए जदयू के मजबूती की कामना की और कहा कि जदयू के सभी संगठनों को कार्यकर्ताओं द्वारा ही पोषण मिलेगा।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में कोरोना काल में दिवंगत हुए जिले के सभी नर-नारियों सहित पूर्व सांसद व कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के संरक्षक डॉ.आर.के.यादव रवि एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ.मीरा, कौशिकी के अध्यक्ष डॉ.हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ आदि को श्रद्धांजलि दी गई। मौके पर मनोज भटनागर, सत्यजीत यादव, डॉ.शोभा कांत, राणा रामकृष्ण, नवीन कुमार मेहता सहित अन्य भी मौजूद थे।

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रासबिहारी बाबू थे उच्च कोटि के समाज सुधारक व स्वतंत्रता सेनानी- डॉ.मधेपुरी

स्थानीय रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में समाज-सुधारक रासबिहारी लाल मंडल की 103वीं पुण्यतिथि मनाई गई। सर्वप्रथम उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि की- उनके पौत्र प्रो.प्रभाष चंद्र यादव, प्रपत्र डॉ.ए.के.मंडल विद्यालय के प्रधानाध्यापक, स्कूल की महिला व पुरुष सभी शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी सहित उपस्थित छात्रगण।

Samajsevi & Author of "Rasbihari Lal Mandal : Paradhin Bharat Mein Swadhin Soch" Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri addressing people on the occasion of 103rd Punyatithi of Rasbihari Lal Mandal.
Samajsevi & Author of “Rasbihari Lal Mandal : Paradhin Bharat Mein Swadhin Soch” Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri addressing people on the occasion of 103rd Punyatithi of Rasbihari Lal Mandal.

मौके पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, एसएनपीएम के प्राचार्य डॉ.संतोष कुमार, टीपी कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सुरेश भूषण, रामनरेश, गांधी आदि ने भी उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि किया।

प्रधानाध्यापक की अध्यक्षता में कार्यक्रम को सर्वप्रथम स्कूल के शिक्षकों ने संबोधित किया। प्रो.प्रभाष चंद्र ने अपने संबोधन में रासबिहारी बाबू का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में योगदान को प्रकाश में लाकर श्रोताओं को प्रभावित किया। डॉ.संतोष कुमार, डॉ.सुरेश भूषण ने भी श्रद्धांजलि के शब्द पुष्प अर्पित किया।

समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि रासबिहारी बाबू उच्च कोटि के समाज सुधारक एवं स्वतंत्रता सेनानी थे। वे बने बनाए पद चिन्हों पर कभी नहीं चले बल्कि स्वयं के द्वारा पद चिन्हों को तैयार करते रहे। वे जीवन भर गरीबों और वंचितों की राह सजाते रहे। अंग्रेजों के सामने कभी नहीं झुके। उन्हें सभी मिथला का शेर भी कहा करते थे। समारोह का संचालन स्काउट एंड गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने किया।

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सामाजिक न्याय के पुरोधा बीपी मंडल की 103वीं जयंती राजकीय समारोह के तहत मनी

कोविड-19 के प्रकोप के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सामाजिक न्याय के प्रणेता एवं बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके बीपी मंडल की 103वीं जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई गई।

सर्वप्रथम प्रातः 9:15 बजे पूर्वाहन में समाहरणालय मधेपुरा के सामने बीपी मंडल चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर डीएम श्याम बिहारी मीणा, एसपी योगेंद्र कुमार, डीडीसी विनोद कुमार सिंह, एडीएम शिव कुमार शैव, एसडीओ नीरज कुमार, नजारत डिप्टी कलेक्टर, डीटीओ व अन्य पदाधिकारीगण सहित समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.अरूण कुमार मंडल, समाजसेवी शौकत अली एवं जदयू जिलाध्यक्ष गुड्डी देवी की पूरी टीम द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई।

103rd B.P.Mandal Jayanti Samaroh at Murho.
103rd B.P.Mandal Jayanti Samaroh at Murho.

डीएम के काफिले द्वारा मुरहो  स्थित उनकी समाधि पर माल्यार्पण करने के बाद सर्वधर्म प्रार्थनाएं और डॉ. भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा तैयार किए गए बीपी मंडल के संक्षिप्त जीवन वृत्त का श्रवण किया गया।

संध्या 7:00 बजे पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार समाजसेवी शौकत अली के निर्देशन में 103 दीये मधेपुरा स्थित बीपी मंडल की प्रतिमा पर नाजिर अनिल कुमार की मौजूदगी में स्कूली बच्चे-बच्चियों- ललन कुमार, कंचन कुमारी, अमलेश कुमार, भवेश यादव, गौरव कुमार, सौरभ कुमार और मोहम्मद रजा द्वारा सजाया गया। समाजसेवी शौकत अली के अनुरोध पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित किया गया और बच्चों के उत्साह को बनाए रखने के लिए समाजसेवी शौकत अली के अनुरोध पर डॉ.मधेपुरी ने अपने संक्षिप्त संबोधन में सामाजिक वैज्ञानिक बीपी मंडल के लिए यही कहा-

“दुनिया में प्रतिदिन लाखों बच्चे जन्म लेते हैं और उन बच्चों में से कुछ ही बच्चे ऐसे होते हैं जो बड़े होकर अपनी प्रतिभा, पौरुष व पुरुषार्थ के बल पर दुनिया को ऐसा कुछ दे जाते हैं कि दुनिया हमेशा उन्हें याद करती है। ऐसे ही बच्चों में से एक हुए बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल जिन्हें दुनिया बीपी मंडल के नाम से जानती है।”

अंत में समाजसेवी शौकत अली एवं बच्चों ने बीपी मंडल अमर रहे के नारे लगाए। डाॅ.मधेपुरी को सुनकर बच्चों ने भी उन्हें भारत रत्न देने की मांग की।

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कुलपति ने बीएनएमवी कॉलेज में डॉ.एम.पी.यादव प्रातिभ पीठ का किया उद्घाटन

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के अंतर्गत अंगीभूत इकाई भूपेन्द्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, बालमुकुंद नगर, साहूगढ़, मधेपुरा के परिसर में विधायक, शिक्षामंत्री, सांसद एवं प्रति कुलपति, कुलपति रह चुके टीपी कॉलेज के विश्वकर्मा कहे जाने वाले डॉ.महावीर प्रसाद यादव के नाम वाले प्रातिभ पीठ का उद्घाटन माननीय कुलपति प्रो.(डॉ.)आरकेपी रमण ने किया।

कुलपति डॉ.रमण ने अपने संबोधन में विस्तार से अनेकानेक संस्करणों के माध्यम से उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि डॉ.महावीर प्रसाद यादव बिहार के सर्वपल्ली राधाकृष्णण हैं… वर्तमान शैक्षिक माहौल को रास्ते पर लाने में उनके विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। वे प्राय: विद्यार्थियों को नाम से ही पुकारते थे।

मुख्य अतिथि के रूप में प्रति कुलपति प्रो.आभा सिंह ने कहा कि मेरे परिवार में अक्सर महावीर बाबू की चर्चा होती रहने के कारण ही जान पाई कि टीपी कॉलेज को राज्य का सर्वोत्तम शैक्षिक संस्थान बनाने में उनका अहम योगदान रहा है। वे प्रखर शिक्षाविद, कुशल प्रशासक के साथ-साथ टीपी कॉलेज के विश्वकर्मा भी कहे जाते रहे। उनके विचारों को फैलाव देने की आवश्यकता है।

Samajsevi Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing on the occasion of Dr.Mahavir Pratibh Peeth Inauguration at Bhupendra Narayan Mandal Commerce College, Madhepura.
Samajsevi Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing on the occasion of Dr.Mahavir Pratibh Peeth Inauguration at Bhupendra Narayan Mandal Commerce College, Madhepura.

विशिष्ट अतिथि के तौर पर सभा को संबोधित करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार एवं इस कॉलेज के शुभारंभकर्ता डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उनके साथ बिताए सड़क से संसद तक के संस्मरणों को विस्तार से सुनाते हुए कहा कि वे नि:संकोच होकर एक नहीं अनेक बार यह कहा करते-

“भूपेन्द्र ! मैं तो अपने गांव थरभिट्टा से राई बनकर आया था, मधेपुरा ने मुझे पहाड़ बना दिया… क्या नहीं दिया मधेपुरा ने। अंतिम सांस तक मधेपुरा का ॠण उतारता रहूंगा।”

डॉ.मधेपुरी ने कहा कि उनके चारों पुत्र एमओ रहे इंदु भूषण, प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, डीएसपी रहे मनोज कुमार और एनटीपीसी से अवकाश प्राप्त उमेश कुमार अपने पिता के प्रति समर्पित रहे हैं, परंतु श्रवण कुमार की भूमिका का सौ फिसदी निर्वहन बीएन मंडल के स्नातकोत्तर जंतु विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार को करते हुए देखा जा रहा है…।

विशिष्ट अतिथि के रुप में कुलसचिव प्रो.डॉ.मिहिर कुमार ठाकुर, सीनेटर व बीएन मुस्टा के महासचिव प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार, कुलानुशासक डॉ.बीएन विवेका, बीएनएमवी के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ.अरुण कुमार एवं विकास पदाधिकारी डॉ.ललन अद्री द्वारा संबोधन में कहे गए कथनानुसार किसी को नियुक्ति पत्र डॉ.महावीर बाबू के कुलपति कार्यकाल में उनके हाथों प्राप्त हुआ तो किसी-किसी को उनके बीएनएमवी में शासी निकाय के सचिव के रूप में हस्तगत कराया गया। सबों ने अपनी बातें विस्तार से बताते हुए कहा कि यहां हर किसी को उनके बारे में कुछ कहने के लिए है, यही उनका बड़प्पन है।

कार्यक्रम को सीनेटर एवं जंतु विभागाध्यक्ष डॉ.अरविंद कुमार, डॉ.शेफालिका शेखर सहित कई गणमान्यों ने उनके विभिन्न गुणों की चर्चा करते हुए श्रद्धांजलि दी।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में  प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.)पीएन पीयूष ने स्वागताध्यक्ष की भूमिका में आगत अतिथियों के भरपूर स्वागत से मौसम बदल दिया। और जो शेष बचा उसे विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष एवं अंतर्राष्ट्रीय उद्घोषक पृथ्वीराज यदुवंशी ने अपनी कलात्मक शैली के माध्यम से पूरा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा।

आरंभ में संगीत शिक्षिका शशि प्रभा जायसवाल की पूरी टीम ने स्वागत गीत गाया। बाद में आयोजन समिति, प्रधानाचार्य व एनएसएस इकाई की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्रम, बुके, मोमेंटो से सम्मानित किया गया। अंत में अर्थपाल डॉ.नवीन कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

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अब सभी वर्गों की लड़कियों को आगे बढ़ने हेतु दी जाएगी सहायता राशि नीतीश

बोले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महिलाएं शिक्षित होंगी तो प्रजनन दर अपने आप घटने लगेगा। उन्होंने कहा कि 2005 में कुल प्रजनन दर 4.3 प्रतिशत थी जो 2013 में 4% के करीब हो गई और आज की तारीख में घटकर 3% पर पहुंच गई है।

बता दें कि शिक्षा पर दूसरे राज्यों से अधिक राशि खर्च कर रहा है बिहार। बिहार देश का पहला राज्य है जहां प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए “आनंद शाला” नाम से योजना लांच किया गया है।

स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर गांधी मैदान में ध्वजारोहण के बाद बोले नीतीश- “अब सभी वर्गों की लड़कियों को सहायता राशि दी जाएगी जो पूर्व में केवल एससी-एसटी तथा अति पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों को दी जाती थी।”

चलते-चलते यह भी बता दें कि पूर्व में सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत एससी-एसटी तथा अति पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों को बीपीएससी व यूपीएससी की पीटी पास करने पर मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए क्रमशः 50 हजार एवं 1 लाख रुपया मिलता रहा है अब अन्य सभी वर्गों की युवतियों के लिए भी यही प्रोत्साहन योजना शुरू होगी तो।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इस योजना के लागू किए जाने एवं बिहार में खेल विश्वविद्यालय खोले जाने पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सूबे के मुख्यमंत्री को साधुवाद देते हुए कहा कि बिहार की बेटियों को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या खेल का। डाॅ.मधेपुरी ने मुख्यमंत्री की इस सोच को सलाम किया है।

 

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ब्रम्हाकुमारी रंजू दीदी ने मधेपुरा के ‘सुख शांति भवन’ में मनाया रक्षाबंधन का पर्व

प्रातः 8:30 बजे समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, पूर्व प्रमुख विनय वर्धन उर्फ खोखा बाबू, ओम बाबू, बैजनाथ बाबू सहित ब्रम्हाकुमारियों व श्रद्धालुओं के बीच राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी ने रक्षाबंधन पर्व का श्रीगणेश करते हुए ये बातें कहीं-

“श्रावणी पूर्णिमा के दिन रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। उन दिनों शिष्य अपने गुरुओं को रक्षा सूत्र बाँधते थे और पुरोहित राजा और समाज के वरिष्ठ जनों को।”

बकौल रंजू दीदी पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राजसूय यज्ञ के समय भगवान श्री कृष्ण को द्रोपदी ने रक्षा सूत्र के रूप में अपने आंचल का टुकड़ा बांधा था। उसी के बाद से बहनों द्वारा भाई को राखी बांधने की परंपरा शुरू हो गई। आज के दिन भाई बहन को उपहार देता है और देता है जीवन भर बहन की रक्षा करने का वचन भी।

Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing devotees on the occasion of Raksha Bandhan celebration at Sukh Shanti Bhawan Madhepura.
Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing devotees on the occasion of Raksha Bandhan celebration at Sukh Shanti Bhawan Madhepura.

बता दें कि रक्षाबंधन के बाबत अपने संबोधन में शिक्षाविद् डॉ.भूपेंन्द्र नारायण मधेपुरी ने कहा कि बात 1905 की है। लॉर्ड कर्जन ने 16 अक्टूबर 1905 को बंगाल विभाजन की घोषणा कर दी थी। उसके विरोध में रविन्द्र नाथ टैगोर, रास बिहारी लाल मंडल…… आदि द्वारा 2 महीने तक ‘राखी दिवस’ मनाते रहने के चलते अंग्रेजों को बंग विभाजन रोकने पर मजबूर होना पड़ा था। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि अंततः ज्ञान ही हमारी रक्षा करता है और ज्ञान से ही पुरुषार्थ का उदय होता है। मौके पर ओम प्रकाश यादव, खोखा यादव एवं ब्रह्मा कुमारी वीणा दीदी आदि ने भी विस्तार से रक्षाबंधन पर्व पर प्रकाश डाला।

अंत में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी ने डॉ.मधेपुरी, ओम बाबू, खोखा बाबू, बैजनाथ बाबू सहित अन्य सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को राखी बांधकर एवं प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का चरणामृत व लड्डू बांटकर लोगों का मुंह मीठा किया।

 

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दुनिया का हाल कोरोना कर रहा बेहाल

जापान की राजधानी टोक्यो में पैरालंपिक खेल का आयोजन 24 अगस्त से 5 सितंबर तक होने जा रहा है और जापान सरकार ने कोविड-19 से निपटने के लिए 12 सितंबर तक आपातकाल लागू कर दिया है। ऐसा इसलिए कि विश्व के सभी देशों के पैरालंपिक खिलाड़ियों को लेकर जापान सरकार को चिंता बनी हुई है।

बता दें कि जापान के अस्पतालों द्वारा कोविड-19 के मरीजों को लौटाए जाने की शिकायतें आने लगी हैं। एहतियात के तौर पर यह आपातकाल 12 सितंबर तक कड़ाई के साथ लागू रहेगा। विशेष रूप से रेस्तरां और बार को भी रात्रि 8:00 बजे तक काम बंद करने की हिदायत दे दी गई है।

जानिए कि विश्व भर में अब तक कोरोना वायरस से कुल 44.03 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कुल 21 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से प्रभावित हुए हैं। अमेरिका की हाॅपकिंस यूनिवर्सिटी की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार-

“दुनिया के लगभग 200 देशों एवं क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 21 करोड़ से ज्यादा हो गई है। जबकि 44लाख 3 हजार 579  लोग अब तक कोरोना से जान गवां चुके हैं।”

चलते-चलते यह भी जानिए कि अमेरिका में कोरोना वायरस की रफ्तार फिर से तेज हो गई है और संक्रमितों की संख्या 3.72 करोड़ से अधिक हो गई है। और तो और ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी में लॉकडाउन 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। मास्क लगाना अनिवार्य करने के साथ-साथ कई जगहों पर कर्फ्यू भी लगा दिया गया है।

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डॉ.जगन्नाथ मिश्र की द्वितीय पुण्यतिथि पर बोले डॉ.मधेपुरी

सुपौल जिले के बलुआ गांव से लेकर पटना के बिहार आर्थिक अध्ययन संस्थान में केंद्रीय मंत्री व कई बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके राजनीतिज्ञ लेखक एवं विचारक डॉ.जगन्नाथ मिश्र की द्वितीय पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। डॉ.मिश्र ताजिंदगी बिहार के विकास के लिए समर्पित रहे। लोग तो उन्हें शिक्षकों का मुख्यमंत्री भी कहा करते हैं।

मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से उनका स्नेहिल संबंध लेखन के चलते ही निरंतर गहराता चला गया। डॉ.मधेपुरी ने कोरोना वायरस के  चलते अपने निवास ‘वृंदावन’ में डॉ.मिश्र को याद करते हुए उनकी द्वितीय पुण्यतिथि पर यही कहा- उन्हें याद है 9 मई, 1981 का वह दिन जिस दिन बी.पी.मंडल की अध्यक्षता में डॉ.मिश्र ने रासबिहारी उच्च विद्यालय के मैदान में 135 वर्ष पुराने अनुमंडल रहने के बाद मधेपुरा को जिला का दर्जा दिया था।

डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित बच्चों से पुनः कहा कि जब  मैंने स्वलिखित पुस्तक ‘इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल’ की एक प्रति लेकर उनके पटना निवास पर उन्हें हस्तगत कराया तो वे किस कदर विह्वल हुए उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। वह पल मेरे जीवन का चिरस्मरणीय पल रहा है। कुछ महीनों बाद जब दर्जनों पुस्तकों के लेखक डॉ.मिश्र से फिर मिला तो डॉ.मिश्र मेरे हाथों व कंधों को थामकर कह रहे थे-

 “इस पुस्तक में शोध और संवेदना का दुर्लभ संगम है। इसे पढ़ते समय कभी मैं सुखद विस्मय से भर उठता तो कभी गौरव की अनुभूति आंखों से छलक पड़ती…। कभी-कभी तो यह सोचता कि यदि डॉ.मधेपुरी यह पुस्तक नहीं लिखी होती तो बिहार की आने वाली पीढ़ी अपने इतिहास के इतने गौरवशाली अध्याय से कैसे अवगत हो पाती…।”

अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि उस महान संवेदनशील लेखक डॉ.मिश्र के जज्बातों को मैं उनकी द्वितीय पुण्यतिथि पर बार-बार सलाम करता हूं।

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टोक्यो पैरालंपिक भारतीय टीम में बिहार के शरद और प्रमोद भी शामिल

भारत के पीएम मोदी ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर टोक्यो ओलंपिक- 2020 से लौटे सभी खिलाड़ियों को विशेष मेहमान बनाकर हौसला बढ़ाया और दो दिन बाद टोक्यो पैरालंपिक खिलाड़ियों को 24 अगस्त से 5 सितंबर तक जापान की राजधानी टोक्यो में ही बेहतरीन प्रदर्शन करने एवं पदक जीतने हेतु प्रोत्साहित किया।

Sharad Kumar.
Sharad Kumar.

इस पैरालंपिक के लिए 54 सदस्य भारतीय खिलाड़ियों के दल में बिहार के भी दो खिलाड़ी शामिल हैं। इन दोनों के प्रति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी आशा व्यक्त की है कि पदक जीतकर ये दोनों अवश्य बिहार को गौरवान्वित करेंगे।

Pramod Bhagat.
Pramod Bhagat.

बता दें कि इस भारतीय टीम में मुजफ्फरपुर के शरद कुमार पैराएथलेटिक्स टीम- 42 कैटेगरी के हाई जंप में और वैशाली के प्रमोद भगत एसएल-3 कैटेगरी के पैरा बैडमिंटन में दमखम दिखाएंगे। आशा है कि नीरज चोपड़ा की तरह ये भी भारत के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त करने में कामयाब होंगे। बिहार के खेल निदेशक संदीप कुमार ने बताया है कि बिहार के इन दोनों खिलाड़ियों की विश्व रैंकिंग में नंबर वन है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि कोरोना वायरस के तहत टोक्यो के लिए प्रस्थान करने से पहले शरद कुमार को भोपाल में और प्रमोद भगत को लखनऊ में क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। अंत में यह भी कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को ही नहीं बल्कि संपूर्ण बिहार को भी शरद और प्रमोद से पदक की उम्मीद है।

 

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तालिबानी दहशत के चलते काबुल छोड़ने की जद्दोजहद

चार करोड़ की जनसंख्या वाला अफगानिस्तान बड़ी आसानी से तालिबान के कब्जे में आ गया। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी चंद रोज कबल यही कहते रहे कि हम अंत तक लड़ेंगे और जीतेंगे। परंतु, तालिबानी लड़ाकों के राजधानी काबुल में घुसने से पहले ही राष्ट्रपति गनी परिवार सहित देश छोड़कर चले गए। अब गनी कहते हैं कि खून-खराबा रोकने के लिए ऐसा किया।

बता दें कि राष्ट्रपति गनी एक कार में 50 लाख अमेरिकी डॉलर लेकर एयरपोर्ट तक गए तो थे, परंतु तालिबानी धमकियों से भयभीत होकर कैश वहीं छोड़ गए। और तो और गनी के जाते ही पूरी अफगान सेना ही गायब हो गई। ऑफिस में महिलाओं का जाना बंद और बिना बुर्के में दिखने वाली महिलाओं की हत्या का तालिबानी ऐलान। 30 वर्ष से कम आयु की लड़कियों, महिलाओं की खोज जारी जिनके साथ तालिबानी लड़ाके ऐश करेंगे…।

जानिए कि एयरपोर्ट पर जान बचाने की जानलेवा दौड़ जारी है।  चारों ओर चीख-पुकार ! बड़ी संख्या में लोग हवाई अड्डे की ओर भाग रहे। जल्दी से देश से निकलने की होड़ के कारण तीन अफगानी विमान के पहिए में छिप गए थे जो विमान के उड़ान के वक़्त ही जमीन पर गिरे और मौत को गले लगा लिए।

यह भी कि भारत सरकार ने हालात बेकाबू देखकर वहां के दूतावास अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वापस बुला लिया। फिर भी हजारों फंसे भारतीयों को लाने के लिए एयर इंडिया से कहा कि दो विमान काबुल के लिए रिजर्व रखे जाएं।

मौके पर समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐलान के वास्ते हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित किया है कि उन्होंने देश को ताकतवर और प्रभावशाली बनाने के लिए 75वें स्वतंत्रता दिवस पर कहा- “देश के सभी सैनिक स्कूल बेटियों के लिए भी खोल दिए जाएंगे यानि अब सभी सैनिक स्कूल में बेटियां भी पढ़ेंगी।”

अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि राष्ट्र का मजबूत होना जरूरी है अन्यथा अफगानिस्तान की ही तरह घर-द्वार, सारा व्यापार एवं बैंक बैलेंस आदि छोड़कर भागना पड़ेगा और रिफ्यूजी बनकर पड़ोसी देश की शरण में जाना पड़ेगा।

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