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गाँधीयन मिसाइल मैन डॉ. कलाम नहीं रहे  !

शिलांग में अपने अंतर्कोष लुटाते हुए भारतरत्न डॉ. कलाम ने अंतिम सांस ली | वे भारत के राष्ट्रपति हुआ करते थे जब मुझे उनसे मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ | मैंने उस ऋषि को करीब से देखा जो गीता और कुरान में समभाव रखता था | जो हर पल मानवता को नई ऊंचाई पर ले जाने के बारे में सोचता था | जिसके फलस्वरूप मैंने उनकी जीवनी लिखी –स्वप्न ! स्वप्न !! और स्वप्न !!!बाद के वर्षों में मैंने उनके सवाल-जबाब पर आधारित दूसरी किताब लिखी छोटा लक्ष्य एक अपराध है !

और कुछ तो इस समय नहीं कह सकता | बस इतना ही कि उन्होंने जो मुझसे कहा था – वह सबों के लिए एक संदेश के रूप में कह रहा हूँ –

  • ये आँखें दुनिया को दोबारा नहीं देख पायेंगीं ! तुम्हारे अन्दर जो बेहतरीन है उसे दुनिया को देकर जाना . . . !!

 डॉ. मधेपुरी की कलम से ,

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अब भी संघ के पदाधिकारियों का चुनाव सर्वसम्मत हो जाता है  !

पी.एच.ई.डी. के मधेपुरा जिलाशाखा (गोप गुट) के कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के चुनाव हेतु हरिनारायण मंडल की अद्यक्षता में एक बैठक आहुत की गयी | राज्य एवं जिला संघ के गण्यमान सुरेश शर्मा, रामचन्द्र यादव, मो.इजहार, सत्येन्द्र कुमार आदि की उपस्थिति में नई कमिटी के पदाधकारियों का चयन सर्वसम्मति से इस प्रकार किया गया –

अध्यक्ष चुने गये हरिनारायण मंडल जिनके सहयोग के लिए तीन उपाध्यक्ष हुए – वीरेन्द्र सिंह, सत्यनारायण साह एवं यांत्रिकी के अशोक कुमार सिंह | सचिव चुने गये शिबू पासवान जिनके कार्यों के शीघ्र निष्पादन हेतु तीन संयुक्त सचिव बनाये गये – रीतेश कुमार सिंह, सोहन राम एवं संजय नवीन | इसके अतिरिक्त दो संगठन सचिव – कृष्णमोहन कुमार व मो. ताहिर और एक कार्यालय सचिव – ब्रह्मदेव रजक | नरेश कुमार यादव को सर्वसम्मति से कोषाध्यक्ष चुना गया |

यह भी जानें कि सर्वसम्मत चुनाव के अन्त में संगठन को निष्ठापूर्वक पारदर्शी तरीके से चलाने के लिए सभी सदस्यों को राज्य महासचिव द्वारा शपथ दिलाई गई | बाद में दिवंगत हुए जिला सचिव रत्नेश्वर कुमार सिंह के लिए एक मिनट की मौन श्रधांजलि अर्पित की गयी | मधेपुरा समेत कुछ अन्य जिलों के सदस्य भी श्रधांजलि सभा में उपस्थित थे | जिला सचिव शिबू पासवान द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया |

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विभागाद्यक्ष की पुस्तक लोकार्पित

भू.ना.मंडल वि.वि.स्नातकोत्तर हिन्दी विभागाद्यक्ष डॉ.विनय कुमार चौधरी की नई रचना – “कोशी अंचल के लोक साहित्य का विश्लेषणात्मक अध्ययन” का लोकार्पण बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी के पूर्व हिन्दी विभागाद्यक्ष एवं प्रख्यात समीक्षक डॉ. चौथीराम यादव द्वारा किया गया |

इस पुस्तक लोकार्पण के अवसर पर डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप ने कहा कि विभागाद्यक्ष डॉ. चौधरी रचनात्मक एवं आलोचनात्मक प्रतिभा-संपन्न लेखक व कवि हैं | दर्ज़नों काव्य कृतियों के  रचयिता डॉ. चौधरी में कोशी की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक चेतना की पहचान ही नहीं बल्कि बेहतरीन परख की शक्ति भी है | इन्हीं गुणों के कारण वे कोशी लोकसाहित्य का मूल्यांकन प्राय: प्रगतिशील मूल्यों के आलोक में करते हैं |

बी.एच.यू. विभागाद्यक्ष डॉ.चौथीराम यादव ने कहा कि डॉ. चौधरी लोकसाहित्य एवं लोकसंस्कृति के व्याख्याता आलोचक हैं जो इस पुस्तक से प्रमाणित होता है |

लोकार्पण के इस सादगीपूर्ण समोराह में रास्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानेवाले भूगोल के विभागाद्यक्ष डॉ.शिवमुनि यादव सहित डॉ.रेणुका मल्लिक, डॉ. के.एस.ओझा, डॉ.अनिल कुमार, डॉ.विमल सिंह, डॉ.मनोज, डॉ. कपिलदेव यादव के अतिरिक्त वंकटेश्वरनाथ, राजकिशोर, कौशल किशोर, सुशील-अभिनव-संजीव-सुनील आदि उपस्थित थे |

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बी.एच.यू. के डॉ. चौथीराम ने किया पुस्तक का लोकार्पण

भू.ना.मंडल वि.वि.स्नातकोत्तर हिन्दी विभागाद्यक्ष डॉ.विनय कुमार चौधरी की अद्यक्षता में लोकार्पण संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें बी.एच.यू. के पूर्व हिन्दी  विभागाद्यक्ष एवं ख्यातिप्राप्त आलोचक डॉ.चौथीराम यादव ने हिन्दी विभाग के प्राध्यापक डॉ.सिद्देश्वर काश्यप की पुस्तक “नव्यवादी हिन्दी लेखक”का लोकार्पण किया |

डॉ.काश्यप ने पुस्तक परिचय देते हुए कहा कि इस पुस्तक में वैसे लेखकों की समीक्षा दृष्टि पर प्रकाश डाला गया है जो साहित्य की विविध विधाओं में कथ्य, भाषा और शिल्प को नव्यता प्रदान करने में समर्थ हैं | उक्त कथन के प्रमाण हैं – भारतेन्दु, बालकृष्ण भट्ट, उग्र जी, बेनीपुरी, अमृत लाल नगर, श्री लाल शुक्ल, विद्या निवास मिश्र |

Pustak vimochan ceremony at BNMU
Pustak vimochan ceremony at BNMU

डॉ. विनय कुमार चौधरी ने कहा कि डॉ. काश्यप की आलोचनात्मक दृष्टि मूल्यपरक है और साहित्य की नव्यता और मानवधर्मिता का उद्घाटन इनकी आलोचना का मर्म है | हिन्दी पत्रकारिता पर प्रकाशित इनकी कई पुस्तकें चर्चित हैं |

डॉ.चौथीराम यादव ने इस पुस्तक की विभिन्न विधाओं की नव्यता को उद्घाटित किया और कहा कि लेखक की आलोचना दृष्टि मूल्यपरक एवं मानवीय है | इस अवसर पर डॉ.नरेश कुमार, डॉ.मोहित घोष, डॉ.पी.एन.सिंह, डॉ.ओम प्रकाश, डॉ.विमला, अंतरा, कल्पना, अभिनव, सुनील, संजीव, मनोज, विद्या सागर, फर्जी कवि डॉ. अरुण कुमार, डॉ.सीताराम शर्मा आदि मौजूद थे |

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ट्वीटर का ‘सांप’ और राजनीति का ‘जहर’

सूचना तकनीक के फायदे हैं तो नुकसान भी। व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्वीटर जैसी तकनीक ने जहाँ हमारी रोजमर्रा की जिन्दगी को आसान किया है वहीं दूसरी ओर इसे जटिलताओं से भी भर दिया है। तीर कमान से निकला नहीं कि उस पर आपका कोई वश नहीं रह जाता, ये बात तो बचपन से सुनने को मिलती रही है लेकिन यहाँ तो बात कई कदम नहीं, कोसों आगे की है। अब इंटरनेट से जुड़े इन माध्यमों पर आपने मैसेज सेंड किया नहीं कि उसे वायरल होते देर नहीं लगती। तीर के कमान से निकलने पर किसी एक आदमी को नुकसान हो सकता है, यहां तो पल भर में हजारों प्रभावित हो जाते हैं और हजारों के लाखों और करोड़ों होने में भी देर नहीं लगती। यहां यह चर्चा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस ट्वीट के संदर्भ में है जिसने बिहार के राजनीतिक गलियारे में तूफान ला दिया।

बात आगे करें उससे पहले ये जान लें कि वो ट्वीट क्या था। दरअसल, नीतीश ने ट्वीटर पर ‘आस्क नीतीश’ नाम का प्लेटफॉर्म तैयार किया है जिस पर वो सप्ताह में दो दिन लोगों के सवाल का जवाब देते हैं। इसी के तहत सुनील चांडक नाम के व्यक्ति ने उनसे सवाल किया कि अगर चुनाव में लालू उनसे अधिक सीट जीत जाते हैं तो उनका मुख्यमंत्री बनना मुश्किल हो सकता है और अगर बन भी गए तो लालू चाहेंगे कि उनके अनुसार काम करें। इसके जवाब में मंगलवार को नीतीश ने लिखा कि बिहार का विकास मेरी प्राथमिकता है। इसके बाद उन्होंने रहीम का ये प्रसिद्ध दोहा उद्धृत कर दिया – जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसंग। चंदन विष व्यापत नहीं, लिपटे रहत भुजंग। बस फिर क्या था इस दोहे ने ट्वीट को वायरल कर दिया। लोगों ने और खासकर भाजपा ने तुरंत लालू और उनके साथ जदयू के गठबंधन से इसे जोड़ दिया। लालू आनन-फानन में इस दोहे के ‘भुजंग’ बना दिए गए। उधर मीडिया भी बड़े चाव से तिल का ताड़ करता रहा। खबर को मसालेदार बनाने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी।

जब ट्वीट शोर में तब्दील होने लगा तब नीतीश और उनकी पार्टी ने अपनी ओर से स्पष्ट किया कि ट्वीट लालू नहीं भाजपा को लेकर है। यानी भुजंग अर्थात् सांप लालू नहीं भाजपा है। लालू प्रसाद ने कहा कि ट्वीट तो भाजपा को लेकर है ही, ये सवाल पूछने वाला भी भाजपाई ही होगा। जदयू प्रवक्ता केसी त्यागा ने नीतीश कुमार को चंदन बताते हुए कहा कि 15 साल साथ रहने के बावजूद भाजपा के दर्गुण नीतीश कुमार में नहीं आए हैं। उधर सुशील मोदी की अपनी व्याख्या है। उनके अनुसार, सही कह रहे हैं नीतीश कुमार। संगत से ही सब कुछ होता है। जब तक बिहार में नीतीश कुमार भाजपा के साथ थे, बिहार में सुशासन कायम हो सका। अब जब उन्होंने लालू प्रसाद के साथ संगत की है तो सूबे में आतंकराज-2 का माहौल बन गया है।

कौन चंदन है और कौन सांप, इस पर विवाद शायद ही कभी थमे लेकिन ट्वीटर से निकले ‘सांप’ ने राजनीति का ‘जहर’ तो सामने ला ही दिया।

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पुलिस मित्र आत्मदाह की तैयारी में . . . .

मधेपुरा जिला पुलिस मित्र संघ पिछले चार-पाँच दिनों से बापू के सत्य के लिए आग्रह यानी सत्याग्रह को आगे धकेल कर “आमरण अनशन” पर उतर गये हैं और उसी क्रम में तीसरा दिन आते-आते चार अनशनकारियों – विवेक कुमार , कैलाश पासवान , सागर यादव एवं दिनेश पासवान में से एक कैलाश पासवान की हालत ऐसी विगड़ी कि उन्हें प्रशासन द्वारा अस्पताल में ईलाज हेतु ले जाया गया |

ये भी जानें कि अनशनकारी पुलिस मित्र की सुधि जिला प्रशासन भी जब नहीं लेगी तो हताश-निराश होकर वे अगले दिन मुख्यमंत्री का पुतला दहन करेंगे और तब भी बात नहीं बनी तो आगे खुद की देह में आग लगाकर “आत्मदाह” करेंगे – जो पूर्णत: एक दंडनीय अपराध है | मौके पर जिला परिषद अद्यक्ष मंजू देवी ने कहा भी कि इसे किसी रूप में सत्याग्रह नहीं कहा जा सकता है |

एक ओर पुलिस अधीक्षक आशीष भारती का कहना है कि पुलिस मित्रों के बाबत न तो कहीं से कोई सूची प्राप्त है और नहीं कोई निर्देश |

Anshankari with Minister Narendra Nr. Yadav .
Anshankari with Minister Narendra Nr. Yadav .

यह भी जानें कि भूपेन्द्र कला भवन में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में भाग लेने आये मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव ज्योंहि गाड़ी से उतरे कि अनशनकारी पुलिस मित्र संघ के सदस्यों ने उन्हें घेर कर अपनी बात सुनाई तथा एक आवेदन भी हस्तगत कराया | मंत्री महोदय ने जबाब में बस इतना ही कहा कि मैं तो अभी पार्टी के कार्यक्रम में आया हूँ | बाद में जिला प्रशासन से सही जानकारी प्राप्त कर सरकार से विधि संगत सिफारिश करूंगा |

शहर के बुद्धिजीवियों के बीच इस बात की चर्चा अब होने लगी है कि डी.एम.गोपाल मीणा तो आ गये हैं, अब तो उन्हें तथ्यों की जानकारी प्राप्त कर मीडिया के माध्यम से लोगों के साथ-साथ मंत्री जी को भी सच से रू-ब-रू करा देना चाहिए , क्योंकि दो दिन पूर्व से दो महिला पुलिस मित्र निर्मला देवी एवं रुकिया देवी द्वारा “आमरण अनशन” कार्यक्रम में सम्मिलित हो जाने से आमरण अनशनकारियों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है . . . . !

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मधेपुरा विधानसभा जदयू कार्यकर्ता सम्मेलन संपन्न

जिला मुख्यालय के भूपेन्द्र कला भवन में मधेपुरा  विधान सभा के जदयू कार्यकर्ताओं का एक दिवसीय कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें माननीय मंत्री द्वय नरेन्द्र ना. यादव व बीमा भारती सहित विधान पार्षद द्वय विजय कुमार वर्मा व हारून रशीद , विधायक रमेश ऋषिदेव , पूर्व विधायक मणिन्द्र कुमार मंडल , पूर्व जिला जदयू अद्यक्ष प्रो.विजेंद्र ना. यादव , पूर्व प्रमुख सियाशरण यादव , पूर्व युवा जदयू अद्यक्ष प्रो.सुजीत मेहता आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही | इनके अतिरिक्त मंच पर सभी प्रखंडों , महिला व अल्पसंख्यक प्रकोष्ठों सहित दलित सेल , किसान सेल आदि के अद्यक्ष-सचिव विराजमान थे | अल्पसूचना पर भी दूर-दूर से आये कार्यकर्त्तागण की भीड़ थी |

Madhepura vidhansabha JDU Meeting .
Madhepura vidhansabha JDU Meeting .

सम्मेलन का उद्घाटन मंत्री द्वय , विधायक, पार्षद सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया | फिर पाग एवं अंगवस्त्रम से अतिथियों का स्वागत किया गया |

पहले कार्यकर्ताओं को संक्षेप में सुझाव के साथ अपना विचार रखने का समय दिया गया  जिसमें अधिकांश कार्यकर्ता जैसे दलित वर्ग के शिवनारायण सादा सहित मीणा देवी, गुड्डी देवी, डॉ.नीरज, योगेन्द्र महतो, राजेन्द्र प्र. यादव, डॉ. विजेंद्र, मनोज यादव, अशोक चौधरी, मो.जुम्मन आदि अन्य सभी का इशारा था कि जब महागठबंधन हो चुका है तो उसे जमीन पर भी तो दिखना चाहिए तभी तो मतदाता भी एक जुट होकर गठबंधन के प्रत्याशी की जीत आने वाले विधानसभा चुनाव में सुनिश्चित करा सकेंगे |

अंत में नेतृत्व की ओर से यही कहा गया कि चुनाव सिर पर चढ़कर बिगुल बजा रहा है | अब सभी कार्यकर्ता इस चुनावी समर में इस तरह कूद जाएँ जैसे घर में आग लगने पर घर के सभी सदस्य आपसी झगडे भुलाकर उससे निपटने के लिए जी जान लगा देते हैं | उसी तरह आपसी भेद-भाव कोभुलाकर तथा मान-सम्मान की परवाह किये बिना इस चुनावी समर में कूद जायें और जीत का परचम लहराने के बाद ही दम लें |

सम्मेलन में गोवर्धन मेहता, जयकिशोर-प्रसन्न-प्रधान जी, जयकान्त, अमरेश सरीखे समर्पित कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही | सम्मेलन की अद्यक्षता सियाराम यादव तथा मंच संचालन महेंद्र पटेल ने किया |

सभा समाप्ति के बाद सभी कार्यकर्त्ता व नेतागण पूर्व विधायक परमेश्वरी प्र. निराला के ज्येष्ठ भ्राताश्री स्मृतिशेष शिक्षक ह्रदय नारायण यादव के घर पर आमंत्रित भोज में सम्मिलित होने के लिए प्रस्थान किये तथा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाग लिए |

Pradhan ji and Nirala ji paying homage to Hridya Narayan Babu
Pradhan ji and Nirala ji paying homage to Hridya Narayan Babu

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55 दिनों के बाद गोपाल मधेपुरा में . . . .

मधेपुरा के 47वाँ जिलापदाधिकारी श्री गोपाल मीणा (आई.ए.एस.)ने अपनी थर्ड फेज की ट्रेनिंग पूरी करने हेतु मई 2015 के 27 तारीख को ए.डी.एम.श्री अबरार अहमद कमर को जिला का प्रभार सौंप मधेपुरा को अलविदा कहकर मसूरी के लिए प्रस्थान किया था | इस अवधि में मधेपुरा अपने गोपाल का इंतजार करता रहा तथा मीडिया कर्मी उनके दीदार का |

Abrar Ahmad Kamar . A.D.M
Abrar Ahmad Kamar . A.D.M

आई.ए.एस. के ट्रेनिंग सेंटर मसूरी में थर्ड फेज की ट्रेनिंग भली-भांति संपन्न कर श्री गोपाल मीणा 21 जुलाई को प्रभारी जिलापदाधिकारी श्री अबरार अहमद कमर से चार्ज लेकर दुबारा मधेपुरा के जिलापदाधिकारी का पदभार ग्रहण करेंगे |

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बिहार चुनाव के लिए कमर कसने में लगे दल

चुनाव को करीब आता देख बिहार के सभी राजनीतिक दल कमर कसने में लग गए हैं। भाजपा के नेतृत्व में एनडीए का ‘परिवर्तन’ रथ चलता देख जदयू, राजद और कांग्रेस अपनी रणनीति को और चुस्त-दुरुस्त बनाने में लग गए हैं। इन दलों ने बड़ी शिद्दत से सोचना शुरू कर दिया है कि उन्हें प्रचार अभियान मिलकर चलाना चाहिए। जिस ‘महागठबंधन’ की बात ये दल कर रहे हैं वह जमीन पर नहीं दिख रहा। सभी दल अलग-अलग कार्यक्रम कर रहे हैं। नीतीश के हर घर दस्तक कार्यक्रम से लालू प्रसाद नदारद हैं तो राजद के कार्यक्रमों में नीतीश और शरद की मौजूदगी नहीं है। कांग्रेस भी अपने अभियान को जैसे-तैसे ही सही लेकिन अपने तरीके से आगे बढा रही है। कुल मिलाकर इससे आम जनता के बीच ‘महागठबंधन’ को लेकर सकारात्मक संकेत नहीं जा रहा है।

इन तमाम बातों की पृष्ठभूमि में ये खबर आई कि 22 जुलाई को पटना के गांधी मैदान में लालू प्रसाद और जदयू के राष्ट्रीय अध्य़क्ष शरद यादव एक साथ धरना देंगे। यही नहीं 26 जुलाई को प्रस्तावित लालू के उपवास में भी शरद शामिल होंगे। बता दें कि शुक्रवार को शरद और लालू की मुलाकात हुई थी और शनिवार को पटना स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में शरद से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लगभग दो घंटे तक बातचीत हुई। कहना ना होगा कि इन मुलाकातों का असर दिखने लगा है।

बिहार के राजनीतिक गलियारे में इस बात की भी चर्चा है कि चुनाव के और नजदीक आने पर ‘आप’ प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी संभवतः नीतीश के पक्ष में सभाएं करें। इन दोनों नेताओं की हाल-फिलहाल की मुलाकातों से इस चर्चा को और बल मिला है।

इन सबके बीच भाजपा भला निश्चिन्त कैसे रह सकती है। भाजपा ने ये तय कर लिया है कि चुनाव में किसी खास नेता को तवज्जो ना देकर सामूहिक नेतृत्व को सामने लाया जाय। पार्टी इस चुनाव में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी उतारने जा रही है। खासकर पड़ोसी राज्य झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के बहाने एक साथ कई निशाना साधने की कोशिश की जा रही है। उनको आगे कर ना केवल वैश्य समाज को प्रभावित किया जा सकता है बल्कि पार्टी झारखंड में उनके द्वारा किए गए कार्यों को भी यहाँ भुना सकती है।

बहरहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में किस दल की रणनीति कितनी कारगर साबित होती है। जो भी हो, बिहार का चुनाव खासा दिलचस्प होने जा रहा है, इसमें कोई संदेह नहीं।

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मधेपुरा में पंडित युगल शास्त्री प्रेम की पुण्य तिथि मनी|

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन मधेपुरा संस्थान के संस्थापक पं.युगल शास्त्री प्रेम की 27वीं पुण्यतिथि संस्थान के अम्बिका सभागार में मनाई गई | वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने अद्यक्षता की और उन्होंने कहा कि “प्रेम जी” ऐसे पारस थे जिन्होंने दर्ज़नों अनगढ़ शिलाओं को अपने स्पर्श मात्र से शिवत्व प्रदान किया | कोसी अंचल की कई पीढियां उनके अवदानों को नहीं भूल सकती | उन्होंने प्रेम जी की कालजयी रचना “साधना” को महाकाव्य बताते हुए उस समय का सर्वाधिक श्रेष्ठ ग्रन्थ बताया |

भू.ना.मंडल वि.वि. के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि ने कहा कि प्रेम जी गुरुओं के भी गुरु थे | उन्होंने गायन एवं वादन के साथ भक्ति की ऐसी अक्षय धारा बहायी जो कोसी अंचल में आज भी प्रवहमान है |

संस्थान के सचिव डॉ. मधेपुरी ने कहा कि प्रेम जी ने कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन जैसी जीवन्त संस्थान को स्थापित कर दीर्घकाल तक जनसहयोग से ही इसका संचालन किया |

Ambika sabhagar, Kaushiki kshetra hindi sahitya sammelan MADHEPURA
Ambika sabhagar, Kaushiki kshetra hindi sahitya sammelan MADHEPURA

टी.एम.भागलपुर वि.वि. के प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल, नगर परिषद के पार्षद ध्यानी यादव, इप्टा के सचिव बिकास कुमार, तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र, युवा साहित्यकार व छात्र नेता हर्षवर्धन सिंह राठौर, प्राणमोहन यादव एवं पोरा जी ने संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी | रघुनाथ यादव, संजय परमार एवं कमलेश्वरी यादव भी उद्गार व्यक्त किये | समारोह के द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन डॉ. सिद्धेश्वर काश्यप एवं डॉ.आलोक कुमार के नेतृत्व में किया गया , जिसे संतोष “नवल”, डॉ.अमोल राय, पंकज जी, मयंक जी, हीरा प्र. सिंह हिमांशु, हर्षवर्धन, डॉ. अरविन्द श्रीवास्तव, फर्जी कवि डॉ. अरुण,  रणधीर,  द्विजराज ने काव्य पाठ किया |

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