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मधेपुरा के ओम सुख शांति भवन में दीपावली मनाई गई

प्रतिवर्ष कार्तिक महीने के 15वें दिन दिवाली मनाई जाती है। इस वर्ष यह पर्व 4 नवंबर 2021 (गुरुवार) को 4:00 बजे दिन में ही मधेपुरा के ओम सुख शांति भवन में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी की अध्यक्षता में मनाई गई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, ब्रह्माकुमार शिवकुमार भाई, ओम प्रकाश यादव, विनय वर्धन उर्फ खोखा बाबू, विजय कुमार सहित ब्रह्मा कुमारी बबीता, दुर्गा दीदी एवं अन्य श्रद्धालु माताएं मौजूद थी तुलसीराम मौके पर एक ब्रह्मा कुमारी लक्ष्मी माता की भूमिका निभा रही थी।

मुख्य अतिथि डॉ. मधेपुरी ने कहा कि दिवाली 5 दिनों का पर्व होता है। इसमें धनतेरस, गोवर्धन पूजा सहित भैया दूज आदि परंपरानुसार मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व स्वच्छता का प्रतीक है ताकि दुनिया का सर्वोत्तम धन जो मनुष्य का स्वास्थ्य है वह सुंदर बना रहे। इसके लिए उन्होंने बच्चों व बड़ों से पटाखे फोड़-फोड़ कर वातावरण को प्रदूषित नहीं करने की अपील की।

इस अवसर पर ओम प्रकाश यादव, बीके शिवकुमार, बीके खोखा बाबू, बबीता दीदी आदि ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता करते हुए राजयोगिनी रंजू दीदी ने कहा कि दीपावली के दिन माता लक्ष्मी और गणेश जी का पूजन किया जाता है। इसे पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। अब तो लोग विदेशों में भी दीपावली मनाने लगे हैं। हैप्पी दिवाली कहने और गले लगने लगे हैं। उन्होंने 5:00 बजे समाप्ति की घोषणा कर सबको अपने-अपने घरों में दीपावली मनाने के लिए छुट्टी दे दी।

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शहीदों की याद में दीये जलाकर दीवाली मनायी डॉ.मधेपुरी ने

ससमाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने सर्वप्रथम स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल के नाम वाले चौक “भूपेन्द्र चौक” की सफाई दिन में कराई और शाम में अपने बच्चों के साथ दीप एवं मोमबत्ती जलाकर उन्हें याद किया।

जानिए कि बाद में डॉ.मधेपुरी ने तत्कालीन जिला पदाधिकारी मो.सोहैल के कार्यकाल में निर्मित “शहीद पार्क” में मधेपुरा जिले के शहीदों को दीपावली की रात में याद किया और उनकी स्मृति में दीप जलाए। उन्हें आप भी याद कर ले, वे हैं- शहीद प्रमोद कुमार (फुलकाहा), शहीद प्रमोद कुमार (चामगढ़), शहीद शंकर रजक (मधेपुरा), शहीद कैप्टन आशुतोष (जागीर), शहीद आशीष कुमार (सुखासन) सहित आजादी के पूर्व के शहीद बाजा साह (किशुनगंज), शहीद चुल्हाय यादव (मनहरा) और जेपी आंदोलन में हुए शहीद सदानंद (धुुुुरगाँव)।

अंत में डॉ.मधेपुरी अपने वृंदावन निवास पर आकर बच्चों के साथ दीप जलाए और दीपावली में देर रात तक आने वाले बच्चों एवं बड़ों के बीच केवल मिठाइयां ही नहीं… खुशियां भी बाँटते रहे।

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उपचुनाव में दोनों सीट पर जदयू की जीत को नीतीश ने न्याय के साथ विकास की जीत कहा

बिहार विधानसभा उपचुनाव में जदयू ने दोनों सीटें जीती। मुख्यमंत्री नीतीश ने दोनों सीटों पर एनडीए की जीत पर राज्य की जनता को दी बधाई।

बता दें कि कुशेश्वरस्थान जदयू प्रत्याशी अमन भूषण हजारी ने राजद के गणेश भारती को 12698 मतों से हराया और जदयू प्रत्याशी राजीव कुमार ने तारापुर में राजद के अरुण कुमार को 3821 वोटों से पराजित किया। कांग्रेस दोनों सीटों पर चौथे नंबर पर रही और अपनी जमानत भी नहीं बचा पाई।

दीपावली के अवसर पर प्राय: लोगों ने यही कहा कि चुनाव परिणाम काम करने वालों के पक्ष में रहा। सबों ने इस जीत को न्याय के साथ विकास की जीत कहा। हम सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि जदयू की शानदार जीत राज्य के गरीबों की जीत है, विकास की जीत है, सुशासन की जीत है।

 

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बच्चों को पटाखों से दूर रखें !

याद करें, धनतेरस के दिन हम धनवंतरि की जयंती मनाते हैं। धनतेरस के दिन से ही पांच दिवसीय दीपावली पर्व की शुरुआत हो जाती है। वही धनवंतरी जिन्हें “फादर ऑफ़ आयुर्वेदा” कहा जाता है। वस्तुत: हमारा वास्तविक धन तो हमारा स्वास्थ्य ही है। अंग्रेजी में कहावत भी है- Health is Wealth.

भगवान धनवंतरि की जयंती मनाते हुए समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने बच्चों से यही कहा-

हम एक दूसरों के लिए भौतिक, आध्यात्मिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से बेहतरीन स्वास्थ्य हेतु प्रार्थनाएं करें ना कि दिन-रात पटाखे फोड़-फोड़ कर पर्यावरण को प्रदूषित करते रहें। हैप्पी धनतेरस और हैप्पी दीपावाली कहना अब अर्थहीन सा लगने लगा है। दीपावली में कितने बच्चों की आंखें चली जाती हैं और कितनों की जानें।

इस बार दीपावली में बच्चों को संकल्प दिलायें कि हम चारो ओर अच्छाइयों का प्रकाश फैलाते रहेंगे। भले ही सर्वशक्तिमान सूरज बनकर ना सही, माटी का एक छोटा सा दीप बनकर ही सही। प्रकाश पर्व में मन के अंदर प्रकाश भरेंगे। अंदर के दुर्गुणों को दूर करेंगे। अंदर और बाहर की सफाई में जुटेंगे। स्वच्छता को अपनाएंगे। प्रदूषण दूर करने हेतु कम से कम एक पौधा जरूर लगाएंगे। मेरी मानें तो-

कुछ दीप जलाएं हम छत पर, कुछ दीप जलाएं खेतों में।श्रमदीप मगर वह सर्वोत्तम, जो फूल खिलाएं रेतों में।।

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कल्पना मेडिकल एंड सर्जिकल एजेंसी का उद्घाटन किया समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने

मधेपुरा जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज के सामने सबैला चौक पर एनएच-106 से सटे पश्चिम सोमवार को बीएन मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कल्पना मेडिकल एंड सर्जिकल एजेंसी का उद्घाटन किया। इस एजेंसी के द्वारा लोगों को गोहिल फार्मा के सभी प्रकार की एलोपैथी एवं वेटरनरी मेडिसिन भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

Udghatankarta Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri along with Chief Guest Dr.Arun Kumar are being honoured by Director of Gohill Pharma Vikas Kumar.
Udghatankarta Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri along with Chief Guest Dr.Arun Kumar are being honoured by Director of Gohill Pharma Vikas Kumar.

डॉ.मधेपुरी ने इस एजेंसी के प्रोपराइटर अनुजा भारती को संदर्भित करते हुए प्रसन्नतापूर्वक कहा कि भारत की बेटियों को अब आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता। इनसे हमें सीख लेनी चाहिए। अनुजा भारती एवं उनके पति विकास कुमार के निर्देशन वाले गोहिल फार्मा के संस्थापक रहे हैं पिताश्री नागेश्वर प्रसाद नरेश एवं उनकी माताश्री स्मृतिशेष कल्पना देवी। मां कल्पना की स्मृति को कायम रखने हेतु उनके अपनों ने उन्हीं के नाम एजेंसी का नाम रख दिया है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में बीएनएमयू के पीजी जूलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, एसएनपीएम के पूर्व प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार, दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ.किशोर कुमार, माया के अध्यक्ष राहुल यादव सहित अनिल यादव, विजय कुमार, बैजनाथ यादव, इंजीनियर असीम कुमार आदि ने स्वजनों की स्मृति को बनाए रखने वाली भावना की सराहना की। कल्पना मेडिकल एजेंसी परिवार की ओर से दिनभर अतिथि देवो भव को साकार किया गया।

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तेज रफ्तार के कारण पहली बार कई राज्यों में घायलों से अधिक मृतकों की संख्या

भारत में तेज रफ्तार वाहनों की वजह से पिछले साल हुए सड़क हादसों में 7 5 हजार 333 लोगों की मौत हो गई और 2 लाख 9 हज़ार 727 सड़क यात्री घायल हुए। सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में कुल 3 लाख 54 हजार सड़क हादसे हुए और इनमें से लगभग 60% केवल तेज रफ्तार के कारण हुए। लोगों को अपनी जान देकर इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी।

बता दें कि प्रतिवर्ष सड़क हादसों में घायलों की संख्या अधिक और मरने वालों की कम होती रही है। परंतु पहली बार भारत के 3 राज्यों में घायलों से ज्यादा मृतकों की संख्या रही है-

1. उत्तर प्रदेश में कुल सड़क हादसों 28 हजार 653 हुए जिनमें 19 हजार 37 लोगों की मौत हुई और 15 हजार 982 लोग घायल हुए।

2. पंजाब में कुल सड़क हादसे 5 हजार 173 हुए जिनमें 3 हजार 916 लोगों की मृत्यु हुई और 2 हजार 881 लोग जख्मी हुए।

3. मिजोरम में 47 सड़क हादसों में 53 लोगों की मृत्यु हुई और मात्र 45 लोग घायल हुए।

चलते-चलते समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने विशेष रूप से युवजनों से कहा- If you are married, divorce speed.

 

 

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इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा मिथिलांचल का दरभंगा एयरपोर्ट

अब तक 1 वर्ष में लगभग 4 लाख 60 हजार यात्रियों ने दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई यात्राएं की है। विगत साल की 8 नवंबर से दरभंगा एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू हुई। मात्र 11 महीने में देश के 63 हवाई अड्डों में दरभंगा नंबर वन पर पहुंच गया। मिथिलांचल के लोगों के लिए बड़ी सुविधाएं और कारोबार को भी मिली नई उड़ान।

जानिए कि जोनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत देश में दरभंगा सहित 63 शहरों में एयरपोर्ट खोला गया था। जिनमें यात्रियों की आमद के मुताबिक नंबर वन पर दरभंगा एयरपोर्ट जा रहा है। इस एयरपोर्ट पर रोज 2000 से 2200 यात्री आते-जाते हैं। ये नेपाल सहित बिहार के 18 जिलों के होते हैं।

चलते-चलते यह भी कि यहां पर 20 विमानों लैंड व टेकऑफ की अनुमति प्राप्त है। कारोबार में बढ़ोतरी हुई है। इस बार 36 टन शाही लीची का स्वाद मुंबई,

बेंगलूर और हैदराबाद के लोगों ने चखा है। अगले साल से दरभंगा की शान मछली, पान और मखान देश के विभिन्न हिस्सों में भेजने की योजना है। समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि जिस दरभंगा को अंग्रेजी हुकूमत (1930-40) में हवाई अड्डा, रनवे और चार जहाज था, उस दरभंगा एयरपोर्ट के लिए मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि आने वाले दिनों में इस एयरपोर्ट का नाम “विद्यापति इंटरनेशनल एयरपोर्ट” रखकर इसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। तत्काल यहां पर नाइट लैंडिंग की सुविधा मुहैया कराई जाए।

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एक निजी कार्यक्रम में डॉ.मधेपुरी के निवास ‘वृंदावन’ पधारे थे कला संस्कृति मंत्री डॉ.आलोक रंजन

नीतीश सरकार की कला, संस्कृति एवं युवा मामले के मंत्री डॉ.आलोक रंजन अपने चाचाश्री प्रो.(डॉ.)विनय कुमार चौधरी के साथ मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से शुभाशीष ग्रहण करने उनके ‘वृंदावन’ निवास पर पधारे थे। खेल मंत्री के रूप में लोकप्रिय डॉ.आलोक रंजन के साथ चाचाश्री प्रो.(डॉ.)विनय कुमार चौधरी सर्वप्रथम पूर्व निर्धारित निजी कार्यक्रम के अनुसार ‘वृंदावन हॉस्पिटल’ में रुके, जहां सर्जन डॉ.वरुण कुमार ने अतिथि सत्कार किया और सबों ने डॉ.मधेपुरी से शुभाशीष ग्रहण किया।

Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Minister Dr.Alok Ranjan, Dr.Vinay Kumar Choudhary and Surgeon Dr.Barun Kumar at Vrindavan Hospital.
Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Cabinet Minister Dr.Alok Ranjan, Dr.Binay Kumar Choudhary and Surgeon Dr.Barun Kumar at Vrindavan Hospital, Madhepura .

बता दें कि अतिथि द्वय डॉ.मधेपुरी के वृंदावन निवास पर घंटों समय बिताये। डॉ.मधेपुरी ने भी अतिथि देवो भव की मर्यादा का पालन करते हुए उस दरमियान गांधीयन मिसाइलमैन में डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम, स्वतंत्रता सेनानी रासबिहारी लाल मंडल, शिवनंदन प्रसाद मंडल, भूपेन्द्र नारायण मंडल, डॉ.जगन्नाथ मिश्र, मदर टेरेसा, अरुण तिवारी…. आदि की रोचक चर्चाएं की। कोसी में खेल एवं खिलाड़ियों की समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

Minister Dr.Alok Ranjan, Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Principal Dr.Binay Kumar Choudhary, Arun Kumar, Rahul Yadav and others at Dr.Madhepuri's residence Vrindavan during Minister Dr.Alok Ranjan visit.
Minister Dr.Alok Ranjan, Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Principal Dr.Binay Kumar Choudhary, Arun Kumar, Rahul Yadav and others at Dr.Madhepuri’s residence Vrindavan during Minister Dr.Alok Ranjan’s visit.

खेल मंत्री का काफिला वृंदावन से निकलने ही वाला था कि जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार, कोषाध्यक्ष गुलशन कुमार एवं माया के अध्यक्ष राहुल यादव सहित गौरी शंकर कुमार, रुपेश कुमार, रत्नेश कुमार, एहसान कुमार आदि ने मंत्री जी का स्वागत सम्मान करने के दरमियान साॅल व स्मृति चिन्ह भेंट किया। सचिव द्वारा खिलाड़ियों की समस्याओं से मंत्री महोदय को अवगत कराया गया। जिला कबड्डी संघ के संरक्षक डॉ.मधेपुरी ने कोसी अंचल में एक खेल महाविद्यालय की मांग की जिससे खिलाड़ियों की समस्याएं दूर होंगी। कला संस्कृति एवं खेल मंत्री डॉ.आलोक रंजन ने आश्वासन देते हुए कहा कि समस्याओं के निराकरण होने से खिलाड़ियों की प्रतिभा में और अधिक निखार आएगी।

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राष्ट्रपति करेंगे नीरज चोपड़ा सहित अन्य 11 खिलाड़ियों को ‘खेलरत्न’ से पुरस्कृत

जानिए कि भारतीय खेल इतिहास में पहली बार विभिन्न विधाओं के 11 खिलाड़ियों को ‘खेलरत्न’ सरीखे देश के सर्वोच्च खेल सम्मान से 29 अक्टूबर को सम्मानित करेंगे महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। टोक्यो ओलंपिक के जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा सहित 11 जिन खिलाड़ियों को ध्यान चंद खेल रत्न से सम्मानित किए जाएंगे, वे हैं- रवि दहिया (कुश्ती) पीआर श्रीजेश (हाॅकी), लवलीना बोरगोहेन (मुक्केबाजी), अवनी लेखरा (निशानेबाजी), मनीष नरवाल (निशानेबाजी), सुमित अंतिल (भाला फेंक), प्रमोद भगत (बैडमिंटन), कृष्णा नागर (बैडमिंटन), मिताली राज (क्रिकेट) एवं सुनील छेत्री (फुटबॉल)।

बता दें कि समिति ने अर्जुन पुरस्कार के लिए 35 खिलाड़ियों का चयन किया है, जिसमें हैं- शिखर धवन (क्रिकेटर), भाविना पटेल (पैरा टेबल टेनिस), सुहास यतीराज (पैरा बैडमिंटन), निषाद कुमार (ऊंची कूद) सहित टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हाॅकी पुरुष टीम के सभी सदस्यगण जिन्हें अर्जुन पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं कोच के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार हेतु चयनित तीन नाम हैं- राधाकृष्ण नायर, टीपी ओसेफ एवं संदीप सांगवान।

चलते-चलते यह भी कि हर वर्ष 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस (खेल दिवस) पर यह पुरस्कार दिया जाता था, परंतु इस बार टोक्यो ओलंपिक एवं पैरालंपिक खेल जुलाई-अगस्त में होने की वजह से इस कार्यक्रम के आयोजन में विलंब हो गया। याद कर लें सुनील छेत्री के रूप में पहली बार किसी फुटबॉलर को मिलेगा ‘खेल रत्न’ सरीखे सम्मान।

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स्वतंत्र भारत का पहला चुनाव, आज भी जीवित है देश का प्रथम मतदाता 105 वर्षीय श्याम सरन नेगी

यह अक्टूबर का महीना है। इसी महीने में 70 वर्ष पूर्व आजाद भारत का प्रथम चुनाव हुआ था। स्वतंत्र भारत के प्रथम मुख्य चुनाव आयुक्त थे आईसीएस सुकुमार सेन, जिन्होंने 1951-52 और 1957 का चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराया था। पहले चुनाव ने देश को बहुत कुछ दिखाया, सिखाया और साबित भी किया।

बता दें कि सर्वप्रथम इसी अक्टूबर महीने की 25 तारीख को 1951 की सुबह आजाद भारत में मतदान की शुरुआत हुई थी। हिमाचल प्रदेश अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करने वाला पहला राज्य बना था, क्योंकि सर्द मौसम को देखते हुए यह फैसला लिया गया था। तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त ने 68 चरणों में चुनाव की योजनाएं बनाई थी।

1st voter of 1st general election Shri Shyam Sharan Negi after casting his vote in 2019 general election.
1st voter of 1st general election Shri Shyam Sharan Negi after casting his vote in 2019 general election.

जानिए कि हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के कल्पा गांव निवासी स्कूल टीचर श्याम शरण नेगी को अपने गांव से अलग प्रशासन द्वारा मतदान केंद्र प्रभारी बनाया गया था। नेगी एक वोट के मूल्य को समझते थे। वे मतदान शुरू होने से 1 घंटे पहले यानि सुबह 6:00 बजे ही अपने गांव के प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र पर पहुंच गए। वहां उन्होंने अधिकारियों को अपनी स्थिति के बारे में बताया। तैनात अधिकारी ने उन्हें 6:30 बजे मतपत्र दिया और नेगी पहले मतदाता बन गए। फिर भागते हुए सुबह 7:15 बजे अपने बूथ की कमान संभालने पहुंच गए।

उन दिनों अक्टूबर 1951 से फरवरी 1952 तक यानि 4 महीनों में प्रथम चुनाव संपन्न हुआ था। तब देश में साक्षरता की भारी कमी थी। दो दिग्गज आचार्य जेबी कृपलानी फैजाबाद (यूपी) से एवं बाबा साहब अंबेडकर मुंबई नॉर्थ से चुनाव हार गए थे। वर्ष 1953 में आचार्य कृपलानी मधेपुरा से संसदीय उपचुनाव जीतकर मधेपुरा का प्रतिनिधित्व किए थे। मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल एवं लोक नायक जेपी ने कृपलानी जी को मधेपुरा से चुनाव लड़ने की पहल की थी।

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